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Supreme Court on Waqf Law: वक्फ कानून (Waqf Law) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दूसरे दिन बुधवार 21 मई को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (Tushar Mehta) और कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) में तीखी नोंक-झोंक (Tushar Mehta vs Kapil Sibal on Waqf Law) देखने को मिली.

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00:00वक्त कानून पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
00:03सॉलिसिटर जनरल तुशार महता और कपिल सिब्बल में तीखी नोग जो
00:08तुशार महता ने कैसी कैसी दलीलें दी
00:12वक्त कानून को लेकर घमासान लगातार जारी है
00:15मामला सुपरिम कोट में है और सुनवाई जारी है
00:19वक गानून के खिलाब कोट में कई आजकायें लगाई गई हैं
00:22जिसको लेकर सुपरिम कोट में बुधवार को दूफरे दिन की सुनवाई हुई
00:26इस दोरान सॉलिसिटर जनरल तुशार महता और वरिष्टिक वकील कपिल सिबल के बीच तीखी नोग छोग देखने को मिली
00:34सुनवाई के दोरान सॉलिसिटर जनरल ने सरकार का पक्षरते हुए एक बड़ी बात कही कि आज का करता पूरे मुसलिम समुदाय का प्रतिनिधित्त नहीं करते हैं
00:44साथी महता ने ये भी तर्ग दिया कि कानून को लेकर विशेश रूप से जूटी कहानिया फैलाई जा रही हैं
00:49इस वीडियो में जानेंगे कि आखिर सुलिसिटर जनरल तुशार महता ने सुनवाई के दोरान कौन-कौन सी दली ले दी हैं
00:58सजी तुशार महता ने अदालत को बताया कि 1923, 1954 और 1995 के वक्प अधनियमों में इस पश्ट रूप से ये प्रावधान था कि कोई भी वक्ती वक्प संपत्ती का पंजीकरन करा सकता है
01:17लेकिन इसके लिए किसी दस्तावेज की अनिवारता नहीं थी
01:21लेकिन अब या जूट फेलाया जा रहा है कि अब संपत्ती के दस्तावेज देने होंगे या वक्त पर जबरन कब जा हो जाएगा
01:28परामर्ष के बाद बना है कानून
01:31SG तुशार महता ने अदालत को ये भी बताया कि 97 लाग से अधिक लोगों से सुझाव पराप्त हुए
01:37और कई स्तरों पर मेटिंग्स आयूजित की गई
01:40जिनमें इन शंशोधनों पर विस्तार से चर्चा हुई
01:43इतना ही नहीं SG ने कोर्ट को ये भी बताया कि इस विशय पर कई राज सरकारों से भी परामर्ष की गई है
01:49कई वक्ट बोर्ड से परामर्ष किया गया
01:52जेपीसी ने हर खंड में दर्ज किया है कि वक्ट बोर्ड किस खंड से सहमत है या नहीं है
01:58विस्तरुत रिपोर्ट तयार किये गई कुछ सुझाओ स्युकार किये गए या स्युकार नहीं किये गए
02:03जब धाराओं में संशोधन के लिए सुझाओ दिये गए तो विधेयक को पेश किया गया और अभूत बुरुब भाहुमत से पारित किया गया
02:10कानून संतुलन बनाने की कोशिश है
02:13HD थुशार महता ने कोर्ट में कानून को लेकर तर्क दिया कि वक्त कांशन शोधन अधनियम को लेकर जूटी कहानिया फैलाई जा रही है
02:21जैसे कि सामोही कबजे या दस्तावेजों की अनिवारता
02:25उन्हेंने कहा कि राज 140 करून नागरिकों की ओर से सारुजनिक संपत्यों का संरख्षक है
02:31ये सरकार की जिम्यदारी है कि किसी भी धार्मिक संस्था को गैर कानूनी लाब ना मिले
02:36और सारुजनिक संसाधनों का दुरुपियोग रोका जाए
02:39ये कानून संतुलन बनाने की कोशिश है ना की हस्त छेप करना
02:44इसके लावा सुनवाई के दुरन कोर्ट में सरकार का पक्ष रखते हुए खातों का वार्शिक विवरंड और आडिट को लेकर भी महता ने दली ले दी
02:52स्जी महता ने कहा कि सरकार ने 1923 से चली आरही बुराई को खत्म करने का काम किया है
02:58महता ने बताया कि वक्ष की परदर्शिता सुनश्चित करने के लिए 1930 के कानून में ही वैधनिक आडिट की विवस्था कर दी गई थी
03:06मुतवल्ली को हर साल वक्ष की संपत्ती और आय का पूरा विवरण देना होता था
03:12बैराल वक्ष कानून की समय धानिकता को लेकर अभी दलीले जारी हैं
03:16और देखना होगा कि आगे सुनवाई में मामले में और क्या कुछ सामने आता है
03:20कोर्ट आगे क्या कुछ रुख अपनाती है और इसकी समय धानिकता को लेकर क्या कुछ फैंसला देती है
03:27बैराल इस वीडियो में इतना ही बाकी के अपडेट्स के लिए जुड़े रहे हैं वन इंडिया हिंदी के साथ
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