00:00Raja Kumaari Ananya ko saadharan zindaki pasand thi.
00:03Eek Raja Kumaari hootay hooye bhi,
00:05voh bhoot saadhe tariqe se apna jeevan vytit karthi thi.
00:10Pita ji, aap har jaga ye senik mere saath kuyo bhej daytay hai?
00:14Mujhe accha naihi lagta.
00:16Ye sab tumhari raksha ke liye hai Raja Kumaari.
00:19Kabhi bhi koi bhi dushman tum par hamla kar saktah hai.
00:22Mujhe ghtan hooti hai.
00:24Mujhe kutan hooti hai.
00:24Mujhe kuch naihi karpaati thik se.
00:26Har samaay in sabki nazar mujhe par rahati hai.
00:28पर हमें आपकी चिंता रहती है na Raja Kumaari.
00:32जब तक आप साकोषल महल वापस नहीं आ जाती है.
00:35हम परिशान रहते हैं.
00:36अगले दिन वीर सिंग देखते हैं
00:38कि Ananya के कमरे में कुछ साधारन सी लड़किया आई हुई है.
00:43उनमें से कोई भी किसी राज की राज कुमारी नहीं लग रही थी.
00:47दासी, सुनो, ये सब कौन आया है राज कुमारी के कमरे में?
00:52कोई फरियादी है तो उसे हमारे पास भेजो.
00:55यहां क्या कर रहा है?
00:55गुस्ताखी, माफ हो राजा साहब, पर ये सब राज कुमारी की सहेलिया है.
01:01सब बहुत ही साधारन रड़किया है.
01:04वीर सिंग देखते हैं कि राज कुमारी उन सब के साथ कैसे हस बोल रही है.
01:09उनके जाने के बाद, राजा अनन्या को अपने कक्ष में बलाते हैं.
01:13अरे, ये कैसे लोगों से दोस्ती है तुम्हारी अनन्या?
01:16तुम्हे कोई अपने स्तर के लोग नहीं मिले क्या?
01:19यही तो दिक्कत है पिताजी.
01:21मुझे ऐसे ही साधरन लोग पसंद है.
01:23मुझे अपने स्तर के लोगों में घुटन होती है.
01:26सब कुछ बंधा-बंधा सा लगता है.
01:28खुलकर कुछ कह ही नहीं सकते.
01:31महराज, आज अगर महराणी जिन्दा होती,
01:34तो शायद ये सब नहीं होता.
01:37ये सब महराणी की वज़ा से तो हो रहा है?
01:40मतलब?
01:40तुम तो नहीं होना, तुम्हें नहीं पता.
01:43महराणी भी साधारन घराने की थी.
01:46वो हमें पसंद आ गई थी.
01:47हमने शादी कर ली थी उनसे.
01:49तो अब लगता है अनन्या उन्हीं की तरह हो गई है.
01:52अब वीर सिंग को अनन्या की और चिंता होने लगी.
01:55उन्होंने उनकी विवा के बारे में ही सूचना चालू किया.
01:59अनन्या, हम जल ही तुम्हारा विवा एक अच्छे घराने में करेंगे.
02:03जहां तुम्हें कोई तकलीफ नहीं होगी.
02:05बल्कि उनका राजपाथ हमसे भी जादा उंचा और अमीर होगा.
02:08ओ हो पिता जी, फिर वही बात.
02:11मुझे नहीं करना उंचे घराने में विवा.
02:14अब समझ क्यों नहीं रहे हैं?
02:16अब वीर सिंग को गुसा आजाता है.
02:19ये हमारा आखरी फैसला है राजकुमारी.
02:21अब हम तुम्हारी एक नहीं सुनेंगे.
02:23अपने पिता जी का ये रूप देखकर अनन्या चुपो जाती है.
02:27विवा का दिन आता है, वो चपचाब दुलन बनकर बैट चाती है.
02:32लेकिन वो एक राजकुमारी की तरह नहीं.
02:35बिल्कुल एक बहुत ही साधारन सी लड़की की तरह वस्तर पहनती है.
02:40और जेवर भी नहीं पहनती.
02:42वीर सिंग, ये सब क्या है?
02:44कि तुमने हमें यहां अमारी बैज़ज़ती के लिए बुलाया था?
02:48ये कैसे वस्तर पहन रखे हैं राजकुमारी ने?
02:50महराज, आप पिताजी से कुछ मत कहिए.
