00:00पूछ बनीजादों से ये हिजर कैस छेला है
00:06मैं अपने होशा हवास में दियान दे रहा हूँ
00:08कि वलीड नामी लड़की और मालकिन लैला सबा का कतल मैंने खुद किया
00:17लैला सबा मरजर से 3-4 डेस पेले हमारे पास आया था
00:23उसने हम को एक लेटर दिया था
00:25अब आप क्या देंगे उसकी तहरीर नहीं है ये खत किसी और नहीं लिखा
00:29नहीं है इसके हातों की खुश्बू आ रही है इस खत में से
00:55थे सबाँ
01:05ब�मного कि अना रहीं है प्गी
01:09प्ला से जहां रहीं हा सबाँ
01:15आपी तक उसी बात में हो ज़िया गरा हूं
01:32समझ नहीं हारी है मालिक पूने लेला सफा के साथ मुझे कुछ नहीं महाँ डाला
01:37मेने मन में भी यही सवाल है
01:40लेकिन चाहिए तो मारी आखर एक्री क्वाईश ने तुम्हें बचाली है
01:44आखरी क्वाईश ने तुम्हें मालिक से कहा था ना कि मारने के बाद मारी लाज को मस कर दो
01:54तो इसी बात ने तुमारी जान बचा लिए
01:57मालिक मरे हुए दुश्मनों को दुबारा नहीं मानते थे
02:02बस इतनी इसी बात थे
02:09शायद इससे बढ़के कुछ और भी
02:13अस्तिर नगर्ट लेला सबा के जाम लगाने के बाद तुम उसे जूटा साबच करने की कोश़श करते हैं
02:20या शायद अपने सच की दहाई देने की कोश़श करते हैं
02:23तो पेली गोली तुम ही लगड़ा, यह तुमारे मलमे की खुआश है जिसमे तुमारी चंदगी पर्चने तुम्हारी चंदगी पर्चने हो, और जाने मालेक तुमसे क्या काम नेना चाहिए?
02:32तुम्हारी चंदगीनी उन्हें मौल रतुए।
02:53भाई कोई जाके खबर तो ले परी जात की
03:06मुझे यकीन है कि मेरा भाई मुझरिम नहीं हो सकता
03:09खबरदार जो दुबारा उसका नाम लिया
03:12कोई ने उससे मिलने जाएगा
03:15माँ बाप और भाईयों की इज़त खाक में मिला दी उसमें
03:19आया हमारी साथ नसलों में जेल तो दूर की बात हवालात के बाहर से भी कोई नहीं गुजरा
03:23सारा मुहला थू-थू कर रहा है हमारी तरबियत पर
03:27लेकिन परी साथ भी हमारा खून है भाई
03:29वो जरूर किसी मुश्किल में फच गया है कराची इतना दूर तो नहीं है
03:33बस हो गया फैसला बलके मैं तो सोच रहा हूँ अखबार में इश्तियार दिन कि हमारा
03:45और हमारे खानदान का परीजाद से कोई तल्लक नहीं है और हम उसे अपनी तमाम मनकूला और गहर मनकूला जदाज से आकरते हैं
03:59वक्त क्या होगा फिर रजबार सोगा से तीसरी बार वक्त पूछ चके है जेल के घंटा घर पे दियान दो जितनी बार बज़ेगा समझो वही वक्त बार
04:14चार बज़े के घंटे की अवास तो आई थी मगर साड़े चार का जो एक घंटा बचता है उसकी वास में आई बड़ी देश
04:24साड़े चार बज़ेंगे तो घंटा बजाएगा न पता लग जाएगा तो बपनी जान हलकान क्यों गए रहाएं
04:32वैसे भी प्हेद में कहदी के लिए वक्त अपना पहिमाना बदल लेते हैं
