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Visaal E Ishq Ep 01 (Sub) 8th Oct 2025 | NEXT EPISODE


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Transcript
00:00अरे पिया ये तो बता क्या है विन जिदाई है क्या
00:30एच्षा ये पिया अरफ चिताई है क्या झाटी जिदाए प्राफ़ कर दो है विन जिए वाइगा है विल्गे ये जिए जिदान कर दोगी टाट खब दो बता तो शॉब जिदान विल्गे तो बता क्या तो है
01:00अच्छा जी तो आज का हमारा टॉपिक है हुकुकल इबाद किसको पता है हुकुकल इबाद क्या होते हैं किसी को भी नहीं पता
01:20अच्छा आई विल टेल यू तो हुकुकल इबाद होते हैं बंदों के हुकुक यानि के वो राइट्स जो दूसरे बंदों के हमारे उपर होते हैं
01:32जैसे के बहन भाईयों के हुकुक माबाब के हुकुक पडोसियों के हुकुक और रिष्टेदारों के हुकुक
01:39वहाज
01:46तूम अभी तक तयार नहीं हूए
01:51और ये सारे कपड़िया क्यो फेले में
01:53क्या हाल बनाया मैं तूमने कम्रे का यार
01:56तू मेरी छोड़ो तूम अपने आपको देखो
01:58ये क्या हुल्य है
01:58क्या मतलब
02:01क्या हुल्य है
02:02ठीक ही तो लग रही हूँ
02:05जो पता है, मैं बहुत कहले ही लग एँ
02:08शच पूछो तो… ये अख्चा नहीं लग रहा था
02:11सूट नहीं कहरा तुम पर
02:14सब बख्वास मत करो, समझ रहे हैं तुमें
02:17अच्छा खासा तो ड्रेस अगर है
02:19तुम पता है, जिस बुतीक से मैंने लिया है, ये
02:22signature collection था
02:24और तुम कहरे हों के अच्छा नहीं लग रा
02:27देखो मुझे जो लगा मैंने के दिया
02:29लेकिं फिर भी अगर तुम्हेंट इस पहनना है तुम्हारी मरजी
02:31इस और ड्रेस
02:32signature collection है रहा
02:35तिल खराब करके अब
02:37मरजी के बात कर रहे हूग
02:42और आज
02:43सच में ये ड्रेस मुझ पे अच्छा नहीं लग रहा है
02:46बिल्कुल भी नहीं अब तुम यहाँ खड़ी हो के मुझसे आगयोगर होगी कि जा कर चेंज करो
02:50इस मुश्किन में डाल दिये तुमने मुझे वहाज वैसे
02:55अच्छा जादा कॉंशस ना हो इतने सारे कप्रें हैं तुम्हारे पास
02:58कोई भी ड्रेस पहन लो प्यारी लगोगी तुम
03:00और आगई हो तो मेरी भी हल्प कर दो मुझे बताओ मैं क्या पहनो
03:02यूनो आई कांट डिसाइड
03:04अभी तो तुम मुझे फेशन एडवाइस दे रहे थे अब खुद ही चूस कर लो अपने लिए
03:09हाँ तो जैसे मैंने तुम्हे एक अच्छा सुज़ेशन दिया है तुम भी कुछ पता दो मुझे
03:13हेल्प कर दो मेरी
03:14तुम बेना
03:15लास मोंट पर हर्ड़ करेट करने में माहर हो
03:17इब नहीं गरना चैंज हो में कों इना प्रस कर रहा हूँ
03:22बाते सुनाने के बात के रहा हूँ पूरस ही कर रहा हु
03:25अच्छा मेरे माँ बाते मत पाणू
03:27मुझे बताओ
03:28मैं क्या पहना
03:29क्या पहरा?
03:31पताती हूं तुम्हे मैं, रुको जा रही हो लेने
03:41मेस, लेकि मुझे अपने रिष्टदार नहीं पसंदे
03:44मेरी मुम्मा बिजार रहती है
03:46और कहती है हमारा घर को ये लंगर खाना नहीं है
03:49कोई भी मूठा के अंदर आ जाते है
03:51नहीं एकरा, ऐसे नहीं कहते है
03:53हमारे जो नीडी और मुफलिस रिष्टदार होते हैं उनके भी हम पर हुकूप होते है
03:59अल्ला ताला ने जो नेमते हम पर नवाजी हैं
04:02हमारा फर्ज बनता है कि हम उनको दूसरों से शेयर करें
04:06आप सोचें अगर अल्ला ताला ने हमें देने वाले की बजाए लेने वाला बनाया होता तो
04:11मैं मेरे वेरे तर्ज बूचे बहुत तंग करते हैं अब उनका भी क्या किया जाए
04:16I understand
04:18लेकिन आप इस तरह से देखें
04:20अगर कोई गलत करता है, तो उसका मतलब ये तो नहीं है ना, कि हम भी उसके साथ गलत करें, हर कोई अपने actions का, खुद responsible है, खुद जवाब दे, अपने अमाल का है ना, अगर हम सबर और बर्दाश के साथ, किसी के साथ अच्छा सुलूख करेंगे, तो उसका अजर भी हमें अ
04:50किया कुछ समझ में? Yes, Miss. Okay, very good. अब आप लोग सब पेज नमबर 15 निकालें और हम रीडिंग करेंगे.
