00:00वेतनाम वार के दुरान आरमी के हाथ एक ऐसा केमिकल आ चुका था जिसको वो जखमियों के जखमों पर स्प्रे करते तो उनकी बलीडिंग फॉरन बंद हो जाती थी। फिर बेशक जखम कितना ही गहरा क्यूं ना हो।
00:14इस केमिकल ने हजारों लोगों की जान बचाई थी और आपको ये बात जानकर हैरत होगी के ये केमिकल आज हर घर में जरूर पड़ा होता है।
00:23जेम टीवी की विडियोज में एक वार फिर से खुशाम दीद।
00:26नाजरीन डेली लाइफ में इस्तमाल होने वाली कई ऐसी चीजे हैं जो किसी मकसद से नहीं बलके गलती से इन्वेंट हो गई थी।
00:34सबसे पहले हम नजर डालते हैं कोका कुला पर।
00:37किसको मालुम था कि तलवार का एक वार दुनिया की सबसे फेमस सौफ्ट रिंग बना कर छोड़ेगा।
00:43जी हाँ ये बात है एर 1865 की जब डॉक्टर पेमबर्टन जिनको अमेरिकन आर्मी ने लेफटिनिन्ट करनल का रैंक भी दे रखा था
00:52बैटल आफ कॉलमबस के दौरान उनके सीने पर तलवार का एक वार लगा था।
00:57ये जखम इतना दर्दनाग था कि डॉक्टर पेमबर्टन ने मॉर्फीन का इस्तमाल शुरू कर दिया।
01:04ये एक एडिक्टिव ड्रग है जो उस वक्त सिर्फ तब इस्तमाल की जाती थी जब कोई भी मेडिसन काम ना कर रही हो।
01:11वो जखम तो उनका ठीक हो गया लेकिन एक और मुसीबत गले पड़ गई।
01:16उनको अब मॉर्फीन की लत लग चुकी थी और वो इससे जान चुडाना चाहते थे।
01:21उस वक्त अलकोहल और कोकेन को खराब नहीं समझा जाता था और उसको कोई भी खरीद कर इस्तमाल कर सकता था।
01:28उन्होंने अपने लिए एक ऐसी दवाई बनाई जिसमें कोला नट्स और डम्याना नामी प्लांट्स का रस डाला और उसके उपर कोकेन और अलकोहल का मिक्सचर भी।
01:38ये एक अलकोहलिक ड्रिंक के साथ साथ पेन किलर के तोर पे भी काम करती थी।
01:43जिसको पेमबर्टन्स फ्रेंच वाईन कोका का नाम दिया गया।
01:47यानि उन्होंने एक आदत को छोडने के लिए दूसरी आदत को अपना लिया था।
01:53करीब 20 सालों के बाद 1886 में एंटी अलकोहलिजम केमपेन चली जिसमें अलकोहल और कोकेन के खिलाफ एक कानून पास हुआ।
02:02लोकल फारमसी स्टोर के मालिक ने पेमबर्टन को बोला कि उनको अब अपनी फ्रेंच वाईन कोका में से एलकोहल और कोकेन को निकालना होगा।
02:11इसी मकसद से डॉक्टर पेमबर्टन ने कुछ एकस्पेरिमेंट्स किये जिसमें सिर्फ कोला नट्स और कोका के पत्थों के मिक्सचर से एक सिरॉप बनाया।
02:21वो मुख्तलिफ एक्सपेरिमेंट्स करके फार्मेसी स्टोर के मालक को टेस्ट करवाते लेकिन गलती से उन्होंने एक एक्सपेरिमेंट में सिरॉप के साथ कार्बोनेटिड वाटर भी डाल दिया।
02:32फार्मेसी के मालिक को ये इतना अच्छा लगा कि उन्होंने इसको सरदर्द नहीं बलके रिफरेशिंग ड्रिंक के तौर पे बेचने का मशवरा दिया।
02:40अब क्योंके ये ड्रिंक कोला और कोका लीव्स को मिला कर बनाई गई थी इसी वज़ा से इसको कोका कोला का नाम दे कर रिफरेशिंग ड्रिंक के तौर पे बेचा जाने लगा।
03:10बेच दिया।
03:11आज कोका कोला की मार्केट वैलियू 260 अरब यूएस डॉलर्स है जो करीब 22,100 अरब रुपे बनती है।
03:19नमबर फाइफ
03:20क्या आपको मालूम है के वेतनाम वार के दौरान एक ऐसा केमिकल था जिसने हजारों जखमी सिपाहियों की जान बचाई थी।
03:28डॉक्टर्स फर्स एड के तौर पे इस केमिकल को सिपाहियों के जखमों पर इस्प्रे करते थे जिस से जखम फौरन सुक जाता था और बिलीडिंग बंद हो जाती थी।
03:38ये केमिकल कोई और नहीं बलके सूपर गलू थी जो आज हर घर में मौजूद है।
03:44और सबसे इंटरस्टिंग ये के सूपर गलू भी गलती से इजाद हुई थी।