04:39चलते पिर बायर वाले लोगों के लिए तो वक्त उड़ता है
04:43जो जो अंदर होते हैं उनके लिए वक्त थम्सा जाता है
04:45सदी की तरह मराभर होती है
04:47मतलब कैद में घड़ी की मिनट और सेकंड की सुख घंटों की तहां चलती है
04:55कैद और किसी के इंतिजार में वाक्त रुक चाजा
05:02तुम से मैंने कहा है ना फिकर मग करो अल्ला बैतर करेगा
05:12मेरा भाई मा इतनी बड़ी मुसीबत में हैं मैं कैसे खुद को समाद हूँ
05:17मैं जाता हूँ मैं देखता हूँ
05:22आप ने जाना है ना कराची आप मुझे अपने साथ ले जाना है ना हम मुझे प्लीज मेरे भाई को देखता है
05:28सेदा कराची बहुत बड़ा शेयर है
05:30परा चोटा सा मामला था कुट कचेरी का
05:33कितने मसाइल हो गए थे
05:34बहुत मुश्किल मामला थोते
05:36मैं उसे ढूनूँगा उसके लिए कुछ करूँगा या तुम्हे समानूँगा
05:40मैं पलपल की खबर देता रहूँगा तुम्हें मैं जाता हूँ
05:44सेदा हम पहले बी ओलाज जैसी नेमर से महरूम हो चुके हैं
05:54अल्ला ने हमें दुबारा खुशी दी है
05:58इस आलत में ना तो तुम्हारे लिए रोना ठीक है और ना सबर
06:04परी सेहत कर खाला
06:07अल्ला बैता हुआ करेंगा
06:10कि में कल सुभाई जाता हूँ
06:16मैं तुम्हे आजाए करता हूँ
06:19बैता हूँ
06:21तुम्हारे घर से तुम्हें कोई मिलने नहीं आया
06:30तुम्हारे घर से तुम्हें कोई मिलने नहीं आया
06:44भाईयों का नहीं पता
06:49भाईयों का नहीं पता
06:53बहन और बहनों ही मिलना चाहरे थे
06:56मैंने रोग दी
07:01उनकी मुसीबितों में मजीद इदाफा नहीं करना चाहता हूँ
07:05कातम करके आजो खाना काती हूँ
07:16मेरबाणी भाईयों के बहले तु क्ये बोलना था
07:33परिजाद शोकी भाईयि
07:38जिस परिजाद ने मेरा जरूम अपने सर लिल्ल लिया दा अब अब मुझनि नी हो क्ता ना
07:42देखने में तो वैसे बड़ा मासूम लगता है रोग हीरा भाईयों
07:47जुरूर इस बार भी नहीं किसि दूसरे पाईय एपने सर लिल्ली उसका
07:52मुझे पता ना उसका
07:54ये तो है शोकी भाई
07:56सुने कराची किसी बड़ी जेल में बंद है
07:58और उसके भाईयों ने भी उससे लातालोगी का एलान कर दिया
08:01और कहे रहा तो सारे के सारे एक नंबर के पक्के
08:04ये तो है शोकी भाई
08:06तो मैं इससे मिलने जेल जरूर जाओंगा
08:08तो आप कराची जाओगे शोकी भाई
08:10तो अपने यार को ऐसे तो नहीं छोड़ सकता ना
08:12ये तरह है
08:14बोतल भी हो
08:16बिला दे
08:36क्या कह रहा था वकीत?
08:56कुछ जरूरी कागल साइन करवाने थे
09:00मालिक जाते जाते मुझे कि जमेले में डालते है
09:04कैसे समझालोंगा सब कुछ?
09:08समझालना तो पड़ेगा पड़ी जाए
09:10यहरे केस का तैसला भी अगली पेशी में हो जाए
09:12बेतर यही है कि इतनी अच्छी तरह
09:16सब को समझ सकते हो समझते
09:18इस जेल में?
