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  • 1 year ago
दंगल: धराली में तबाही के बाद कई सवाल, आखिर त्रासदी की असली वजह क्या थी?

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00:00नमस्कार मैं हूँ साहिल जोशी दंगल में आपका स्वागत है।
00:30बाहर से भीजी गई मदद धराली नहीं पहुँच पा रहे हैं क्योंकि रास्ते बंध हैं।
00:34मुख्यमंत्री धामी धराली से लोट चुके हैं।
00:37दिल्ली में एम मोदी ने भी बीजेपी सांसदों से रिपोर्ट लिए।
00:42धराली का क्या होगा या क्या हो पाएगा ये कहना फिलाल काफी मुश्किल है।
00:47लेकिन धराली की तरास्दी ने बारा साल पहले केदारनाथ की विभीशिका की याद दिला दिया।
00:53इन तेरा बरसों में केंदर ने तमाम उपाई की है।
00:57लैंड्सलाइड रिस्क मिटिगेशन स्कीम बनाया।
01:01नैशनल लैंड्सलाइड फोरकास्टिंग सेंटर बनाया।
01:04ब्रिटिश जियोलोजिकल सर्वे के साथ मिलकर टोटो टाइप लैंड्सलाइड अर्ली वानिंग सिस्टिम भी बनाया।
01:11150 करोण रुपे का बजेट देकर नैशनल ग्लीशियर लेक आउटबस फ्लर्ड रिस्क मैनेज्मेंट प्रोग्राइम चालू किया गया।
01:19सचेट जैसे इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टिम पर आधारित कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल बनाया।
01:25देश के छे राज्जों के 18 जिलों में लैंसलाइड फोरकास्ट बुलेटिन शुरू की गई।
01:31लेकिन इन तमाम उपायों के बावजूद उत्तरकाशी के धराली में क्या हुआ।
01:37दिन दहाडे खीर गाद नाले से आये फ्लैश फ्लड ने सिर्फ 34 सेकंड हजार की आबादीवाले धराली गाउं को समतल धरातल में बदल दिया।
01:49हमारी सारी व्यवस्ता, सारे इंतजाम धरे के धरे रहे गया।
01:53और जिस इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलप्मेंट प्रोजेक्ट के कारण हिमाले रीजिन में एकोलोजिकल गडबड होने के आरोप लगातार लगते रहे हैं।
02:01उसकी हालत ये है कि हादसे के 28 घंटे बाद भी वहां सडक बार्क से जाना संभव नहीं है।
02:08तो ऐसा क्यों है धराली का हादसा कई सवाल पूछता है और कई समविधानिक सावधानिया दरशल बरतने के संकेट भी देता है।
02:17और ये संकेट कई बार दिये जा चुके है लेकिन उसके बावजूद क्या ये संकेट बरते नहीं जा रहे हैं।
02:23तो क्या है वो सवाल, क्या है वो संकेट और इसके समझने के लिए आज हम एक स्पेशल प्रोग्राम करने वाले स्पेशल गेस्ट के साथ में डंगल में हम इसी बात को लेकर चर्चा करेंगे कि बार बार इस बारे में वार्निंग मिलने के बावजूद भी उत्तराकंडिया
02:53मारी का या या भाद को आ कान पया।
03:02में आदे हैं अभाक का दिएky में
03:05शर भाक, हैं यदो कॉपके का दार बबना झाना
03:13में ठाफ्मरे के लृफ।
03:18कि अजय को अजय को बहुत ही जादा भी जो की प्रस्तिती हो गई है आप देख सकते हैं पूरा जो यह गाउं है पता भी नहीं चल रहे हमारा मार्केट था पूरा प्रबाद हो गया आप हमार कल्प के तार मंदेर इस सारा
03:47प्रबाद है आप देख सकते हो बहुत है अब प्रबी और अभी प्रबी यह नियक्या आप सकते हैं अब दुबारा अरह हम तो इदर हैं हर्च मुख्वा के तरुप यह तो आई रहा दा तारे हैं तारे ना सुबहें गए तो बहेंकर इस्तिती हो रिकिये पूरा मलवाई मल�
04:17कोई भाग भाग भाग आप है है यह देकिने सड़क पूरी सड़क करे उपर इतना अधा मलवा पहुच गया यह सड़क यह मलवा यह देखिए कहाँ जाए इसमे तो स्लज है पूरा
04:33इसमें भी जाएंगे डूब जाएंगे पुरा देखे ना नदी का कोड़सी उदर चला गया सर नदी का कोड़सी किनारे चला गया पूरा पाइप पत्थर कितने पड़े-बड़े एक होगा यार इस कुंटल के आए अजारों कुंटल के होने है
