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  • 11 months ago
Pamaal Episode 07 - 27th October 2025 _ Digitally Jazz, Happilac, Jhalak Beauty Cream _ Green TV

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Transcript
00:00ओ हर जाही तामन में क्यों आगे लगाई मधानिया
00:11में अनी को समझा दिया वाइंदर फ्रैक्निया होगा मचसे
00:33क्या का तुमने उसे के मुले यसा पसनने है
00:38हाँ
00:41कहीं उसने और कोई बड़ी प्राब्लम क्लेर कर दी तो
00:44तो कर दे मुझे क्या फरक पड़ता है
00:47मुझे किसी के परवाह नहीं है
00:50मेरे लिए यह इंपॉर्टन्ट है कि मेरा शोहर मेरे भारे में क्या सूचता है
00:55अब ऐसे भी उसकी जॉप लगी है लोहर में थोड़े दिनों में जा रहा है
01:01आपके सामने में ऐसे कुछ कहा नहीं, जो भी है, कजन है, माम का बेटा है
01:07अकेले में समझा दिया, समझ किया वो
01:10बहुत सम्मेदार हो गई है मलका
01:13क्यों? पहले समझदार नहीं थी गया
01:16तो अक्शली कल जब आपने डिनर पे भाई भावी से पूलाना के
01:21मलका रोक सकते है, उसका हक है
01:24तो मैं समझ गई
01:26अगर बीवी का शोहर पर हक हो सकता है
01:29तो शोहर का भी बीवी पर हक हो सकता है
01:32पस ये बात समझने में थोड़ी देल लगी लेके नहीं
01:35समझ गई हूँ
01:39तो बहुत अच्छी हो मलका
01:44अस ये सुनना चाहते किया
01:46कितनी बार सुनूगी, रोज तो कहता हूँ
01:48काफे दिनों से अपने नहीं कहाई
01:52तुम बहुत अच्छी हो
01:58आई नू
01:59शादी के बाद आउरत के दिल में अक्सर एक खाहिश बलने लगती है
02:14अपना घर
02:16ऐसा घर जो सिर्फ उसका हो
02:21जहां वो दिल खोल कर सांस ले सके
02:26जहां वो अपना एक नया जहान बनाए
02:32लेकिन अक्सर ये खाहिश कुछ रिष्टों की खातिर
02:39कहीं न कहीं दिल में तफन हो जाती है
02:43मेरी किस्नत में वैसे ही बाप की छट नहीं थी
02:49बस शायद इसी बज़ा से दिल के सबसे बड़ी खाहिश वे छट की थी
02:56अपना घर अपना आशियाना एक कोना अपनी चट
03:06सल्मा भावी का है? वो तो मार्कीट गई है एक दू गेंडे बाद आएंगी एक दू गेंडे बाद आएंगी
03:15सल्मा भावी का है? वो तो मार्कीट गई है एक दू गेंडे बाद आएंगी
03:32सल्मा मुझे लग रहा है चेस बाद साथ जुड़ी है उदे को रास्ता कम है
03:45सेटिंग चेंज करें थोड़ी
03:47कर दोड़ी करें दोड़ी
04:08कर दो कर दो कर दो
04:38कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर �
05:08Salma?
05:11भावी, आगे हैं आप?
05:13मैं फारी थी, मैंने का थोड़ी घर की सटिंग चेंज करूँ, कैसे लगी आपका?
05:17यह कॉर्नर पहले से पेते लग रहे है, ना?
05:19Salma?
05:20जी बाजी, यह सब कुछ वापिस वैसे ही सेट कराऊ जैसे पहले था.
05:24जी अच्छा, क्या हुआ भावी, अच्छा नहीं लगा आपको?
05:30भाले खा, तुम्हें शाइद मालूम नहीं है कि मैंने कितने बड़े इंटीरे डिजाइनर से इसब डेकरेट कराया.
05:37खास कराची से बुलाया था, तुमने तो खड़े-खड़े पेरे घर की वैल्यूज यों कर दी.
05:44नहीं आई हो, समझाओगी.
05:49साब के आने से पहले इस सब कुछ अपनी जगह पे वापिस रखवा तू.
