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  • 1 year ago
B&W: खुद रूस के साथ व्यापार कर रहे ट्रंप, भारत पर क्यों लगाया अतिरिक्त 25ज% टैरिफ?

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00:00नमस्कार मैं हूँ अंजिना ओमकशप और ब्लाक इन वाइट में आपका स्वागत है
00:05और इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है
00:14खबर आपको बता दें अमेरिका के राश्वपती डॉनल्ड ट्रॉम्प ने भारत पर अतिरिक 25% टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है
00:30क्योंकि ट्रॉम्प चाहते है कि भारत रूस से तेल ना खरीदे
00:33सोचे क्या भारत किसी दूसे देश से व्यापार ट्रॉम्प के चाहने पर करेगा
00:38जो ट्रॉम्प खुद रूस से अमेरिका का व्यापार पूरी तरह बंद नहीं कर पाए
00:43वो दूसरों को ऐसा करने की नसीहत दे रहे हैं
00:45आज हम आपको बताएंगे कि कैसे अमेरिका अभी भी रूस।
00:50एक्सपोर्ट करता है बलकि ट्रंप के � δोरान तो सबसे जाधा इज़ाफ़ा हुआ है
00:55एक्सपोर्ट इंपोर्ट में रूस से
00:56यानि रूस के साथ आप अगर बिजनेस करें तो अच्छा दूसरा करें तो गलत
01:01लेकिन भारत और चीन को रोकने की कोशिश करता हूँ आज दिख रहे है पूरा का पूरा अमेरिका और अमेरिकी नीती
01:07आज़ आपको ये भी बताएंगे कि ट्रॉम्प के 50% टारिक के पैसले का भारत पर क्या असर होगा और अमेरिका के लोगों पर असर क्या होगा
01:13और मेरे हाथ में आगया है M.E.A. का पूरा रिस्पॉंस हम आपको बताएंगे कि भारत सरकार ने बिना वक्त गवाए बहुत तेजी से कड़े शब्दों में जवाब दिया है और अपनी नाराज़गी जाहर की है
01:25इसके बाद आपको उत्राखंड के उत्तरकाशी में लेकर चलेंगे जहां कल वाटर बॉटर बॉम गिरा था वहां के दुर्गम खतरनाक हालातों से आपको सबसे सथी ग्राउंड रुपोर्ट और अब तक आपडेट भी दिखाएंगे
01:36साथी इस बात का भी विश्लेशन करेंगे कि क्या पहाडों पर इस तरह की स्थिती के लिए हम खुद जम्मेदार है वास्तर में पहाडों पर अंधा दुन्द विकास जंगलों की कटाई नदियों के डूबेक शेत्र में निर्मान ने पहाडों का पूरा एको सिस्टम पू
02:06जर्षित संदूर में भारतने पाकीस्तान में आतंकियों के कई अड़े धुस्ट कर दिया इनंमें भावलपूर में जैश का हैड़़़वर भी शामिल था जिसमें मसूध अज़र के परिवार के कई लोग通 का मारे गए अब इसे फिर बनाने के लिए मसूध अज़र्पाक
02:36आज आपके पास कौन दिखाओंगी
03:06आज की सबसे बड़ी खबर यह है कि अमेरिका के राश्रपती डॉनल्ड ट्राम्प ने भारत पर टारिफ की दरों को 25 प्रतिशत और बढ़ा दिया है अब अमेरिका के बाजार में भारत के सामान पर 25% की जगा 50 प्रतिशत टारिफ लगाया जाएगा और इस तरह भारत उन द
03:36कि ये टारिफ की लड़ाई लंबी चलने वाली है राश्रपती डॉनल्ड ट्राम्प ने इस मुद्धे पर एक एक्जेकिटिव ओर्डर पर हस्ताक्षर किये हैं और इसमें ये बता आ गया है कि भारत ने रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखा है इसलिए अमेरिका न
04:06यानि 7 अगस से भारत के सावानों पर 25 प्रतिशाट टैरिफ फिर 27 अगस यानि कल के बाद 21 दिन के बाद 27 अगस से भारत के सावान पर कुल 50 प्रतिशाट टैरिफ लगने लगेगा अब इसकी गंभीरता को आप समझें मैं आपको कुछ देर में बड़ी स्क्रीन पर लिये �
04:36सक्षब्दों में कहा है कि जो अमेरिका है वो हाल के दिनों में भारत का जो ऑईल इंपोर्ट है रश्या से उस पर अटाक कर रहा है हमने ये साफ साफ कहा है साफ साफ शब्दों में कहा है कि जो हमारा इंपोर्ट है वो मार्केट फैक्टर्स पर आधारित है और ओवरॉल �
05:06नीचे भी चला कर दिखा सकते हैं अपने दर्शकों को कि भारत की तरफ से क्या जवाब दिया गया है, भारत ने क्या संदेश दिया है, साथ कहा है कि उर्जा सुरक्षा, एनर्जी सेक्यूरिटी हमें अपने देश्वासियों को देनी ही देनी है और उसी आधार पर हम काम कर �
05:36यानि और भी टारिफ बढ़ाएगा और बहुत सारे अन्य देश हैं जिन जो अपने अपने नाशनल इंटरेस्ट को देखते हुए ही काम करेंगे, तो कुल विराकर अमेरिका को जवाब दिया है M.E.A. ने और ये उफिशिल स्पोक्सपरसन की तरफ से जवाब आया है, जि
06:06नहीं है, और इसी के साथ ये भी कहा है कि ये अन्जस्टिपाइड है, अन्रीजनिबल है, तार्किक नहीं है, और इसी के साथ ये भी कहा है कि भारत हर आक्शन लेगा, हर वो काम करेगा, जो राश्ट्रहित में है, अब आपको मैं बड़े स्क्रीम पर लेकर चलती हूँ औ
06:37जो आप सिंगनेप सिंगना सिंगींगा एलग अलग देशों का momento भारत नौवे नमबर पर है
06:44इस ब्रशीव पंद्रहवे नम्बर पर
06:48इस नमाम तेश जिनके साथ मोह व्यापार करता है फंद्रहवे नमबर पर ब्रशील आपको दिख रहा है
06:53जिनके साथ हम व्यापार कुल में आकर ये 15 देश हैं जिनके साथ व्यापार कर रहे हैं अब ऐसे में जवाब परिस्थिती को देखेंगे इस सूची को देखेंगे तो इसमें ये लिखा है इस पूरी सूची में
07:05अमेरिका के पंदर जो ट्रेट पार्टनर्स है उसमें देखें 50 प्रतिशत अमेरिका के जो पंदर ट्रेट पार्टनर्स है उसमें आप 50 प्रतिशत टारिफ लगा रहे हैं
07:16सबसे ज़ादा टारिफ कौन कौन से देशों पर अमेरिका लगा रहा है तो ये 50% है भारत पर, 50% है ब्रजील पर, कैनडा पर जिसके साथ वो इतना व्यापार करता है, वहाँ पर 35% है, चीन पर 34%, 90 दिन का उनको फायदा दे दिया है आगे टाल कर, ताइवान के साथ 20%, वियत