05:17वहाज, ये लो.
05:20नाइस, अब तुम भी जा करेंगे लो और माम को साथ आजाएगा.
05:24और अगर बड़ी मामा ने मुझे कुछ भी कहाना हूँ, तो मैं तुम्हारी शकायत लखा दूगे, मैं कह रही हूँ.
05:29जी, सारे मसलों की जड़ मैं ही हूँ ना, बलके वो क्या कहते हैं, मसाथ की जाएगा.
05:35तुम भी नावाज, कुछ भी बहते हैं.
05:41अगर इस कुछ भी से तुम्हारे चेरे पर मुस्कराहत आजाती है, तो इस सब चछी बात है.
05:47बाते बनाना कोई तुमसे सीखे, बातों में तुमसे कोई नहीं जीताता, फटावर, चेंज करो, ड्रेस हो के, मैं भी जाके ड्रेस चेंज करी हूँ, और जल्दी से आओ.
05:55हाँ तो मुझे कॉनसे तयारी में घंटो लगते हैं, और मुझा हूँ.
05:58और मुझा हूँ.
05:59और मुझा हूँ.
06:00एचा सुनो.
06:02आरन नहीं कर दो.
06:04शबाना से खर लाओ.
06:06लगतो तुम शबाना रही हो आज.
06:09तयारो क्या हूँ.
06:12चोईस तो अची है, इसकी.
06:13गुट.
06:29आप भी शादी में जा रहे हैं?
06:43हैरत है.
06:44वरना तो मैं बोल-बोल कर ठक जाती हूँ.
06:47आपको तो शादियों में जाना पसंद भी नहीं.
06:49हाई रादा तो यही था.
06:51लेकिन क्या करें?
06:53बाज़ानों भापी ने समझाया कि बड़े मामु की एक ही बेटी है.
06:57और अगर नहीं गए तो उनको बुरा लगेगा.
06:59तो सोचा रिष्टा ही ऐसा है.
07:01चलो, चलते हैं.
07:03हाँ भाई, आप तो अपनी भाई और भावी की बात कभी टाली नहीं सकते.
07:09यही अगर मेरे किसी रिष्टेदार की शादी होती न,
07:13तो मैं आपको बोल-बोल के ठक जाती, फिर भी आपना जाते हैं.
07:16यही एक बात बताओं, यह गलर तुम पर बहुत सूच कर रहा है.
07:22पहले भी कई बार पहन चुकी हूँ, फिर तो नहीं कहा, मुझे पता है अब आप बात बदल रहे हैं.
07:32और जिया, क्या हो गया तुम्हें? तारीफ करो तब बुरा लगता है, ना करो तब बुरा लगता है, अब आपके शौर बिचारा करे तु क्या करे हैं? बताओ.
07:46खेर ये बात छोड़ें, ये बताएं, इन्वैलप में कितने पैसे रखो. एक काम करो के अभी तुम खाली एन्विलाप रख लो, बापी जब पूछ लेंगे फिर रख देंगे.
08:01या तरी डाई किदर है? हर चीज सामने पड़ी होती है, आपको ही नजर नहीं आती.
08:08एक बात पूछो, तुम एता चर्टी क्यों हो, हर बात का चर्टी कर जवाब देती हो.
08:20छोड़े इन बातों को. अच्छा ये बताएं कि दूले को सलामी क्या देनी है? आपने कुछ ना कुछ तो लिया होगा ना?
08:26नहीं, मैंने तो कुछ नहीं लिया. लेकि तो फिकर मत करो. भाबी से पूछ लेंगे, उन्होंने यखिने कुछ ना कुछ दे लिया होगा.
08:36जब हर काम भाबी से पूछ करी करना है, तो मेरा शादी में जाने का क्या फाइदा? भाबी कोई ले जाएं? बलके वो तो साथ जाई ही रही है ना? मेरी क्या जरूरत है?
