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बिहार चुनाव 2025 की चुनावी जंग में इस बार हमारे साथ हैं RJD नेत्री और पूर्व विधायक समता देवी। इस एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में समता देवी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत, मां भगवती देवी से मिली प्रेरणा और बिहार की दलित राजनीति की असलियत को खुलेपन से साझा किया। वह बताती हैं कि किस तरह मजदूर परिवार से निकलकर और मां की सामाजिक लड़ाइयों के अनुभव के साथ उन्होंने राजनीति में जगह बनाई।
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00:00नमस्कार, आज हम बिहार के 12 चट्टी विधान सवाद छेत्र में पहुंचे हैं जो की गया जिले में पढ़ता है और अज हमारे साथ राज़त नेत्री और यहां से विधाय करहे चुकी सम्ता देवी जी हैं
00:09जिन से आज हम बात करेंगे उनकी कहानी और राजनीति के बारे में साथ ही बिहार के मौज़ुदा हाला के बारे में साथ ही 12 चरिती में क्या मुद्डर्थ है और इस वर्चुनाब का क्या महौले, इस सम्मन में
00:19तो सम्ता जी आपका तो सबसे पहले स्वागत है, सबसे पहले सुरू से सुरू करते हैं, आप ती राजनीतिक सफ़र कहा से सुरू ही, राजनीति में कैसे आना हुआ, सबसे पहले आपको भी चैनल के भगों धन्यवा देते हैं, राजनीतिक तो खेर कहिए कि हम लोको राजनी
00:49जो भी हैं सवियं भागवान है या माता पिता आपी लोग ने बोले अलब ठीक है जब टिकट की बारी आई तो उन्होंने टिकट मांगने नहीं गये थे पेपर में निकला हुआ था कि टिकट मिलने का समवना पूत्री एवां पूत्र के हमारे सासुर जी आए तो कहे कि आपक
01:19तो उसमें ठीखाओव पुत्री एवां फुत्र टिकट मेने का समामनाद यह तो आपकी नमार है एक कि हमको टिकट कैसे में लेग आपकी मुलाका तो समय तक हुई थी डालो जी के लिए पहले वह थी इए कैसे टिकट में हो तो उत्राधी कारी बेटा होता बेटी तो होती नह
01:49कि आप आयों तो हम कहीं गए हुए थे पटना गए जितना जल्लिवस जाके साहब से मिले ठीक है मिले तो गया है साहब से मिले बुले पराम समाम होगा तो बने चुनाव लड़ेंगी हमसे चुनाव कैसे लड़ेंगे हम तो कभी छेतर में गए भी नहीं हैं और कभी यह नु�
02:19है ठीक है से जो हम तुमको टीकर देंगे चुनाव लामार वही टीकर दिये और देने एक बाद है दो जातीन का उचुनाव की बात है चौनाव में हाँ मैना बिधाय कर रहे हैं समझे कि मेरे लिए लालु जी भागवान है हम तो सचाध भागवान को देखें नहीं मगे सचा�
02:49पकाँ हेमे कर दोजर पांच कर दोजर पांच में हुए टेकट उंनों नुन दिया चुनाव में रहे थे हैं मार्च में कहीं चुनायोग मेरे पास आ गया थे जिंशा में जाना चे लाई बारं शुआर्न उतारने का मिरे हुड चुनायोग
03:19क्यों बोड़ देते किस कारण से बोड़ देते हैं अच्छा इसा भी होगा मारमार के मेरे कर्च करता है यह बैटे गए बोड़र के मारमार के भागाए कि आप लाल टेन को भोट नहीं दीजिए अब वीजेपी के भोड़ दीए बोडर का फुर्स जो आए हुए थे उस बकर �
03:49विजेखे फ़रों का लाहर था वह परिवार्तां का की सेटिंग का लाहर था दो हाइर दासर सेंटी चल रहा है उस बकर भी हार है फिर उसके बादे दो हज़ार पंद्रां में चुनाव लड़े उस बकर जीते हैं और 2020 ने चुनाव लड़े वी तो जीतन नाम जाब किसी त