05:53वरना वो कहेंगे, डिसाइनर के पैसे देगे मैं तू लूट कया हूँ.
06:10क्या हुआ?
06:12मेरे आने के बावजूद भी इतनी संजीद की?
06:15अज़ा?
06:19आज सुबर जब आप आफिस में थे, भावी भी घर पे नहीं थी.
06:24तो साब दिन मैसे भी कुछ करने के लिए नहीं होता.
06:29तो मैं दिल चाहा के मैं थोड़ी सी सेटिंग चेंज करूं लाउंज की.
06:34मैंने की, मुझे तो अच्छी लगी.
06:38पर फिर मुझे पता चला के इस घर को किसी इंटीर डिजाइनर ने सेट किया है, तो मैं इसकी किसी चीज़ को हाथ नहीं नगा सकती हूँ.
06:50हाँ, बाबी की खुआश थी कि इंटीर डिजाइनर कराची से बलाए जाए.
06:56मैं और भाई चाहते थे कि बाबी खुद मट जोन की मर्जी.
07:02जब भाई की मर्जी से इतना कुछ हो सकता है, थोड़ी बहुत मर्जी तो मेरी भी चल सकती है, लेकिन भाई को अच्छा नहीं लगा.
07:14यह तो भाई पर डिपेंट करता है मलका, जो चाहें करें, उनका गहर है.
07:24क्या मतला?
07:29क्यों थे?
07:33भाई का गर?
07:35हाँ.
07:37घर शबुद भाई का था, शादी के बाद उनने भाई के नाब पर कड़ दी, क्यों?
07:44तो यह आप कर यह नहीं हमारा गर नहीं है?
07:48महीं.
07:52कभी भाई ने कोई लियास नहीं किया?
07:58मैं समझी किसन मुझ मेरे महरवान हो गई है.
08:08मुझे मेरा खर मिल गया है.
08:12ना मेरी माँ को अपना घर मिला ना मुझे, सारी जिंदगी हमने मामो के दर पे खुसारती है.
08:22हम दो भाई है मुलेका, हमाला गलग घर में तो नहीं रह सकते ना?
08:32चलो, अपना मुँँ ठीक करो, तुमारे मामो की दर चलते है.
08:38हाँ, चलो, स्मायर, बिंक स्मायर, चलो.
08:58हम यह ओरत का अपना घर कौन सा होता है?
09:01हारत का घर, शादी से पहले उसके माबब का घर, और शादी के बाद उसके शोहर का घर ही उसका घर होता है, बिटा.
09:11और अगर उसके शोहर का अपना घर ना हो तो?
09:16तो पर शोहर का साथ ही उसके लिए सबसे बड़ी नेमत होती है.
09:22कुछ हुआ है क्या?
09:24है क्या माई उसी हुई काश ये मामो का नहीं अब्बा का दियावखन होता पिटा सब की नसीब में सब कुछ नहीं होता कुछ लोगों के पास जिंदेगी जरूर होती है लेकिन मुझ सेहत के लिए दरसते हैं और कुछ तो बेवकूफ होते है
09:54कोई सारी जिंदेगी दौलत के बीचे भागते भागते मर जाता है और किसी के पास उलाद ही नहीं होती है शायद यही अल्ला का निजान में है हम यह को पता है रजा का अपना घर नहीं है उसके भाई का भाई ने भी भाभी के नाम किया है यह नहीं हम अपने शोहर के नहीं �
10:24कि रजा उनके साथ रहता है
10:26वलिका इसमें इतनी घवराने वाली कौन सी बात है
10:30वक्त के साथ सब कुछ मिल जाता है
10:33वा तब तक मैं सिसक सिसक के जियू
10:34हरकिस नहीं
10:37बलके खुश रो, इज़दो और इज़द लो
10:40अलिका, रजा के भाई भावी उसके बड़े है
10:45कभी उनके साथ बत्तमीजी करके उनका दिल मत खराब करना
10:50काम्याब वारत वो नहीं होती
10:54जो अपनी खौाहिशें पूरी करने के लिए
10:57अपने रिष्टों का ये गला गूंटे
11:00तो फिर में क्या करो?
