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Judwaa episode 57 | Aina Asif | Adnan Raza Mir

Judwaa is the story of twin girls who share the same face but have contrasting personalities and destinies. One is gentle and reserved, while the other is bold and fearless. As fate weaves unexpected twists, their lives take dramatic turns. Starring Aina Asif in a dual role, this gripping drama explores identity, destiny, and the power of choice.

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Transcript
00:00आत्राज कैसी है?
00:01नहीं, न?
00:05बेटा, जोई भी तुम्हें पसंद है
00:08कोई जोर जबदस्ति नहीं है तुम्हाई साथ.
00:27समधिक है?
00:28सुने मैं पूछना जा रही थी आपको खाने में क्या पसंद है मैं बना देते हूँ
00:33मुझे ज़ब भूँक लगेगी तो मैं खुद ही बना के खा लोगी आप बिल्कुल भी तकलुफ ना करें
00:38मैं पूछना जा रही थी आपको खाने में क्या पसंद है मैं बना देते हूँ
00:53मैं बना देते हूँ
01:09जैसे आप मुझे करती हैं
01:14शाजिया आप इस घर में दो चार दिन की मेहमान तो है नहीं बलके मैं तो यह चाहूँगी कि आप यही रह जाया
01:23इन्विटेशन का शुक्रिया लेकिन आब मैं यही हूँ कही नहीं जा रही
01:29जो जगा छोड़ कर गई थी वो हासिल कर के रहूंगी
01:33आप जो जगा छोड़ के गई थी वो आपी की है मैं तो बस सिर्फ केरे टेकर हूँ यहाँ पर
01:59जारा ऐसा नहीं कर सकती मैं कैसे मान लो
02:04बाबा से पूछूँगी तो वो तो नराज भी हो सकते और मम्मा
02:08एक तरफ प्यार करती है और दूसरी तरफ मच से मेरा प्यार छीना चाहती है
02:13कहाँ जाओ मैं
02:14मैं आदल चे बात करती हूँ वो कोई ना कोई हल निकाल लेंगे
02:19जारा
02:23तुमसे बात करनी है जारा
02:30तुम जान भूचके मुझे एकनोए कर रही थी न
02:35अगर तुमहारी बात सर्मयत से फिक्स हो गीए तो
02:39तुम नहीं करना जान पड़ा
02:41यह मुझे जारा समझ रहे है
02:44बोनो
02:46अगर वो
02:49अगर तुम्हारी बात सर्मयत से फिक्स हो गी थी तो
02:53तो से महूबद क्यूँ तुम
03:05जारा
03:07जफान के लिए
03:09जारा
03:11अब तुम्हें लूँगा
03:24जारा आदल से महूबद कैसे कर सकती है
03:28मैं ऐसा नहीं होने दूँगी
03:31आदल सिर्फ मेरे, मैं आदल के बग़ार नहीं रह सकती
03:34और जारा यह अच्छी से जानती है फिर
03:37फिर उसने मेरे साथ ऐसा क्यूँ किया
03:39कुपो तक कह रही थी
03:41मैं.. मैं सर्मत को बता दूँगी
03:45हाँ, मैं सर्मत को बताऊंगी कि
03:47जारा उस पर चीट कर रही है
03:49वो मुझसे मेरा आदल नहीं छीन सकती
03:57हलो, cousin friend, क्या आल है?
04:00सर्मत, तुम जारा को रोको
04:02वो मुझसे ना मेरा आदल छीन रही है
04:03सारा, क्या हुआ है?
04:06मैं ऐसा नहीं होने दूँगी.
04:07सम्झा लो उसे.
04:09लेकिन हुआ क्या है?
04:10मुझे ये तो बताओ.
04:11मैं नहीं बता रही तुम्हे.
04:12तुम जाके अपनी सारा से पूछो
04:13और उसे कहो कि वो मेरे रास्ते में मत आए.
04:15आदिल को चीन नहीं था.
04:17सारा?
04:20अरे?
04:23क्या हुआ?
04:24रोँ क्यों रही हो?
04:26आज ऐसे आपको तो पता ही नहीं ना
04:27मैं क्यों रोँ रही हूँ?
04:30बाबा क्यों आये थे आप यापे?
04:33मेरी शादी खराब कर देना?
04:36अब वो काम तो आप के लिए
04:38लेकिन मैं आपको बता रही हूँ
04:39मैं ऐसा नहीं होने दूँगी.
04:41सारा?
04:43क्या किया उस ने?
04:45जो वो चाहती हो ना
04:46वो मैं नहीं होने दूँगी माँमा.
04:49मेरी बहन होकर
04:51मेरो उससे मेरे आदिल को चीन रही है.
04:54लेकिं मेरी शादी
04:55मेरी बेहन होकर वनों से मेरे आदिल को छीन रही है.
05:00लेकिन मेरी शादी सिर्फ और सिर्फ आदिल से ही होगी.
05:03वो मेरे है और सिर्फ मेरे है.
05:05मुझे किसी और की परवान नहीं है.
05:07अच्छा, calm down. Calm down.
