00:00जो आइ अए इसे बगोटें, जान भॉटे मुटे।
00:07नहीं सिंड़ भवहरो रहे हुआ हुआ है।
00:10नहीं सिंड़ भवहरो नहीं संदो नहीं ।
00:15जो के सुआ है 참mak better
00:19वih असींडहा आज हाई
00:23झाज़ है हुआ है
00:27भारित कर दो
00:30नच्चित करी जडें करें है करें
00:41और लड़ता है
01:11हाई ए रथ हा जारा क рад़ हो ओ dak
01:15कि अहिंग हो ए ग मैं त था सून्ग कृ मैं हो जिए को अ हई ए एफ हो जा हौ
01:32इताशी ग्रुट आप शाहर उनर है वोगेंगें भी जन्साइब एक जन्साइब कोई इस जाखवा तिये चाहर जाए मीड़ी जन्साइब बसाओ भाइगेंगेंगें इसमेंदे कोई।
02:02स्राहिप जार हो सिर्वाध रॉष वार्य संGER हो
02:08और मेरा त्मारे ए क्पार याट हो
02:13पेश्बॉट भाओं और शात पाल्यकिसित हो
02:21के ओडूप महार
02:25सन्राहि� pluggedीं
02:29कि यह लुटार्य मिलेंर राजन अधार बिला राजन घंटी तरी तंटर अधावे दोफेर दोफिए नहीं है
02:49कि आपकादा नहीं स्टाहिं कि दोगेजित रिचाम तायराम
02:54स्टाहं कि बने मुंश्रागण प्रमद्धे रच्प आपरे
02:58अधर्टेवारी अधर्शद्ध्यागों सरापति रच्छुद्ध अधर्श्द्ध आपकादा
03:06गक्तुमुक डिलेटर।
03:36अजय कर दो लिएए जो लुग में रखिए जो अजय को अजय को अजय को अजय को अजय को अजय है
04:06पर सब्सक्राइब।
04:36कि विवस्ता की बात करी है तो विवस्ता क्रेशिये साथ है बहुत संदर विवस्ता है कोई दिक्कत नीवी कोई परिषानी नीवी हम लगों को आराम से अभिशेक के दर्शन होगा है आप बोदेगे जन्मार्व बनाई आती है राधा अस्टमी बर्साना में औराव होगा है �
05:06दर्शन बहुत अच्छे देंगे अभिशेके और विवस्ता को बहुत अच्छे लगी है आज आनंद स्वरों को स्रीक्रिष्न की अल्हा दिनी सक्थी स्रीक्रिष्न को आनंद प्रदान करने वाली है
05:22प्रागत्यस्तान है जब प्रातकाल विशवानु बाबा जमुना जी में सनान करने के लिए गये हैं यहीं जमुना जी में एक मिसाल कवल के उपर एक छोटी सी कन्या लेटी वहीं
05:43करणों करणों पद्मराग मणी की छटा को तिरस्कृत करने वाली है उसकी अंग कांती अध्वुत सोभा जै ऐसी सोभा प्रिभूबन में कहीं जब विशवानु बाबा ने देखा तब आकास पानी हुई है जो आत्या सक्ति हैं जो स्रीक्रिष्न से अभिन्य हैं नित्य है
06:13करने के लिए और तब दुश्रवानु बाबा अपने भवन में लेकर के आया है और भवन में भूख राम से उस्सब मनाया गया हुआ हुआ है जी मैं रश्मी अक्रवल्म एंपी से आई हूं और गुरुदेव सब्सक्रिष्ण के साथ या उस्रीधी के बाद आश्क्रिष्
06:43और अभी तक तो मैं मतलब वीडियो में देखा था आज जब करके देखा तो आनंदिकी जैसे बर्सात हो रही है ऐसा लग रहा है कि मेरे मतलब पूरा रॉमान से सबीर ऐसा बर रहा है कि साक्षवाट सबीर में कोई सब्सक्रिष्ण के नहीं है मेरे पास करने को और अभी �