07:46लेकिन सबसे ज़ादा टारिफ, अब दो देश जिस पर वो लगा रहा है, वो दो देश है भारत और ब्रजील, इस वक्त पूरी दुनिया में भारत से ज़ादा टारिफ, किसी देश पर, अमेरिका ने नहीं लगाया है, ब्रजील और भारत, दोनों पर 50% है, लेकिन ब्रज
08:16भारत का होने वाला है उधारण के लिए 2023-2024 में भारत और अमेरिका के बीच हम आपको बताना चाहते हैं कितना व्यापार हुआ है भारत और अमेरिका का पूरा व्यापार तो 2023 और 2024 में 9.91 लाख करोड का व्यापार हुआ है
08:33और इसी के साथ आप जो निर्याद देख रहे हैं वो 6.42 लाख करोड का है और ये जो 50% टारिफ लग जाएगा
08:47भारत ने अमेरिका को कुल 6.42 लाख करोड का सामान निर्याद किया था अब इसी सामान पर राश्रिपती ट्रम्प ने जो 50% टारिफ लगाया है जिसे भारत का सामान एतिहासिक रूप से महेंगा हो जाएगा अमेरिका में
09:01जो सामान हमने अमेरिका के बाजार में दो साल पहले 6,42,000 करोड रुपे में बेचा था ये वाला निर्याद
09:09वही सामान उतनी ही मात्रा में अब कितनी कीमत का हो जाएगा
09:14यानि 50% टारिफ लगा दीजिये तो यही मात्रा इसका 9,63 यानि 9,63,000 करोड रुपे हो जाएगा
09:25तो कुल मिलाकर 3,000,000 करोड रुपे का जो टारिफ है वो बढ़ेगा
09:30तो कुल मिलाकर क्या इसका असर होगा ये टारिफ भारत या अमेरिका की सरकार को नहीं देना होगा
09:44में इंडिया को नुक्सान पहुचाएगा क्योंकि हमारी चीजें अमेरिका में महंगी हो जाएगी
09:48लेकिन अगर अमेरिका में महंगी होती है तो यही चीजें अमेरिकियों को जादा पैसे देकर खरीदने होंगे
09:54और अमेरिका के लोग यहाँ यह देखेंगे कि अगर भारत का सामान उन्हें महँगा पढ़ रहा है तो वो भारत का सामान कम खरीदेंगे
10:03इससे भारत का अमेरिका को निर्याद कम हो जाएगा
10:07और अगर निर्याद कम होगा
10:09क्युक्कि अब ये � קीमत यह जो
10:116 gonnaok 42000 करोड की जगा
10:149ड 63000 करोड है
10:16तो ऐसे में ये पैसा अगर अमेरिक्यों को देना होगा
10:20तो वो समझ जाएंगे
10:21इससे कम खरीदेंगे भारत का सामान इससे भारत के करोडों लोगों के लिए आने वाले वक्त में जो काम कर रहे हैं जिनके वहाँ पर सामान जाता है उनको ओर्डर्स कमाएंगे अगर ओर्डर्स कमाते हैं उत्पादन घटता है नोकरियों तक मामला जाएगा और अलग-अल�
10:51यह सब कुछ जो महंगाई का भयाव सबब लेकर आने वाले वक्त में आएगा लेकिन इससे भारत के पांच सेक्टर्स जो सबसे जादा प्रभावित होगे सबसे उपर है टेक्स्टाइम यानि कपडाओ दियो जिसमें साहे चार करोड़ लोग काम करते हैं दूसे नंबर प
11:21तीसा सेक्टर जल्दी से दिखाई है इलेक्ट्रोनिक सेक्टर है जिसमें डेड़ करोड़ लोग काम करते हैं चौते नंबर पर मरीन प्रॉड़क्स यानि मचलियों जैसे का जो खाना है
11:31मरीन प्रॉड़क्स जैसे सीफूड हो जिसमें 50 लाख लोग काम करते हैं क्योंकि सीफूड का जो यहां से जो भी है वो व्यापार काफी वहाँ पर जाता है हमारा ओर्डर और पाच्वे नंबर पर है जेम्स एंड जूल्री यानि रत्न आभूशड पचास लाख लोग इस
12:01प्रतिशत टारिफ लगने से सबसे जादा फाइदा किन देशों को हो सकता है और अगर यह फाइदा इन देशों को होता है तो फिर
12:12पर आपको दिखाता है कि सबसे ज्रादा फाइदा किन देशों को होगा समझना यह है कि चीन और वियतनाम को यह फाइदा हो सकता है
12:26अमेरिका अपना लगबग साढ़े 6 प्रतिशत जो व्यापार है वो करता है चीन के साथ यह व्यापनाम के साथ हम आपको दिखा रहे हैं
12:42भारत के साथ 2.9% और यहीं पर आप देखिएगा तो चीन के साथ व्यापार जादा करता है अगर चीन का भी डेका है तो दिखा दीजे पहले अमेरिका चीन और वियतनाम पर भारत से जादा टारिफ लगाता था चीन पर साढ़े 10.7% टारिफ लगाता था चीन पर यह देखे
13:12सबसे बड़ा फायदा था इससे होता यह था कि पुराने टारिफ से भारत का सामान अमेरिका के बाजार में वियतनाम हो चीन हो दोनों से सस्ता होता था चीन पर पहले से 10.7% का टारिफ था वियतनाम पर 3.9% का टारिफ था इससे हम हमेशा अड़ांटेज में रहते थे क्य
13:42वियतनाम को मिल सकता है
13:43अगर 50% तक टारिफ वो भारत पर लगा रहे है
13:4650% टारिफ का एलान कर रहे है
13:49तो इसका सीधा अर्थ है
13:51कि वो चीन को फाइदा पहुचा रहे है
13:53वो वियतनाम को फाइदा पहुचाने की कोशिश कर रहे है
13:56यहां वियतनाम का जिक्र खास तोर पर इसलिए कर रहे हैं क्योंकि चीन के बाद वेश्वे कमपनियों ने सबसे जादा फैक्टरियां पिछले कुछ सालों में वियतनाम में लगाई हैं यह देखें और वियतनाम भी एक मनुफाक्टरिंग हब के तोर पर उभरा है और इसलि�
14:26यह 2.4 जो भारत का सामान था यूएस में भारत के सामान सस्ता था यह 2.4% से सीधा 50% हो रहा है और यह सब कुछ एक पहला तो 25% कल से रोल होगा और अगला 25% अगली बार रोल हो जाएगा तो असल में यह अमेरिका की एक रणनीती है जिसके तहत वो भारत के निर्यात को कम
14:56और यह कहा है कि चीन पर टारिफ की नई दरे अगले 90 दिनों तक लागू नहीं होगी अब आईए आपको पताते हैं प्राश्रपती ट्रम्प ने भारत पर यह भारी भरकम टारिफ सिर्फ इसलिए लगाया है क्योंकि भारत रूस से कच्छा तेल खरीद रहा है लेकिन वि�
15:26केमिकल्स, फर्टलाइजर्स, यूरेनियम से जुड़ी हुई चीजें तो पता है उन्होंने क्या कहा कि मुझे पता नहीं है मैं जाच करूँगा तो कुछ हाकड़े आज सामने रखना जरूरी है अमेरिका भी रूस के साथ व्यापार करता है और जब से राश्रपती ट्रम
15:56ट्रम अमेरिका के रश्रपती बने ध्यान से सुनियेगा मिज़ ट्रॉम अमेरिका के राश्रपती बने तब अमेरिका ने रूस को दीन दो करोड रुपे का सामान बेचा था दो किन� boil इने बार जून दो हजार 55 में क्या आप जानते ही आखरा कितना हो गया चार सो चईन कर
16:26अपना किया दिखता नहीं तो क्या ये 454 करोड इस से पूतिन ने कहा है कि इस पैसे से हम हतियार नहीं खरी देंगे यूकरेन के खिलाफ इसका क्या वो माला बना कर पहनेंगे या किसी अलमारी में सजाएंगे मामला बहुत गंभीर है जिस तरह से डॉनल्ड ट्रम्प लगात
16:5689 करोड रुपे का सामान खरीदा लेकिन अपने 6 महीने के कारकाल में 2025 में ये आकड़ा आपको पता है कितना हो गया 3489 करोड रुपे का हो गया अब देखिए ये आकड़ा उनको नहीं दिखता है तो क्या ये 3489 करोड रुपे का पुतिन हतियार नहीं खरीडने का फैसला करे
17:26भलाई के लिए ये दोहरा माप दंड जो वो अपना रहे हैं और भारत को खास तोर पर टागेट कर रहे हैं यानि निर्यात 154 करोड रुपे बढ़ा और आयात 1800 करोड रुपे बढ़ गया अब सवाल यही है कि खुद तो अमेरिका रूस के साथ में आपार बढ़ाई जा रहा
17:56मंगलवार को वाइच हाउस में एक प्रेस कांफरेंस हुई थी जिसमें राशपती ट्रम्प से पूछा गया कि अगर वो रूस से कच्छा तेल खरीदने पर भारत का विरोध कर रहे हैं तो अमेरिका खुद रूस से यूरनियम फ्लोराइड यह एक्जा फ्लोराइड फर्�
18:26कह दिया उन्होंने उन्हें खुद ही नहीं पता है कि वो क्या कर रहे हैं यानि भारत पर तो वो नजर रखे हुए दुर्बीन से लेकिन अपने देश में क्या हो रहा है वो खुद कितना व्यापार बढ़ा रहे हैं यह उनको जाच करनी पड़ेगी
18:37ऐसा कैसे हो सकता है कि राशपती ट्रम्प को इसके बारे में पता नहीं है कि अमेरिका अब भी रूस के साथ व्यापार करता और व्यापार करता ही नहीं है व्यापार बढ़ाए जा रहा है तो उनका जो यह पूतिन प्रेम है उस पर कौन जवाब देगा यहाँ दो चीज�
19:07तेल खरीदने के लिए निशाना बना रहे है वो यह भी कह रहे है कि जो देश रूस के साथ व्यापार करेगा उन पर टारिफ की दरों को और भी जादा बढ़ाया जाएगा इसलिए यहाँ सवाल यहीं है कि जब दूसे देशों का रूस से व्यापार करना राश्रपती ट्
19:37जैसे तमाम प्रोडाक्स खरीद रहे हैं और यह उनको पता ही नहीं है इसकी उनको जाच करनी पड़ेगी भारत पर 50 प्रतिशत टारिफ लगाने के साथ राश्रपती जॉनल ट्रंप ने अपने एक नए बयान में यह भी कहा है कि वो अगले एक से डेड़ सालों में भारत क
20:07तो अमेरिका भारत की दवाईयों पर कोई टारिफ नहीं लगाता था हमारी दवाईयां बिना टारिफ के अमेरिका के बाजार में सस्ती कीमतों पर बिक्टी थी लेकिन अब शायद ऐसा नहीं होगा भारत को अकसर दुनिया की फार्मसी कहा जाता है और अमेरिका भारत की द
20:37अभी सिर्फ भारत से ही आयात करता है लेकिन अब अगर इन दवाईयों पर अमेरिका ने डेड़ सो प्रतिशत और फिर धाई सो प्रतिशत टारिफ लगाया तो इसे भारत की दवा कंपनियों को बड़ा जटका लगेगा भारत की फार्मा इंडस्ट्री में जो एक करोण बा�
21:07इस वक्त अमेरिका में इलाज और दवाईयों की महेंगाई 3.3 प्रतिशत है और अनुमान है कि भारत की दवाईयों पर टारिफ बढ़ने से मेडिकल इंफलेशन का भी जबर्दस विस्फोट हो सकता है
21:18ये भी समझना जरूरी है कि इस टारिफ से अगर आप देखे तो भारत की जीडिपी को लगभग कितना अगर आप देखे तो नुकसान हो सकता है
21:29आज ही RBI के गवरनर संजै मलहोतरा ने कहा है कि दुनिया में बदलते हालातों के बावजूद भारत की अर्थवेवस्था का भविश्य उज्जवल है
21:37और अमेरिका के टारिफ का भारत की अर्थवेवस्था पर कोई बुरा असर नहीं होगा
21:42और साल 2026 में भारत का GDP ग्रोथ रेट 6.5% 6.5 प्रतिशत होगा
21:50यह अमेरिका के अनुमाने GDP ग्रोथ रेट 1.9% से कहीं जादा है
21:55अगर राश्रपिती ट्रॉम्प को भारत के RBI पर भरोसा नहीं है तो वो अमेरिका के IMF की इस रिपोर्ट को भी पढ़ सकते है
22:02हम उनको विकल्प दे रहे हैं, ऑप्शन्स दे रहे है
22:05IMF का अनुमान है कि साल 2026 में जब पूरी दुनिया की विकासदर 3 प्रतिशत रहेगी
22:14तब भारत की विकासदर टारिफ के बावजूद जिहां
22:19IMF की रिपोर्ट तो समझ में आती होगी
22:22वाइट हाउस में काम करने वाले लोगों को
22:246.4% भारत का अनुमान है
22:29IMF के अनुसार जब पूरी दुनिया 3% पर रहेगी
22:32और टारिफ के बावजूद उनका ये एस्टिमेट है
22:35अमेरिका की ही एक और कंपनी है
22:37SNP Global जिसका यही अनुमान है
22:39कि अमेरिका के भारी टारिफ के बावजूद भारत के अट्वेवस्था पर
22:43इसका मामूली असर पड़ेगा
22:45अमेरिका में हॉलिवोड की जितनी भी फिल्में बनती है
22:49उनमें दुनिया को कहानी से जादा एक नारेटिव बेचा जाता है
22:53और आज राश्यकुती ट्रम्प भी सिर्फ यही कर रहे है
22:56उन्होंने भारत के अर्थवेवस्था को डेड एकॉनमी बता कर
22:59दुनिया को हमारे प्रती हतोत साहित किया
23:02लेकिन सच ये है कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से
23:07मजबूती से आगे बढ़ने वाली अर्थवेवस्था है