11:02सबर
11:03बीटा भी शादी को दिन ही कितने होए
11:06एक तो तुम लड़्कियों का ये ही बात बड़ा मस्लह ए
11:12एतने अर्मान से जाकर शादी करती हो
11:14कि बाद में येही अर्मान जिन्दगी के रामिया से बनकर अडराते है
11:18मैं मेरा भी दिल चाता है मेरा अपना घर हो जहां मेरी मर्जी चले
11:21पहले खुद को उस मुकाम पे तो पंचा
11:24कि शोहर तुम्हारा एहसास करे तुम्हारी खौईश का इतराम करे
11:29और अगर उन्हे एहसास नहुआ तो
11:30होगा
11:31पहले उसके रंग में तो रंग ही जो होता
11:34पर तुमने उजलत दिखाई
11:40तो यही एहसास उसे में भी बदल सकता है
11:44पेटे इनसान पे अगर कोई बात मसल्लत की जाए
11:49तो वो चुड़ जाता है
11:51इस तरह उससे बात मनवाई जा सकती है
11:54लेकिन एहसास नहीं दिलाया जा सकता
11:58और अगर तुमने भी अपनी ख्वाहिश की जिख पकड़ ली
12:01तो हो सकता है रजा तुम्हारी बात मांग ले
12:04लेकिन इस तरह तुम खुश नहीं रह सकोगी
12:08और यही जिख बाद में तुम्हें खून भी तुकवा सकती है
12:15इसलिए बिटा थोड़ा सबर अरदाश्ट और अतात
12:24आज सर्णियता मैंने सुचा सब घर पे है तो किस स्पेशल बनाया जाए
12:36मिनी नामी की डेश है यह वो बनाया करती थी
12:39हमारे घर की स्पेशल डेश है
12:41कभी मैं कहूं के वही आज तो किसी एक्सपर्ट के हाथों का कमाल लग रहे है
12:45वाँ शेकल भी बड़ी इच्छी है
12:48खाली शेकल नहीं भाई आपको टेश भी बाद चानेगेगा
12:50क्यों नहीं होगी भाई चोटी बहुने जो बनाया है
12:53सफ्या
12:55क्यों जो जो नहीं है
12:58हम्
12:58वाँ
13:00थैंक्यू
13:01अबी
13:03हम्
13:06तोड़ा अजग लग लगह था
13:08मसाले तो वे डिफूट लगए है
13:10वाँ डिफूर्ट इज़न लगए क्योंके वो कच्छे गोश्ट बनी हुई है
13:16कच्छे गोश्ट
13:18सुन के नहजे ओर रह प्या
13:25स्टीम में गोष्ट को गलाते हैं, गलावा है गोष्ट, भावी कच्छा नहीं है खाहे, अरे सफिया तुम तो शुकर करो के घर जी को खातून किचन में गई है, लाको का किचन बनाया और सलमा अरवा खड़ी होती है, कर दीना टपकल मर्दों वाली बात, और अरक मस किचन मे
13:55खुबसरत है, सुलिया, अच्छा मैं ये दई भुलकी और सालड खाके गुजारा कर लेते हूँ, ऐसे मलिखा तुम नेक्स टाइम जब कुछ बनाना हो तो स्नैक्स पर एक्सपरिमेंट कर ले न, क्योंकि स्नैक्स खाएं ना खाएं को फर्क नहीं परता, क्योंकि लंच और
14:25ये तरी गर्वी में, मेरा किच्छन एर कंदिशन है शाहूँ, जी बिलकुल बेखम साहबा, पर दोखी आये के वहाँ सल्मा होती है हर बात,
14:33सफिया भावी बुरी नहीं थी, अल्ला ने उन्हें एक निमत से नवाजा था, जिस पर वो अपना भर पूर हग जिताती थी,
14:55हर आउरत की सल्तनती तो होता है, बस शिद्द से दिलचारा था कि मेरी भी अपनी सल्तनत हो, जिसकी मैं भी बेकुल इसी तरह हिफाज़त करूँ,
15:18इस में ये भी लिखता ना कि आज की बिढ़्यानी बहुत अच्छी बनी थी,
15:20अब मजा करें, सच में बहुत अच्छी बनी थी,
15:28अगर आपको अच्छी लगी थी, तो फिर में खुश हूँ,
15:34मैं सच में किचिन में काम करना इतना अच्छा लगता है,
15:41पता है मैं सूची थी कि मुमानी कि अच्छी है,
15:44उन्हेंने कभी यह एहसास नहीं होने दिया,
15:48क्या हम उनके घर में रहते हैं,
15:50अब यह सारा दिन किचन में होती हैं,
15:52कभी यह बना रही हैं,
15:52कभी वो बना रही हैं,
15:54और आपकी सोच है,
15:55जो मीनी मेरी ट्रेनिंग की अस उसराल में आने के लिए,
15:58किसी चीज की कमीनी छोड़ी,
16:00और मैं सोची हूँ जो हुनर है,
16:01वो जो जोहार है,
16:02मैं कहां दिखाऊंगी?