08:47कैसी बात कर रही हो फाबी की एहमेत अपनी जगा और तुम्हारी अपनी जगा है. देखो फाबी मशवरा अच्छा देती है, इसलिए मैंने कहा बस. अब खुद बताओ, ये शादियों में लें दिन भाबी करती है ना? तो बस, इसलिए मैंने ये बात करी है।
09:03फासियाब, फासियाब, क्यों मूट खराब कर रही हो? अच्छा सॉरी अगर बात बुरी रगी हो तो. फासियाब, फ्लीज. अच्छा मुस्कुरा दो. फासियाब, फ्लीज ना?
09:22तो आप ऐसी बाते ही क्यों करते हैं, जिससे मुझे घुसा आए? अच्छा सॉरी, यह देखो, हाथ जो रहा हूँ. अब तो मुस्कुरा दो. प्लीज. यह लो, तरह यह ट्लाई तो पहना लो.
09:52अमीयद, कैसी तबियात है आपकी? मैं ठीक हूँ. जिसकी इतना ख्याल रखने वाली,
10:22इतना प्यार करने वाली बेटी हूँ, वो मा भला बिमार रह सकती है, ठीक हूँ, नहीं बस आप बिमार ना हुआ करें, आप ठीक नहीं होती हैं, तो मुझे कुछ अच्छा नहीं लगता, अच्छा मुझे बताएं, मैं खाला जान को फोन करके कहूं कि वहाज को भेज दें, �
10:52साहिमा को परेशान करने की बलकुल जरूरत नहीं है, मैं ठीक हूँ, नहीं हूँ, नहीं साहिमा बतारी थी कि आज उसके सुस्राल में कोई शादी है, वहाँ जाना है उन लोगोंने, अस्रूफ होगी ना वो, अच्छा मैं फिर मुझे यह बताएं कि आप क्या लेंगी, क�
11:22मेरी तिमारदारी में लगी भी हो, थोड़ा सा अराम कर लो तुम भी अच्छा, कुछ नहीं कहाना मैंने, अल्ला तुम जैसी बेटी हर माग होते हैं, अच्छा ममी ठीक है, आप वुजू करके असर की नमास पढ़ लें, मैं आपके लिए चाय लेकर आती हूँ, ठीक है बत
11:52है शादी में, वो भी तो अच्छा खासा वक्त है, तुम अगर जाना चाहती हो, तो तयार हो जो, मैं अब हाज को फोन कर देती हूँ, वो आके तुमें ले जाएगा, अमी, किसी और दिन चली जाओंगी जब आपकी तब्यत बहतर हो जाए तब, चली जाओना बेटा, कहीं
12:22नहीं हमीं, फिर किसी और दिन, चलो जैसे तुम्हारी परसी, तेख रहे ना, मैंने कहा भी था कि देर हो जाएगी, जल्दी निकल लाए, लेकिन पाजिया और सुयल का कोई पता नहीं, लेखे, मुझसे तालग होना चाहिए आपका, आपने होकम दिया तर तैयार हो जो, मै
12:52महब हो जाद हो, कुछ जयात नहीं रहता मुझे, आपकी जल्दी तैयारी में मेरा ही यहाथ है, सुट मैंने करवाए, सुहेल, फाजिया, आप ही जाओ, देर हो रही है, जी बाभी, बस, बस, बस, कहा रहे गए भाई, सौरी, सौरी, सौरी, बाभी, तैयार होने में थोड�
13:22करने का कह रहे है, सौरी, बाभी, बस थोड़ी देर होई, थोड़ी, इसे थोड़ी कहते है, अब तक हमें वहाँ पहुंच भी जाना चाहिए, आप क्या देख रहे है, बाभी, तैयारी में देर सवेर हो जाती है, मेरी सैंडल नहीं मिल रही थी, पता नहीं, शवाना कहां �
13:52जब से इसकी शादी वियना, इसके यही थरीका रहा है, अब तो हमारे बच्चे जवान होगे, अब तो आदत बदल लो, वहाज कहा रहे है, इतना टाम लगाएगा, बाहर वेट कर रहे है, वहाज तो, लेकिन वजिया कहा है, वजिया आजाओ जल्दी, सब तुम्हारा इं
14:22मजी यार उको, कहां जा रही है, मामा मैं बड़ी मामा की साथ चाहूंगी, कोई जरूत नहीं है, हमारे साथ चलो,
14:52बाबा, बोले नो मामा से, प्लीज, क्या हो गया है, अब बाबी की साथ जाना चाहरी है, तो जाने दो ना, क्या मसला है, जाओ तुम, बैठ जबूँ जबूँ चलो,
15:22शोहर तो शोहर, मेरी बेटी को भी अपने काबू में कर लिया है, भापी ने,
15:26अशिया, आइस्ता बोल, क्या हो गया तुम,
15:29आइस्ता बोल, बोलकर तो अब तक जीती आई, एसे ही घुट घुट कर किसी दिन मर चाहूंगी,
15:36अच्छा बास कर, चलो बैठो चलो,
15:39अच्छा बड़रा, एसे ही आईस्ता बोल, क्या है, थाउनल, प्राइस्ता बोल, क्या है एसे ही आइस्तावी आईस्ता बोल, शोहर बोल, क्याई वायादाओ कर दो दोल,
15:51झाल झाल
16:21मोक्त मैं रहा होई नाक करो दोרים ये क्याए भी दिन करो दो कितिनल रहा है बार क्ल्वाजीया बहुत पारी लग रही है