02:53ये मेरा फैसला है.
02:54अगर आपको मुझे अपनी वधु बनाना है,
02:57तो आपको मुझे इसी रूप में स्वीकार करना होगा.
03:01मान सिंग ये स्वीकार नहीं करते और वापस लोट जाते हैं.
03:05वीर सिंग अनन्या से नाराज होकर महल पे चले जाते हैं.
03:09अनन्या दुखी होकर महल से बाहर तेहलने निकल जाती है.
03:14वो थककर्ट सड़क इनारे बैठ जाती है.
03:17वो जब बहुत देर तक बैठी रहती है.
03:20एक कुमहार की नजर उस पर पड़ती है.
03:23उससे पता तो होता नहीं है कि वो एक राजकुमारी है.
03:27तो वो उसकी सादकी पर मोहित हो जाता है.
03:30आप काफी ठकी हुई लग रही है.
03:32क्या आप कुछ खाएंगी?
03:33आपका नाम क्या है?
03:35अनन्या ठकी हुई होती है.
03:37वो उसके साथ उसके घर चली जाते है.
03:40वहाँ वो उसके साथ हाथ का बना हुआ सादा खाना,
03:43डोटी, चिटनी और प्यास खाती है.
03:45मेरा नाम राधा है.
03:48ऐसा लग रहा है,
03:49आज कितने दिनों के बाद पीट भरा है.
03:52क्या आपने काफी दिन से कुछ नहीं खाये?
03:54अनन्या उस समय उसे ये नहीं बताती,
03:57कि वो यहाँ की राजकुमारी है.
03:59वो एक दो दिन इंतजार करती है,
04:01कि उसके पिता जी उसे ढुणवाते हैं या नहीं.
04:04पर उसे ढूनने कोई नहीं आता.
04:07वो भी वापस नहीं जाती.
04:09उसे काना अच्छा लगने लगता है.
04:12वो उसका काफी खयाल भी रखता था.
04:14आप हमें अच्छी लगने लगी हैं.
04:17क्या आप हमसे शादी करेंगी?
04:18पर तुम मुझे जानते भी नहीं हो.
04:21मैं कौन हूँ? कहां से आई हूँ?
04:23और तुम मेरा इतना खयाल भी रखते हो.
04:26हमें फर्क नहीं परता आप पहले क्या थी?
04:28आप अब हमें अच्छी लगती हैं.
04:30हम आपसे शादी करना चाहते हैं.
04:32अनन्या भी शादी के लिए हां कर देती है.
04:35और दोनों मंदिर में शादी कर लेते हैं.
04:38और खुशी-कुशी रहने लगते हैं.
04:40कानहा रोज काम पर निकलता.
04:42और अनन्या पीछे से सारा घर देखती.
04:45दोनों काफी खुश थे.
04:47लेकिन आव वेर सिंग को अपनी बेटी की याद सताने लगती है.
04:51उसकी चिंता होने लगती है.
04:54वो उसको ढुनवाना चालू करवाते हैं.
04:56नगर में जगह-जगह घोशना करवाई जाती है.
04:59आज मैं जब काम से लौट रहा था,
05:02तो मैंने राजकुमारी के गुमोजाने की घोशना सुनी.
05:05मैं सोच रहा हूँ,
05:06वहला एक राजकुमारी क्यों अपना एशो अराम छोड़ कर जाएगी?
05:10उसे तो किसी चीज की कोई तखलीफ ही नहीं होगी.
05:13पता नहीं.
05:14अ, हो सकता है ऐसी कोई बात हो,
05:17जो हमारी समझ से बाहर हो.
05:19हर अमीर इंसान खुश नहीं होता.
05:21तुम्हें बड़ी हमदर्दी हो रही है राजकुमारी से?
05:24अरे बस ऐसे ही कह रही थी मैं.
05:26हमें क्या करना है?
05:27चलो, हम खाना खाते हैं.
05:30दोनों खाना खाकर सो जाते हैं.
05:33वहाँ उधर काफी दिन बाद भी,
05:35राजा को कोई खबर नहीं मिलती.
05:37कि अनन्या कहां चली गई है?
05:39अब हमें खुद ही बाहर निकलना पड़ेगा.
05:42शायद हमें देखकर वो हमारे पास आ चाये.
05:43वो इस तरह से निकली थी महल से.
05:46ना पैसा था उसके पास,
05:47ना कोई जेवर.