04:51दो कर दो कि कि यह कुरे जलन भाई हो चुक है सावंपर उपर हमारे के मैं और लोख को, 1950 के यह जो भागी रती नदी है यह फूरा हो चुकी है और है
05:08जेімस्तों पुरा चल भराओ हो रहा है सेभलन जो जिसको भी गाउं के इसका उतार्गाषी के बीच के जो गाउं भी आए
05:15रहा हुँ परसे के बहुत भेंकर आवाज आ रही है उपर से तूर के बहार आतो कीरे अर्मी वालों की अर्मी
05:23पर देख लेख बाहर आजें यह वाइट रहा हुआ है जाओ भी आजिए नोगे बन्न दोगे देख ना चीदा उपपर आगे लागे लागे लागे लागे
05:41यह भयानक त्रासदी उत्तरा खंड में आई है यहां दहरादून है यहां केदारनाथ है यहां बदरीनाथ है यहां गंगोतरी है और इससे 18 किलोमीटर दूर यहां धराली में यह आपदा आई
06:02धराली में विनाश के बाद की खामोशी है सेना और आईटी बीपी के जवान राहत बचाओ काम में जुटे हुए है
06:10मलबा था है बिवस्था नाम मात दकी
06:16राहत बचाओ पहुचाने वाली सडके जगा जगा से बंध है उत्तरकाशी से धराली के बीच तीन जगा सलक तबाह है
06:25राहत बचाओ टीम पैदल आगे भीजी जा रही है और दिल्ली में चार बीजेपी सांसदों के साथ पियम होदी नुकसान कांकलन कर रहे हैं
06:33तो धराली के आजमान से समीन तक सीयं धामी
06:36धराली पूरी तरह से आपदा की सपेक्मा आ गया और कल की घटना के बाद कई चरणों में वहां मलवा आया है
06:46सबी कुछ आपदा की भेट चल गया साथ में वहां साम तक सेना के लोगों ने 190 के करीब लोगों को रेस्कू किया है
06:58अभी घायलों को भी जो है वहां से रेस्कू करके उतरकासी लाया जा रहा है इसको वहां एमस में जो जरूरी उनको हैर सेंटर रिफर किया जाएगा
07:09सभी घायलों के भी स्वास्त की पूरी चलता की जा रही है
07:13ये भी बताना मुश्किल है लेकिन धराली में कम से कम तीन दर्जा निमारतें करीब 20-30 फीट मलवे के नीचे दब गई है
07:25150 लोग बचाए गए हैं लेकिन 50 लापता भी है
07:29मंदिर, बाजार, गाउं सब मलवे के नीचे हैं
07:32उधर हर्शिल में सेना के 11 जमान लापता हैं
07:43वैली पुल भी बह गया है
07:44धराली में खीर गाद नाले से भागी रथी तक इंपैक्ट जोन में करीब साड़े 13 एकल का इलाका पूरी तरह तबाह हो गया है
07:52जिसमें तीन दर्जा निमारतें या तो बह गई या मलवे में दब गई
07:56बाकी तूट फूट कर बची रह गई है
07:58ऐसी तबाही देखकर वैज्यानिक ये हैरान है कि क्या 5 अगस्ट को धराली में बादल ही फटा था
08:05पूरा बरबाद हो गया
08:08धराली में जब सालाब आया तो 35 सेकंड में सत्यानास कर गया
08:21तस्वीरे देखकर जानकार हैरान थे कि ये बादल फटने जैसी सूरत तो नहीं लगती
08:26क्योंकि घटना अस्थल की टोपोग्राफी देखिये
08:29ये 14,000 फीट की हिमाले की चोटी है जहां से सैलाब आता दिखा वो 12,600 फीट की उचाई है
08:35वहां से सैलाब इस रास्ते से होते हुए करीब 43 किलोमीटर प्रति घंटे के रफतार से धराली गाउं से टकराया है
08:42इन तथ्यों और तस्वीरों को देखकर वैग्यानिकों को आशंका है कि धराली में बादल नहीं बलकि कोई औस्थाई जील या ग्लेशियर जील फटने की आशंका लगती है
08:53क्योंकि एक को बादल फटने के लिए एक घंटे में 100 मिली मीटर जैसी बारिश चाहिए होती है
08:59आई एमडी बोलता है कि धराली के उपरी इलाके में 4-5 अगस्त को कुल 10 मिली मीटर बारिश हुई थी
09:04दूसरे अमूमन 14,000 फीट पर बादल फटने की घंटनाएं होती नहीं
09:09तो क्या धराली में आई यापदा बारिश के जमा हो रहे पानी से बनी जील के तूटने से हुई या ग्लेशियर जील के तूटने से
09:17इसकी अभी तक कुष्टी होना बाकी है