16:48और हमारे साथ ही गई थी और हमारे साथ इगाडी में वापस भी आई
16:51हाँ देखा है मैंने तुमने पिक्टर भेजी थी ना अपनी और बजीहा की
16:56लेकिन उसका मेकप कुछ जादे ही डार्क नहीं लग रहा था
17:01अलया तुम तो जानती है वो ऐसे ही मेकप करती है और आजकल सारी लड़की ऐसा मेकप करती है और तुम ही दुनिया की कोई अलग मखलूक हो जिसे मेकप से अलर्ची है
17:11नहीं पस मुझे नाच्रल वहनाई पसंद है पर वैसे तुम्हें भी एमारे साथ चलना चाहिए तो आप से बहुत कुछ खाया पर और शादी पे वजीहा ने आशक्रीम खानी की डट लगाई हुई थी तो मुझे उसके आगे हार माननी पड़ी और हमने जांकर आशक्र आ�
17:41तो वह गुसा करती मैंने माम को यही का कि पर्ट्रॉल खतम हो गया ता इसलिए टाइम गाज वहाज वह खाला जान से जूट नहीं पोलना चाहिए था तो और क्या करता तुम जानती हो ना अपनी खाला को अगर उने बता देता तो कितनी डांट पड़ती मुझे हां तो ज�
18:11ठेरो अभी बताती हूँ मैं खाला जान को कि तुम और वजीया आईस क्रीम खाने गए थे
18:16वहाज तुम्हें डर नहीं लग रहा हूँ क्योंकि मैं यह बात जानता हूँ कि तुम कभी भी यह बात माम को नहीं बताऊगी
18:26इसलिए तो मैं तुमसे हर बात शेयर करता हूँ क्योंकि तुम मेरी सबसे अच्छी दोस्त हो और मेरी राजदार पर
18:33सबसे अच्छी जी और इसलिए मैं कोई भी बात वजीय से डिसकूस नहीं करता क्योंकि मैं जानता हूँ वह पेट की हल्की है और किसी के भी सामने मूख बोल देगी
18:44ऐसा ही है
18:58आओ सोहिल
18:59जी बाइजान बुलाया आपने
19:03कैसे हैं वकील साब?
19:05मैं विलकुल ठीक हूँ
19:06सोहिल साब आप बताया आप कैसे हैं
19:08अलहम्दुलिल्ला
19:09सोहिल तुम्हें बता हैं कि नेक्स वीक हम अपनी नई ब्रांच का इन्नाग्रेल करने जा रहे हैं
19:16तो उस ब्रांच की डिकुमेंडेशन के लिए उनकी लीगल आसपेक्स को डिसकुस करने के लिए मैंने वकील साब को जहमत दी है
19:25बाइजान बिल्टर से तो बात हो चुकी है
19:30बड़ जैसे पेपर्स तैयार हो जाएंगे
19:32कामचेद हो जाएगे
19:33सांस्कुर्ट
19:35जै वकील साब जो नहीं ब्रांच रुपन करने जा रहे हैं
19:41उसके डिकुमेंट्स यो हैं वो सोहिल के नाम बनेंगे
19:45शॉट
19:47मेरे नाम से ये क्या बात कर रहे हैं बाई साब
19:53सारी इंवेस्पेंट आपकी है मेनत आपकी है
19:57तो ब्रांच भी आपी के नाम होगी ना
19:59हम दोने भाई रहे हैं क्या
20:01कोई फरक है हमने
20:03मेरे नाम हो तुमारे नाम हो
20:07कोई फरक में पड़ता
20:09कैसी बात कर रहे हैं बाई साब
20:13आप बड़े हैं
20:15कंपनी में
20:17सारी मेनत आपके और अब्बू की तो है
20:19मैंने तो बहुत बाद में जॉइन किया है
20:22अगर-मगर कुछ नहीं भाई साथ
20:24पाकिल साथ
20:27आप जो भी पेपर्स तैयार करेंगे
20:29वो भाई जान के नाम पही होंगे
20:30भाई जान
20:32आप बड़े हैं
20:35और हमेशा मुझे बड़े ही रहेंगे
20:37आपने जो मुझे महाप बती है
20:39वो मेरे लिए बहुत काफी है
20:40मैं कोशिश करूँगा हमेशे
20:43आपका बाजू बनके आपके साथ कड़ा रहा हूँ
20:45लेकि प्लीज
20:46मेरी जो जगा है मुझे भी दे रहे थे
20:49प्लीज भाई जा
20:51जिता रहे
21:07फारूक साब जैसी महबबद आप दोनों भाईयों में है
21:24वो मैंने कहीं नहीं देखी
21:25अल्ला आप दोनों भाईयों की महबद को इसी तरह काइम रखे
21:29आमीन
21:30यह क्या तरीका वापा
21:33अगर आपकी इतनी तबित खरापती तो मुझे फोन कर देती
21:36अगर मैं ना भी आ सकती तो वाज को भेज देती
21:40यह फारूक की आके आपको हास्पिटल ले जाते
21:42अरे बिला वज़ा परेशान हो रही हो साइमा
21:47बताया ना मैंने अब मैं बिल्कुल ठीक हूँ
21:50फिकर मत किया गरो इतनी
21:52तुम यह बताओ कल शादी में गई थी
21:57कैसी रही शादी?
