भारत ने पाकिस्तान (India-Pakistan ) के खिलाफ एक और बड़ी कूटनीतिक स्ट्राइक की शुरुआत कर दी है। ऑपरेशन सिंदूर (Opration Sindoor ) के बाद अब भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को आतंकवाद के समर्थन और सीमा पार आतंकी गतिविधियों को लेकर बेनकाब करने में जुट गया है। इसी रणनीति के तहत आज भारत के दो महत्वपूर्ण प्रतिनिधिमंडल विदेश रवाना हुए हैं—एक प्रतिनिधिमंडल संजय झा (Sanjay Jha ) के नेतृत्व में जापान (Japan ) गया है, जबकि दूसरा श्रीकांत शिंदे (Shrikant Shinde ) के नेतृत्व में UAE के लिए रवाना हुआ। वहीं दूसरी तरफ देश में कांग्रेस (Congress ) और बीजेपी (BJP ) के बीच पोस्टर वॉर छिड़ी हुई है...साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयना पर भी बवाल मचा हुआ है...
#OperationSindoor #IndianArmy #MirJafarRow #CongressVsBJP #SindoorKaSaudagar #PosterPolitics #Operation Sindoor
~PR.338~ED.104~HT.410~GR.124~
#OperationSindoor #IndianArmy #MirJafarRow #CongressVsBJP #SindoorKaSaudagar #PosterPolitics #Operation Sindoor
~PR.338~ED.104~HT.410~GR.124~
Category
🗞
NewsTranscript
00:00आज ये स्पस्ट हो गया कि हापी देश से आन्तकी राहूल गांधी को अपना पसंदीदा नेता क्यों कहते हैं।
00:07पहले राहूल गांधी और अब खड़गे जी के बयान के बाद।
00:11आज ये स्पस्ट हो गया कि हापी देश से आन्तकी राहूल गांधी को अपना पसंदीदा नेता क्यों कहते हैं।
00:19पहले राहूल गांधी और अब खड़गे जी के बयान के बाद।
00:22एक बाद हो साप हो गयी है, ये एक सुभिचारित भारत विरोधी और पाकिस्तान को ओक्सीजन देने वाली विचार धारा से पोशित होकर आने वाले बयानों की संखलाजी।
00:33पहले राहूल गांधी के आतंकवादी कहां हैं।
00:36जो देश का वासी है उसी के कुण में देश बक्ती हो सकती है।
00:39जो एलियन हैं, राहूल गांधी जी के माता जी सोनिया गांधी जी तो इस देश से है ही नहीं है।
00:45देश के LOP हैं, जिस तरीके से देश के प्रधानमंत्री को सम्मान मिलता है, वैसे ही देश के LOP को मिलता है, चाहे वो राजव सभा के हो और लोग सभा के हो।
00:52एक BJP IT Cell के चीफ है अमित मालविया, एक देश के विडेश मंतरी है S.J. शंकर, विपक्स परतीपक सब एक था और कारवय की मांग कर रहे थे।
01:01इतने शर्म की बात है कि तब इन्होंने अपनी घटिया राजनिती का छेरा दिखाया।
01:05जब विश्वनात प्रताप सिंग की भाजपा समर्थन सर्थ की सरकार थी खेंदर में तब उन्हें निशाने पाकिस्तान मिला, फोटों में दिखा, देख लीजेगा गूगल पर।
01:13निशाने पाकिस्तान एक और आदमी को मिलना चाहिए, जो बिना बुलाये बिर्यानी खाने चले गए नवाश मिया नवाश शरीफ क्या, उनको भी मिलना चाहिए, हो सकता है मिल जाए।
01:21और आज इस विश्वार से बात करने के लिए इस वक्त हमारे साथ खास मेंवारों का पैनल मौझूद है, BJP से डॉक्टर ममता त्यांगी हमारे साथ चुड़ रही है, Congress Party से, सुधाता पॉल जी हमारे साथ आ गई है,
01:29सीने ज़र्नलिस तुलसिलास बॉर्डिया जी हमारे साथ है और विदेश फांबलों के एक्सपर्ट, विदेश नीती को सब रहने वाले प्रोफेसर स्डी मुनी, आज इस चर्चा में हमारे साथ चुड़ रहे हैं, आप सभी का स्वागत है, सबसे पहले यहां पर मैं शुर
01:59हम सुन रहे हैं, मीर जाफर बोला जा रहा है, आप प्रधान मंतरी की फोटो भी आ गई है, जहाँ नवाश शरीद का आदा चेहरा प्रधान मंतरी डायंद्र मोडीवा, तो यह पोस्टर वार की जो एक शर्मनाक स्थिति इस वग बीजेपी और कॉंग्रेस के बीच दिखा
02:29हमें पाकिस्तान की खिलाब एक साथ खड़े होना है, ना कि एक दूसरे की खिलाब
02:33नहीं, आप ठीक करेंगे, इसका असर बाहर पर ठीक नहीं होगा, जो लोग देख रहे हैं उनको अचंबा लग रहा होगा कि किस तरसे ये विवाद देश में शुरू हो गया है, लेकिन ऐसे हर किसी मामने में मैं समझता हूँ कि आपको ये इंवेस्टिकेशन करना �
03:03हम लोग पैनल डिसकर्शन्स में भी पूछते हैं, और सरकार से सवाल पूछने का मतलब ये नहीं है, कि या तो हम लोग पाकिस्तान की सपोर्ट कर रहे हैं,
03:13या सरकार के खिलाफत कर रहे हैं, एक आम बात होती है जिसमें इंसान चाहता है, उस सारी समझ्या को सारे मसले को समझने की कोशिश करता है, और इसलिए सवाल उठते हैं, तो मैं किसी को दोश नहीं देता हूँ, अगर आप उसका अलोचना करना चाहती हैं,
03:33या उसका विश्वेशन करना चाहते हैं, तो हमको इस वात में जाना चाहिए, इस सरे की बात शुरू ही नहीं करनी चाहिए, और मैं बिल्कुल मानता हूँ कि दोनों पक्षों को मैचॉरिटिस से काम देना चाहिए.