09:19वैसे तथ्य हैं कि उत्तरा खंड में 1260 ग्लेशियर लेक्स यानी जीले मौझूद है
09:24इनमें कई जीलों को हाई रिस्क जील घोशित किया जा चुका है
09:28NDMA ने ए लेवल यानी उचस्तर के खत्रे वाली ऐसी 13 जीलों की पहचान की है
09:32जो कभी भी ग्लेशियर लेक आउट बस फ्लड यानी ग्लोफ की तबाही का करण बन सकते हैं
09:39ऐसे में धराली के हाथसे के बाद सवाल तो यही है
09:42कि क्या ग्लेशियर लेक फूटे से आई बाल की सबसे भीशर तबाही जो 2013 में केदारनात ने जेली थी
09:47उसके बाद खत्रों के पूर्वा नुमान, सावधानिया और बचाव को लेकर सिस्टा
09:52इतना भी विक्सित नहीं हो सका कि धराली जैसी घटना को रोका जा सके
09:56उत्तरकाशी साज्टोष मिश्रा के साथ आज तक भी हो रहो
09:59तो हराली में इस वक्त बचाव कारिया अभी भी चल रहा है
10:03अभी तक ये आकड़ा नहीं साफ हो पाया है कि आकिरकार कितने लोग उस मलवे में फसे हुए हो सकते हैं
10:09मदद कारिया में भी काफी देरी हो रही है
10:11कई सारे सवाल हराली में इस बात को लेकर उठाए जा रहे हैं कि आकिरकार किस तरीके से वहां तक पहुचा जाया
10:16और जो घटनाए बार-बार उत्तराखन में हो रही है उसके पीछे कारण क्या है
10:21सारे मुद्दों को लेकर हम चर्चा करेंगे हमारे साथ तबा महमार चुड़ चुड़ चुके हैं
10:24डॉक्टर डीपी दोभाल साइंटिस्ट है ग्लेशियोलोजिस्ट है वाडिया इंस्टिट्यूट ऑफ हिमालियन जियॉलोजी के
10:29डॉक्टर अंकित अगरवाल हाइडरोलोजिस्ट है आयाइटी से प्रोफेसर वाइपी सुन्द्रिया प्रोफेसर ऑफ जियॉलोजी एचेन बी गरवाल यूनिवरसिटी वेटरेन जियॉलोजिस्ट भी है
10:41सतीष लखेरा चीफ स्पोक्स परसन है उत्तराखंड भारके जन्ता पार्टी के प्रवक्ता है उनसे भी स्वाल पूछेंगे की केडियह उनुके सरकार को कई बार इस पूरे मामले को लेकर बाते कही गई है
11:05लेकिन हर बार क्या सरकार इस पूरे मामले को लेकर नजर अंदाज करती है।
11:09ये भी सवाल इस पूरे चर्चा के दौरान उठ सकते हैं।
11:12तीन सवालों के साथ दरसल हम इस चर्चा की शुरुआत करना चाहते हैं।
11:15पहला सवाल क्या धराली को इस प्राकृतिक आपदा के नुकसान से बचाया सकता था।
11:45पर लोगों की जाने की संख्या भी लगातार बढ़ती जारी है।
11:48तो इसके लिए ये बढ़ते संतुलन की चेतावनी है क्या।
11:51ये भी हमारा दूसरा सवाल रहेगा।
11:53और तीसरा एहम सवाल क्या पहाडों में विकास योजनाओ के नाम पर
11:57इकलोजी से अंधा धुन्द छेड़कानी हो रही है।
12:01बिना संतुलन के विकास कारियों के काम वहाँ पर हो रहे हैं।
12:05फिर वो उत्तराखंड हो या हिमाचल प्रदेश हो।
12:07इन सारे मुद्दों के लेकर हम चर्चा करेंगे।
12:09करेंगे। लेकिन चर्चा शुरू करने के पहले जरा ग्राउंड रिपोर्ट देख लेते हैं।
12:12क्योंकि अब तक जो जानकारी है उसके मुताबिक बचाव कारी अभी भी चल रहा है।
12:17और अभी तक इस बारे में कोई खास जानकारी नहीं है कि आकरकार कितने लोग फसे हो सकते हैं।
12:47हो पाया कि कितने लोग वहाँ पर फसे हुए हो सकते हैं।
13:17जिन इलाकों में चाहिए सुखी टॉप हो या दूसरे उन इलाकों में कि कहीं पर कोई वाटर बॉडिस थी जहांपर और उसके बाद पानी जमा हुआ।
13:24अचानक से बार ये फ्लैश फ्लाट आया और उसके साथ सब कुछ नहीं चाहिए।
13:28ये जो डिवस्टेशन और बाद में पता चलेगा।
13:30मुश्किल दरसल ये है कि इस बढ़बारी में जहां पर हूँ ये रास्ते कट गए हैं।
13:34पूरी कोशिश की गई सुबह 6-8 बजे से लेगि रास्ता भी तक खुल नहीं पाया।
13:38यहां तक कि अभी से थोड़ी देर पहले मैं उस आखरी पड़ाव पर भी पहुँचके आ गया।