16:04पहलाल जोहर दिखाने के बजाए,
16:06आब आराम कीजिए,
16:08क्या जरूत है किचन में सढने की,
16:10या इनके इंटीरे डिजाइन में इंटेफेर करने की,
16:28क्या हो गया?
16:33मुझे बुरा लगा.
16:34क्या बुरा लगा?
16:36इंटरफेरेंस.
16:37किसकी बई?
16:38किसी का भी.
16:40शोओ कि ये मेरा गर है,
16:41और आज तक इसमें किसी ने इंटरफेर नहीं कि.
16:43आज आपने इंटरफेर किया मलिका के सामने.
16:47मलिका के लिए.
16:49वो कल की आई छोटी बहु घर की.
16:51क्या सोचेगी मेरे बारे?
16:53ये यह मियत मेरी आपकी नज़र बे.
16:56इस तरह टोकते हैं मुझे.
16:57देखो मुझे सिर्फ उस वक्ट बुरा लगा,
17:00जब तुमने कहा मेरा किचिन है.
17:01तो मेरा किचिन है ना?
17:03मेरा घर है नहीं?
17:05नहीं, लेकिन वो भी तो शादी होकर इस घर में आई है.
17:08उसको भी लगना चाहिए कि घर उसका है.
17:09ये मैं नहीं लगने दूँगी.
17:11क्योंकि ये मेरा घर है.
17:13अगर मलेका रजा की बीबी की हैसियत से इस घर में रहना चाहती है ना,
17:16तो उसे मेरी कंडिशिन्स पर ढहना होगा.
17:20देखो, रजा भी इस घर का फ़र्द है और उस फ़वाले पर...
17:23रहूद रजा एक अर्से से हमारे घर में रह रहा है.
17:26उसका अपना कमरा है.
17:27कभी उसने मेरी लाइफ में इंटरफेर ने किया,
17:29ना ही अपनी लाइफ में इंटरफेर करने दिया.
17:32खर आरत की कमजोरी होता है.
17:35और मेरा घर, मेरी कमजोरी है.
17:52अमी,
17:55मेरा दिल बुझ सा क्या है?
17:57मुझे ऐसे एक जिसे,
18:00कोई जिन्दगी का कोई मकस्ट ही नहीं रहा है.
18:03अब इतनी भी मायूसी की कोई बात नहीं है, मलिका.
18:06हमें सच माने,
18:06मुझे अगर प्रता हो जाना,
18:09कि रजा का अपना कोई घर नहीं है,
18:10या कोई अरादा नहीं है,
18:11कि अपना घर बनाने का,
18:15तो मैं सोचती है,
18:17कि इसब करने से पहले है,
18:19मालिका, इतनी जल्दी,
18:21इतनी जल्दी पष्टावा,
18:22वो भी बर्यानी ना बुसंदाने पे?
