00:00मेर कोई है
00:06क्या हुआ मदन भीया इतना पसीना क्यों आ रहा है आपको
00:12कहीं पांच करोड के लोट्री तो नहीं लग गई
00:16अरे नहीं रे ये तो दारू का पसीना है
00:23अब जाओ और किसी से कुछ मत कहना
00:28क्या कर रहा है
00:45और अघओ अजय को
00:58प्रण गड़ा तालॉ
01:02हालो
01:03वीपिका
01:05क्या?
01:06एक कोटे जादे मिला है?
01:07एरे असको मैंने ही कहता
01:10एरे इस चॉपिंग वापिंग कर ले ना यार
01:12मैं?
01:14मैं अगली फ्लाइट ने संद्ध्रेंग से को जा रहा हूं
01:16अजया ही काम करता हूं
01:17मैं अपना प्राइविट जट कल पारिस बज़ देता हूं
01:20अरे थो मैं ले ले के लिए
01:43और फिर वो बाबा की खोपड़ी
01:45एक नारियल की तरह मेरी गोद में आगिरी
01:51पर क्या हुआ?
01:52चुप मिकम में
01:53मैं कोई कहानी नहीं सुना रही हूं
01:55अच्छा, लोट्री तो मिल गई होगी ना?
01:57अरे मदन का भूत उसी की तरह पागल है
01:59लोट्री तो गई हम दोनों बचगे शुकर करो
02:03इसके मतला हम कड़के कड़के रहेंगे
02:05अरे मरे हुए रईसों से जंदा कड़के जाद अच्छे हैं
02:08पापा, कोई तो रस्ता होगा
02:10है नग, बात अच्छा थरीका है
02:12तुम लोग मुझे मार कर मदन के साथ दफना दो
02:14मैं मर कर भूत बनकर उससे लड़कर लोट्री का टिक्रिट लाकर तुम्हें दे दूँगा
02:19ठीक है?
02:24कैसा लगा अइडिया?
02:26यह बाते तु ही समझ सकते तुम करो थम तोनों
02:29एक बात मेरी अच्छी तरह से समझ लो
02:31लोट्री का ख्याल भी मदन के साथ ही दफना देना चाहिए
02:34और चाकर ऐसे सोजो जैसे कुछ हुआ ही नहीं, जाओ
02:42लेकिन पांच करोड छोटी रखम नहीं होती
03:01पांच करोड़ा
03:11पैसा आने के बाद आदमी आदमी नहीं रहता
03:13अज शैतान पंचाता है
03:31भांच करोड़ा
03:36प्राओ
03:37प्राओ
03:40अज़
03:41लिए
03:42लिए
03:44लिए
03:45द्च्ट
03:48लिए
03:50लिए
03:51लिए
03:52लिए
03:54लिए
03:56लिए
03:57लिए
03:58कि अपल ये बहु अपली एंग अजय सिर्फ ए अटाउज में ने कब खाली की
04:22हो जाप्र तू हुँ खुद औंप हो बंप कर दोक कर सोए चु कर से दो होती हुअ
04:25am
04:52तुझे ये ही चाहीए ना ?
04:57ले जा
05:00ले-ले
05:01नहीं
05:04चोटे, तु क्या कर रही है?
05:09चोटे- तु क्या बूलिया?
05:12चोटे, मैंने जिन्दगी वर तुझे साहरा दिया था
05:15तु भूलिया क्या?
