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00:00निशा अपने पिता सोतेली मा और सोतेली बहन के साथ हे रहते थी निशा के पिता उसे बहुत प्यार करते थी इसलिए उसके सोतेली मा मीनू को उसके साथ ना चाहकर भी अच्छा वेवार करना पड़ता था
00:15मीनू मुझे अभी बॉस का फोन आया था मुझे बिजनस की डील के लिए उन्होंने दुबई जाने को कहा है अगर ये डील पक्की हो गई तो मेरा प्रेमोशन हो जाएगा
00:30ये तो बहुत अच्छी बात है कब तक निकलना है आपको आज शाम को ही तुम मेरा बैक पैक कर दो
00:36मीनू राजीव के जरूरी सामान पैक करने लगती है शाम हो जाती है और राजीव जाने लगता है जाते हुए राजीव अपनी दोनों बेटियों से कहता है
00:47तुम दोनों अपना ध्यान रखना
00:49आप कब तक आओगे पापा?
00:51मैं जल्दी डील पकी करके आने की कोशिश करूँगा
00:54अब मैं भी तो अपनी बेटियों से जादा समय तक दूर नहीं रह सकता हूँ
00:58थोड़ी देर बाद राजीक चला जाता है
01:01तभी रास्ते में उसका प्लेन प्रैश हो चाता है
01:04जैसे ही ये खबर मीनू को पता चलती है तो वो रोने लगती है
01:09हे भगवान ये क्या हो गया?
01:12मीनू की रोनी की आवाज सुनकर उसकी दोनों बेटियों उसके कमरे में आती है
01:17क्या हुआ मा?
01:18राजीव जी का प्लेन क्रेश हो गया है
01:21जिसमें उनके मौत हो गई है
01:23ये सुनकर निशा भी रोने लगती है
01:27तभी दूसरी बेटी निटी बोलती है
01:29मा, आखरी समय में पापा
01:31इस मनुस निशा से ही बात करके गई थे
01:34देखा, इसके मनों शकल देख कर जाने से क्या हो गया
01:37निटी, ये कैसी बाते कर रही है
01:39तुझे समझ में भी आ रहा है, तुझे क्या बोल रही है
01:42मैंने जो बोला है, सही बोला है
01:44तिरे मनोजित की वज़े से
01:46पहले तेरी मा और अब मेरे पापा
01:48हाँ, निटी बिल्कुल सही कह रही है
01:50इसी की वज़े से हो रहा है, जो हो रहा है
01:52दोनू की बाते सुनकर
01:54निशा अपने कमरे में जाकर रोने लगती है
01:57इसी तरह कुछ महिने बीच जाती है
02:00और निशा के लिए सब कुछ नॉर्मल हो जाता है
02:05लेकिन कभी कभी उसे अपने पापा की बहुत याद आती थी
02:09निशा और निटी में बहुत अंतर था
02:11निशा को पढ़ाई लिखाई करना अच्छा लगता था
02:14और निटी को मेकप करना और अपने दोस्तों के साथ बाहर घुमना
02:18एक दिन निशा अपने कमरे में बैट कर पढ़ाई कर रही होती है
02:25तभी निटी उसके कमरे में आती है और बोलती है
02:28क्या निशा हमेशे पढ़ाई करती रहती है
02:31अरे भाई लड़की है तू अपनी खुबसूरती पर ध्यान दे
02:34तू ही कर ये सब, मुझे इन सब में ध्यान देने के अलावा भी बहुत काम है
02:38ये सुनकर निती को बहुत गुसा आता है
02:41वो उसी वक्त अपनी मा के पास चाहती है और बोलती है
02:45मा, वो मनुस लड़की निशा मुझे डाट रही है, अग चलो मेरे साथ
02:50क्या, उस लड़की की हिम्मत कैसे हुई, तुसे उंचे वाज में बात करने की और तुझा डाटने की, अभी देखती हूँ उसे
02:57इतना बोलकर मीनू और निती, निशा के कमरे में जाती है
