00:00उसकी तीन बेटियां जैनब, सलमा और हफसा, धार्मिक, आग्याकारी और परदे की पावन थी।
00:07उनकी मां का इंतकाल कई साल पहले हो चुका था।
00:10तब से हाजी करमदीन ने अकेले ही उनकी परवरश की थी।
00:13भले ही पेट भर खाना न मिलता, लेकिन वह हमेशा कहता, अगर अल्लाह ने सबर का वादा किया है, तो इनाम भी जरूर देगा।
00:21एक रात तेज बारिश होई, घर की छट टपकने लगी, दीवारों से पानी रिसने लगा।
00:27बेटियां काप रही थी।
00:29हाजी करम दीन ने उनके सिर पर पुराना कंबल डाल दिया, और खुद भीगी दीवार से टेक लगा कर बैठ गया।
00:35सुबह गाम वालों ने देखा कि उसका आधा घर गिर चुका है।
00:39गाम के रही इसने रहम खाकर थोड़ा राशन दिया, मगर साथ ही तंज भी किया।
00:44अल्लाह पर भरोसा ठीक है, मगर थोड़ी दुनियादारी भी होनी चाहिए।
00:48हाजी करम दीन ने जुकी नजरों से सिर्फ इतना कहा, अल्लाही मेरा कफील है।