Skip to playerSkip to main content
  • 1 year ago
Kurulus Osman season 6 Episode 223 Urdu Hindi dubbed Review ATV Searial Kurulus Osman Season 6 Now Osman Bey's journey to unify the Turks under his banner and expand his territory. Here's a breakdown of the key plot points Osman Bey's Leadership Osman Bey is now leading a state and aims to influence border principalities. He's dealing with internal and external threats including the Byzantine Empire and rival tribes Family Dynamics Osman Bey's family is deeply involved in the storyline, particularly his wife Bala Hatun and his sons Orhan and Alaeddin Bala Hatun plays a crucial role in maintaining peace within the tribe, while Orhan and Alaeddin face various challenges. Romantic Relationships Orhan Bey is in love with Holofira, but their relationship is complicated due to her past and the danger surrounding them. Fatma Hatun is another key character, with multiple suitors vying for her attention. Hay Sultan Season 1 Yunus Emre Young Ibn Sina full episode Urdu Hindi dubbed New drama serial webseries viral content historical drama serial Muqadas TV network Saport Team

Category

📺
TV
Transcript
00:00आओ बेटी वो दोनों खाना कम बना रही है और लड़ जदा रही है मैं तुम्हें कह रही हूं मेरे काम में मदाख़त मत करो
00:16याल्ला ये नमक कहा चला गया
00:30वालिदा हाँ बाबा कर जिर्गा क्यों बुला रहे हैं कि आप जानती है हर कोई जानना चाहता है
00:36पता नहीं मेरी बेटी लेकिन उस्मान साब काफी दुनों से फिकर मन नजर आ रहे है तीवान में सब को पता चल जाएगा इंशाला इंशाला
00:48असलाम ऑलेकूम
01:00चोटे सिपाही तुम यहां क्या कर रहे हो हम लोहा काट रहे हैं ये दोनों जंगजू एस उमर में ही बहुत माहिर है
01:14वाह माशाला हर वक मुझसे घोडों के बारे में ही पूछते रहते हैं
01:19और आज आपको यहां जहमत देने का यही मकसद है कि आपसे सीख सके
01:23माशाला तो फिर तुरकों के हमसफर यानी घोडों के बारे में जानना चाहते हो
01:29तो फिर आजाओ मेरे साथ, मैं तुम दोनों को सब कुछ बताऊंगा, आजाओ, आजाओ जवानो
01:38हाँ, वाँ, माशालला, माशालला, घोड़ा जहाद का साथ ही है, और हवा की तेजी से फताह की तरफ दोड़ता है
01:51तो सेपाही इसके बगार मुकमल हो, हर्गिस नहीं
01:55तो क्या, इन में से आपका कोई दोस्त है?
01:58हाँ, जिसे तुम देख रहे हो
01:59सारे घोड़े हिने आ रहे हैं, ये क्यों खामोश है?
02:07ये भी हिने आता है, मगर दिल से, इसकी आँखे देखो ज़रा
02:12बहुत कुछ चानता है लेकिन, इतराता या शोर नहीं मचाता
02:17लेकिन, अगर तुम बोलोगे तो, जुरूर सुनेगा
02:21कैसे सुनेगे ये मेरी बात?