23:11और आने वाले वक्त में अगर हम चौते नंबर पर गए हैं
23:14तो यही अर्थवेवस्था और भी चलांगे लगाने वाली है
23:172015 से 25 के भारत का ओसर जीडीपी ग्रोथ रेट 6.5% रहा
23:22जो पूरे यूरप और अमेरिका जैसे 38 देशों के ओसर जीडीपी ग्रोथ रेट से कहीं ज्यादा है
23:282015 से 25 के भारत की नॉमिनल जीडीपी में 105% का उच्छाल आया
23:35जबकि अमेरिका में ये आकड़ा 46% जर्मनी में 44% ब्रिटिन में 28% दर्ज हुआ
23:43आज आएमेफ वर्ल बैंक और यहां तक की यूरोप और अमेरिका जैसे 38 देशों का सबसे बड़ा आर्थिक सायोग संगठन भी
23:50भारत को सबसे तेजी से बढ़ने वाली बढ़तीर बड़ी अर्थविवस्था मानता है
23:55भारत का विदेशी मुद्रा भंडा मजबूत है
23:59आने वाले वक्त में आप देखेंगे भारत पर पश्चमी देशों से काफी कम कर्ज हैं
24:05भारत को दुनिया की बड़ी बड़ी कमपनिया सप्लाई चेन के हब की तरह देख रहे हैं
24:10भारत का शेर माकेट भी 2015 से दोगुना हो चुका है
24:14और पिछले 10 सालों में भारत ने शौचाले, पेजल, गास, बिजली, बैंक अकाउंट जैसे
24:20जो मूल भूत से वधाएं थी, उनमें जबरदस सुधार किये हैं
24:23लेकिन राश्रपती ट्रम्प कहते हैं कि भारत तो एक डेर्ड एकॉनमी है
24:27लेकिन जरा इस डेर्ड एकॉनमी का भी कच्चा चिट्ठा कोल देते हैं
24:30और आपको बड़ी स्क्रीन पर लेकर चलते हैं
24:32और कुछ ऐसा दिखाते हैं जिससे राश्रपती ट्रम्प के दावों की पोल खुद ही खुलने वाली है
24:38तो आईए, कुछ आखड़े आपके सामने रखना चाहते हैं
24:41जिससे आप ये समझ पाएंगे कि डॉनल्ल्ट ट्रम्प क्या कर रहे है
24:43उद्योगपती ट्रंप दुनिया के साथ सौभे सबसे अमीर व्यक्ती हैं
24:48डॉनल्ल्ट ट्रंप अमेरिका के राश्रपती होने के साथ एक उद्योगपती भी हैं
24:52Forbes के मुताबेक वो दुनिया के 700 वे सबसे अधिक अमीर व्यक्ति हैं और उनके business empire का नाम है the Trump Organization ये business group real estate sector का एक बहुत बढ़ा player है और शुरुवात उनकी ऐसे ही हुई थी अपने इस real estate sector से अब एक नई report पे पता चला है कि इस Trump Organization ने पिछले 10 साल में भारत में
25:1610 साल में भारत में 175 करोड रुपे कमाए हैं तो ये Donald Trump साब जिसे dead economy बता रहे हैं
25:29175 करोड रुपे तो उन्होंने पिछले 10 साल में भारत में कमाए है और ये पैसा भी इस company ने बिना किसी निवेश के कमाया है
25:36राश्रपती ट्रंप की एक कमपनी दुनिया में ट्रंप टार के नाम से बिल्डिंग्स बनाती है
25:40ऐसे ही ट्रंप टार बनाने के लिए इस company ने भारत की कमपनियों के साथ अलग-अलग जगहों पर समझोते कि ए
25:46ट्रंप टार, मुंबाई, कोलकाता, गुरुग्राम, बेंगलूरू, हाइदराबाद, पूरे, नॉड़ा इन तमाम जगहों पर है
25:53इस समझोते सिर्फ रिया जो रॉयल्टी को लेकर थे
25:58रॉयल्टी का मतलब यह है कि हमारे बिल्डर मुंबाई में, कोलकाता में, गुरुग्राम में, पूरे में, बेंगलूरू में, नॉड़ा में, हाइदराबाद जैसे शहरों में
26:09कमर्शल और रहाइशी टास्क बनाएंगे, लेकिन इनका नाम ट्रम्प तार रखा जाएगा
26:13और सिर्फ ट्रम्प तार नाम इस्तमाल करने के लिए ही राश्रपती ट्रम्प की कंपनी को एक रॉयल्टी फी दी जाएगा
26:20सिर्फ नाम रखने के, जिससे वो अब तक 175 करोड रुपे रॉयल्टी से कमा चुके है
26:26सोचे, डॉनल्ड ट्रम्प साहाब कितनी अजीब बात है कि जो भारत राश्रपती ट्रम्प के लिए
26:32एक मरी हुए अर्थवेवस्ता है, वहाँ सिर्फ अपना नाम बेच कर करोडों कमा रहे हो
26:37और फिर ये कहते हैं कि भारत के अर्थवेवस्ता और भारत के बाजार में दम नहीं है
26:41शायद ये सब कुछ एक सोची समझी, स्ट्राटेजी के तहत वो कर रहे हैं
26:47कभी रूस से तेल खरीडने का बहाना बनाते हैं, कभी एकॉनमी को लेकर बात करते हैं
26:52अमेरिका चाहता था कि भारत उसके व्यापार घाटे को कम करने के लिए
26:55उससे पांचवी पीडी के F-35 लड़ाकु विमान और MQ-9 रीपर ड्रोन्स को खरीदे
27:01लेकिन भारत ने ऐसा करने से इंकार कर दिया
27:04और इसकी वज़ा ये थी कि अमेरिका के इन विमानों और ड्रोन्स की कीमत बहुत ज़ादा थी
27:08और भारत को लग रहा था कि रक्षा खरीद का ये सौदा भारत के लिए फायदे मन नहीं होगा
27:13और हम सही सोच रहे थे
27:15आज ही ये खबर आई है कि भारत जो भारतिये सशस्त्र बलों को जल्दी 87 नए मेल ड्रोन्स मिल सकते हैं
27:25मेल का मतलब होता है मीजियम ऑल्टिट्यूड लॉंग इंडियरंस ड्रोन्स जिनकी तस्वीरे आप देख रहे हैं
27:31ये कैसा ड्रोन है जो अमेरिका के MQ-9 प्रेडिटर ड्रोन्स से भी तेज है
27:36ये सबी 87 ड्रोन्स इंटेलिजिन्स और सर्विलेंस में काम आएंगे निन पर लगवग 20,000 करोड रुपे खर्च हुए है
27:44देखें भारत बहुत तेजी से बदलती परिस्तियों के लिए अपने आपको तयार कर रहा है
27:48पाकिस्तान का जो इस वक्त तौर तरीका दिख रहा है उसके लिए हम अपने आपको सशक्त कर रहे हैं
27:54तभी राफाइल भी इतनी जल्दबाजी में खरीदे गए और ये सुनिश्चित किया गया कि जादा से जादा राफाइल भारत के पास आ जाए
28:00जबकि अमेरिका के आप देखें ये हमने ड्रोन्स लिये हैं
28:02अमेरिका के जो MQ-9 प्रेडेटर ड्रोन्स थे इनसे कई गुना महंगे थे
