00:00नाज़कर आप देखे हैं आज तक मैं हूँ आपके साथ इमान शुदक्षित उत्राखन के धराली में पूरे जीजान से रस्क्यू आपरेशन जारी है
00:06फ्लेश फ्लेट को आए आज चौथा दिन है और जिन्दगिया बचाने की जद्धो जारी है
00:10द्राली में हालात अब भी खराब हैं द्राली तक पहुशने वाले रास्ते तबाह हो चुके हैं
00:15फिलाल सिर्फ हवाई मार्ग से द्राली पहुचा जा सकता है
00:17आर्मी आईची वीपी एंडी आरिफ की जवान लगातार रेस्क्यू आपरेशन में लगे हुए हैं
00:22और अब तक करीब 500 लोगों को तरास्ती वाले लाके से निकाल जा जा चुका है
00:25इन लोगों को हर्शिल और मातली पहुचाए गया है
00:28वहीं 112 लोगों को अलग अलग स्थानों से एरलिफ्ट कर देरादून के जोलिगडांट एरपोर्ट लाए गया
00:32दराली में जस तरह से कुदरत ने तांडव मुचाया है वो सब न देखा है
00:37मगर कुदरत के इस तांडव के बीच मौत को मात दे कर भी कुछ लोग आए है
00:41और हमारे स्योग अंकित शर्मा इस वक्त हमारे साथ में जड़े हुए है
00:46अंकित इस वक्त क्या हालात है और रेस्क्य आपरेशन कहां तक पहुचा है
00:50क्या कुछ अभी तक जानकारी मिल पाई है दराली से
00:52दोबारा जुड़ेंगे हम अंकित से और उनसे बाद भी करेंगे
01:03लेकिन या आप समझे कि इस बीच मौत को मात दे कर कुछ लोग आए है
01:07उनके जुबानी हम आपको बताते हैं कि जिस वक्त तबाही आई उस वक्त तराली का मनजर क्या था
01:11सुदान सेमाल जी जो थे हम उनी के घर में थे और उस दिन वही पुजारी थे वहाँ पे
01:17हम लोग उनी के लिए चिला रहे थे कि उनको फोन करो बचाओ बचो वहां से बचो वहां से लेकिन तब तक इतना भयानक नदी का प्रभाव जो था वो इतना तेज आ गया
01:29कि उसने कुछ नहीं चोड़ा सिर्फ मंदीर में जो लोग थे और मंदीर के जो था वही लोग बच पाए और बार बार बार ने जो है साम को 6 बजे तक उसने पूरी धराली को तहस तहस कर दिया
01:40उपर से आते हुए जब आवाजे सुनी तो हमने धराली की साइट सीटी बजा कि सरे गाउवालों ने सीटी बजा कि उनको अलर्ट किया लेकिन क्या था कि उसकी इतनी तिवरता थी कि जो लोग तो मंदीर में थे देव पूजा के समय वही लोग बच पाए है जहां तक हमार
02:10अब उस टायम पर हम लोग धराली सेंटर में रह रहे थे जरे करे थे तरी कर रहे थे हम लोग और जब मळवा आया तो लोग वहा से भागो वागो की आवाज हमिन सुनायी तो हम लोग पूठे तो सारा मलवा हमरा सऑंड फूर तक पहुच चुका था आश्पा के सारे हों स
02:40हमने उनको बचाने का ट्राय किया हमने 20-25 में उनको साय रोपस दी उनकी हेल्प की खीशने की इवैकेट करने की बड़ नहीं कर पाए बड़ जब हमें लगा कि उपर से और भी ज्यादा बाड़ आ रही है तो हम दोनों ने सेकंड फ्लोर से जंप किया नीचे और क्रॉल करते
03:10का पूरा धरालिक आओं खराब खत्म खत्म हो गया था जी अंकित चर्वा हमारे सायोगिया हमारे साथ इस वक्त बने हुए अंकित किस तरह की हालात है रेस्क्यू ऑपरेशन कहां तक पहुंचा है धराली में
03:22इमार्चू, रेस्क्यू ऑपरेशन लगाता चल रहा है और दो दिन के बाद जिसतरे से लगातार धूप निकल रही थी और इसमें रेस्क्यू ऑपरेशन को काफी मदद मिल रही थी
