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कहानी 2.0: 17 साल बाद टीवी पर स्मृति ईरानी का कमबैक, क्यों लौट रहीं तुलसी?
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00:00मस्कार मैं हूं नेहा बाथम और आप देख रहें कहानी 2.0
00:18एक ऐसा चहरा जो कभी घरगर की बहु बनी फिर संसत के गल्यारों की आवाज बनी
00:24एक ऐसा चहरा जिससे टीवी स्क्रीन पर एक मा, एक पत्नी, एक बहु का किरदार निभा कर इतिहास रज दिया
00:31और फिर देश की राजनीती में अपना पर्चम ले रहाया
00:34अब 25 साल बाद वो फिर लौट रही हैं छोटे परदे पर अपने सबसे आइकॉनिक किरदार में
00:54मामी देखो तो कौन आया है आँ दूद बाल रही थी आया ये बैचिये न शादे से जुड़ा है सिर्फ एक है अक्षर गव
01:08दिस्वास सीर्वा की जो भावना है हमारी पार्टी की हर कारेकर्सा में उस भावना से साथ अपने शेष्व में काम करें
01:19क्योंकि हमारा पच्चिस सालों का रिष्टा जो है वक्त आ गया है आपसे फिर मिलने का क्योंकि सांस भी कभी बहू थी
01:4125 साल पहले एक बहू ने टीवी की दुनिया में कदम रखा था जिसने घर घर में अपनी जगह और पहचान बना ली
01:50उसका नाम था तुलसी वी रानी और एक बाद फिर वही बहू लोट रही है उसी अंदाज में उसी उर्जा के साथ स्प्रिती रानी आक्टिंग की दुनिया में वापसी कर रही है उसी किरदार में जिसने उन्हें देश भर में पहचान दिलाई थी
02:0325 साल एक एक पल जैसे यादों में जिन्दा है
02:33अब थोड़े ही न वापस आएंगी पर मानना पड़ेगा पापा टीवी हो या टीवी के बाहर जहां भी गई चाट यह बात सही हो लिए तुलसी जी टीवी पर आएंगी या नहीं आएंगी वो टाइम निकाल पाएगी हमें तो लगता है वो ज़रूर आएंगी नहीं बह�
03:03अपनी बेटी माना और अब एक बर फिर वो लभा लॉट आया है क्योंकि हमारा 25 सानों का रिष्टा जो है वक्त आ गया है आपसे फिर मिलने का क्योंकि सास भी कभी बहुत थी 29 चुलाई से राच सभी 10 बची साल था 2000 जब भाड़ते घर में ये धुन हर घर में बच्ती थी
03:33साल 2000 भारतिय टेलिविजन का एक स्वर्णी मोड जब एक साधरन सी दिखने वादी लड़की ने टीवी स्क्रीन पर कदम रखा और कुछी दिनों में करोणों दिलों की धरकन बन गई
03:47नाम स्मृती रानी, किरदार तुलसी वी रानी और शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी
04:03साल 2000 से साल 2008 तक इस शो ने क्रांती रची टी आर पी की
04:08तुलसी जिसने हर घर में संसकारों की एक नई परिभाशा दी
04:17एक आदर्श बहू, एक सर्शक्त नारी, एक ऐसी आवाज जो हर अन्याय के खिलाफ खड़ी हुई
04:24और उस किरदार को जिन्दा किया था स्मृती रानी ने
04:27पूजा तुम्हें साथ जो भी हुआ उसे एक बुरा सपना समझ के भूल जाओ
04:32अपनी जिन्दिगी एक नए सिरे से शुरू करू भाभी, मैं आपसे राय लेना चाहती हूँ
04:40पूजा मैं नहीं जानती है तुम किस बात की राय लेना चाहती हूँ
04:43हर डायलोग, हर आसू, हर फैसला स्मिर्टी रानी की आँखों से सीधे दर्शकों के दिलों में उतरता था
05:05इन्दिगी प्रण से उतरिएर को लिए फैसे बधिल चंख मेरे विंजी में लिए।
05:20तब वेगुणा। लिए मैं ताइ उति प्राइब कर दूनम होता इन पूजा चाहती है período को वेजलियू पूझ है
05:24वो कारण धीरे धीरे अनफोल्ड होगा तब लोगों को समझ में आएगी कि हाँ तुलसी जो कर रहे हैं कि परिवार की भलाई के लिए ही कर दो वापस इसी रोल में चलिए नहीं है दुबारा रोना थो नहीं है
05:35फिर समय आगे बढ़ा स्मृती ने टीवी की दुनिया से राजनीती के और रुख किया
