00:00इस लड़की की आंक से रोते हुए आंसू की जगा नूडल्स निकलते हैं, एक दिन ये लड़की स्टोर में समान लेने जाती है, लेकिन पैसे कम होने के कारण इसे कुछ समान वहीं छोड़ना पड़ता है, घर पर आकर वो अपनी financial condition को लेकर परिशान होती है, तभी उसकी आ
00:30और वो अपने पैट को जंगल में छोड़ाती है, घर आते हुए पैट की याद में उसकी आंकों से फिर से आंसू की जगा नूडल बहने लगते हैं, और वो उने फिर से बेचना शुरू कर देती है, उसने अपना एक रेस्टरेंट खोल लिया, नूडल्स की कमी ना हो इसक