03:34एक बार फिर से उत्राखन के कई जिलों में बारिश शुरू हो गई है और उत्रकाशी में भी बारिश शुरू हो चुकी है
03:40लगातार हर्शिल और धराली से हेलिकॉप्टर चिनू माई 17 के माध्यम से और यूकाडा के जो सिविल हेलिकॉप्टर लगे हुए हैं
03:49उनके माध्यम से लगातार जो वहाँ पर फसे हुए लोग थे उनको माधली हली पैडली लाया जा रहा था और इसके बाद आगे के उपचार के लिए उनको देहरा दूल या इंस भेजा जा जा रहा है
04:00तो उमीद की जारी है कि जो यात्री फसे हुए थे गंगोत्री में उनको जादा से जादा अमाउंट में एवैक्वेट कर लिया गया है अब कुछी यात्री जो गंगोत्री दर्शन के लिए गए थे या रास्ते में फसे थे उनको सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा चु
04:30इमेजिंग सिस्टम भी यहां पर लगाए गए हैं इसके साथ ही जो विक्टम लोकेशन एक एक्विपमेंट होता है जो विक्टम को लोकेट करता है कैमरे के माध्यम से लॉंग रेज कैमरा होते हैं उनका इस्तमाल किया जा रहा है और लगातार
04:44इस डियारेफ भी ड्रोन के माध्यम से जो तमाम जो घर हैं जिनमें मलबा गुसा हुआ है वहाँ पर सरच अभियान चल रहा है लेकिन यह उपरेशन काफी जटल होने वाला है क्योंकि जो मलबा आया था जो अपने साथ काफी मलबा लेकर आया था उसमें ना सिर्फ पानी था
05:14करके लोगों को लोगों का पता लगाने में कापी समें लगने वाला है ऑला कि जो इंडियन आर्मी हैं उसके आक्रों के मुताबिक अभी भी सो लोग मिसिंग बताया जा रहे हैं हाला कि जो राजय आपदा प्रफन्न में भाग है इनका कहना है कि उनके पास 16 लोगों की प�
05:44जारी है और जिस तरह से धराली का जो बसा हुआ एक गाउं था वो पूरी तरीके से तबाह हो गया और पहाड के से जो उपर आस्मानी आफ़त बरसी उसके मलवे में जो लोग दफन हो गए उनकी खोज भी जारी है मुख्यमंतरी पुश्कर सिंग नामी लगातार लोगों के �
06:14जिस तरह से सीटी की माद्यम से लोगों ने जान बचाए एक दूसरे की मदद करी और मुख्यवा से जिस तरह से लोगों ने अलर्ट किया था उसके बाद कई लोग तो भाग कर अपनी जान बचाने में कामियाब हुए लेकिन कई जो हैं वहीं दफन हो गए और उनका खोज
06:44ले रही है हमारे साथ देखें इस तरह से आपरेशन की बात की जानी तूर्श की ऑपरेशन में सेना नई तक्निकों का इस्तमाल कर रही है यह जानकारी हमें वहां बचाव कारे में तेरहां एक अधिकारी ने भी दी
06:54इस कारवाई के दोरान हम नई equipment नई technology का भी इस्तमाल कर रहे हैं जिसमें ground penetrating radar का इस्तमाल किया जा रहा है तबी भी dead bodies को निकालने के लिए
07:07और इसी के साथ साथ कुछ नई ground penetrating radar जो heat signature और human signature को डिटेक्ट कर सकता है जमीन के अंदर उसका भी इस्तमाल किया जा रहा है
07:18तो पाजगस को तरकाशी में जमाहा पर ले आई थी उसकी एक जला के धराली में दखी क्योंकि सहलाब आने के वक्त का वीडियो साबने आ गया था लेकिन उसी गटना के चंड मिन्टों बाद चार किलो मिटर नीचे हर्शिल में जो तबाही आई थी वो धराली से कम नहीं �
07:48धराली से हर्शिल महस चार किलो मिटर दूर है आस्मान से ही हर्शिल में हुई तबाही साफ नजर आती है