03:48वर्ल्ड वार टू के दौरान सूलजर्स को सबसे बड़ा मसला था कि जब वो अपनी गंज से फायर करते थे तो निशाना ठीक जगा पर नहीं लगता था।
03:57इस मसले को हल करने के लिए यूएस आर्मी को एक ऐसे निशाने की ज़रूरत थी जो बिलकुल साफ प्लास्टिक का बना हो ताके उसके बीच से सब कुछ आसानी से नजर आ सके।
04:09इस किलियर प्लास्टिक को बनाने के लिए केमिकल इंजिनियर्स की एक टीम हायर की गई जिसमें डॉक्टर हैरी कूवर भी थे।
04:16यह लोग किलियर प्लास्टिक बनाने के चक्कर में एक ऐसा केमिकल बना बैठे जो ज़रूरत से ज्यादा एडिसिव यानि चिपकने वाला था।
04:25सेयानो एक्रलाइट नामी यह केमिकल गन्स का निशाना बनाने में काम ना आ सका।
04:319 सालों के बाद 1951 में डॉक्टर हैरी कूवर कोडेक कमपनी में जॉब कर रहे थे जब यहां जेट एंजिन की केनोपी यानि उसके कवर बनाने के लिए कुछ एक्सपेरिमेंट्स किये जा रहे थे।
04:43इस मौके पर डॉक्टर हैरी कूवर ने एक बार फिर से सयानो एक्रलाइट को उनके सामने इंट्रोड्यूस करवाया लेकिन इस बार भी इस केमिकल को हद से ज्यादा एडिसिव होने की वज़ा से रिजेक्ट कर दिया गया इतिफाक से उस वक्त कोडेक के किसी दूसरे केम
05:13इस केमिकल की मदद से उनका महेंगा रिफरेक्टरो मीटर सेकंडों में जोड दिया ये वो वक्त था जब डॉक्टर हैरी कूवर को अंदाजा हुआ कि उनका बनाया हुआ केमिकल थोड़े ही टाइम में चीजों को हमेशा हमेशा के लिए जोड देता है और इसमें ना किसी
05:43साथ साथ सूपरगलू को फारिंसिक इन्वेस्टिकेशन में enjoy करने के लिए भी इस्तमृ किया जाने लगा। सूपरगलू को गरम करने पर इसके जो फ्यूम्स बनते हैं वो ना दिखने वाले फिंगर परेंट से रियक्ट कर जाते हैं और मेंटों में जब सूपरगलू सू
06:13लेकिन इस मेथट को घर पर कभी ट्राय ना करना
06:16नमबर फॉर
06:18बलड ट्रेशर चेक करना हो
06:19बच्चों के शूज को टाइट करना हो
06:21या फिर मुबाइल लेप्टॉप के चार्जर की वायर को लपेट कर बंद रखना हो
06:26हर घर में हुक एंड लूप टेप का इस्तमाल जरूर होता है
06:30जिसे अक्सर वेलक्रो भी कहा जाता है
06:32लेकिन क्या आपको मालूम है कि इसकी इन्वेंशन का आइडिया एक ऐसे मौके पर हुआ था
06:37जब 1941 में जोर्ज टीमेस्टरल नामी अलेक्रिकल इंजिनियर एल्प्स के पहाड़ों पर अपने कुटे के साथ हाइकिंग पे निकले थे
06:46वाक के दुरान बर्डॉक प्लांट के सीड्स उनके सौक्स कपड़ों और उनके कुटे से बार बार चिपक रहे थे
06:53उन्होंने नोटिस किया कि सिर्फ हलका सा टच होने पर ही बर्डॉक इनके कपड़ों से चिपक जाता है
06:59वो कुछ भीज अपने साथ घर ले गए जहां उनको माइक्रोसकोप से देखा
07:04मालुम पड़ा कि इस सीड्स के कांटों की टिप एक हुक की तरहां बनी हुई है
07:09जो कपड़ों पर मौझूद छोटे छोटे लूप्स में आसानी से फस जाती है
07:13ये प्लांट कुदरती तोर पे ही ऐसे बना है कि ये अपने सीड्स को पास से गुजरने वाले जानवरों के जरीए पहलाता है
07:21जोर्ज डी मेस्टरल को ये तरीका काफी हैरान कुन लगा
07:25वो इस तरीके को इस्तमाल करके कुछ यूसफुल बनाना चाहते थे
07:29लहाजा उन्होंने अपनी इस इन्वेंशन को 1955 में पबलिक किया और अपने नाम से रिजिस्टर भी करवा दिया
07:36हुक एन लूप टेप दो हिस्सों में आती है
07:39एक में सिर्फ हुक्स होते हैं और दूसरी टेप में नाइलॉन के लूप्स बने होते हैं
07:45ये दोनों आपस में टच करते ही वैसे ही चिपक जाते हैं जैसे बर्डॉक सीड्स कपड़े पर चिपकते हैं
