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  • 1 year ago
Jinn Ki Shadi Unki Shadi Ep. 7 is now live on our channel The drama Buzz if you want to watch all the upcoming episodes of Jinn Ki Shadi Unki Shadi then keep us on the list we will soon upload more episodes but for now enjoy the fourth episode.

Cast : Wahaj Ali, Sehar Khan, Arslan Naseer, Romaisa Khan, Sidra Niazi, Laiba Butt, Syed Jibran, Irfan Motiwala, Nadia Afgan, Tamkenat Mansoor, Arbaaz Khan, Asif Khan, Nabeel Ahson
Transcript
00:01The stage is set for the GOLA NEXT presents
00:05Kashmir 10th Hum Awards
00:07powered by Leather Galleria
00:10Luxury Leather Furniture
00:12Saturday 11th October 2025
00:15at the NRG Arena, Houston, Texas
00:19Be there for your favourite stars
00:22Mahira Khan
00:24Adnan Siddiqui
00:27Bushran Sari
00:30Tajal Ali
00:32Faisal Qureshi
00:35Thania Amir
00:37Bilal Abbas Khan
00:40Sala Khan
00:42Imran Ashraf
00:45Sonia Hussain
00:48Ahaz Raza Meir
00:51Sanam Saeed
00:52and Mohit Mirza
00:54Moabra Hussain
00:56and many more
00:58One stage
01:00One night
01:01and spectacular celebration
01:04To get a group discount
01:06Book your tickets now
01:08log on to www.hum.tv
01:11or www.ticketmaster.com
01:15For sponsorships contact
01:17Mr. Naveed Alam
01:18Hum Network Limited
01:20and Mr. Naveed Alam
01:22and Mr. Naveed Alam
01:23and Mr. Naveed Alam
01:25Thank you very much
01:28Mr. Naveed Alam
01:29प्रिफता करने
01:41अरे इंस्पेक्टर साफ ये शफ जुड बोल रहे हमने तो देख रही निए इसको कभी
01:45इसी बेकसूर को खाम्खा सजा नहीं मिलनी चाहिए
01:47देखर इंस्पेक्टर साफ उन्हें कहा था ना
01:51मैंने कहा ताम बेकसूर
01:52मैं आपकी नहीं, उनकी बात कर रही हूँ
01:54यह खाना कैसे आया?
02:00मैंने बंगा आया
02:01नाशते में क्या पसंद है? क्या खाएंगे?
02:03अरे बहुत नहीं यार, इतना तकलूफ मत करो, शबाकी शर्मिंदगी हो रही है
02:07और खुशी को खुशी हो रही है
02:09क्या आपको मेरे हाथ का खाना इतना पसंद आ रहा है
02:12इंस्पेक्टर साथ, वो मेरे शोहर नहीं मिल रहे
02:14अब क्या हो गया मतरमा?
02:16मेरे शोहर घर में नहीं मिल रहे इंस्पेक्टर साथ
02:18अजी उठो बेटा
02:37कर दो कर दो
03:07कि अचान कि यू सो रहे हैं?
03:21बहोश कहसे हो सकता है कले में तावीज हैन है इसके ये बाते बात में हो सकती हैं असद भी उठाजाकर
03:29ये एकेरा किस तरह उठाओंगा वो इतना भारी है
03:32अब जगेस आचा जल्दी से आए
03:37असब जुबा हो गई है प्लीज डॉक्टर को फॉन करो मेरा दिल बैठा जा रहा है
03:43यार मैंने तो मुग के ओपर पानी की चंडे भी मार दी है
03:47हाथ से भी चंडे फेर दी है
03:49इतना जिन्जोड भी दिया ये कैसी भी होशी है जो खतम ही नहीं हो रही
03:52इससे लिए तो कह रही हूँ डॉक्टर को कॉल करो
03:55क्या पता गिरते वे सिड़ी से टकरा गया और सर पे चोट लगी हो
03:58पुझे लगता हमें एंबुलेंस को बुलाना चाहिए
04:22मैं मैं यहां तक कैसे पहुँचा
04:25अली तुम हमें बेहोश मिले थे
04:29सीड़ी उपर पड़े थे हम उठा कर लाएं तुम्हें यहां पर
04:32तुम ठीक हो
04:34भाई
04:35मैंने अबबाचान को देखा
04:38अबबाचान?
04:41मैंने खाप में देखा कि
04:43मुझे अबबाचान की आवाज आई जैसे वो मुझे
04:46मीन से जगा रहे हूँ
04:49जब मैं उठा तो मैं देखा कि अबबाचान
04:52महां पर दर्वासे के बाहर खड़े वे
04:55यह तुम्हारी कमरी के दर्वासे पर?