05:17चोटे, मैं तरी हर्त Лीप में खड़ था
05:19मैं तुझे याद है।
05:20मैं अठिछाँए ऐलिए
05:22तुझे इधर कंद्र हर बिठ्दा आरे स्कूल लेकर याल guiding
05:25इटनी ने मैं तुरी परिक्षा भी दिय है measurement
05:28तुझे याद ने शुटे
05:33तु बार आट्रिया क्या
05:37शुटे मैं तेरी कातर
05:44शुटे
05:49तुमने वाकरी में बहुत कठिनाईयों भरी जिंदगी जी है
05:58बहुत कठिनाईयों भरी जिंदगी
06:04लेकिन अब शुकर मनाओ कि इसका अंत होने वाला है
06:13इसका अंत होने वाला है भईया
06:18शोट ते, शोट ते, शोट ते, शोट ते
06:21– –
06:30–
06:39–
06:42–
06:46–
06:50प्लादी फूल
07:20इस दुख की गड़ी में मदन भाईया कहा है भावी
07:31अरे आप तो मदन को जानते हैं न बदरी भाईया
07:35वो गया है अपने किसी गुरुजी के पास
07:38लोट्रियों के लिए आशिरवाद लेने
07:40उसकी तो वो ही जाने
07:45लेकिन चाची पापा मुझसे कुछ कह कर नहीं गया
07:48अरे मुझे बता कर गया वो क्या कम है
07:51नोस्ते बाभी जी
07:59अगर वो पाँच करोड मेरे हाथ लग जाए
08:09तो मेरे बच्चे मुझसे दब कर रहेंगे
08:12वरना बुढ़ापे में तो नोकरानी बना देंगे मुझे
08:15डूड पिताजी तो निकल लिए अमा बनने देगी नहीं
08:22क्या माला माल
08:42मुझे कुछ अजीब सा हैसास हो रहा है
08:52कैसा हैसास
08:54पता नहीं पर
08:57कुछ तो गड़बड़े
09:00या पर
09:03कोई है
09:05कोई है कोई है रुकमनी
09:10क्या बोल रहे हैं चंदा जन्नो
09:37सरल हिंदी पांच करोड की लोट्री और सिर्फ एक मामुली से भूट नहीं तो तुमारे पिताजी को
09:47अरे इतना ही डरते हो तो मुझे भगा के कैसे ले जाओगे
09:50थानो पांच करोड
09:52किंते किंते बुड्ड हो जाएंगे मैं और तुम
09:55पांच करोड
09:56गांच करोड रुपए अपनी सहरी भरी जवानी में गिनना जाता हूँ चंदा जन्नो
10:01तो हो जाओ तैयार
10:04तुमारे लिए तुम्हें नरक में जाने को तैयार हुँ
10:07लॉट्री का क्या मामझा है
10:11अरे नरक में जाएंगे अँमारे दुश्मन
10:14हमें बस केसी तरहा मदन चाचू के शव को निकाल कर वो लोट्री की टिकेट अजिल करनी है
10:25पाप
10:36वाट
10:38मेरे एक भूथ का एक्सपेरियंजी काफी दा
10:42मुझे नहीं मिलना इस दूसरे भूथ से
10:44नेवर और वैसे भी अब तो हमार पास तांत्रिक भी नहीं है
10:47हमें बचाएगा कॉन
10:48अबे डूट ये सोच पैसा अने के बाद उन गोरी गोरी कमसन कमसन हसीना को हमसे कॉन बचाएगा
10:55मुंबई पे राच करेंगे, फिल्मे बनाएंगे, बॉलिवुट पे चाएंगे
11:00देख, तु मुझे भिट से भैका रहा है
11:04भैकेगी तो बेपिका, जब मुझ जब से रिच और हैंजम गाइस से मिलेगी
11:09मेरी फिल्म में काम करेगी
11:11सोच तो, कितना मसा आएगा
11:14लेकिन यार, तेरे चाचा की बोड़ी का करेंगे
11:17खूल दीना लसी में उंगली, हम नहीं, तेकरी के जानवर करेंगे
11:22चील का हुए करेंगे, और वैसे ही दूप
11:25इंसान का शरील मिट्टी कही तो होता है ना, है ना, ठीक है
11:32तू बोल रहा है, इसलिए मैं इतना बड़ा रिस लेने के लिए
11:36रेड़ी हूँ, तू रेड़ी, मैं अबर रेड़ी
11:39ये
11:44प्लड़ी फूल
11:54अब मैं क्या करूँ तरून, पिताजी उच्छा तक चलेगे
12:02अगर तुम सहमती दो तो मैं तुम्हारी कुछ मदद कर सकता हूँ
12:06अब कोई कुछ नहीं कर सकता दरून
12:08इसे हम कानूनी तरीके से भी सॉल्व कर सकते हैं रुकमिनी
12:13जिसे चाहना था
12:15वो तो चले गए
12:17अब क्या सुल्च होगे तू
12:19फिर भी रुकमिनी
12:21उस उस लॉट्री पर तुम्हारा हक है
12:25अगर तुम चाहो तो मैं
12:27मैं नहीं चाहती दरून
12:28मैं कुछ नहीं चाहती
12:31अगर पुलिस को पता चल गया
12:34मेरा बचा कुछा परिवार भी मुझसे छीन जाएगा
12:37जो मैं नहीं चाहती
12:39मैं नहीं चाहती
12:41ठीक है
12:44लेकिन ध्यान रहे
12:46इस बात का पता किसी को नहीं चलना चाहिए
12:49कि तुम्हें पता है
12:51नहीं तो तुम्हारी जान को खत्रा हो सकता है
12:55अगर तुम चाहो तो
12:57मैं आज यहां तुम्हारे साथ रुक सकता हूँ
