00:00हिंदु धर में एकादशी वरत का विशेश महत्व है
00:03एकादशी का वरत हर मास में दो बार रखा जाता है
00:07भगवान विश्णों को प्रसन करने के लिए और उनका अशिरवात प्राप्त करने के लिए
00:12एकादशी के वरत को बहुती शुब माना जाता है
00:15हिंदु पंच्यांग के अनुसार हरमास कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष को एकादशी का व्रत रखने का विधान है
00:21असाड कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगनी एकादशी कहा जाता है
00:25मानेता है कि योगनी एकादिशी का वरत पूजन करने वाले जातक को सभी सुखों की प्राप्ती होती है और पापों का नाश होता है
00:33लेकिन अगर आप योगनी एकादिशी का वरत रख रहे हैं तो इसका पारण भी सही विदी और सही समय पर करना बेहत जरूरी है
00:41नहीं तो आपको इस वरत का फल नहीं मिलेगा ऐसे में चलिए आपको बताते हैं योगनी एकादिशी वरत पारण का समय और क्या खा कर खोले वरत योगनी एकादिशी वरत का पारण 12 तिथी पर करना चाहिए
00:57आप असाड एकादिशी यानि की योगनी एकादिशी का पारण 22 जून को दोपहर 1 बच कर 47 मिनट से 4 बच कर 35 मिनट तक पारण कर सकते हैं
01:07वहीं एकादिशी का वरत रखने वाली महिलाएं 12 तिथी पर हरिवासन समापत होने के बाद ही वरत का पारण करे
01:15पारण ने सबसे पहले भगवान को चढ़ाए गए प्रशाथ यानि जैसे तुलसी दल यूक्त जल या फिर फल का सेवन करें
01:23प्रशाथ का सेवन करने के बाद ही भोजन ग्रहन करें और याद रखें कि सात्विक भोजन ही ग्रहन करें
01:29पहिं पारन से पहले दान दक्षना जरूर दे तभी आपको व्रत का पूर्णफल प्राप्त होगा
01:36उमीद करती हो आपको जानकारी पसंदाई होगी
01:38फिलाल अमारी इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक, शेर एंड चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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