04:59जी बाबी
05:00भाई फिर उनने मुझे बाहर निकलने का इशारा किया
05:06रहे हैं के पीछे बाहर गया है
05:08और वो सीधा मुझे उसी कमरे के बाहर ले गए
05:11वो बंद कमरा जो किचिन से सीड़ियां उतर के सामने है वो अला?
05:16जी बाई
05:16जैसे
05:18मुझे कुछ पताना चाहरे हूं लेकिन
05:21मुझे उनकी आवास सुनाई नहीं दे रही थी भाई
05:25बोल रहे थे लेकिन तोहें आवास नहीं आरी थी
05:30अबाजान म्यूट पर थे?
05:35तानी भाई
05:36लेकि मुझे उनकी अलफास सुनाई नहीं दे रही था
05:39फिर वो अचानक उस कम्रे का दर्माजा खुली बगहर उस कम्रे में दाखिल हुए
05:46मुझे जूर का चक्कर आया और मैं गिर के बिहोश हुए
05:50उन्हें जूरूर कोई ड्राउना खौब देखा है यार
05:53ड्राउना खौब?
05:56हाँ अबाजान ड्राउने तो थे
05:59अगर यह खाव था तो फिर मैं आप लोगों को महां सीवेँ मां भेहश बड़ावा कैसे मैं?
06:24ममा, मैं जब बहर से वीडियो शूर करके आप देखा हुए
06:27क्या हुआ?
06:28यह दिखो.
06:32यह तो आली की हवेली की पिचर है.
06:35जी हाँ.
06:38इस आर्टिकल में इस हवेली की हिस्ट्री बताई जा रही है
06:41कि यह कुछ तग्रीबन 200 साल वरानी हवेली है.
06:44लेकिन तुम इसकी हेडिंग पर वार करो.
06:47इस अवेली कभी भी बस नहीं सकी और ना इसमें कोई बस सका है.
06:53या तो इसमें बसने वाले लोग गुरसरा तरीके से घाइब हो जाते हैं या पर माले जाते हैं.
06:59देखा, मैंने आपको कहा था मैं कि यह जगह हॉंटेड है, अब यकीन ही नहीं कहनी थी मेरा.
07:04और आर्टिकल में यह भी लिखावा है कि अफस्युद्दीन साहब इस हवेली में तकरीबन कोई सतर असी साल पहरे रहाश पजी थे और उनके वालत खैरुद्दीन साहब ने यह हवेली कंस्ट्रक्ट करवाई थी अंग्रेजों के जमाने में.
07:16बहुत ही कोई अस्रो रसूक वाले इनसान थे. तालुकात थे उनके अंग्रेजों जमीन अलॉट करती हैं. लेकिन? लेकिन क्या? यह देखो. हवेली से पहले इस जमीन के ओपर एक कच्छा मकान होता था जो के विलिजर्जर्ज यह कहते हैं गाउं वाले के आसेप सता था.
07:46अली? जी बाई. क्या हो गया यार? जल्दी उटके थोड़ा और रेस्ट कर लेते हैं. बाई, आपको कभी ख्याल नहीं आए कि हमें इस कमरे को खोल के देखना चाहिए. क्या जरूरत है यार अली? जारा ठीक ही कहती है ना. जितना इस्तमाल में है उतना ही घर यूज किया �
08:16चंगेश चाचा पे बहुत लोड. लेकिन यार कोई तो वज़ा होगी इस कमरे के बंदोने की. और भावी बता रही थी कि जब आप लोग इस घर में आये, इस घर के सारे कमरे खोले वे थे. सिर्फ यही कमरे बंद था. और इस कमरे की चाबी गुच्छे में भी नहीं थी.
08:46मैं कुछ आर्स करूं सरकार? जी जंगेश चाचा बोलें. बड़े सरकार जब बिल्कुल तना होते थे, एक डायरी लिखा करते थे. मैंने उनको कभी किसी के सामने डायरी लिखते नहीं देखा. वो तो मैं अक्सर खिदमत के लिए उनके कमरे में दस्तक दिये बगार चला �
09:16लेकिन हमें तो उनके कमरे में कोई डायरी नहीं मिले. क्यों भाई?
09:22सच पूछो तो हम तो इतनी जल्दी में यहां पर आये हैं. दियान भी नहीं दिया. बस कपड़े डाले बैग में औरे सवेली में आ गया है. अबबाजी का कमरा तो जूंका तूं वैसा ही है.
