00:00अब नवस्कार, गुड़ीवनिंग, सच्छेकार, एक वाद फिर आप तमाम में वोका स्वागत है, क्राइम कहानिया विद शम्स
00:30यह हल्दी है, और यह सारी चीज़े है, अब ठीक है, एक गुड़िया है, तो इसमें क्या खास है, लेकिन एक गुड़िया अगर किसी बैंक के लॉकर रूम में रखी हो, और इस बैंक के किसी स्टापकॉस से कोई लेना देना ना, तो भी एक सवाल हैगा, भाई कौन रखेग
01:00हमारे देश में गोल्ड चोरी की जितनी बड़ी वारदाते हुई हैं, उनमें से शायद टॉप फाइब में यह चोरी है, और यह अभी पिछले महीनी की बात है, अभी तो एक बैंक के अंदर चोरी, 53 करोड का सोना चुरा कर ले जाना, और चोर जाते जाते उसी लॉकर रू
01:30कुछ छोड़ने से बचता है, लेकिन यहाँ चोर बाकाइदा एक गुड़िया को छोड़ कर जा रहे हैं, अब इसके पीछे उनका क्या मकसद है, क्या एरादा है, तो पहले पूरी कहानी फिर इस गुड़िया का राज आप खुद समझ जाएंगे, यह कहानी है करनाटक की,
02:0025 मई की बात थी, देर रात, 25 मई को अचानक कुछ लोग बताते हैं कि इस बैंक अंधेरा हो चुका था, कुछ सस्प्रिशियस चीजे हो रही हैं, कुछ आवाज आ रही हैं, इसके बाद कुछ लोग आते हैं, फिर बैंक के स्टाफ को खबर दी जाती है, चोटा सा शहर एक �
02:30जो सबसे बड़ा लोकर है, वो खुला पड़ा हुआ है, और उसके अंदर क्या रखा सारा सोना गायत, अब फॉरन पुलिस को खबर दी जाती है, पुलिस मौके पर आती है, जब मौके पर आती है, पुलिस देखती है, तो भी तक ये था कि एक बैंक में चोरी हुई, एक ल
03:00सबसे बड़ी चोरी थी, और देश में गोल्ड की चोरी के चुनिंदा वारदातों में से एक, टॉप फाइब में इसको आप रख सकते हैं, 53 करोड का गोल्ड अगर कोई चुरा ले, तो फिर पुलिस भी कहां चैन से रह पाएगी, अब फॉरन पुलिस की तीम की तरती ही श
03:30कालो, एक टीम को काम दिया जाता है कि इस बैंक के इर्द गिर्द जितने भी मुबाइल के टावर हैं, उन टावर पर 25 मेई की रात कोई भी सस्पीशियस संदिक कॉल मिले, उसको जीरो इन करो, एक टीम को काम दिया जाता है कि जितने भी स्टेट में इस तरह की बैंक चोरी
04:00लिक्त गुजरी हो उनको चेक करो तो अलग लगा आठ टीमें बनाई गए और सारी टीमें अप काम पर लगा कि जल्दी कुछ हो जाएगा पहला धका तब लगा जब पुलिस ने जाच की तो पता चाला कि उस बैंक के सिसी टीवी कैमरे की सारी तारे वाइरिंग कटी हुई है
04:30करें पुलिस तो यह हुए होगा कि चलो बैंक के अंदर की से सारे और दर्ावाजे के
04:39खाल ऑगाल अजरे और कॉंहागदगया गया हुदर बैंक के स्थाफ के सब एक साथ
04:44वाकाम चल रहा है लेकिन कुछ सुराख नहीं मिल रहा है। पुलिस ने देखा कि वस रात कौन कौनसे गाड़िया गुजरीं। उसमें भी कोई सुराख नहीं मिला। देरे देरे वक्त बीट रहा है। लगतार लोकल मीडिया में खबर 53 रोड गोल्ड हाईस। बड़ा मामला
05:14बैंक के सिस्ट्रीम के आपको बताया है कि खराब है बंद कर रखाता तार काट चुके थे तो वहां उन्होंने देखा कि इस पार्किंग में एक गाड़ी एक कार जब ये बैंक में चोरी हुई उससे खरीब तीन गंडे पहले ये यहां पर आई घूमी और चली गई हो सकता कि
05:44लोग पहुंद गया पुलिस पहुंद गई उसके दो गंटे के बाद फिर से वही कार उसी अलाग्ते में घूम कर निकल गई अब यहां पुलिस का माथा ठंका कि एक बैंक में चोरी हुई बहुत सारी चीजे हैं लेकिन एक कार है जो चोरी से दो तीन गंटे पहले यहां आ