05:09अच्छा, बताओ, उसने की...
05:10मैं फिर नहीं मुझे किसी से भी बात, मम्मा.
05:13सारा!
05:22तो सारा, तुम में भी मैं ही हूँ.
05:26मैं भी तो मजर के लिए ऐसी ही थी.
05:31जैसे मैं अबाजी के सामने घड़ी हो गए थी.
05:35आज मेरे सामने
05:38उम भी बिल्कुल वैसे खड़ी हो गई.
05:43बिल्कुल मेरी तरह, जस्माती.
06:05किसे के साथ आए आँगा?
06:06बाबा के साथ आए आँगा.
06:08अन्दर चलो.
06:14मनम यह, क्या हो गया आपको?
06:16बाबा नहीं आया मेरे साथ, वाँ मुझे छोड़ के चले गए.
06:19आप उनसे अतना डरते हैं?
06:20डरता बरता, मैं किसी से नहीं हूँ.
06:22वो गुसे का तेज़ आदमी है.
06:23जब भी वो किसी से गुसे में बात करते हैं,
06:25तो मुझे गबराट होने लगती हूँ.
06:27अच्छा.
06:29वैसे, आप मुझे यह बताये कि सर्मत का है?
06:31इधर ही था.
06:32उसने मुझे गाड़ी में इतनी कॉल्स किया,
06:33मैंने उसकी कॉल नहीं उठाए क्योंकि बाबा थे.
06:35अब जब उसकी कॉल बाग कर रही हूँ,
06:36तो उसकी कॉल उठाए नहीं रहा.
06:37आ, तो किसी काम से गया, अभी आता होगा.
06:39चाँ.
06:40वहाँ का पताओ, सब ठीक था?
06:43आ, तो होगा न, मुश्किल.
06:46पर तुमने हार न तो नहीं सीखा.
06:48क्योंकि आपने कभी सिखाया ही नहीं.
06:50हूँ.
07:13लो जी, अब इनको बता के आए हूँ मैं,
07:16और कॉल कर रही हूँ.
07:17ठीक है, तुम इनसे बात कर रहा हूँ,
07:18मैं मेराल से कहता हूँ कि
07:19तुम्हारे लिए खाने को कुछ मनाए.
07:20सही है.
07:23जी, मैं पहच गया हूँ, मैं नाना मिया क्या?
07:26जारा, तुम्हारे और आतिल के दर्मियाँ कुछ है?
07:30नहीं.
07:31तुम दोनों के बीच कुछ चल रहा है?
07:34क्या मतलब, कजन है वो मेरा.
07:36और तुम्हारी बेन का मंगेतर भी.
07:38याद है न?
07:40हाँ, तो?
07:41तो ये कि तुम्हारे बाप को मौका नहीं मिलना चाहिए.
07:45मामा, मुझे आपकी बातें समझ में नहीं आरही.
07:47मैं आपसे आकर बात करती हूँ. अलाफ़िस.
07:56क्या कह रही है तुम्हारी मामा?
07:58पुछ नहीं. तो नहीं क्या कह रही थी.
08:01आप सरमद को कॉल करें.
08:02मेरी कॉल क्यों उठाएगा वो, मज़नू?
08:04मेरी कॉल क्यों उठाएगा वो, मज़नू?
08:07तुम करो ने उसे कॉल.
08:08अच्छा.
08:14हेलो, हाँ सरमद.
08:15कहाँ हूँ तुम? जल्दी आओ घर.
08:18हाँ, मैं नाना मिया के ही आओ हूँ.
08:20तुम आओ.
08:21अलाफ़िस.
08:24क्या हो गया तुमको?
08:26तुम्हारी तबर तो ठीक है?
08:28सब खैर है?
08:31ठीक नहीं है, बहुत परिशान हूँ.
08:33अच्छा हुआ तुम आ गये.
08:36उस तो इतना डिप्रेशन हो रहा था, पुछ समझी नहीं आ रहा था.
08:39मुनवर के होते हुए तुम परिशान हूँ?
08:41ऐसा कैस तो सर्प हो?
08:43यार पता है बात क्या है?
08:44मैंने ना अपने अंकल के अकाउंड में
08:46आज आठ लाग रूपे ट्रांसवर करवाने थे.
08:49आंटी का कल ओपरेशन है.
08:50मुझे कुछ समझी नहीं आ रही, मेरा अकाउंड कैसे व्लॉक हो गया.
08:54मैं किसी से पैसे मंगवा भी नहीं सकती.
09:12मेरा अकाउंड ज़ेसी ठीक होगा, मैं तुम्हें वापस बिचवा दूँगी.
09:17आ, लेकिन मैंने तुम्हें बताया थो था
09:19कि वो पैसे मैंने कहीं इंवेस्ट की हैं.
09:22और अगर उनसे भी मांगूँगा तो
09:24उन्हें मुझे दिने में वक्त तो लगेगा.
09:26तो अभी कितने हो सकते हैं?
09:29दो लाग की लिमिट है मेरी अभी.
09:31बाकी के बैंक से केश निकाल के देदूंगा सुबह.
