00:00ब्लैक होल एक ऐसा खगोली अपिंड है, जो इतना घना होता है कि इसकी ग्रेविटी सब कुछ खींच लेती है, यहां तक की रोशनी भी.
00:06सोचिए, एक तारे की मौत के बाद, वो कैसे एक ब्लैक होल में बदल जाता है?
00:09जब वो अपने जीवन के अंत में पहुंचता है, तो वो अपनी ही ग्रेविटी के कारण खुद को समेट लेता है.
00:14ब्लैक होल के चारों और एक सीमा होती है, जिसे इवेंट होराइजन कहते हैं.
00:18अगर आप इस सीमा के पार चले गए, तो वापसी का कोई रास्ता नहीं.
00:20यह एक तरह का एक तरफा दरवाजा है.
00:23वैज्यानिकों का मानना है कि हमारे ब्रह्मांड में लाखों ब्लैक होल हैं, लेकिन अभी तक हम सिर्फ कुछ ही देख पाएं हैं.
00:28और हाँ, यह सिर्फ विज्यान की कहानी नहीं है, बलकि यह हमारे ब्रह्मांड के रहस्यों में से एक है.
00:33तो अगली बार, जब आप रात के आसमान में तारे देखें, तो सोचिए, कहीं वहाँ एक ब्लैक होल तो नहीं है, जो सब कुछ खीच रहा है.