21:59बिल्कुल ठीक नहीं है
22:00हर वक्त आपकी परेशानी लगी रहती है मुझे
22:02यह तो अल्ला का शुकर है कि आपको अनुशे जैसी बेटी दिया उसने
22:06उसी की वैसे थोड़ा इतनान है मुझे
22:08क्या होगी आ साइमा?
22:12मैं तुम से शादी के बारे में पूछ रही हूँ
22:14तुम मेरी तबियत के पीचे बढ़ गई हो
22:16शादी बहुत अच्छी रही
22:19मामु जान बहुत खुश थे हैं
22:21और फारू वो भी खुश हो रहत है
22:23कि सारे रिष्टेदारों से मुलाकात होगी इसी बहाने
22:25चलो ये तो बहुत अच्छा होगी है
22:28लेकिन कितने अल्मिया की बात है साहे मा
22:32अब मुलाकातें सिर्फ शादी बेहामिया
22:36और मौत मय्यत में ही हुआ करती है
22:38लोगों ने एक दुस्रों के घरों में आना जाना ही छोड़ दिया
22:43कहे तो आप बिल्कु ठीक रही है
22:55अब सबसे पहले मुझे फोन करेंगी
22:57अच्छा भाई अच्छा तुम्हें बताऊंगी तुम्हें फोरन फोन करूंगी
23:03तुम्हें नी बताऊंगी तो और किसे बताऊंगी साहे मा
23:06एक तुम्ही तो बहन हो मेरी
23:08अनूशा बता नहीं कहां रह गई है
23:12अनूशा
23:14आपा अनुशा ने कहां रह जाना है
23:16वहाज और अनुशा बैटके बाते ही कर रहे होंगे
23:18आप जानती तो है
23:20जब ये बच्चे हापस में मिल बैटते हैं
23:22तो इन्हें वक्का अंदाजा ही नहीं होता
23:23बिल्कुल सही कह रही है
23:25बिल्कुल सही कह रही है, अनुशा आगे
23:27अनुशा बिटा यह तुमने इतनी जल्दी में कह-कह बना लिया
23:31खाला जान मुझे पता था कि आपको मेरे हाथ के कबाब कितने पसंद है
23:37इसलिए मैंने रात को बना कर ही फ्रीज कर दिये थे
23:40अभी सिर्फ राइ की हैं
23:42और हाँ, यह समोसे मैंने अभी ही बनाया आपके लिए
23:45आप लोग लीजे ना, मैं वहाज को बुला कर लाती हूँ
23:49वो किसी दोस्से फोन पे बात कर रहा है
23:51जल्दी भेजना
23:57इसे आपा, आपने अनुशा को हर तरह का तौर तरीका सिखाया
24:02खाना बनाना उसे आता है, मेहमान दारी तनी अच्छे से करती है
24:06बरना आज कल की लड़कियां तो कुछ भी नहीं जानती
24:09माशाला, माशाला
24:12इसके मिजाज में सलीका बंदी है साइमा
24:15एक बार कोई बात समझा दोना, दूसरी बार कहना नहीं पड़ता
24:20इसके तरफ से मेरे दिल को बड़ा सुकून है
24:24माशाल, बहुत प्यारी बच्ची है
24:26और वहाँ हमारी तरफ वजियां तौपा
24:30हर वक्त उधम मचाया होता है उसने
24:32किसी भी चीज़ का सलीका नहीं है
24:34उसे अगर ट्रे लगानी पड़ जाए या किसी महमान के बास बैठना पड़े
24:37तो बस
24:38तुम्हारी देवरानी भी तो कितनी लापरवा है साइमा
24:43असल में तो माओं की जिम्मेदारी होती है ना
24:46बच्चीयों को समझाना, सिखाना
24:48वो तो खुद इतनी फूहड है
24:50पता नहीं कब ठीक होगी
24:51यह तो आप बिल्कुल ठीक कह रहे है
24:54बस तुम दौा करो
24:57अल्ला मेरी अनुशा के नसीब बच्चे करे बस
25:00आमीन
25:01अब अनुशा की बिल्कुल फिकर मत किया करे
25:05देखिए का अपनी सदीका मंदी से और इखलाक से
25:08सबका दिल जीत लेगी जहां भी जाएगी
25:11इंशाला इंशाला
25:13कबाब दो लो खास तो और बे तुम्हारे लिल्ली ये बना रहे हैं
25:17अरे भई
25:22ये तुम्हारे जिठाने नजर नहीं आ रही साइमा कहा है
25:26भाबी अपनी बेहन के घर गई है
25:29आपको तो पंदा है मलकापा
25:31कि भाबी की अपनी बेहन नफीसा के साथ कितनी बनती है
25:35अगर उनके घर चली जाएं तो रात से पहले तो नहीं आती
25:39ये तो तुम ठीक कह रही हो
25:41बस एक बात है