03:45बर सर आप ये मान रहे हैं कि जो सांसद हमारे डेलिगेशन विदेश जा रहे हैं, जिनको उपर ये जिम्मदारी है कि उनको भारत का पक्ष रखना है, क्या आपको लगता नहीं कि इससे भारत का पक्ष कमजोर हो रहा है, जो देश के बीटर जो ये हालात पैदा हो रहे है
04:15प्रोफेसर अली खान को लेकर उसमें बकाईदा आर्टिकल छपे हैं, जिसमें ये लिखा है हेडलाइन, मैं अभी स्क्रीन पर भी हम फ्लाश करेंगे, जिसमें वो ये बात कह रहे हैं कि सरकार का विरोध करने के कारण या सरकार पर आलोचनातमक एक पोस्ट लिखने के कार
04:45नहीं बता पाईं, एक शब्द नहीं कोड करपाईं कि ये आपती जनाक हैं, मुझे ये बताईंगे, जो डेलिगेशन विदेश गया है, वो क्या मूँ दिखाएगा विदेश में, कैसे अपनी बात रखेगा, और क्या सरकार ये समझने में नाकाम है कि डेलिगेशन बात क
05:15रखेगा तो पहले गाँगाँ के बाद में बाला कोड सर्जिकल स्ट्राइक,
05:17जो सेनानी की थी, उसपर कौन पार्टी थी,
05:19जो सभूत मांग रही थी, वो इससे
05:21पहली की शुरुवात थी, पहला स्टैप तो
05:23तभी लिया जा चूका था, जब
05:25पहले गाँगाँ के बाद में बाला कोड स्ट्राइक,
05:27पुलवामा के बाद में बाला कोड सर्जिकल
05:29स्ट्राइक के ओपनली सभूत मांगे गए,
05:31और 2024 से पहले,
05:33इलेक्शन से पहले, राहुल गांधी ने ओपनली
05:35कितनी ही, अपने चुनाव सभाव में
05:37ही कहा था कि जम्हू काश्मीन में
05:39अब आर्मी के उपर अटैक बढ़ जाएंगे,
05:41अब सिविलिस के उपर अटैक बढ़ जाएंगे,
05:43तो कॉंग्रेस का जो चरित रहा है,
05:45वो इस तरह से रहा है,
05:47कि आपको कॉषियन मार्क लगाना है,
05:49आर्मी अगर कोई भी कारे कर रहे है,
05:51तो वो पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
05:53आर्मी के अगर जीत का भाजपा
05:55डिक्लायर कर रहे है,
05:57तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
05:59उसका किसी पार्टी को फायदा नहीं हो जाए,
06:01तो ये अल्टिमेटली,
06:19आर्मी के अगर जीत का भाजपा
06:21डिक्लायर कर रहे है,
06:23तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
06:25तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
06:27तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
06:29तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
06:31तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
06:33तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
06:35तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
06:37तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
06:39तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
06:41तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
06:43तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
06:45तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
06:47तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
06:49तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
06:51तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
06:53तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
06:55तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
06:57तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
06:59तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:01तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:03तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:05तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:07तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:09तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:11तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:13तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:15तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:17तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:19तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:21तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:23तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:25तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:27तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:29तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:31तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:33तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:35तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:37तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:39तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:41तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:43तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:45तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:47तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:49तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:51तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:53तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:55तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:57तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
07:59तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
08:01तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
08:03तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
08:05तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
08:07तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
08:09तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
08:11तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
08:13तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
08:15तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
08:17तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
08:19तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटिएट है,
08:21तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटियेट है,
08:23तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटियेट है,
08:25तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटियेट है,
08:27तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटियेट है,
08:29तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटियेट है,
08:31तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटियेट है,
08:33तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटियेट है,
08:35तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटियेट है,
08:37तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटियेट है,
08:39तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटियेट है,
08:41तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटियेट है,
08:43तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटियेट है,
08:45तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटियेट है,
08:47तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटियेट है,
08:49तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटियेट है,
08:51तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटियेट है,
08:53तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटियेट है,
08:55तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटियेट है,
08:57तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटियेट है,
08:59तो वो भी पॉलिटिकल मोटिवेटियेट है,
09:01तो मैंम नेरेक्टिव किसका मजबूत हो रहा है?
09:03क्या राहूल जी इस वारे में सोचते हैं कभी?
09:05सबसे पहले मैं ये जरूर कहना चाहूँगी
09:09कि भारतिय जंता पार्टी ने जिस चीज की शुरुआत करी है,
09:13वो बेहत निंदनी और भर्चनी हैं.
09:15जहां तक राहूल गांदी जी का सवाल है,
09:17तो सबसे पहले राहूल गांदी जी थे
09:19और मलिक अरजन खड़गे जी,
09:21जेन हो ने पहलगाम की घटना के बाद
09:23ये बिल्कुल स्पश्ट कर दिया था
09:25कि जो भी सरकार करेगी,
09:27हम सरकार के साथ मच्चिती से खड़े हैं.
09:29जब ओल पार्टी मीट में
09:31प्रदान मंतरी नहीं आये,
09:33हमने स्तवाल जरूर उठाया,
09:35मगर हमने इसका मुद्धा नहीं बनाया.
09:37जब प्रदान मंतरी जी ने
09:39बिहार की राली में
09:41जिस तरह से उन्होंने
09:43मुस्कुराए, हसे, केरिल में जाकर,
09:45उन्होंने कहा कि
09:47विपक्षियों की नींत उड़ गई होगी,
09:49ये सब होने के बावजूद
09:51हमने कोई उस चीज को
09:53मुद्धा नहीं बनाया. मुद्धा किस ने बनाया?
