00:00उत्राखंड के धराली में कुदरत ने 5 अगस्त को प्रलेंग कारी तबाही मचाई
00:05प्रकृती के महाविनाश से जूजता इंसान अब आस के भरोसे जद्दो जहद में जुटा है
00:10पिछले चार दिनों से सेंक्णों जवान असंभव को संभव करने में जुटे है
00:14सेंक्णों जाने अब तक बचाई जा चुकी है
00:17विनाश से आज तक अभी क्या है धराली का हाल देखे
00:21चार अगस्त की रात इस कौँ में शद्दा भक्ति का उत्सव था
00:39भक्ति पूजन था
00:40पांच अगस्त के दो पहर में ये धराली कौँ मंदिर में लगी मेले में जुटा था
00:44और उधर पहाड़ी से महाविनाश ने ऐसी दस्तक दी कि पूरा गाउं मलवे के नीचे समा गया
00:50अब उसी मलवे में से एक-एक जिंदगी खोजने की जद्दो जहर चल रही है
00:54पांच अगस्त तक आवाद धराली में अब बस मलवे नजर आते हैं
01:09धराली में अब यही नजर आता है
01:15कहीं टूटे मकान, मलवे में दवी बहुमनजिला इमारत
01:19उन इमारतों में से ढूंडूट कर बुज़ुक महिलाओं को पीट पर लेकर सुरक्षि जगों पर ले जाते जवान
01:24कहीं सेना, ITVP और NDRF, SDRF के जवान रास्ता बनाने की कोशिश कर रहे हैं
01:32कहीं संचार की सुविधा बाहल करने की जद्दो जहद में जुटे हैं
01:35हम सबसे पहले यहां धराली पहुंचे हैं जहां पर पांच अगस की भीशन आपदा के बाद सब कुछ तहष नहस हो गया
01:48यहां पर करीब देर सो मकान दुकाने और रिजॉर्ट थे जो अब इस कई फीट गहरे मलवे के नीचे दब चुके हैं
01:57कुछ भी आपर बचा नहीं है और यह जो सहरा आप देखने है यह दराली बजार है पूरा गाउं ख़दम हो गया है पचाज से साथ लोग अनमानित तैजल्टी हम आन रहे हैं ज्यादा भी बढ़ सकती है
02:08मैं यहीं पर हूँ और यहां पर आप खड़े हैं यह हमारा होटल है उस समय जब यह डिड़ बज़े के आसपास जब यह आपदा आई तो मैं और मेरा भाई हम इस जगह पर मौजू थे जहां पर आप खड़े हैं उस समय पार गाउं मुकवा है वहां से सिटी अब बजनी �
02:38तो हम दोनों भाई ने जब इसके उपर देखा सामने वाले जो खीरगाट का मैं आपको दिखाऊंगा उपर साइट में तो कम से कम डेर सो से दो सो फिट के उपर जो पानी का गुबार था वो धराली मार्केट और गाउं के लिए आगे बढ़ रहा था यहां एक दिन में कम
03:08से एक बड़ी संकिया में हाला किअगे आगस्त के मेहने में बसात में आपर टूरिस्ट कम होता है लेकिन अभी है िजो जानकारी हमें यहा कर गराउन्ड पर मिल रही है इस दौरान यहाँ यहां पर डेर दो सो लोग मौजूद है जिसमें बड़ी संक्या में जो यहां मज
03:38महाविनाश की वो यादे हैं जो यहां के लोग दुनिया को बताना चाहते हैं दूसरी तरफ वो खामोश कोशिशे हैं जो इस महाविनाश में आज की दीपक जलाती है
03:47हम आपको यहाद की एक्स्मीरें दिखा रहे हैं यहाद जो रहात वचाओ का अगान जो जस्तर पर सेना चला रही है
04:01बाकि अजिंसियों के साथ चाहें इंडिया रपो एसडिया रपो लोकल कुशेशन लो यहाँ पर इस दब्राहात वचाओ का गान चल रहा है
04:10अब यहां पर रोड से कम्मिनिकेशन नहीं हो पा रहा है, हेलिकोप्टर से जाहत बताव सामगरी आ रही है, इसलिए सेना यहां पर जोन का भी इस्तवाल कर रही है, जिसके जलिए आसपास के इलापों में देखा जा रहा है, नहीं कोई लोग फसे हो, हमने तकरीबन 100 लोगो
04:40आपदा के बाद धराली में पहली प्रात्मिक्ता आवाजाही का रास्ता बनानी की है, सेना और राहत बचाव टीम के जवान भागी रती पर आवाजाही के लिए जगँ जगँ वो उपाई कर रहे हैं
05:10वो लगबख बह जाते हैं, तूट जाते हैं, जिससे हमें लोगों को रेस्क्यू करने में बहुत ज़्यादा दिक्कत आती, इसलिए हमारे जवान है, जो कि हमारी एक उपर पोश्टर निलोंग, वहां से ये लोहे के आईरन एंगल लिखा है, जिससे हम एक मजबूत ब्रि
05:40यात्री के दर्शन करके यहां से सेना की मदद से, इसलिए होते हुए तरकाशी पहुंचेंगे, तो बड़ी संख्या में ये गुजरात और दूसरे लाकों की यात्री हैं, बुजुग हैं, जो अपनी यात्रा चार धाम की यात्रा पर निकले थे, लेकिन इस आबदा की व�
06:10अपने सिमित संसाधनों के जरिये इस आपदा में से जिंदगी तलाश में की कोशिश में जुटे हैं, मनजीत नेगी धराली आज तक
06:18धराली में जो राहत बचाओ कारिया चल रहा है, उसमें प्राथमिक्ता है फंसे लोगों को बचाने की, लाखों टन मलवे के नीचे से जिंदगी खोजने की जद्दो जहद ऐसी है कि कई-कई एजिंसियां बस एक जिंदगी की तलाश में लगी हुई है, धराली में मलवे स
06:48एक और शब भी मिला था जिसे पुलिस को सौप दिया गया था, इस बीच NDRF की जो टुक्णियां उत्तरकाशी से चौपर के जरिये धराली तक पहुँच रही है, उनके साथ डॉग स्क्वाट भी है, जो मलवे में दभी सांसों की तलाश करने में लगे हुए हैं, हालनकि �
07:18या लापता होने की आशनका जताई है, ऐसे में राहत बचाओ टीम की ओर से ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रेडार के जरिये भी मलवे के नीचे दबे लोगों की तलाश की जा रही है, तो दूसरी ओर ड्रोन के जरिये भी इलाके में हुई बरबादी के बीच फंसी जिन्
07:48जिस वक्त तबाही आई, उस समय धराली का मनजर क्या था?
08:18पूरी धराली को तहस कर दिया.
08:48क्योंकि जब मलवा आया, जब बाड आई तब उस टाइम पे हम लोग धराली सेंडर में होमस्टे में रह रहे थे, स्टे करे थे.
08:54अच्छा, वहां स्टे कर रहे थे?
08:56हम लोग वहां पे सो रहे थे हम दो जने और जब मलवा आया.