09:35लगता है मुझे इसलामबाद वोले घर पर जाके देखना पड़ेगा. जिदर भी जाना है चले रहो यार. मैं तो जारा को यहां अगेला छोड़के आफिस भी नहीं जा सकता. वो कह रही कि जब जॉब करनी ही नहीं है तो क्या जूरूत है आफिस जाने की. एक मिनिट नह
10:05हमें इस हवीली के बारे में जानना पड़ेगा. पता नहीं अबबा ने.
10:10मुबारकों, तारीख तेह हो गई. तुम तो दो दिन बाद आने वाली थी. एकी दिन में क्यों है?
10:38तुम्हारी याद आ रही थी. इसलिए जद्धी चली आई.
10:44कौनसी तारीख तेह हुई है?
10:46अगले में इने की छे तारीख. अभी पंदरा दिन है हमारे पास.
10:51पहले तो हाफ़ते का कह रहे थे. अब पंदरा दिन क्यों?
10:55वो कबीले के सरदार हैं. अब उनसे क्या बहस करनी? जैसे कहेंगे वैसे करना होगा.
11:06किये देखो, मैं क्या लाई हैं?
11:10ये क्या है?
11:11जाजिम की माने किफ्ट दिया है. बाराम बिच्छों के जहर से बना असली देसी आजमूदा जहर.
11:19वो बुद्धा को भी 24 गंटे पढ़ पढ़ कर इतर उतर पूंगता रहता है.
11:24सारे रास्ते बंद कर दी. कुछ कारी नहीं पाता मैं.
11:29अब तुम्हें कुछ करने की जरूरत नहीं है.
11:33अब जो भी करूंगी, मैं करूंगी.
11:39आज रात इनके खाने में ये जहर मिला दूंगी.
11:44सुबह सब के सब मुर्ता पाए जाएंगे.
11:47एक साथ सब का काम तमाम.
11:59क्या हो गया है मुझे?
12:01हर वक्त उनके बारे में ही सोचती रहती हूं.
12:05क्या वो भी मेरे बारे में ऐसे ही सोचते हूंगे?
12:09हम होश भी है खो चुके अपनी खता भी तो नहीं
12:20हम जल रहे है इश्क में
12:25उनको पता भी तो नहीं
12:29जाने दे या ना जाने दे
12:32जो भी हुआ है दिल पे सिता
12:42असत तुमने जबसे जॉब छोड़ी है तुम कुछ जादा लीजी नहीं हो गए
12:48नहीं तो और क्या करूं मैं
12:50इस हवेली के अंदर बाकी जिनों की तरह मैं भी गूंगना शुरू कर दूं
12:53बताओ मुझे
12:54अच्छा तुम अपना मूट क्यों आफ कर रहे हो
12:57सुनो मुझे तुमसे बहुत जरूरी बात करनी है
13:01जी वो तो अंदाजा हो रहे हैं मुझे
13:03करे
13:04मैं सोच रही थी के नादिया और उसकी अम्मी को खाने पे बुला लेते हैं
13:07मेरे अबा जानना है यह तावीजों की कोई फैक्टरी लगाके नहीं गए थे
13:13उनके लिए कहां से लाएंगे हम दो तावीज
13:15तो फिर ऐसा करते हैं कि हम उनके घर खाने पर चले जाते हैं
13:18यान मुझे ये बताओ
13:20कि उनके साथ खाना खाने की इतनी क्या मौत पड़ रही हमें
13:24अली के रिष्टे की बात नहीं चलानी
13:27लाहौल वला खुगात
13:30उन नादिया से
13:32कम ओन यान मेरा भाई अब इतना भी क्या गुजरा नहीं
13:35असद मुझे समझ नहीं आता कि आपको आखिर उस लड़की से प्रॉब्लम क्या है
13:39अच्छे खासी लड़की है प्यारी है अच्छे घर से है
13:44तोड़ी बहुत खिसकी भी बातें करती है मगर वो तो कभी-कभी हर इंसान करता है ना
13:49ना अदिया कि हमी मान जाएंगी क्या वह तुम मच पर छोड़ दो
13:56कैट करता है
14:12तोड़े लाएंगी वही हमीन
14:18करते है
14:20करते है
14:21करते है
14:22करते है
14:24करते है
14:25दिमी दिमी सी हसी
14:38शायद वो सुन ले कभी
14:43पर ये मिले ना मिले
14:48आज रे आज अभी
14:52वो जाने के नंजाने है
14:57ये बेरुखी भूलेंगे ना हम
15:02हो रख ले अखियों की लाज वो
15:08रख ले कुछ तो भरम
15:18कहा हो यार? तुम तो गाया भी हो गए हो
15:21ये यार वीडियो कॉल कर रही हो
15:23पता तो है तुम्हें सिंग्नल्स नहीं आते अवेली में
15:26वही तो तुम अवेली से बाहर जाके मुझे कॉल नहीं कर सकते थे
15:29बस अपने मस्तों में फसा बाता हो
15:31मिलो की तो बताऊंगा
15:33मुझे भी तुम्हें बहुत इंट्रस्टिंग इंफॉमिशन देनी है
15:36हावेली के बारे में
15:38कौन सी हावेली?