18:24मैं बात बर्यानी की नहीं है,
18:26आप समझ नहीं रहीं,
18:28मुझे ऐसे तर जिसे,
18:30मैं एक होटेल में रह रही हूँ,
18:32घर में नहीं रही हूँ,
18:34होटल भी ऐसा है वैसा नहीं,
18:36फाइव स्टार होटल,
18:38अच्छा भला नेक शरीफ पड़ा लिखा लड़का है,
18:41मुझे बात निकालती नहीं है,
18:43वो पूरी कर देता है,
18:45समझ नहीं आती है,
18:46तुम लड़कियां अपना पुराना महला एती जल्दी कैसे भूल जाती हो,
18:49जो चीज है तुम्हारे पास वो तुम्हें दिखती ही नहीं,
18:52और जो नहीं है उसके लिए बिलगती हो,
18:54तो क्या करूँ मैं, आप ये बताए,
18:56शुकर अदा करो,
18:58पिटा अल्ला ने कहां से कहां पहुंचा दिया तुम्हें,
19:01अपने एर्दगिर नजर डालो,
19:03कुछ लड़कियां तो ऐसी हैं जिने शौहर ले जाते साथी बेच देते हैं,
19:08कुछ के शौहरों को जुए और नशे की लात होती है,
19:11तो किसी को? औरत की?
19:13कुछ तो कहते हैं कि खुद कमा कर लेकर आए,
19:17पिटा एक घर की चाह ने तुम्हें बिलकुल ही अंधा कर दिया मलेका,
19:22तुम्हें अपने शौहर की कोई खुबी नजर ही नहीं आ रही?
19:25मेरे चाह कोई गलत नहीं है,
19:27सदा की तरसी हुई अपने घर के लिए,
19:31हनारत की खाईश होती है अपने घर की,
19:34वक्त के साथ सब कुछ मिल जाता है मलेका,
19:37सबर करना सीखो दरगुजर के साथ,
19:40बिटा वो सारी जिन्दगी अपने भाई के साथ रहा है,
19:43अब तुम्हारा साथ मिलते ही उसे छोड़ दे क्या?
19:46भावी बेजार है हमसे अमी,
19:49अगर ये बेजारी तुम्हें दिख रही है तो उसे भी दिख जाएगी बिटा,
19:53लेकिन याद रखना अगर तुमने उसकी बेजारी को इलफास दे दी है ना,
19:58तो वो सकता है वो अपनी अना का मसला बना ले,
20:03मेरे चान, जैसे एक भीकारी भीक मांगे नामुतबर हो जाता है ना,
20:08ऐसे ही ये अलग घर का मतालबा करके वारत भी नामुतबर हो जाती है अपने शावर की नजरों में,
20:14वो दे जरूर देता है, लेकिन खेरात की तरह,
20:18ही,
20:22चले मैं आपसे भी बात करती हूँ,
20:26तरफिस,
20:33मेरे एक आदत थी, मैं अपनी मा की हर नसियत पे अमल करती थी,
20:38लेकिन उस वक्त मेरे नसीब में सिफ सबर और इंतजार ही आ रहा था,
20:45पता है,
20:47शादी का हर रंग दिल फरेब नहीं होता,
20:50कोई रंग सेया भी होता है,
20:53कोई बता, कोई फीका,
20:58ममा मैं थख गया हूँ, अब बस करूँ,
21:01नहीं,
21:02पूरा होमवर्क कंप्लीट करके उठना है,
21:04आपकी बहुत कंप्लेंट्स आ रहे हैं स्कूल से,
21:07आपकी एंड राइटिंग ठीक नहीं है,
21:09लिखो,
21:11हमा एक पेश कुड़ा लिख लिख लिया है,
21:29हाथ में दर्द हो रहा है,
21:31नहीं हुमर्, लिखो,
21:33भावी तोड़ा रेस्ट दे दे,
21:35वेस्ट के बाद वो अच्छे से काम कर सकेगा,
21:39मालेका,
21:41मुझे ये बात बिलकुल पसंद नहीं है,
21:43मैंने कुछ रूल सेट की उमर के लिए,
21:45भावी उर तो वैसी,
21:47मैं श्रहूत तक को इस बात की इजाज़त नहीं देती,
21:50कि वो मेरे बच्चे की तरभियत के मामले में मेरे साथिंटिफाय करें,
21:53साइ भावी,
21:56आइन दलत्याद करना,
21:59सावलेत्म,
22:01वालिगम साओ,
22:03वालिगम साओ,
22:05मैं?