03:01तेरी हिम्मत कैसे हुई, मेरे बेटे को डाटने की, आज तक मैंने इसे कभी डाटने नहीं है
03:06फिर तु होते कौन है इसे डाटने वाली
03:08नहीं मा, मैंने निती को नहीं डाटा है
03:11तेरे कहने का क्या मतलब है, मेरे बेटे मुसे जोट बोल रही है
03:15निती रोने का नाटक करने लगती है
03:17देखो मा, यह आपके सामने मुझे छूटी बना रही है
03:21पताने हैं मुझे इतना क्यों जलती है
03:23निती, मैं भला तेरे से क्यों जलूंगी
03:26ना जाने क्यों तू ऐसी बाते कर रही है
03:28बहुत जुबान चलने लगे है तेरी
03:31रुक, अभी बताती हो तुझे
03:32इतना बोलकर मीनू, निशा के बाल पकड़ती है
03:36और उसे बहुत मारती है
03:38निशा रोने लगती है
03:39मा, अब मझे क्यों मार रही हो
03:42तू इसी लायक है
03:45तुझे हर दूसरे दिन मार खाने की आदब है
03:47अगर आज के बाद कभी भी मेरी बीटी से
03:49बहस करने की कोशिश की
03:50या उसे डाटने की कोशिश की
03:52तो इससे भी बुरा होगा
03:54निटी वही पास में खड़ी होकर
03:56मन ही मन मुस्कुराने लगती है
03:58उसके बाद दोनों वहां से चले जाते है
04:01और निशा फिर से पढ़ाई में लग जाती है
04:03इसी तरह कुछ दिन भीज जाते है
04:05तबी एक दिन मीनू निशा के कमरे में आकर बोलती है
04:12मेरी बेटी की तबियत खराब है
04:14और उसे पिज़ा खाने का मन कर रहा है
04:16इसलिए बाहर से उसके लिए पिज़ा लेया
04:19लेकिन मा उसकी तबियत कराब है
04:21तो उसे पिज़ा नहीं खाना चाहिए
04:22तू मत सिखा मुझे
04:24मैं उसकी मा हूँ
04:25और उसके लिए क्या सही है और क्या गलत
04:27ये मैं अच्छे से जानती हूँ
04:29तुझे जितना बोला है उतना कर
04:31निशा पिज़ा लेने चली जाती है
04:49जैसे अपने साथ लेकर जाना चाहिए
04:50निशा जादवी कहाने की किताब
04:53अपने साथ ले लेती है
04:55और उसे लेकर घर जाती है
04:57उसके बाद निशा
04:58निती के कमरे में पिज़ा दे आती है
05:01और खुद अपने कमरे में जाकर
05:03जादवी किताब पढ़ने लगती है
05:05She was reading it after reading the book.
05:08KYA SACCAME KOYI JADUY CHEESE HOTY HOGY?
05:12TABHI MINOO PHIRSSE NISHA KEY KAMRAH MEN JATI HÊN.
05:16KYA BATKA TAMPAS KARRHEE HAY? BAJAR SE SABJAY LAKER A.
05:19NISHA BAJAR SE SABJAY LENEE CHALY JATI HAYA.
05:22TABHI VOU DECKTI HIAY KI EK BVARYA SADK KINAARAK KHADAY HOKAR BOL RAHI THI.
05:27MONIRI MADD KAR Ditors KOOY.
05:30ITNA BOLKAR VOU BAJAR AÁGY BADHJ AATI HAY.
05:33बुडिया के पीछे-पीछे जाने लगती है
05:36बुडिया चलते-चलते
05:37एक सुनसान इलाके में आकर रुप जाती है
05:40तबी उसके नजर
05:42निशा पर जाती है
05:43अरे लड़की, तुम कौन हो?
05:46यहां तक कैसे आ गई?
05:48मैं निशा हूँ और मैं यहां तक
05:49आपके पीछे-पीछे आई हूँ
05:51मैंने देखा आप मदद मांग रही थी
05:53इसलिए आप मुझे बताईए
05:55आपको क्या मदद चाहिए
05:56क्या तुम सच में मेरी मदद करोगी?