25:42साइमा को कोई कहने सुनने वाला जो नहीं है
25:45अब तुम देखो
25:46तुम किसी के पास सारे दिन के लिए चले जा
25:48तो साइमा देखो कैसे बाते बनाती है तुम्हारे पीछे
25:51अरे नहीं मलकापा
25:53वो तो मुझे कहती है के कहीं चली जाया करो
25:56बस मेरा ही नहीं दिल करता
25:58अरे रहने दो रहने दो
26:00मुझे पता है
26:01तुम्हारे पीछे कितनी बाते बनाती है साइमा
26:04पूरे खांदान में
26:05अरे तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें गूमने फिरने का बहुत शौक है
26:11घरदारी से तुम्हारा कोई तालूक ही नहीं है
26:14चा कह रही आप मलकापा
26:16ये कहती है मेरे बारे में
26:18बिल्कुल ठीक कह रही है
26:19कल शादी में तुम्हें कुलसुम खाला ने देखा था
26:22तो कह रही थी
26:23कि देखो सोहिल की दुलन
26:25कैसे बंसवर के आई है
26:27एक फारुक की दुलन है
26:29जिसे घर के कामों से फुरसत ही नहीं मिलती
26:31जो खुद पर तवज्ज़ दे
26:32ये तो मुझे पता है मलका आपा
26:38कि भावी पींट पीछे मेरी कितनी बुराई करती है
26:41लेकिन मुझे ये नहीं पता था कि
26:44इस हद तक उन्होंने मुझे खानदान में बदनाम किया हुआ
26:48आई रहने दो
26:49क्यों अपना खुन जला रही हो
26:50इसी लिए तो कहती हूँ
26:52साइमा की चलाकियों को समझो
26:54अब देखो
26:56अपने मिया कोई देख लो
26:58कैसे साइमा के पीछे भावी भावी करके पिटता है
27:01और मजाल है
27:03जो साइमा की मर्जी के बगएर कुछ हो जाए इस गर में
27:06ये तो आप ठीक कह रही है मलकापा
27:08घर में अगर कोई फरनीचर भी आता है न
27:11तो वो भी भावी की पसंद का और उनकी मर्जी का आता है
27:14अब ये कल की बात ले ले
27:17सुहेल शादी के सारे काम उनसे पूछ पूछ के कर रहे थे
27:21चाहे दूले का लिफाफा हो या उसकी सलामी
27:24हर काम अपनी भावी से पूछ के कर रहे थे
27:27और मुझे तो बहुत गुसा आ रहा था
27:29भी ये तुम्हारी नोकरानी चाही कैसे बनाती है
27:41चाही में तो चिनी नहीं है
27:43शबाना शबाना
27:47जी चोटी बेगम साहबा
27:53तुम हमेशा चाहे में चीनी कम क्यों कर देती हूँ
27:56कितनी बार कहा है कि धंग से चाहे बनाया करो
27:59भावी के सारे काम तो बड़े धंग से कर देती हो
28:01मेरे ही काम करते वे तुम्हें प्रॉब्लम होती है
28:04अब जाओ उठाओ ये चाहे और ठीक से बना कर लाओ
28:07अब देखो अपनी मुलाजमा को देखो
28:17पता नहीं क्यों तुम्हें चोटी बेगम साहबा कहती है
28:19अरे भाई चोटी बेगम साहबा बड़ी बेगम साहबा कहने के बजाए
28:24साहमा बीबी खोजी अभी बीबी तो कह सकती है
28:28ये चोटी और बड़ी का फर्क तो मैं
28:33जिन्दगी में शायद कभी भी खत नहीं कर सकूंगी मलकापा
28:49वजीहा, हम वजी, ओफो, कर से तुम्हें आवाजे दे रही है
28:56पूरे घर में ढूण लिया और तुम यहाँ हो
28:58क्या करूं मामा, बोर हो रही हो मैं
29:01हम, अच्छी तरह जानती हूं क्यों बोर हो रही है
29:06बहाज और भाबी घर पर ना हो ना, तो तुम इसी तरह पागलों की तरह गूमती रहती हो
29:11मुझे तो लगता है कि वो ही तुम्हारे सगे है
29:14और मैं तुम्हारी सगी माँ नहीं हूं
29:16क्या होगी आज आपको, इतने घुस्से में क्यो है
29:19सुभा से तो बड़ी मामा भी घर पे नहीं जो आपको उनकी कोई बात बुरी लग गई हो
29:23अच्छा फुजूल बाते ना करो, दो तीन जोड़े निकाल दो, तुम्हारे बाबा कह रहे थे उन्हें जरूरत है
29:28शबाना को दो प्रेस कर दो
29:29मामा, ये काम तो आप खुद भी कर सकती है, न?