09:34तुम्हें नहीं सुच दार्लिंग, तुम्हें सुईट हार्ड है.
09:37तुम ने तो मेरी सारी परशानी दोर कर दी,
09:39तुम बता है मैं कितनी डिपरेस हो रही थी.
09:41तेंक्यू सो मच मैं तुम्हारा हसान कैसे उठारूँगी?
09:44परशान नहीं बात बढ़ो.
10:00ये वो टेन्डर के फाइल्स हैं,
10:02आपको बस साइन करना है, पर मुझे दे दे.
10:05आँ, ये फाइल है, कल मेरी नज़र से गुज़री थी, मैंने देखी थी.
10:09ये तो तुमने बहुत अच्छा काम किया है.
10:12तेंक्यू.
10:13अच्छा, लेकिन अभी मुझे इसकी बारे में बात नहीं करने, अभी तो...
10:18अभी तो मैं तुमसे किसी...
10:21किसी और की बात करना चाहता हूँ, मैं...
10:25मैंने तुमसे पूछे बगएर...
10:28तुमारी जिन्दईगी का एक बहुत आइम फैसला कर दिया, तुम्हें कोई इतरास तो नहीं है?
10:35देखो बिटा, मैं...
10:37मैं जानता हूँ, बल्कि मुझे लगता है कि तुम और सारा...
10:41हमेशा एक साथ खुश रहोगे...
10:50मैंने नोट किया है, जब-जब सारा को मेरी ज़रूरत थी...
10:54मैं महाँ नहीं था...
10:58लेकिन तुम थे...
11:01उसके हर तनहाई में तुमने उसका साथ दिया है, दोस्त बनके उसका साथ दिया है...
11:06मुझे लगता है कि जिन्दगी में भी तुम...
11:09तुम उसका बहुत अच्छा ख्याल रख सकोगे...
11:13अब मैं चाहता हूँ कि तुम दोना एक दूसरे के साथ हमेशा खुश रहो...
11:18मैं एक से कुछ कहना चाहता हूँ...
11:19पहले मुझे...
11:21पहले मुझे मेरी बात पूरी कर ले अदो...
11:25बिटा मेरे रवये की विज़ा से, मेरी आदतों की विज़ा से उस बच्ची ने बहुत मुश्किल जंदगी गुजारी है...
11:32घर में और लोगों का रवये भी उसके साथ ठीक नहीं था...
11:36लेकिन अब मैं चाहता हूँ कि जो खुशियां वो डिसर्व करती है, जो उसका हख था कमसकम, मैं उसे अब तो वो दो...
11:43मैंने उससे तुम्हारे बारे में पूछा था...
11:47उसने हाँ कर दी है...
11:49मैं बस तुम्हारी मरजी जानना चाहता हूँ...
11:51मुझे बस थोड़ सा वक्त चाहिए...
11:53वक्त क्यों चाहिए तुम्हारे?
11:56मैं तब बिज़ने स्टार्ट कर दूँ और अपने आपको इस्टैबलिश मिना दूँ...
12:01तैस फाइं, बिल्कुल करो... बा... नो इशूस...
12:05तैस फाइं, बिल्कुल करो... बा... नो इशूस...
12:09मुझे भी कोई बहुत जिल्दी नहीं है... अच्छा है मैं अपनी बेटियों के साथ कुछ वक्त...
12:14कुछ वक्त उधारना चाहता हूँ...
12:19कर... तैंकियो... तैंकियो बटा...
12:22मैं आपको अच्छा हूँ... गुड़ बॉय...
12:31आब आदराओ...
12:52क्या हो गया है तुम्हे... इतने खामोँश क्यों बेटे वेव...
12:57क्या प्लाइन कर रहे हो...
12:59हमारी शाड़ी का...
13:02वेरी फ़णी... उसना था...
13:07बा... बताओ तुम्हारी साथ से कोई लड़ाई वही है...
13:10नही... क्यों... तुम क्यों पूछ रहो...
13:14तुम क्यों पूछ रहो...
13:16ऐसे ही पूछ रहो... मतलब मुझे पता है...
13:17कि मैंने सुना है... ऐसा कि...
13:18बेहनों की दीज़ में लड़ाई होती है...
13:19तो अगर होये तो बता दो...
13:21नहीं होये तो भी बता दो...
13:25नहीं... जब मैं आया थी...
13:27तब तो सब ठीक था... लेकिन...
13:29मामा की भी कौल आयी है...
13:31हो सकते हम दोने की कोई बात हुई हो...
13:37जार एक मा बताओ...
13:39तुमझे महवबत करती हो...
13:41यार आदिल...
13:44महवबत बुखार जैसी नहीं होती...
13:45कि बस आप थर्मेल मीटर डाल के चेक कर लो...
13:47कि कितनी हो और कितनी नहीं...
13:48जार थिम जब वहाँ सारा बन कर गया थी तो...
13:51वहाँ भी आदिल को तुमझे सर्वाँत कहती थी...
13:55क्या बतलब...
13:56बतलब ये तुमहें भी मुझे आदिल करें...
14:01हो जाता है कभी कभी...