28:06अमेरिका सिर्फ व्यापार अपने व्यापार घाटे को कम करने के लिए भारत को अपने हतियार बेचना चाहता थे
28:12अब भई आपके ट्रेट डेफिसित की चिंता हम क्यों करें
28:16अपने देश का पैसा क्यों उसमें लगा दे लेकिन जब भारत इसके लिए तयार नहीं हुआ
28:21तो अमेरिका ने रूस से कच्छे तेल की खरीद बहाना बनाया
28:23आज भारत पर 50% टारिफ भी लगा दे और ये बात भी याद रखिए
28:27कि जो डॉनल्ड ट्रम बार बार मैंने सीस फायर कार आया मैंने सीस फायर कार आया
28:34एलान कर रहे है उस पर आसे मुनीर और पूरा जो पाकिस्तान की सरकार है
28:38बूट पॉलिश पीम शाबाद शरीफ तो उनके चियर लीडर बने हुए है
28:42लेकिन भारत बार बार ये दोहरा रहा है
28:45कि भारत अपनी संप्रभुता के साथ कोई भी समझोता स्विकार नहीं करेगा
28:50और भारत ने किसी तीसरे देश के हस्तक्षेप को नहीं माना है
28:54पाकिस्तान के DGMO उने ने जब छुप कर ये कॉल किया
28:57कि अब हम YouTube को विराम करना चाहते हैं तब भारत उसके लिए तयार हुआ
29:02यानि इतना तो तय है कि Donald Trump जो चाहते थे वो हुआ नहीं है
29:08यानि जितने cheerleaders उन्होंने पाल रखे हैं अपने Nobel Prize, Nobel Prize के लिए
29:13उसमें भारत शामिल नहीं हुआ और ये खीच Donald Trump की अब छिपाए नहीं छिप रही है
29:21अमेरिका के इस दबाव और इन दोरे मापदंडों को पूरी दुनिया समझती और अब तो
29:25रूस ने भी साफ साफ शब्दों में कहे दिया है कि वो भी अमेरिका के दबाव में नहीं आएगा
29:29रूस के राशुपती व्लादिबर पूतिन ने आज अमेरिका के साथ अपनी 38 साल पुरानी डील को तोड़ दिया
29:35इस दील के तहट ये तै हुआ था कि रूस शान्ती और स्थर्ता के लिए छोटी और मध्यम दूरी की मिसाइलों को अपनी सीमा पर या समुद्रों में तैनाथ नहीं करेगा
29:47लेकिन अब रूस ने इस दील को तोड़ दिया है और ये फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब अमेरिका ने रूस के पास दो न्यूक्लियर सब्मरीन स्थेनाथ करने का एलान किया था
29:56रूस के इस फैसले के बाद नेटो संगठन के 90 प्रतिशत देश रूस की रेंज में आ जाएंगे
30:06हम आपको बड़े मैप पर भी दिखाएंगे और वो इन देशों पर हमला करने के लिए तैयार रहेगा
30:10ये दर असल एक ऐसी खबर है जिसकी अमेरिका में सबसे जादा चर्चा हो रही है
30:16अमेरिका के राशपती डॉनल्ड ट्रम्प ने भी इस पर व्यंग किया आप पहले उनका ये वीडियो ज़रा देखिए
30:21रूस के तेल खरीद को मुद्दा बनाकर भारत पर राशपती ट्रम्प की टारिफ का मीटर 50% तक पहुँच गया है
30:27लेकिन इससे भारत रूस के साथ अपने संबंधों की गर्ण जोशी खत नहीं कर सकता
30:33जब अमेरिका ने भारत पर 50% टारिफ लगाने का एलान किया है तब भारत के NSA अजिर डोवाल रूस में है
30:40वैसे तो ये दोरा पहले से तै था लेकिन ट्रम्प के टारिफ बौर के चलते इसकी एहमियत अब और बढ़ गई है
30:46रूस की समाचार एजनसी टास ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि NSA अजिर डोवाल की रूस में हो रही मीटिंग में जीयो पुलिटिकल तनाव बढ़ने पर चर्चा होगी
30:58रिपोर्ट के मुताबिक इस बाचीत में भारत को रूसी टेल की सप्लाई का मुद्दा शामिल होगा
31:03NSA डोवाल की रूस में उनके काउंटर पार्ट से चर्चा होनी है
31:07पूतन की इसी साल होने वाली भारत त्यात्रा से पहले डोवाल रक्षा सौदों जैसे एहम मस्तों पर चर्चा करने गए है
31:12NSA डोवाल के बाद विदेश मंत्री S.J. शंकर भी मौस्को जाने वाले है
31:17अब देखिए भारत किस तरह से परस्थितियों के मताबिक आगे की रणनीती तै करता है
31:23NSA डोवाल का रूस दौरा डॉनल्ड ट्रम्प को संदेश दे रहा है कि भारत रूस का संबंद दोनों देशों की विदेश नीती के डाइनमिक्स पर चलता है
31:32ना कि तीसे देश की मन मर्जी से प्रभावित होता है
31:36इस बीच जब NSA डोवाल रूस में हैं तो रशा के डेलिगेशन ने भारत में हैं मीटिंग की
31:42दिल्ली के वाणिक जिभवन में आधुनी की करण और अद्योगिक सहयोग का ग्यारवा सेशन शुरू हुआ
31:48इसमें अलुमिनियम, फर्टिलाइजर्स, रेलवे और माइनिंग में रणनितिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई है
31:56भारत वही करेगा जो भारत के देश हित में होगा
32:00वैसे जब टरम्प को भारत रश्या के तेल खरीद के समंदों पर इतना इतराज है लेकिन रूस के साथ टरम्प का निगोशियेशन रुका नहीं है
32:09अज राश्रपती पूतिन के साथ अमेरिका के विशेश दूथ है स्टीव विटकॉफ उनकी मुलाकात हुई
32:16रूस ने इस बाचीत को सकारात्मा को और उप्योगी बताया है रूस ने कहा है कि उन्हें टरम्प से कुछ सिगनल्स मिले है
32:25बेराल इन तमाम खबरों पर हमारी नज़र रहेगी आपको दिखाते है कि पाकिस्तान में आतंकवादी किस तरह चंदा मांग रहे है
32:34क्योंकि ये समझना बहुत जरूरी है पाकिस्तान में जो होता है वो डॉलर टरम को दिखता नहीं है
32:40तो भारत भी तो बताएगा ना कि हम क्या देख रहे हैं और क्या पूरी दुनिया को देख रहा है
32:44ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान में बैटे सौस जादा आतंकियों को डेर किया
32:48इसके साथ ही सेकड़ो आतंकियों के सिर से चच छीन ली
32:52यह तस्वीर है पूरी दुनिया ने देखी अब इस वज़े से यह आतंकी कटोरा लेकर भीक मांगने पर मजबूर हो गए है