29:33तुम्हें तो पता है, यूँ सर पर खड़े होकर मुझे मुलासमा से काम करवाना पसंद नहीं है
29:40और पहले ही बहुत ठकी हुँ मैं, बहुत काम किया है मैंने
29:44तो आज आपको पता चले के बड़ी मामा सारा दिन कितने काम करती है
29:50वो घर पर नहीं होती तो सारा सिस्टम घर का अलट पर अलट हो जाता है
29:54और आप एंगी जरा-जरा सी बात पर उनसे जगड़ती रहती है
29:58मुझे तो लगता है कि तुम मेरी बेटी ही नहीं
30:01हम इसाब कैस ही रही है
30:04मुझे पर पता कभी कभी ऐसा लगता है
30:06आप ऐसा करें उस खॉस्पिरल में जाकर जहां मैं पैदा होई थी
30:09उतर पता तो करें कहीं
30:11एक मिनट है
30:12कहीं मैं और वहाज एगी दिन तो पैदा नहीं हुए
30:14क्या पता वहाज आपका बेटा हो
30:31और वैसे भी पता नहीं कब आएंगे बड़ी मामा और बहाज जब आना होगा आ जाएंगे
30:38क्यों उनकी फिकर में हलकान हुई जाती है जाओ जाओ जाकर कपड़े लिकार दो
30:44जारी
30:46मुझे तो लगता है कि इस घर में न सब मेरे दुश्मिन है
30:52ये क्या कह रहे हैं सुएल आप
31:02हम्
31:04होजिया मुझे तो लगता है कि मैंने जो कुछ भी किया बिल्कुल ठीक है
31:09कमपनी मेरे नाम पे हो या भाईजान के
31:14क्या परक पड़ता है
31:17मुझे उमीद नहीं थी कि इतनी बड़ी बेवोकूफी आप कर सकते है
31:23जब फारूक भाई अपनी कमपनी आपके नाम कर रहे थे
31:27तो क्या ज़रूरत थी मना करने की
31:29फॉसिया
31:32क्यसी बात कर रहे हैं
31:35साली मेनत भाईजान की है
31:37तो कमपनी भी उन्ही के नाम पे होगी ना
31:40मुझे तो भाईजान का इसानमन्द होना चाहिए
31:45कि भाईजान ने मुझे अपने साथ रखा हुआ है
31:48कितना ख्याल करते हैं वो मेरा
31:50और एक भाब बताओ
31:52कभी हमारी बेटी में
31:55या अपने बेटे में उन्हें कोई फ़र्फ महसूस करवाया है
31:57नहीं न एक जैसा लाइफ इस्टैल दिया हुआ है
32:03सच बताओं
32:08कभी-कभी मैं सोचता हूँ के
32:13अप्डू की जिंदगी में भाईजान की बात मान लेनी चाहिए थी मुझे
32:18कमपनी जॉइन कर ही लेता हूँ
32:21लेकिन मैंने क्या किया
32:25आदी जिंदगी सुकून हासिल करने के लिए
32:29हवारा दोस्तों के साथ गुमता पिरता रहा
32:33फिर शादी की कि शायब सुदा चाहूँ
32:39फिर पिर कुछ नहूँ
32:42जब जिंदगी में ठोकरे लगी तो पता चला कि असली जिंदगी होती क्या है
32:48सच बताओं
32:53मुझे तो भाई जान का
32:57हमेशा है साथ बन देना चाहिए
33:00अपनी कमपनी में रखा
33:04इतना ख्याल किया
33:08रहने दे ये किस्से कई बार सुन चुकी हूँ मैं
33:12अपनी आँखों से देखा है मैंने सब कुछ
33:14कितनी मेनत की है आपने
33:16फारूग भाई के साथ
33:19पूरी इमानदारी और वफादारी के साथ काम किया है आपने
33:22दिन रात एक कर दिया
33:24आपके आने के बाद ही
33:26फारूक भाई को बिजनस में इतनी तरक्की मिली है कि वो दूसरी ब्रांच खोल रहे हैं
33:31अकेले उनके बसकी बात नहीं थी ये
33:34फार्जिया