22:06हाँ, रोका,
22:09बिंके सारा,
22:11अच्छा,
22:20पावी के मामलात में मत बोला करो,
22:24पीस,
22:25इंसान हुजा,
22:26काम नहीं कर सकती,
22:27बात नहीं कर सकती,
22:28तो क्या कर सकती है?
22:30मरजी है,
22:32आपी थोड़ी कॉंपलेकेड़ है यार,
22:35उनको समझना थोड़ा मुश्किल है,
22:38चले आइंदा खोशिश करोगी,
22:41आपके सामने बैठके रोंगे, कुछ लोग मनाते इतना अच्छा है, कि दिल चाते है जिंदगी भर उनके सामने बैठके रोया जाए
22:55रोया ही क्यों जाए, जम हसा भी जा से लिए
22:58आउट
22:58आचा सुने ना, रेजा, मुझे आपसे बाद करनी थे
23:04आँ, बालो
23:05क्या हम इस घर में किसी को डिनर पर बुला सकते हैं, जम है क्यों नहीं बला सकते हैं, मेरे बहुत से को डिनर पर बलाने हैं, क्यों, तुम में किसको डिनर पर बलाने हैं, मैं सूचे थी मामू ममानी उनकी वेड़ी के ने मेरे सुरी रेड़ी बेट, इस खार में इनको डिनर �
23:35भाई, बेटियो के दरा पाला में देखे मुझे.
23:39तुम यह तनी लंबी तम हीद बानने के जरूरत थी.
23:43तुम जब चाहे, उन डिनर पर बुला सेथे.
23:47थाइक यू रसुन.
23:48थाइक यू सोब.
23:49रसुपाई भाभी से बुशनुन.
23:51रूके.
23:52जाहिर है, सबका साथ होना ज़रूरी है.
23:56मैं आपके सामने ही बात करूँगी.
23:58वना भे मुझे डान पढ़ जाएए.
24:15भाई, भाभी.
24:17मैं मामू, मुमानी और अम्मी को बसुखाने पर बुलाना चाहे थी.
24:21अगर आपकी ही चासत होतूँ है.
24:24हाँ, हाँ, वाइनोट.
24:25इसे पूछने माली क्या बात है, तुम्हारा तुम्हारा तुम्हारा त्मा घर है?
24:29है, जै.
24:30परसू?
24:32कोई खास बात है?
24:35मुम्मानी की 40th वारे गना बश्री है.
24:39त्स्वाइ.
24:39हमने पहले तो कभी नहीं मनाई लेकिन इस पार मेरा दिल जा रहा है
24:45हाँ भई मेरा घर है ही इतना खुबसूरत कि हर किसी को बुला बुला के दिखाने बुझे जाता है
24:51वैसलिए बुलाना चाहरी हूँ भावी के बापर मुमानी ने मेरा बहुत ख्याल रखाया
24:59तो मैं सोची थी के शादी के बार में तरफ से और अजा के दर से बार अच्छा ज़से चुरूओगा उमें खाने पर बुलागा
25:08चाचा ज़्यादा इमोशनल डायलोग्स नहीं को रही यह बता और लंच पर बुला रही है या डिनर पर जैसे आपकी मरसी आपका है
25:15दिनर पर बुला लो दिनर पर ठीक है मैं खाना खुद बनाओंगे ने ने ने खाना सर्मा बना लएगी सिंपल सा तो बनेगा और बरतन वगयरे जो निकालने मैं सुबह बता तुमें
25:26वैसे हम डिनर होटल में मी कर सकते ना अच्छार प्रॉब्म
25:30लो मैंने ऐसा ग्या कह दिया कि माइंड ही कर गए अरे भाई उसने माइं नहीं किया है इसने पस ऐसी तकल्लफ उन पूछ लिया
25:39तरजा बेरे साथ सालों से रह रहा है मैं उससों डील कर सकती आपीश में ना पड़े
25:43भाई है मेरा जब अकेला होगा बोल पड़ोगा तो मैं तो जैसे जासी की रानी हूँ हूँ हाँ भई मेरा घर है ही इतना खुबसूरित कि है किसी को बुला बुला के दिखाने बुझे जाता है
25:56नेक्स ताइम जब कुछ बनाना हो तो स्नैक्स पे एक्सपेरिमेंट कर ले ना