32:59पाकिस्तान पूरी दुनिया में कटोरा लेकर गुमता और अब उसके आतंकवादी अल्ला के नाम पर जोली पहला कर चंदा जुटा रहे है
33:06ताकि भारत के हमले में द्वस हुए अपने आतंकी टिकानों की मरम्मत करा सके
33:10ओपरेशन सिंदूर के तहट भारत ने जो बहावलपूर आप देख रहे हैं बहावलपूर में जैशे मुहमत के हेड़कोर्टर्स को धस्क किया
33:20जैशे मुहमत मरकज सुभान अल्ला नाम के इस मुख्याले को फिर से बनाने की कोशश हो रही है
33:27और इसके लिए जैश का चीफ मसूद अज़र लोगों से चंदा मांग रहा है
33:32इस चंदा अभियान के लिए किये गए पोस्ट में जैश ने क्या लिखा है मैं आपको बताती हूँ
33:37इसमें लिखा है अल्ला के नाम पर
33:40हमारे घावों पर मरहम लगाने के लिए अल्ला ने आपको अपने घर बुलाया है
33:476 अगस 2025 को असर की नमाज के बाद सभी जिहादी हर जगा जमा हो जाएं
33:52अल्ला का शुक्रिया अदा करें और फिर अपनी दौलत से मुहिम शुरू करें
33:57अपने रुमाल का ऐसा थैला बनाए कि किसी को पता न चले कि किसने कितना पैसा दिया है
34:03इस मुहिम ने से धर्ती के कई हिससे जन्नत बन जाएंगे समझ रहे हैं आप
34:08मरकज सुबान अल्ला और तमाम शहीद मस्जिदे इस मुहिम की बरकत से मुस्कुराएंगी
34:16और उन्हें भी फत्य हासल होगी
34:18अल्ला की राम में जिहाद करने के लिए तडप रहे दीवानों के लिए भी रास्ते खुले
34:26सोचे या अतनकी लोगों को मजभब के नाम पर जिहाद के लिए उक्सा रहें और चंदा मांग रहें ताकि और आतनकवाद फैला से
34:36ये सब कुछ खुले आम हो रहा है लेकिन डॉनल्ड ट्रम्प को ये दिखता नहीं है
34:42पिछले तीन-चार दशक में 40,000 के आसपास लोगों को जम्मू कश्मीर में इन आतंकियों ने पाकिस्तान के पाले हुए आतंकियों ने मारा
34:52लेकिन अमेरिका और डॉनल्ड ट्रम्प खासतोर पर I love Pakistan के भारत ने पहले ही इन आतंकियों और इनके अड्डों को दुनिया में एक्स्पोज कर दिया
35:03भारत के आपरेशन में मसूद अजर के परिवार के लोगों के साथ और भी कई आतंकी मारे गए थे
35:08और अब जैश इन ठिकानों को फिर से बना रहा है तो क्या दुनिया को नजर नहीं आता कि पाकिस्तान में कि सर आतंकी कुले आम घूम रहे डॉनल्ड ट्रम को दिखता नहीं है अपने अड्डे फिर से बना रहे है और इसके लिए चंदा इकठा कर रहे है
35:20FATF को पाकिस्तान की आतंकी फंडिंग नजर नहीं आता क्या पाकिस्तान को फिर से ग्रेलिस में नहीं होना चाहिए
35:28अगर पाकिस्तान को लेकर आखे बंदी रखनी है तो इस अंस्ताओं का कोई मतलब ही नहीं है FATF फिर है क्यों
35:37अगर पाकिस्तान जैसे खुले आम आतंक को पनाह देने वाले देश के बारे में ना डॉनल्ड ट्रम्प को दिखता है ना FATF को दिखता है
35:45और अब आपको तरकाशी लेकर चलते हैं जहां भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और लापता लोगों को लगता ढूंडा जा रहा है लेकिन इनकी कोई खबर नहीं मिल रही है
35:57आज हम इस घट्टा को लेकर कुछ बाते आपसे करना चाहते हैं आपको बताना चाहते हैं हम बार-बार आपसे कहते हैं कि एक मजबूत लोग तंत्र के लिए नेताओं और सरकारों का रिविजन होना ज़रूरी है
36:08बार-बार चचा होती है ना कि बिहार में पशम बंगाल में वोटर रिविजन हो रहा है वोटर कौन सही है कौन पक्के है उनका रिविजन हो रहा है
36:17तो सरकारों का भी और नेताओं का भी रिविजन ज़रूरी है
36:22आम जनता सरकारों को ये सोच कर चुनती है कि ये सरकारे संतुलन बना कर काम करेंगी
36:28जो संसादन एस वधाएं हैं आपके लिए मौजूद है उनके हिसाब से नीतियां बनाई जाएंगी
36:32आप तक ऐसा विकास पहुचाया जाएगा जो आपके लिए टिकाऊ होगा
36:39और देखिये होता कि आपकी आने वाली पीडियों के लिए भी टिकाऊ होगा
36:51लेकिन सोचिये क्या ऐसा हो पाता है
36:54अगर हम उत्राखंड और हिमाचर प्रदेश को एक केस सड़ी मान ले तो ऐसा लगता है
37:01कि इन दोनों राज्यों की अब तक की सरकारों ने अपनी नीतियों में गंभीरता नहीं दिखाई है
37:05इन राज्यों में आज तक ऐसा ही विकास हुआ है जो यहां की प्रकृतिक संरचना के खिलाप था
37:10उतरा खंड हो हिमाचर प्रदेश हो दोनों तरफ से आई हुई तस्वीरे उतना ये दोनों राज्यों हिमालक शेत्र में बसे हुआ है
37:17देखिए इस बात को समझेए बीते दिन उतरा खंड में जो घटना घटी है उसके बाद पूरे देश में लोग ये सोच रहे हैं कि
37:24एक कुछ सेकेंडों में बतलब एक मिनिट का भी वक्त नहीं लिखा किस तरह की आफ़त इन लोगों में आ गई कई लोग जिंदा दफन हो गए
37:32लेकिन हिमाचर प्रदेश से भी आ रहे ही तस्वीरे उतनी ही परिशान करने वाली है
37:36तो समझे हिमाचर प्रदेश हो उतराखंड हो ये दोनों राजे हिमालेक शेत्र में बसे हुए हिमालेक को दुनिया की सबसे युवा परवत श्रिंखला कहा जाता है
37:46अंग्रेजी में इसे यंग फोल्ड माउंटेंस भी कहते हैं
37:51यानि ऐसे पहाड जो अभी पूरी तरह से मजबूत नहीं हुए है और जो अब भी जीवित है नाजुक है
37:58जीवित पहाड लाइव माउंटेंस कहा जाता है
38:02आपको इस बात पर शायद यकीन नहीं होगा कि आज जिस उतराकंड और हिमाचर पुदेश के पहाड़ों पर आप घूमने जाते हैं
38:07वहाँ आज से करोडों साल पहले समुद्र हुआ करता
38:10इसे टेथिस सागर कहते थे जो एशिया और आफ्रिका के बीच फैला हुआ था
38:19लेकिन इसके बाद धीरे धीरे समुद्र की वज़़ जगा पर हिमाले की परवत शिंकला बन गए
