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00:00हुआ हुआ है
00:30कि आपना भी जाते हूं फिर भी आपकी जात से दूसरों को तकलीफ पहुचे है
00:44आपने मुझे औरूँ जैसा क्यों नहीं बनाया
00:47और अगर अकल और शहूर दिया ही था तो इसे इस्तमाल करके अपनी जिन्दगी के फैसले करने का इक्तियार भी दिया होता ना
00:55कभी कभी तो मुझे अपनी इस अकल पर और आगाई पर इतना गुस्सा आता है
01:01हर वक्त सही गलत की जंग लड़ते लड़ते बस ठबने लगी हूं आप बस
01:09मुझे इस मुश्किल से निकालने प्लीज
01:13मुझे अपनी को मुझे थी ओी जिसक 하는데 इस्थ सुपी के को तो मुझे जे पार यझे जिल करने भी स्थस्टा
01:32को फेस्थस्टाँ प्रेग word बस्टाँ कार्णाब मुझे
01:36कर दो कर दो
02:06कर दो
02:36कर दो दो, कर दो समय सतना।
03:00कर दो कर दो किर से मैं उसे कॉल्स कर रहा हूं वो पिक नहीं कर रहा हूं वो एक मीटिंग में है आप बता है कोई काम था गर पर पुलीस आई भी है वो तुम लोगों से मिलना चाहते हैं
03:14पुलीस
03:30प्यार के काट उतरने को ये उमर बचा के रखी थी
03:50तेरी खादर होना था ख़ार हमें इस वासते अपने हाथों से
04:02तुझ पेवो लुटा दी थोड़ी सी इस अध जो कमा के रखी थी
04:13हम अपनी जिन्दगी खुद ही अजाब कर बैठें इश्क तुझ से जनाब बेहिसाब कर बैठें
04:24हम को रोका था लोगोंने मगर तुम्हारे लिए
04:33हम अपने दिल का खाना खुद खराब कर बैठें
04:43माहम और आर्मीन दो ऐसी इस इनसान जो मुक्तलिब दुनिया उसे तालुक रकते हैं
04:54लेकिन तकदीर उन्हें एक ही प्रेम में ले आती है
04:57माहम एक जपाकश समझदार वे सास ललकी है
05:00जो अपनी मा की साथ लाहुर के एक पुराने महले में रहती है
05:05वो मुसूरी की शुकीन है और इसके हुआवे के वो एक दिम्शूर प्रेंटर बने
05:10लेकिन हालात ऐसे नहीं कि वो अपनी ताली मुक्मन कर सके
05:13गर के हालात खराब है और माहम टीवीशन पढ़ा कर गर चलाती है
05:18दुसी तरफ आरीन एक अमीर और जदीद सोच कर रखने वाला नवजवान है
05:23जो बिरूनी मिल्स से पाइन आर्ट्स में डिगरी लेकर वापस आया है
05:27वो पाकिस्तान में एक नई आर्डियली कौलता है
05:30और इसी दवरान इसे माहम के बनाए कुछ तस्वीरे खाके नजर आते हैं
05:34जो एक मुकामी नमाईश में बगएर नाम के रखे गए है
05:37वो इन तस्वीरों से इतना मतासर होता है
05:40कि हर जग़ा इसके पनकार की तलाश में लग जाता है
05:43बलागर किसमत दोनों को एक दूसे से मिला देती है
05:46जब आरीन माहम को इसके पन के अजल के मत बताता है
05:50माहम पहले तो हिरान होती है
05:52लेकिन जलही उसे आरीन के नियत में खलोज नजर आता है
05:55वो दोने एक साथ आठ पर काम करने लगते है
05:58वो इसे दोरां खामोची से एक खुबस्वत महबत जनम लेती है
06:03लेकिन कहानी यहाँ खतम नहीं होती
06:05माहम को पता चलता है
06:07कि आरीन के वालिद ने कई साल पेले इसके वालिद को करूबार में दोका दिया था
06:11जिसके बज़े से इनके गर बरबाद हुआ
06:14अब माहम एक कश्मकश में मतला है
06:16क्या वो अपने माज़ी का बदला ले
06:18या एक ऐसा मस्तक्बिल चुने जिसमें सिर्फ महबत हो
06:22ने वारीन को सचाई का इलम होता है
06:24वो भी तोट जाता है
06:26वो अपने बाप के के माप भी मांगता है
06:28और माहम से कहता है
06:29मैं तुमसे तुम्हारी माज़ी के केमत पर नहीं
06:32तुम्हारे हाल ये बन्याद पर महबत करता हूँ
06:34आखरे सीन में माहम के सामने
06:36दो तस्विरी होते है
06:37एक बदले की और एक महबत की
06:39क्या वो अपने दूरी तस्विर मुकमल करेगी
06:41या हमेशे के ले रंग चूल देगी
06:43इस ड्रामस लिक के हौले से
06:45अपने राग की साहर लाजमी कमेंट करें
06:47साथ में हमरे येटो का चेनल इखलास टेवी को
06:49सबस्क्राइब करना मत भूली है
06:51तेंस पार वाचिंग
06:52लाहाफिस
06:53विवर्जी ड्रामस लिक के कहानी में आप देखेंगे
06:56माहम और आर्मीन दो ऐसी इनसान जो मुक्तलिब दुनिया उसे तालुक रखते है
07:02लेकिन तकदीर उन्हें एक ही प्रेम में ले आती है
07:04माहम एक जपाकश समझदार रहसास लिलकी है
07:08जो अपनी मा की साथ लाहूर के कुराने महले में रहती है
07:13वो मुसूरी की शुकीन है
07:15और इसके हुआवे के वो एक दिम्शूर प्रेंटर बने
07:17लेकिन हालात ऐसे नहीं कि वो अपनी ताले मुकमन कर सके
07:21गर के हालात खराब है
07:23और माहम टीवीशन पढ़ा कर घर चलाती है
07:26दुसी तरफ आरीन एक अमीर और जदीद सोच कर रखने वाला नवजवान है
07:30जो बिरूनी मिल्क से पाइन आर्ट्स में डिगरी लेकर वापस आया है
07:35वो पाकिस्तान में एक नई आर्डियल लिक होलता है
07:37और इसी दवरान इसे माहम के बनाए कुछ तस्वीरे खाके नजर आते हैं
07:42जो एक मुकामी नमाईश में बगएर नाम के रखे गए है
07:45वो इन तस्वीरे से इतना मतासर होता है
07:48कि हर जगह इसके पनकार की तलाश में लग जाता है
07:51बलागर किसमत दोनों को एक दूसरे से मिला देती है
07:54जब आरीन माहम को इसके पन के असल के मत बताता है