08:09सड़क तो बही ही है यहां मوجود आर्मी के कैम का बहुत बड़ा नुखसान हुआ है
08:14नजदीक जाकर देखने से पता चलता है कि टनो भारी ट्रक ताश के पत्ते की तरह इधर उधर बिखरे हैं
08:25वहनों की हालत देखकर पांच अगस्त को आए महा प्रलैकारी प्रवाह की विभीशिका का अंदाजा लगाये जा सकता है
08:32हर्शिल में जिस वाक ये तबाही हुई थी तब इस पूरे कैम्प में दरजनों जवान और अफसर मौजूद थे
08:40लेकिन हाथसे के बाद इस इलाखे को देखकर लगता नहीं कि यहां कोई कैम्प भी कभी रहा था
08:46हर्शिल घाटी में आई आपदा से सेना का ये कैम्प पूरी तहर से खत्व हो गया आप देखिए वो भीशिका किस तरह से बड़ी बड़ी गाड़िया एक सिविल गाड़ी है
09:00सफारी ये उस सेलाब का शिकार भी बड़ा ट्रक है जो वहां पर चल चल चल रहा है लिकिन आप देखिए ये पूरा आदमी का एक बड़ा कैम्प आप देखें यहां पर मौजूद हर चीज पानी के तेज बहाव में बहे गई
09:30ये ट्रक की हालत आप देखें इतना मजबूत ये सेलाब जो ट्रक है वो और यहां कैब्मी मौजूद बड़ा चीज़े बिक्री भी है कि सामान यहां पर हाथ देखें एक तरह से यहां मौजूद यहां पर एक आर्मी का बड़ा ये इंफरस्रक्टर था लूर कैम्प जिस
10:00हर्चिल में सेना का कैम्प भले ही तबाह हो गया हो लेकिन अभी भी गंगोत्री से लेकर धराली तक जितने भी परेटक फसे हैं उन्हें यहां से निकालने के लिए हर्चिल में सेना का हेलिपैड ही काम में आ रहा है
10:18उपर से सैक्रो यात्री यहां पहुँच रहे हैं और उनके ठहरने खाने पीने और दवाईयों का इंतजाम सेना कर रही है
10:28इन परेटकों और तीर स्यास्तियों को बड़ी शमता वाले चिनूख हेलिकॉप्टर में भर कर हर्चिल से उतरकाशी और मातली हेलिपैड तक पहुचाया जा रहा है
10:39जहां से आगे वो सड़क के रास्ते अपने घरों तक जा रहे हैं
10:43तीन दुनों में खास्तोर से सेना, ITVP, NDRF भी इनका सहरा है जिनों ने ने यहां से इन लोगों को खाने पीने की ब्योस्ता की बेडिकल की ब्योस्ता की और अब
10:54सबसे बड़ी समझ से यहां पर कम्मिनिकेशन की है यह चाहे सेना के लोग हो, NDRF के लोग, ITVP के लोग, उनका अपने परिवार के साथ कम्मिनिकेशन नहीं हो पा रहा है
11:06हम कोशिश करेंगे कि आज तक माध्यम से उनकी यह बात उनके घरवालों तक पहुँचे और वो जो लोग सुरक्षित हैं, वो अपने घर तक उनके घरवाले उन्हें देख पाएं
11:17कम्मिनिकेशन के साथ मजीतने की हर सिलहली पैड आज तक
11:23और अब आपको दिखाते हैं धराली से मैं आई आपदा में राहत बचाव को लेकर सेना सुरक्षित और राहत बचाव दलो को कैसे एक साथ तीन तीन मोर्चों पर काम करना पड़ रहा है
11:35धराली मैं आई आपदा के बाद इन दिनों तीन मोर्चे पर राहत बचाव कारे चल रहा है
11:48धराली में राहत बचाव के अलावा धराली पहुँचने के रास्ते के मरमत और धराली से उपर फसे पर्रेटों के निकासी भी युद्धस्तर पर की जा रही है
11:56धराली में आई आपदा के बाद उत्तरकाशी से धराली के बीच तीन-तीन जगह सडक और पुलिया बह गई थी
12:05इसमें दो दिनों के अंदर भटवाडी के सडकें तो बना दी गई
12:13लेकिन भटवाडी में एक तरफ जैसे ही सडक टेंपरेरी इस तरफ बहाल की गई