13:42जहां पर एक बड़ा सीमेंट का पुल आप सोचे कॉंक्रीट का पुल जिस पर ट्रक आते जाते हैं वो पूरा का पूरा पुल उपर से एक फ्लैश फ्लाट के साथ इतना बड़ा बोल्डर आया कि उस पुल को तोड़ करके अपने साथ लेके चला गया चार ओर से मलबा वि
14:12जो अब NDRF के, SDRF के और उन तमाम एजिंसियों के लोगों को तीन-तीन-चार-चार करके लगातार फेरी कर रहे हैं जिसमें घड़ा हूं हमान लगातार में हिलिकॉप्टर की गुण सुन पा रहा हूं अब दरसल सबसे बड़ी चुनोती क्या है आप मैन पावर पहुचा �
14:42लोगों को देखा हाथ दिलाते उन्हें सबसे पहले किनारे किया मुख्यमंत्री गए हर्शिल में लोगों से मुलाकात की लेकिन धराली में जो लोग थे उनका तो भी कोई अता पता नहीं है जिस गंगवानी पुल के पास में गया वहां कम साट से सतर लोग मुझे मिले वो
15:12करिब तीन से चार किलो मिटर दूर है सबसे नजदी की दराली से अगर कोई शहर है तो वो हरसिल वहां पर बताया जा रहा है कितना समय आपको लगा वहां पर पहुंचने के लिए क्योंकि आप वहां पर सड़के बनाई जा रही है बाकी सारी चीज़े चल रही है लेकि जि
15:42रास्ते में सिर्फ लैंड्सलाइड थे कई ऐसी जगों पर लगा कि पहाड़ हम जा रहे है कहीं पर जब गाड़ी चलती है उस पर कहीं वाइबरेशन से और मलबा ना गिर जाए एक तो बारिश हो रही थी पहला जो लैंड्सलाइड हुआ था उसमें जो कच्चा मलबा उस
16:12दूसरे हिस्से में पहुँचे वहाँ भी सड़क दसी है आठ नो घंटे ऑपरेशन चला लेकिन अभी तक रास्ता नहीं खुल पाई इसलिए मैं कह रहा हूँ सड़क मार्क से फिलहाल राहत बचाव कारे फिलहाल असंभव होता दिखाई दे रहा है मुझे
16:23सबसे बड़ी बात आशुतोष अभी भी धराली नहीं पहुँच पाये कल रात से वो वहाँ पर पहुँचने की कोशिश कर रहे है और अभी जहां पर वो है वहाँ से वो यह कहने की कोशिश कर रहे है कि सड़क मार्क से वहाँ पर पहुँचना करीब करीब ना मुम्किन है
16:53आपकारिय करना काफी मुश्किल है धराली में दरसल कितना नुक्सान हुआ है उसका स्पेसिफिक आकड़ा भी अभी तक पूरी तरीके से साफ नहीं आ पाए जो जानकारी फिलाल हमारे पास है उसके मुताबिक 20 वहां पर होटेल्स थे और कुछ गेस्ट हाउसेस भी है हो सकत
17:23है हो सकता है कि यह फ्लेश फ्लड होगा या फिर क्लाउड बर्स्ट होगा यह हुआ क्या है क्या इसकी कोई जानकारी स्पेसिफिक मिल पाई है और इसको क्या इसको रोका जा सकता यह तो बात की बात होगे लेकिन दरसल हुआ क्या है किस तरीके से यह गटना हुए जैसे इ
17:53पुराने प्लिसेटेट पर पसे हुए है तो जैसे आप जो यह यह यह बहली लगबाग जो है
18:22आपको संपर्क बीच पे टूड़ गया था बोले
18:52कि जो ये लगता है अब होद पुरा तो
19:06है यूज है ंदल के ओपर की सिंती क्या है slower successful फैक है त्जिक है प्रोफिसर व Алőब्ठ चूम्रिया जिस तरीके
19:14से ऑडॉंठ दोभाल कह रहे हैं कि वहाँ पर नजर नहीं आता तो जो हम देख रहे
19:20है उसके पीछे क्या कारण क्या है क्योंकि यह पहली बार इस तरीके से फ्लड नहीं देखे गए इससे पहले भी कई बार यह चेतावनी दी गई थी कि इस तरीके के फ्लैश फ्लड हो सकते हैं खास करके
19:30ग्लेशियर्स का पिगलना और इकलोजिकली सेंसिटिव जोन में यहां पर इस तरीके के घटना हैं कई बार चेतावनी दी गई थी अगर फ्लैश फ्लड जैसा बहुत जादा बारिश नहीं भी हुई है उसके बावजुद भी इस तरीके की तस्वीरे देखना यह क्या देखा
20:00जो हर्सिल में रेइनफाल रिकॉर्ड किया गया है दस पंद्र मिल्लीमीटर रेइनफाल था अब सवाल यह है कि यह जो है यह सुनो रॉक एवलांच लगता है और इसका सुरुवाती वीडियो जो लोकल लोगों ने वाइरल किया था आपने भी देखा होगा यह ठीक वैसे