15:40तुम मिलो ना मैं तुम्हे साई डीटेल्स बताती हूँ
15:42अच्छा लिसन में एफ 10 वाले खर जानो आँ
15:44अच्छा लिखर जानो महा पहुंचके तो मैं लोकेशन शेयर करता हूँ
15:46महा जाना
15:47ठीक है?
15:48ठीक है
15:49अच्छा सुनू
15:50आहिंदाब
15:51मुझे से परिशान नी करवाना
15:52ठीक है?
15:53हाँ बाबा नहीं करता अच्छा सुनू मुझे ड्राइफ करने दो
15:56ओके बाई
16:14अच्छा सुनू
16:32झालchéं जड़रे टेैंडान आटाल
16:36प्याओंगई को तो प्याएम
16:39अभर अवर्भेड़
16:41कि अभर इस करेंश है
16:46कि अभर आटार आटार
16:49पर लूंग अभर आटार
16:51आटार हुआए
16:54अभर आटार
16:56इससार पाली आटाएम
16:59वाट जमाट प्याट
17:02झाल झाल झाल
17:32मैं हूँ अन्सुनी एक ऐसी तासता
17:58मेरा है ये जहाँ फिर भी हूँ ला मकाँ
18:05कुछ तो है तेरी और मेरे दिर्मियाँ
18:12मैं तेरी पास हूँ तो भोया है काँ
18:18खावशी आए ये मेरी जुछ कह रही है तुम से
18:26क्यों तो सम्झे न मेरबात
18:30हुई झाल
18:44क्या और बार
19:00कर दो कर दो
19:30मेरे वालिद वसीर अद्दीन बहुत अल्लावाले आदमी थे अबाज़त गुजार और अल्ला के बहुत करीब
19:45मैंने उन्हें कभी कजा नमाज पढ़ते नहीं देखा किनके उन्हें की नमाज कभी छूटी ही नहीं थी
19:54हम सब एक छट के नीचे उस हवेली में रहते से हवेली में हर वक्त हंसी और कह कहें पूईते थे
20:04लेकिन फिर एक दिन हमारे खुशिं को निसर लग गई आजर आज़ाद हो गया ना जाने किस तरह वो तस्वी ठूट गई
20:14फिर हमारे हवेली हाथसों का शिकार होने लगी बीमारियां फूट पड़ी बच्छे जहरोखानी से मरने लगे
20:23हम किस किस को बचाते हमारे पास सिर्फ चार तावीश थे ये तावीश जादाने बनाए थे और वो ही बना सकते थे
20:34कमबख्त घराना है ये जिन्नों का हर दफ़ा हम उन्हें कैद करते हैं और हर पीड़ी में वो किसी न किसी तरह आज़ाद हो जाते हैं
20:53यार हा नादिया अली यार तुमने मुझे बताद पिन लोकेशन ही बेजी है ओ सारी मैं भूल गया था बल्के एक काम करो ना कहीं बहार ही मिलते हैं ठीक है आज़ाओ फिर उसी रेस्टरान पर वहां ओके मैं आ रहा ह।
21:21मुल करो मुल करते हैं
21:51जी, आपको किसे मिल ला है?
22:00मैं नादे की मामा हूँ.
22:02अँटी?
22:03हाँ, आप यहाँ?
22:04हाँ, वो.
22:05नादे ने मुझे बताया था, हावेली में सिगनल्स के इस्जूस हैं.
22:08तो मुझे समझ में नहीं आ रहे था, मैं राप्ता कैसे करूं?
22:11इसले में आ गई?
22:11हाँ, हाँ, हाँ, हाँ.
22:15आदी, आएं जरा बाहर चल के बात करूं.
22:17या है?
22:17आप कैसे आएं?
22:18तो गाड़ी में बात करते हैं.
22:19व्यों गाड़ी में क्या बात करने हैं?
22:21तो बताती हूं ना, चले तू सही.
22:22कैस पर आजो.
22:23दिल का है ये बनजारापन
22:40दिल है कहीं और कहीं धरकन
22:45मेरा नहीं बनता तू ना बन पर अपना ही बन तू अज़ाराण
22:55यह तुम्हें ड़ लगया है, तूम्हें चुपा रहे होना.
22:58क्या बात करने हैं, बताओ.
