Skip to playerSkip to main content
new romntic web series ullu new #love #romance #romntic #movies #ullu #drama
Transcript
00:00क्या बता हूं भाभी, अब क्याती हो ना, जो इंसान जितना सच्चा होता है, व्यवहार कुशल होता है, सबका दर्द समझता है, सबको समझता है, वो हीरो होता है, तो उस हिसाब से तो मैं हीरो हुआ ना भाभी, बिलकुल, तो भाभी हीरो ना, जुर्म के खिलाब विलन से �
00:30अरे अनील भाईया
00:35हीरो सबको पीटता है
00:37क्योंकि उसे लड़ना आता है
00:39तुमारी तरह शरीर और बुद्धी से
00:41वो पैदल नहीं होता
00:43अरे अनील भाईया
00:49अगर तुम्हें सच में हीरो बनना है न
00:51और बीस पचास को ऐसे ही अकेले मारना होना
00:55तुम्हें हीरो बना सकती हूँ
00:57तुम?
00:59कैसे?
01:01ये अपने पहलवान है न?
01:03अलगू पहलवान?
01:04हाँ, अलगू पहलवान
01:05बस उनका वो अखाडा आपको जोईन करना होगा
01:09लेकिन उसके लिए तुम्हें मेरा एक छोटासा काम करना होगा
01:15कैसा काम?
01:16मेरा उसके साथ सेटिंग करवाना होगा
01:20तो भी न ये तो क्या बोल रही मेरे देवर जी से
01:23अरे तो इसमें इतना शर्माने के क्या बात है
01:25पूरा मोहला जानता है
01:27कि मैं उन पर जान देती हूँ
01:30और एक वो है जो मुझे भावी नहीं देते
01:32बस इतनी से बात
01:33अरे कर मत करो
01:35यू सेटिंग करा दूँगा तुम दोनों का
01:38देखो बस
01:39आज़ आज़
01:42जाला यहां कर पहलवानी मार खाज़र
02:04यहां योगा काम आता है
02:08लगता है मुझे भगवान ने मुझे पर तरस खाके
02:25मुझे तीसरा हाद दे दिया है
02:27मगर यह इतना नरम क्यों है
02:31लगता है अभी अभी दिया है इसलिए थोड़ा
02:36नरम है इसे भी वर्जिस करके
02:39कड़क कर दूँगा
02:41तू क्या कर लिए यहां बागया से
02:56तेरे लिए आयों पहलवान
02:59पहलवान क्या बना
03:02भूल गया पहचान
03:05रोज तो तेरे अखाड़े से गुजरती हूँ
03:08सेव तुझे देखू इसलिए
03:10मैं किसी लड़की की तरव आख उठाके मिनी देखता
03:12मेरा धरम खराब मत कर
03:14तलभा जैसे
03:15क्यों भगारे मेरे पहलवान
03:17ये हाथ थाम कर
03:19अपना तीसरा हाथ बना लो
03:22साबून लगाने के लिए
03:24रोज काम आएंगे
03:25इसी साबून की तरव पानी में गला कर
03:27पहा दूँगा
03:28तलभा जैसे
03:29हो गई सेटिंग
03:40अरे कहा
03:41तुम्हारा ये आइडिया भी फेल हो गया
03:43अरे सुन तो सही गुलावो
03:46तुम्हारी सेटिंग तो मैं इससे लगवा करी रहूँगा
03:49अरे हमने कुछ किया ही नहीं है
04:17ये जब़्धी तो हमने चलाई ही नहीं है, ये जबद्धी तो उस बड़्धो ने चलाई है।
04:21कौन ब� grab ?
04:22अनिल्ला हमेर उसका, यही पास में रहता है।
04:26अल्ये पास में रहता है, तो मेरी पकड्ड से दूर दूर है!