20:30सब्सक्राइब कर दिया था यह सब कुछ कब हुआ इस यह पता आज तक भी कोई नहीं चला पाया हम टेक्नोलोजी में कितनी वी एडवांस की बात कर लें अब कल दराली में हुआ आज तक हम यह इस पस्ट नहीं कर पा रहे है हमारे पास हाई रिजुलिशन सेटलाइड डा
21:00हुआ और दूसरी बात है कि नौस स्लोपिंग फेस है अक्सर जो क्लावड बस होते हैं साथ वेस्ट मांसूल से होते हैं साथ फेसिंग स्लोप पे ज्यादा होते हैं तो इस इतनी हाइट पे क्लावड बस और जिस तरह से मलवा आ रहा है और फिर धिरे-धिरे दुबारा भी
21:30अनसेफ साइट्स यह बिल्कुल अगर आप रिवर बैट पे जो है मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाएंगे होटल बनाएंगे होमस्टे बनाएंगे वहाँ पे लोग रहने लगे तो उसकी इसी होने वाली है तो सबसे बड़ी बात है कि ऐसे सारे जगों को चिन्नित किया �
22:00आप बिल्डिंगे बनाएंगे होटल बनाएंगे तो यह सारी चीजे आपको उसी तरीके से देखने मिलेंगी यह पहली बार कहा नहीं जा रहा है इससे पहले भी जब केदारनात में बड़ी घटना हुई थी पास हजार से जादा लोग वहाँ पर मारे गए थे तब भी यह
22:30क्या क्या कि सरसोती नधी जो है वो मंदर के बायं तरफ से बैती थी और मंदाक नीं जुए दयाय तरफ से बैती थी लोगोंने सरसोती का रास्ता एक दिवाल
22:40ना करके रोक दिया और उस पे जो होटल लॉज बना दिये 2013 में जब सरसोती रिवर ने अपना को सकुप आई किया पूरा तो उसने सारे होटल लॉज बहा दिया वहां से और जितना भी नुकसान 2013 में हुआ है वो एंसेफ साइट्स पे हुआ है नदी कभी भी इंक्रोश्में�
23:10क्योंकि तब भी ये सारी चीज़े बताई गए कि कुछ चीज़े सुद्री किया उसके बाद में आप तो चार धाम जो हाईवे बनाये जा रहे हैं दस मीटर तक के हाईवे की इजाज़त दी गई है आप लोग कह रहे थें कि साड़े पांच मीटर की इजाज़त दीजिए �
23:40सरकार की तरफ से डिफेंस का मामला आ जाता है अब देश की रक्सा का जब सवाल आ जाता है तो उसमें सुब्रिम कूर्ट के हम लोग भी जुग जाते हैं कि हाँ पर चोड़ी सड़के चाहिए होंगी लेकिन अब सवाल ये है इकोलोजी का मैं आप आपने बात कह दी तो मै
24:10परिवहन मंत्रा लेने वहां पर दॉक्टर हेमन ध्यानी है प्रेवरण विद उन्होंने जो है गड़करी से जी से मिल करके बात की कि इसका कुछ अल्टरनेट भूड़ी है तो उन्होंने ये कहा कि हम आपको डिप्यार देते हैं और आप हमें नहीं डिप्यार बना के दी�
24:40पेड़ जो है क्योंकि उस पूरा पूरे इलाके में अगर कभी आप जाने का मौका मिला आपको हम लोग तु गये हैं तो वहां पर बड़ जो बोल्डर से विस बात का संकेत देते हैं कि पूरू में भी यहां पर आएवलांचे आये हैं और एवलांचे प्रोंजूर है और �
25:10जन्तिक पार्टियों को रिप्रेजंट करते हैं मुझे जरा एक बात समझाईए कि चलिए सुप्रिम कोट ने तो कह दिया आदालत ने तो कह दिया कि नहीं रस्ते बनाई हैं डिफेंस का मामला यहां पर लेकिन यहां पर हम देख रहे हैं क्योंकि यह इलाका जो है जहां प
25:40बिल्कुल यह बात तो बिल्कुल सही है कि वहां पर लैंड स्लाइट हो गई और पहले यह इस रीजन की घटना नहीं है ना 1978 का फ्रड़ हमने देखा है जब करोड़ी अब गार्पूरी ब्लॉक हो गी थी जो सेड़ा पूरा बै गया था आज जो सेड़ा उसी जगा पर ख�
26:10है लेकिन सरकार को इसका संग्यान लेना होगा और हम कोई पूरी इस बात को लेकर कर रहे है कि यह मैनमेड है जिस तरीके से वहां पर काम चल रहे हैं उसके वज़े से हो रहा है या कई बार जो है ना नैसरगिक अपना के नाम पर सब चीज़े चुप जाती है
