00:0012 जुन की दुपहर तक्रीवन देट बजे
00:25अचानक ही एक आग का गोला बना हुआ विमान
00:28डॉक्टर्स होस्टल का गिया कोई कुछ सोच भी पाता उससे पहले मौत का मातम बिखरा पड़ा था जिनकी जुआने चली गई थी उनकी पहचान और जो बचे थे उनको बचाने की दरकार रिजी बीच हादसे के शिकार लोगों के लिए प्रिंस पटनी नाम का एक यूबक म
00:58में से किसी को जानता तक नहीं था बकॉल प्रिंस वो हाथसेवारी जगह से सौ मीटर दूर रहता है क्रिकेट खेलने के दुरान उसने विमान का धमाता सुना और भागा भागा यहां पहुंचा सबसे पहले सुनते हैं इस सहासी क्यूबक की जुआ से वो पूरा वाक्य कि क
01:28मेरे ग्रूप ने मैंने फोन किया तुरंती तो मेरे ग्रूप के थे करिब 15 से 20 जन आया चुके थे साथ में क्रिकेट खेल रहे थे उन लोग को ब्लाष्ट का वजाया मैं गार्डन के पास था वो लोग इससे भी पीछे के मेतन में तो उन लोग को नहीं मालूम के क्या हु�
01:58हम राहूल पटनी है उसके चपल स्टूडगे उसको पैरों में कांच लगी है अंदर कैंटीन में डेट बोडिस एक भी नहीं निकाली हमने जितनी निकाली हो जिंदा थी उसमें से दो डेट ले जाते ले जाते दो जन की दैथ होगे हमने करिब मैंने मैं जब तक था तब �
02:28मिटर की दूरी पर यह यूबक प्रिंस पट्टी ने एहमदबाद विमान हादसे के बाद छात्रों की जान बचाने के लिए जो कुछ किया उसकी जितनी तारिफ की जाए बेहत कम है क्योंकि जहां लोगों की जाने जा रही हो सामने क्रेश होकर गिरे हुए विमान की धु�
02:58मसीह ही बन कर आया था और उनकी ज्राने बचा गया यूबक प्रिंस पट्टी का एहसान वो 25 लोग ता उम्र भून नहीं पाएंगे इस खबर में बस इतना ही बाकी अपडेट्स के लिए जुड़े रही वान इंडिया हिंदी के साथ धन्यवाद