04:28जा पकड़के लाज साले कुद, दोल हुपी पचार लगा हुआ
04:31हमको पता था, आप हमसे कुछ ना कुछ, ऐसे ही बोलेंगे, इसलिए हम उसको पहले से ही पकड़के लाए हैं
04:38रुखिये, दिखाते हैं
04:40लिखाते हैं
04:52तब ही तो ये गल्ती कीए हमने
05:03करओंगे तब ही तो आप मेरी गल्ती शुदारने वाले गुरुजी बनोगे यह नहरता है
05:10मगर वो लड़की वाला लॉंडिया वाला अंदाज बिल्कुल भी पसंद नहीं आया
05:14दारू पीता है?
05:17नहीं नहीं गुरुजी कैसी बाते कर रहे हैं आप?
05:20अबे सिग्रेट पीता है?
05:22नहीं
05:22तू तो पीता होगा?
05:25नहीं
05:26हाँ रोज पीता हूँ
05:29याद रख
05:30औरत
05:32लड़की
05:34मतलब संपूर नारी
05:36नर्क का द्वार होती है
05:40और अश्य से बचके रहना
05:43नहीं तो नर्क ले जाएगी
05:45दोंट वरी गुरुजी
05:46कोई लड़की मुझे भाव देती ही नहीं है
05:48तो मैं किसके चक्कर है पढ़ूँगा?
05:52पढ़ना भी मात
05:54वो चेतन बगात है ना
05:56बगात होकर भी
05:58अखड़ा जोईन किया
06:00और एक लड़की के चक्कर में पढ़ गाए बताओ
06:04फिर?
06:06फिर क्या?
06:07गुरुजी को आया गुस्ता
06:09और देदोबी पच्छाड
06:11देदोबी पच्छाड
06:12ऐसी दोबी पच्छाड मारी
06:14कि पच्छाड खाते खाते
06:16सस्ते कपड़े की तरह पढ़ गया बेचारा
06:18बताओ
06:19और वो वो पडोसी गागवा कल्लू
06:24कल्लू मल उसको तो जानते ही हो
06:27गुरुजी ने उसको भी दोबी पच्छाड मारा
06:29अरे नहीं
06:30वो आया था सिक ने वो भी लड़गी के चच्पर में पढ़ गया
06:33और गुरुजी ने उसको दोबी पच्छाड नहीं मारा
06:35उसको सीदा तलाम में बहा दिया
06:37जहां पर कपड़े पच्छडे जाते हैं
06:40दोबी जाते हैं पच्छाड ने
06:42वहीं पह बहा दिया
06:44और वो ऐसा भया, ऐसा भया, भैता ही गया, भैता ही गया, अंतिम संस्कार करने के लिए उसकी बोडी तक ना मिली, सोचो, गुरू जी का गुस्सा ऐसा है, बापरे, मतलब अंतिम संस्कार करने का मौका भी नहीं मिला, अबे जो अपने संस्कार भूल गया हो, उसे अंतिम संस
07:14दूर रहना, समझे, बहुत गुस्से वाले हैं, अगर उनको मालूम पढ़ गया तुमारे बारे में, कि तुम लड़की के करीब जा रहे हो, तो पता नहीं फिर, तुम तलाब में बहो, कि नदी में बहो, कि किसी फटी चड़ी के खेत में मिलोगे, हमको भी नहीं पता है, है,
07:44बोलो, लाल लंगोटी वाले बाबा की, डैवो, बोलो, लाल लंगोटी वाले बाबा की, यक्या, है ले भावी, डोट वरी, आज के बात किसी की मजान नहीं है, जो आपको चेड़ दे, जो भी चेड़ेगनада, वहापे,
08:14एसी दोवी पजाड मारेंगे ना, दुबारा उठनी बाएगा।
08:17चलिए, चलते हैं, टेस्रत करने का टाइम हुरा है मारा।
08:22लेकिन अभी सवेरे सवेरे तो तुमने दंड पिला था ना।
08:25अरे भाबी जी, हमारे गुरु जी श्री अलगु पहलवान जी कहते हैं कि दिन में खाना भली एक बार खाओ, लेकिन डंड दिल में तीन बार पिलना है, समझी? और ये हमारा दूसरा डाइम है, चलते हैं
08:37अरे दिवाजी
08:38अरे
08:45अनिल भाईया
08:47अनिल भाईया
08:48अरे अनिल भाईया, हम आपको कब से ढूड़ रहे, कहां हो आप, दिखाए नहीं दे रहे आजकल
08:57वही देर और लीट हो जाती तो यहां भी नहीं मिलते
08:59यहां भी नहीं मिलते, तो कहां मिलते?