06:00हाँ, मैं आपकी मदद जरूर करूँगी
06:02आप बस मुझे काम बताईए
06:04दरसल
06:05कर रात को एक डायन मेरे घर आई थी
06:08और मेरी पोती को लेकर चली गई
06:11उन दोनों में से
06:12किसी एक रास्ते से जाते हुए
06:14डायन की गुफा आईगी
06:16लेकिन ये नहीं पता है
06:17कि कौन सा रास्ता डायन की गुफा की तरफ लेकर जा सकता है
06:22enhance that
06:26me
06:30my mother
06:37hini thi kyunke voh apne shakti ka duru pyo kar rahi thi is liay mere se badla le ne ke liye
06:44usne ye saka ya chik hai, mein aapki poti ko sahi selamat lane ki pūrhi košish karungi
06:50itna bol ka nisha aagye badahti hai or thhodi dhere chalne ke baad usse dho sone
06:55aur channdi ke rastai najar aati hai, ab isme se kone sa rastai dayan ki gufa ki
07:01I will go to the side of the side of the side of the side of the side.
07:31I will go to the side of the side of the side.
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09:51foreign
09:55foreign
10:03foreign
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10:19तब आप मेरी मा नहीं थी, मैं बहुत प्यार से कह रही हूँ, आप दोनों मेरे घर से बाहर निकल जाओ, परना मैं पुलिस को बुला लूँगी।
10:26पुलिस के धमके सुनकर दोनों मा बेटी डर जाती है, और वहां से चली जाती है, उसके बाद दोनों मा बेटी कभी भी निशा के घर नहीं आती है, इस तरह सब कुछ ठेक हो जाता है, और निशा अपना हसी खुशे जीवन रतीत करने लगती है।
10:43बोंदितपूर गाउं में दामिनी नाम की एक औरत अपनी दो बेटियों रिया और शिखा के साथ रहती थी। दामिनी गाउं के जमिनदार सुजेत सिंग के घर मालिन का काम करती थी।
10:56दामिनी बहुती मन लगा कर उसके बगीची की देखबाल करती थी। जिस वज़े से सुजेत सिंग के बगिया में बहुती रंग बिरंगे फूल खिला करते थे। जिसके वियपार से जमिनदार की बहुती अच्छी खासे कमाई हो जाया करती थी।
11:13One day, Sujit Singh, Damini, to the voice of the voice,
11:17says,
11:19Damini, come on, come on, quickly here.
11:23Maliki's voice, hear the voice of Damini.
11:27Maliki, that's why?
11:29This gullab of the fool is why?
11:32Why do you see the gullab of the fool?
11:35You know how much I know?
11:37I have to know that I have to know how much I love the fool.
11:38I have to know that I have to know that I have to know.
11:40I have to know that I have to know that I have to know.
11:43जानती हूँ मालिक, लेकिन सालों साल इस बगीचे की फूल खिले-खिले तो नहीं रह सकते है ना?
11:49फूलों का खिलना और मुर्जाना ये तो प्रकृती का नियम है, ये सब तो भगवान के हाथों में है.
11:55जब सब कुछ भगवान के हाथों में ही है
11:58तो तू क्या यहां मुफ्त में पगार लेगी
12:00चल अब जा यहां से
12:01कल से तुझे काम पर आने की कोई जरूरत नहीं है
12:04अरे मालिक
12:05मुझे गरीब पर ऐसा गजब मत करो
12:08मेरे घर पर मेरी दो बेटियां है
12:10वो बड़ी आस लगा कर बैठी होगी
12:12कि मुझे पगार मिलेगा
12:13तो घर में खाना बनेगा
12:15तुझे एक बार में बात समझ नहीं आती क्या
12:18जा यहां से
12:19ठीक है मालिक मैं चली जाती हूँ
12:21लेकिन आप मुझे आज का महंताना तो दे दीजिए
12:24मालिक की मात सुनकर
12:32दामीनी दुखी होकर
12:33वहां से अपने घर की और आने लगती है