06:14होता है तो कातिल या क्रिमनल उस जगे पर एक बार लॉट कर ज़रूर जाता है देखने के लिए कि उससे कोई गल्ती थी नहीं हुई यह भी देखने के लिए कि पुलिस क्या कर रही है तो इसी थेओरी को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने उस कार का नंबर जो है जूम कर
06:44अब अभी तक यह था कि होगा विजय कुमार को ढूंडेंगे लेकिन तब ही दो अजीब जानकारी में लिए एक यह पता चला कि विजय कुमार सर्फ एक महीने पहले तक बलकि एक महीने भी नहीं पंदरा दिन पहले तक इसी बैंक का ब्रांच मैनेजर हुआ करता था और 9 म
07:14वो कार का मालिक इस बैंक का एक्स मैनेजर और बैंक के पास जिस दिन ही अवारदात हुई दो चक्कर काटना अब एक बैंक मैनेजर जिसका ट्रांसफर हो चुगा वो अपने पुराने बैंक के चकर क्यों काटेगा वो भी औड आर्स में
07:30क्योंकि रात को चोरी हुई, रात को क्यों आएगा बैंक, दिन में हो सकता है, तुना ना इंप्लाई रहा है, किसी अपने कुलीक से मिलना हो, कुछ और काम है, लेकिन ऐसे वक्त में क्यों आएगा, पुलिस के कान खड़े हुए, पुलिस ने विजय कुमार को बुलाया, पू
08:00और एक था सुनील, चंदरशेखर भी कभी इसी ब्रांच में, इसी कैनरा बैंक में इंप्लाई था, बाद में छोड़ दिया, उसने डौकरी और फिर वो अपना एक प्रोपर्टी डीलर का काम करने लगा, अब ये तीनों आए, तीनों ने कहानी सुनाई, इनकी निशान दे
08:30अभी तक बरामद हुए सर्फ पहुने 11 करोड़ों के, यानि लगवग 42 करोड़ों के गोल्ड को रिकवर करना भी बाती है, अब जो करीब 10 केजी गोल्ड बरामद किया, पुलिस ने, करनाटक पुलिस ने, उसमें से भी वो गोल्ड के नक्षे बदल चुके थे, कुछ को मि
09:00और आगे सोना बेचना असान होता है, तो उन्होंने ये भी हरकत कर डा दिया, अब सवाल ये था कि इन लोगों ने ये चोरी कैसे की, और उससे भी बड़ा सवाल ये था कि एक लोकर रूम में गुरिया की शक्र में एक सबूत छोड़ कर ये क्या मकसद से गहते, तो जब व
09:30ब्रांच मेनेजर था, मतलो बוס, इस बैंक में चुक्रे जिस लाके में था, वहां के लोग अपने क्यम्ती जेवर बैंक के लोकर में रखा करते थे, और उसमें जबतर सोने के जबर होते हैं, ब्रांच मेनेजर हुने की वज़़ाँ से विजया को पता था, कि है यहां लोक
10:00ये वो लॉकर था जिसमें सबसादा गोल्ड रखा होता था क्योंकि ये बड़ा था और ये बात को अंदर का ही बंदा जानता था तो इसलिए प्लैन के हिसाब से विजे कुमार ने कहा कि अपने ही बैंक को लूटा जाए सोना चुराया जाए ये प्लैनिंग होई फरवरी इस
10:30पर वो काम कर चुका है और जो बैंक और सरकारी नौकरी होती है उसमें ये होता है कि एक खास मुद्ध के बाद आपका ट्रांसफर जरूरी है तो इस ये बता था कि 2025 में उसका ट्रांसफर हो जाएगा किसी और ब्रांच में क्योंकि यहां वो अपना वक्त काड़ चुका थ
11:00में आने से तो ये था कि पहले इंतजार करते हैं ट्रांसफर का और उसने इस बैंक को लूटने से पहले अपने ट्रांसफर का इंतजार किया आखिर कार फरवरी में ये कंफर्म हो गया कि मैं मैं में इसका ट्रांसफर हो रहा है और इसी शहर में हो रहा है जो मनागुली शह
11:30आठ मई इसका इस बैंक में लास्ट देट था फरवरी एंड में ये लेटर आये और इसके बाद इसने अपने दो साथियों और साथ मिलाया चंदर्शेखर और सुनी उसे इसका देखो आठ मई को मैं इस बैंक में वरा लास्ट ए है नौगो मैं अप दूसरा बैंक जोईन कर�
12:00उसने इन दोनों को दी और उसमें से चंदर शेकर तो पहले स्टाफ ही था, वो भी जानता था।
12:05तो बतावर ब्रांच मैनेजर बहुत सारे आपके पास पावर होते हैं।
12:10जिस लॉकर में सबसादा गोल्ड थे, उसने उसी लॉकर की डुब्रिकेट चावी बनाई।
12:15और चावी बनाकर अपने साथियों को दी। लेकिन साथियों को देने से पहले जो डुब्रिकेट चावी बनाई।
12:21चुके ब्रांच मैनेजर है कोई इस पर उंगली नहीं उठा सकता। तो एक रोज बलके एक या तीन तीन बार उसने उस डुब्रिकेट चावी जे उसी लॉकर को खोलने की कोशिश की। और तीनों बार उस डुब्रिकेट चावी से वो लॉकर खुल लिया।
12:35बतलब काम हो गया। अब उसने डुब्रिकेट चावी अपने दोनों साथियों को दे दी। ट्रांसफर लेटर तयार था। आठ मई को जाना, नौ मई को दूसरे ब्रांच को जोईन करना, चावी डुब्रिकेट तयार, सिकुरिटी सिस्टम बतार बैनेजर उसे सब पता थ
13:05अमानत की हिफाज़त की थी। जब वही ठान लेकि मुझे इसी बैंक को लूटना है तो फिर उसे कौन रोक सकता है। तो घर का भेडिया ही, जब लंका ढाने पर आजा तो फिर क्या कीजिए। तो खेर उसने सारी प्लानिंग की, इसके बाद इन तीनों ने मिलकर तै किया,
13:35कि सौथ की फिल्म में बड़ी कमाल की होती है, तर ऐसी आइडिया से ही निकल कर बनती हो सकता है, जिसकी कहानी सुना रहा है, इस पर कोई सौथ की फिल्म मन जाएगी, कुछ वक्त महीं। तो लोगों ने वेब सरी देखनी शूरू की, फिल्म में देखनी शूरू की और छो
14:05रिलेटिट फिल्म में और वेब सरीज थी, जहां से आडिया आया, असल में 23 मई को तब IPL चल रहा था, रॉयल चैलेंजर बैंगलूरू यानि अपने वराट कोहली की टीम RCB और संराइजर सहदराबाद के बीज IPL का एक मैट्स था, जो बैंगलूरू में था, अब करनाट
14:35तो 23 में को RCB और संराइजर सहदराबाद का मैच था, इन तीनों ने तेह किया कि हम उसी दिन बैंक को मैच चोरी करेंगे, उसकी वज़ाए ये थी, कि रात को मैच खत्म होगा, और उस दिन RCB की जीत पर सब जशन में डूबे होंगे, और उसी जशन के महौल में धीरे सी य
15:05अब RCB हार गई तो फिर काहे का जशन, सारा जशन वाला मामला धूरा हो गया, अब इनों ने कहा लिए, ऐसे वक्त में बैंक के अंदर से नहीं लगाएंगे, इसके बात तेह कि हैंनों ने दूसरी तारीख फाइनल, 25 में, 25 में, अब 25 में की तारीख आई, उससे पहले वे�
15:35गाड़ी में ले जाना, तो गाड़ीयों का इस्तमाल जरूरी है, तो बहुत सारे ऐसे केस हुएं, गोल्ड की चोरी के, जिसमें पलिस चोरों तक गाड़ीयों की बदावलत पहुंची, कि गाड़ी के CCTV कैमरे में कैदर और उसके नंबर के थ्रू पलिस चोर तक पहुंच ग
16:05उसके बाद एक जगह पर दोनों बाइक उस ट्रक के अंदर डाल देंगे, और फिर ट्रक में बैठेंगे, ताकि इनकी बाइक का नंबर नहीं आया और ट्रक तो इन्होंने फेक उस से किराय पर लिया था, तो ना अपनी असलिए आइडेंटिटी दी, ना कुछ और दिया, �
16:35कैमरे की और रिकार्डिंग की सारी वाइरिंग काटी, जो लाइट थी, उसको बत्ती गुल कर दिया, और ये सब करने के बाद डुब्रिकेट चावी पहले से थी, स्टोर रूम का दर्वादा तोड़ा, और उसके बाद अंदर दाखिल हुए, महां जाकर एक ही लोकर को हा�
17:05अपर में 53 करोड उपेगा सोना था, उसके बाद लिये और निकल में लेगे, लेकिन निकलने से पहले इन्होंने उसी लोकर रूम में एक गुड़िया छोड़ दी, यही गुड़िया, जिस गुड़िया को सिंदूर और हल्दी और इन सब से सजाया गया था, और छोड़कर