09:03गुरु अलगु पहलवान के अखाडे में
09:04फिर तो और भी अच्छा था
09:08तब तुम मेरी वहाँ पर तुम सेटिंग
09:10कोई सेटिंग लेटिंग नहीं होने वाली है
09:12गुरु जी का कहना है कि नारी नरका द्वार होती है
09:16उससे जितना दूर हो उतना अच्छा है
09:18सुखी जीवन के लिए नारी से एक कदम दूर
09:34हमसे नहीं होगा यह सब जा रहे हम
09:36अरे
09:40सोचा था कि देवरानी आएगी तो मुझे थड़ी हेल्प हो जाएगी
09:44लेकिन यहां तो मेरा देवरी हाथ से निकला जा रहा है
10:04दिल की जलन बुझा दो सजन
10:22दिल की जलन बुझा दो सजन अब दोरी सही ना जाये
10:32जड़ती उम लंबी रगर कोई कैसे अकेले बितावे
10:38जुल्मी जवानी जुल्लुम करे
10:42तेरा योवन है एक अगन जो भी छुए वही जल जाए
10:58नहीं भस ना मुझे नहीं सट ना रफा दूंगी मुझे अब बचाए
11:04तेरी जवानी जुल्लुम करे
11:10जुल्मी जवानी जुल्लुम करे
11:14जुल्मी जवानी जुल्लुम करे
11:18पतली का मरिया बाली उमरिया बेपे कहे कोई शो ना कहे
11:44एक बार जिसको हसके मैं बेखू वो मर मिटे मुझे को अपना कहे
11:54नहीं तुझको हबर कब होगा अज़र
12:04नहीं तुझको हबर कब होगा अज़र
12:14क्यों न मुझको तौप न बनाए
12:20चड़ती उमर लंबी डगर कोई कैसे अकेने बिखाए
12:26जुल्मी जवानी जुल्म करे
12:38सुनो गुजरिया पनूना सवरिया
12:56काहे पड़ी है तु मेरे गले
13:00मैं ब्रह्म हुचारी तु कन्या कुवारी मुझे भोगी बनाए
13:06क्यों पाप मढ़े
13:12रस्म ओ घुजरिया पनूना सवरिया
13:16काहे पड़ी है तु मेरे गले
13:19मैं ब्रह्म हुचारी तु कन्या कुवारी मुझे भोगी बनाए
13:24क्यों पाप मढ़े नहीं बनना सजन मुझे करना भजन
13:29ओ देविजे नहीं बनना सजन मुझे करना भजन क्यों मेरी तुनिय तुलाए
13:37नहीं फसना मुझे नहीं सटना रभा तुही मुझे अब बचाए
13:43तेरी जवानी जुलम करे
13:47तेरी जवानी जुलम करे
14:06अरत तेरी जवानी जुलम करे
14:17सिम्रंद सिम्रंद हां क्या देख रही है ऐसे कुछ नहीं वो तुम्हारे नौजवान पड़ोसी को देख रही हो
14:35काश ये सच मुझ मेरी बाहों में होता सच मुझ मतलब तो क्या तू अभी तक सिर्फ फाबो में ही देख रही थी
14:44हाँ कुछ ऐसा ही समझो ठीक है तो फिर तू इसके ख्वाबो में ही खुई रहे
14:51क्योंकि मैं इसके गुरू अलगू पहलवान के बरसों से उसके ख्वाबो में खुई हूँ
14:56और अब तू इसके चेले यानि कि इसके ख्वाबो में खुई रहे