14:03हम सब कजनस हैं तो फिर...
14:05कभी अगए हो जाता है...
14:07हम सब कजन्स हैं तो फिर कभी कभी हो जाता है.
14:11साहरा, हम सफ कजन नहीं है.
14:12हम बच्चमन से दोज़ भी थे.
14:15अगर ऐसे कुछ है थे, तो मुझे बता सकती हूँ.
14:18साहर, मैं जब ऐसी कोई बात है ही नहीं
14:20तो मैं तुम्हें क्या बताओ?
14:22और तुम क्यों ये चीज़े सोच रहे हो?
14:24क्योंकि मैं तुम्हें न, मैं से अच्छा जानता हूँ.
14:27तुम आजकल बहुत जादा ओवर नहीं हो रहे हैं?
14:29खामखा ये चीज़े सोच रहे हो और अपना मूट खराब कर रहे हो.
14:32सारा तुम्हें ऐसे जस्टिफिकेशन्स तो नहीं देती.
14:35सारा वाली बात मैं सारा से पुछूं के नहीं.
14:42नहीं, नहीं, नहीं, ये पागल उस पागल से लड़बड़ेगी
14:45और नुक्सान दोनों सूर्थों में मेरा ही होगा.
14:47अच्छा चलो, हम दोनों कहीं बाहर चलते हैं.
14:50नहीं, मुझे दादा को है दाबाग लेकर जाना हैं.
14:57तुम्हारा जाना ज़रूरी है?
14:58आँ, इब क्या तुम मुझे मिस्करूगी?
15:04तोबाद, सर्माद.
15:18आँ, हाँ अबरार.
15:22नहीं, आँ ठीक है.
15:24बस तुम्हों लोग जल्दी से आ जाओ.
15:26मैं चाहती हूँ कि
15:29जारा का रिष्टा पक्का हो रहा है,
15:30तो साथ जारा का भी होई जाए.
15:34मैं चाहती हूँ कि
15:36मैं बस बता सकूं लोगों को
15:38कि जारा इंगेज्ज्ड है सर्माद के साथ.
15:42हाँ, हाँ, हाँ, बस जल्दी से.
15:45ठीक है, ठीक है, ठीक है, हाँ, हाँ, ठीक है, ख़ुदा आफिस.
15:54भाई को बुला रहे हो?
15:57जारा से बूच रहे हैं?
15:59क्योंकि मैं, मैंने जारा से बात कर लिया है.
16:02आपो सारा पर मां है तो
16:05जारा को मैंने पाला है,
16:08या मैं उसको आप से जी जाता जाँते हैं?
16:12सब मेरी जैसी हादते हैं उसमें,
16:14बुल्गूल मेरे जैसा बना दिया तुमने उस哎्याम?
16:17वागई में, आप जैसी हादते हैं उसमें.
16:19वाकही में आप जैसी आदते हैं उसमें.
16:24लेकिन सारा को मेरे जैसा क्यों बनाया?
16:28दरपोक, जजबाती.
16:32आपके पास थी न वो.
16:34अपने जैसा क्यों नहीं बनाया?
16:39कभी उसे बिठाके उसके दिल का हाल पूछा है आपने?
16:45नहीं न?
16:50आपने तो कभी मुझे से मेरे दिल का हाल नहीं पूछा था.
16:55कितनी तकलीफ में होती थी मैं.
16:59आपको तो हमेशा सिर्फ अपने दर्ध की परवारे ही है.
17:04मैं अपना सब को छोड़ कर किसके पीछे आयी थी?
17:11आपके पीछे आयी थी न?
17:15सिला क्या मिला?
17:16बैतबारी?
17:19बेरुखिम?
17:27आज भी आपको अपनी बैन नज़र आ रही है.
17:33अगर उसी की आँखों से देखना था
17:36तो सारा भी दे देते हमें.
17:39मेरा बाब आया था न आपके पास.
17:42ऐसे तो मैं भी कहा सकता हूँ
17:45कि सारा को मुझे दे देते.
17:46मैं भी तो आया था तमारे पीछे.
17:48तो मैं नहूं था वहाँ.
17:55सारा के साथ गुजारे होए लमहाद कुछ याद है?
17:59उसका बच्पन, उसकी बातें, वो कैसी दिखती थी, क्या करती थी?
18:03उसका बच्पन, उसकी बातें, वो कैसी दिखती थी, क्या करती थी?
18:08कुछ याद है?
18:12और सारा को देखा है आपने?
18:15आखों में आखें डाल कर बात कर दी है.
18:20अपनी बेहन की खातेर, बाप की खातेर
18:24मुझे यहां तक ले आई.
18:27यह है सारा.
18:28यह बनाया है, मैंने उसे.
18:36तुम्हें कुछ हैसास है, यह 20 साल
18:40इस तनाई के साथ मैंने कैसे गुदा रहे हूँ?
18:48रोज एक अलग जंग करनी पड़ती थी इस तनाई से.
18:59तुम थी तो मैं अपना हर सुख, हर दुख तुम्हारे साथ शेयर करता था.