26:35मुंबई में जब फ्लर्ड आये थे तब का गया कि देखिए क्लाउड बस्ट हो गया हंड़ेट मिलिमिटर से उपर बारिश हो गई एक गंटे के भीतर इसके वज़े से पानी भर गया किसी ने इसके बारे में बात नहीं की कि किस तरीके से वहां पर निर्मान बन चुका है
27:05में ज़्याजा थेजी से बढ़ रहा है चारहाजार मीटर से उपर पूरी रिपोर्ड जो है क्लाइमेट चेंज पर जो है यह अब लेबिल है इसमें कहा गया है कि हिमाले में 4000 मीटर से उपर जो टेंपरिचर हो रहा है उसका रेट ज्यादा है एस कंपरिटिबली लोर जोन
27:35बढ़ते हैं वह ऐसे बनाते हैं कि जो अब तक हमारे पास तस्वीर आजानी चीए थी क्योंकि जब तक हम उस एरिया में को देखते नहीं है यह हवाई सर्वेक्षन के द्वारा यह हाई रिजॉल सेट्लाइट जो हमारे पास है वो बहुत जब तक हमको नहीं बताते हैं
28:04लेकिन हमारे ये मानना है कि ये इन्टिग्रेटेड अलर्ट कॉमन प्रोटोकॉल ये सारी चीजे केदारनात में जो हुआ उसके बाद में इस रीजन में लागू की गई इसके दावे किये गए थे
28:28अब हमको उसके बारे में भी जाना है कि क्या किसी को पता चल पाया क्योंकि मैं उस वेबसाइट पे भी गया था जो सरकार द्वारा वेबसाइट जो है उस पर भी मैंने जाकर देखने की कोशिस की
28:38तो DRM ने उस पर दावे बहुत सारे किये हुआ है कि Decision Support System हमारे पास है
28:42Early Warning System हमने वहाँ पर लगा के रखी हुई है
28:45USDMA with State Alert SEOC वहाँ पर लगा हुआ है
28:51SDRF Building वहाँ पर लगाई जा चुकी है तो तमाम दावे उस पर भी किये गए हैं
28:55उसमें से कितने दावे सही साबित हुए उस पर भी हम बात करेंगे
28:58लेकिन जल्दी से डॉक्टर अंकित अगरवाल हाइडोलाजिस्ट है
29:00IIT से जुड़े हुए है कई सारे हाइडो इलेक्टरिक प्रोजेक्ट वहाँ पर चल रहे है
29:052014 में उसमें से कई प्रोजेक्ट पर अदालत ने रूख भी लगाई थी
29:09और कहा था कि आप बस हुआ
29:1069 प्रोजेक्ट इस पूरे इलाके में बनने वाले थे
29:13लेकिन कुछ प्रोजेक्ट पर रूख भी लगा दी गए थी
29:16अब यह डिजास्टर के बाद आगे क्या होना चाहिए
29:19क्या आपको लगता है कि क्या सिचुएशन होनी चाहिए माँ
29:22थांक्स बिफोर आइस बीजाट और प्रोजेक्ट प्रोजेक्ट प्रोजेक्ट अच्छे से समझ में आगे
29:46संभावना एक अनुमान हो सकता है कि उपर लेक बन गई हो वह बस्ट हुई हो और ग्लेशर बस का केस हो सकता है यह बहुत सही बताया और जो डॉक्टर दोबाल ने बोला कि जिस हिसाब से
29:55लेकिन जो क्लाउड बस्ट है वो सिर्फ हाइट से लिक नहीं है मां मौश्यर कंवर्जेंस लोकल प्रोसेस मैंटर करते हैं और जो डॉक्टर सुन्द्रियाल ने कहां कि
30:15इमेज आदा निच लेती सो मैं यह कहना चाहूंगा यह इमेज आ चुकी है इंडिया मेटलोजिकल डिपार्टमेंट ने कहे दिया है एवन हमारा एनलसिस बोलता है 300 mm कल 5 अगस को 300 mm टोटल 300 mm बारिश होई है च्वाइट गंडे में और अगर हम जिस एक घंडे की बात कर र
30:45अगर हम अपने इंडिया मेटलोजिकल डिपार्टमेंट को कोड जो उनके एक ऑफिशल कोड़ेश नेटनल कोड़ेश करें तो हम इसे क्लाउडबस कह सकते हैं नहीं कहना है तो हम इसे बोल सकते हैं विकास प्लाउडबस नतिंग बट भी रेंफॉर उसके बाद में चलता ह
31:15बहुत पानी आया है या बारिश हुई है पानी आया है उस पानी को अगर हमें आप्टिमम यूज करना है विकास्वियर नॉट टॉकिंग अबाउट हम मांसून की बाप कर रहें जहां पानी नहीं होगा तो यह प्रोजेक्ट बहुत बहुत इंपॉर्टेंट है इस रीजन
31:45आ मेंने हम इनवॉज हैं मिटिंग में बात कर रहे हैं सारे सस्थेने वल सश्रेंबीटि को हम को में रुद्डे में रखते हुए हम बात कर रहे हैं इसे आप दक्रियार ने टॉच किया तो अगर मैं उस से जाँओ तो ट्लाइमेट चैंज हां और ट्रॉबल गी और ऑ्लैन