15:02क्यों वो इसलिए क्यूंकि इसको मैंने भेजा था अलगू पहलवान का ब्रमचरिया तोड़ने के लिए लेकिन अब देख ये खुद एक ब्रमचारी बनकर दंड पेल रहा है
15:17तु एक काम कर तु मेरी इससे सेटिंग करवा दे और फिर खुद ही ये अलगू पहलवान से तेरी सेटिंग करवा देगा
15:29पर कैसे वो तो खुद प्रमचारी बन गया वहाँ
15:34एक आइडिया है मेरे पास क्या सुन
15:47हो जाएगा गुद भावी अरे ची ची ची ची गुलाबो ऐसी है हमको तो पता ही नहीं था
16:03अरे देवर जी आज आप जल्दी आगए अरे भावी कपसे ढून रहे हैं आपको आपको ढून्टे ढून्टे यहाँ पर आगए तक है और ये गुलाबो छी
16:15अरे अनिल भाईया क्या हुआ
16:22भाईया मत बोलो हमको अरे हम तुमको क्या समझते थे और तुम क्या निकली
16:27सही कहता है हमारे गुरू जी नारी न नर्क का द्वार होती है और यहाँ दो द्वार एक साथ छी छी छी
16:34अरे तुम गलत समझ रहे देवर जी वो लड़की नहीं है यह तो एक प्लास्टिक का पुतला है
16:43प्लास्टिक का पुतला हां जैसे तुमने वो बड़े बड़े शोरूम के बाहर वो कपड़े पैने वे प्लास्टिक के पुतले देखे होंगे ना पस यह हूँ बहू वैसा ही एक पुतला है
16:53तो फिर यह गुलाबों क्या कर रही थी?
16:58अरे अगर आप फोड़ी देर पहले आते ना तो मुझे भी वहीं पाते
17:01क्यों?
17:03अरे यह थकान उतारने के लिए स्पेशल बना प्लास्टिक का एक पुतला है इसे बाहों में पकड़ कर सो जाओ
17:09दिन भर की सारी थकान पल भर में छुमंतर हो जाएगी
17:13क्या बात कर रही हो भावी?
17:34यह तो एक दो मस्ती लगती है
17:36हाँ, तभी तो इससे थकान उतर जाती है
17:39वैसे भावी, अच पहलवान जी ने ना बहुत बरजिश करा लिया हमसे
17:45ठक तो हम भी गए है
17:46प्रिक काम करिये देवर जी, इसे अपने घर लेके चलते हैं
17:50खा पीकर तुम इसके साथ अराम कर लेना
17:52इससे तुम्हारी थकान पूरी तरह से उतर जाएगी
17:55और मिसे गुलाबो को वापिस कर देंगे
17:57ठीक है भावी, मैं लेके चलता हूँ इसे
18:01अरे ने ने ने, रुको
18:02तुम उसे अभी नहीं लेकर जा सकते
18:05अभी तो मेरी खुद की भी थकान नहीं उतरी है
18:07अभी तक तो तुम्हारी भावी उसके साथ थी
18:10एक काम करो
18:25अरे भावी, भावी
18:31गुलाबो आई
18:34जब तुम बात्रूम में थे न, तभी आके गई
18:38अब पूरे दो घंटे बाद आएगी और लेके जाएगी
18:42दो घंटे बाद?