02:23तुम्हारा नाम क्या है, बताओ जरा
02:25मलिक शाह अल्प
02:26माशालला मलिक शाह अल्प, घोड़ से सुनो
02:29हम घोड़े का दिल पढ़ लिया करते हैं, आँखों से समझ लेते हैं
02:34कान खड़े हुए, या तुम उठी हुई तो नहीं
02:37अगर ये देखना सीख जाओगे, तो ये जवाब जरूर देगा
02:41फिर तुम इससे बातें कर सकोगे
02:43इससे गोर से देखो मलिक शाह
02:47अभी ये घोड़ा ठका हुआ लग रहा है, इसकी सफाई करेंगे
02:52हाँ, अच्छा सवाल है अलपरसलान, अगर सफाई ना की तो इसके बाल उलच जाएंगे
03:01जल्द खराब हो जाएंगी और सफर नहीं कर पाएगा
03:04और अगर घोड़े की पुष्ट पर जरब लगाओगे, तो ना ये तुम्हें देखेगा और ना सुनेगा
03:10चलो अब गर्दन से शुरू करेंगे और फिर पीट फिर दाएं और बाएं और सबसे आहम चीज़ इसकी ये मस्बूट टांगे हैं इन्हें भी साफ करना होगा
03:29और हाँ, अगर पीछे से पकड़ोगे तो पेट पर लाब पड़ेगी
03:35गंदुमी जावास का सुफैद घोड़ा, जावास का वफदार साथी होता है
03:56वो उसका हमराज भी बनेगा और चंग से मूँ नहीं मोडेगा
04:01हम जहाद के लिए रवाना होते हैं तो अपने दिल एक दूसरे से बांट लेते हैं
04:07सर जुका कर पार्प मानेगा अगर उसकी लगाम नहीं केंचुके
04:11अपनी नालों से पत्थर तोड़ देगा और अपने बाल अपने चहरे पर डाल लेगा
04:18प्यार करोगे तो सितारा बन जाएगा
04:20इसकी खानदानी आँख में हिलाल उतर आएगा
04:23हिलाल चमकेगा इसकी खानदानी आँख में
04:48तुमने तो मेरा असली बाजनतीनी की तरह इस्तक्बाल का इतमाम किया है कलाडियोस
05:04मैं अपने दोस्तों को हमेशे सराखों पर बिठाता हूँ
05:07खास तोर पे खुफिया मालूमात लाने वालों को
05:10बैटो
05:18हम तुम्हारे साथ अपनी तक्दीर चोड़ रहे है
05:29मैं तेजधार दल्वार हूँ
05:33और तुम बेमिसाल निजा
05:36हम दोनों का एक ही रास्ता है
05:39पूरा यखीन है मुझे
05:41ये बताओ हमारे लिए क्या मालूमात लेकर आए हो
05:46उस्मान ने दीवान का कहा है
05:48खिते के सब सरदारान को
05:53कबीले मदू किया है
05:55तुम अच्छे से जानते हो
05:59उस्मान के इस दीवान के बाद
06:02उस दुफान का रुख तुम्हारी तरफ होगा
06:06तुर तुम एक काम करो
06:09दिवान में होने वाले फैसलों का पता लगाओ
06:12हाँ जरूर
06:13जरूर करूँगा मैं ऐसा
06:16हम दोनों का मकसद एक ही है क्लाडियोस
06:19कि उस उस्मान को मिलकर तहस नहस कर दें
06:24लेकिन बदले में तुम्हें मुझे सोना चांदी
06:28और ग्यूरिक का एलाका देना होगा ग्लाडियोस
06:32अपना कबीला में वही ठैराओंगा
06:35तुम्हारा कबीला
06:37यखीन है ना आप अपने भाई की कबीले की बात कर रहे हैं
06:41या अपने भाई से कबीला चीनने वाले है
06:48बेतरीन
06:52तो तै हो गया ग्लाडियोस
06:57बिलकुल हो गया
06:59उस्मान की सरदारी खतम होने पर
07:01हम आपको हर चीज़ से नमास देंगे
07:04इन्शालला
07:05तो लीजिए
07:27आप कुछ परिशान लग रहे हैं मुझे
07:29कोई बड़ा मसला है क्या उस्मान
07:31क्या दीवान इसी वज़े से बुलवाया है
07:34जिमंदार ही भारी है
07:36बहुत भारी है
07:38सफर तवील है बाला
07:41मगर
07:42जब तुम्हारे पास आता हूँ
07:45तुम्हें जब देखता हूँ मैं
07:47तो भूल जाता हूँ सबी
07:48खुद को बेहतर महसूस करता हूँ
07:50काश मैं इससे ज़ादा आपके काम आ सकती
07:54जानते हैं आज
07:56हमारा एक और खौप पुरा हो गया उस्मान
07:59क्या बताओ
08:00आपकी बेटियां सुबा से बावची खाने में हैं
08:03आपके लिए खाना तयार कर रही है
08:05क्या वाकई में?
08:07मेरे लिए बाला
08:08और किसके लिए बनाएंगी?
08:10अपने बाबा के लिए तो बनाएंगी खाना
08:11मुकाबला हो रहा है दोनों का
08:13सच में बहुत खुश हूँ आज
08:16इमकान नहीं था जन चीज़ों का वो सब बारी बारी पूरा हो रहा है
08:23ये तुम ही कहा करती थी कि सबर का फल मीठा होता है
08:29तुम्हें याद है ये सब क्या?