26:02मैं शहूत तक को इस पात की जाज़त नहीं देती कि वो मेरे बच्चे की तरपियत के मामले में में साथ इंटिफेयर करे
26:10रजा कहा है आप आपको मैंने बटाया था ना कि मामूल मुमानी के लिए गिफ्ट लेना है आपको याद भी है कि नहीं आप अभी तक बैंस में है एक देट घंटा रजा आपको घर होना चाहिए था अभी
26:29आप भी ना आ रही हो मैं ते जूट बोलते है क्या
26:40एक घंटे में आरो सचा लायर मैं इसलिए कॉल करी थी ताकि अब तेर ना हो जाए एक अज नहीं है लेकिन अच्छी चीज लेने में टाइम तो लगता है ना पता है प्ली बार बुना रही हूं घरवालों को मैं नहीं चारी किसी चीज़ बिक नहीं रहेंगा
27:00चले अब क्या देख रहे हैं आपकोज़े बाद में देख सीजेगा चले शाने देखो तुब अबसा आगी हाँ
27:14क्या कुछ सहां क्या कर रहे हैं अब अच्छे लग रहे हैं चलो
27:21का गार्ट गार्ट अटेके किया सोचेगे भाई पादल होकर आ
27:27अ आदब आड़्ट यह सोचेगे कि अमिछ फी रोमेंस कर रहे हैं हाँ कुछ अक्षन और तोने मिलनी चले लो टेर हो रही है
27:34अपर सब्सक्राव करना अब दो कर दो दो कि अपना जो कर दो करें अब यह करें आ इस आपसुट में अपर आपर का नो कर दो कुछ ने रहे वैसे बजे फरके चीज़ों का वाँ शौक है और हो सब्धान मुझा के लिए कुछ पसंदार है काफी कुछ रिंके लिए क्यों के �
28:04मुझे नाय गजय के बाद रवादा
28:34यहर हो घखती
28:41मामु है ज्योर अमुआ है
28:47लग जखार है
28:50ईकि उखेंस
28:51गुष्ट कि और खो
28:53मुह मैं।
28:55जड़ मैं छ एप में अन्यूमुल
28:59हो आपड़ो पुसं में चीज़ा
29:01मßए
29:02साहे, इस बामू लाश पहनते हैं, यह स्मॉल है, बाच ले इंसे, इस्क्यूज़ में
29:08सर्मा, जी बाजी, मेहमानों के लिए पुलाव बनेगा, कडाही बनेगी और साथ रायता और सलाव बस, और ये वले बरतन नहीं निकाल ले, इनको वापिस रखो और जो किचन में बरतन अल्टेटी लगे हैं वही उनके सांदेर रखने हैं, पर भाबी ने तो ये फ्रांस वा
29:38देर हो गई हमें, शॉपिंग के लिए कहते, मुझे बताएं क्या करना है, कुछ भी नहीं करना, जो भी करना है मैंने समझा दिया है, कौन से बढ़तने लगाने हैं, क्या पकेगा, सब बताते हैं, मैं कुछ तो करो, तिंग, तुम सिर्फ अपने तयार होने पर फोकस करो, �
30:08क्या है, मैं पता नहीं, आज दावत है भी या नहीं, है, तुम किछन में गही थी, नहीं गही थी, बाभी सल्मा को समझा रही थी, तो फे मैं ज़्या फोस्स नहीं किया, मैंने क्या कोई बढ़ी लग चाओ उने, तो बस, बाभी, इंदान बाभी न की,
30:38है, है, कि दोझाने है, आप लगए, तो आप है, तो तो मैंने पर चाओ प। घ्र बढ़ दिक्ति रिए दाने, थे रिक्ति नहीं, अ चैल करते है तुम कि भावियर वह यह जी मोश्स नहीं, कि पर गूश उल किम्हां खूरा है?
30:52नहीं कि दो कि दिए उब्हाट के लिए यह थे अदेड़ बाइकु नगने के जाने कामल की का शृप कि अधुडरू मुखा है अटना बड़े है आप मुबार क्षेने बढ़र दो देदें हैं शादी के बाद तो आप लोगने नहीं आए I
31:13कभी हमारे गद तशीफ लाईए ना?