19:02तुमसे कभी चड़ जाता था, कभी अपने खाईशें कहता था, कभी जित कर लिया करता था.
19:08लेकिन तुम्हारे यूँ अचानक मुझे छोड़ के चले जाने के बाद,
19:11इन बीश सालों में मैंने ये कैसे काटा है, ये जानती होता है?
19:19मानता हूँ, तुम ठीद थी.
19:22मैं घलट था.
19:25तुमने अच्छी तरबियत की, बेटी की.
19:27मैंने नहीं की, मैंने बुरी तरबियत की.
19:29मैं मानता हूँ, लेकिन क्या फर्क पड़ता है इससे?
19:31जो घलटियां हम अपनी अपनी जगा कर बैठे हैं, वो तो कर बैठे हैं ना?
19:40क्या फर्क पड़ता है इनसे?
19:43कि जारा की तरबियत अच्छी हुई या सारा की नहीं हुई?
19:53फर्क पड़ता है तो सिफ एक बात से.
19:56अब हमारी बेटियां यह चाहती हैं कि हम एक साथ रहे हैं.
20:03और मैं भी यह चाहता हूँ.
20:25सारा, मेरी बात सुनो. तुम ज़ैसे समझ रही हो वैसे बिल्कूल भी नहीं आई,
20:52तो मैं भी जूट नहीं बोलती.
20:54अच्छा?
20:55तुम जूट नहीं बोलती?
20:57चाहिए, तुम मुझे एक चीज़ पताओ.
20:58जब तुम यहाँ थी और तुम सारा बनी भी थी
21:00तब तुम सारा बन के आदल के साथ घूंदती पिरती थी, न?
21:04बलकि यहां क्या? जब तुम हैदराबाद में भी थी.
21:06तब भी तुम आदल के साथ घूंदती थी.
21:07हला कि मैंने तुम्हें मना किया था, जारा,
21:09कि आदल को ऐसे लड़्गों के साथ बाहर आजाना चाना नहीं पसंद.
21:12तब भी तुम आदल के साथ घूंदती थी.
21:13हला कि मैंने तुम्हें मना किया था, जारा,
21:15कि आदल को ऐसे लड़्गों के साथ बाहर आजाना चाना नहीं पसंद.
21:18लेकिन नहीं सुननी ना, तुमने मेरी.
21:19तुम गई? तुम गई के नहीं? बताओ.
21:22तब इतना हैपर क्यों हो रही हो?
21:24और बात को तुम कहां से कहाँ लेकि जा रही हो?
21:27तुम मेरी बात समझने की थो कोशिश तो करो.
21:29समझ रही हूँ, मैं सही बातें समझ रही हूँ.
21:32तुमने हमेशा ना, मुझे अब मतलब के लिए इस्तिमाल किया.
21:35तो मैं मनके इस घर में आ गई.
21:38आदल को नहीं पता था कि तुम सारा हो.
21:40लेकिन तुम्हें तो पता था ना कि तुम सारा नहीं हो.
21:43तुम्हें इस बात का खयाल कर ले थी.
21:45और आदल को मुझे से महवबत हुई, तुमसे नहीं हुई.
21:47और पुपा बिलकोल ठीक कह रही थी,
21:49तुम और तुमारी माँश चाहते ही नहीं है कि मेरी आदल से शादी हो.
21:56मुझे लग रहा था कि तुम आदल की बातों का असर ले रही हो.
21:59लेकिन असल मैं तुम, तुम पुपो की बातों में आ रही हूँ?
22:03और मेरे और ममा के बारे में
22:04तुम ये सब कुछ कह रही हो?
22:06मैंने कभी सोचा भी नहीं था, सारा
22:08कि तुम ये सारी बातें बोलूगी.
22:10शेम उन आपके लिए!
22:12शुरूसा, शेम उन आपके लिए!
22:14तुम उस आओरत की बातों में आ रही हो
22:17जिसे तुम्हें पूरी जिनदगी दराखे रखा?
22:21जो तुम्हारी जान लेना चाहती थी?
22:22तुम्हें घर से बाहर निकाला?
22:24और पढ़ा नहीं बाबा के सामने
22:25क्या-क्या बोल रही थी
22:26ताकि तुम्हारी इमिज खराब हो?
22:28तुम्हें ज़रा से भी शरम नहीं आए
22:29अपनी उस बहन की बारे में
22:30वो बाते करते हुए
22:31जिसकी वज़ेसे तुम्हें तुम्हारे बाब का प्यार मिला?
22:33और आदल भी?
22:35और ये साड़ी चीज़ें
22:36मैंने आदल के साथ इसलिए की थी
22:37ताकि आदल तुमसे महबबत करे
22:39और तुम बाबा के सामने रहो, समझी तुम?
22:41और हाँ, ममा यहाँ पर आए थी
22:42तुम्हारी शादी रुखवाने
22:43लेकिन वो मान गई थी तुम्हारी शादी के लिए
22:45पता थी तुम्हें ये बात?
22:47नहीं न? क्यूं?
22:48क्योंकि तुमने हमसे पूछाई नहीं
22:49तुम किसी बातों में आ गई?