23:00इतन दूरी बताओंगी, अंधर चलो.
23:02सब बताती हूं तूम्हें मैं.
23:04अर तूम्हाई कैसे हो?
23:07ममा तू गाली लेके गई हूई थी, पता नहीं कहां से लेकी अचानक, तूम्हें तू खुदाए हो.
23:11यहां रोग तू?
23:12यहां बस रोग दे, रोग दे, रोग दे, रोग दे.
23:15चले.
23:16लेकिन बेटा.
23:17हां हां, आहीं तो सही.
23:19लेकिन जारा, यहां जंगल में क्यों, क्योंके लेकिना कितनी प्यारी जगा है, यह सब कितना अच्छा लग रहा है?
23:26हां, बहुत अच्छा लग रहा है, लेकिन हम यहां पर क्यों आएंएं?
23:30ठोड़े ले इन बातों को, और सुनाएं.
23:33क्या सुना हूँ?
23:34कि आप इस तरह यहां अचानक खेरियत?
23:39हां.
23:40असले बाग यह है, नादिया जोना है, मेरी अखलौती बिटी है.
23:45I'm a single parent, और मुझसे कोई भी बात नहीं चुपाती है, और मुझसे बता है.
23:49मुझसे पता है.
23:50नादिया ने मुझसे बताया था कि आपका और उसका friend zone है पका वाला.
23:54हां.
23:55तो इसका मतलब है, तो मैं इस बात से कोई problem नहीं कि मुझसे पता है?
23:59नहीं, नहीं आउटी, मुझसे क्यों problem होगी?
24:02आपने तो मेरा काम आसान कर दिया.
24:04देखो जारा, मैं एक journalist हूँ.
24:20नहीं तो ठीक है आउटी, लेकिन आप अभी ये बात सब को क्यों बताना चाहती है?
24:25देखो, लोगों को पता चलना चाहिए दोनों के बारे में, इस हवेली के बारे में.
24:30नहीं नहीं आउटी, आपको पता है, असद को शो मारना बिल्कुल पसंद नहीं है.
24:35लोगो है, था भारा कि हैं, हम तो ये रिष्टा भी बहुत साद़गी से करना जाते हैं,
24:38रिष्टा? कौनसा रिष्टा?
24:42हाँ, आप नादिया और अली बात नहीं कर रही थी?
24:50नहीं, मैं तो हवेली के जिनाप की बात कर रही हूँ.
24:55क्या?
24:57नादिया ने आपको बता दिया?
24:59हमने उसको कितनी सक्ती समना किया था कि वो किसी को ये बात नाम बताए
25:03आप देख आउटी, हम इस बात की तरशीर बहुकुल नहीं कर सकते
25:07इस तरह तो हमारी हवेली के प्राइस गिर जाएगी और हम कहीं केरी रहेंगे
25:11ओ, इसका मतलब है कि ये बात सच है
25:16इस हवेली में वाकरी जिननात है तो मुझे इसलिए यहां पे लाई हो ना
25:19क्योंकि मैं तावीज के बगार अंदर नहीं जा सकती
25:22आउटी, आप आप आप आइस्ता बोले और प्लीज कुदा के लिए इस बात की तशीर ना करें
25:27प्लीज, लेकि जारा तुम जारा सोचो सही, तॉप स्टोरी होगी, ये मेरी तॉप स्टोरी यूँ अख्मार में बड़ी-बड़ी लाल सुर्गिया लगेंगी
25:35चिननात से मारी जी हवेली
25:37नहीं नहीं आउटी
25:39नहीं? लेकिम क्यों?
25:41लेकिम क्यों?
25:45ये देखो
25:47तुम्हारी हवेली पर पूरा आर्टिकल लिखा हूए
25:49पूरा आर्टिकल है मिसमारी हवेली पर वो
25:54अली
25:55जारा पर कुछ कह रही थी
25:58क्या कह रही थी?
26:01मैंतर
26:02कहनी रही थी
26:04पूछ रही थी
26:06आगे भी तो बोलो what was asked
26:08मैं तुम्हारी कैसी दोस्त हूं, ग्रीन जोन वाली या रेड जोन वाली
26:16रेड जोन, ग्रीन जोन, ये कहुंसे जोन होते हैं भाई, मुझे तो बस बफर जोन का पता है
26:23मेरे चशा रहते थे वहाँ पे, यूके जाने से पहले कराची में
26:26तुम्हें नहीं पता?
26:29Buddha, मैं समझाती हूं
26:32जैसे friendship zone होता है, relationship zone होता है, situation shape zone होता है
26:38आसे green, red
26:41green zone friendship के लिए और red
26:46love के लिए
26:48तुम्हें ने क्ज़ए कहा?
