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  • 1 year ago
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00:00चे जगनात प्रबुदय लाला वक्त वत्स जग के संबाला
00:14निलाचल के नात दिशाला पतित पवन चारानी कृपाला
00:19चे हो जगनात भगवाना प्रेम सजपे जीन अग हर जाना
00:24शंख चक्र गद हस्त देरी दिवे रूप पतिते जे पुझे जारी
00:29सुबर वनबल भदरा संगी दर्शान देता भक्तब बंगी
00:34रथा जत्र का उत्सप प्यारा देखे जिसको बासिन दुतारा
00:39जे के पहला करुना माई सब पेकरो कृप सुख देए
00:44हरेर नाम जो है दुद बसावे दुख ड़ड सब दूर भाग वेवे
00:49कृष्णा रूप धरे जो प्यारा भिंडा वंकाना तक धारा
00:54दरका मैं राज किया था पुरुक्षित्रा मैं ग्यान दिया था
00:59चकरदारी सुदर्शन दारी माया के सब बंदन तारी
01:04तुर्सी चंदन भुष्प चदाए भक्त प्रीती से फूजन पाए
01:09सब जग जाप जगनत तेरा पाप खतावे नाम धारा
01:14भोग लगावे छपन भोग हरी रस पाए मन कारो
01:18चार ढम में मुख्या स्थान जग के मुचन तुम भगवान सेवक तेरो ना पूकारे प्रेंब हक्ति में आसु धारे
01:29कृष्णा रूप वासुदेव नंदन यमना ताट लीला अनपूद
01:33गोपी भक्ती जो तुमने ली रास रचाया मधर उडवानी
01:38जेवल बद्रस भद्रामे आतीन रूप में बैठे जाया
01:43चंदन मंदब निर्मल जोटी धर्शन पाके न अशे छोटी
01:48दिन दयाल हे बुकता सोगता तेरो ना माहा उपयोकता
01:53हरी ना मिजबत सब रोगी पाते मुक्ती मितात व्योगी
01:58जोन जाय कशी अतिरत राम वे जगन वे मितरात
02:03पूरी धन विशेश पावित्रा भग हर दे के भाव है मितरा
02:08चरन छुने को चाहत जीवन प्रेम से पेकर सुमिरन दिवां
02:13जै जै जगनत करी पालू प्रेम भगती से हो सब भूलू
02:18नरेर के रूप तुम हारे भेर पुरन गावें गुन प्यारे
02:23अजुब को दिया गीता ग्यान पुरक्षे प्रम किया काम दाना
02:28महाबरत में रूप दिखाया सरती बन कर धर्म बताया
02:33काली युग में नानाम तुहारा भावसा गर से पान कारा
02:38हरी नाम जो हर दयधारे मुक्षा पाए जनमत रहे
02:43जय हो जगे नात निराला करुना से बहरा हर दिवशाला
02:48जगनात का जो बर मांगे कोट जन के पाप न संगे
02:53अप जनों के सुप के दाता हरी नामे चूपिव बाता
02:58हरी नाम जगनाता तुम बिन कौन समर्थ गदाता
03:03दुख डड़ हरो सब के प्रभू भक्ती दो बस तुनको अरभू
03:08जो पढ़ है चलिसा तुमारी पाए भक्ती सोक संसारी
03:12जीवन के सब काम सबारे ब्राम रोप तुम सारा दारे
03:17चलिसा जग के नत की जपिए नंदरो भी मन में थपे
03:22भक्ती में जो ब्रीत लगावे जगना साब गुख बूफ बलावे
03:27जो यचलिसा शराद सिगावे भाव बंद सब दूर में तावे
03:35मित्या सुमिरना जो कर जाए जगना तुर पाव उस पर झाए
03:40राचा जगना