08:32हाँ बिल्कुल
08:33कहा था मैंने
08:36अगर आप वहां होते उस्मान
08:39देखते कि मैंने आज कितना शुकर अदा किया
08:41वो दोनों एक साथ हैं
08:43हाँ जो खाब था सच हो गया वो
08:46तुमने मेरी मुखालिफत की थी
08:48तुम्हें जखम की वज़ा से मुझसे मूँ मोड गई थी
08:51याद है तुम्हें
08:52मैंने तुमसे कहा था
08:54तुम्हें याद होगा कि हमारी उलाद होगी
08:56और नसल आगे बढ़े की अमाला
08:58अब देखो जरा
08:59हमारे लिए खाना त्यार कर रही है
09:01शुकर है अल्ला का
09:04नसीब में था उस्मान
09:06ऐसा ही है
09:09सिपाहियों
09:18आज के बाद हर शक्त सोच समच कर कदम उठाए
09:21सिपाहियों
09:27मैं तुम सब को बता रहा हूँ
09:29तुर्गुद गाजी तुम लोगों की हड़ी पसली एक कर देंगे
09:32और अपने अपने बिस्तर भूल जाओ
09:35अब वो तुम लोगों को सुबा शाम मश कर आएंगे
09:37सुबा शाम मश कर आएंगे
09:39अससलाम ओलेकुम
09:45तुर्गुद गाजी
09:49बहुत शुक्रिया
09:50तुर्गुद रखिये सब
09:53या लाँ
09:58सिपाहियों
10:03क्या आप सब जानते हैं कि आप लोगों को शिकस्त क्यूं ही
10:07क्यूंकि आप लोगों के दर्मियान भायचारे का रिष्टा कमजोर था
10:11किसी भाई की वज़े से शिकस्त होती है
10:14और किसी भाई की वज़े से हम वतायाब होते हैं
10:20अब मैं आप सब को दो भाईयों का किस्सा सुनाऊंगा
10:25जो बहदर और आजीम तरीन सिपाहियों में से एक थे
10:29उस वक्त मैंने ये कहानी
10:32सुलिमान शाह से सुनी थी अल्ला उनकी मख़ुरत करे
10:36ये किस्सा कोई आम किस्सा नहीं है
10:42और नहीं जूटे किसी किस्सम का
10:44अगर जैसे किस्सा कहते हैं मगर
10:46ये बिलकुल सच है
10:48सालों पहले
10:52दुनिया की इंतहाई दाकतवर
10:54और अजीम रियास्त की बुनियाद रखने वाले
10:57सल्जू की सल्तनत काइन करने वाले
10:59दो भाई कुजरे है
11:00एक सियास्त के इल्म में माहिर थे
11:04सल्तानों के सल्तान जनाब अर्तुल गासी
11:07और दूसरे उनके बड़े भाई
11:09सरदारों के सरदार
11:11जो जन्ग के मैदान में दुश्मनों को
11:13पचाड कर रख दिया करते थे
11:16चायर सरदार
11:17जानते हो उस वक्त
11:20मट्टी खून अलूद हुआ करती थी
11:23और समीम धर्रा उठती थी
11:27हर कोई एक दूसरे की
11:29जान का दुश्मन हुआ करता था
11:30जब हर कोई
11:33अपनी बगा के लिए जंग लड़ा था
11:36तब इन भाईों का मकसद
11:38सल्जू की रियासत की बगा और तरक्की थी
11:40जो इन दोनों भाईों की
11:43जिंदगी से वापस्ता होकर रह गए थी
11:44सुलिमान शाह की वफाद के बाद
11:47चायर सरदार ने
11:49एक बहुत ही आहम फैसला लिया
11:52एक ऐसा फैसला जिसकी मिसाल आज तक काहिम है
11:55कैसा फैसला तुरक्त घाजी
11:58सल्टनत के तख्त पर चायर सरदार का हक था
12:04लेकिन उनोंने तख्त की सिम्धारी
12:07अर्थरुल सरदार को सौपती
12:10वो तो ठीक है
12:13लेकिन उनोंने अपने नफस पर कैसे काबू पाया
12:15यानि अपनी अक्तिदार की हवाज को कैसे संबाला
12:18चायर सरदार
12:19इंतहाई अकलमंद शक्स थे
12:22बैदान जंग में किसी की हिम्मत नहीं थी
12:25कि उनके सामने को तलवार उठाए
12:28मुकाबले में आने वाला कोई शक्स टिक नहीं पाता था
12:32अर्थरुल सरदार
12:33माहिर थे रियासती उमूर के
12:36साहिब शजाद