05:41रोल मॉडल इंसान ढूनना चाहे तो अपने ही परिवार में अपने घर में मिल जाते हैं
05:47रोल मॉडल जरूरी नहीं है कि वो लोग हो जो परदे पर दिखाये थे या मीडिया में जिनके चर्चा हो
05:52रोल मॉडल वो आम इंसान भी हो सकता है यह आम महिला भी हो सकती है जिससे हम जीवन में कुछ सीख पाते हैं
05:58और भारतीय जन्ता पार्टी में ऐसे कई महिला कारे करता है जो हर इनसान के लिए रोल मॉडल बन कर पेष होती है
06:11ये एक अलग मंच था थे स्मृती रानी के लिए
06:15पहले पारटी में महिला विंकी सचीव बनी, फिर पारटी में सचीव बनी
06:202014 में जीत के बाद केंद्र में मंत्री बनी, 2019 में राहूल गांधी को हराया, एक मस्बूत नेता बनी
06:28पर लाख बदल जाए मंच, स्मृती रानी की पहचान में दूलसी हमेशा रही
06:35स्मिर्ती रानी अब एक बार फिर उसी किरदार में लौट रही है, तुलसी के रूप में, 25 साल बाद, वही चेहरा, वही आवाज और वही शक्ति
06:58हमारा 25 सालों का रिष्टा जो है, वक्त आ गया है आपसे, फिर मिल लेगा
07:04वक्त बदल गया है, साल है 2025, क्योंकी सास भी कभी बहुती, फिर से लौट प्यारा है, लेकिन क्या नया जमाना, नई जैन्जी, जिन के पास हर वक्त, पोन पर 24 घटा एंटर्टेंविंट के धेश सारे साधन मौझूद है, वो देखेगा क्योंकी सास भी कभी बहुती, घर
07:34ये शो देखेंगे, क्या स्मृति यरानी फिर से तुलसी बनकर सब के घरों की रानी बनेगी, ये देखना दिल्चस्पो का, लेकिन फिलाल स्मृति यरानी कमबैक कर रही है, क्योंकी सास भी कभी बहुती, सीजन टू के साथ जो जल्दी स्टार प्लस पर आएगा,
07:47साथ जुलाई की रात, जब क्योंकी सास भी कभी बहुती का, नया संस्क्रण लोगों के सामने आया, तो सोशल मीडिया पर मानू तूफान आ गया, हर किसी ने कहा, ये तो वही तूलसी है,
08:00काले बालों के साथ सफेद साड़ी, माथे पर बड़ी सी बिंदी, और आखों में वो दर्द, वो जुनून, जिसने एक जबाने में हर टीवी दर्शक का दिल जीत लिया था,
08:25इन तस्विरों ने लोगों को 25 साल पीछे खीच लिया, वो दौर याद आ गया, जब हर रात 10 बजे टीवी पर बस एक ही नाम गुंचता था, तूलसी.
08:55क्योंकि सास भी कभी बहु थीका, ये नया चेप्टर पुराने दर्शकों के लिए एक एमोशनल सफर होगा, और नई पीड़ी के लिए एक अन्वव जो शायद उन्होंने कभी नहीं देखा.
09:10ये नहीं आएगी? ये नहीं आएगी? ये नहीं आएगी? ये नहीं आएगी? जरूर आओंगे.
09:21जो मुझे लगता है कि मतलब जो उस टाम पर चुट-चुट बच्ची होते थे और अभी बड़े हो गया हैं, you know, they also remember these characters.
09:29So this is like, it's like, you know, कि जैसे चप गया हूँ, you know, कि मतलब उसके बाद बहुत वो एक बेंचमार्क सेट हो गया है. तो वो जो मैंने क्रेज देखा है, उन लोगों का तीनों का. It was like phenomenal.
09:43जरूर आओंगे. क्योंकि हमारा 25 सानों का रिष्टा जो है.
09:53ये सिर्फ दुलसी की वापसी नहीं है, ये उस तृरिष्टे की वापसी है, जो दर्शकों और स्मृती के बीज बना था.
10:01मम्मी लोगों का जादा होगा कि उन्होंने जो देखा है वापस से आ रहा है तो शायदो एक्साइटेड होंगी.
10:05हमने तो उनको बहुत एंजोई किया वो सीरियल पे, अगर वापस उसकुछ बनता है वैसा कुछ सोच, that is, I think लोग उनको बहुत अप्रिशेट भी करेंगे क्योंकि वो हुआ भी था.
10:14चाहिए वो पॉलिटिक्स में रहें, तो भी वो बहुत अच्छा परफॉर्म कर सकती हैं, चाहिए वो फिल्म इंडस्ट्री में रहें, तो भी वो बहुत अच्छा से परफॉर्म कर सकती हैं, क्योंकि उनके अंदर कला, उनके अंदर आर्ट्स बहुत अच्छे से हैं.