12:36तबी उसे रास्ते में
12:37एक हरा भरा पोधा दिखाई देता है
12:40अरे ना जाने
12:42किसने इस पोधे को उखाड फेका है
12:44इस पोधे में तो अभी पूरी जान बाकी है
12:46एक काम करती हूँ
12:48मैं इस पोधे को अपने घर ले जाती हूँ
12:51वहां आंगन में लगा दूंगी
12:52दामीनी उस पोधे को लाकर
12:55अपने आंगन में लगा देती है
12:57और रोजवाना उसमें पानी डालती है
13:00कुछी दिनों बाद
13:01वो छोटा पोधा बड़ा होने लगता है
13:04ये देखकर दामिनी की दोनों बेटियां
13:07रिया और शिखा कहती है
13:08अरे रिया ये देख
13:10मा का लगाया हुआ पोधा कैसे तनकर खड़ा हो गया है
13:14अब देखना बहुती जल्दी ये पेड़ में मीठा मीठा फल देगा
13:18फिर हम इन फलो को बेचने लगेंगे
13:20जिससे हमारी गरीबी मिठ जाएगी
13:22और मा को भी इतना मेहनत नहीं करना पड़ेगा
13:25अपने बेटियों की आँखों में अमीरी के सपने देखकर
13:29दामिनी तूटे मन से कहती है
13:31हे भगवान लालत है मुझ गरीब मा पर
13:35कितने दिन हो गए घर में चूला नहीं जला
13:38मालिक ने मुझे काम पर से निकाल दिया
13:40उसके बाद लोगों के घरों में जैसे तैसे ज़ाड़ू पोचा करके काम मिला
13:45उससे भी मेरे घर का गुचारा ठीक से नहीं हो पा रहा है
13:49मुझे तो कहीं डूब मरना चाहिए
14:05पहनों के माथे से मा का साया हट जाता है
14:08और दोनों बहने अनाथ हो जाती है
14:10कहते हैं ना किसी के चले जाने से कहा किसी का जीवन रुपता है
14:15दोनों बहने कभी गाउं वालों से भीक मांग कर अपना पेट भर लेती
14:19then she can…
14:20She réalité….
14:22She могу Hindi.
14:36Now, her forgive me,
14:46..
14:48..
14:54..
15:00..
15:04..
15:09..
15:11..
15:14तैसे तैसे लोगों से M
15:15is sven vacc Rafael N
15:20उनका पेड़ भूआ और विशाल हो जाता है दस साल बाद
15:23दोनों पेढ़ किो में बढ़ी हो जाती है एक दिन शिखा
15:27आंगन में उदास बैठी थी शिखाあの दिकल कर रिया के
15:33What is the way you can't be able to come to this place?
15:37No, no, my husband was just thinking about how fast it would be.
15:42The time was where to where it grew.
15:44But we now have to come from the beginning of the day.
15:49Yes, I am saying that we have to give this place.
15:51Look, we have to give this place.
15:55This place is so much more than we have to give it.
15:57But we have to come to this place.
15:59We are going to go to the house.
16:29to be very sad.
16:31What did we do?
16:33What did we do?
16:35What did we do?
16:37Yes, where did we go?
16:39Where did we go?
16:41Both of them,
16:43when they were standing there,
16:45they were standing there.
16:47They were standing there,
16:49and they were very bad.
16:51They looked like
16:53both of them,
16:55they were standing there.
16:57It was the band.
16:59But…
17:01It started to hear that,
17:03but the band flew away from came to the band.
17:05They were standing there.
17:07It was the band.
17:09These band were the band who saw the band on the band.
17:11They saw the band as drawn on it.
17:13The band had the band on the band,
17:15and that was the band.
17:17They were flying around the band.
17:19It was the band's band.
17:21They were a part of the band.
17:23They were atAST.