07:58माहम पहले तो हिरान होती है
07:59लेकिन जलही उसे आरीन के नियत में खलोज नजर आता है
08:03वो दोने एक साथ आठ पर काम करने लगते है
08:06वो इसे दोरां खामोची से एक खुबस्वत महबत जनम लेती है
08:11लिए कहानी यहाँ खतम नहीं होती
08:13माहम को पता चलता है
08:15कि आरीन के वालिद ने कहीं साल पहले इसके वालिद को करूबार में दोका दिया था
08:19जिसके वज़े से इनके गर बरबाद हुआ
08:22अब माहमे कश्मकश में उतला है
08:24किया वो अपने माजिक का बदला ले
08:26या एक एसा मुस्तक्बिल चुने
08:28जिसमें सिर्फ महबत हो
08:30जबारीन को सचाई का इलम होता है
08:32वो भी ठोट जाता है
08:34वो अपने बाप के के माप भी मांगता है
08:36और माहम से कहता है
08:37मैं तुम्हारी माज़े के किमत पर नहीं तुम्हारे हाल ये बन्याद पर महबत करता हूँ
08:42आखरे सीन में माहम के सामने दो तस्विरी होते हैं
08:45एक बदले की और एक महबत की
08:47क्या वो अपने दूरी तस्विर मुकमल करेगी या हमेशे गले रंग चुल देगी
08:51इस ड्रामसिल के होले से अपने राग की साहर लाजमी कमेंट करें
08:55साथ में हमारे येटो का चैनल इखलास टेवी को सबस्क्राइब का ना मत भूली है
08:58तेंस पार वाचिंग अल्हाफिस
09:01विवर्जी ड्रामसिल के कहानी में आप देखेंगे
09:04माहम और आर्मीन दो ऐसी इनसान जो मुक्तलिब दुनिया उसे तालुक रखते है
09:09लेकिन तकदीर उन्हें एक ही परेम में ले आती है
09:12माहम एक जपाकश समझदार रहसास ललकी है
09:16जो अपनी मा की साथ लाहोर के कुराने महले में रहती है
09:21वो मुसूरी की शुकीन है
09:23और इसके हुआवे के वो एक दिम्शूर प्रेंटर बने
09:25लेकिन हालात ऐसे नहीं कि वो अपनी तालिम मुकमन कर सके
09:29गर के हालात खराब है
09:31और माहम टीवीशन पढ़ा कर गर चलाती है
09:34दुसी तरफ आरीन एक अमीर और जदीद सोच कर रखने वाला नवजवान है
09:38जो बिरूनी मिल्क से पाइन आर्ट्स में डिगरी लेकर वापस आया है
09:43वो पाकिस्तान में एक नई आर्डियली को लता है
09:45और इसी दवरान इसे माहम के बनाए कुछ तस्वीरे खाके नज़राते है
09:49जो एक मुकामी नमाईश में बगएर नाम के रखे गए है
09:53वो इन तस्वीरों से इतना मतासर होता है
09:56कि हर जगह इसके पनकार की तलाश में लग जाता है
09:59बलागर किसमत दोनों को एक दूसरे से मिला देती ही
10:02जब आरीन माहम को इसके पन के असल किमत बताता है
10:05माहम पहले तो हिरान होती है
10:07लेकिन जलही उसे आरीन के नियत में खुलोज नज़राता है
10:11वो दोने एक साथ आठ पर काम करने लगते है
10:14वो इसे दोरां खामुची से एक खुबस्वत महबत जनम लेती है
10:19लेकिन कहान यहाँ खतम नहीं होती
10:21माहम को पता चलता है
10:23कि आरीन के वालिद ने कही साल पहले इसके वालिद को करूबार में दोका दिया था
10:27जिसके बज़े से इनके गर बरबाद हुआ
10:29अब माहम एक कश्मकश में उत्तला है
10:32किया वो अपने माज़ी का बदला ले
10:34या एक ऐसा मुस्तक्बिल चुने जिसमें सिर्फ महबत हो
10:38ने वालिद ने को सचाई का इलम होता है
10:40वो भी तूट जाता है
10:41वो अपने बाप के के माप भी मांगता है
10:44और माहम से कहता है
10:45मैं तुमसे तुम्हारी माज़ी के किमत पर नहीं
10:47तुम्हारे हाल ये बन्याद पर महबत करता हूँ
10:50आखरे सीन में माहम के सामने
10:52दो तस्विरी होते है
10:53एक बदले की और एक महबत की
10:55क्या वो अपने दूरी तस्विर मुकमल करेगी
10:57या हमेशे के ले रंग छोल देगी
10:59इस ड्रामसिल के होले से
11:00अपने राग की साहर लाजमी केमेंट करें
11:03साथ में हमारे एक्टूप का चेनल इखलास टेवी को
11:05सबस्क्राइब का ना मत भूली है
11:06तेंस पार वाचिंग, लाहाफिस
11:08विवर्जी ड्रामसिल के कहानी में आप देखेंगे
11:11माहम और आर्मीन दो ऐसी इनसान जो मुक्तलिब दुनिया उसे तालुक रखते है
11:17लेकिन तकदीर उन्हें एक ही प्रेम में ले आती है
11:20माहम एक जपाकश समझदार वे साहस ललकी है
11:24जो अपनी मा की साथ लाहूर के कुराने महले में रहती है
11:28वो मुसूरी की शुकीन है
11:30और इसके हुआवे के वो एक दिमशूर प्रेंटर बने
11:33लेकिन हालात ऐसे नहीं कि वो अपनी तालियम मुक्मन कर सके
11:37गर के हालात खराब है
11:39और माहम टीवीशन पढ़ा कर घर चलाती है
11:41दुसी तरफ आरीन एक अमीर और जदीद सोच कर रखने वाला नवजवान है
11:46जो बिरूनी मिल्क से पाइन आर्ट्स में डिगरी लेकर वापस आया है
11:50वो पाकिस्तान में एक नई आर्डियली को लता है
11:53और इसी दवरान इसे माहम के बनाए कुछ तस्वीरे खाके नज़राते है
11:57जो एक मुकामी नमाईश में बगएर नाम के रखे गए है
12:01वो इन तस्वीरों से इतना मतासर होता है
12:03कि हर जगह इसके पनकार की तलाश में लग जाता है
12:07बलागर किसमत दुनों को एक दूसरे से मिला देती ही
12:10जब आरीन माहम को इसके पन के अजल केमत बताता है
12:13माहम पहले तो हिरान होती है
12:15लेकिन जलही उसे आरीन के नियत में खلوج नज़राता है
