00:00भाई नाम और गोत्र बताईयो तो पुजा करवा दो
00:05रवी वर्मा वशिष्ट गोत्र
00:06पुशम्मी नक्षत्र
00:08भारती नाम है वशिष्ट गोत्र है पुब्बा नक्षत्र
00:11कल्यान वशिष्ट चित्रा नक्षत्रम
00:13अरे हमारे गोत्र और नचात्र के बारे में तुझे कैसे मालूम है राजू
00:29इसमें इसका कोई बड़ापन नहीं है सब इनकी कृपा है
00:32आपकी लाइफ में कौन सा दिन इंपोर्टेंट था या नहीं यह आपको पता ना हो पर बड़ी माँ को पता है
00:39याद तो रहेगा ना बड़ा बेटा कब पैदा हुआ था पोधा पोधी कब हुए थे यह याद रखना कोई बड़ी बात है
00:45माजी इस शुब मोके पे सब लोगे कत्रित हुए है इसलिए आप लोगों को सीता राम जी की पूजा करवाया तो शुब फल मिलेगा
00:55अहां क्यों नहीं आप एक अच्छा सा मोरत निकालकर बता दीजिए का ठीक है
00:59यो भाई साव इस मंदिर में आयो हमें कितने दिन हो रहे ना ना जी पैर में मोच तो अगुआ हुआ ना
01:14कि अच्छा सो कि अच्छा मेर के आप आपाई यो रहा उठेली
01:34हुआ यो
01:37दॉक्टर साहब आप घर पर रेड़ी रहिएगा राजू आपको लेने के लिए वहां आ रहा है राजू डॉक्टर साहब को आने के लिए तुम लेकर आओ ठीक है
01:53पता नहीं सुबह उठकर किसका मुद देखा था देखिए तो पाओ कितना सूझिया है सीड़ियां उतरते समय थोड़ा संभलकर उतरना चाहिए था ना आपको अगर ज्यादा चोट लग जाती तो
02:08यह सब कुछ मेरी वज़े से हुआ है सब लोग आये हैं इसलिए मंदिर चलेंगे मैंने ही जिद की थी सब मेरी वज़े से हुआ और चोट लगनी थी तो मुझे लग जाती
02:19अरे रे मैं बूल गई हाल्दी का दूद रखा था मैं लेकर आते हूं
02:29मम्मी यह सब क्या है पापा को जरा सी मोच के आगे आपने पूरा घर सर पे उठा लिया फिर आप उनसे दूर रहने के बारे में सूच भी कैसे सकती है
02:45आप उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ सकती तो पापा आपको तलाक क्यूं दे रहे हैं
02:54ये क्या क्या रही है तू तलाक क्यों
02:59मैं इनसे दूर क्यों रहूंगी
03:04बनवारी बच्चे को अंदर लेकर जाओ जा बच्चो जाओ तुम भी जाओ
03:12ये क्या मा सुना है आप और पापा तलाक ले रहे हैं
03:20पापा ने मेल करके बताया, तबी तो हम लोग यहाँ पर आए।
03:24पिता जी, माँ को तलाग के बारे में पता नहीं है क्या।
03:40तो हमें बुलाने के लिए आपने जूट बोला।
03:43इन्होंने जूट नहीं बोला।
03:48तो फिर किसने जूट बोला।
03:50यह मुझे तलाग कभी नहीं दे सकते।
03:52मैं इन्हें दे रही हूँ।
03:54मैं ठीक कह रही हूँ ना जी।
04:06यही सच है ना।
04:10और इतने साल साथ रहे हैं तो एक दूसरे को चोट लगने पर तकलीफ तो होती ही है ना।
04:16तियोहार के बात मुझे कौन अपने पास रखेगा फैसला कर लो।
04:22मुझे कौन अपने पास रखेगा फैसला कर लो।
04:26मुझे कौन अपने पास रखेगा फैसला कर लो।
04:28मुझे कौन अपने पास रखेगा फैसला कर लो।
04:30मुझे कौना कर लो।
04:32मुझे कौना के इसला कर दो कर लो।
04:34मुझे कौना कर दो ही है क्या बात है भाया।