17:25पेड़ पर तो फल सब्चिया उकते हैं, मगर इस पेड़ पर तो गहने लगे हुए है।
17:55पेड़ की बात सुनकर दोनों बहने बहुत खुश हो जाती है। पहली बार उनके जीवन में इतनी खुशिया आई थी। दोनों बहने पेड़ पर लगे गहनों को सुनार के पास बेच देती है और अपने लिए आलिशान घर बनवाती है और उसमें सुख में जीवन व्यतीत क
18:25पेड़ की पुकार सुनकर पेड़ के अंदर एक चमकदा रोशनी होती है और पेड़ वापस से गहनों से लज जाता है। तभी पेड़ बोलता है।
18:55बहुत खुश होती है और उन पेड़ पर से आवेशक्ता अनुसार गहनों को तोड़ लेती है। अब जब भी कभी उन अनात बेहनों को किसी चीज की आवेशक्ता पड़ती तो वो पेड़ के पास आकर गहनों को तोड़ लेती। ऐसी ही वक्त के साथ जादूई पेड़ औ
19:25जादूई गहनों के पेड को देती है
19:28क्या बात है
19:29आज तुम दोनों बहने बड़ी खुश लग रही हो
19:32खुशी की ही बात है
19:33जादूई पेड
19:34अब हम अनात बहनों का घर बसने वाला है
19:37अरे ये तो बहुत खुशी की बात है
19:40बधाई हो
19:40एसा बोल कर जादूई पेड
19:43खुशी से जूम उड़ता है
19:44और अपनी टहनिया हिला कर
19:47बहुत सारे गहने नीचे गिराता है
19:49ये लो बेटी
19:51जब तुम दुलहन के जोड़े में
19:52इन गहनों को पहनोगी
19:54तो तुम्हारा रूप निखर जाएगा
19:56जाओ एक नया जीवन
19:57तुम्हारी राह देख रहा है
19:59शुक्रिया जादूई पेड
20:01अगर आज तुम हमारा साथ न देते
20:03तो हम गरीब अनाद बेहनों का नाजाने क्या होता
20:06इसके बाद दोनों बेहने गहने लेकर
20:09घर आ जाती है
20:10ऐसी ही उनकी शादी का दिन आजाता है
20:14वो दोनों बेहने दुलहन के जोड़े में
20:17उन गहनों को पहन कर बहुत सुंदर लग रही थी
20:20इस तरह दोनों बेहनों की शादी हो जाती है
20:23और दोनों बेहने अपने ससुराल चली जाती है
20:26और जब भी कभी उन्हें जादी पिड़ की याद आती तो वो अपने घर आकर उनसे मिल लिया करती और इस प्रकार अपना जीवन खुशी-खुशी व्यतीत करती है
20:37अत्याचारी सोतेली बेहन
20:40एक शहर में सोनल अपने पिता राम सेवक और अपनी सोतेली मा बेहन के साथ रहा करती थी
20:48उसकी सोतेली बेहन का नाम शिवानी और उसकी मा का नाम उशा था
20:52उसकी सोतेली मा तो उससे बहुत ज़्यादा प्यार करती थी
20:56पर उसके सोतेली बहन शिवानी हमेशा सोनल पर अत्याचार करती रहती थी
21:01इस वज़े से सोनल बहुत ज़्यादा दुखी रहती थी
21:05क्योंकि वो अपनी बहन से बहुत ज़्यादा प्यार करती थी
21:08पर उसके बहन उससे बिल्कुल भी प्यार नहीं करती थी
21:12اور یہ بات اس کے سوتیلی ماں اوشا بھی جانتی تھی
21:15اور وہ شیوانی کو بہت زیادہ سمجھاتی تھی
21:18پر شیوانی ان کی ایک بھی بات نہیں مانتی تھی
21:21ایک دن کی بات ہے
21:23وہ دونوں بہنیں ایک ساتھ بیٹھی ہوئی ہوتی ہے
21:26تب ہی وہاں پر اوشا آ جاتی ہے
21:29اور اوشا سونل سے کہتی ہے
21:31اری سونل آج تم اسکول نہیں جا رہی ہو کیا
21:35نہیں ماں آج اسکول کے چھٹی ہے
21:38اس لئے آج اسکول نہیں جا رہی ہوں
21:39आम बताईए, आमको कुछ काम था क्या?
21:43नहीं बेटा, मुझे कुछ काम नहीं था, बस ऐसी ही पूछ रही थी
21:47और शिवानी तुम बताओ, तुमने अपने स्कूल का सारा काम कर लिया क्या?