26:51जैसी मैंने उनको green बताया
26:53तके मैं उस्ते हैं व्ग्यानि मुझे कह वागता है?
26:56मुझे लगते है कि हमारा नहीं Green Zone है, नहीं Right Zone है
27:01हमारा है Orange Zone
27:03Orange Train होती है, जोन नहीं
27:05तुमें नहीं पता हम Girls में ऐसे होता है, okay?
27:10Orange Zone है
27:11अच्छा चौड़ो, ये काफी dots किनेक कर लिया है, मैंने
27:16हमारी हवेरी के बारे में है
27:18हाँ, तुमें मुझे बताओ, क्या पता चला?
27:25बताओंगा
27:26अली प्लीज बताओ ना पिर तुम हवेली चले जाते हो
27:30फिर वह रापता नहीं हो पाता, मुझे तुमसे तनी सारी बाते करनी है, प्लीज
27:33प्लीज
27:37ओक्या
27:39तेको जारा, मैंने इस अवेली पर रिसर्च की है
27:45यह जिननाद जो है ना तकरीबन दूसो साल पुराने है
27:48और तब से इनोंने इस अवेली के ओपर कब्जा किया हुआ है
27:51तो है खाल में यह असानी से छोड़ देंगे यह अवेली
27:54लेकिन आउटी, हम कोशिश तो करेंगे ना
27:57हमारे मैंस इसके लावा क्या चाहरा है आपको पता ना कि हमारे सर्वाइवल इस पर डिपेंड करता है
28:02समझते की कोशिश करें ना
28:04मुझे कैसे पता होगा, मुझे तो कुछ पता ही नहीं है
28:06यही तो मैं जानना चाहते हूं कि क्या कहानी है, कहां से शुरू ही है
28:10आउटी, कहानी तो बहुत लंबी है, मैं कहां से शुरू करूं कहां पर खतम
28:15तो मेरे पास तो बहुत वक्त है, वक्ती वक्त है
28:17तो मिल्कुल शुरू से शुरू, मैं सुनने के लिगा है
28:20बो, आउंटी, आसे में न हम यहां पर असद और एली के अबभाजान की वस्यत पूरी करने के लिए हैं
28:30कैसी वस्यत ?
28:32बादा जान की वस्यत के मताबक हमें कमस्का में सहवेली में छे महीने गुजारने लैंगा
28:38और इनी छे महीनों में मेरी शादी होनी चाहिए
28:45वना सारी जैदाद हाथ से चली जाएगी
28:48लेकिन शादी तो इतनों बड़ा मसला नहीं है ना वो तो हम कभी भी कर सकते हैं
28:52आप मेरा मेरा अब आप
28:55आप कर सकते हैं
28:57अलबता हाँ जिनों के साथ हवेली में इतना वक गुजारना
29:01ये थोड़ा मुश्किल काम है
29:03ये खुदा की कसम अगर ये जिन इंसानों की तरह मेरी एक दफा बात संदे ना
29:07तो मैंने का आगे हाथ जोड कर काऊंगा भाई
29:10तुम लोग इसी को नजर तो आते नहीं है इतनी बड़ी हवेली है
29:13मेरा जोड को रह लेंगे इसी को कोई पाबल नहीं होंगे
29:15है ना
29:16सच में इतनी बड़ी हवेली है कि इवन मैं और ममा भी आकर शिफ्ट हो सकते हैं माँ पर सखून से
29:21नहीं
29:24नहीं नहीं ऐसे ही बस देख रहा हूं लेकिन थैंक यू सो मच यह तुम इतनी साथ एफर्स कर रही हो
29:30थैंक यू
29:31असल मेली मेरा नाम दिल लग गया है और जिसका मेरा दिल लग जाते है ना वो मैं पूरा करके ही छोड़ती हूं
29:41ओके
29:42अप
29:45अप
29:46हुआ
29:50हुआ
29:52हुआ
29:54हुआ
29:56हुआ
29:58हुआ
30:00शृ
30:14सच्चा
30:15सच्चा
30:16शृ
30:17जारा को देखे आपने कहीं
30:19नहीं है सद्मिया मैं किचन में खाना बना रहा था
30:22ठानी मैंने हर चका दीख दिख यह कहीं पर भी नहीं है वो कहां गए यह
30:27पहले मैंने बैल की आवाज सुनी थी, मेरा खाले बाहर दर्वाजी पर देखने गई होगी
30:33जरूर वो जली नादी आई होगी, उसके पास तावीज नहीं है ना
30:37तब ही बाएर ही रख रख रहा है उसको घर में नहीं लेकी आई
30:40क्या होगा जी?