10:25लोगों को आज भी याद है जब तुलसी ने मिहिर की मौत की ख़बर सुनी थी या जब उन्होंने अपने बेटे को सजा दिलाई थी
10:38उनके हर फैसले ने दर्शकों को रुलाया था और सिखाया था कि सच्चाई के लिए खड़ा होना कितना जरूरी है
10:45मुझे जब इसे मिनली की आस दी है मुझे जब रोता था इस घर में तो सब तोड़ कर आते थे
10:55मुझे रगता है जब आप प्रामायन पड़ते हैं तो आप पे निर्भर करता है कि आप क्या संसकार ग्रहन करना चाहते हैं राम के या रावन के
11:02तो लोगों ने जब इस सीरियल को देखा तो उन पर निर्भर करता था कि उन्होंने अच्छी बाते सीखी या बुरी बातों का दादा उन पर इंपक्ट हुआ
11:09हमने सीरियल के माध्यम से कम से कम मेरे पात्र ने ये सिखाने की कोशश की कि परिवार को एक जुट रहना चाहिए बड़ो का सम्मान करना चाहिए
11:17इस वापसी में सवाल ये नहीं है कि शोच चलेगा या नहीं सवाल ये है कि क्या दर्शक फिर से उसी इमोशन को जी पाएंगे
11:25क्या एक बर फिर टीवी स्क्रीन के सामने बैठ कर हर एपिसोड का बेसबरी से इंतजार करेंगे
11:31क्या OTT की दुनिया में तुलसीर लोगों से जुड़ पाएंगी
11:34क्योंकि हमारा 25 सालों का रिष्टा जो है
11:42पूरे 25 साल बार लॉट दो रहा है लेकिन लॉट के नए जमाने के लिए एक परिवारिक कहानी फिर से कहेगा
11:49कहानी जॉइंट परिवार की कहानी उस विरानी परिवार की जो हमेशा साथ रहती थी
11:54कहते हैं न फैमली दर इट टुगेदर, वर्क टुगेदर, डान्स टुगेदर, फाइट टुगेदर, और लव तो ये था
12:00एसेंस क्योंकि सास भी कभी बहुती का और प्रडूसर एकता कपूर को लगता है कि 2025 में भी ये कहानी दर्शकों को पसंद आएगी
12:08अब एकता कपूर का ये जो कन्मिक्शन है ये देखना होगा कि क्या काम्याब होगा क्योंकि वक डेफिनिटली बदल चुका है
12:15OTT से कॉमपूर्टेशन है अब लोगों को जोरत नहीं कि वो साड़े दस बजे तक वेट करें अब लोग कभी भी कहीं पर भी कोई भी entertainment का साधन देख चकते हैं
12:24ऐसे में क्या परिवारों को और टेलेविजिन को फिर से वापस जोड़ेगा क्योंकि सास भी कभी बहुती ये देखना होगा दिर्चस्प
12:32एक बात तैह है स्मिर्ती रानी का ये कमबैक सिर्फ एक्टिंग की वापसी नहीं बलकि एक आइकन की घर वापसी है
12:41राजनीती के साथ साथ अब स्मिर्ती टीवी की दुनिया में एक बार फिर से एक मा, एक बहु, एक नारी की प्रेणा बनेंगी
12:49मगर इस बार शो के साथ एक चीज और लोट रही है
12:52तुलसी का तेज, उसकी ताकत और स्मिर्ती राणी की वो अद्भुत अदाकारी जो आज भी वैसी ही प्रभावशाली है जैसी 2000 में थी
13:01स्मिर्ती राणी की शुरुआत मॉडलिंग के करियर से हुई, फिर छोटे किरदारों से होते हुए तुलसी विराणी की किरदार ने उन्हें घर-घर में मश्वूर बना दिया
13:21टीवी की दुनिया में राज करने के बाद उन्होंने आक्टिंग से एक लंबा ब्रेक लिया और सियासत में नहीं पहचान बनाई लेकिन उनका टीवी और सिन्वा से रिष्था कभी नहीं तूटा, स्विती राणी की जिंदगी संघर्ष की एक परिभाशा है
13:33यह है मुंबई, कहते हैं सपनों का शहर मुंबई हर किसी को गले नहीं लगाता
13:54किसी से बहुत कुछ छीनता है, तब जाकर थोड़ा बहुत देता है
13:58यहाँ किसी को तरक्की का आस्मान मिलता है, तो किसी के हिस्से में सब कुछ लुट जाने का खौफ होता है
14:06स्मृती राणी भी जब अपने सपनों को बुनने निकली, तो उन्हीं भी जिंदगी की असल चुनोतियों से सामना हुआ
14:17मुंबई आने के बाद उनके पास ना तो कोई बड़ा कॉंट्रेक्ट था, ना कोई सपोर्ट सिस्टम, सिर्फ एक उम्मीद थी और खुद पर विश्वास
14:26मुंबई आई थी और मेरे पास पैसों की कमी थी तो नौकरी नहीं मिल रही थी कहीं भी
14:32और पिताजी से लिया हुआ पैसा वो कर्स चुकाना था उन्हें और अपने लिए एक फ्यूचर बनाना था
14:37और स्ट्रगल के उस दौरान मैंने सुचा कि अब घर बैठे माता बेता से पैसे लेने के बजाए
14:43खुद जाकर बाहर कोई नौकरी ढूंडे
14:45जहां पर मुझे हाद भी याद है कि जब मैं गई तो मुझे लगा कि शाहिद कोई असिस्टन मैनेजर की पोस्ट होगी
14:54साल था 1998 स्मृती राणी फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता में शामिल हुई
15:07वो फाइनल तो नहीं जीत पाई लेकिन वहां से निकला एक सपना खुद को साबित करने का
15:241968 में ही जमृती राणी को मीका सिंग के म्यूजिक अलबम सावन में लग गया के गाने बोलिया में काम मिला