21:51क्योंकि बहुत दिनों से तुम्हारे स्कूल का काम पूरा नहीं हो पाया था
22:09मुझे पता है मा, पर आप चनता मत कीजिए, ऐसा कुछ भी नहीं होगा
22:15इस बार स्कूल से शिकायत नहीं आएगी
22:17ठीक है, अच्छे तुम दोनों यही पर बैठो, मैं तुम दोनों के लिए कुछ खाने के लिए लिया आती हूँ
22:23और यह कहकर उशा वहां से चले जाती है, उसके जाने के माद सोनल अपनी सोतीली बहन शिवानी से कहती है
22:31शिवानी, तुम्हारा काम पूरा नहीं हुआ है क्या, यदि तुम्हें मेरी हेल्प के जरूरत हो, तो बता देना, मैं तुम्हारे मदद कर दूँगी
22:39तभी वहां पर उशा आ जाती है, और उन दोनों को खाने के लिए पास्ता लाती है
22:59वो दोनों बड़े मजे से पास्ता खाने लगती है, और इसके माद शिवानी वहां से चली जाती है
23:05और सोनल अपनी स्कूल का काम करने लगती है, सोनल हमेश्वे स्कूल में फरस्ट आया करती थी
23:11इस वज़े से उसके सोतीली बेहन सोनल से बहुत ज़्यादा जला करती थी
23:16और उसके साथ बहुत बुरा भेवार करती थी
23:19One day after he had a house in his own house, he would say his daughter to his father to his father.
23:29Hey, sonal, you what are you doing?
23:32Do you have to go with my family?
23:35Yes, I am now in your house.
23:38And he said his sonal to his father to his father.
23:42He would talk to him.
23:44He would talk to him.
23:46
24:16४ तुम्हें उससे प्यार से बात करनी चाहिए और तुम गलत समझ रही हो। मैं तुमसे भी तो बात करता हूँ नौ।
24:23। मैं बिल्कुल सही समझ रही हूँ और नहीं बात सोनल की तो वो मेरी बहन नहीं है। मैं उसे कभी भी अपनी बहन नहीं मानूंगी।
24:31To be's there she comes from Awwww
24:44ними
24:50You know how much is that youρέate Sonal
24:56Sonal
24:59Sonal
25:00अरे बेहन, तुम ऐसे क्यों कह रही हो?
25:03ये दोनों तुमसे भी उतना ही प्यार करते हैं,
25:05जितना वो मुझसे करते हैं,
25:07आकिर तुम भी उनके बेटी हो?
25:10मुझे तुम्हारी कोई भी बात नहीं सुननी है,
25:12तुमने मेरे हिस्से की सारी खुशियां चीन ली है.
25:15और ये कहकर शिवानी वहां से चली जाती है,
25:19शिवानी के जाने के बाद सोनल बहुत ज़्यादा दुखी हो जाती है,
25:22पर उशा सोनल से कहती है,
25:26बेटा, तुम दुखी मत हो, मैं शिवानी को समझाऊंगी, अभी वो नादान है,
25:30ठीक है मा अच्छा तो अम मैं चलती हूँ
25:35और ये कहकर सोनल भी वहाँ से चली जाती है
25:38धीरे धीरे समय गुजरता है
25:40और एक दिन की बात है सोनल और शिवानी एक साथ बाहर खेल रही होती है
25:45तब ही शिवानी अपना पूरा गुसा निकालने के लिए सोनल के उपर मिट्टी फेकने लगती है
25:51जिससे वो काफी जादा गंदी हो जाती है और वो शिवानी से कहती है
25:56अरे शिवानी ये तुम क्या कर रही हो तुम मेरे उपर मिट्टी क्यों डाल रही हो
26:01fellowship
26:04falls
26:07yes
26:11All
26:12everything
26:14and
26:16everything
26:17is
26:20it
26:20is
26:21it
26:23what
26:23is
26:27Why are you doing this?
26:28Why are you doing this?
26:31You know my favorite clothes were my favorite clothes,
26:33but then you have to get out of it.
26:36Yes, I know.
26:38So I have to get out of it.
26:40Because you have to get out of it.
26:44So today I have to get out of it.
26:47It's about to get out of it.
26:50You can see me in a way.
26:53I have to get out of it.
26:55I always get out of it.
26:57You can try out of it.
27:00After you are my own things.
27:02Then you do it.
27:04But I am not my own thing.
27:07And if you are my own thing.
27:09You are my own thing.
27:11And you are my own thing.
27:13Because you have to apply it.
27:15Which means that that you have to do it.
27:18And you have to buy it.
27:20Then you have to buy it.