04:38किया बाते बाइया सुबह सुबह यहां क्यों बुलाया हम बताता हूं
04:59है तुम नहीं यहां पर आया हूं यह नहीं मैं लेकर आया हूं शी इन लब वित यू
05:07बट यह बात वो तुम से कैसे कह है इसलिए बहुत टेंशन में है मैं जानता हूं कि तुम भी से प्यार करते हूं
05:14अरे यह क्या भाया सुबह सुबह आप जोक मार रहे हो जोक और मैं नित्या से प्यार करूँ और उभी मैं
05:23रिष्टेदार बोलकर बस थोड़ा सा क्लोज हूँ तो इससे क्या प्यार हो जाता है और वैसे भी यह कहां और मैं कहां भाया
05:35कहां भाया यहां नित्या चार दिन हम मिल जुलकर रहे तो उसे प्यार समझ बैठी अब
05:43पर तू तो इसे बहुत पसंद करता है या मुझे किसे भी बात पर कन्वेंस कर लो लेकिन प्यार के मामले में कभी मत करना समझ गए
05:52नित्या अगर मेरी बातों से और विवहार से तुम्हें जरा से भी ठेस लगी हो तो रियली सौरी है
05:59ठीक ना
06:01नित्या
06:05एह सच बोल तूने नित्या से प्यार किया या नहीं बहुत प्यार किया फिर प्यार करना हमरे हाथ में होता है
06:29पर उसे जीतना हमरे हाथ में नहीं है मतलब
06:32राजू ये नित्या का प्यार नहीं है इन्फैक्चुेशन है
06:42किसी भी नई चीज को देखकर वो अट्रैक्ट हो जाती है
06:46यहाँ जो कुछ भी देख रही है उसे पसंद आ रहा है
06:49लेकिन मेरी बात सुनो
06:50तुम यहाँ उसे दस दिन से जानते हो
06:53लेकिन मैं उसे बीस सालों से जानती हूँ
06:57तुम बहुत अच्छे लड़के हो
07:00दूसरों के बारे में सोचते हो
07:02तुम्हारे बात करने का तरीका अच्छा है
07:04लोगों की हेल्प करते हो यह अच्छी बात है
07:07बट नित्या से कोई उम्मीद मत रखना वरना तुम्हें तकलीफ होगी और तकलीफ मुझे भी होगी
07:19मैं भला आपको क्यों तकलीफ दूँगा चांस ही नहीं है
07:23जब आप यहाँ आई तो पता नहीं कैसे आई लेकिन जाओगी तो खुश हो करी जाओगी
07:29तुम मेरी बात को इतने जल्दी समझ जाओगे यह मैंना एक्सपेक्ट ही नहीं किया था राजू
07:36प्यार करने वाले इंसान को छोड़ना मतलब प्यार करना नहीं होता
07:42घरवालों के खिलाफ नित्या से प्यार करना मुझे पसंद नहीं है
07:49मैं शांती से बात करूँगा तुचिंता मत कर घरवालों को मैं कन्विंस करूँगा
07:55सब को कन्विंस करने से बहतर है कि मैं खुद को ही कन्विंस करनूं भाईया
08:01चानता हूँ, तू अपने आपको कन्विंस कर लेगा
08:04लेकिन तेरे बिना वो नित्या कैसे रह पाईगी बता
08:08आप और सुधा भी तो प्यार करते थे ना
08:12लेकिन आज आप कैसे रह रहे हो
08:15भगवान प्यार करने के लिए सब को दिल देता है
08:19पर पहला प्यार किसी किसी को ही देता है
08:22मेरी किसमत में ये प्यार नहीं
08:25हाई नित्या
08:48मैं ये सोचती थी कि तुम दूसरों का दर्द मिटाते हो
08:58पर दर्द देना भी जानते हो ये अब पता चला
09:02आम इंप्रेस्ट राजू आम इंप्रेस्ट ये क्या बेटी तुम इसे हनी की जगा इसके नाम से बुला रही हो
09:11अनी बोलना मैं फूल चुकी हूँ अब आगे से कभी नहीं बोलोंगे अब मैं कुछ भी बोलू क्या फर्क पड़ता है