15:54यह उनका पहला ओन स्क्रीन एपिरेंस था यहीं से उन्होंने मॉडलिंग और वीडियो में काम शुरू किया
16:01काम मिल रहा था लेकिन छोटे-छोटे विज्यापनों में ना सिनेमा में कोई काम मिल रहा था ना ही टीवी की दुनिया में
16:08कई बार रिजेक्शन मिला, कई बार उमीद टूटी लेकिन स्मृती रानी रुकी नहीं
16:13मेरे पिता जी ने कहा था कि अगर आत्मसम्मान है तो वो पैसा उधार नहीं रहेगा वो चुकाए जाएगा
16:26और मैं उस बात से पूरी तरह से सहमत हूँ, क्योंकि जब वो पैसा चुकाया तब माबाप की मेहनत का एहसास हुआ मुझे
16:32साल 2000 आते आते स्मृती को काम मिलने लगा था
16:36पहला काम आतिश में मिला और फिर दूसरा काम हम हैं कल, आज और कल में मिला
16:42दोनों टीवी शो चोटे परदे की दुनिया में कोई खास करिश्मा तो नहीं कर पाई
16:47लेकिन स्मृती रानी को चोटे परदे पर काम करने वाले कलाकार जानने लगे थे
16:51एक्टिंग का सफर तो शुरू हो गया था, लेकिन असली पहचान वो तो अभी इंतजार कर रही थी
16:57इस सीरिल के जरिये, अपनी कला के जरिये, मैंने जीवर में वो सारी तमन्नाय पूरी की हैं
17:07वो सारे सपने जिये हैं जो मैं दिल्ली से लेकर चली यहीं कि एक दिन जो भी बनो अपने दम पर बनो
17:13साल 2000 कहीं वो मोड था जब एकता कपूर का शो क्योंकि सास भी कभी बहुत ही तयार हो रहा था
17:21स्टार कास्ट ढूंडे जा रहे थे एकता कपूर को चाहिए था एक बहू जो परंपरा और प्रगती दोनों की मिसाल हो
17:29ओडिशन में स्मृती रानी ने जो परफॉर्मेंस दी उसने डारेक्टर्स को चौका दिया और वहीं तय हो गया तुलसी विरानी बनेंगी स्मृती रानी
17:38तीन जुलाई 2000 के दिन क्योंकि सास भी कभी बहुत ही औनेर हुआ तब किसी को अंदाजा नहीं था ये सिर्फ एक धारावाहिक नहीं एक क्रांती बनने जा रहा है
17:52कुछी महिने में तुलसी विरानी का किरदार भारतिय टेलिविजन की सबसे आइकोनिक बहु बन गया
17:59सादगी, आत्मबल, नैतिकता और विरोध की आवाज इन सब का नाम तुलसी था
18:10और उस किरदार की आत्मा थी स्मृती रानी
18:13इस किरदार में उन्होंने सिर्फ एक्टिंग नहीं की उसे जिया
18:28जब मिहर की मौत हुई तो देश भर में लोग रो पड़े
18:49जब तुलसी ने अपने बेटे को सजा दी तो दर्शकों ने उसमें न्याय की जीत देखी
18:54जब जब तुलसी तूटी दर्शक तूटे जब जब वो खड़ी हुई लोगों ने तालियां बजाई
19:00जब तुलसी भर में लोग शाप टाइम जिस टाइम आता था बस टीवी के आगे बैड गए तो अभी आप सोच नहीं सकते कि कैसे और भौकाल बनने वाला है
19:11पहले ही शुरू हो जाते थे घर का खाना औना बनाया फटापयट सीरियल ओठीक więc जसका हूर थी बड़े खुश होते थे
19:18हमने बहुत टाइम तेकं उनको देखाया या
19:19अब हम उनको साज के रूप में देखना पसंद करेंगे मुझे आज भी याद है उनकी एंट्री जो सीरियल स्टार्ट होता था और एंट्री थी तो वो सबको इंट्रीज कर वाती दिरवाजा खोल के इंट्रीज कर वाती बहुत अच्छा था वो और उस टाइम वो यंग थी �
19:49अमेजिंग रहेगा थोड़ा अलग तरह का त्रड़का रहेगा इस शो ने ट्यारपी के सारे रिकॉर्ड तोड़े हर घर में एक समय ऐसा था जब रात दस बजे सब कुछ बंद हो जाता था सिर्फ टीवी चलता था और उस पर होती थी तुलसी
20:05उनकी जो एक रीच थी वो कमाल की थी मतलब in the sense उस समय मेरे कहल से जो टीरपी होती थी वो कोई और रही लेवल की होती थी थी आधिंग 8, 9, 10, you know, sometimes even like 25, 23, something like that.
20:22It's a big, big thing. It's a big, big moment for Kyuki to come back on air and also for Smriti to come back on television.
20:29I mean, you can never come back, come again to television, I will say.
20:33Because हम कभी back नहीं जा सकते हैं, हम फिर से आ सकते हैं.
20:36So, she's going to be there and I'm sure कि जितना प्यार उने पहले मिला था, उससे तिगना चौगुना जादा पिर से मिलेगा.
20:44आपने मुझे बलाया, सेजल में तुमसे एक बात पुछू.
20:48लेकिन ये सब इतना आसान नहीं था.
20:50लंबे शिड्यूल, निजी जिन्दगी से दूरी, ठकावट, लेकिन स्मृती ने कभी हार नहीं मानी.
20:56उन्होंनी उस समय के सबसे बड़े टेलिविजन शो को अपनी मेहनत और समरपण से जिन्दा रखा.
21:02स्मृती रानी को इस शो के लिए कई अवार्स मिले.
