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  • 1 year ago
अरंगेत्रम… मंच पर थिरकते पहले कदम

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Transcript
00:00बारत नाट्यम एक प्राचीन पारंपरिक निर्तिकला जिसमें आज के हादुने क्यूब में भी युवा न सिर्फ दिल्चस्पी ले रहे हैं बलकि इसे सीख कर इसकी परंपरा को आगे भी ली जा रहे हैं
00:15प्रख्याद गुरू पद्मिश्री विदूशे गीता चंदरन के निर्देशन और देखरेख में उनकी शिश्या अन्विता जैन ने अपने अरंगेत्रम में भरत नाट्यम की सुन्दर प्रस्तुती थी
00:29निर्द्य साधना की शब्दावली में अरंगेत्रम के गहरे मायने हैं अरंगेत्रम यानि किसी निर्द्यांगना का मंच पर पहला प्रवेश पहला पदारपण और दर्शकों के मध्य पहली एकल प्रस्तुती ये सीखने का वो चरण होता है
00:45जब एक विद्यार थी वर्शों के अभ्यास और प्रशिक्षन के बाद मंच पर स्वतंत्र रूप से प्रस्तुती देने के लिए तैयार माना जाता है
00:53गीता चंद्रम का कहना है कि ऐसी प्रस्तुतियां पारंपरिक सीखने की प्रक्रिया का एहम हिस्सा है
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