12:18वो एक दिन के अंदर ही फिर से धसने लगी
12:20यहां भटवाली में लगबद 35 किलोमेटर दूर जिन इलाकों को मजबूत कर लिया गया था
12:28यहां पर सडके दुबारा दुरुस्त कर लिया थी जो हायराश्ट्री राजमार्क बै गया था
12:32उसे शुरू तो कर लिया गया लेकिन खत्रा लगातार दरसल यह है क्योंकि पहाड का जो हिस्सा नीचे से यानि पानी के किनारे से नदी के किनारे से खिसका था वो लगातार फिर बैठा जा रहा है
12:42यानि जो सड़क कल दुरुस्त कर ली गई थी वो फिर बैठ रहे वो इसले को कि पहाड का पूरा हिस्सा जो स्ट्रक्शर होता है जमीन का यानि नदी के नीचे से जो हिस्सा खिसक जाता है उसे अगर आप देखेंगे तो कुछ इस तरह केविन बनती है और फिर पहाड भी न
13:12इसका पूरा हिस्सा जो है अब वो कट रहा है ये रास्ट ये इसकी चोड़ाई लगातार बढ़ रहे है पहले मिलिमीटर में थी सेंटी मीटर में थी इंचेस में और फुट में हो गई देखें ये पूरा हिस्सा जो सड़क है अब ये दरारे बढ़ रही है और अगर ये �
13:42या यहाँ तक हमने जब देखा ओपर से कोई मल्बा
13:51नहीं गिरा है लेकिन नदी के नीचे इस्पर आपको गिरता हुआ
13:55मल्बा दिखाई दे रहा है जो कि पानी के साथ आगे भी बह रहा है
13:58जिसका सीधा था मतलब है कि भटवाली में भटवाली में पहाड का जो ये हिस्सा है वो सीधे सीधे दब रहा है इन दरारों में अगर मुश्किल आती है तो ये राश्टी राजमार जो 100 मीटर का स्टेच बनाए गया था ये सब कुछ नीचे जा सकता और इसलिए बेहट डरा
14:28वहाँ गंगनानी में एक पुलिया बैख गई है जिसके बाद वैली ब्रिज बनाने के कोशिश जा रहे है
14:34ब्यारों के बड़े अधिकारे खुद दिन राज खड़े होकर इस राश्टे को खोलने के मश्रकत कर रहे हैं क्योंकि यही वो रास्ता है जिसके जरी धराली तक दाहस मदद पहुंच तक है या उधर धिसे खरट अग नीचे आ सकते है लेकि बाधा के वल इकनी ही नहीं है
15:04क्योंकि सड़कें और पुल तैयार नहीं है अशुदोश कुमार भटवारी आज तक
15:09उत्रकंग के धराली में कुद्रत ने पाच अगस को प्रलेंकारी तबाही मचाई प्रकृति के बनहां विनाश से जूस्ता
15:18इनसान अब आस के भरों से जद्दो जहद में जोटा है
15:21पिसले चार दिनों से सैकड़ो जवान असंभव को संभव करते में जोटे हैं
15:26सैकड़ो जाने अब तक बचाई जा चुकी है
15:27विनाश से आस तक अभी क्या है धराली का हाल दिखाते हैं
15:32चार अगस्त की रात इस गाउमें शद्धा भक्ती का उत्सव था
15:50भक्ती पूजन था
15:51पांच अगस्त के दोपहर में ये धराली गाउम मंदिर में लगे मेले में जुटा था
15:55और उधर पहाड़ी से महाविनाश ने ऐसी दस्तक दी कि पूरा गाउम मलवे के नीचे समा गया
16:01अब उसी मलवे में से एक-एक जिंदगी खोजने की जद्धो जहद चल रही है
16:05पांच अगस्त तक आवाद धराली में अब बस मलवे नजर आते हैं
16:21धराली में अब यही नजर आता है
16:26कहीं टूटे मकान, मलवे में दवी, बहुमंजिला इमारत, उन इमारतों में से ढून ढून कर
16:31बुज़ुक महिलाओं को पीट पर लेकर सुरक्षि जगों पर ले जाते जवान
16:35कहीं सेना, ITBP और NDRF, SDRF के जवान रास्ता बनाने की कोशिश कर रहे हैं