21:05लेकिन जो सबसे बड़ा सम्मान था, वो था लोगों का प्यार, लोगों की उमीद, लोगों का विश्वास.
21:35तुलसी के बाद भी समृती ने कई शोज किये, विरुद, थोड़ी सी जमीन, थोड़ा सा आसमान और कई रियल्टी शोज में बतौर होस्ट भी दिखी.
21:51इसके बाद समृती ने एक और बड़ा मोड लिया राजनीती का, एक कलाकार से नेता तक का सफर भी उतना ही प्रे रख रहा, लेकिन हर बार जब उन्होंने कोई बड़ा भाशन दिया, या कोई मंत्री के रूप में कड़ा फैसला लिया, लोग कहते थे तुलसी बोल रही है
22:21तो वो सिर्फ एक्टिंग नहीं कर रही, वो अपनी जड़ों से फिर से जूड रही है।
22:51एक ऐसा चेहरा जो कभी घरगर की बहु बनी, फिर संसत के गल्यारों की आवाज बनी, एक ऐसा चेहरा जिससे टीवी स्क्रीन पर एक मा, एक पत्नी, एक बहु का किरदार निभाकर इतिहास रच दिया, और फिर देश की राज़ीती में अपना पर्चम ले राया, अब 25 साल
23:21स्मृती रानी आज भारते राज़ीती की ताकतवर महिला चेहरों में शुमार है, 2003 में बीजेपी से जुड़कर उन्होंने संगठन में अपनी जगा बनाई, 2014 में अमेठी से राहुल गांधी को चनौती दी, 2019 में उन्होंने उसी सीट से जीत कर इतिहास रच दिया और मोध
23:51कितना जिया, कितना पाया, कितना खोया, कितना याद रखा, एक्चली तस्वीरों में सिमठ जाती है यादे
23:58सम्विधानिक तरीके से उजनता की सेवा हो, यही मेरा धेय है
24:05एक ऐसी नेता जिन्होंने एक्टिंग के मंद से निकल कर सियासत के गलियारों में अपनी पहचान बनाई
24:23कभी टीवी पर तुलसी बनकर परिवारों के आवास थी आज भारतिय जनता पार्टी के आवास बन चुकी है
24:35जिने कभी भारतिय टेलेविजन की संसकारी बहु कहा गया आज वो देश की सबसे तेज तर्रार महिला नेताओं में गिनी जाती
24:59आज जो भगगाए हैं सदम से उनसे कहना चाहती हूँ
25:05इस देश में ना धारा 370 लोटेगी इस देश में कभी भी पंडितों को रलिव सलिव गलिव का
25:15हम की कोई देने वाले बचेगा नहीं
25:19टीवी की दुनिया से निकली एक महिला आज भारतिय जन्ता पार्टी की स्टार प्रचारक है
25:30चुनाम देश के किसी भी हिस्से में क्यों नहों हर राज्जी में स्मिर्टी इरानी की जरुरत होती है
25:38यह मेरा सौभा किया है कि जो आज वाइनाड के MP है उनको उत्तातर देश से मैं नहीं रवाना किया अब वो यहां रहेंगे तो उसका हाल भी वैसा ही होगा जैसे उन्होंने अमेठी में किया था इसलिए यहां ना रहें उसकी व्यवस्था आप सबको कर लिए
25:56कि वो जिनोंने वर्शों कत अप्नी प्रड़ा को छला आपको कर नाड़ थी बेहनों को छलने आए जो किसान इस भ्रहम में है कि राहूल गांधी टारणहार बनेंगे उन्से कहना चाहती हूं जिस राहूल गांधी के सामने
26:13कॉंग्रेस खुद दूब रही है वो राहुल गांधी जो अपनी पार्टी को ना बचा सके वो देश के किसान का क्या खाक कल्यान कर पाएंगे
26:22एक्टिंग के मंद से निकल कर सियासत के गल्यारों में अपनी गूंज बनाई उनका राजनितिक सफर अचानक शुरू नहीं हुआ
26:35बल्कि एक सिलसिला था संघर्ष, सीख और संकल्प का
26:52साल था 2003
27:04BJP अपने संघठन को विस्तार दे रही थी और नए चेहरों की तलाश में थी
27:13तब ही पार्टी में शामिल हुई स्मिर्ती रानी
27:17मैंने इसे पहले भी प्रेस कांफरेंस में कहा कि सिस्टम पर उंगली उठाना बहुत ही आसान है
27:24लेकिन सिस्टम में लोगों का हाथ पकड़के सल्यूशन की और चलना बहुत ही मुश्किल
27:28तो मैं अगर चाहती तो सिर्फ हाथ हिला कर पाबलिसिटी कैमपेंग कर पाती थी
27:34लेकिन पार्टी सीनियर्स ने मुझसे पूछा कि अगर सचमुछ बदलाव लाना है
27:37अगर सचमुछ कुछ बदलना चाहती हो तो काम करना पड़ेगा ग्रास्रूट लेवल से
27:41पार्टी का अंग बन कर क्या इसके लिए तयार हो मैंने का हाँ
27:45इसलिए आज आपने मुझे बीजेपी के इस कार्याले में पाया है
27:47उस समय उन्हें ज्यादतर लोग पीवी अवनेत्री के रूप में जानते था
27:55लेकिन राजनीती में उनके एंट्री ने कई लोगों को चौकाया