09:22बाहर की दुनिया तो इससे भी बड़ी जेल
09:24बड़ी जेल और वेसे भी जेल तो गरीबों के लिए
09:28जेबों में पैसे हों तो जेल किसी आरामने घर से कम नहीं है
09:32मैंने तुमारे लिए पैसे जमा करवा दिया
09:36बीक लास और अलेदा से कौली में मिल जाएगा
09:39फेज़ टीवी ऐसी कुछ जो भी चाहिए हो तुमारे बारिक पर पहुंच जाएगा
09:43इस सब मिलता है या
09:46नाने कहा ना
09:48अमीर जेल में रहके भी बाहर से जादा अजाद होते है
09:52और गरीब बाहर रहके भी तदा के भी रहते है
09:56जो जाएगे मिलेगा
09:58मैंचे उसनी से यह बस वकील से कह दिया था कि
10:05माले की किताबे छोड़ जाए
10:08मैं वो पढ़ना चाहता हूँ जो माले कड़ा कर दिस थे
10:12खाहिशों के जंगल में
10:20हजरतों के बिस्तर पर
10:27जिस्मतों कुलाबी है और दिल से काले है
10:37अलपरोज नाइमाग्या
10:39अगालत में तो आजपाद जी सुनाई
10:45मलकों नसीमत माले के साथ ही गया
10:49आज़ी गया
10:50ऐसे मन मुलो फिरूँ भाई
10:52पहले मालक और अबाब मैं कैसे रूँगा केला
10:56यह इतनी लिखी यह उतनी तो काटनी पड़ेगी ना करेगा
10:58तो ऐसे भी कभी कभी जिन्दा रहना भी सगा बन्यात
11:03मालक ने अपना घर तुम्हारे नाम कर दिया था
11:09और तुम्हारे लिए अतना कुछ छोड़के गयें कि तुम्हारी आने वाली साथ में इसने आराम से बेटी एका नगा सकता
11:15बस उनके वफादारों का ख्यान रखना और घर के मुलाजमीन को मत नकाना उनका इस दंजे से कोई तालोग है
11:27और सब मुझे काट खाने को दोड़ेंगे समर पाई
11:30तास मैं मी जए ऐसा बनको
11:37अब ही ये मुझे पांसी वाली कोट्री में ले जाएगा मुझाने फिर मुलाकात होगी या नहीं
11:46मेरा एक काम दरोगे परिजाद
11:49अब रोतों करो मेरे गाउं से मेरे भाई अकबर को बुई हो उसे अपने साथ है
11:57अब मेरे जाने के बाद उसका एस दुनिया में कोई नहीं रह जाए तुमार चे शचा वफदार साथ है
12:03जान मंगोगे तो जान लीडे
12:09मुमा जा मने इन सोगे नहीं जाओ मुरे जिमा जाए
12:19घुल
12:21कुछ पूछ पनीजादों से ये हिजर कैसे छेला है
12:40के तन बदन तो छलनी है और दूह पर भी चाले है
12:47कैसे चान पाला के इश्क में का कुजरी है
12:53किन्ने सख्म खाए है कितने दर्द पाले है
13:17हम अब तक बहरोष सीट का सोग मना रहे है
13:46कुछ सोग उमर भर खतम नहीं होते है असला में
13:50दिन गुजरते रहते हैं और वक्त खुछ सोग बन जाता
13:57एक बास समझ नहीं आती गुरुजी
14:02एक मामूली पुलिस वाली ने बहरोष सेट को
14:06पुलिस के डर से जान नहीं दी है मालिक ने
14:12और नहीं पुलिस ने उनको मारा है
14:18इश्ट ने जान लेली मालिक की
14:26इसलिए कहते हैं कि इश्ट का काटा पानी भी नहीं मानता
14:32तो भी कभी इश्ट ना करी होगा
14:37परिज़ाद गुरुजी अभी तक अंदर बंध है
14:42आजाएगा
14:45अभी उसे अंदर रहकर बाहर के गुर सीखने जाए
14:50हमारे धंदे की सबसे बड़ी युनिवर्सटी जेल ही तो है
14:56प्राइमरी फेल जाता है और पी हज़डी करके वापस आता है
15:02और मुनसिफ समझते हैं कि मुजरिम को उन्होंने सुधरने के लिए जेल बेजा है
15:09अपने पंटरों से कह दे के खास ख्याल रखे परिजात का जेल
15:14यह गुरू का खास हुकम है उन हराम खोरों के लिए जो जेल में बैठे रोटियां तोड़ रहे हैं
15:22बीते दिसंबर की एक सर्थ शाब
15:43अपने लवों पर दो उन्गलियां रखे होटों से भाप का धुआ उडाते जैसे किसी ख्याली सिगरिट के कश लगाते
15:53मुझे देख वो हस कर बोली थी सुनो तुम्हें पता तो है ना
16:01मुझे दाइरे बनाते धुए के मरगोले कितने अच्छे लगते हैं मगर
16:06तुम सिगरिट नहीं पीते हो फिर बहा क्या खाक जीते हो
16:12काश तुम्हें ये भोग लगे किसी जोगन का रोग लगे
16:17फिर तुम्हारी दुआ पूरी हुई एक और बर्बादी जुरूरी हुई
16:23अब मैं धुए में डूबा रहता हूँ खुद ही खुद से रूठा रहता हूँ
16:31अपनी रगों में जमा निकोटीन चुनकर दिल की राख मिलाता हूँ
16:38फिर यादों की सुनहरी पनी में लपेट अपने जिगर से सुलगाता हूँ
16:45तुम्हारे हिजर के धुए से घम के दाइरे बनाता हूँ और फिजा में उडाता हूँ
16:53खुद भी सुलगता रहता हूँ जमाने को भी चलाता हूँ
16:58पल पल खुद को राख बनाकर तुम्हारा घम कलाता हूँ
17:05हाँ भई परिजाते चल तरी सजा पूरी हो गई है
17:11के प्रभी चले बनाता हूँ
17:24प्रभी चले बनाता हूँ
17:32खुश्यामदेश, सर.