12:19वो दूने एक साथ आठ पर काम करने लगते है
12:22वो इसे दोरा खामुची से एक खुबस्वत महबत जनम लेती है
12:26लिगने कहानी यहाँ खतम नहीं होती
12:29माहम को पता चलता है
12:30कि आरीनी के वालिद ने कई साल पहले
12:33इसके वालिद को करूबार में दोका दिया था
12:35जिसके वज़े से इनके गर बरबाद हुआ
12:37अब माहमे कश्मकश्म मुध्द लाहे
12:39कि और वो अपने माजी का बदाले
12:41या एक ऐसा मस्तक्बल चुने
12:44जिसमें सिर्ब महबत हो
12:46वारीनी को सचाई का इलम होता है
12:48वो भी तोट जाता है
12:49वो अपने बाप के के माप भी मांगता है
12:51और माहम से कहता है
12:53मैं तुम्हारी माज़े के किमत पर नहीं तुम्हारे हाल ये बन्याद पर महबत करता हूँ
12:57आखरे सीन में माहम के सामने दो तस्विरी होते है एक बदले की और एक महबत की
13:02क्या वो अपने दूरी तस्विर मुकमल करेगी या हमेशे गले रंग छोल देगी
13:06इस ड्रामसिल के होले से अपने राग की साहर लाजमी कमेंट करें
13:10साथ में हमारे एक्टो का चैनल इखलास टेवी को सबस्क्राइब का ना मत भूली है
13:14तेंस बार वाचिंग अल्हाफिस
13:16विवर इस ड्रामसिल की कहानी में आप देखेंगे
13:19माहम और आर्मीन दो ऐसी इनसान जो मुक्तलिब दुनिया उसे तालुक रखते हैं
13:25लेकिन तकदीर उन्हें एक ही प्रेम में ले आती है
13:28माहम एक जपाकश समझदार रहसास ललकी है
13:32जो अपनी मा की साथ लाहोर के कुराने महले में रहती है
13:36वो मुसूरी की शुकीन है
13:38और इसके हुआबे के वो एक दिम्शूर प्रेंटर बने
13:41लेकिन हालात ऐसे नहीं कि वो अपनी ताली मुक्मन कर सके
13:45गर के हालात खराब है
13:46और माहम टीवीशन पढ़ा कर गर चलाती है
13:49दुसी तरफ आरीन एक अमीर और जदीद सोच कर रखने वाला नवजवान है
13:54जो बिरूनी मिल्क से पाइन आर्ट्स में डिगरी लेकर वापस आया है
13:58वो पाकिस्तान में एक नई आर्डियली कौलता है
14:01और इसी दवरान इसे माहम के बनाए कुछ तस्वीरे खाके नज़राते है
14:05जो एक मुकामी नमाईश में बगएर नाम के रखे गए है
14:09वो इन तस्वीरों से इतना मतासर होता है
14:11कि हर जगह इसके पनकार की तलाश में लग जाता है
14:14बलागर किसमत दोनों को एक दूसरे से मिला देती है
14:17जब आरीन माहम को इसके पन के अजल के मत बताता है
14:21माहम पहले तो हिरान होती है
14:23लेकिन जलही उसे आरीन के नियत में खلوج नज़राता है
14:26वो दोने एक साथ आठ पर काम करने लगते है
14:30वो इसे दोरां खामोची से एक खुबस्वत महबत जनम लेती है
14:34लिगने कहानी यहाँ खतम नहीं होती
14:36माहम को पता चलता है
14:38कि आरीन के वालिद ने कई साल पहले
14:41इसके वालिद को करूबार में दोका दिया था
14:43जिसके बज़े से इनके गर बरबाद हुआ
14:45अब माहम एक कश्मकश में मतला है
14:47किया वो अपने माज़ी का बदला ले
14:49या एक ऐसा मुस्तक्बल चुने जिसमें सिर्फ महबत हो
14:53ने वारीन को सचाई का इलम होता है
14:55वो भी तोट जाता है
14:57वो अपने वाप के के माप भी मांगता है
14:59और माहम से कहता है
15:01मैं तुमसे तुम्हारी माज़ी के किमत पर नहीं
15:03तुम्हारे हाल के बन्याद पर महबत करता हूँ
15:05आखरे सीन में माहम के सामने
15:07दो तस्विरी होते है
15:08एक बदले की और एक महबत की
15:10क्या वो अपने दूरी तस्विर मुकमल करेगी
15:13या हमेशे के ले रंग छोल देगी
15:14इस ड्रामस लिक के हौले से
15:16अपने राग की साहर लाजमी कमेंट करें
15:18साथ में हमारा एटुक का चैनल इखलास टेवी को
15:20सबस्राइब का ना मत भूली है
15:22तेंस पार वाचिंग
15:23लाहाफिस
15:24विवर्जी ड्रामस लिक के कहानी में आप देखेंगे
15:27माहम और आर्मीन दो ऐसी इनसान जो मुक्तलिब दुनिया उसे तालुक रकते हैं
15:33लेकिन तकदीर उन्हें एक ही प्रेम में ले आती है
15:36माहम एक जपाकश समझधार रहसास लिकी है
15:39जो अपनी मा की साथ लाहूर के कुराने महले में रहती है
15:44वो मुसूरी की शुकीन है
15:46और इसके हुआवे के वो एक दिमशूर प्रेंटर बने
15:49लेकिन हालात ऐसे नहीं कि वो अपनी तालिम मुक्मन कर सके
15:52गर के हालात खराब है
15:54और माहम टीवीशन पढ़ा कर घर चलाती है
15:57दुसी तरफ आरीन एक अमीर और जदीद सोच कर रखने वाला नवजवान है
16:02जो बिरूनी मिल्क से पाइन आर्ट्स में डिगरी लेकर वापस आया है
16:06वो पाकिस्तान में एक नई आर्डियल लिक होलता है
16:09और इसी दवरान इसे माहम के बनाए कुछ तस्वीरे खाके नजर आते हैं
16:13जो एक मुकामी नमाईश में बगेर नाम के रखे गए है
16:16वो इन तस्वीरों से इतना मतासर होता है
16:19कि हर जग़ इसके पनकार की तलाश में लग जाता है
16:22बलाखिर किसमत दुनों को एक दूसरे से मिला देती है
16:25जब आरीन माहम को इसके पन के असल केमत बताता है
16:29माहम पहले तो हिरान होती है
16:31लेकिन जलही उसे आरीन के नियत में खलोज नजर आता है
16:34वो दूने एक साथ आर्ट पर काम करने लगते है
16:37वो इसे दोरां खामोची से एक खुबस्वत महबत जनम लेती है