09:21बाई
09:28कि या हुआ बेटा नित्या ऐसे क्यों बात कर रही है
09:36कि शांती तुमसे बात करती उससे पहले मैं उससे बात कर लेता तो अच्छा रहता
09:51हर बात में मुझसे कोई न कोई गडबड़ी हो जाती है
09:57लेकिन तेरे प्यार में मैंने कोई गडबड़ी नहीं की बेटा
10:02क्या बाप अभी
10:04बाभी दीदी काका जानती हो यह क्या है जिसे मा और पिता जीने साइन करने के लिए लॉयर के पास भेजा था यह वही नोटिस है
10:15मैंने पहले ही कहा था यह मिलकर नहीं रह सकते हम अपना टाइम वेस्ट कर रहे हैं सुनी नहीं किसी नहीं सुनी मेरी बात अब अपनी आखों से देख लो
10:27कोशिश कि क्या हशिल हुआ क्या हम नहीं चाहते कि दूनों सात रहें खुश रहें अरे दोनों अब biss तक तो खुश ही थे ना
10:47किसने का हम खुश थे हम खुश नहीं हैं अब तो बस मतलब है तुम पैदा हुए थे तब हम खुश थे दीरे दीरे तुम जब तुम बड़े हुए तब भी हम लोग खुश थे पर अब खुश नहीं है
11:03कितने दिनों से तुम्हारी मा को मुस्कुराते हुए नहीं देखा तुम्हारी मा के चेहरे पर जूठी मुस्कान देखी है सची मुस्कान कभी नहीं देखी यह यहां तुम्हारे सामने जिन्दा तो जरूर खड़ी है लेकिन इसकी आत्मा तुम लोगों के पास है
11:21जब खाना खिलाने बैठती है
11:23तो मुझे कहती है
11:25सुनो जी ये सबजी मेरे बड़े बेटे को बहुत पसंद है
11:29जब ऐस्क्रीम वाले की गाड़ी घर के सामने से गुजरती है
11:34और बच्चे उसके पीशे भागते है तो कहती है
11:36मेरा छोटा वाला इसी तरह भागता था
11:38कोई भी लड़की मेंदी लगवाने आती तो कहती
11:42मेरी बेटी भी जब तक मेरे हाथों से मेंदी नहीं लगवा लेती चुप नहीं बैठती थी
11:47प्रती दिन प्रती छण बस तुम लोगों की ही बाते करती रहती थी
11:53तुम लोगों को बुलाओ तो तुम लोग आते नहीं थे
11:55बोलो क्या करूँ मैं
11:58तुम लोग आते नहीं थे तो वो दुखी हो जाती थी
12:03उसे दुखी देखकर मैं भी दुखी हो जाता था मैं क्या करता
12:06इतने दिन वो मेरे पास रही ना
12:10अबसे वो तुम लोगों के पास रहेगा
12:12जब तक पत्नी रहेगी
12:16तब तक वो मुझे छोड़ कर कहीं नहीं जा सकती है
12:19इस लिए इस सब क्या
12:20कम से कम
12:25बच्चों के साथ रहने की खुशी तो मिलेगी इसे
12:28लेकर जाओ
12:30यह क्या मा पापा इस तरह से बोल रहे हैं
12:36और आप कुछ बोल नहीं रही है
12:38अब मैं क्या बोलू बेटा
12:40शादी होकर सालों कुशर गए
12:43बहुत उतार चड़ाव देखे पर
12:46कभी भी
12:48एक दूसरे के खिलाफ एक शब्द नहीं का
12:51और आज
12:54तुम्हारे कारण मैं
12:58उनसे दूर हो रही हूँ
13:00और इसकी वज़े तुम लोग ही हैं
13:03पर
13:08मैं जानती हूँ कि
13:10वो मुझे गुसे में तलाक नहीं दे रहे है
13:12वो मुझे बहुत प्यार करते हैं इसलिए
13:15वो मुझे दुखी नहीं देखना चाहते
13:18वो बस इतना चाहते हैं कि
13:20मैं हमिशे अपने बच्चों के साथ रहू
13:24मा तुम भी उन्हीं के तरह बोल रही हो