05:49तुस शहर से बाहर तुझाही नहीं सकती वो.
05:51आगले दिन वीस दें,
05:53खुद अपने रत में उसे धूनने निकलते हैं.
05:55अनन्या कहां हो तुम?
05:57देखो हम लेने आये हैं तुमें.
06:13आगले करते अपनी गेली मिट्टी को पैरों से गूत रही होते हैं.
06:17तभी अचानक से राजा करत उसकी मिट्टी में धस जाता है.
06:28काना उसे बैटने के लिए अपने कंधे से कपड़ा उतार कर देता है.
06:33और पैया निकालने भी लग जाता है.
06:35काफी देर हो जाती है.
06:37काना को दिख जाता है.
06:39राजा परिशान हो चुका है.
06:41महराज, मैं पूरी कोशेश कर रहा हूँ उसे निकालने की.
06:44थोड़ा समय लग रहा है.
06:45आप तब तक भोजन ग्रहन कीजिए.
06:48आपके जैसे पकवान तो नहीं है,
06:49पर मेरी घरवाली अच्छा खाना बनाती है.
06:52वो हाँ जोड़ कर उससे अपना खाना दे देता है.
06:56राजा भूका भी होता है.
06:58वो खाना खा भी लेता है.
07:01रत निकलता ही नहीं है.
07:03महराज, आपका रत निकल नहीं रहा है.
07:05और आसपास आपके सैनिक भी नहीं है, मेरा घर पास ही है, अब विश्राम करने चलिए, आपके महल के रास्ते में जंगल भी पड़ता है, और आप निहत्ते हैं अभी
07:14राजा काफी सोचने के बाद उसके साथ उसके घर जाने के लिए राजी हो जाता है, वो घर में घुसने ही वाला होता है कि तब ही काना कहता है
07:23जितनी देर में अनन्या यानि राधा आती, पीछे से सैनिक आ जाते हैं और राजा को ले जाते हैं, अगले दिन
07:36Senneko, let me show you the story of a raja.
07:39Kisina to see how he has seen?
07:41A few days in her view,
07:43she has a raja's view of a raja.
07:45She looks like a raja's view.
07:48She looks like a raja's view.
07:50She looks like a raja's view.
07:53She also looks like a raja's view.
07:56She understands what she does.
07:59She doesn't know what she does.
08:01She looks like a raja's view.
08:03Senneko, you say that raja's view is a raja.
08:06Jal'di hi Veer Singh usse anndar bulwaa lieta hai.
08:10Raja ji, mahenne aakki bėti ko dekha hai.
08:13Aap chaliyye mire saath.
08:14Ye sunti hi Veer Singh aapne pore gajay bhaja ke saath
08:18aapne bėti ko leheni ke liye jata hai.
08:21Kanha, ye to tumhaare hi ghar ka raastata lak raha hai.
08:24Kahaan lekar ja raha hai ho ame?
08:26Aap chaliyye maharaj.
08:27Radha, oh Radha, zara bahar aana.
08:31Ananya bhi Kanha ki baat sunkar jal'di se aajatii hai.
08:34Aapne pita ji ko saamne dhekkar
08:37uski aankho mein aansu aajate hai.
08:39Hame maaf kardijijay, pita ji.
08:42Hame ne aapko bhoat tang kiya.
08:44Koji baat nahi, pere abh humare saath chalou.
08:47Nahi pita ji,
08:49hum Kanha se viva kar chukye hai
08:50aur bhoat khush hai.
08:52Hame yehi rahenge.
08:54Maharaj, mujhe to pata bhi nahi ta ki
08:56ye raja kumari ji hai.
08:58Varnah, mahiye gustakhi ka bhi nahi kertata.
09:01Aapko joh saza dheni hai, dhe dijiye.
09:03Saza kaisa kanha?
09:05Tumne to humari beeti ka itna khayal rakhai
09:07ki woh yaaha se jana hi nahi chahati.
09:09Aur ab tum doono ki khushi me hi meri khushi hai.
09:12Veeer Singh unko aashurwaat dhekar
09:14voha se chala jata hai.
09:16Voha ananyya ko kafi sare uphhar
09:18dhena chahate thhe.
09:20Lekin ananyya manha kertethi hai.
09:22Dono aapna jeevan vyaapan
09:24pahle jaisi hi karne lagtate hai.
09:25Aur doono aajeevan ke liye khushi khushi rheate hai.