16:42लेकिन कहानी यहाँ खतम नहीं होती
16:44माहम को पता चलता है
16:46कि आरीन के वालिद ने कई साल पहले इसके वालिद को करूबार में दोका दिया था
16:50जिसके बज़े से इनके गर बरबाद हुआ
16:53अब माहम एक कश्मकश में मतला है
16:55किया वो अपने माजी का बदला ले
16:57या एक ऐसा मुस्तक्विल चुने जिसमें सिर्फ महबत हो
17:01ने वालिद ने को सचाई का इलम होता है
17:03वो भी तोट जाता है
17:05वो अपने बाब के के मापी मांगता है
17:07और माहम से कहता है
17:09मैं तुमसे तुम्हारी माजी के किमत पर नहीं
17:11तुम्हारे हाल ये बन्याद पर महबत करता हूँ
17:13आखरे सीन में माहम के सामने
17:15दो तस्विरी होते है
17:16एक बदले की और एक महबत की
17:18क्या वो अपने दूरी तस्विर मुकमल करेगी
17:20या हमेशे के ले रंग छोल देगी
17:22इस ड्रामसिल के हाले से
17:24अपने रागे की साहर लाजमी कमेंट करें
17:26साथ में हमारे एटुक का चैनल इखलास टेवी को
17:28सबस्क्राइब का ना मत भूली है
17:30तेंस पार वाचिंग, लाहाफिस
17:32विवर्जी ड्रामसिल के कहानी में आप देखेंगे
17:35माहम और आर्मीन दो ऐसे इसे इनसान जो मुक्तलिब दुनिया उसे तालुक रखते है
17:41लेकिन तकदीर उन्हें एक ही प्रेम में ले आती है
17:43माहम एक जपाकश समझदार रहसास ललकी है
17:47जो अपनी मा की साथ लाहूर के एक पुराने महले में रहती है
17:52वो मुसूरी की शुकीन है और इसके हुआवे के वो एक दिम्शूर प्रेंटर बने
17:56लेकिन हालात ऐसे नहीं कि वो अपनी तालियम मुकमन कर सके
18:00गर के हालात खराब है
18:02और माहम टीवीशन पढ़ा कर गर चलाती है
18:05दुसी तरफ आरीन एक अमीर और जदीद सोच कर रखने वाला नवजवान है
18:09जो बिरूनी मिल्स से पाइन आर्ट्स में डिगरी लेकर वापस आया है
18:14वो पाकिस्तान में एक नई आर्ट्स में लेक वालता है
18:16और इसी दौरान इसे माहम के बनाए कुछ तस्वीरे खाके नज़राते है
18:21जो एक मुकमी नमाईश में बगेर नाम के रखे गए है
18:24वो इन तस्वीरों से इतना मतासर होता है
18:27कि हर जगा इसकी पनकार की तलाश में लग जाता है
18:30बलाखिर किस्मत दोनों को एक दूसरे से मिला देती ही
18:33जब आर्ट्स माहम को इसकी पन के असल किमत बताता है
18:37माहम पहले तो हिरान होती है
18:38लेकिन जलही उसे आर्ट्स के नियत में खلोज नज़राता है
18:42वो दूने एक साथ आर्ट पर काम करने लगते है
18:45वो इसे दोरां खामोची से एक खुबसुत महबत जनम लेती है
18:50लेकिन कहानी यहाँ खतम नहीं होती
18:52माहम को पता चलता है
18:54कि आर्ट्स के वालिद ने कई साल पेले इसके वालिद को करूबार में दोका दिया था
18:58जिसके बज़े से इनके गर बरबाद हुआ
19:01अब माहम एक कश्मकश में मतला है
19:03क्या वो अपने माज़ी का बदला ले
19:05या एक ऐसा मुस्तक्बल चुने जिसमें सिर्फ महबत हो
19:09ने वालिद ने को सचाई का इलम होता है
19:11वो भी तोट जाता है
19:13वो अपने बाप के के माप भी मांगता है
19:15और माहम से कहता है
19:16मैं तुमसे तुम्हारी माज़ी के किमत पर नहीं
19:19तुम्हारे हाल ये बन्याद पर महबत करता हूँ
19:21आखरे सीन में माहम के सामने
19:23दो तस्वीरी होते हैं
19:24एक बदले की और एक महबत की
19:26क्या वो अपने दूरी तस्वीर मुकमल करेगी
19:28या हमेशे के ले रंग छोल देगी
19:30इस ड्रामसिल के हाले से
19:31अपने राग की जार लाजमी केमन करें
19:34साथ में हमारे एक्टूप का चैनल इखलास टेवी को
19:36सबस्क्राइब का ना मत भूली है
19:37तेंक्स पार वाचिंग अल्हाफिस
19:40विवर्जी ड्रामसिल की कहानी में आप देखेंगे
19:43माहम और अर्मीन दो ऐसी इनसान जो मुक्तलिब दुनिया उसे तालुक रखते हैं
19:49लेकिन तकदीर उन्हें एक ही प्रेम में ले आती है
19:51माहम एक जपाकश समझदार रहसास लल्की है
19:55जो अपनी मा की साथ लाहूर के एक पुराने महले में रहती है
20:00वो मुसूरी की शुकीन है
20:02और इसके हुआवे के वो एक दिमशूर प्रेंटर बने
20:04लेकिन हालात ऐसे नहीं कि वो अपनी तालिम मुकमर कर सके
20:08गर के हालात खराब है
20:10और माहम टीवीशन पढ़ा कर गर चलाती है
20:13दुसी तरफ आरीन एक अमीर और जदीद सोच कर रखने वाला नوجवान है
20:17जो बिरूनी मिल्स से पाइन आर्ट्स में डिगरी लेकर वापस आया है
20:22वो पाकिस्तान में एक नई आर्ट्यली कौलता है
20:24और इसी दवरान इसे माहम के बनाए कुछ तस्वीरे खाके नजर आते है
20:28जो एक मुकमी नमाईश में बगएर नाम के रखे गए है
20:32वो इन तस्वीरों से इतना मतासर होता है
20:35कि हर जग़ा इसकी पनकार की तलाश में लग जाता है
20:38बलाखिर किस्मत दोनों को एक दूसरे से मिला देती ही
20:41जब आर्ट्यली माहम को इसकी पन के असल किमत बताता है
20:44माहम पहले तो हिरान होती है
20:46लेकिन जल ही उसे आर्ट्यली के नियत में खलोज नजर आता है
20:50वो दूने एक साथ आर्ट पर काम करने लगते है
20:53वो इसे दोरां खामुची से एक खुबस्वत महबत जनम लेती है
20:58लिए कहानी यहाँ खतम नहीं होती
21:00माहम को पता चलता है