30:51क्या होगा चचा?
30:52या कह रहे हैं सच्चा?
31:03अच्चा उर्दू में बाद करें, बॉल कह रहे हैं आप?
31:17पता भी ये क्या हलाद बने वे? इदर इस घर में क्या कुछ हो रहत हुआ केरफूल रहना पड़ेगा हमें?
31:22आई मैं आपको पानी बिलाता हूगा
31:23पानी पानी पानी पानी पानी
31:27देखे आउटी, अब तु मैंने आपको पूरी बात बदा दी है
31:33अब आपको अच्छी तिना समझा गया होगा कि हम क्यूं चाहते हैं कि आप ये स्टोरी पब्लिश नहीं करने प्लीज?
31:38हाँ, हाँ, हाँ, हाँ, हाँ, ठीक है
31:42ओ, जारब, हाँ
31:46वो ना, एक मसला है छोटा सा, वो मैं ना अपने बॉस को आथ सुभा ही बोला था कि मैं वहावेली पे स्टोरी लिख रही हूँ
31:56क्या? आंटी, ये क्या किया आप में? असत को पता चलेगा तो वो तो बहुत नाराज होगा
32:04अच्छा, तुम फिकर मत करो, देखो सबसे पहली बात तो ये, हमारा अखबार बहुत ही बुरा है, कोई पढ़ता ही नहीं है
32:10हाँ, और फिर मैं ऐसे करूँगी कि मैं वहावेली की लोकेशन चेंज कर दूँगी, किसी को क्या पता चलेगा कि कहां पे नाम भी चेंज कर दूँगी, तस्वीरे भी नहीं लगाऊंगी
32:20सब ती को जगा, देख लें आउंटी, क्या पता हमारा ये तालुक आगे चलके रिष्टेदारी में बदल जाए, तो यू नो, हाँ आपट, तुम्हें पका ही अकीन है नाली और नादेग दूश्य को पसंद करते है, हाँ, मुझे तो ऐसा ही लगता है, मेरा ख्याल है कि व
32:50करवाँगी, इंशालला, लेकिन देखो ना, कितनी बड़ी और कितनी कदीम हावेली है, और कैसे सबसे से घहरी हुए है, कोई बे जिन, कोई बे इंसान इस पर आशिक हो सकता है, तो फिर मुझे भी जड़ा अनदर दिखवा दूए, एक दफा पांच मिट के ले बस ऐसे ज
33:20बहार गुसार कि अप में गारी भी सही तरही किसे ली जलती है मैं से बहुत जयाती होगी, अगर भाय में इस तरह बापने जाऊंगी पस तब यू करके अंदर जाऊंगी पांच मित में भाहर हाँए और जाऊंगी, बीज प�
33:33मैं कुछ देखती हूँ, आप ऐसा करें कि यही रोके, मैं थोड़े जबे आई, यही रोकिएगा, हाँ
33:43पानी
33:51चंगे साचा मुझे तो समझ नहीं आ रहा, इतना पानी आप पी रहे हैं, जा कहा रहा है
33:58बहुत कतरलाग मेच्चे, पदा नहीं कॉल्टी नचल की
34:04मिर्चे इस्तवाल की है, लुबान जल गई है, अंदर जलन, जलन हो लिए
34:12शुक मेरे साचा, आपको डॉक्टर ने चीनी भी मना की वी है, वन्ना में चीनी लाके देता आपको
34:17चूले में जाए डॉक्टर, चीनी लेया, पूरा टॉंगा लेया, जल्दी
34:21जल्दी
34:22जल्दी
34:23जल्दी
34:25चंगेश सर्था आपको क्या हुआ?
34:29की चाहे में किसमें मिर्चे मिला दी थी
34:31चाहे में मिर्चे, लेकिन किसने?
34:33अजीब बात करते हूँ, जह बूतों की अवेनी में लेही और फेर भी पूछ रही हो किसने?
34:37तो तुछी कहा?
34:41मैं?