32:15सब्सक्राइब बढ़ेंगे अगर पानी भड़ रहा है वाटर इस तरह के प्रोजेक्ट बहुत इंपॉर्टेंट हो जाते हैं हमारा काम है कि हम सस्टेनेबिलिटी को को हम यह
32:38मेक शूर करें कि हमारे जो फ्रिजाइल माउंटें सिस्टम है जो हम उसकी फ्रिजिलिटी का पूरा पर विकास इस एरिये में बहुत बहुत जरूरी है नाजुक है बिल्कुल जरूरी है सर पर हमारा जो है इसने कोई डाउट है मैं कुछ आकड़े आपके सामने रखना चाहत
33:08और इसके सामने कई बार हम कितनी भी कोशिश करें उसके सामने वो कम ही साबित हो सकती है लेकिन ऐसा क्या हुआ है क्योंकि जरा आकड़े लोगों के सामने हम रखे उत्तराखन में खास करके उत्तराखन में लैंड्सलाइड्स जो हो रही है और खास करके बारिश के मौसम मे
33:38है हम लोग वो डेटा अगर हम दिखाएंगे स्क्रीन पर तो काफी सारी चीज़े समझ में आ
33:42जाएगी देखे 216 लैंड्सलाइड 2018 में 2018 में देखी गई थी 2019 में 254
33:50लैंड्सलाइड देखी गई थी 2020 में 328 लैंड्सलाइड दो 2021 में 354
33:55दो 2022 में 245 तो एक पैटर नजर आता है हमको कि हर साल करीब-करीब
34:01उतनी ही संख्या में लैंड्सलाइड देखी गई यह लेकिन 2023 पे देखिए
34:04ग्यारा सो लैंड्सलाइड दो 2023 में यह बड़ा इंटरस्टिंग डेटा है डॉक्टर अगरवाद
34:10यह लैंड्सलाइड अचानक कैसे बढ़ रही है चली मैं मालता हूँ कि आज की स्थिति में इसका आकलन
34:18तो हम इस तरीके से कर ले लेकिन आप डंबर देखिए ना अचानक उसमें जंप यहां पर नजर आ रहा है
34:22बिल्कुल मैं आपको बताता हूँ इस बारे में यह बहुत दुखद है कि लेंट्सलाइड हो रही है भड़ रही है लेकिन मैं फिर से अगर लेंट्सलाइड की जबाब बात करते हैं अगर डॉक्टर दोबाल बहुत और पॉरसर सुम्धिया जियो लॉजिस्ट है
34:35लेकिन यहां पर हम देख रहे हैं कि लाउब बस्ट यह तो हमने भी प्रूब किया है कि नंबर अव प्लाव बस्ट या भी नंबर अव एक्स्ट्रीम बात करें आज की तारीक में यह बढ़ रही है इसकी फ्रिक्वेंसी डबल हुई है
34:57अगर इनकी फ्रिक्वेंसी डबल हुई है तो लेंट इस नतिंग बड़ी बेसिकली ट्रिगर्ट बाइदी है विच इस इंपेक्ट सो यह हो रहा है बिल्कुल आप सही बोल रहे हैं यह आकड़े सही है लेकिन अगर हम आप बात करते हैं को जो की रेंफॉल है वह बेसिकली
35:27लेकिन एक और चीज इस सेरिय में बहुत प्रॉमिनेंट है वह है पच्ची मी विक्षोग जिसे हम वेस्टन डिस्टरबिंट होते हैं जो की दिसंबर जंदरी फरवरी मार्च में आया करते हैं और बिरिंग लॉट आफ रेंट पॉल इन स्नोफोर्ट अगर आप हम देखें
35:57यही केज 2013 में भी देखा गया था अगर 2023 में हमाचल्फ में जो हुआ था उसमें भी पक्षी में विक्षोग पैटन तो रिपीट हो रहा है ना पैटन रिपीट हो रहा है कहीं ना कहीं और उसके साथ-साथ आकड़े आकड़े भी कई सारी चीज़े पता रहे हैं इसलिए मै
36:27जिस तरीके से डिव्लपिट ज़रूरी है उस डिवलेफ्मेंट के होते हुए बाकी बालनस होना भी कहीं ना कहीं जरूरी है आपको नहिसे बारे में भी कहीं सोचना होगा तो जोशीमट में
36:42बाकी जगे पर हमने कई बार देखा इस पूरे मामले को लेकर आपने सही मुद्दा उठा है जब ही मैंने कहा कि जितने भी प्रोजेक्ट्स हैं या जितनी भी हमारा मेंनी गवर्मेंट प्रोजेक्ट्स है या फिर हमारे डवलमेंट है उसके कोर में सस्टेनबिलिटी है एव
37:12इस इस नमबर भी लगए उमीद वही है सतीश लखेरा भारतिय जनता पार्टी के प्रवक्ता है सरकार को रिप्रेजेंट कर रहे हैं जो मैंने आपको दिखाया कि DRM मैं मैं वेबसाइट पर वहां पर गया था मैंने वहां पर देख रहा हूं मैं कि कहा गया था कि कई सारी ची