21:02कि आर्टी के वालिद ने कई साल पेले इसके वालिद को करूबार में दोका दिया था
21:06जिसके बज़े से इनके गर बरबाद हुआ
21:08अब माहम कश्म कश्म में उत्तला है
21:11क्या वो अपने माज़ी का बदला ले
21:13या एक ऐसा मुस्तक्बिल चुने जिसमें सिर्फ महब्बत हो
21:17ने वारीन को सच्चाई का इलम होता है
21:19वो भी तोट जाता है
21:20वो अपने बाप के के माप भी मांगता है
21:23और माहम से कहता है
21:24मैं तुमसे तुमारी माज़ी के किमत पर नहीं
21:26तुमारे हाल ये बन्याद पर महब्बत करता हो
21:28आखरे सीन में माहम के सामने
21:31दो तस्विरी होते है
21:32एक बदले की और एक महब्बत की
21:34क्या वो अपने दूरी तस्विर मुकमल करेगी
21:36या हमेशे गले रंग छोल देगी
21:38इस ड्रामसिल के हौले से
21:39अपने रागे की साहर लाजमी कमेंट करें
21:42साथ में हमारे एक्टो का चेनल इखलास टेवी को
21:44सबस्क्राइब का ना मत भूली है
21:45तेंस पार वाचिंग अल्हाफिस
21:47विवर्जी ड्रामसिल की कहानी में आप देखेंगे
21:50माहम और आर्मीन
21:53दो ऐसी इनसान जो मुक्तलिब दुनिया उसे तालुक रकते है
21:56लेकिन तकदीर उन्हें एक ही प्रेम में ले आती है
21:59माहम एक जपाकश समझदार रहसास लल्की है
22:03जो अपनी मा की
22:04साथ लाहुर के कुराने महले में रहती है
22:07वो मुसूरी की शुकीन है
22:09और इसके हुआवे के वो एक दिम्शूर प्रेंटर बने
22:12लेकिन हालात ऐसे नहीं कि वो अपनी ताली मुक्मन कर सके
22:16गर के हालात खराब है
22:18और माहम टीवीशन पढ़ाकर गर चलाती है
22:21दुसी तरफ आरीन एक अमीर और जदीद सोच कर रखने वाला नवजवान है
22:39गए है, वो इनतस्रूर से इतना मताफिर होता है
22:42कि हर जगह इसकी पनकार की तलाश में लग जाता है
22:46बलाखेर किसमत दुनों को एक दूसे से मिला देती है
22:49जब आरीन माहम को इसकी पन के असल खिमत बताता है
22:52माहम पहली तो हैरान होती है
22:54लेकिन जिल ही उसे आरेन के नियत में खलोज नजनाता है
22:58वो दूने एक साथ आर्ट पर काम करने लगते है
23:01वो इसे दोरां खामोची से एक खुबसुत महबत जनम लेती है
23:05लिए कहानी यहाँ खतम नहीं होती
23:08माहम को पता चलता है
23:09कि आरीन के वालिद ने कही साल पेले इसके वालिद को करूबार में दोका दिया था
23:14जिसके वज़े से इनके गर बरबाद हुआ
23:16अब माहम एक कश्मकश में मुटतला है
23:18क्या वो अपने माज़ी का बदला ले
23:21या एक ऐसा मुस्तक्बिल चुने जिसमें सिर्फ महबत हो
23:25ने वारीन को सचाई का इलम होता है
23:27वो भी तूट जाता है
23:28वो अपने वाप के के माप भी मांगता है
23:30और माहम से कहता है
23:32मैं तुमसे तुमारी माज़े के किमत पर नहीं
23:34तुमारे हाल ये बन्याद पर महबत करता हो
23:36आखरे सीन में माहम के सामने
23:38दो तस्विरी होते है
23:39एक बदले की और एक महबत की
23:41क्या वो अपने दूरी तस्विर मुकमल करेगी
23:44या हमेशे गले रंग छोल देगी
23:45इस ड्रामसिल के हाले से
23:47अपने राग की साहर लाजमी केमेंट करें
23:49साथ में हमारे एक्टो का चेनल इखलास टेवी को
23:52सबस्क्राइब का ना मत भूली है
23:53तेंस पार वाचिंग अल्हाफिस
23:55विवर इस ड्रामसिल की कहानी में आप देखेंगे
23:58माहम और आर्मीन
24:01दो ऐसी इंसान जो मुक्तलिब दुनिया उसे तालुक रिकते है
24:04लेकिन तकदीर उन्हें एक ही परेम में ले आती है
24:07माहम एक जपाकश समझदार रहसास लल्की है
24:11जो अपनी मा की साथ लाहुर के कुराने महले में रहती है
24:15वो मुसूरी की शुकीन है
24:17और इसके हुआवे के वो एक नमशूर प्रेंटर बने
24:20लेकिन हालात ऐसे नहीं के वो अपनी तालिम मुकमन कर सके
24:24गर के हालात खराब है
24:25और माहम टीवीशन पढ़ा कर गर चलाती है
24:28दुसी तरफ आरीन एक अमीर और जदीद सोच कर रखने वाला नوجवान है
24:33जो बिरूनी मिल्क से पाइन आर्ट्स में डिगरी लेकर वापस आया है
24:37वो पाकिस्तान में एक नई आर्ड गेली कौलता है
24:40और इसी दवरान इसे माहम के बनाए कुछ तस्वीरे खाके नजराते है
24:44जो एक मुकामी नमाईश में बगएर नाम के रखे गए है
24:48वो इन तस्वीरे से इतना मुतासर होता है
24:50कि हर जगा इसकी पनकार की तलाश में लग जाता है
24:53बलागर किसमत दोनों को एक दूसरे से मिला देती है
24:56जब आर्ड माहम को इसकी पन के असल किमत बताता है
25:00माहम पहले तो हिरान होती है
25:02लेकिन जल ही उसे आरेन के नियत में खलोज नजर आता है
25:05वो दोने एक साथ आठ पर काम करने लगते है
25:09वो इसे दोरां खामोची से एक खुबसुत महबत जनम लेती है
25:13लिए कहानी यहाँ खतम नहीं होती
25:15माहम को पता चलता है
25:17कि आरेन के वालिद के वालिद ने कही साल पहले
25:20इसके वालिद को करूबार में दोका दिया था
25:22जिसके वज़े से इनके गर बरबाद हुआ
25:24अब माहम एक कश्मकश में उत्तला है
25:26क्या वो अपने माज़ी का बदला ले
25:28या एक ऐसा मुस्तक्विल चुने
25:31जिसमें सिर्फ महब्बत हो
