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  • 1 year ago
दलित-महादलित की राजनीति करने वाले नेताओं को विराज पंचायत से रू-ब-रू कराने की जरूरत है. जहां मौत-ही-मौत है. पढ़ें गया से रत्नेश की रिपोर्ट.

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Transcript
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00:24तो आपने सुनाना किस तरह से यहां टीबी के कारण लोगों की मौत हो रही है।
00:31महिलाओं का सुहाग उजर रहा है।
00:34तस्वीर गया मुख्याले से करीब एक सो किलोमीटर दूर विराज पंचायत की है।
00:41पंचायत के पांच गाउं में टीबी ने ऐसा पाउं पसा रहा है कि हर घर से चीख मचती है।
00:49कहानी सालों से चली आ रही है।
00:53सबसे बड़ी समस्या यह है कि इस मांजी भूईया टोले में युवाओं की जान जा रही है।
01:21ऐसे में उनके छोटे-छोटे बच्चे के भविश्य पर अंधेरा चाया हुआ है।
01:26हुआ है।
01:28अब छोटा भाय हलो।
01:30अपना भाय।
01:31अपना भाय।
01:32वही मर गया।
01:34तो पर अगे चेटर भाय था।
01:38उसका नाम सा सगेंदार।
01:40वह तीवी पर सेट मर गया।
01:42वही घर के था गिरगे घर यह भी टीवी पर सेट से मर गया।
02:00ग्रामेड कहते हैं कि अगर यहां पड मेडिकल कैम्प लगाया जाए तो बहतर होगा।
02:06लोगों की जान बच सकती है।
02:08ऐसा नहीं है कि अधिकारियों को जानकारी नहीं दी गई।
02:27विधायक से लेकर मंत्री तक को हकिकत पता है पर कोई काम नहीं हुआ।
02:33इस मसले को लेकर जब जीतन राम मांजी से पूछा गया तो छिरकाओ की बात कहकर पल्ला जारते नजर आए।
02:52अब हमको नपता है कि पचास हुआ है क्या हुआ है लेकिन जो भी है मौत हुए है तो आज चर्वे करते हैं कि पहले होस्पीटल में गलाया और फुटास होता था अब को अधिना में शार पांच मरी जाते थे आज महीना में हजारों मरी
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03:32इस ओर महत्वपूर्ण कदम उठाना चाहिए
03:34ETV भारत के लिए गया से रतनेश कुमार की रिपोर्ट

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