00:00जैसे ही teacher school पहुंचे, उनके होश उडगए। सामने का नजारा ही कुछ ऐसा था, पूरा school हजारों desk बाहर मैदान में रखी थी। और वो भी यूँ ही नहीं, बल्कि एकदम perfect तरीके से 9 के आकार में सजी हुई थी।
00:08शुरू में उन्हें लगा कि ये किसी ने शरारत की है तो उन्होंने बच्चों को डेस्क वापस क्लासरूम में रखने को कहा
00:13लेकिन अगली सुबर जब वो फिर मैदान में पहुंचे तो वहाँ डेस्क अब आठ के आकार में लगी थी
00:17और भी ज्यादा अजीब तरीके से अब उन्हें शक हुआ कि मामला कुछ और है
00:20सचाई पता लगाने के लिए उन्होंने तै किया कि वो खुद स्कूल में रात भर रुकेंगे
00:23सोचा था कि इस बार जो भी करेगा उसे रंगे हाथ पकड़ लेंगे
00:26लेकिन रात के ठीक बारह बजे अचानक उन्हें चक्कर आने लगे
00:29और कुछ ही पलों में वो बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े
00:31जब आँख खुली तो सुबह हो चुकी थी
00:33बच्चे हंसी उड़ाने लगे लेकिन उन्होंने किसी की परवाह नहीं की
00:35सीधे खिड़की की तरफ भागे
00:37और देखा अब मैदान में डेस्क साथ के आकार में रखी थी
00:39अब तो प्रिंसिपल भी डर गए
00:40उन्हें लगने लगा कि कहीं ये किसी एलियन का काम तो नहीं
00:42क्योंकि हर दिन डेस्क का आकार एक गिंती पीछे जा रहा था
00:45नौ से शुरू होकर अब साथ साथ तक आ चुका था
00:47सबको डर था कहीं ये काउंट डाउन शून्य पर आकर कुछ भयानक न हो जाए
00:50प्रिंसिपल ने उसी रात सिक्योरिटी बढ़ा दी
00:52गौड्स को पैट्रोल पर लगाया गया
00:53लेकिन सुबह देखा गया कि सब ही सिक्योरिटी गार्ड बेहोश पड़े थे
00:56और डेस्कप छेह के आकार में थी
00:58अब तो सरकार ने भी दखल दिया
00:59गवर्नमेंट ने पूरे दिन रात निगरानी के लिए टीम भेजी
01:01लेकिन नतीजा वही
01:02सब ही लोग रात को किसी वजह से बेहोश हो जाते
01:04यहां तक की मैदान पर कैमरे भी लगाये गए
01:06लेकिन रात एक बजे से लेकर बारह बजे तक की फुटेज एकदम ब्लैक आउट हो जाती
01:09हर दिन वही पैटर्ण और हर सुबह मैदान में बदलता हुआ
01:11एक और नमबर फिर आया वो दिन जब वो काउंट डाउन शूनिय तक पहुँच गया
01:14लोग घबरा गए शहर में अफरा तफरी मच गई अधिकतर लोग शहर छोड़ने लगे
01:17लेकिन एक मात्र जो डटा रहा वो था सिक्योरिटी हेड तेजपाल उसने ठान लिया था
01:21चाहे कुछ भी हो जाए वो सच्चाई का सामना करेगा और जैसे ही घड़ी ने अंतिम सेकंड को छुआ
01:25आसमान में उड़ती डेस्क को देखकर तेजपाल हैरान रह गया
01:27अचानक एक भारी डेस्क उसके उपर आगिरी और वो बेहोश हो गया
01:30जब होश आया तो उसने खुद को जिन्दा पाया
01:32लेकिन मैदान में बना नंबर अब एक था
01:33तभी उसे समझ आया ये सब उसके दिमाग का खेल था
01:35डर, बेचैनी