25:32ने वालिद ने को सचाई का इलम होता है
25:34वो भी तूट जाता है
25:36वो अपने बाप के के माप भी मांगता है
25:38और माहम से कहता है
25:40मैं तुमसे तुम्हारी माज़ी के किमत पर नहीं
25:42तुम्हारे हाल ये बन्याद पर महब्बत करता हूँ
25:44आखरे सीन में माहम के सामने दो तस्विरी होते है
25:47एक बदले की और एक महब्बत की
25:49क्या वो अपने दूरी तस्विर मुकमल करेगी
25:52या हमेशे गले रंग चुल देगी
25:53इस ड्रामसिल के हाले से
25:55अपने राग की साहर लाजमी कमेंट करें
25:57साथ में हमारे येटो का चैनल इखलास टेवी को
25:59सबस्क्राइब का ना मत भूली है
26:01तेंस पार वाचिंग लाहाफिस
26:03विवर्जी ड्रामसिल की कहानी में आप देखेंगे
26:06माहम और अर्मीन
26:08दो ऐसी इनसान जो मुक्तलिब दुनिया उसे तालुक रिकते है
26:12लेकिन तकदीर उन्हें एक ही प्रेम में ले आती है
26:15माहम एक जबाकर्ष समझदार वे साहस ललकी है
26:18जो अपनी मा की साथ लाहोर के एक पुराने महले में रहती है
26:23वो मुसूरी की शूकीन है
26:25और इसके हुआवे के वो एक नमशूर प्रेंटर बने
26:28लेकिन हालात ऐसे नहीं के वो अपनी तालिम मुक्मण कर सके
26:31गर के हालात खराब है
26:33और माहम टीवीशन पढ़ाकर गर चलाती है
26:36दुसी तरफ आरीन एक अमीर और जदीद सोच कर रखने वाला नوجवान है
26:41जो बिरूनी मिल्क से पाइन आर्ट्स में डिगरी लेकर वापस आया है
26:45वो पाकिस्तान में एक नई आर्डियली को लता है
26:48और इसी दवरान इसे माहम के बनाए कुछ तस्वीरे खाके नजराते है
26:52जो एक मुकामी नमाईश में बगएर नाम के रखे गए है
26:55वो � इन तस्वीरे से इतना मतासर होता है
26:58कि हर जगा इसकी पनकार की तलाश में लग जाता है
27:01बलागर किसमत दोनों को एक दूसरे से मिला देती ही
27:04जब आर्इन माहम को इसकी पन के आजल क्यमत बताता है
27:08माहम पहले तो हीरान होती है
27:10लेकिन जल ही उसे आरेन के नियत में खलोज नजनाता है
27:13वो दूने एक साथ आठ पर काम करने लगते है
27:16वो इसे दोरां खामोची से एक खुबसुत महबत जनम लेती है
27:21लेकिन कहानी यहाँ खतम नहीं होती
27:23माहम को पता चलता है
27:25कि आरेनी के वालिद ने कही साल पहले इसके वालिद को करूबार में दोका दिया था
27:29जिसके वज़े से इनके गर बरबाद हुआ
27:32अब माहम एक कश्मकश में उत्तला है
27:34क्या वो अपने माजी का बदला ले
27:36या एक ऐसा मुस्तक्बल चुने जिसमें सिर्फ महबत हो
27:40ने वालिद ने को सचाई का इलम होता है
27:42वो भी तूट जाता है
27:44वो अपने बाप के के माप भी मांगता है
27:46और माहम से कहता है
27:48मैं तुमसे तुमारी माजी के किमत पर नहीं
27:50तुमारे हाल ये बन्याद पर महबत करता हूँ
27:52आखरे सीन में माहम के सामने दो तस्वीरी होते है
27:55एक बदले की और एक महबत की
27:57क्या वो अपने दूरी तस्वीर मुकमल करेगी
27:59या हमेशे गले रंग चुल देगी
28:01इस ड्रामसिल के हौले से
28:03अपने राए की साहर लाजमी कमेंट करें
28:05साथ में हमारे येटोब का चैनल इखलास टेवी को
28:07सबस्क्राइब का ना मत भूली है
28:09तेंस पार वाचिंग अल्हाफिस
28:11विवर्जी ड्रामसिल की कहानी में आप देखेंगे
28:14माहम और अर्मीन
28:16दो ऐसी इनसान जो मुक्तलिब दुनिया उसे तालुक रिकते है
28:20लेकिन तकदीर उन्हें एक ही प्रेम में ले आती है
28:22माहम एक जबाकश समझदार वे सास ललकी है
28:26जो अपनी मा की साथ लाहोर के कुराने महले में रहती है
28:31वो मुसूरी की शुक्रीन है
28:33और इसके हुआवे के वो एक नमशूर प्रेंटर बने
28:35लेकिन हालात ऐसे नहीं कि वो अपनी ताली मुक्मन कर सके
28:39गर के हालात खराब है
28:41और माहम टीवीशन पढ़ाकर गर चलाती है
28:44दुसी तरफ आरीन एक अमीर और जदीद सोच कर रखने वाला नوجवान है
28:48जो बिरूनी मिल्क से पाइन आर्ट्स में डिगरी लेकर वापस आया है
28:53वो पाकिस्तान में एक नई आर्डियली को लता है
28:55और इसी दवरान इसे माहम के बनाए कुछ तस्वीरे खाके नजराते है
29:00जो एक मुकामी नमाईश में बगएर नाम के रखे गए है
29:03वो इन तस्वीरे से इतना मुतासर होता है
29:06कि हर जगा इसकी पनकार की तलाश में लग जाता है
29:09बलाखिर किसमत दोनों को एक दूसरे से मिला देती है
29:12जब आर्डियली माहम को इसकी पन के असल किमत बताता है
29:16माहम पहले तो हिरान होती है
29:17लेकिन जल ही उसे आरेन के नियत में खलोज नजनाता है
29:21वो दूने एक साथ आर्ट पर काम करने लगते है
29:24वो इसे दोरां खामोच से एक खुबसुत महबत जनम लेती है
29:29लेकि कहानी यहाँ खतम नहीं होती
29:31माहम को पता चलता है
29:33कि आरीन के वालिद ने कई साल पहले इसके वालिद को करूबार में दोका दिया था
29:37जिसके वज़े से इनके गर बरबाद हुआ
29:40अब माहम एक कश्मकश में मतला है
29:42किया वो अपने माजी का बदला ले
29:44या एक ऐसा मस्तक्बल चुने जिसमें सिरफ महबबत हो
29:48ने वालिद ने को सच्चाई का इलम होता है
29:50वो भी तूट जाता है
29:52वो अपने बाप के के मापी मापी मांगता है
