00:00धनपुर एक छोटा सा, लेकिन बहुत प्यारा गाउं था, वहां के लोग सीधे साधे और मेहनती थे, सुबा खेतों में हल चलाते, दोपहर को पेड़ की छाओ में आराम करते, और शाम को चौपार पर बैठ कर किससे कहानिया सुनते, लेकिन इस गाउं में एक बात अजीब �
00:30अजीब अजीब आवाजे आती हैं, कभी किसी औरत के रोने की, तो कभी किसी के हसने की, लोग डरते थे, लेकिन कोई खुलकर कुछ नहीं कहता था, सब कुछ शान्त था, पर कहीं ना कहीं कुछ तो गरबर थी
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