13:00नहीं तुरू
13:02तुम घर चली जो, मैं आज भगवान की शरून मेरे ना चांती।
13:32क्योने लुम है अर्लेव को यह जो अर चūreted by
13:55कि खी जो, मैं आपके मैं को लेती ब 납म हमी एंगा Gesetzentwurf
13:59अरे मेरी चंदा जन्नों अपने धानू से डर गई क्या अपने धानू से डर गई क्या
14:12स्टाइल बाई छोड़ो जल्दी करो देखो मैं अपने घरवालों को अच्छी तरह जानती हूं उनके पॉंचने सबले हमें पहुंचना है
14:18दूड डर ने कर नहीं मैं हो ना पिछली बार भी तूँ साथ था इसलिए डर लग रहा है अरे इश तू स्टाटकर मैं आता हूं मुझे अपने तू जल्दी आना
14:48यहां तूमा पहले को चुका था
15:14कर दो सकते उते है इपना, कजा यहां पिते जल्य पहाएं पहाँ जाया
15:42क्या हुआ बाइसाब बहुत गलत हुआ
15:52लेकिन इतने जाद को आप यहां कर क्या रहे हैं
15:56तुम्हारी तरह धरम का इंतेजार
16:12हुआम हुआ बाइसे सहे यह हुआ दों करने बात धा की दिए!
16:23करते विंद्पार दो आ Дाध PHP
16:28यह है हैं यह है थो हुआ पाम
16:32करने हैं चिन्याद बात है
16:34कि उस च्रूपि बाइसे इतना हुआ
16:37यह अपना धरम था ना हाँ आया होगा हिम्मत करके पहुच्छे डर कर भाग रहा होगा चलो चलो चलो चलो
17:03मेरी दौलत लूटने आया हो नहीं दोंगा यही वो जगा है जहां पिताजी ने चाचो को दफनाया है
17:33कहीं है चाचो का भूत नहीं अरे बखवास बंद करो हमारे लावा यहाँ कोई नहीं है
18:03यहाँ आओ बेटी मेरे पास
18:28यह जए को शहैं यहाँ को
18:46जए किष्ब
18:48जीवन के माइने क्या है बाबुजी?
19:02कुछ नहीं और सब कुछ
19:05ये जीवन एक सफर है बेटे
19:08तो फिर इंसान इतना लालची क्यों हो जाता है बाबुजी?
19:14क्योंकि वो इस मौ माया के अंधरे में अंधा हो जाता है
19:17सत्या की रोष्णी उसे दिखाई नहीं पड़ती
19:20बाबुजी आखों की जोती ना होते हुए भी
19:24मैं असामानने और लोग के गतिविधियों की चेतना कर सकता हूं
19:29ऐसा क्यों है और कैसे?
19:34बेटे, बगवान को कोई समझ नहीं सकता
19:37मैं भी नहीं
19:40आज पता चला के उसने तुमें नेत्रहिन क्यों बनाया ये दुन्या
19:48ये समाज शायद इनको तुमारी शक्ति की ज़रूरत है
19:54इसलिए परमेश्वन ने ये गुन तुमें आशिरवाद में दिया है
20:01मैं कुछ समझा नहीं, बाबुजी
20:08दिल थाम ले चंदा जन्नो
20:10अब पांच करोड रुपे हमसे एक फुट दूर है
20:24तुम दोनों यहां क्या कर रहे है
20:49ये माला हमारी कई पीडियों से चलती आ रही है
20:52इसमें हमारे पूर्वजों की भक्ति विराजित है
20:56और अनंत धार्मिक और दैविक उर्जा समाई हुई है
21:02ये माला तुमारी हर बुरायों से रक्षा करेगा
21:06चाहे वो प्राकृतिक हो या अलोकिक हो
21:09और ये उनके लिए जिनकी तुम रक्षा करना चाहते हो
21:22इसको ढूंड रहो ना
21:32देखो, मैंने सब का काम आसान कर लिया
21:36अच्छा क्या हरीश जो तुमने वो लॉट्री अपने निगरानी में रख लेगे
21:46अब हम इसको बराबर रिसमें बाट लेंगे
21:50हाँ हाँ हरीश
21:52बतानि उस बेवडे मदन ने लॉट्री के टिकेट को अपने पास चुबागे रख और हम सब को यह तरसाया
21:58जाला जिंदा होता ना तो एक चमाट मारता कान के नीचे
22:01एसे मरेवे की बुराई तो नहीं करनी चाहिए
22:06पर मदन चाशा थे बड़े सर्फे
22:08कभी भी कुछ भी करते थे
22:10और बजह एक रहा तो उनोंने
22:12तुम लोग कान चले गए
22:15अहाँ आपनी दॉलत तू नहीं आता तो मैं ते रहा हूँ
22:37आपनी दॉलत तू नहीं आता तो मैं ते रहाँ दोपता है
22:44तो मैं तेरा हिसाब कर देता हूँ
22:46जंदा
22:48जंदा
22:52जंदा
23:14जंदा
23:28जंदा
23:31मैं
23:38माँ, बेने फिर हरीश के मुझे चाचु को बोलते वे सुना और फिर उनने दानू को
23:49कि चारा तो, वो भी सिदर गया है
23:53बस, बस मेरे बच्चों, अब कसम खालो कि आज के बाद दुबारक कभी मौत के मूँ में नहीं जाओगे
24:00अरे भाड में गई असी दॉलत, जिसे पाकर भी इंसान उसका स्वाद नहीं ले सकता
24:05माँ, अब हम क्या करें?