07:52आज वेलक्रो साथ कंट्रीज में बनाया जाता है और इस कंपनी में करीब धाई हजार इंप्लॉईज काम करते हैं
07:59वर्ल्ड वार टू से पहले घरों में हीटर की जगा कोईले को इस्तमाल किया जाता था
08:04लेकिन इसकी वज़ा से पूरे घर में काले धूएं की लेर चिपक जाती थी
08:09तभी प्लेडो को इन्वेंट किया गया जिसको इस्तमाल करके कालब को हटाया जाता था
08:15लेकिन वर्ल्ड वार टू के बाद नैचरल गैस को हीटर के तौर पे इस्तमाल किया जाने लगा
08:20नौा और जोजफ की प्लेडो की इन्वेंशन अब किसी काम नहीं आ रही थी
08:26लेकिन कुछ सालों के बाद 1950 में जोजफ ने देखा कि उसकी बहन जो के एक स्कूल टीचर थी
08:32वो ये प्लेडो अपने स्टूटिंट्स को मुख्तलिफ चीजों के मॉडल्स बनाने के लिए दे रही थी
08:38वहीं से उनको आइडिया आया और उन्होंने रेन्बू क्राफ्स कंपनी रिजिस्टर करवा कर उसको बच्चों के खेलने के लिए बेचना शुरू कर दिया
08:47नमबर टू पेसमेकर और पैनिसलिन के इलावा मेडिकल इंडस्ट्री में बलड थिनर्स की इन्वेंशन भी असल में इत्तफाक से हो गई थी
08:55ये बात है 1920s की जब जानवरों में एक अजीब बिमारी नोटिस की गई
09:01इस बिमारी में उनको इंटर्नल ब्लीडिंग होने लगती जिससे हटे कटे जानवर भी मर जाते थे
09:07तहकीक से मालुम पड़ा कि गास के उपर जम जाने वाले एक खास फंगस खाने की वज़ा से उनका बलड काफी पतला हो गया है
09:16जब उस फंगस को डीटेल में समझा गया तो उसके अंदर एक खास केमिकल पाया गया जो असल में उनके खून को काफी पतला कर देता था
09:25इस केमिकल को बाद में वाफरिन का नाम दिया गया
09:28लेकिन इस से पहले के ये हार्ट अटेक और स्ट्रोक के पेशन्स को दिया जाता अगले 30 सालों तक ये चुहे मारने की दवा के तौर पे इस्तमाल किया जाने लगा
09:391950s के बाद वाफरिन को इनसानों पर भी इस्तमाल करने का फैसला किया गया
09:45इस जान बचाने वाली मेडिसन को जिन पहले पेशन्स पर इस्तमाल किया गया उनमें यूएस प्रेजिडेंट डवाइट डी आईजन हावर भी थे जिनको 1955 में हार्ट अटेक हुआ था और वाफरिन के इस्तमाल से उनकी जान बचाई गई
10:00और अब नमबर वन इनसानों की सबसे बड़ी काम्याबी आग को जलाना थी जबसे इनसान आग को जलाना सीखा है ये हमेशा इस प्रोसेस को असान करने की कोशिश करता रहा है
10:13माचिस से पहले आग जलाना एक बहुत ही मुशकत वाला काम हुआ करता था
10:18कोई पत्थर रगड कर आग लगाता तो कोई लकडी की स्टिक को दूसरी लकडी पर रखकर उसको ड्रिल की तरहां चलाता था
10:25येर 1827 में एक ब्रिटिश फार्मसिस्ट जॉन वाकर कुछ केमिकल्स के साथ एक्सपरिमेंट कर रहे थे
10:32वो जिस स्टिक से केमिकल्स मिक्स कर रहे थे उन्होंने वो गलती से अपने रूम में बौन फार के बराबर रख दी
10:39अचानक लकडी पे लगे केमिकल्स में फौरन आग लग गई
10:43इसी के बाद उनको मैच स्टिक्स बनाने का आईडिया आया था
10:47ये केमिकल्स पौटेशियम क्लोरेड और एंटिमनी सलफाइड का मिक्स्चर था
10:52जौन वाकर की ये इन्वेंशन इतनी ज्यादा कामियाब हुई कि तब से लेकर आज तक हर घर में माचिस जरूर होता है
11:00लेकिन जौन वाकर ने अपनी ये इन्वेंशन पेटेंट नहीं करवाई थी
11:04लोगों ने उनके फॉर्मूले को कॉपी करके माचिस के नए नए वर्जन्स बनाना शुरू कर दिये
11:101859 में जब उनकी मौत हुई उसके बाद से ही उनको मैच स्टिक का इन्वेंटर माना जाने लगा
11:18उमीद है जैम टीवी की ये वीडियो भी आप लोग भरपूर लाइक और शेयर करेंगे
11:22आप लोगों के प्यार भरे कॉमेंट्स का बेहद शुकरिया
11:26मिलते हैं अगली शानदार वीडियो में