22:50अपनी पूपो की बातों में आ गई तुम?
22:54आदल, अगर तुम्हारे लिए लिखा है न
22:55तुमारी किस्मत में, नसीब में
22:57तो वो तुम्हारा हो के ही रहेगा
22:58जाहें पुपो जाहें या नहीं जाएं.
23:01तुमारी सची महबद को
23:02कोई भी.. मैं भी नहीं
23:03ममा भी नहीं..
23:04कोई भी इस दुन्या में
23:05तुमारी सची महावब्बत को नहीं
23:07ठीन सकता.
23:08और अगर तुम आदिल से
23:09इतनी मौबबत कर्ती हो
23:10तो अपने आपको बदलो, ना.
23:13क्यों एंसेकियोर और्टों की तरह
23:14तुम अपनी जन्दगी खराब कर रही हो?
23:18तब दीली न, दिल में आने से पहले
23:20दिमाग को हिट करती है.
23:22फिर जाके दिल मानता है.
23:24जब तुम्हारे दिमाग ठिकाने आ जाये न, सारा
23:26तो सोच लेना
23:27कि कौन हम दोनों के बीच दड़ारे रानना चाह रहा है
23:29ताकि हम दोनों लड़े.
23:34शरम आनी जाये तुम्हे.
23:54बहुत अच्छा किया अबाजी, आप यहाँ आ गये.
23:56वहाँ खाली घर में क्या करते हैं आप?
23:58इनको ना मैं लेकर आया हूँ.
24:00इनको तो वही रह जाना था.
24:01बेटा जी,
24:03अगर मुझे वहाँ रहना होता ना
24:04तो तुम्हारा बाब भी मुझे नहीं रोख सकता था.
24:07मैं तो तुम्हारे बाब से काम था, इसलिए यहाँ आया हूँ.
24:10काने, काने, काने.
24:12मज़ाग कर रहा था, मैं मज़ाग कर रहा था.
24:14अबाजी, यह भी तो आपके बेटे का घर है.
24:16आपका जब तक दिल करे, आप यहीं रहे.
24:19आ, मेरा जब तक दिल करेगा, यहीं रहूँगा.
24:21अबाजी, मुसरत बिल्कुल ठीक कह रही है,
24:25अब यही आपका घर है और आपने कहीं नी जाना, यही रहना है.
24:29बिल्कुल और आप इधर ही रहेंगे
24:31और मैं आपको जाने भी नहीं दूमगा.
24:33बेटा, जाना तो पड़ेगा.
24:35कितने दिनों से नहीं गया हम.
24:37चलो, उनने दादा को पारी पिला.
24:38उठो, उठो.
24:44अबबाजी, वो कराची के हालात कैसे हैं?
24:48ठीक है, बेटा.
24:51वो शाजिया का फोन आ आए था.
24:54वो सलसल जिद कर रही है
24:56कि मैं फ़ौरी आके रिष्टा माँगूँ.
25:00हाँ, वो मजर से जिद में
25:04सर्मत और जारा के रिष्टा जल्दी तै कर दिना चाहती हैं.
25:06तो, अबबाजी, क्या वो वही रहेंगे अपने शौहर के साथ?
25:21अरे, ऐसे क्यों देख रहे हैं?
25:24मैंने तो बस इसलिए पूछा कि
25:26हम लोग रिष्टा लेकर जाएँगे
25:27तो पता तो होना चाहिए सुराल के वारे में.
25:30अरे पानी लेओ यार, चाई बना रहे हो.
25:38मैं कहती हूँ बागल हूँ,
25:41में शीज़ इतनी लेट क्यों समझााती हैं?
25:46मैं कल से इतनी परिशान हो रही हूं,
25:50अल्ला तो परिशान चीज़ के लिए शौवने चाहिए?
25:53नाने कल से इतनी परिशान हो रही हूं.
26:00ममा से भी मस पेहव किया मैंने.
26:03जारा को भी हर्ट किया
26:04लेकिन एक दफ़ा भी उनसे बात नहीं की मैंने.
26:08पुपू की बातों में आ गई मैं.
26:09वो रात कैसे बुल गया जब मैं अपने घर से भागी थी.
26:14बिल्कुल ही बागल हो गयी हूँ मैं.
26:17मुझे सुमझ नहीं आ रहा.
26:21अब क्या करूँ मैं?
26:24जारा, किसे बात कर रही हो?
26:29फिर किसी ने कुछ कह दिया?
26:33ममा, मैं सोरी हूँ.
26:37अम सोरी, नहीं ने आपई गुसा भी किया.
26:43आपको भी पता है कि मैं ऐसी नहीं हूँ.
26:45मैं सोरी.
26:50मैं जानती हूँ कि आप ऐसी नहीं हो.
26:54लेकिन जैसी भी हो, मेरी जान हो.
26:58मैं सोरी, ममा.
27:06पूपू किस मिट्टी से वाली है?
27:09क्यों वो सबकी लाइफ को डिस्टर्ब कर रही है?
27:16तुम्हारी साथ से बात होई है?
