00:00सलम आलेक। मरहमत आलगमा की बिलगता हूँ
00:01सोशल मीडिया पर एक वीडियो वारेल हो रही है
00:04जिसमें एक दुलहा अपने महर में दुलहन के नमाजों को बांगता हुआ नजर आ रहा है
00:09कि मैं अपने महर के अंदर अपने बीवी को नमाजें भी नमाजों की पाबंदी का भी बादा करता हूँ कि मैं पांच रख की नमाज बराबर पढ़ता रहूंगा
00:17इस तरह मेरी दिवी का महर का भी अदा नहीं होगा
00:20और मेरी 5 चयंब की नमाजों की पावदी भी होती रहेगी
00:24तो ये सुनने में अच्छा दिख रहा है
00:25देखने में अच्छा दिख रहा है
00:27और कोई चाहेगा कि चलो मैं भी इस तरह का आमल करो
00:30एक अच्छी चीज़ है कि महर में नमाजों को बांदा जाए
00:32ताके नमाजों की पापन्दी होती है
00:34लेकिन हमें देखना ये चाहिए कि हम जो बीचिस कर रहे हैं
00:39क्या वो इसलामी नक्ते नजर से
00:41शरीयत में उसका क्या हुकम है
00:42क्या ये जवास निकलता है
00:44क्या शरीयत की इजासत देती है
00:46कि महर में बांदा जाए
00:48नमाजों को अबादाद को
00:50नहीं उखर होता है अब शरीय माशायल के तरफ
00:52देख diferentes देखिए एक होता है
00:54ल्ला का हक और एक होता है
00:56मकलूओ का हक जिसको उक्रूब
00:58प्तुरूर्ब कीशल画 प्तुर्ला किते हैं और रिधा ंवाधित कि अद अव्जासर के कि आप अपने अड़ को बार होते हैं और बंदों के आप आप आपि".
01:20बानना चाहते हैं, रोजों की सुरत में बानना चाहते हैं, दिगर इबादात को महर की सुरत में बानना चाहते हैं, अदा करना चाहते हैं, पहले देखना यह होगा, कि क्या शरीयत इसकी इजाज़त देती है, कि महर को नमाज की सुरत में बानना जाए, या रोजे की सुरत मे
01:50महर की कम से कम किमत एक होती है दस दिरहम जो के 22 ग्राम चानदिक आती है वार कि मेहर की रकहा उसको दीनिए हुगी उसके बाद उसका हंक महर अधा होगा यान इतना देने के बाद में अब किन किन चीजों को महर की सुरत में दीया जा सकता है वह Mine
02:09देखते हैं, तो महर की सुरत में आप सुनाद देख सकते हैं, चानदी दे सकते हैं, और जमीन दे सकते हैं, मकान दे सकते हैं, फ्लैट्स दे सकते हैं, और सवारी दे सकते हैं, बाइक वगरा दे सकते हैं, तो ये सारी चीजे हैं जो आप महर में दे सकते हैं, मालिक उसको बना
02:39कहला है। ऐसा नहीं हो सकता कि फ्लैट सेया मकाने हैं वो बंद पड़ें एंड और उसके आपका सामन हैं
02:45≫ मेर में वह मकान दे रहा हूं या फ्लैट दे रहा हूं यह मेर äदा होगा।
02:50आपके परां कब्रा खबजा देना होगा मेकमल खबजा देने के बाद
02:54चाबी देने के बाद उसको पूरी अथरिटिव देने के बाद में वो हाक मेर अदा होगा।
02:59तो ये चीजें थी कि महर में हम क्या क्या दे सकते हैं।
03:02आप जमिन दे सकते हैं, सोना चांदी दे सकते हैं, दूसरी अश्या दे सकते हैं।
03:05और खुपरा खब्जा दे सकते हैं उसका खब्जा देने के बाद ही वो हक मैं पहलाएगा
03:10अब रही बात नमाजों की, क्या नमाजे में बान सकते हैं
03:13तो देखिए नमाजें अल्ला का हक हैं और अल्ला का हक हम इसी मखलूख में अड़ नहीं कर सकते हैं
03:18अकलू का अख अख अकलू का ना होगा।
03:25मकलू के हख में नहीं डीमाः नाल सकते हैं।
03:27तो नमाज वगर हम महर नहीं बान सकते हैं।
03:31और अख ली से क्या गया है।
03:33और अफ़तना चाहिए।
03:35महरें अपने वहाद हुआ हैं।
03:37महर प्लठा रहीं Aussippई
03:40उसको एड़ करूंगा ताकि वो महर अदा होता रहे
03:42महर अदा कर देना चाहिए
03:44ऐसा नहीं है कि महर अदा होता रहे
03:46जिन्दे की बर करता रहूं ऐसा नहीं होता
03:48महर एक टम एक टैम आता है जिसमें महर
03:50अदा हो जाता है और हो जाना चाहिए
03:52हमारे पास अक्सर क्या होता है
03:53महर की दो खिसमे होती है
03:55एक जल्दी देना एक दिर से देना
03:57जल्दी का मतलब उसी वक्त देना फिल फॉप
03:59दिर का मतलब कभी आप उसमें टेम मुखरर करना होता है
04:02पांस साल दस साल भी साल
04:04या फिर उम्मन क्या होता है
04:05मौत
04:06मौत तक उसका वक्त है कभी भी दे सकते हैं
04:08लेकिन मौत तक भी नहीं दे सकते हैं लेकिन मौत तक भी बाद लोग नहीं देते हैं मरने के बाद
04:13या मरने से पहले बीवी कुला कर हाख महर माफ करवाना चाहते हैं
04:17यह सारी चीजें होते हैं जब कि असार नहीं होना चाहिए
04:19जिन्दगी में ही महर अदा कर देना चाहिए
04:22हुकम तो शरीयत का
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