27:21And they have to buy it.
27:23And they have to buy it.
27:25foreign
27:31foreign
27:37foreign
27:43foreign
27:49foreign
27:53...
27:58...
28:02Lo
28:06I
28:16I
28:18I
28:18as far as of all, I will ask you to give this support to me.
28:22I will ask you to make the help of the people who are going to come to this village.
28:27I will ask you to keep your faithfully, you will ask me to leave this village.
28:32I will ask you to leave the village of the village of the village.
28:36
28:37
28:38
28:39
28:40
28:41al-sanal shivani ke gale se lag zati hai aur usse kehti hai tum tic to ho na tumhe kuch huwa to nahi
28:49keithi as to me kuch ho jata tumhe apne aap ko kubh maaf nahi karpaati kyunke nahi tum
28:54usse jaldi or nahi tum much pere mitti ndalati or nahi tum is kuey me girti isa mei vajay se
29:00hi huwa hai yeh sunkar shivani ko kafi bura lagta hai aur wo saonal se kehti hai tumhe to
29:08I should have a good idea that I was with you and that I would have a good idea that God did not have a good idea to do it.
29:16Oh, that's why I'm happy with you.
29:21If you are not happy with me, then you are my daughter.
29:25Then you are my daughter and I will see her daughter and her daughter and her daughter.
29:34ुشاہ
30:04and she says,
30:06I am very happy that you are my daughter.
30:09After all, she all came home and said,
30:12she said,
30:14she said,
30:16she said,
30:18she was very happy to be my daughter.
30:20She said,
30:22she was very happy to be with her.
30:24So,
30:26she said,
30:28she said,
30:30she said,
30:32she said,
30:36she said,
30:40she went away
30:42and engaged
30:44him to become an loan,
30:48and he went off
31:00the place,
31:01
31:31Grandona
31:53मुझे दर्ड हो रहा है मा जल्दी से मेरे पास आ जाओ ना
31:55डॉक्टर जान वी को समझाने
31:59की बहुत कोशिश करते है
32:00But it sounds more crops than others
32:02But he spoke about it
32:03I heard man that little girl
32:11She sent occupies
32:17And she wrote me
32:18And she wrote
32:19अरे चुप हो जाओ मेरी बच्ची, δेखो, मैं यहाँ पर तुम्हारे साथ हूँ ना?
32:24तुम्हारा ध्यान रखने के लिए तुम चिंता मत करो
32:27अब मैं तुम्हारा पूरा ध्यान रखूँगा
32:29तुम्हारी माब हमारे साथ नहीं है तो क्या हुआ
32:32मैं तो हूँ ना बेटी
32:34जानवी के पिता उसे बहुत समझाते हैं
32:37और उसके ठीक होने पर उसे घर वापस ले आते हैं
32:43कुछ दिनों तक जानवी कुछ नहीं बोलती
32:45वो अपने आप में ही गुमसुम सी रहने लगती है
32:48ये देखकर जानवी के पिता रखू को कुछ समझ नहीं आता
32:52कि वो क्या करें
32:53पर वो पडोसियों के समझाने के बाद
32:56जानवी की खुशी के लिए दूसरी शादी करने के लिए तयार हो जाते हैं
33:00जानवी के पिता रखू एक रुपाली नाम की विद्वा औरत से शादी कर लेते हैं
33:06और जानवी से उसका परिचे कराते हुए कहते हैं
33:10देखो जानवी बेटा, ये तुम्हारी नई मा है, अपसे यही तुम्हारा ध्यान रखेंगी।
33:15क्या सच में पिता जी, ये मेरी नई मा है।
33:18अपनी नई मा के बारे में सुनकर जानवी बहुत खुश होती है और नाचने लगती है।
33:24कुछ दिनों तक जानवी की नई मा रुपाली उसका बहुत ध्यान रखती है।