29:54और माहम से कहता है
29:55मैं तुमसे तुमारी माज़े के किमत पर नहीं
29:58तुम्हारे हाल ये बुन्याद पर महबत करता हो
30:00आखरे सीन में माहम के सामने दो तस्वीरी होते है
30:03एक बदले की और एक महबत की
30:05क्या वो अपने दूरी तस्वीर मुकमल करेगी
30:07या हमेशे गले रंग छोल देगी
30:09इस ड्रामसिल के हौले से
30:10अपने राए की साहर लाजमी केमेंट करें
30:13साथ में हमारे एक टुक का चैनल इखलास टेवी को
30:15सबस्क्राइब करना मत भूली है
30:16तेंस बार वाचिंग लाहाफिस
30:19वी विवर्जी ड्रामसिल की कहानी में आप देखेंगे
30:22माहम और आर्मीन
30:24दो ऐसी इनसान जो मुक्तलिब दुनिया उसे तालुक रिकते है
30:28लेकिन तकदीर उन्हें एक ही प्रेम में ले आती है
30:30माहम एक जपाकश समझदार रहसास ललकी है
30:34जो अपनी मा की साथ लाहुर के कुराने महले में रहती है
30:39वो मुसूरी की शुकीन है
30:41और इसके हुआबे के वो एक दिम्शूर प्रेंटर बने
30:43लेकिन हालात ऐसे नहीं कि वो अपनी तालिम मुक्मन कर सके
30:47गर के हालात खराब है
30:49और माहम टीवीशन पढ़ाकर गर चलाती है
30:52दुसी तरफ आरीन एक अमीर और जदीद सोच कर रखने वाला नवजवान है
30:56जो बिरूनी मिल्क से पाइन आर्ट्स में डिगरी लेकर वापस आया है
31:01वो पाकिस्तान में एक नई आर्डियली कौलता है
31:03और इसी दवरान इसे माहम के बनाए कुछ तस्वीरे खाके नज़राते है
31:07जो एक मुकामी नमाईश में बगएर नाम के रखे गए है
31:11वो इन तस्वीरों से इतना मतासर होता है
31:14कि हर जग़ा इसकी पनकार की तलाश में लग जाता है
31:17बलाखिर किस्मत दोनों को एक दूसरे से मिला देती है
31:20जब आरीन माहम को इसकी पन के अजल के मत बताता है
31:23माहम पहले तो हिरान होती है
31:25लेकिन जलही उसे आरीन के नियत में खलोज नज़राता है
31:29वो दोने एक साथ आर्ट पर काम करने लगते है
31:32वो इसे दोरां खामोच से एक खुबस्वत महबत जनम लेती है
31:37लेकिन कहानी यहाँ खतम नहीं होती
31:39माहम को पता चलता है
31:41कि आरीन के वालिद ने कई साल पहले इसके वालिद को करूबार में दोका दिया था
31:45इसके बज़े से इनके गर बरबाद हुआ
31:47अब माहम एक कश्मकश में मतला है
31:50किया वो अपने माज़ी का बदला ले
31:52या एक ऐसा मुस्तक्बल चुने जिसमें सिर्फ महबत हो
31:56ने वारीन को सचाई का इलम होता है
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32:02और माहम से कहता है
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32:08आखरे सीन में माहम के सामने
32:10दो तस्विरी होते है
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32:17इस ड्रामसिल के हौले से
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32:21साथ में हमारे एटुक का चैनल इखलास टेवी को
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32:24तेंस बार वाचिंग
32:26लाहाफिस
32:27विवर्जिस ड्रामसिल के कहानी में आप देखेंगे
32:29माहम और आर्मीन दो ऐसी इनसान जो मुक्तलिब दुनिया उसे तालुक रकते हैं
32:35लेकिन तकदीर उन्हें एक ही प्रेम में ले आती है
32:38माहम एक जपाकश समझदार रहसास ललकी है
32:42जो अपनी मा की साथ लाहूर के कुराने महले में रहती है
32:46वो मुसूरी की शुकीन है
32:48और इसके हुआवे के वो एक दिम्शूर प्रेंटर बने
32:51लेकिन हालात ऐसे नहीं कि वो अपनी तालिम मुक्मन कर सके
32:55गर के हालात खराब है
32:57और माहम टीवीशन पढ़ा कर घर चलाती है
33:00दुसी तरफ आरीन एक अमीर और जदीद सोच कर रखने वाला नवजवान है
33:04जो बिरूनी मिल्क से पाइन आर्ट्स में डिगरी लेकर वापस आया है
33:08वो पाकिस्तान में एक नई आर्डियल लिक होलता है
33:11और इसी दवरान इसे माहम के बनाए कुछ तस्वीरे खाके नजर आते हैं
33:15जो एक मुकामी नमाईश में बगेर नाम के रखे गए है
33:19वो इन तस्वीरों से इतना मतासर होता है
33:21कि हर जग़ इसके पनकार की तलाश में लग जाता है
33:25बलाखिर किसमत दुनों को एक दूसरे से मिला देती ही
33:28जब आरीन माहम को इसके पन के असल के मत बताता है
33:31माहम पहले तो हिरान होती है
33:33लेकिन जलही उसे आरीन के नियत में खलोज नजर आता है
33:37वो दूने एक साथ आर्ट पर काम करने लगते है
33:40वो इसे दोरां खामोच से एक खुबस्वत महबत जनम लेती है
33:44लेकिन कहानी यहाँ खतम नहीं होती
33:47माहम को पता चलता है
33:48कि आरीन के वालिद ने कई साल पहले इसके वालिद को करूबार में दोका दिया था
33:53इसके बज़े से इनके गर बरबाद हुआ
33:55अब माहम एक कश्मकश में मुट्छा है
33:57क्या वो अपने माज़ी का बदला ले
34:00या एक ऐसा मुस्तक्विल चुने जिसमें सिर्फ महबत हो
34:04तो बहारीन को सचाई का इलम होता है
34:06वो भी तूट जाता है
34:07वो अपने बाप के के मापी मापी मांगता है
34:09और माहम से कहता है, मैं तुम्हारी माज़ा के किमत पर नहीं,
34:13तम्हारे हाल ये बन्याद पर मुहबत करता हूँ.