17:49सर, मैं बहरोज ग्रूप आफ कंपनीज का एमडी, रेहान सहीद, सर.
17:54सर, मेरी आप से अपने वकील और मैनेजर के दिर ये बात होती रही है, सर.
17:59हाँ, ठीक, याद आए.
18:02सर, हम आपको यहाँ रिसीफ करने आए, हमारे लॉयर ने आपकी रिलीज होने की तमाम तफसीलाथ हमें पहले ही बता दी थी, सर.
18:12आज से आप हमारे बॉस हैं.
18:15बहरोज साब ने कंपनी वसीयत में आपके नाम की थी.
18:18परले में उतना लिबास तब दीली कजना चाहता हूँ.
18:33जीद, आए, आए.
18:34जीद, आए.
19:04जीद, आए.
19:34सर्में कमाली, आपका मैनेजर, कम असिस्टंट, कम पियस.
20:04कम केर्टेकर.
20:12केर्टेकर?
20:15पहले ते यह ऐसी कोई असामी नहीं थी.
20:17जी, सर. सर, सिट साब की डेथ के बाद इस प्रॉपटी को एक ट्रस्ट को दे दिया गया था. उन ट्रस्ट वालों ने फिर यहां यह असामीयां क्रियेट की.
20:28मेरा नाम अकबर है, सिरोस का छोड़ा भाई.
20:36छोड़ा चोड़ा भाई.
20:49अच्छा च्छा ठीक है, मैं आपको बदाता हूँ सर, काव छोटे बड़े नौकरों के मून लगते फिरेंगे.
20:56सर, यहां पिछले पाँच साल से कुछ लोग घर बैटके दखाएं खा रहे हैं.
21:00अब ये एक लिस्ट बनेगी, जिसमें उन तमाम को फारिक कर दिये जाएगी.
21:06पांच साल से घर बेटे तनखा लेने वालों में तुम भी शामिल हो.
21:10फिरोज मेरे बड़े भाहियों की तरह था.
21:30आज से तु मेरे परसनल बाडी गाड हो.
21:38मेरी जान तुमारे हवाले.
21:42फिकर मत करें मालिक, आज के बाद मौत आप से पहले अकबर को अपने सामने खड़ा पाईगी.
21:48नसान ने खड़ा पाईगी.
21:55सब प्लीज, आइन इस तुम.
21:58प्लीज, आइन इस तुम.
22:08प्लीज, आइन इस तुम.
22:18प्लीज, आइन इस तुम.
22:28प्लीज, आइन इस तुम.