09:56इधर Operation Sindoor शुरू हुआ
09:58और उधर
10:00अमित मालविया ने एक विडियो डाला
10:02जिसमें कहा कि UPA के समय में
10:04कुछ नहीं होता था
10:06और अब नरेंद्र मोदी जी की सरकार
10:08के समय में हो रहा है, यही पे
10:10सबसे बड़ा विरूदभास और जूट
10:13क्योंकि कारगिल से लेकर
10:15संसत पर हमला से लेकर
10:17पठान कोड उड़ी गलवान
10:19पुलबामा और अब पहलगाम
10:21और इसके अलाभा कश्मीवी पंडितों की
10:23टार्गिटेट किलिंज़र
10:25और जम्मू के इलाके में, जहां कभी नहीं ऐसा होता था
10:28मरीका जूट कारगिल का बयान भी तो वाइरल हो रहा है
10:30खड़गे सास का बयान भी वाइरल हो रहा है
10:32जिसमें वो कह रहे हैं कि पाकिस्तान के घिलाफ
10:34भारत की सेहने कारवाई को तो छिटपुट युद वो ने बताया है
10:36मैं बताया हूँ
10:38आपको याद होगा कि जब कारगिल हुआ तो हमने उसे युद माना
10:54लेकिन उसे अंतराश्टिय पटल पर आज तक
10:58LOC पर एक वाइलेशन माना गया युद नहीं मानेंगी
11:10वो हम भी मानते हैं लेकिन इस वग टेरर अटाक हुआ था
11:14तेररिस्ट के लाउंचिंग पैड़ पर अटाक किया गया था
11:18हम पाकिस्तान के साथ वार नहीं कर रहे है
11:22ये बात हमारी सरकार कह रही है
11:24हम तेरर लाउंचिंग पैड़ को उखाड़ है
11:27और आज बात आप कहनी है न उसमें तो पाकिस्तान मीडिया में
11:30इस वक्त अगर कोई वीडियो चल रहा है
11:32तो वो जैशंकर जी का है और उनका कुम मजाक उड़ाया जा रहा है
11:36तो सवार उनसे उठेंगे ही
11:38अगर पार्टी को फायदा हो रहा है तो वो क्यों न उठाए उसे
12:05आप बात को गलत इंट्रेक्ट कर रहे हैं
12:07मिनाक्शी जी बात को गलत कर रहे है
12:09नहीं नहीं ठीक है मैं आपको टाइम दूँगी
12:11बोयते जी का पहले मुझे एक रियाक्शन देने दिजीए
12:13सर विदेश में डेलिगेशन जो जाएगा
12:15मैं थीन पॉइंट को भी अगर हाइलाइट करूँ
12:17पॉइंट वन विजेशा कहते हैं
12:19कि उनकी अपनी बेहन को भेच कर
12:21हमने उनको मेसेज दे दिया
12:23उनके समाज की बेहन उनके बीच गई
12:25कर्णल सोफिया कुरैशी के लिए यह शब्द है
12:27बेहस शर्मनाक शब्द है
12:29मैं बोलना भी नहीं चाहती
12:31लेकिन देश को पता होना चाहिए
12:33दोहरा चरिक्टर दिखाई देना चाहिए
12:35महमूद अली ग्रिव्तार हो जाते है
12:37महमूद प्रोफेसर और
12:39अरेस्ट हो जाते हैं कि उनकी पोस्ट
12:41आपती जनक है
12:43तीसरी बड़ी बात जो पोस्टर में
12:45हमको इस वग दिखाई दे रहा है
12:47क्योंकि रुक नहीं रही है यह बाते
12:49एक बाद एक बाद एक इस पर एक तरफ से
12:51पोस्टर आ रहा है दूसरी तरफ से पोस्टर नया रिलीज हो रहा है
12:53सर अगर आपस में उलजे रहेंगे
12:55या आपस में ही ये सब चलती रहेंगे
12:57और यही बाते हैं
12:59मुझे तो रखता है पाकिस्तान एक पूरा डॉजियर
13:01ये जो देश में चल रहा है इस वग
13:03उस पर तयार करके विदेशों में सौप देंगे
13:05विदेशी अकबार भी इस चीज़ को पिक तो करेंगे ही न
13:07प्रोफेसर खान के लिए तो ये तक कहा जा रहा है
13:09कि मुस्लिम होने की वज़े से उन पर ये एक्शन ले लिया गया है
13:11ये नैरेक्टिव भी चल रहा है
13:13ये नैरेक्टिव भी चल रहा है और जब आप अपने
13:15डेलिगेशन को अरब देशों में बेजेंगे
13:17मुस्लिम देशों में जब आप बेजेंगे
13:19और बहाँ पर जब ये नैरेक्टिव भी साथ में
13:21रिपोर्ट होगा तो क्या इस चीज़ की चिंता
13:23आपको कहीं पर दिखाई दे रही है एक
13:25कंसर्ण के रूप में सरकार के बीधर
13:27बिल्कुल दिखाई नहीं दे रही है
13:29मिनक्षी जी आपने जो मुद्धे उठा है
13:31जो बाते बता ही और सच मुझ शर्मनाक
13:33से भी शर्मनाक भी बहुत ही सोम्बे
13:35शब्द होगा इन लोगों के हरकते
13:37बया करने के लिए
13:39विजेशाह जैसा मंत्री कुमर विजेशाह
13:41अधिवर्सियों का नेटा
13:43लेकिन जिस तरह की बकवास उन्होंने
13:45हमारे कर्नल सुफिया कुरेशी
13:47के बारे में की तुरंत उन्हें
13:49अंदर कर देना चाहिए था और मंत्री पक्से
13:51नहीं भाचपा से बरकास कर देना चाहिए था
13:53लेकिन दुरभाज्य देखिए आगे जाकर
13:55उनके उपमुख्यम्तरी भी वही बकवास
13:57करते हैं हमारे सेना दल को
13:59हमारे नेटाओं के चर्णों में समर्पित
14:01करने के बात करते हैं एक नहीं दो नहीं
14:03बार बार इस दर के बाते आती है
14:05और एक प्रोपेसर जो
14:07किक सोचल चायद
14:09मुझे ऐसा लगता है कि जो
14:11उस प्रोपेसर के खिलाब जिन्नों ने अपराद
14:13दर्ज किया वो साक्षर भी नहीं है
14:15उनके लिए तो अभियांच चलाना चाहिए
14:17साक्षर तक का क्योंकि अगर वो