38:24ऐसा इसलिये हुआ क्योंकि हमारी प्र baru की सतह टेक्टॉनिक प्लेट्स में बटी हुई है
38:29आप जिसे जमीन का टुक्डा कहते हैं जमीन की सतह के नीचे टेक्टॉनिक प्लेस होती है
38:35माना जाता है कि 20 से 50 करोड साल पहले इंडियन प्लेट्स धीरे धीरे उत्तर की दिशा में यूरेशन प्लेट्स से टकराने लगी
38:43जब इन दोनों प्लेट्स में टकर हुई तो टेथे सागर का फर्श यानी सी फ्लोर दबना शुरू हो गया
38:49इस सागर की मिट्टी और चट्टाने उपर उठने लगी और इस तरह शेत्र में ये पहाड बन गए
38:55आज भी इंडियन प्लेट्स यूरेशन प्लेट्स से टकराती हैं इसलिए हिमाले में पहाडों के बनने का सलसला रुका नहीं है
39:02और ये पूरा इलाका जो है से सिस्मिक जोन भी कहा जाता है क्योंकि यहां भुकम भी बहुत आते हैं यहां तक की सिर्फ हिमाले नहीं यहां आप नीचे के इलाकों में भी आ जाएंगे
39:11तो दिल्ली, पंजाब, जम्मु कश्मी तमाम यह जो जगा हैं सभी जगों तक भी यह हमेशा आत्वेक का खत्रा रहता है
39:20उदारन के लिए आज भी अगर हर साल हिमाले क्षेत्र में माउंट एवरेस्ट लगबग 0.2 से 0.5 मिलिमीटर उपर उठरा है
39:28बहुत कम लोग इस बात पर ध्यान देते हैं कि माउंट एवरेस्ट लगातार आप सोचे हर वर्ष एक पूरे साल में 0.2 मिलिमीटर से 0.5 मिलिमीटर उपर उठरा है
39:41जिसकी वज़े से इन पहाडों को जीवित पहाड भी कहा जाता है
39:44यह बात है हमने आपको इसलिए बताई ताकि आप यह समझ पाएं कि हिमाले के पहाड आज भी ठोस नहीं है
39:49जब इन पहाडों को विकास और परियाटन के नाम पर अंधा दुन तरीके से खोदा जाता है
39:54तो यह पहाड अंतता सरेंडर करने लगते हैं और फिर वो होता है जो तरकाशी में हो
40:02आज पूरा देश तरकाशी में तराज़ी की इन तस्वीरों को देखकर हैरानी जता रहा है
40:06लेकिन अगर आप मुझसे पूछेंगे तो इसमें हैरानी जैसा कुछ नहीं है
40:11जो पहाड पहले से फ्रजाईल यानी नाजुक और कमजोर हैं जहां ज़रासी बारिश में
40:16मिट्टी ऐसे बहने लगती है जैसे कीचर लगती है
40:19कीचर बहती है और जहां सेलिमेंटरी रॉक्स है यानि ऐसे पत्थर और मिट्टी है जिनके बीच मजबूत पकड़ नहीं है
40:27वहाँ अगर बड़ी-बड़ी मारते होटेल, रिजॉट, होमस्टे, दुकान, बाजार बनेंगे
40:32पेड काटे चले जाएंगे, तो फिर कैसे सुरक्षित रह सकते हैं
40:37आप खुद सोचिए कि अगर आप ऐसे टेबल पर ताश के पत्थों को खड़ा कर रहे हैं
40:41जो टेबल हिलता रहता है, जिसमें खुदी ग्रोथ हो रहा है
40:45तो वो ताश के पत्थे कैसे नहीं बिखनेंगे
40:47और यहां भी वही हुआ है, जो हिमालेक शेत्र एक जियो-डाइनामिक जोन है
40:52और जहां की जमीन कभी भी वदलती, खिसकती रहती है
40:56वहां परेटन के नाम पर पहले से ही नाजुफ पहाड़ों को अंदर तक खोट डाला गया है
41:02आज भी यही खबर आई है कि 2013 में उत्तरकाशिक के धराली गाउ का एक सवे हुआ था
41:07और इस सवे में यह पता चला था
41:09कि धराली के मूल निवासी जो चटान के उपर ही रह रहे है
41:13आप सोचिए मतलब यह धराली में जो लोग रह रहे थे
41:19वो रिपोर्ट बाकाइदा कह रहे थी कि वो एक चटान के उपर
41:21लेकिन गंगोतरी धाम के कारण इस इलाके पर बाहरी लोगों का जो दबाव पड़ा है
41:26उसकी वज़े से ऐसी जगों पर इमारतें, होटेल, होमस्टेज, दुकाने बनती चली
41:31जिसे डिपॉजिट एरिया या अलूवियल फैन भी कहते है
41:35यह वो जगह होती है जहां पहले आई बार का मलबा जम जाने से बड़ी चटान बन जाती है
41:41और यह चटान एक पहार जैसी दिखने लगती है
41:45नदियों के पास ऐसे एक शेत्र में निर्मार को लेकर सक्थ प्रदिबंद होते हैं
41:50लेकिन धराली में बार के मलबे पर कई इमारते बन गई और जब यहां फिर से मलबा और पानी आया
41:55तो सोचिए क्या तबाही मची है
41:58जब पहले और बात की तस्वीरे देखिए तो इंसान का अब जाए हमारे देश में सबसे ज़्यादा ब्रष्टाचार कंस्ट्रॉक्शन यानि निर्मान में होता है
42:05आपके पास अगर प्रशासन की जेबे गरम करने के लिए पैसा है तो आप भारत में बीच सड़क पर कबजा करके अपनी दुकान लगा सकते है और ये पूरे देश में होता है
42:13धराली में भी यही हुआ है
42:15पिछले 20 साल में धराली में गंगोत्री धाम की यात्रा के कारण कंस्ट्रॉक्शन कई गुना बढ़ गया
42:24शेहरों के लोग यहां ट्राकिंग के लिए आने लगे इस ट्रैक को सातताल ट्रैक भी कहते है
42:30जिसमें धराली गाउं से लगवक तीन किलोमिटर उचाई वाली पकडंडी पर चल कर लोग सातताल शेत्र में जाते है
42:37और इसे सातताल इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां साथ खुबसूरत जीले हैं जिनमें से कुछ जील बरसात के वक्त ज्यादा भर जाती है
42:43लेकिन तै हमें करना है ऐसा नहीं है कि जो भाते हम आपको बता रहे हैं इससे इशारा ये है कि परटन को रोकना है नहीं
42:51लेकिन हमें समन्वे बिठाना ही होगा हमें ये तै करना होगा कि अगर केदारनाथ के बाद आई हुई सरकारी रिपोर्ट ये कहती है
43:00कि कितने पर्यटक एक बार में आएंगे आपको इस पर फैसला लेना है
43:04तो ये नियंत्रित करना सरकार का काम है
43:08उत्राखन की सरकार को ऐसा लगता है कि दराली में आई इस तबाई के पीछे भी यही जीले हो सकती है