22:58झाल झाल
23:28हादिर उसकता हूँ सर आजाओ कमाली
23:54सर मेन पॉर्शन वाला बेडरूम आपके लिए तैयार करवा दिया है
24:00आप चलके देख रहे हैं अगर कहेंगे तो जो तब्दीली होगी मैं करवा दूना
24:05मालक भिरोस के जिरे इस्तमाल जितने भी कमरे से उनको नीच चिड़ा जाएगा तो बैसे ही छोड़ दोना जैसे वो छोड़ के गए थे
24:14ठीक है सर्थ मैं भी सारे स्टाफ को बता देता हूं
24:18नए स्टाफ में से किसी को फारग ने किया गए बलके मेरे आने की खुश्शी में सब को बोनस भाने तो
24:25ठीक है सर्थ जैसा आपका होगी और कोई खास बार जी सर्थ वो एक बहुत जरूरी बात करनी है
24:37हमें कुछ नई कंपनीज रिस्टर्ट करवानी हैं बिजनस के लिए हुआ यूं था कि अदालत ने हमारी कुछ कंपनीज को सील कर दिया था
24:47अब हम पुराने नाम पर कारोबार नहीं कर सकते हैं
24:51अगर आप इजास्त दे तो आपका नाम सिज़ेस्ट कर दू
24:54मेरा नाम नए वो तमाम कंपनीज जिनको नए नाम की जरूरत है
25:12उने पी-जड मीर के नाम से रिजिस्टर कर रवा रहा है
25:18वाँ वाँ वाँ सर वाँ क्या नाम बताया है
25:21पी-जड मीर
25:24पी-जड तो आपके नाम का मुख़फ हो गया
25:26और मीर यकिनिएँ आपका सरने मोगा
25:29सर मैं अभी M.D. साब को मेसिज करता हूं
25:33इजट मीर
26:03चुर्ण
26:06कि य residents
26:13कि अपयराए
26:21चुर्ण
26:24से में आपका आफिस
26:38ठीक
26:54कर दो कर दो
27:24कर दो कर दो
27:54मैं मुखिल तो नहीं हुआ अज़र तुम कब मुखिल नहीं होते है कमाली
28:00सर मैं आपका नौकर हूँ और नौकर का काम
28:1824 गंटे माली की खिदमत करना होता है
28:22बोलो क्या खेना जाते हैं
28:28सर इतनी खूबसर शाम है
28:30और आप यहां तनहां बैठें
28:32अगर आप अज़ाज़त दें तो
28:34किसी कलब में या किसी
28:37सैवन स्टार होटल में
28:38आपकी मेंबर्शिप करवाद में
28:40या अगर आपका दिनर का इरादा हो
28:43तो सकाट त्यार करवाँ
28:44मुझे तनहाई बहुत पसंद है कमाली
28:46यह हजूम और भे भाहर से कतर आता होना
28:52लेकिन सर
28:54अगर चाहने वारे
28:56शनासा इतगिर्द होना
28:58तो दिल बहल जाता है
29:00तनहाई का एहसास खतम हो जाता है
29:02तनहाई का एहसास को खतम करने
29:04की जरूरत ही क्या है
29:07इनसान तन्हा है उस दुनिया में उसने तन्हा बापस जाना है
29:10इन दरमயान की मस्रूफ़ुर्फियत ये सब ड़कोसला है
29:16लेकिन सार से wert रह्मान के रिसेप्षन पे तो आपको जाना बड़ेगा
29:21क्योंकि उन्होंने ये डिनर सिर्फ और सिर्फ आपके अजास में रखा है
29:26मेरे अजास में
29:28मैं तो उससे जानता भी नहीं
29:32लेकिन सारों, वह आपको जानते हैं
29:35इस शेयर का सारा बिजन सरकल
29:37पीज़ड मीर से मिलने के लिए बेचेयर है
29:40उनके काम फसे हैं, उनके टेंडर्स हैं
29:43और वो सब बहरोज साब के जानशीन से मिलना चाहते है
29:47मैं उनका जानशी होने का एहल नहीं
29:51वो सुल्टान इबन सुल्टान थे
29:56मैं गुलाम इबने खुलाम
29:57खुद को उनका गुलाम इसाबिक कर लो
30:00बहुत बड़ी बात होगी मेरे लिए
30:02तुम्हें मैंने गार्डिन टावर के अपार्टमेंट का कहा है
30:11क्या हो असकाम गा?