12:38और इल्म रियासत के माहिर सुल्तान थे
12:40अर्थरुल सरदार और चायर सरदार
12:43उनमें कभी अना नहीं देखी गई
12:46अर्तुरुल सर्दार की अकल
12:48और चायर सर्दार की तलवार की बतुलत फतायाब होते चले गए
12:52घुड़े दोड़ाते चले गए
12:55जब जंग शुरू होती तो तूफान उट खड़ा होता
13:00सलजूग सल्तनत के तीर जब आस्मान का रोख करते
13:05तो सूरज भी छुट जाया करता
13:08चारो तरफ अंधेरा ही अंधेरा चाजाता
13:13तुरकिस्तान से निकल कर शाहीनों की तरह आगे ही आगे बढ़ते चले गए
13:17दुश्मनों के सीनों पर वार करते चले गए
13:22ऐह माशा अलाः
13:25उन दोनों भाईयों का भाई चारा बेमिसाल था
13:29दोनों ने एक दूसरे से लड़ने के बजाए इत्धाद का फैसला किया
13:33और इत्धाद भी ऐसा जो कई सदीयों तक आने वाली नसलों तक बरकरार रहा
13:40एक भाई रियास्त की अकल बना और दूसरा रियास्त के लिए इनसाफ की तलवार
13:46दोनों ने साथ मिलकर आलम इसलाम के पर्चम को बुलंद किया
13:51और एक अजीम उशान रियास्त काइम की उन्होंने
13:55वो अपने मकसद और रियासत की वका के लिए
14:00खुद को कुर्बान कर देने से पीसे नहीं अटे
14:03अर्थुरल सरदार जब अपने रियासत में एक आली शान माशरा तश्कील दे रहे थे
14:08तब चाइड सरदार खुरासान में
14:11लशकर की सरबराही कर रहे थे
14:14इस तरह एक दूसरे के शाना बशाना खड़े होकर
14:18इस अजीम रियासत को काईम किया उन्होंने
14:22माशाला
14:24माशाला
14:25माशाला
14:26इस किस्से से आपको ये सबक मिलता है
14:30कि हमेशा मुद्ध होकर एक दूसरे का साथ दो
14:35जिहाद सर्फ और सर्फ मैदान जंग में नहीं किया जाता
14:39वताह की वज़ा यक जान और दो कालिब बनने वाले
14:43कभी भी अना का शिकार ना होने वाले
14:46जावास हुआ करते है
14:51बहुत शुक्रिया तुर्गुद खाजी
15:02ए अलावदीन गोंजा
15:04तरदार
15:05तुम्हारी बहने कहा है
15:06मत पूछे बाबा दोनों अभी आ जाएंगी
15:11जी वो बस अभी आती ही होंगी
15:17चलो ठीक है बैठते है
15:21बिस्मिल्लाहरामानराहीम
15:26देखो मैंने कहा था ना कहा हमें देर हो गई
15:32बाबा दस्तरखान पर बैठ चुके हैं
15:34मेरी बचा से देर नहीं होई
15:35इस देर की बचा तुम हो फात्मा
15:38बाबा देखे मैंने अब के लिए क्या बनाया है
15:42है खुश्बू तो अच्छी नहीं आ रही
15:46बाबा भी ये खा कर देखे जो मैंने बनाया है
15:49अच्छा लग रहा है ना
15:53खा कर पता चलेगा बाला देख रही हो हमारी बेठियां मेरे लिए खाना बना कर लाई हैं
15:59खा कर पता चलेगा बाला देख रही हो हमारी बेठियां मेरे लिए खाना बना कर लाई है जी हां माशाला मेरी बेठियों माशाल्दा
16:17खा कर देखता हूं खामगा तो फैसला कर पाऊंगा मैं छोड़ो से छोड़ों
16:28मैं और आलकन देखते हैं से
16:30अरे रुख जा रुख जा बैठ जाओ
16:33कहीं नहीं जाओगी तुम दोनों मेरे पास बैठी रहोगी बैठ जाओ
16:36तो चलिए मिलकर खाएंगे मिलकर खाएंगे
16:41देख रही हैं ना आप गोंजा खादू
16:44ये हमें पहले ही भूल चुके हैं
16:48सबर करो अलाओदीन जलो मत अपनी बेहनों से
16:50मेरी बेटियों ने बहुत मेहनत की है
16:53आप पीश में कुछ नहीं बोलेंगे अलाओदीन
16:55वालिदा क्या आप भी अब मुझसे ऐसा कहेंगे
16:58कोई कुछ मत कहें मेरी बेटियों के बार में
Comments

Recommended