00:00हमें एक दुसरे से तकनाव नहीं करना चाहिए, हमें हाच मिला कर एक साथ काम करना चाहिए
00:06चैनल में अभी कम से कम बंदा विशु विट्याले में हिंदी सिखाई जाती है
00:10चैनल में लगपक मेरे ख्याल से 200-300 स्टुडेंट्स हिंदी सिख रहे हैं
00:16हमारे तोनों के वियापारीक से योग भी बहुत जयाता है
00:20बहुत विसंभावना भी है
00:23जैसे कई साल पहले है जिन आप भारत के वियापारीक
00:27वियापार तो शायद हर साल लगपक 100 दोलर
00:32एक 100 अरब दोलरी रहा है
00:36नमस्ते में मेरा हिंदी नाम अंजली है और चानीज नाम जांशाओ
00:41मैं चैनल मीडिया ग्रूम्प हिंदी सेवा से हूँ
00:44जिस तरीपिय से हिंदी सेवा के आप में बात रही है
00:47अभी हिंदी किती पॉपलर हो रही है चाहिना में उसके बारे में थोड़ा अगर
00:51हाँ चैनल में अभी कम से कम बंदा विशु विडिया ने में हिंदी सिखाई जाती है
00:57चैनल में लगपक मेरे ख्याल से तोसो या तिंसो स्ट्डेंस हिंदी सिख रहे हैं
01:02अभी ब्रेजिंशी और प्राम मिनिस्टर मोदी प्रामिशी मोदी की
01:08मुलाकात हुई
01:11कैसे रिखती हैं कितना इंपोर्टेंट है चैनला के लिए यह मुलाकात और दोनों देशों की रिश्टर को आप कैसे तो चैनल से तो जिन भारत क्योंकि हम ब्रोसी तेश हैं
01:21और हम तो तुनिया के परमुख विकास शील तेश और तो बड़ी अरत वेफस्ताइब ही है
01:29तो हमारे तोनों के विया पारिक से योग भी बहुत ज्यादा है बहुत संभावना भी है तो जैसे कई साल पहले चिन आर भारत के विया पारिक विया पारत तो शायद हर साल लगपक एकसो दोलर एकसो अरब दोलर रहा है
01:50तो इसलिए शायद बहुत संभावना होगा इसलिए हमा हमें एक दुशे से तगनाव नहीं करना चाहिए हमें हाट मिला कर एकसा काम करना चाहिए
02:01अर आगे की रिष्टे आप कैसे डेख रहे हैं कि क्या ऐसे पहलू है यह सेक्टर्स हैं जिस पे दोनों देश कोलाबरेट कर सकते हैं
02:09मैरे खैल से तो और चींगी हाई चकनिक श्याद अलया में च्यादएटे में इसके बारे में इसके पारे में भी ज्यादा सिय ज कर सकते हैं
02:23स्टेशर मेरा रहुवा और स्चेयन को रहुरा है और चाईन हजे से इन ही
02:38और इसे ओता हुटॉ
03:07अगर है तो शायद बात में यादा याद की समस्या भी नहीं होगा
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