33:28इसी तरह दिन निकल रहे थे।
33:30रुपाली ने अब रगु के दिल में जगा बना ली थी।
33:33और रगु अब उस पर पूरी तरह से विश्वास करने लगा था।
33:37कुछ महिनों बाद रुपाली को एक बीटी हो जाती है।
33:41जिसका नाम वो टीना रखती है।
33:43रुपाली का अपना बच्चा होने के बाद उसका ध्यान जानवी से पूरी तरह हट जाता है।
33:48और वो जानवी को नजर अंदाश करने लगती है।
33:51दिन बीतने के साथ साथ रुपाली को जानवी खटकने लगती है।
33:56क्योंकि रगु अपनी सारी जमापुनजी जानवी की पढ़ाई में लगा रहा होता है।
34:01ये सम देखकर रुपाली को बिलकुल भी अच्छा नहीं लग रहा था।
34:05फिर एक दिन रगु रुपाली से कहता है।
34:35मैंने आगे की पढ़ाई के लिए तुम्हारा एडमीशन शेहर के एक बड़े कॉलेज में करवा दिया है।
34:40तुम्हें कल शाम को यहां से शेहर के लिए निकलना होगा।
34:43क्योंकि अब तुम्हें शेहर जाकर पढ़ोगी इसलिए तुम्हें नए कपडों की जरूरत भी होगी तो तुम आज अपनी मा के साथ जाकर बाजार से कुछ नए कपड़े लेकर आ जाना।
34:52लेकिन पिता जी मुझे कपडों की कोई जरूरत नहीं है आप मुझे कपडों के लिए जो पैसे दीना चाहते थे उन पैसों को आप संभाल कर रख लीजिए भाविश्ये में वो पैसे हमारे काम आएंगे।
35:04अरे मेरी बेटी कितनी समझदार हो गई है तुम चिंता मत करो बेटी तुम अपनी मा के साथ चली जाना और अपने लिए सुन्दर सुन्दर कपड़े ले आना।
35:34उस समय रुपाली को बहुत गुस्सा आ रहा था। रुपाली जानवी के कमरे में जाती है और उसे कहती है।
36:04रुपाली जानती थी कि जानवी को उस जगा की जानकारी नहीं है।
36:11रुपाली जानवी को बड़े बाजार के बीचो बीच खड़ा कर देती है।
36:15बड़े बाजार का नजारा देखकर जानवी रुपाली से कहती है।
36:20मा, यहां तो बहुत भीड़ो रही है, मुझे तो बहुत डर लग रहा है, कहीं मैं यहां खोना जाऊं।
36:26अरे, डरने की कोई बाजार नहीं है, इस बड़े बाजार में हमेशा इतनी ही भीड़ोती है, और अब तुम्हें इस भीड़ की आदर डाल लेनी चाहिए, क्योंकि शहर में भी हर जगा ऐसी ही भीड़ोती है, तुम अपने लिए कुछ कपड़े खरीद लो, मैं यहीं खड
36:56यह जानवी की बच्ची घर वापस कैसे आती है, रुपाली वहाँ से अपने घर वापस चली जाती है, वहीं दूसरी तरफ जानवी जब कपड़े खरीद कर वापस आती है, तो उसे कहीं भी अपनी मा रुपाली नजर नहीं आती, यह देखकर जानवी बहुत जोड़ जो�
37:26बड़े बाजार से निकल कर चाने लगती है और वो एक सड़क पर पहुंच जाती है जानवी इतनी जादा परिशान होती है कि उसके सामने आ रही गाड़ी उसे दिखाई नहीं दीती जानवी का एक्सिडेंट होने ही वाला था तबी वहाँ दो परियां आकर उसे बचा लेती
37:56उन दोनों से कहती है आप दोनों कौन है ये सुनकर सोने जैसी दिखने वाली परी कहती है अरे अरे अरे दरो मत जानवी हम दोनों परी लोग से यहां आए है मेरा नाम सोन परी है और ये मेरी बहन चंदा परी हम दोनों अकसर प्रित्वी लोग पर जरूरत मन लोगों की और
38:26
38:56He's listening to both of them, and they're trying to help her.
39:02They're trying to help her.
39:06She's trying to help her.
39:09She's trying to help her.
39:12Oh, I'm going to leave her.
39:15Karam Jali, you should leave me behind?
39:18Ma, don't forget.
39:20I'm going to help you.
39:22I'm going to help you.
39:24ुण
39:54She also has a good friend of mine and she has a good friend of mine and she has a good friend of mine.

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