43:12और ऐसा लगता है कि लगतार बारिश के बाद इन में से किसी जील का जलस्तर बढ़ा और इसके बाद धराली के खिरगाड यानि बरसाती नाले में बड़ी मात्रा में पहाडों का मलबा और पानी आया और इतनी तेजी से आया जो बीते दिन की तस्वीर है वो दिखा दीजे �
43:42forestation की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा
43:44यहाँ देवदार के कुछ पेड़ भी
43:46काटे गए जिससे इस विनाश
43:48ने और भी जादा विक्राज रूप ले लिया
43:50हम पेड़ों को बहुत हलके में लेते हैं
43:52पेड़ों को अपनी सुवधाओं के लिए
43:53बिरहमी से काट देते हैं लेकिन क्या आपको पता है
43:56कि हिमाले क्षेतर में पेड़ों को
43:57विकास के लिए काटा न जाए तो ये पेड़
43:59मिट्टी को पकड़ कर रखते हैं
44:01मजबूत बना कर रखते हैं
44:05भुसकलन की घटनाएं इससे कम होती है
44:08लेकिन जब हिमाले के किसी क्षेतर में पेड़ नहीं होते
44:14या कम पेड़ होते हैं तो वहाँ बारिश के दौरान
44:16मिट्टी को पकड़ कर रखने के लिए
44:17कुछ नहीं होता और इससे ये मिट्टी बह जाती है
44:20ये तरास दी कई लोगों की
44:22जिन्दगीयों को
44:23आने वाले वक्त में निगल जाती है
44:261950 में
44:27आप देखे उतराखन के
44:2970 प्रतिशत शेतरफल में जंगल थे
44:32लेकिन आज सिर्फ
44:3445.4 प्रतिशत शेतरफल में जंगल है
44:37हिमाचल प्रिदेश में भी
44:381950 से 30 प्रतिशत शेतरफल में जंगल थे
44:41लेकिन अब सिर्फ 24 प्रतिशत शेत्रफल में जंगल रह गए है
44:44इन जंगलों को भी सबसे ज़ादा कंस्ट्रक्शन जिहां
44:49इमारते बनाने के लिए होटेल बनाने के लिए
44:51रोड कनेक्टिविटी के लिए काट दिया गया है
44:541950 के आसपास उत्राखन में सिर्फ 2000 किलोमेटर का रोड नेटवर्ग था
44:59लेकिन 40,000 किलोमेटर का रोड अब है
45:02हिमाचल प्रदेश में भी 1948 में 288 किलोमेटर का रोड नेटवर्ग था
45:08लेकिन अब यही रोड नेटवर्ग 68,000 किलोमेटर से ज़ादा का है
45:12देखे, रोड नेटवर्क का बनना सभी के मन में आएगा कि ये कनेक्टिविटी कैसे खराब हो सकती है, जमीन पर नहीं हो सकती है, जो समतल इलाके है, देश का बहुत बड़ा हिस्सा है, वहाँ पर ये बहुत ही स्वागत योग्य है, लेकिन पहाडों में तो आपको एक संत�
45:42प्रिटिश अधिकारियों को भारत की गर्मी काफी परेशान करती थी, इस घर्मी से बचने के लिए वो उतरा खंड,
46:11हिमाचर प्रदेश में कई हिल स्टेशन्स विक्सित करते थे, और इन राजियों को अपने लिए विकेशन स्पॉट बना दिया, इनमें 1819 में शिमला, 1820 के दशक में धर्मशाला और डलहाउजी,
46:271819 में कुफरी, 1850 में कसॉली, 1823 में मसूरी, 1825 में लांड ओर, 1841 में नेनी ताल, 1879 में रानी खेत, और 1887 में लांस्टाउन, जैसे हिल स्टेशन्स को विक्सित किया गया,
46:45इनमें भी लांस्टाउन का नाम, ब्रिटिश वाइसरोई, लॉर्ड लांस्टाउन के नाम पर रखा गया, लैंड ओर का नाम, वेल्स के गाउं के नाम पर रखा गया, हिमाचल के डलहाउजी का नाम, ब्रिटिश गवरनर, जैरल, लॉर्ड डलहाउजी के नाम पर रखा ग
47:15तो पीचों बीच एक बहुत बड़ा मॉल रोड होता है।
47:19इन्हें बनाने का जो मकसद था, वो समझ ये क्या था?
47:22कि जब अंग्रेश गर्मियों में यहां छुट्टिया मनाने के लिए आएं,
47:24तो उन्हें एक ऐसा खुला सुरक्षत साफ रास्ता मिले,
47:26जहां वो शाम को टहल सके, घोड़े पर सवारी कर सके, एक दूसरे से मिल सके,
47:31लेकिन बाद में जब अंग्रेश वापस अपने देश लोट गए,
47:34तब भारत के लोगों ने गर्मियों में उत्तराखंड हिमाचर प्रदेश के पहाड़ों पर चुट्टिया मनाना शुरू किया,
47:38जैसे जैसे भारत की आबादी बड़ी वैसे वैसे उत्तराखंड हिमाचर प्रदेश के पहाडों पर परेटन का बेहिसाब बोज पढ़ने लगा और इसके पीछे एक मजबूरी भी थी
47:47हिमालियन रेंच के पहाडों में यही दो राज जैसे हैं जहां अंग्रेजों के कारण कई हिल स्टेशन बने और आज भी आसानी से वहाँ जाए जा सकता है
47:55अगर आप लद्दाग, सिक्किम, अरुनाचर प्रदेश में पहाडों पर छुटिया मनाने के लिए जाएंगे तो आपको ज़्यादा मुश्किले आएंगी लेकिन उत्राखड और हिमाचर प्रदेश में पहाडों पर छुटिया मनाने के लिए जाना बहुत आसान है
48:04इसलिए लोग सबसे जा रहे थे
48:07यानि साफ दिखता है कि धीरे-धीरे लोगों के बन में ये आया कि इन जगों पर पहाड़ी में
48:11और आसपास में अगर आप देखेंगे दिल्ली आसपास के इलागों से तो लोग खर्च भी कम होता है
48:16अगर आप करुणा चल जाना है या कोई बीच के इलाके में जाना है जहाँ पर गोवा जैसी जगह पर तो आप कुछ आप फ्लाइट में ट्रेन में ज्यादा पैसा लगे
48:23लेकिन यहां से लोग भाड़े की गाड़ी से या अपनी गाड़ी ड्राइव करते हुए पहुँझ जाते हैं
48:28अगर आप इस नक्षे में ही देखेंगे तो उत्तर भारत के राजियों में 74 करोण लोग रहते हैं जिनके पास पहाड़ों पर घूमने के लिए मुख्य रूप से दो ही विकल्प
48:35अगर 74 करोण लोगों के लिए दो ही राजियों के पहाड़ बचेंगे तो आप खुद सोची कि परटन इन राजियों के लिए मुसीबत का पहाड़ नहीं बनेगा
48:43ये सारी समस्याइं जिनके कारण इन राजियों में कुदरत की अंदेखी होती है और इस अंदेखी के कारण हमें इस तरह की तरासदी को देखना पड़े
48:52चाता लगाने का मतलब ये नहीं कि बच गए पानी से डुबोने वाला पानी सिर से नहीं पैर से आता है नमस्कार

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