24:09चुप, हमेशा के लिए चुप
24:13अगर ये बातें बाहर गई, तो हम सब को एक भूटी कौडी मिले बिना ही जेल जाना पड़ेगा
24:21इसलिए आज कसम खालो, जो हुआ, सो हुआ
24:27और एक बात, अगर आज के बाद कभी मुझे दॉलत का उबालाए
24:34तो तुम लोग मुझे संभालोगे, समझे?
24:40आपको कौन संभाल सकता है?
24:45कोशिश करेंगे
24:46चीती रहो
24:55आईए, बैठिये ना
24:59नहीं, दन्यवाद, दरशल पास के गाव में महाई अगन के सिलसिले मुझे अभी रवाना होना है
25:05गाड़ का बद तो चुका है, बस एक निवेदन है आपसे
25:09जी कहिए ना
25:10मेरे लौटने तलग
25:12अगर तरुन को तुमारे गर में सिर्फ दो दिनों की शरण मिल जाए
25:16तो मैं निश्चिन्त हो जाऊँ
25:18इस पूरे गाव में ये एकी घर है जिसमें उसका आना जाना रहता है
25:22पंडित जी, आप निश्चिन्त हो कर जाएए
25:25शुक्रिया
25:26चीते रहो बैटा
25:31नमस्ते
25:33रुक्मिनी, बेटा तरुन को महमानोवला कमरा दिखा दो
26:01क्या हुआ?
26:11क्या हुआ?
26:17कुछ बोलते क्यों नहीं?
26:27चाची इसे हमेशा अपने साथ रखियेगा
26:33आँ ठीक है, जा अभी
26:57दुनिया के लिए तुम अभी मरे हो
27:11दुनिया के लिए तुम अभी मरे हो पर मेरे लिए तो हमेशा से ही थे
27:29सारी जिन्दगी सोचने में निकाल दी और जब कुछ करने का वक्त आया तो निकल दीए
27:37क्या मुसीबत है अब सारी सिम्मेदारी मेरे ही सर मड़ गई है
27:43तुम और तुम्हारा भाई दोनों ही मेरे दुश्मन थे और दोनों एक जैसे निकम में
27:52अब मदन की उस बच्चलन रुकमीनी को भी मुझे ही चेलना पड़ेगा
27:57रास लीला रचा रही है अंधे के साथ
28:01क्या मैं नहीं जानती बाप पर गई है अपने
28:05नहीं ही अपने
28:25नमस्ते भावी
28:29मेरा, मेरा रुद्राक्षा
28:35बावी जी
28:40जरा संभलकर
28:51पाव
28:53पाव
28:55पाव
29:01पाव
29:03आप आप हूट।
29:23बहति हुई धाराओं के साथ
29:28हर कोई तेरता है धाराओं को जीट कर दाराओं को जीट कर दाराओं को
29:40क्या हुआ अधारू?
29:50कुछ नहीं
29:55कैसे बताओ रुकमनी को की उसके पिता एक शैतान बन चुके हैं
30:04रुकमनी क्या तो मुझे इन शब्दों का अर्थ समझा सकती हो?