28:01बीजेपी ने उन्हें महिला मोर्चा में सक्रिय किया
28:04यहां से उनके प्रशुक्षन की असली शुरुवात हुई
28:07संगठन कैसे चलता है, बूद से लेकर मंच तक कैसे काम होता है उन्होंने सब सीखा
28:13आप कोई लगाव यादा अपने प्रफेशन से या परिवार से
28:20मेरा? मेरे परिवार से
28:23प्रफेशन को सेक्रिफाइब कर सकते हैं परिवार की लेकिन इतना कैदो यहां पर कि मेरे राजनितिक पार्टी भी मेरा परिवार है
28:292004 में स्मृति को महराष्ट युवा मोर्चा की उपाध्यक्ष बनाये गया
28:36वो पार्टी के सांस्कृतिक और महिला कारिक्रमों का एहम चेहरा बनने लगी धीरे धीरे वरिष्ट नेताओं से सीखती रही और अपनी अलग पहचान बनाने में लगी
28:502010 में उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी मिली भारतिय जन्ता पार्टी महिला मोर्चा की राष्टिय अध्यक्ष बनाई गई
28:59इस पत पर रहते हुए उन्होंने देश भर में महिला सर्शक्ति करण के अभियान चलाए
29:04महिला इतों पर जोर दिया और पार्टी के महिला नेट्वर्क को मजबूत किया
29:15महिला तक मदद के लिए पहुँचे, राजनीती के लिए ना पहुँचे
29:20महिला आयोग ने पहले दिन से प्रदेश और जिला प्रशासन के साथ संपर करके
29:27पीड़ेता को न्याय सुनिश्चित हो इसका पूरा काम किया है
29:31लिकिन सियासत सिर्फ संगठन में रहकर नहीं होती
29:40असली परिक्षा होती है चुनावी मैदान में
29:422014 का लोगसभा चुनाव भारती राजनीती का टर्निंग पॉइंट था
29:51नरेंद्र मोदी बीजेपी के प्रधानमंत्री पत के उम्मिद्वार बने थे
29:57और पार्टी ने आप क्रामक रणीती के तहट दिगज लेताओं को चुनावती देने के लिए दमदार चिहरे मैदान में उतारे
30:05स्मृती रानी को टिकट मिला अमेठी लोकसभासीट्स जो दर्शकों से गांधी परिवार का गड़ थे
30:17उनके सामने थे ततकालीन कॉंगरस उपाध्यक्ष राहुल गांधी
30:21मीडियार विपक्ष ने इससे मजाग समझा लेकिन स्मृती ने इससे जंग की तरह गड़ा
30:42वो दिन रात अमेठी में डटी रही गांधाओं घूमी लोगों से सीधे जुडी
30:47नेरू गांधी परिवार ने इतने वर्षों से यहाँ पर अपना सामराज्य बनाया
30:58आप इसे नेरू गांधी परिवार का गड़ कहती है
31:01तो एक अपेक्षा तो होगी ही कि जो गांधी परिवार देश भर में जाकर विकास की बात करता है
31:07कि उन्होंने देश में विकास किया उन्हीं का लोक सभाद छेत्र क्यों विकास से वंचित है
31:12हालां कि वो चुनाव करीब एक लाख वोटों से हार दें
31:21लेकिन उनके प्रदर्शन ने सब को चौका दिया
31:23बीजेपी को पहली बार अमेठी में तीन लाख से ज्यादा वोट मिले थे
31:28और ये हार जीत से बड़ी साबित हुई
31:30उनके जजबे को देखते हुए नरेंद्र मोधी सरकार ने
31:37उन्हें 26 मई 2024 को मानव संसाधन विकास मंत्री बनाया
31:41इस नियुक्ती पर कुछ विरोध भी हुआ लेकिन इस मृती ने जवाब काम से दिया
31:46उन्होंने शिक्षा मंत्राले में कई सुधार आत्मक पहल की
31:49जैसे नई शिक्षा नीती की नीव रखना शिक्षकों की गुणवर्ता सुधार और उच्च शिक्षा संस्थानों को अधिक स्वायत्ता देना
31:56नई शिक्षा नीती पर भी कई लोगों ने अपनी रुची दिखाई है
32:03मैंने अपने मंत्राले के अंतरगत आज सभी राज्यों से ये अपील की है
32:08कि हम चाहेंगे कि इस देश के इतिहास में आज तक कभी भी सिक्षा की नीती से जो सबसे ज़ादा प्रभावित होते हैं
32:15छात्र परिवार उनसे कभी भी परामर्ष नहीं किया गया है
32:20हमने आज सभी सिक्षा मंत्रियों से आग्रे किया है
32:24कि आगामी कुछ महीनों में हम स्वयम प्रदेश में जाने को तयार है
32:29जनता कि सिक्षा हेतु क्या दरकार है उसे सुनने को तयार है
32:34हमें स्टेट्स ये सहीयोग दें कि विलेज एजुकेशन कांसल के अंतरगत
32:39ब्लॉक स्टर पर, डिस्ट्रिक स्टर पर और राज्जी के स्टर पर
32:43सिक्षा को लेकर परेचर्चा हर राज्जी में शुरू कैसे हो