34:16आखरे सिन में माहम के सामने दो तस्वीर होते हैं,
34:19एक बडली कि और एक मुहबत की,
34:20क्या वो अपने दूरी तस्विर मुकमल करेगी या हमेशे के ले रंग छोल देगी
34:24इस ड्रामसिल के हौले से अपने रागे की सहार लाजमी कमेंट करें
34:28साथ में हमारे एक्टूप का चैनल इखलास टेवी को सबस्क्राइब का ना मत भूली है
34:32तेंस पार वाचिंग अल्हाफिस
35:02कर सके गर के हालात खराब है और माहम टीवीशन पढ़ा कर गर चलाती है
35:07दूसी तरफ आरीन एक अमीर और जदीद सोच कर रखने वाला नवजवान है
35:12जो बिरूनी मिल्क से पाइन आर्ट्स में डिगरी लेकर वापस आया है
35:16वो पाकिस्तान में एक नई आर्डियली कौलता है
35:19और इसी दौरान इसे माहम के बनाए कुछ तस्वीरे खाके नज़राते है
35:23जो एक मुकामी नमाईश में बगएर नाम के रखे गए है
35:27वो इन तस्वीरों से इतना मतासर होता है
35:29कि हर जग़ इसकी पनकार की तलाश में लग जाता है
35:32बलाखिर किसमत दुनों को एक दूसरी से मिला देती ही
35:35जब आर्डियली माहम को इसकी पन के असल किमत बताता है
35:39माहम पहले तो हिरान होती है
35:41लेकिन जलही उसे आर्डियली के नियत में खलोज नज़राता है
35:44वो दूने एक साथ आठ पर काम करने लगते है
35:48वो इसे दोरां खामुची से एक खुबस्वत महबत जनम लेती है
35:52लिगने कहानी यहाँ खतम नहीं होती
35:54माहम को पता चलता है
35:56कि आरीनगी के वालिद ने कई साल पेले
35:59इसके वालिद को करूबार में दोका दिया था
36:01जिसके बज़े से इनके गर बरबाद हुआ
36:03अब माहे में कश्मकश में मतला है
36:05क्या वो अपने माजी का बदला ले
36:07या एक ऐसा मस्तक्विल चुने जिसमें सिर्फ महबत हो
36:11ने वालिद ने को सच्चाई का इलम होता है
36:13वो भी तूट जाता है
36:15वो अपने बाब के के मापई मंगता है
36:17और माहम से कहता है
36:19में तुम्छे माजी के किमत पर नई
36:21तुम्हारे हाल गे बन्यात पर महबत करता हो
36:23आखरे सीन में माहम के सामने
36:25दो तस्विर herkes होते है
36:26एक बस्विर की और एक महबत की
36:28क्या वो अपने दूरी तस्विर मुकमल करेगी या हमेशे के ले रंग छोल देगी
36:32इस ड्रामसिल के होले से अपने राग की सहार लाजमी केमेंट करें
36:36साथ में हमारे एक्टो का चैनल इखलास टेवी को सबस्क्राइब का ना मत भूली है
36:40तेंक्स पार वाचिंग अल्हाफिस
36:42विवर्जी ड्रामसिल की कहानी में आप देखेंगे
36:45माहम और अर्मीन दो ऐसी इनसान जो मुक्तलिब दुनिया उसे तालुक रखते हैं
36:51लेकिन तकदीर उन्हें एक ही प्रेम में ले आती है
36:54माहम एक जपाकश समझदार रहसास लल्की है
36:57जो अपनी मा की साथ लाहूर के कुराने महले में रहती है
37:02वो मुसूरी की शुकीन है
37:04और इसके हुआबे के वो एक दिम्शूर प्रेंटर बने
37:07लेकिन हालात ऐसे नहीं कि वो अपनी तालिम मुकमर कर सके
37:10गर के हालात खराब है
37:12और माहम टीवीशन पढ़ा कर गर चलाती है
37:15दुसी तरफ आरीन एक अमीर और जदीद सोच कर रखने वाला नवजवान है
37:20जो बिरूनी मिल्क से पाइन आर्ट्स में डिगरी लेकर वापस आया है
37:24वो पाकिस्तान में एक नई आर्ट्स में लेक वालता है
37:27और इसी दवरान इसे माहम के बनाए कुछ तस्वीरे खाके नजराते है
37:31जो एक मुकमी नमाईश में बगेर नाम के रखे गए है
37:34वो इन तस्वीरें से इतना मुदासर होता है
37:37कि हर जगह इसकी पनकार की तलाश में लग जाता है
37:40बलाखिर किस्मत दोनों को एक दूसरे से मिला देती ही
37:43जब आर्ट्स माहम को इसकी पन के असल किमत बताए
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