17:35जब तुमने इतनी सारी चीज़ें की, तो यह बताओ, कि बैंक को लूटने से पहले तीन गंटा, और लूटने के तीन गंटे बाद, तुम एक यहां बैंक मेनेजर है, चुकि अपनी कार, औरिजिनल नंबर के साथ, इस बैंक के इर्दगित के होटेल रहे थे, तब उसने �
18:05तो चोरी के बाद क्यों आए, उसने बोला कि हर चोर के मन में एक होता है, कि भाई, चल के देखो, क्या कर रही है पुलिस, तो बस उसी बहाने से मैं चलाया, और मैं इधर उधर अपने ट्रैल कर निकल गया, पर गल्टी से कैमरे में कायद हो गया, अब सवाल इस गुडिया
18:35और वो केरल और तमिलाडो की स्टोरी थी, उसमें ये थी कि केरल और तमिलाडो के कुछ बैंकों में चोरी हो, और चोरों ने उस बैंक में चोरी करने के बाद एक ऐसी ही गुडिया चोर दी थी, कई बैंकों में, और उस गुडिया में इस तरह की चीज़ें थी, फर्ष पर
19:05उन्हें ये था कि वहाँ पर जाएंगे, तो ये सारी चीजने छोड़ेंगे, तो इस गुड़िया और इस तंत्रमंत्र सिंदूर और ये सारी चीजने जो रखत रहा है, पुलिस उन तक नहीं पहुच पाएगी.
19:14तो खेर, केरल पुलिस और तमिलाडू पुलिस दोनों ने उस केस को सुझाया, दो, तिन, चार केस ऐसे हुए थे, और उस गैंग को पकड़ लिया, लेकिन करना टक में क्यों, तब विजय कुमान ने बताया, कि मैंने चुकि बैंग के स्टाफ दी हूँ, बैंग के इस चोरिय
19:44के ही दिन यह घंटे होते हैं, तो मैंने गुडिया रखने का मकसद यह था कि, करनाटक पुलिस को यह लगे, कि इस बैंग में कोई पीछे, या तो केरल के गैंग कहा है याए तमिलाडू के गैंग कहा है, वो करनाटक और इस शहर के बारे में तो सोची ही नहीं, तो सरफ प
20:14कुछ पुलिस ने कहा, कि जब ये गुड़िया मिली,
20:17तो हमें भी ये वालूम था कि केरलर तमीलाडू में कुछ बैंकों में इसी तरह चोरी हुए और इस तरह के गुड़िया मिली.
20:22तो हमने contact भी कर लिया था
20:24क्योंग वो चोर कहा है
20:26इस वक्त कौन कौन से ऐसे गैंगे गिरों है
20:28लेकिन
20:29वो थानी
20:31इसे बढ़काने के लिए था
20:33एक कार्ट
20:35चोरी से पहले और चोरी के बाद
20:38सारा भेट खुल गया
20:4053 करोडों में से
20:4211 करोडों के करीब सोना में चुका है
20:44लेकिन 42 करोडों का गोल्ड अब भी
20:46परामत करना बाकी है और पुलिस की
20:48इनिशियल पूछताच के हिसाब से
20:49कई और लोग अभी अरेस्ट होंगी क्योंकि
20:52इन्होंने कुछ ऐसी जगों को पकड़ा है
20:54कुछ जैसे सोनार है
20:55जो इन सोना को पिगलाने का काम कर रहे है
20:57ताके पिगला कर उसे एक नया आकार
20:59एक नई शक्ल दी जाए और फिर उसे मार्केट में उतारा जाए
21:02लेकिन फिर भी
21:03अभी 25 परसेंट भी सोना बरामत नहीं हुआ है
21:07उमीड ही है करनाटक पिलिस ने अच्छा काम किया है
21:10बाखी के गोल भी बरामत कर लेगी
21:12क्या-क्या एडिया कहां कहां से लाते हैं
21:14और खास तोर पर देखिए कि जिस बैंक का मैनेजर जिसकी
21:18जिम्मेदारी है
21:19लोग जिसके भरोसे पर
21:21सब कुछ महाना रख कर जाते है
21:23वही चोर निकला
21:25तो क्राइम कहाने अवे शम्स में आज इतना ही
21:27अब आप से मलकात होगी अगले संडे को
21:29किसी नहीं कहानी के साथ तब तक अपना और अपनों का
21:31खायाब रखिएगा
21:32थैंक्यू बरी मार्ट