32:47इसका वर्क्शॉप बुलाने का हमारा प्रयास प्रदेश
32:492016 में कैबिनेट फिर बदल हुआ और स्मृति को सूचना और प्रसारण मंत्रा ले दिया गया
32:56इसके बाद 2017 में उन्हें कपड़ा मंत्रा लेके जिम्मेदारी दी गई
33:00यहां उन्होंने हैंडलूम, खादी और देशी उत्योग को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाई चलाई
33:07जैसे इंडिया हैंडलूम ब्रांड और कलेस्टर डेवलोप्मेंट
33:10लेकिन इस मृति की असली राजनीतिक जीत अभी बाकी थी
33:192019 लोग सभा चुनाओ एक पर फिर वो पहुँची अमेठी
33:23लेकिन इस बार उनका इरादा सिर्फ लड़ने का नहीं था जीतने का था और उन्होंने वही किया
33:30प्रन्ता की अपेक्षा है कि नरेंदर मोधी केंदर में योगी जी प्रदेश में
33:36यहां पर एक समन्वे का और समबाद का सेतू वेकास की दिश्टी से होना चाहिए
33:41वो जिमेदारिया जन्ता ने मुझे दी जिसके लिए मैं आभार व्यक्त करती हूँ
33:44पात साल हारने के बाद रही अब जीतने के बाद पात साल उनकी सेवा करूंगी
33:49ऐसा आश्वासन भी दिया और वो जानते हैं कि एक बार जबान दी तो जबान रखोंगी
33:53अमेठी में राहूल गांधी को 55,000 वोटों से हरा कर इतिहास रच दिया
33:59यह जीत सिर्फ एक सीट की जीत नहीं थी
34:03यह राजनीतिक विमर्ष की दिशा बदलने वाली जीत थी
34:19इसके बाद मोधी सरकार ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौपी महिला और बाल विकास मंत्राले
34:25साथी कपड़ा मंत्राले की जिम्मेदारी भी उनके पास रही
34:292021 में उनके पास Minority Affairs Ministry का अत्रिक्त प्रभार भी आया
34:34लेकिन 2024 में स्मिर्ती रानी अमिठी हार गए
34:38कॉंग्रिस प्रत्याशी किशोरी लाल शर्मा को 1,666,196 वोट से जीत मिली थी
34:45इस मिर्ती रानी भले हार गई लेकिन जब तक वो संसद में मौझूद रही
34:53संसद में उनकी आवाज तेज, स्पष्ट और धारदार मानी जाती थी
34:58विपक्ष के सवालों पर उनके जवाब अक्सर चर्चा में रहते थे
35:01तीस साल तक अमेठी के गरीब नागरिकों को ये बार बार कहा गया
35:09कि आपके लिए मेडिकल कॉलेज खोल देंगे
35:13लेकिन आज अगर कोई अमेठी गया है तो जानेगा
35:18कि जिस धर्ती पर वो कॉलेज खोलने की बात कर रहे थे
35:21उस पर उस परिवार ने अपने लिए गेस्ट हाउस बनाया
35:26राहूल जी को आज जवाब देना होगा
35:31कि वो राश्ट भक्ती की बात करते हैं
35:35तो क्या JNU में जाकर जब भारत तेरे टुकडे होंगे का नारा दे रहे थे
35:40वो राहूल गांधी की देश भक्ती थी
35:42जिस अफजल गुरु ने इस संसद पर हमला किया
35:47उस अफजल गुरु के संरक्षक समर्थक को कॉंग्रेस पार्टी ने अपने पार्टी का नेता बना दिया
35:55ये राहूल गांधी की देश भक्ती है
35:57राजनीती में रहते हुए उन्होंने अपनी छवी एक वर्किंग लीडर की बनाई है
36:04जो सिर्फ भाषण नहीं देती बलकि जमीनी काम करती है
36:08उन्होंने अपने मंत्राले के जरिये बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
36:12सक्षम आंगनवारी मिशन शक्ती जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाया है
36:16वो एक ऐसी नित्री बन गई है जिनकी मौझूदगी पार्टी के लिए रणीतिक रूप से भी एहम मानी जाती है
36:23चाहे वो बंगाल की रेलियां हो या यूपी का चुनावी मैदान
36:26स्मृतिरानी की मांग हर जगर रहती है
36:29कैमरे के सामने तुलसी बनकर दिलों को चुआ और संसर के भीतर तेज तरार नेत्री के तौर पर स्मृतिरानी उभर कर सामने आई
36:48पर ये कहानी सिर्फ ग्लामर और ताकत की नहीं है
36:51एक कहानी है एक लड़की की जो संघर्ष में तूटी नहीं
36:54स्मृतिरानी आज उन्हें सब जानते हैं लेकिन उनका बचपन, गरीबी, तिरसकार और अपमान की तपती धूप में बीता था
37:0923 मार्च 1976 दिल्ली के गरीब परिवार में जन्म हुआ
37:23पिता अजय मलोत्रा और मा का नाम शिवानी बाग्ची था