14:19पोस्ट को पढ़ते थो उनको पता चलता
14:21कि प्रोपेसर साहब ने असल में
14:23भारत के हक में लिकाता
14:25हो सकता है वो भाजपा
14:27के हक में नहीं लगा हो दुर्बागे
14:30हम लोग हमारे पार्टी
14:32से याने हम लोग
14:34भारत बड़ा है भाजपा नहीं
14:36भारत बड़ा है कॉंग्रेस नहीं
14:38भारत बड़ा है और कोई भी दल
14:40नहीं हो सकता इस मांसिक्ता
14:42को क्यों नहीं हमारे अंदर लाते
14:44देखें यह जो सांसदों के
14:47पंडल भेजे गये न अच्छी बात है
14:49क्योंकि कॉंग्रेस के शासन काल में भी हुआ था
14:51वाजपयी जी ने हमारे देश का पक्ष रखा था
14:53इस सब हमारे देश का देश
14:55एक अनूठी मिसाल
14:57विश्व सर पर प्रस्तूत करता है
14:59लेकिन अब जो मुद्दे
15:02क्योंकि हम बताना चाहते है
15:04आतंगवात के खिलाब एक साजा कारेकरम हो
15:06एक साजा सूरव हो
15:08और हम लोग क्या कर रहे हैं
15:10जब कोमर विजेशाई इस तरह के बकवास करते है
15:12एक तरह से
15:14एक वैच्चारिक आतंगवात नहीं है
15:17जब हम हमारे प्रोपेसर साहब को
15:19इस तरह से आरोप करके
15:21उनके खिलाब करते हैं
15:27बिल्कुल जा रहे है देखिए
15:29क्या जंटने पास को इस डिफरेंस को
15:31अबसर्फ कर रहे है
15:33या सिर्फ सेना के शौर्य है
15:35और ओपरेशन सिंदूर का
15:37इस समय उसको लेकर जितने
15:39बाते हो रही है
15:41कैसे सेना ने इस अपरेशन को
15:43अंजाम दिया और
15:45उस सब आगरण के नीचे
15:47ये बातें क्या छिपती जा रही है
15:49मिनक्षिप जी अगर
15:51आम भार्तियों के बात करें
15:53लोग के बीच में जब भात करते हैं
15:55चाहे लोकल ट्रेन में हो
15:57या कहीं चाय के अड्डे पे हो
15:59जब बात करते हैं तो क्या पता चलता है
16:01जिस तरसे 2019 में
16:03पुलवामा के समय माहोल था
16:05एक तरफा माहोल था
16:07लोग दिखे
16:09इसे मामलों में सेना दलों के साथ
16:11हर भारतिया होता ही है
16:13कुछ अपवाद गत्तार हो सकते है
16:15वो तो हर जगह होते है
16:17लेकिन इसी साल के extension के लिए
16:19प्रोफेसर मुनी का रुक करूंगी
16:21आती हूं बोल्टे जी
16:23प्रोफेसर मुनी एक बड़ी
16:25बारीक सी लकीर है सर
16:27आप इसे बहतर explain कर सकते हैं
16:29देश में एक ऐसी स्थिती क्यों बन गई है
16:31सर कि अगर सवाल पूछो
16:33तो वो सवाल सरकार के
16:35खिलाफ है या सेना के खिलाफ
16:37है देश के खिलाफ है
16:39ये परंपरा कैसे स्थापित हो गई कि अगर
16:41आप कोई सवाल पूछ रहे हैं
16:43BJP शासित केंदर सरकार से पूछा जा रहा है
16:45तो वो देश के खिलाफ
16:47वाली कैटिगरी में कैसे आ रहा है
16:49दुरबाग्य की बात है
16:51कि ऐसा हुआ है
16:53ये क्यों बना है ये करने वालों
16:55से पूछे कि उनकी नियत क्या है
16:57लेकिन मुझे लगता है कि
16:59सारा आंतरिक राजनीती को लेके
17:01मामला चल रहा है
17:03जब हर बात को चाहे वो सेना का
17:05सोर्य हो चाहे वो और कोई बात हो
17:07उसको राजनीती में भुनाने
17:09की बात चलती है और जब आप
17:11राजनीती में भुनाएंगे जिस तरह से
17:13कि बालाखोड को भुनाय गया
17:15था उस तरह से हर बात को
17:17अगर आप सैनिकों की
17:19सोर्य को सूर्वीर्था को
17:21देश की रख्षक को
17:23केवल सरकार की उपलबदी मानेंगे
17:25और सरकार ही नहीं रूलिंग
17:27पार्टी की उब्दव उपलबदी मानेंगे
17:29तो ये समस्या होगी
17:31बात से पहले हुआ नहीं
17:331971 में मिसिस गांधी ने
17:35पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिये
17:3713,000 लोगों को कैदी बना के
17:39ले आएं वो वहाँ पर
17:41लेकिन वो राजनिती में नहीं शुरु हुआ ये मसला
17:43ये सिरफ कॉंग्रेस की जीत है
17:45वो उसको सारे देश की
17:47जीत मानी गई तो हमें भी आज
17:49ये मानना चाहिए और दूसरी बात
17:51जो
17:53सवाल उठते हैं किसी भी
17:55मामले को लेकर किसी भी
17:57पहलू को लेकर जैसे 2008 में
17:59सवाल उठा है कि हमने वापस हमला
18:01क्यों नहीं किया ये सवाल पूछने
18:03का जनता को हक है लेकिन
18:052008 में भी हमने डेलिकेशन्स भेजे थे
18:07मैं भोईते साहब से
18:09कहना चाहता हूँ कि
18:11बनमौन सिंग के वकत भी ये डेलिकेशन्स
18:13बाहर गए थे लोगों को समझाने
18:15के लिए कि किस तरह से पाकिस्तान
18:17टेररिजम का इस्तेमाल कर रहा है
18:19और लगातार उसको बराबर ढंग से कर रहा है
18:22तो इसलिए ये राजनिती को
18:24हर चीज में ले आना चाहे वो
18:26बिजनस हो चाहे वो
18:28फ़ोंज का पेस रख्षा का पिसला हो ठीक नहीं है
18:30प्रोफेसर मुनी इस पर एक रियाक्शिन
18:32मैं बीजेपी से ले रही हूँ फिर मैं दुबारा आपकी पास आ रही हूँ