31:15ने ने बिलकुल जरूर आएंगे
31:17हरी इतना बड़ा मौका है आप मुबारक बात तो देते हैं
31:20हैपी अनिवर्सरी
31:21यह तो बस मलिका की खुछी के लिए किया है वरना हम नहीं मनाते बनाते ही शादी की सारगिरा
31:28इसमें क्या बुरा ही है? मनानी चाहिए
31:30मलिका अपने घरवालों की खुब खाते मदारत करना
31:34अच्छा हम चलते हैं हमें कहीं और पर चाना
31:36अब लोग कहां जा रहे हैं?
31:38आब
31:39वो वो
31:40सफिय की कजन आई है कैनडा से तो
31:43से मिलने जा रहे है
31:45लेकिन कोई मसला नहीं है
31:49मेरी देवरानी मेरी कैर मौझूद की में
31:51आपको मेरी कम ही महसूस नहीं होने पर कि
31:53भाबी
31:54भाई खाना तर साथ खा के चाहला
31:57नहीं फिर सही
31:58अपना घर समझ के इंजोई की जगा
32:01ठीक है? चले
32:03हाँ
32:05आओ चले उमर
32:07अच्छा फिर मरकाद होगे आपसे इंशनला
32:11अमानी आपका है
32:17तेंक्यू बेटा
32:18बहुत प्यार है मेटा लिकिन
32:21बेटी से कुछ लगते हुए अच्छे नहीं नग रहे हैं
32:24अमों कैसी बाते करें कुछ भी नहीं
32:26रजा ने जो पसं किया अमने ले लिया
32:28बुचे तो यह था कि पता नहीं आपको अच्छा लगी करें लगी
32:30बहुत प्यार है
32:32बाई भापी से पूछ कर बुला लेते हैं
32:36वो लोग दिशामिल हो जाते हैं तो अच्छा लगता
32:38अरे नहीं
32:40मुझे लगता हमका अचानक प्लान बन गया इस वचे से
32:48अबाकी अगर पूछ के बुला लेती तो अच्छा होता
32:51पूछ के बलाया था
32:53मापी नहीं अचानक कुछ प्लान मेराया
32:56पर यू नहीं था ओ
32:58कोई बात हो यह तुमनों के दर्बें में
33:01पही तो
33:02कोई ओबिटा तो में कुछिश होती कि में इद्वार करता
33:05पर आप हुमारे बेते को चिपके चिपके क्यों डानते रहेंगे जी
33:09काम भाई साब मैं कब डानते हूं
33:11मैं तैसी बात कर रहे थी
33:23तुमारी कजन के घर जाने का तो फ्राइड़े का प्रोग्राम था
33:27तो अचानक चेंज यूं किया तो अच्छी तरह मालूम था
33:32कि मलेका ने अपनी फैमिली का इंवाइड किया है तुमारी मर्जी से किया था
33:37और सारा अरेंजिट भी तुमसे पूछ कर हुआ था
33:40हुआ था
33:41इसके बाद तुमारा यू अचानक घर से निकलना मुझे बहुत आक्वर्ड लगा था
33:46क्यों इतना डीप चले जाता है जरा से बात कुले कि
33:51अभी जरा सी बात तो नहीं ना
33:53मलेका हमारी फैमली मेंबर है तुम घर की बड़ी हो उस दिन वो बिर्यानी वाली बात और अब यह दावत
34:06मूर नहीं था मेरा उन लोगों से डील करने का
34:10क्या डील?
34:11महमान थे वो मलेका की फैमली थी
34:14तुम थोड़ी देर बैठकर अपने कमरे में भी जा सकती थी लेकिन कबसकर तुम घर पे तो होती ना
34:24लेको अब हम एक पूरी फैमली है
34:28ऐसा तो नहीं चले काना हो
34:31तुम इस से लोग बेवियर सूट नहीं करता है
34:34करता है
35:01इश्क तेरे में हो गई पामाल मैं ना रही मैं हो गई कुछ और

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