37:42सब्सक्राइब लेकि 170 से 180 मिलिमिटर रेंफॉल हुआ एक घंडे के बीतर और पूरे दिन में करीब-करीब 300 मिलिमिटर रेंफॉल हुआ है लेकिन बारिज जैसे जैसे बढ़ने लगी कोई तो सिस्टिम आपकी अक्टिवेट हो पाई है आपको नहीं लगता कि आप इस पर
38:12अचानक बादल फटने की घटनाएं अचानक जो बड़ी है उतराखंड में क्योंकि जितने भी सहर बसे हुए सदियों से बसे हुए जब से चार दाम यातरा ही चल रही है और वे लोग नदी के किनारे बसने वाले लोग नदी का सभाव जानते कि किस हद्ट तक बढ़ती है
38:42या बादल के फटने से अस्वभाविक रूप से जब मलवा आएगा तो आसपास की आबादी को है और ये भी आपकी बादसे में सहमत हूँ कि कई लोगों ने नदी के नजदीक जा करके और क्योंकि उनकी अपनी संपतिय हैं और दर्ज हैं उनकी भूमी है और उन्होंने र
39:12जैसे पूरी सरकार लगी हुई है मुख्यमंत्री जी अपने अतिरूपदी का दौरा छोड़के समय ग्राउंड जीरो पे है रेस्क्यू कर रहे हैं आपने सिंक्यार में भी देखा हूगा वहीं पे खड़े थे आई टी वीपी लगी हुई है एस्टी आरेफ है और उसके अ
39:42कि देव भूमी में जरा संभल कर थोड़ा सा ध्यान रखेगा कि कितने टूरिस्ट वहां पर आते हैं अगर यातरी भी आते हैं तो कितने आने चाहिए उस पर भी ध्यान रखना काफी जरूरी है क्योंकि यह पूरी जो धरती है वहां पर उसको लेकर उनको चिंता थी उनको
40:12कमाई का इस्तमाल कमाई के लिए हो रहा है कमाई होनी चाहिए टूरिजम को बढ़ावां मिलना चाहिए लेकिन उसके साथ-साथ इस तरिके के हाथ से भी बढ़ते जा रहे हैं लेकिए ग्यारा सो ग्यारा सो लैंड्सलाइड दोजार तेईस में टीन गुना लैंड्सलाइ�
40:42तीन बड़ी योजनाएं पाला मनिरी लोहारी नाग पाला बहरो गाटी तीन जल विद्धुत पर योजनाएं बंद कर दी जिसमें की चनल बन चुकी थी तरवाईने लगने वाली थी और विद्धुत उत्वादन होने वाला था राज आज केदार नाग का जो नया निर्मा
41:12और आज चार्ज की इंडेट में जिसमें की सड़क के रास्ते दराली तक पहुंचा जाए क्योंकि अभी तक हमारे समध्दाता महां पर नहीं पहुंच पाए और वो यही कहने की कोशिश कर रहे थे कि सड़क के रास्ते से पहुंचना नाम पिने महां पर गरीमा जी आप भ
41:42हैं लेकिन जीवन हमारा नर्च से भी बत्तर हो रखा है जो उत्रा खंडवासी है या हमारे जैसे जो और परवती राज्य हैं उनके लोग हमेशा आतंकित और आशंकिती रहते हैं कि कौन सी अप्रिय घटना कौन सी आपदा कौन सी त्रासिदी से हमें दो चार होना पड़े
42:12मजदूर फसे हुए थे उसके अलावा आपने जोशी मट बुदा साव सुना तो कहीं न कहीं यह जो अन्प्लाइंड कंस्ट्रक्शन हो रहा है और जिस तरह से नदियों में अभिक्रमन हो रहा है जिस तरह से यात्रियों की और वहनों की संख्या पर कोई रोक टोक नहीं है
42:42से वहां बताया आपके रिपोर्टर ने कि सड़क मार्क धुस्त हो गया यह सुबे चार-पांस बजे हम लोगों को पता चल गया था कि भटवारी से धराली जाने के लिए जो रोडवे है वो बिलकुल ही धस्त हो चुका है और फिर बाद में ये भी पता चला कि रसद या र
43:12हम वहां से आपको दिखा रहे हैं तबाई की सीधी ताजा तस्विर है आप देख सकते हैं कि धराली के यहां पर बचावकारिया नहीं पहुंच पा रहा है जिस तरीके से फ्लड्स हुआ है जिस तरीके से जमीन धस गई है वहां पर जिसके वज़े से वहां पर मददकारिय
43:42बारे में चर्चा की, उमीद इसी बात को लेकर है कि हर बार, हर हाथसा आपको कुछ ना कुछ सिखाता है, इस हाथसे से कौन क्या सिखता है उस पर भी नज़र रखना काफी जरूरी होगा

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