18:34क्योंकि मुझे बालूं मैं आप साड़े पांच बजे तक ही अमारे साथ है
18:36सर फ्लीज थोड़ा सा रुख येगा
18:38मैं एक रियाक्शिन ले रही हूँ बस डॉक्टर त्यागी से
19:02मैं बीजेपी से ले रही हूँ फिर मैं दुबारा आपकी पास आ रही हूँ
19:04क्योंकि मुझे बालूं मैं दुबारा आपकी पास आ रही हूँ
19:06सर फ्लीज थोड़ा सा रुख येगा
19:08मैं एक रियाक्शिन ले रही हूँ बस डॉक्टर त्यागी से
19:10फोटो अपरेशन सिंदूर का चपकर आ रहा है
19:14क्या ज़रूरत है इसकी
19:16मिनाक्षि जी किसी भी बात को कहने के हमेशा दो सिक्के हो सकते हैं
19:20कि जैसे किसी सिक्के के दो पहलों हैं
19:22अभी आप जो हम से कह रहे हैं
19:24कि आपने पोरी चीज़ों को पॉलिटिसाइस कर दिया
19:27सेना के पराकरम को पॉलिटिसाइस कर दिया
19:29ओपरेशन सिंदूर को पॉलिटिसाइस कर दिया
19:31आप इसका दूसर रूप लीजिए
19:32जब 1971 में या भाजपा कभी विपक्ष में होती थी
19:36भाजपा अपनी विपक्ष की जिम्मेधारी पूरी तरह निभाती थी
19:40को कभी भी देश ड्रोही बाते नहीं करती थी
19:43ये बात भी यहां सोचने लाइक है
19:46अटल बिहारी वाजपेइ नी किसी भी अंतराश्रे मुद्दे पर
19:50विपक्ष के बी उतनी ही जिम्मेधारी होती है जितनी सरकार पक्ष की
19:59और हमिशा तारिफ भी की जाती थी अगर सेनत जीती थी
20:02यहां पर विपक्ष ने अपनी जो राजनीती के वजह से
20:06अपना जो गरीमा का पतल किया है उसके वजह से इन चीजे आपको दिखती है
20:21क्योंकि कॉंगरेस नी हर बास सत्ता हरतलातन के लिए
20:24मतलब सीट्स के लिए अपनी जो राजनीती का पतल पहुचाया है
20:28उसके वजह से इस सारी जीजे आपको दिख रही है
20:30अगर वो आज भी यह सोचें कि हाँ मुझे ओपरेशन सिंदूर या सीना के उपर
20:35कोई कॉशिन नहीं करना बालर कोट स्ट्राइक में कोई कॉशिन नहीं करना
20:39यह मेरा कोई फर्स नहीं बनता यह मेरा कोई डोमेइन नहीं है
20:41तो अपनी आप आपको राजनीती का शुद्धी करण होता दिख जाएगा
20:45बोईते जी इस सवाल के साथ आपके पास आ रही हूँ सर
20:48हम यह देख रहे हैं कि पाकिस्तान में जेनरल मुनीर को
20:51फिल्ड मार्शल तक के पद पर आगे प्रमोट कर दिया गया है
20:54इस पर भी चर्चा चल रही है कि मतलब हारने का भी क्या इनाम दिया जाता है
20:57यह एक अलग देश है जिसकी अलग तरह की राजनीती चल दिया है
21:00इस पर हम अटाकिंग मोड पर बात करते या इस पर इस
21:04अच्छा प्रोफेसर मुनी है, सर अब अच्छा यह सवाल आप से ही चारी थी
21:07प्रोफेसर मुनी, आधिन जेनरल मुनीर को फिल्ड मार्शल के पद पर आगे प्रमोट किया जाना
21:14किस बात का इनाम मिला है उनको पहली बात तो और दूसरा इसके क्या माइने
21:18भारत-पाकिस्तान के रिष्टो पर आप आगे देख रहे हैं, जब सीज़-फायर अभी दिखाई दे रहा है
21:22लेकिन मोधी जी कहा चुके है कि यह सीज़-फायर सिर्फ एक पॉज है, पर्मणन्ट नहीं है
21:27देखिये उनको मुनीर को एलेवेश्ट करना भाँकी राजनिती का हिस्सा है, मुनीर ने पाकिस्तानियों को, अच्छा तोर से पाकिस्तान की सरकार को, शाबाज को और नवाज शरीफ को यह कन्विश्ट कर दिया है कि उन्होंने बहुत बड़ा काम किया है
21:45और ये इसका उसको भुनाना चाते हैं और मैं आपको बता दूं कि इनको आर्मी चीफ बनाने में भी नवाज शरीफ फैमिली का बहुत बड़ा हात है यहां तक कि मरियम का भी हात है लोग वहाँ के अगर आप पाकिस्तान के मेडिया तो देखें तो दुनिया भर की बातें
22:15आप से पहले आप आर्मी की थू थू हो रही थी वहाँ पर उनकी क्रैडिबिलिटी बहुत नीचे थी उस क्रैडिबिलिटी को अब उन्होंने
22:22कर दिया यह कहकर कि हमें तो कुछ खास हुआ नहीं है हमारे एक दो एरपोर्ट में कुछ खराबी हुई है वो हम ठीक कर देंगे और जो टेरिरिस्ट हब के मकानात हैं उन सब को उन्होंने बनाना भी शुरू कर दिया है वापस तो उन्होंने उसका राजनितिक फैस
22:52के अख्वारों में और जैनलिस्ट का यह मानना है कि हो सकता है कि कु भी हो जाये वहाँ पर अगर वहाँ उपोजिशन बढ़े
23:00क्योंकि मुनीर के बढ़ने से वो लोग खास तोर से इमरान की पार्टी के लोग समझते हैं कि उनको जाधा दबाया जाएगा क्योंकि उनका इमरान से बहुत पुराना जगडा है और दोनों में बनती नहीं है तो हो सकता है कि अंतरिक राजनिति में बहुत बड़ा परिव
23:30सकता है इसमें एक परिवर्टन हो जाएगा और तीसरी बात ये है कि अगर
23:33फोज का होसला वहां बुलंड किया जा रहा है तो उसका मतलब ये
23:37है कि हमारे उपर टेररिजम की तलवार अलग नहीं होई है उसका
23:42खत्रा भी बड़ा रहेगा और हमें उसके लिए सतक रहना पड़ेगा
23:45इसलिए ओपरेशन सिंदूर चालू है अच्छा है लेकिन उसका