13:25आखिर हमारे गलती क्या है मा
13:27जब हम दोनों एबरोड से टल होना चाहते थे
13:30तब आप दोनों ने खुशी से सहमती दी थी थी न
13:32मा आप भी लोग चाहते थे थे हैं कि
13:34हम लोग अच्छी पोजिशन पर पहुँचें
13:35सुन लो
13:36हर माबाप चाहते हैं कि उनके बच्चे अच्छी पोजिशन पर रहें
13:39नाम कमाये पर कितनी उचाही पर
13:41कितनी उचाही पर
13:42माँ बाप को बच्चे दिखाई न दे इतनी उचाई पर
13:45प्लीज पापा हम लोग आ नहीं पाते हैं इसलिए तो
13:48वाटसेप पे फोटोस भेज़ते हैं स्काइब पे बात ही करते हैं
13:51बेटा थाली में खाना देखते रहने से पेट नहीं भरता
13:55खाना पड़ता है
13:57पिधा जी ऐसा नहीं है कि हम आना नहीं चाहते लेकिन टाइम ही नहीं है
14:02बहू दो दिन तक तुम्हारे बेटे का फोर नहीं आया था तो तुम कितनी बेचैन हो गए थी याद करो न तुम
14:08तुम लोगों को इतने प्यार महबत से पाल पोस कर बढ़ा किया और तुम मुझे ये दिन दिखा रहे हो
14:13देखो कम्प्यूटर के बीच जी रहे तुम्हारे बच्चे तुम्हें कैसे देखेंगे वो सोचो
14:17माबापको अपने बच्चों के आने का इंदजार खुशी से करना चाहिए दुखी होकर नहीं
14:24संकरांती पर आओ
14:28दस दिन हमारे साथ रहो
14:30वो दस दिन की खुशी में हम पूरे साल तुम लोगों की यादों में ही गुजार देंगे
14:35पर तुम लोग आओगे की नहीं आओगे
14:38हमारे जिन्दा रहते आओगे की नहीं आओगे
14:41वो दुर्भाग्ये बन गया है हमारे जैसे माबापों का
14:44हमारे हेड मासर प्रकाश राब मर गय थे
14:52उनके बच्चे विदेश से नहीं आया
14:54उनका दा संसकार किया जा या नहीं
14:56और फिर अनाथों की तरह उनकी लाश को शमशान ले जाकर अंतिन संसकार किया गया
15:00कल की पूजा में पंडित ने क्या शिर्वाद दिया कि सौ साल जीओ
15:11जीने का मतलब सिर्फ जीना नहीं होता है
15:15और वो जीवन तभी मिल सकता है
15:18जब अपनों के साथ
15:20खुशी खुशी से जिया जाए तब
15:22और अगर ऐसे ही जीना है
15:25तो ऐसे जिन्दगी का क्या फाइदा है
15:27भापा हम लोग अभी दिल करता था कि आपके पास आए
15:39लेकिन टाइम नहीं है ना
15:41बेटा हर तीसरे महिने के बाद मौसम बदलता है
15:45जो तनखवा देता है उसके लिए चार घंटा ज्यादा देने के लिए टाइम है
15:52और जो तुम्हारे लिए आज जिन्दा है उनके लिए साल के चार दिन भी नहीं
15:57बेटा अब हम लोग पांच या दस साल तक और जीएंगे बेटा तुम लोग साल में अगर एक बार भी आओ
16:03तो अपनी बची खुची जिन्दिगी में हम लोग पांच या दस बार और देख पाएंगे
16:08वो मौका तुकम सिगा मामें देदू
16:13मौमी
16:35सुरी पिताजी हम लोग वक्त के साथ दौड़ते दौड़ते बहुत दूर चले गए एहसास ही नहीं रहा
16:44स्कोल से आते वक्त कभी आदा घंटा लेट हो जाऊं तो ममी बहुत परेशान हो जाती थी
16:52आस्ट्रिया से आने में मुझे इतनी देर हो गई मैं समझ सकते हूं कि ममी को कितनी तकलीफ हुई होगी मुझे माफ कर तो ममी प्लीज