30:13वो काम तो हो गया सर लेकिन
30:15इतने बैकवर्ड आखे में आपका फ्लैट खरीबना कुछ समझ नहीं आया सर
30:20सबसे पहले उसी राके में गाएंगे
30:28और ये गाड़ियों की भीड़ भार की जुरूरत नहीं हैं दो गाड़ियां बहुत होंगी
30:34अकपर से कहना त्यार है
30:37ठीके सर
30:50मेरा इंतजार नीचे करो
31:11लेकिन मालिक, ठीक है मालिक
31:20अरे कौन है आती हूं शाय तक बारवला आया है
31:39परिजाद भईया शाह जहाँ आपा अरे शाह जहाँ
31:50देखो तो जरह कौन है
31:52कमाल है यार तुम भी
31:54अरे
32:08जालें जानूँ
32:12बहुत ही बहुत शुक्रिया
32:18स्टाफ ने मुझे बताया था के
32:28दो-तीन साल पहले नौकरी छोड़ी ती तुम
32:32क्यों?
32:34बस यार
32:36काम करना मुश्किल होग है ता वहां पर
32:40छोड़नी बड़ी नौकरी मिलने वहां से
32:42मुझसे भी मिलने नहीं आगा इतने साल जाई में
32:48आजम से जार किया तेरा
32:52बस हैर वह नहीं आ सका नौकरी ऐसी थी ना
32:58चलो अच्छा ही किया
33:00और ऐसी तुम भी पुलीस की नदरों में आ जाते है
33:06चलो जो हुआ से हुआ बूल जाओ
33:12अब मेरे साथ नौकरी करेगा तू
33:14और मेरे साथ रहेगा मेरे घर में
33:18नहीं है
33:22मैं नहीं है
33:24मैं नहीं करपा हूंगा
33:26मैं यहां
33:30खुश हूँ बहुत
33:32सबसेट है
33:40अब काम भी नहीं करोगे में के साथ
33:44नहीं है
33:46तुने ना एक अलग दुनिया वसा लिए
33:50मैं नहीं करपा हूंगा
33:54मैं यहां
34:04मैं मेरे निकलने की ज्यादा खुश ही नहीं है
34:08अधालत में बाइजद बरी किया है
34:14मुद्रिम नहीं है
34:18मैं जानता हूं यह
34:20तुन मुद्रिम नहीं है
34:22लेकि तेरे ग्रिफतार होने के बाद ना
34:26बहुत तंके हैं पुलीस वालों
34:28इसलिए ना मैंने को नौकरी भी चोड़ दी
34:30और पहले की बात और थी
34:34पहले मैं अकेला था
34:36छड़ा था
34:38अब मेरी जिन्दगी में माही है
34:40मेरी
34:42मेरी बेटी है
34:46तिरसे यह सब मैं नहीं कर पा हूं
35:04थायर
35:08आज
35:10आज
35:12मेरे आज आने से वी तिरी बुर्सकुन जिन्दगी में
35:16वरीद मुश्किलात ना जाए
35:20ठीक सोचरे
35:24अधी मेरे यह मतलब
35:26अधी मेरे यह मतलब
35:28अधी
35:30अधी
35:32अधी
35:34अधी
35:36अधी
35:38परिदाथ भाई
35:40चाय तो पीते जाए
35:42बल्के मैं ऐसा करती हूं
35:48मैं खाना बनाती हूं
35:50भाई बहनों के हाँ जयादा दे टिका नहीं करते है
35:52भाई बहनों के हाँ जयादा दे टिका नहीं करते है
36:10साथमें फ्लोर पे
36:12अबाटमेंट सेवन है
36:14इसके काख़ात रच्छा भी
36:16काख़ तुम्हारे नाम
36:18लेकिन पर ही मैं यह नहीं लिए
36:20लेकिन पर ही मैं यह नहीं लिए
36:22यह मैं तुम्हें नहीं दे रहा
36:28यह बादा तुमसे उस पर इजाद में किया था
36:32जो सुपा तुम्हारे साथ बासियो उस्तुकी
36:34डुबलोटी का मैस्तर करके घर से निकलता था
36:42वह वाक याद होगा जो
36:50एक मार अपने दोस्त को गले नहीं लगोगी
37:04एक मार अपने दोस्कों गले नहीं लगोगी
37:13मुझे बाफ कर दो
37:34पूछ पनीजादों से ये हिजर कैसे छेला है
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