23:50जवाब देने के लिए और मैं ये अपनी मेरी नीजी राय है मैं
23:53इसमें कि किसी को क्रिटिसाइज नहीं कर रहा हूँ लेकिन हम
23:56ने टेररिज्ट हब को तो नस्ट कर दिया लेकिन टेररिज्ट
24:00हब के पीछे जो बड़ी शक्ती है वहाँ की फोज वो ये
24:05समझ रही कि उनको नुखसान नहीं हो और जब तक उनको
24:08नुखसान नहीं होता उनको धूल नहीं चाटनी पड़ेगी
24:11जैसे कि सेवन्टी वन में चाटनी पड़ी तो वहां की
24:15राज्ञीती जो हमारे खिलाफ हो रही है उसमें मैं
24:18कोई बहुत बड़ा परिवर्टन नहीं देख रहा हूँ आप
24:22ने बड़ी डिटेल में सर यह बातें की हैं और इस पर
24:24रियाक्शन मम्ता जी से स्विता जी से दोनों से मैं
24:26लूंगी एक सवाल सर मेरा और है आप से जब हमने
24:29यह पूरा का पूरा सिच्वेशन देखा है विदेश
24:31मंतरी स जैशंकर का बयान इस वक्त हीट के
24:35दाइरे में हैं आर्गुमेंट के दाइरे में हैं उनका
24:37यह कहना कि हमने पाकिस्तान को इंफॉर्म किया था
24:39कि हम यह सैन्य अभ्यान यह सैन्य कारवाई
24:43करने वाले हैं राहूल गांदी बार-बार पूछ रहे
24:46हैं कि क्या आपने पाकिस्तान को इंफॉर्म किया
24:48किया कॉंगरेस पार्टी से पवंखेडा ने तो मुखबीरी
24:50शब्द तक का इस्तमाल किया जैचन्द उन्हें कह दिया
24:52गया है सर आप पॉरण पॉलिसी पॉरण अपेस को
24:55बड़े बहतर तरीके से समझते हैं सर मुझे यह
24:58बतायी है कि अगर जै जै शंकर जी ये बात कहे चुके
25:01हैं विदेश मंतराले उसका खंडन कर चुका है तो
25:04ये बात भारत में opposition के लिए खतम क्यों
25:07नहीं होती हम तो वही बात मानेंगे ना जो
25:09में यहां से कह रहे हैं तो ये बात क्यों नहीं
25:11हो जाती opposition के लिए point one और क्या राहूल
25:15गांदी जिस तरह से बार-बार इस बात को सवाल के
25:17रूप में रख रहे हैं आगे क्या ये भारत का
25:20stand कमजोर करता है किसी मामले में जो की
25:22BJP का एक strong logic है या एक strong argument है
25:26नहीं मैं ये मांता हूँ कि congress को इस तरफ
25:29को आगे खीचने की आवश्चक्ता नहीं है हाला
25:32कि मैं ये भी मांता हूँ कि डॉक्टर जैशंकर को
25:35भी ये उनको चेताने की जरूरत भी नहीं थे
25:37क्योंकि उन्होंने जब terrorism का attack हमारे
25:40उपर किया पहल गाँ में तो हमें कोई चेतावनी
25:43नहीं दिगई और जो कारगिल के वकत में उन्होंने
25:46काम किया हमको कोई चेतावनी दिना नहीं दिगई
25:48इसलिए हमें उसे चेतावनी नहीं देनी चाहिए
25:51थी Diplomatically मैं मांता हूँ कि चेतावनी इसलिए
25:54दिगई कि सारा अंतरराष्ट ये दबाव हमारे
25:56पर था कि हम इसको एसकेलेट नहीं करें और इसलिए हम
26:00उनको ये बताना चाहते थे कि देखिए हमने सिरफ
26:03टेरेरिजम के हब्स को एटेक किया है इसलिए आप
26:06इसको वार को एक्स्टेंड नहीं करें एसकेलेट नहीं
26:09करें लेकिन इसकेलेट नहीं था नहीं नहीं इसकेलेट उनको
26:13इसके लिए पाकिस्तान को इसके उपर रिटेलियेट नहीं
26:34करना चाहिए ये इरादा था कि उसको सीमा में रखा
26:38जाएं जो जो लड़ाई इस तरह से बड़ी है वो नहीं
26:42बड़नी चाहिए थी इरादा ये था लिकिन उसकी आवश्चक्ता
26:45नहीं था मैं ये मानता हूँ कि उसके कोई जरूरत
26:47नहीं थी कि पाकिस्तान को हम सचेट करते आप उसको
26:51बंद कर देते और उसके बाद आप पब्लिक ओपिनियन
26:54यहाँ पर हिंदुस्तान में एक प्रेस कॉंट्रेंस बुला
26:56के बोल देते कि हमारा इरादा बढ़ाने का नहीं है
26:59हमारा इरादा सिरफ यहीं तक रोखने का है पाकिस्तान
27:02के डी-जी-ऐमो को बताने की कोई आवश्चक्ता नहीं
27:05है और कॉंट्रेंस को अब इसे स्ट्रेच नहीं करना चाहिए
27:09यह भी मैं बिल्कुल मानता हूँ. ठीक है थांक्यूबेरी
27:13मच सर यह आपके थांक्स यहाँ पर शेयर करने के
27:16लिए और विचार यहाँ पर रखने के लिए सुझाता जी
27:18आपका रियाक्शन लूंगी इस पर. देखे जो फारण
27:21अफैर्स को जो लोग समझते हैं ना बड़ी
27:22क्लियर कट वो कह रहे हैं कि कॉंग्रेस पार्टी
27:24को इसे खीचने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि यह
27:27देश को नुखसान पहुचाने वाले सवाल है
27:31तब जब विदेश मंतराले क्लियर कर चुका है इस
27:33पर अपना स्टैंड क्यों नहीं कॉंग्रेस पार्टी
27:36इस बात पर अब अपना टोन डाउन करती हो और
27:38इसकी इसको समझती देखे सबसे बड़ी
27:40जिम्मेदारी तो सरकार की होती है कि सरकार
27:43हर चीज को ढंग से करे और सबको साथ
27:46लेके चले लेकिन पहली बात सरकार सबको
27:49साथ लेके चलना चाहती नहीं क्योंकि इनको