27:21तुम्हारी बेवकूफिये के वज़िये से
27:23वो मुझसे और मम्मे से नराज देखा था.
27:26तुम्हारी बेवकूफिये के वज़िये से न
27:28वो मुझसे और मम्मे से नराज देखा था.
27:29कि हम उसकी शादी नहीं कर वा रहे हैं.
27:32गुसर मैं, मैंने उसे थपड मार दिया तो
27:35अकल ढिकान है तो आयी लेकिन उसकी.
27:37तुम इस सारा पर हाथ उठाया?
27:39मुझे तुमसे कभी महवबत थी, नहीं तुम्हारी महवबत थी.
27:42अदिल, मुझे अपने माबा पर देखा था कि तुम्हारी महवबबत था.
27:45अदिल, मुझे तुम्हारी महवबब थी, नहीं तुम्हारी महवबब थी.
27:47अदिल, मुझे अपने माबा पर देखा था कि तुम्हारी महवबब थी.
27:49अदिल, मुझे अपने माबा पर देखा था कि तुम्हारी महवबब थी.
27:51मैं बस इतना कहना चाहता हूँ, कि मैं तुम्हारी महवबद से
27:56खुदको तुम्हें अजाध कर रहा हूँ.
28:01महवबद?
28:04मुझे तो तुम्हें कभी महवबद थी, नहीं?
28:07मुझे तो तुम्हें कभी महवबद थी, नहीं?
28:11अदिल, मुझे अपने महवबब को मिलवाना था और इसलिए मैंने तुम्हें यूज़ किया.
28:15वो क्या?
28:17तुम्हें क्या लगता है? मैं सारा की तरह हूँ?
28:22सब कुछ मर मिटाओ के तुम पर फिदा हो जाओंगी?
28:25तो अच्छा हुआ है न?
28:27मैंने सारा के हट में अपना फैसला कर दिया.
28:33परना तुम जैसे selfish लगी,
28:37अपने मतलब के लिए सारा की पूरी जिन्दगी बरबात कर दिया.
28:55परना तुम जैसे selfish लगी,
28:59अपने मतलब के लिए सारा की पूरी जिन्दगी बरबात कर दिया.
29:04परना तुम जैसे selfish लगी,
29:07अपने मतलब के लिए सारा की पूरी जिन्दगी बरबात कर दिया.
29:11परना तुम जैसे selfish लगी,
29:13परना तुम जैसे selfish लगी,
29:21परना तुम जैसे selfish लगी,
29:23बोलो, जारा, क्या हो?
29:24हाँ, सर्मत, मुझे तुमसे मिलना है.
29:27अबई.
29:28अबी मिलना है?
29:29हाँ.
29:31मुझे तुम्हारी ज़रूर रात था, सर्मत.
29:33जारा, अबी तो मैं हैद्राबाद में हूँ
29:34और वहाँ आते आते ताम लग जाने करलें.
29:36जारा, बोलो जारा, क्या हो?
29:38हाँ, सर्मत, मुझे तुमसे मिलना है.
29:39अभी.
29:41अभी मिलना है?
29:42हाँ.
29:43मुझे तुमारी जल्डूर रहता है, सर्मत.
29:45जारा, अभी तुम हैदराबाद में हो.
29:47और वहाँ आते आते टाइम लग जाएगा.
29:49तो तूर रहते हैं सरमत.
29:50जारा अभी तो मैं हैद्राबाद में हूँ
29:52और वहाँ आते आते टाइम लग जाएगा.
29:55तो बलके एक काम करो न तुम अबबाद को..
29:57बलके नहीं नहीं..
29:58वो कौन है तुम्हारा कजन..
29:59क्या नाम उसका?
30:00आदिल.. आदिल.. हाँ.
30:01उसको बोलो न वो तुम्हारी एलब करेगा.
30:06यार वो मुझे घरवाले बुला रहा है..
30:07तो बाद में बात करते हैं न हम?
30:11मैं अब भी घर आया हूँ..
30:12और मैं इतना तूर रहा भी नहीं हूँ कभी पहले..
30:14तुम्हें तो चन्द महिनों में आदद हो गई है..
30:16तू रहने की.. बाद में बात करते हैं..
30:22ओके बाइब..
30:31तुम्हारे लिए ज़रूरी है कि ने में इस ख्याल से पार हो..
30:34इस तुम्हें मीरी जर्बत नहीं है..
30:36तुम्हारे लिए ज़रूरी है कि ने में इस ख्याल से पार हो..
30:44सु क्या हो गया?
31:06कारबुतह कररे...
31:12कारुष नमारा...
31:16कारुष नमार
31:19कारुष नमार
31:23क्या हम सीवा तो फ़ारन कि ये उठारा मेंा..
31:26क्या करें यार..
31:31कौन फस गया यार मैं?
31:34इसको तो बोल दिया मैंने इंव目 कीये मैं और..
31:38सारे ये सारे पैसे गाड़ि में फसे मैं.
31:42कैसे निकलूँ इस मसतले से?
31:48सारे ये सारे पैसे गाड़ी मैं फसे मैं..
31:50कैसे निकलूँ इस मसले से?