16:43कहीं संचार की सुईधा बाहल करने की जद्दो जहर में जुटे हैं
16:46हम सबसे पहले यहां धराली पहुंचे हैं जहां पर 5 अगस की भीशन आपदा के बाद सब कुछ तहष नहस हो गया
16:59यहां पर करीब 1.500 मकान दुकाने और रिजॉर्ट थे जो अब इस कई फीट गहरे मलवे के नीचे दब चुके हैं
17:08कुछ भी अबर बचा नहीं है और यह जो सहरा आप देखने हैं धराली बजार है पूरा गाउं खदम हो गया है और चाथ से साथ लोग अन्मानित तैजुल्टी हम मान रहे हैं ज्यादा भी बढ़ सकती हैं
17:19तो मैं और मेरा भाई हम इस जगहां पर मौजू थे जहां पर आप खड़े हैं उस समय पार गाउं मुकवा है वहां से सिटी अब बजनी लगी तो जब हमारा क्या होता होता है जब सिटी आँ बजती है तो हमें इस खीरक जो गाड आती है यह कई बार पहले भी आ चुकी है
17:49तो हम दोनों भाई ने जब इसके उपर देखा सामने वाले जो खीर गाड का मैं आपको दिखांगा उपर साइड में तो कम से कम डेर सो से दो सो फिट के उपर जो पानी का गुबार था वो धराली मार्केट और गाउं के लिए आगे बढ़ रहा था यह एक दिन में कम से कम
18:19के लिए एक बड़ा केंदर है बड़ी संक्या हाला कि अगस्त के महने में बसाद में आपर तूरिस्ट कम होता है लेकिन अभी भी जो जानकारी हमें यहाँ पर ग्राउंड पर मिल रही है इस दोरान यहाँ पर डेड़ दो सो लोग मौजूद थे जिसमें बड़ी संक्या मे
18:49एक तरफ महाविनाश की वो यादे हैं जो यहाँ के लोग दुनिया को बताना चाहते हैं दूसरी तरफ वो खामोश कोशिशे हैं जो इस महाविनाश में आज की दीपक जलाती है
18:58हम आपको यहाँ की एक्स्कूसिव तफ्रीरें दिखा रहे हैं यहाँ पर जो रहात वर बचाओ का रिजस्त तक पर सेना चला रही है बाकि अजिंशियों के साथ चाहें इंडिया रखो एस्टिया रखो लोकल पुर्शेशन वो यहाँ पर इस दब रहात वर बचाओ का का �
19:28कमिनिकेशन नहीं हो पा रहा है है हेलिकॉप्टर से दाहत प्रता सामधरी आ रही है इसलिए सेना को इस्तेमाल कर रही है जिसके जलिए आसपास के इलापों में देखा जा जा रहा है करें को रोक पसे हो हमने तकरीबन सो लोगों को यहाँ से इवैकुएट किया है कुछ इ
19:58आपदा के बाद धराली में पहली प्राथमिक्ता आवाजाही का रास्ता बनाने की है सेना और राहत बचाव टीम के जवान भागी रती पर आवाजाही के लिए जगा जगा वो उपाई कर रहे हैं
20:10और लगवग को रेस्क्यू करने में बहुत ज्यादा दिक्कत आती है इसलिए हमारे जवान है जो कि हमारी उपर पोश्टे हिलोंग वहां से यह लोहे के आयरें एंगल लेका है जिससे हम एक मजबूद बिज बना सके जिससे यहां के आम पब्लिक आम सिविलिन को धराली से
20:40अले आपदा के कारण उपर गंगोत्री से लेकर धराली तक फीर्थ यात्री भी फसे हैं वो भी धराली पैदल पहुँच रहे हैं ताकि वहां से आगे भीजे जा सकें
21:10करके यहां से सेना की मदद से आइटीवी की मदद से लोग हर से होते हुए तरकाशी पहुचेंगे तो बड़ी सिंख्या में यह गुजरात और दूसे लाकों की यात्री हैं बुजुग हैं जो अपनी यात्रा चार धाम की यात्रा पर निकले थे लेकिन इस आपदा के वज
21:40करने सिमित संसाधनों के जरिये इस आपदा में से जिंदगी तलाश में की कोशिश में चुटे हैं मजीत नेगी धराली आज तक