27:51केवल और केवल चुनावी फायदा दिख रहा है हम
27:54पहले दिन से सरकार के साथ है और मैंने कल
27:56भी आपके कारेकरम में कहा और हर कारेकरम में
27:59हम कह रहे हैं कि सेना का नाम तो बीच में
28:01लाया ही ना जाये राजनीती करन बिरकुल न
28:04किया जाये जो बात आज प्रोपेसर मुनी ने
28:06कही है आ नाइन्टीन सेवन्टी वान बॉर की
28:09कि उसका राजनीती करन नहीं हुआ यही बात मैं
28:12कल आपके कारेकरम में कहे चुके हुँ लेकिन अगर
28:14आप बात करती हैं जैशंकर जी की तो जैशंकर
28:17जी ने जो कहा है उसपर सवाल अवश्य इसलिए
28:20उठने चाहिए कि हमारे जो सिविलियन्स की मौते
28:23हुई है ना जो इस टेरर लॉंचिंग पैड़ पर अटाक
28:26करने के बाद जो वहाँ पर ले रहे होंगे जिने
28:29बचाना था पाकिस्तान को उनको बचाया उनों
28:32ने उसके बाद जब हमारे आहां उनकी फोज ने
28:35आकरमन किया तो आप मुझे बताईए उनों ने
28:37हमें किया कि हम अपने लोगों को हटाते
28:40वहाँ से इसलिए सबाल उठाने लाजमी है और
28:43वो हम उठाएंगे ही ओसामा बिन लादिन को जब
28:46मारा गया था तो क्या पाकिस्तान को बताया
28:48था अमेरिका ने तो अब ये क्या हो रहा है इसलिए
28:51सबाल किये जाएंगे और एक बात में ज़रूर कहूंगी
28:54जो भाजपा की प्रवक्ता भी कह रही थी आखरी मैं
28:56कह रही हूँ कि वो बार-बार कह रही है कि सेना
29:00के बारे में सेना पे विश्वास नहीं इनको याद रखना
29:03चाहिए इनका जन भी नहीं हुआ था जब 1971 का गौर
29:06हुआ या 65 का या 62 का तो ये क्या करते कर रहे हैं
29:09इन्ने पता-पता कुछ है नहीं तो सचाई ये है कि
29:12जो सेना होती है वो बहुती सैंक्टिफाइड होती है
29:16बहुती सैंक्रेड होती है उनके बारे में बोलने की
29:20हिम्मत भी नहीं करनी चाहिए राजनितिक पार्टियों
29:23को लेकिन लाइट विंग कोलर ने करनर सोप्या कुरेशी
29:26हो या विदेश सचे विक्रम मिस्री उनके साथ पड़ावार क्या
29:30विपक्ष अपने अंदाज में अपने आरोप और सवाल तो
29:34रखेगा लिकिन सरकार की जिम्मदारी बड़ी होती है
29:36क्योंकि देश ने आपको चुन कर गधी पर बिठाया है
29:40सत्ता सौपी है तो इसलिए आपकी जिम्मदारी घर के
29:43मुखिया होने के नाथे बड़ी हो जाती है और वो भी एक
29:45ऐसे वक्त में जब लड़ाई आतंकवाद की खिलाफ और
29:47पाकिस्तान जैसे देश की खिलाफ है मैं क्लोजिंग
29:50रिमार्क्स आप से लूगी अभी हाँ मिनाक्षी जी अपनी
29:53बात कहने से पहले अब मैं कुछ लाइने कहना चाहती हूँ
29:55जरा गौर से सुनिएगा जिनकी वजह से दुश्मनों के
29:58दुश्मनों के होसले बुलंध होते हैं वो कभी मीर जाफर
30:02या कभी जैचन्ध होते हैं उनका कोई भगवान या कोई
30:05रव नहीं होता आसीन के सापों का कोई मजहब या अपना वर्तन
30:09नहीं होता अभी मैंने आपके सामने भी जिकर किया था
30:13और विपक्षी पार्टी जो कॉंगेस के प्रवक्तां को
30:16कह रही हैं मैं मानती हूँ 1971 में मेरा जन नहीं हुआ
30:18था लेकिन मैं इतना भी पूरे भरोस और जंबिदारी से
30:22कह सकती हूँ कि हमेशा भाजपा जब विपक्ष में
30:24बैठी थी तो देश की सेना के साथ देश की पार्टी
30:27के साथ देश के सारे डिसीजन्स के साथ जो
30:30अंतराश्य नीती या विदेश नीती या सरकात
30:32सेना के regarding होते थे कभी उस पे प्रश्ण
30:35चिन नहीं लगाया जाता था आप चाहे कितना
30:38भी सर्च कर लीजे कोई भी एक कोट दिखा दीजे
30:41जिसमें वाजपेजी ने भाजपा के किसे भी
30:43व्यक्ति ने देश के सेना के या देश की
30:46राज़िति जो पार्टी है जो उस टाइम रूल कर
30:48रहे है उसके अगेंस्ट अंतराश्य मामलों पर कुछ
30:50बोला हो कोई भी बात बोली जाती है तो उससे
30:53पहले जिम्मदारी समझी जाती है कि वो किस
30:55समय बोली जा रहे है किस समय वो मुद्धा उठाया
30:57जा रहा है ये बात बहुत माइने रखती है अभी
31:01अगर हम बात करेंगी जो कोंग्रेस पार्टी
31:04बारबा कौशिन मैं कहती हूं कौशिन करें मैं
31:06मानती हूं कौशिन करना विपक्ष का एक अच्छे
31:08विपक्ष की जिम्मेदार है लेकिन उसका समय क्या
31:11होना चाहिए उस समय जब आप अंटराश्रे पतल पर
31:15ही अपने ही सरकार या सेना को कौशिन मार्क्या
31:18कट घरे में खड़ा कर देंगे तो अपने आपने गलक
31:21दूसरी बात एक चीज़ का मिनाक्शी बस और
31:23मिनाक्शी जी जवाब देना चाहूंगी जब सीना
31:26या कोई जब ये पहलगाव का अटेक हुआ इसके
31:29अगेंस्ट एक्शन नहीं हो रहा था तो चीज़े
31:31नॉर्मलाइस करने का एक ड्रामा भी किया
31:33जा सकता है मतलब आप समझते हैं कि हम अपने
31:36मोड में हैं सीना जब ज़ोरत लगेगी जब
