00:00कर दो अब कर दोुआ है
00:30जब बंचस भर भिवान ऐसे भाद पिर वड़ अ जबार, जब जब खोड़ेश़ में किसा बड़र सुखरियर
00:39अब आरेक के मन में यही होता है कि दिख चुएं जैसे रहें तो चुएं ही बोलते हैं यह चुएं नहीं हैं
01:05काबा हैं करणी जी के ही वनशज हैं करणी जी के पुत्र हैं और जो करणी माता ने साधी की थी न जिस समय है तो उस समय करणी माता ने अपने पती को राष्टे में दुर्गा का रूप दिखा के उनको बोला था कि आप ऐसा करो कि मैंने तो साधी करनी थी सिर्फ और आप मेर
01:35बढ़कों में से एक लाखन जी थे, सबसे छोटे थे, वो कोलाई तिस्नान करने के लिए गए थे और स्वरोवर में डूब के एकसपाइर हो गए थे, उनकी डेथ हो गए थी, तो करणी जी की जो पुत्र वदू थी, उन लाखन जी की धरम पत्नी, उन्होंने करणी जी को उल
02:05जा करके, और दर्मराज से जा करके मिले और दर्रमराज को बोला, भाई, मैं अपना पुत्र लेने के लिए आई हूँ, और
02:12इस परकार दर्मराज जी ने बोला कि माता जी यहां तो ऐसा कोई विधानी नहीं है जो यहां आदमी हमारे यहां आया है दर्मराज के पास और वो वापस जाए तो करणी जी निगा भई मैं तो अपने पुत्र को ले करके जाऊंगी करणी जी अपने पुत्र लाखन को जिं�
02:42काबों के रूप में जनम लेते हैं इन में खतम होते हैं तो फिर परिवार में ही जनम लेते हैं
03:12अब सामये जती हैं अब अपने घर में एक चूई को पाल लेते हैं खाना खिलाते हैं तो कितना फैट हो जाता है या मरने के बाद कोई पैले परदान
03:21हो जाता है या कोई फैट नहीं है कोई बद्वू नहीं है कोई डिजीज नहीं कोई महामारी नहीं है और वाइट काबा जो हमारे में
03:27से जो अच्छा करम करता है उसे देखना सुप माना जाता है वो वाइट काबा बनता है बिलकुल बार देखिए भारत के भारत के
03:34मतलब पहले परदान मंत्रिये जो मा करणी जी के दसनार ततु पदार रहे हैं उनका बहुत बहुत धन्यवाद ओपरेशन सिंदूर और मोदी जी की रणनिती और देश की आन, मान, شान भारत के यसरश्वी परदान मंत्री नरेंदर मोदी जी का हारदी का भार और यहां एक र
04:04मा करनी जी के दर्शन भी करेंगे।
04:34यहां से दर्शन करने के बाद पास में पलाना गाउं में वहाँ एक बहुत बड़ा जन्सभा का योजन विकानेर में मेरे शाब से उप्रेशन सिंदूर के बाद पहली बार रखा गया है।
05:04बड़ी जन्सभा का योजन्द मेरे साब से रखा गया है।
05:06और हमार लिए बड़ी सोबागे के बात है।
05:08अजसआ योजन न्नका का सके अवें गुछ योजन्सब्स
05:12ोच्य करनेरश लिए
05:14झाल ज
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