30:10इन शब्दों का
30:13तुम्हारे पिता की आत्मा शैतानी हो चुकी है
30:23उन्होंने ही चाची को मारा है
30:28और इस समय वो ठीक हमारे पीछे खड़े
30:32सुन रहे हैं और देख रहे हैं
30:35तरूँ
30:42तरूँ
30:44मुझे यज़ी यहीं दिए होता कि
30:48पिताची क्या हमा
30:51मुझे दुख है मैं
30:53मैं आम जबूर हु रुकमनी
30:56क्या तुम मुझे उस टेकरी तक ले जा सकती हो?
31:05क्या?
31:08नहीं, नहीं तरुन, नहीं तरुन, नहीं तरुन, जा तुम्हे इस जबेली में टारना नहीं चाहती हूँ.
31:16एक ही बल में पराय कर दिया, रुकमेनी.
31:23नहीं तरुन, ऐसे मत काँ.
31:26मुझे कुछ नहीं होका, कुछ नहीं होका मुझे.
31:36उली में होका मुझे भुप।
31:55प्रुन, यहीं होका मुझे कुछ नहीं होका मुझेए, जा रे झाला नहीं होका भुप।
31:57खोड़ोग खोड़ोग खोड़ोग अब तू भी मरेगा नदरम्
32:22को कोई है कोई है कोई है कोई है
32:25कर दो कि यहां से निकलने में समझतारी भी है और भलाई भी
32:36धरम भया ठीक कहते हैं इस घर को छोड़ कर जाने में भलाई है
32:40जब मतन चाचा के भूत सेथ घर को छुटकारा मिल जाएगा तब ही वापस अने में समझतारी है
32:55कर दो कर दो कर दोड़ में समझतारी है
33:25तरूम, तुम्हें भरोसा है नौ?
33:34हाँ, मुझे इन पर पूरा भरोसा है
33:39मैं टेकरी जा रहा हूँ, तुम संभल कर रहे ना?
33:50हाँ, मैं संभल कर रहा हूँगी
33:55और तुम्हारी निशानी को भी संभाल कर रखोगी
33:59और हाँ, वो लौट्री
34:02हमारे लिए बहुत सरूरी है
34:06पर नाब, हम अमारे मकसद तक नहीं पहुँच पाएंगे
34:10ठीक, सुना, लौट्री
34:15समझ गई भईया, इसका मतलब साफ है
34:20लौट्री रुक्मिनी के पास है
34:21हमारे पास एक सुनाहरा मौका
34:50पास है
35:20बदे के व्यूवड़ देः कि व्यूवड़ थे सकते है
35:25यूवड़ गईया
35:27प्रिड़र
35:28यूवड़र
35:31प्रिदिए
35:32प्रिदिए
35:45अजाए
35:48प्लाडी फूल
35:51पागल मैं नहीं
35:53तुम हो गया मदन
36:06यह काम करों
36:08तुम उदर देखो
36:10मैं इदर देखता हूँ
36:12रुकमनी
36:17यहाँ
36:37यहलो, तुम्हारी रक्षा करेगा
36:42रुकमनी?
36:44रुकमनी?
36:47प्रूप जो पापा नाए तू पी इच में से हर्चा आए
37:17तेरो मदन
37:27इसी के लिए कर रहे हो ना ये सब कुछ
37:36मुझे शक था
37:38मुझे शक था कि तू अंधा हो कर भी मुझे देख सकता है
37:44सच्छे मन से हर बुराई साफ साफ नजर आती है मदन
37:48मेरी दौलत पर हाट डालने की तेरी हिम्मत कैसे होई
37:57ये भला तुम्हारे किस काम की है
38:01ये मेरी है और मुझे चाहिए
38:06तो आगर ले लो
38:08आख बास केजिए
38:12बास केजिए
38:17बानी केजिए अब कुछ
38:20बस कीजी, बनी कीजी सब कुछ, इस लॉट्री के वज़े से हमारी घर की खुशिया चीनगे।
38:43बापा, मैने अको कितनी बाह नहीं समझा है, कि लालाच छोड़ दीजे रुट
38:50लेकिन आपने मेरी एक नहीं मानी, और आज, आज देखे परिनाम क्या हुआ है, मरने के बाद भी आपको, आपको शांती नहीं मिलिये, सब कुछ, इस लॉट्री के मज़े से हुआ है, सारी फसाद की जड ये लॉट्री है, अगर जड को ही काट तो, तो पेड तो रहेगा ही �
39:20के लॉट्री है?
39:50ये आकरे, ये आकरे कभी किसी के सब्सक्राइब नहोंते, कभी नहीं!
40:20सब्सक्राइब नहीं
40:50झाल झाल
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