31:38समय देखेगी जिस समय होगा उस समय स्ट्राइक
31:41करेगी और पाकिस्तान को सारे अंतराश्यों के
31:43पतल को ये बात अच्छे से पता थी कि जो भारत है
31:47वो स्ट्राइक करेगा फिर से सर्जिकल स्ट्राइक
31:49करेगा वो एर करेगा वो नेवी के थुरू करेगा
31:52कहा करेगा किसी को नहीं पता था तो इसमें
31:55कोई ऐसी बात ही नहीं थी कि स्ट्राइक नहीं
31:57होनी है तो जैशंकर जी की बात को तो कहीं
31:59से मुद्धा बनाने का कोई मतलब ही नहीं
32:01बनता था क्योंकि सब को बता था सर्जिकल स्ट्राइक होगी कैसे होगी कैसे नहीं
32:05वो समय बताएगा और एक चीज और बता दू 2016 में उरी पे
32:09अटेक हुआ उसके बदले अगेंस जो स्ट्राइक हुई वो इसमें हम
32:12पाकिस्तान में तीन किलो मेटर अंदर गए 2019 में पुलवामा के
32:16बाद तीस किलो मेटर अंदर गए और 2025 में पहल गाउं के बाद हम
32:19डेड़ सो किलो मेटर पाकिस्तान में अंदर गए ये बात भी
32:23बहुत माइने रखती है और इसके लिए मैं सेला को बधाई
32:26देती चीक है तुलसिराल बोर्टे जी आपने बीजेपी को
32:31भी सुना यहाँ पर और मेरा सवाल सर आब आपसे ये है देखे
32:34ये देखकर बड़ी हैरानी होती है कि जिसका सिक्र अभी
32:37प्रोफेसर मुनी ने भी किया कि बताने की जरूरत किस
32:41लेवल पर है और उसकी वजहें क्या है ये अलग विशे है और
32:46जब बात विदेशनीकी से जुड़ा है जब मामला
32:49इंटरनाशिनली आपको क्या मेसेजिंग करनी है इससे
32:52जुड़ा हुआ है तो ऐसे ऐसे वक्त में कम से कम आपको
32:55उस विशे की गहराई को समझना होगा ये जरूरी है आपको
32:59लगता है विपक्ष समझ रहा है उस गहराई को विपक्ष और
33:02सत्ता पक्ष दोनों के लिए कहुंगा कि विपक्ष के सत्तक
33:06राजनिती करनी चाहिए उस पे भी उन्होंने सोचना
33:09चाहिए जरूर लेकिन ये अपेक्षा सत्ता में बैटे
33:12हुए लोगों से भी है अगर एक मान लेते कि विदेश्ट
33:15मंतरी जी ने अगर कि स्टाटेजी के तहट पकिस्टान
33:18को इंफॉर्म किया और स्टाटेजी के तहट बात कर रहा हूं
33:20है मुझे ऐसा लगता है कि हमारे अपने देश के
33:25विपक्ष के जिम्मेदार नेताओं को लेने की भी तो
33:28आउशक्ता है वैसी कुछ भी पहल देकिन all party meeting लेना
33:32एक बड़ी कोशिश है लेकिन कम से कम इस तरह के
33:36श्ट्रेटेजिक अगर कोई बात का सोची गई हो उस पर अगर
33:40अमल किया गया हो अगर उस पर विश्वास में लेते तो
33:42मुझे नहीं लगता क्या हमारे विपक्ष के या नेता
33:46इतने भी लापरवाया इतने गैर जिम्मेदार के बाहर
33:48जाके पिर उसी मुझ्दे पर सत्ता पक्ष को गेरेंगे. कई
33:51बार हमने साथ में काम करते हुए देखा हुआ है. एक
33:55बात चोटी से मैं बताना चाहूँगा अभी ममता
33:57जी जीस तरह से बखान कर रही थी सही में. हमारे
34:00सेना दलोंने नायाप काम किया हुआ है. पाकिस्तान में
34:03हम लोग कितने अंदर गए इसका राजनितिक फाइदा
34:06उठाने के कोशिश करने के बज़ाएं. अगर हम हमारे
34:10हमारे अपने भार्तियों के दिल तक अंदर कितने जाएं.
34:14इस पर अगर हम सोचे तो ज़्यादा बेहतर होगा. ये
34:16कोई नसीयत नहीं है. ये मेरी एक भार्तियों होने
34:19के नते बस चोटी से request है. सर इसका फैसा तो
34:22देखी अब होगा वही ना भियार चुनाव में पता
34:25चल जाएगा. जैसे अगर एच मिलेगा तो पिर बात
34:27यही होंगी कि देखिये जी हमारी बात पर तो
34:29जंता ने वोट की मोहर लगा दिये. अब इस देश
34:31में परिस्तिती ऐसी बन गई है कि वोट की मोहर
34:34जो है वो बनतीं मोहर के रूप में माने जाने
34:36लगी है. अर्विन केजरिवाल अगर मामने में फसते
34:39हैं या जेल जाते हैं तो बाहर आकर उनका
34:41पहला बयान यही होता है. वो देश की अदालत की
34:44फैसले का वेट नहीं करते हैं. वो आकर
34:45कहते हैं कि जंता की अदालत में मेरा
34:47फैसला होगा. तो हाला कि आज आमाद्मी पार्टी
34:50से कोई है नहीं. उनका किस्सा याद आगया
34:51तो मैंने इस बात को मेंचन किया. लेकिन
34:53परिस्थिती अक्शुली जंता के वोट पर ही
34:55निर्बर हो गई है. उसके इस आधार पर कि
34:59इंटरनाशिनली भारत का स्टांड क्या होगा? कैसा
35:02होना चाहिए? इसके बारे में मुझे लगता है बात
35:04चाहिए बहुत कम हो रही है. अनपॉर्छिनेटली
35:06हालात ऐसे है कि जंता भी काफी हद तक इन
35:09नेरेटिव्स की लडाई में पिस गई है. या जंता
35:12ने भी अपनी अपनी साइड चुन ली है. ये आज
35:14का दौर का सच है. लेकिन फांक आपका जुड़ने
35:17के लिए इस चर्चा में और अपने थाओट्स शेयर
35:19करने के लिए मैसेर. फांक है, बहुत अने.
Comments