17:02जब मैं गड़ित में नंबर वन आता था तो आप मुझे शाबासी देते थे तब लगता था कि गड़ित ही सब कुछ है लेकिन जिंदेगी का गड़ित मैं नहीं बढ़ पाई
17:12I am sorry पापा
17:14हर माता पिदा चाहते हैं कि उनके बच्चे हमेशा उनके साथ रहें
17:19अब हम भी रहेंगे हमारी वज़ा से आप लोग अलग मत होए प्लीज
17:26प्लीज आप वो नोटिस बापस ले लीजी वो बात बड़े पापा को पता ही नहीं
17:32वो नोटिस मैंने भेशा है
17:40तू पागल तो नहीं हो गया बेटा तूने उन्हें क्यों भेजा ताकि इन दोनों का दरदिये लोग समझ सके हैं
17:55आप दोनोंने घर में बात करना बन कर दिया था
17:59आप लोग घर में खामोश घूम रहे थे मैं बरदाश नहीं कर पाया
18:05मुझसे सहन नहीं हो रहा था
18:09जब से होश संभाला है आपकी आखों में कभी आँसू नहीं देखें
18:18लाइफ में फॉर्स टाइम नदी के किनारे आपकी आँखों में आँसू देखें
18:25मैं बरदाश नहीं कर पाया
18:32गाओं में कोई प्रॉब्लम हो तो लोग आपसे कहते हैं ना
18:38तो आप अपने दिल का दर्द किसको बताएंगे आप अंदर ये अंदर खुट रहे थे
18:45इसलिए मेरे दिल में बहुत दुख हुआ इसलिए ऐसा किया
18:50मुझे माफ करना बड़े पापा बड़ी माँ आप लोगों की कोई जायदत नहीं मांग रहे हैं
19:00बस थोड़ी से खुशी मांग रहे हैं अगर ये आप इन्हें दे देंगे तो ये लोग भी खुश और हम लोग भी हैं
19:12सब की खुशी के बारे में सोचने वाला अपना दुख क्यों चुपा रहा हैं
19:20मुझे क्या दुख है
19:21जिस लड़की से प्यार करता है उसे दूर होकर दर्ग नहीं होगा
19:25नित्या से प्यार करता है ये बात तुने क्यों चुपाई
19:28प्यार सिर्फ नित्या का ही नहीं है न आप लोगों का भी प्यार है मैं उसे छोड़ना नहीं चाहता था
19:37बेटा मैं तुमसे पूछना चाहता हूँ कि तुम इसके बारे में क्या जानती हो
19:40जो इसे दामाज स्विकार करने के लिए इंकार कर दिया
19:45आप लोग अपनी खुशी जायदाद और पैसों में ढूनते हो
19:49पर ये दस लोगों की खुशी में अपनी खुशी ढूनता है
19:53तुम्हारा इससे दूर दूर तक कोई खून का रिष्टा नहीं है
19:57लेकिन फिर भी तुम सबका भला चाहता है
20:00इतना बड़ा दिल है इसका
20:03ऐसा दामात तुम्हें ढोणने से नहीं मिलेगा
20:06मैंने जिससे प्यार किया उसी से शादी की
20:14प्यार की कीमत मैं चानती हूँ
20:17लेकिन तुम दोनों के प्यार को मैं समझ नहीं पाई
20:22सौरी राजू
20:27हमारी निद्या से शादी करोगे
20:29क्यों बेटी, तुमने राजू से प्यार किया है, उसी से शादी करोगी, हैपी ना
20:35मैं राजू से प्यार करती हूँ, किसने बोला
20:40अगर ये मुझसे प्यार करता तो
20:44मुझसे बोल सकता था ना, लेकिन नहीं बोला
20:49नहीं बोला तो क्या हुआ, अभी बोल देगा नहीं है, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, हाँ, बोलो, मुझे हानी कहकर बुलाओगी, बुलाओगी,
21:19बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, बोलो, �
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