32:04Hello
32:05Munawar, तुम मेरा फोन की नहीं उठा रहे हो?
32:09Naila, मैं फौर्ट की में आया हूँ
32:13मेरी मीवी के नाना का इंतकाल हो गया तो मैं गाओ आ गया था
32:17ओ, सोरी
32:20हाँ यार, सोबा बैंक से पैशे निकाले, फिर आना से तुम्हारे पास
32:26लेकिन ये ख़बर आई, सीधा गाओं भागना पड़ा
32:30और तुम्हें पता इनकी घर में कोई बच करने कर आने वाला है नहीं
32:32तो सारी जिमदारी मुझे पर आ गयी और मुझे आना पड़ा
32:37हाँ, मैं तुम्हें इसलिए कॉल कर रही थी कि बताना था आंटी का उपरिशन डिलेयो हो गया है
32:42चलो अच्छा हुआ, तब तक तुम्हारे बैंक का मसला भी हल हो जाएगा
32:47हाँ यार वसे क्या तो तुम ठीक रहे हो, तुम्हारे पासपोर्ट का भी इशू हो रहा है
32:50उस एजन्ट से मेरे बात हो भी है वो कह रहा है मुझे और पैसे चाहिए
32:53और तुम्हें पता है मेरा तो अकांट फ्रीज हो गया है
32:55ये तो अल्ला का शुकर है कि मैंने कुछ पैसे तुम्हारे अकांट में डलवा दिये थे
32:58वरना वो पैसे भी फ्रीज हो जाते है
33:01हाँ सही कह रही हो, मैं, मैं आकर देता हूँ
33:04मुनावर मेरी बास सुनो, ये काम बहुत चल्दी कर लेना
33:07ये नाओ कि मिर्जा साब का मूट चेंज हो जाए और मेरे बीस लाक रुपय डूप जाए
33:11यार ऐसे ही थोड़ी होता है, तुमने सारे पैसे बिना बताये मुझे पता नहीं कहाँ इंवेस्ट कर दिये
33:15अच्छा मुझे पता है तुम परिशान हो और मैं तुम्हे और टेंशन दे रही हूँ प्लीज रिलाक्स मुझे पता हूँ
33:25अरे नहीं नहीं ऐसी कोई बात नहीं है हो जाता है, मैं आता हूँ तो फिर मिल कर बात करते है ठीक है तना खयाल रखो
33:31अल्ला आफिस ओके बाई पता नहीं अब यह पैसे देखा भी के लिए
33:41क्या करूँ अब कहां से लाँ पैसे उसने खुद दिये मिर्जा से भी मिल वाया बिजनेस भी करवाना चाह रही है
33:56यार वो मेरा बहलाई तो चाहती है
34:00मैं खामखा नेगेटिफ हो रहा हूँ उससे
34:03अगर 20 भाग की रखम मामूली भी तो नहीं है
34:08घर तो अम्मी बेचने नहीं देंगी
34:11तौबा तौबा, मैं भी क्या सोच रहा हूँ
34:148-10 दाग के लिए घर थोड़ी सेल करूँगा
34:19आइडिया, कार बेच देता हूँ
34:22हो जाएंगे पैसे पूरे
34:32मैंने नोट किया है, जब-जब सारा को मेरी ज़रूरत थी
34:36मैं वहाँ नहीं था
34:40लेकिन तुम थे
34:41उसके हर तनहाई में तुम ने उसका साथ दिया है
34:45दोस्त बन के उसका साथ दिया है
34:47मुझे लगता है कि जिन्दगी में भी तुम
34:50तुम उसका बहुत अच्छा ख्याल रख सकोगे
34:54अब मैं चाहता हूँ कि तुम दोने एक-दूसरे के साथ हमेशा खुश रहो
34:57भाई
34:59हाँ नाजी क्या हुआ
35:01मेरे कान का क्या हुआ
35:04हो जाएगा
35:06तो फिर मैं बैकनिंग स्टार्ट कर दो
35:08अरे इतनी जल्ली क्यों है जाने की
35:11मताओ
35:13मैं मामा की तरह नहीं बनना चाहती
35:15हर वक बुराई
35:18लेकिन वो हमारी मा आया
35:20वैसे वो है कहा
35:21जब से घर में बड़ी मामी आयी है
35:23ममा रुपती ही नहीं है
35:25कभी वहाँ कभी आ
35:28अभी भी पता नहीं कहा गई नहीं है
35:32रक्षी की घर गई होंगे
35:35हाँ उससे पढ़तिया पढ़ाना है
35:38ऐसे मत देखो भाई
35:40सच कहरी हूँ
35:41पता इस दिन ममा रक्षी से क्या कह रही थी
35:44कि अपने शोहर को छोड़के हमारे पास आ जो
35:47क्या?
35:49तुम्हें पता भी है तुम क्या कह रही हूँ
35:51भाई आपको मामा का नहीं पता है
35:54मैं रक्षी से बात करता हूँ
36:04उसका फोन आफ है
36:06तो बाद में कर ले
36:07कौन से वो कहीं जा रही है

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