34:42वो, नादिया की ममी आई है
34:45वो है क्या करने आई है
34:48मैंना उको अंधर नी बुलाया
34:49बाहर है इस हारी बाती इन्य करनी
34:52लेकिन क्या
34:54अलए लेकिन अस्त, वो एक नजर हवेली देखना चाहरी है
34:58तुम पागल तो नहीं हुगी हो जा रहा
35:00उनको किस से यहां पिला सकते हैं, मैं कोई रिष्टरिस नहीं ले से तो उसाथ कुछ फूल्टा सीधा हो सकता है भई
35:05भार सही फारे करो उसे
35:07असद सिफ पांश मिनट की बात है
35:09प्लीज बात को समझने की कोशिश करो अली की सुस्राल का मामला है
35:13हम उनके साथ यह सुलूक नहीं कर सकते
35:15तुम्हें अच्छी तरह पता है कि अली की जिंदगी में नादिया के लावा कोई लड़की नहीं है
35:19प्लीज समझने की कोशिश करो
35:21अच्छी उनको लाएंगे किस तरह यहां पर हमारे पास उनके तावीज भी नहीं एक्स्ट्रा
35:28चंगेश चाचा ऐसा करें आप थोड़ी देर के लिए अपना तावीज फरिद आउंटी को दे दे
35:38मुझे दुवारा थे औरे थी बल्ला थे नास करें
35:43नहीं आप ऐसा करें कि उनको तावीज दे के आप अवेरी से कहीं दूर चले जाएं
35:48बल्के आपको तो ड्राइविंग भी आती है आप उनकी गाड़ी में चले जाएं
35:51पिस थोड़ी देर की बात है वो हवेली देखनें की और असत से भी मिलनें की
35:55ठीक है
36:13थे कारें कारें
36:32आई प्लीज वाव तो बहुत ही बड़े और अबसूरत अवेलिया है
36:57आईस अम असद ये नादिया की मदर है फरीदांटी जी स्लाम अलेकों वालेकों स्लाम आएम सो सॉरी मैं माजज़त चाहती हूं बगहर बतायाने के लिए अब तो आई गही हैं असद की कहने का मतलब ये कि आपने बहुत अच्छा किया आकर आपको पते हैं हम तो यह की तरह क
37:27आणे को मजाग के लब किया दोता है में अपने माइंड तो नहीं किया नादिया की अभूबी एसे ही ते जो की ले अब नहीं रहे गां मेरे हासबं नहीं रहे उंटी आई ना मैं आपको हवेली दिखाती हूं ऐसे हैं माइं किचन से शुरू करते हैं हाँ जा यहां पर इं
37:57हुआ, यहाँ आभी है।
38:01और रोष्मु किनी अच्छी हा रही है, लगता है ताजर साजरर कुछ पता है।
38:04जी सी, यह चंगे सासे ने अभी खाना बनाया।
38:07मैं अजला सोची हूँ के अच्छे एच्छे आंगल से कुछ पिक्चर्स केच लेती हूँ।
38:11क्यों अबाद में यह लिशे का?
38:13नहीं ना, किसी को क्या पता चलेगा?
38:15किस हवेली का किचन है?
38:19यह पिक्चिर्स क्यों ले रही है जारा?
38:22वो, actually, मैं हवेली पे एक आर्टिकल लिख रही हूँ ना?
38:25तो उसके साथ यह पिक्चिर्स लगाऊंगी.
38:27आर्टिकल?
38:28अम, असर्थ, हवेली का नाम और लोकेशन बिल्कुल नहीं आएगा.
38:34है ना, अंटी?
38:36हाँ, बिल्कुल.
38:37जराना जरा बाहर तुमसे बात करनी है वेने.
38:43चलो.
38:48विज्यों विवनालतियू.
38:49विज्जू.
38:58साथ, एक तो यह औरत मूँ ठाके हमारे घर में खुश गई है.
39:01उपर से यह कह रही है कि यह इस हवेली के उपर एक आर्टिकल लिखेगी जो के आप भार में छपएगा.
39:06तो हमारा यह हवेली का नाम थोड़ी आएगा.
39:09किसी को क्या पता यह हवेली किसकी है?
39:11इसने अभी तक ना बाइर से हवेली की तस्वीरे भी खेंच ली होगी.
39:15उसके बाद तो तस्वीरें शपेंगी.
39:17जो भी उस हवेली को देखेगा, जान जायकर कि कौन से हवेली और यह भी जान जायकर कि इस हवेली में…
39:22आज़े?
39:23अच्छा ठीक है, अब यह बात संभाल लो, मैं उनसे बात करके उनको समझा दूँगी, वो नहीं खेंचेंगी तस्वीरें.
39:29आर्टिकल भी नहीं लिखेंगी?
39:31भी लिखेंगी.
39:32मैं नादिया से बात करूँगी, वो अली की खातर अपनी अम्मी को मना लेकी.
39:36यह आंखों में अली के लिए मुहपत देखी है, तुम प्लीज अभी यहाँ से चलो, वो गिजन में अकेली हैं.
39:53असार! असार! असार जल्दी से आओ, असार!
39:57क्यों यहाँ?
39:59पड़ी नादी, पड़ी नादी, पड़ी नादी!
40:01कोई!
40:06दिल का है यह बंजारापन

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