33:36इनसान को जिन्दकी में सब कुछ करना चाहिए लेकिन असान फरमोशी नहीं करनी चाहिए
33:42मुझे तो लगता है कि भाई साब ने सिर्फ आपका दिल रखने के लिए कह दिया
33:49कि कंपनी आपके नाम करना चाहते हैं
33:51असल में तो उनकी नियत ही नहीं थी
33:53वरना आपके मना करने के बावजूद वो कंपनी आपके नाम कर देते
33:58कैसी बात कर रही हो
34:03एक बार कहो फोजिया
34:07भाई जान की नियत और खुलूस पर कभी शक बख करना बस
34:11क्यों नहीं करना चाहिए
34:13मैं ठीक कह रही हूँ
34:15उनकी नियत नहीं थी कंपनी आपके नाम करने की
34:18हटे मेरे राज्टे से
34:33वैसे मुझे एक बास समझ में आती वहाज
34:37तो अपनी खाला के घर जाते हो तो वही के हो जाते हो
34:40तो मैं पता है नहीं तुम्हारा इंतजार कर रही होती हूँ
34:42किती बोर हो जाती हूं मैं यहां पर अकेली
34:44एर मैं तो युनिवसिटी से घर आ रहा था
34:47मौम की कौल आगी कि खाला के घर से पेक कर लो
34:49तो फिर वहाँ चला गया
34:50जब वहाँ गया तो अनुशा ने इतनी जबरदस बिर्यानी बनाई थी
34:54क्या करता मैं?
34:55और मौम को उसके आथ का कीमा और मुझे बिर्यानी बहुत पसंदी
34:58पहले तो अनुशा ने कबाब और समूसे कि लाए उसके बाद खाने के लिए रोख लिया
35:02अब इतनी जबरदस बिर्यानी देखकर कहा हाँ रुखता मेरा
35:05मौरी ली बिर्यानी की विक्टर भी ली थी मैंने ये देखो
35:10कोई दूरत नहीं है
35:12मैं जानती थी पहले से के अनुशा के हाथ की बर्यानी के तारीफ तो मुझ से हाख के करोगे
35:17और मुझ से बढ़ दाश नहीं होगी
35:19ह।
35:20कैर, गनमे क्या बना था? चाची नहीं क्या बनाया?
35:23माहमा, कुछ बनाई नहीं ले बाहर से ओर्डर किया तो
35:27बजिया?
35:28ती भूर मा मा एं तुम अभी तक सोई नहीं?
35:32आप मामा तुम मुझे नहीं नहीं आ रही थी, तो मैं और बहाज तोनों यहाँ गएँ
35:37बहाज तुमने यूनिवरस्टी नहीं जाना
35:39और बजिया तुमने भी
35:42जाओ जाकर दूनों सोचा
35:44जी
35:45मकर मामा मुझे नेन नहीं आ रही है
35:49वजीहा
35:50तुम कभी भी ना मेरी बात नहीं मानती
35:53वहाज को देखो
35:54भाबी की बात हमेशा मानता है
35:58और तुम्हारी नजर में अपनी मा की कोई अहमियत ही नहीं है
36:01चलो, आओ सोई
36:05चलो
36:15दिल तुझे चाहे मेरा
36:34साथ मिले एक मुझे तेरा
36:39होगा ना कोई तो रासता
36:43क्योंकि मैं ये बात जानता हूँ
36:47कि तुम कभी भी ये बात माम को नहीं बताओ
36:49इसलिए तुम्हे तुम्हे तुम्हे तुम्हे हर बात शेयर करता हूँ
36:52क्योंकि तुम मेरी सबसे अच्छी दोस्त हो
36:55और मेरी राज़दार ने
36:56सबसे अच्छी
36:59जी
37:00और इसलिए मैं कोई भी बात वजिया से डिसकस नहीं करता क्यूंकि मैं जानता हूँ वो पेट की हलकी है और किसी के पर सामने मुख बोल जाईगी
37:30जाने है क्या है बलबंजुर कहना पाऊं हाले दिश औरे पिया ये तो बता क्या है बिन जिदाई है क्या

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