37:27स्मृतिरानी के पिता धौला कुवां के आर्मी कलब के सामने फुटपात पर चादर बिछा कर किताबें बेचा करते थे
37:37यही उनका रोजगार था
37:39साथ साल की स्मृति भी कभी-कभी साथ बैठती थी
37:42मा की हालत भी अलग नहीं थी
37:44पैसों के लिए दर-दर मसाले बेचती ताकि तीन बेटियों का पेट भर सके
37:48खर से निकली थी तब मेरे पिता जी ने मुझसे एक ही बात कही थी
37:54कि आप जीवन में जो भी करें ये ध्यान में रख कर करें
37:58कि आप से जो लोग जुड़े हैं वो जब भी आपको देखें तो उम्हें फक्र हो
38:02मेरे पिता जी ने कहा था कि अगर आत्मसम्मान है तो वो पैसा उधार नहीं रहेगा, वो चुकाई जाएगा
38:08और मैं उस बात से पूरी तरह से सेमत हूँ, क्योंकि जब वो पैसा चुकाया तब माबाप की महनत का एहसास हुआ मुझे
38:14पती पत्नी के बीच बेटे की चाह ने दीवार खड़ी कर दी और 1983 में माबाप का रिष्टा तूट गया
38:26अब साथ साल की स्मृती, पांच साल की बहन और तीन साल की छोटी बच्ची को लेकर मा निकल गई
38:32और उसी दिन स्मृती ने एक प्रण लिया, जिस घर से मेरी मा को बेज़त कर निकाला गया, उसे एक दिन खरीद कर दिखाऊंगी
38:40वक्त बीता, मुफसीली कम ना हुई, लेकिन जिद और जुनून पढ़ता गया
39:01आरके पुरम के एक टेंट स्कूल से उन्होंने पढ़ाई शुरू की, और हर दिन उस स्कूल के सामने से गुजरती जहां अमीर बच्चे, ब्रांडेट बैर्क्स और चमकदार युनिफॉर्म में स्कूल जाते
39:12कई बार बस खड़ी रहकर स्मृती निहारा करती थी और स्कूल में पढ़ने का सपना देखा करती थी
39:20कुछ सालों में ही टाटा ग्रूप की एक स्कीम आई कि 60 फिजदी से ज्यादा लाने वाले बच्चों की पढ़ाई का खर्चा कमपनी उठाए की
39:28स्मृती ने वो स्कूर किया और होली चाइल्ड इस्कूल में ताखिला ले लिया
39:32दस्वीं के बाद नौकरी खोजनी शुरू की ताकि मा का बोज कम हो
39:37सोला साल के उमर में दिल्ली के जनपत पर खड़ी होकर क्रिकेटर मनोज प्रभाकर की कमपनी के ब्यूटी प्रोड़क्स बेचती रही
39:45महज 200 रपे दिहारी में
39:47यहां से उनके अंदर आर्थिक आत्म निर्भरता की चिनगारी जगी जो आगे चलकर उन्हें मीलों आगे ले गई
39:561998 में मिस इंदिया प्रतियोगता में भाग लेना था दिल्ली से मुंबई जाना था
40:02कपड़े खरीदने थे लेकिन पैसे नहीं थे
40:05उन्होंने दो लाख रुपे का कर्ज लिया और उसे चुकाने के लिए मुंबई के मैकडॉनल्स में बरतंध होए तेबल साफ किये और फर्ष पोचा
40:13एक्टिंग का रास्ता धीरे धीरे स्मिर्ती रानी का सहारा बन गया
40:32चोटे चोटे रोल्स, थेटर, विज्यापन मिलने लगे और साल दोहजार में मिला वो किरदार जिसने इखियास बना दिया
40:41तुल्सी विरानी
40:42ये सर्फ हमारे घर की चागया में इस परिवार का सुख्चें है
40:47स्मिर्ती रानी ने 2001 में जुबिन इरानी से शादी की
40:51जुबिन एक कारुबारी है और पार्सी समदाय से तालुक रखते हैं
40:55यह स्मृति रानी की पहली शादी थी, जबकि जूबीन रानी की एक दूसरी शादी थी.
41:00पहली शादी से जूबीन की एक बेटी थी, जिसका नाम है शनेली रानी.
41:04स्मृती ने इस बच्ची को ना सिर्फ दिल से अपनाया बल्कि एक मां के रूप में उसकी परवरिश भी थी
41:28स्मृती और जुबिन के अपने दो बच्चे हैं बेटा जोहर और बेटी जोईश
41:33दोनों बच्चे कैमरे से दूर रहते हैं लेकिन कई बार सोशल मीडिया पर स्मृती उनके साथ की तस्वीरें शेयर करती हैं
41:41ये रिष्टा भी उतना ही आसामान्य और प्रेणा दायक हैं जितना स्मृती की प्रोफेशनल जर्णी पती पारसी पत्नी बंगाली फिर भी इस रिष्टे में कभी धर्म चाती परंपरा बाधा नहीं बनी
41:55स्मृती का परिवार उनकी ताकत है उनका संबल है और वो खुद अपने परिवार की रीड़ है जब हार और जीत को आप एक समान दर्शा दे तब ये पूरी दुनिया आपकी हो सकती है और तब सही माइने में आप इंसान है
42:14फिलाल काहानी है मेरे साथ अभी के लिए बस इतना ही देश उतनिया की तमाम कबरों के लिए आप देखते रहे आज तक