04:19चेतर की बात कर रहे हैं आप कोई किसी तरह की समस्या और जो अभी वी लोगों तक नहीं पहुच पाइज इसकी बहुत जरूरत हो डेखिए समस्या तो बहुत है यह ची आप कहना चाहते हैं कि यहां का सबसे जादा हमारे जितारा मांढ़े रहे हैं उनका संधिन रहे हैं अ�
04:49आपने केंद्र मंत्रिय जो बिकास होना चाहिए गया जिला के उस तरह सो उन्होंने बिकास नहीं किये कहा कमी रगे क्या नहीं हुआ आप जाए तो रोड का जो भी कास भी नहीं हो सिचाए के वेवस्ता नहीं है यह बिजली जो बिजली आप देख रहे है यह 17 महिना में हमार
05:19कि मांजी भी काम नहीं किए जो करना चाहिए एक भी काम नहीं काम नहीं करता है किस तरह कारोब
05:46जाहिए यहां करना चाहिए यहां के लोग है कि बारबर अपना ुप करना चाहिए मेडिया करना चाहिए
06:10झालो स्धाइन हम लोग से किया जाता है जो हम लोग क्षरकार में नहीं है नहीं deve हैं हमारे पड़ पर बर वर रूप लगाया
06:18जाता है हम आपके परीवार प्रते आपने आप मा के साथ रहती थी काफी बभरा ने नाम में आपकेान आपक typically महगवति देवी उनके साथ है
06:24परिवारीक महाल कैसा था देखिए परिवारीक महाल हम लोग कर ठीक है अपना अपना अपना जगा अधीकार की लड़ाई है
06:45मोलोग और लुट आजूंता है। Lead युझा हो कोई फरी वारी को उनको इसा कोई समय कोई छुंहाँ वग हूं करोब।
06:57विश्nisse लिए निदय स्ट अलग अभात की नीति सीधान्त है।
07:11कहिए लालुजी के अलग निती सिधान्त है लाग भी उनको को सिज किया समांत लोग जुकाने के लालुजी नहीं जुके उनका अलग लड़ाई है चाहते हैं कि अगर हम जिस दिन अगर हम जूख जाएंगे पूदिन दलीत पिछला अलब संक्या कहा कदिकर चीने का काम करें �
07:41उनहों पाधल तोड़ने की काम करती थी और पथल तोड़़ते तोड़ते अपना अधिकार के लिए लड़ाय लाने थी उस में प्यारे सिंह उपना बरमाजी ए सारे नेता लोग ज Capuborg अपना हर गहों में मिटिंग
08:07में मिटिंग लडाई उसे लड़ते थे उसी रास्ते से घुजा रहे थे तो देखे कि भाई इसे आज के जुग में महरा तो बहुत कम निकलती आज भी अपना अधिकार के लिए डंटा उठाई ये मारने के लिए अगर आज हमको मैजूरिय नहीं दीजिएगा तो हमारा बाल
08:37पहार के निचे आज जी देखे हूंगा की टूटा हुआ पहार है तो उसी रास्ते से जा रहा है थे तो वही देखे तो लोहिया जी वो रहे रही कौन महला हां चली हम महला से बाचित करते हैं तो उन्होंने गये मेरी माँ से बाचित किये बाचित करने के बाद में फिर बो
09:07आप चुनावा लड़ाना चाहते हैं तो बोले राजनीति मुंका ऐसे आगमन में पिर आगे तो सब जानते हैं विधान सवा का चुना फिर सांसद जित्त अभी की बात करें अभी महाल बना हुआ है जो राहूल गांधी भी विहार में ते जस्वियाद अभी यात्रा कर रहा
09:37तो यह जो वोट्चोरी कारूप लगा रहे हैं उस पर आप क्या कहना चाहेंगे देखिए बात तो सही है कि वोट्चोरी हाकिकत की बात है जो सचाई है यह कोई कहने की बात गलत नहीं है हाकिकत है हमारे चेतर में ऐसा हुआ था कि फर्स टाइम में जो नाम सुधाने के बात �
10:07अब बोट लेने के बात करते हैं आराचंद करो
10:37अब दूसरा है कि बोटर के पास जहां जाना चाहिए जो बोट देता है जो बड़े लोग के पास जाते हैं गरीब कार्मी के पास कभी नहीं गए नहीं जाते हैं जात का नाम सियार जीते आए अभी तर ठीक है धन्यवाद तो दोस्तों यह थी हमारे साथ राजद नेत्री �
11:07हुँ पुँ

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