18:43हाँ
18:44हाँ
18:49कारज प्रूम्हाँ
18:50कевой दित्ब infantange
18:51के भी उरे थे लेके एतिक driving
18:57कर सकते हो यह बादे की
18:59य ह DAY में खबादेël
19:01बादे लेके लेके लेका लेके बादेएब।
19:03हावaffकत you
19:06कवार भादेदित
19:08लादे लेके बादेएव में ऊजड़
19:09लादेशना यहाँ
19:12देखो उसने
19:24एक तब असली लगती है
19:30क्या क्या चीजे बनाई है इंसानने
19:33MUST
19:34कितनी मुलाया मैं वे रिया
19:38असली से भी जादा असली लग्री है
19:42हृृृृ
19:52है
19:56हृृृ
20:01हृृ
20:03हृृ
20:05हृृ
20:07दिल की जल
20:31बजहाओ दो सजल
20:36दिल की जलन वो जातो सजन
20:43अब दोरी सही नाँ जाए
20:45जड़ती उमर लंबी रगर
20:49तोई कैसे अकेले बिताए
20:52जुल्मी जवानी जुल्म करे
20:56जुल्मी जवानी जुल्म करे
20:59जुल्मी जवानी जुल्म करे
21:02जुल्मी जवानी
21:04लगता है सिम्रन का आइडिया सक्सिस हो गया
21:15भावी और गुलाबों लेकर सही कहा था
21:20ठखावन उतरने के शुरुवात हो गई है
21:24भगवान करे हो जाए
21:35ताकि वो जल्दी से जल्दी मेरे घर में देवरानी बन कर आ जाए
21:39हाँ और इसके बाद न अनिल मेरी भी सेटिंग अपने उस पहरवान जी से करवा देगा
22:09करे करे करे दो जाए
22:39क्या हुआ देवाजी अरो बाभी वो शाखान होता आने वाला पुतला वो कहीं दिखाए निदेर
23:08मैंने बोला था ना कि आपकी थकान उतारने के बाद गुलाबो आके उसको लेकर जाएगी
23:15अरे भावी मुझे एक बार और देखता था उसे
23:18सच में भावी उसने ना पुरी थकान ही मिटा दी मेरी
23:22अच्छा लेकिन मैंने तो पहले ही बोला था ना
23:25और अनिल भाया कैसे हो नीन दाई नीन दाई मतलग अरे गुलाबो पूछो मर ऐसा लगता है जैसे कितने बरसो बात मुझे इतनी प्यारी नीन दाई है
23:39और थकान थकान थकान थो जैसे थी ही नहीं इंतम छूमंतरी हो गई
23:45देखा मैंने कहा था ना और मुझे चिची कर रहे थे मेरा केरेक्टर खराब कर रहे थे
23:51सॉरी गुलाबो अच्छो गुलाबो मेरा एक काम करोगी वो मुझे एक रात के लिए और दोगी
24:03सुना सिम्रन का आईटिया काम कर गया लड़के का ब्रमचरिया डाव पर लग गया
24:22गुरुजी वा बर्खोदार बड़े फ्रेश लग रहे हो कल वर्जिस नहीं की थी क्या की थी गुरुजी
24:33तो फिर इतने फ्रेश के से ना चेरे पर कोई थकान जितनी बताई थी उतनी की थी
24:39अरे उतनी की थी गुरुजी बस ऐसा समझ दीजिए कि हमको थकान मिटाने का एक आईडिया मिल गया है उसी वज़े से फ्रेश लग रहे है
24:46यह आईडिया बाद मेलेंगे अभी लॉंडो के साथ में जाके डन पेलो और तुम पनिल को देखो कितना फ्रेश लग रहा है तुम क्यों सो रहे हो
24:55जाके डन पेलो वरना दूँगा दो दो भी पचाड मैं आ रहा हूँ वर्जिश चालू करो
25:00जी गुरुजी जी गुरुजी यार कभी गभी तो गुरुजी ना इतने खडू सो जाते है ना यार मैं कल रात भरना सोया नहीं फिर भी मुझे दो जप्की ने दिनने
25:14अच्छा तो एक बात बता यार तू बड़ा फ्रेश लग रहा है तूने में तो वर्जिश उतनी करी है जितनी सबने करी थी
25:23ये तो उतनी थी अभी बताया ना मैंने गुरुजी को मुझे थकान मिटाने का एक आइडिया मिल गया है उसी के वज़े से इतना फ्रेश लग रहा हूं लेकिन वो आइडिया है क्या मुझे भी बता
25:36मेरे पास में पुतला है उसके साथ राग को चिपक के सोने से सारी थकान ही मिर जाती है और इंसान फ्रेश भी हो जाता है एना ख़माल की जीज तब तो वो पुतला मुझे भी चाहिए मुझे भी देना यार अरे तुझे गया अखाले के सारे पहलवाना को दूँगा सब ज
26:06उनको भी अपनी थकान मिटाने का उसर मिलना चाहिए ना तो आज नात को मैं वो पुतल लेने आ जाओ हूँ आज नहीं यार तु खला जाना में गल दे दूंगा तुझे ए तरना है देना है अबेर देना है तो इस देना है कल बोला ना आच चल वर्जिश करते चल देना है
26:36हाँ हाँ, गुलाबों ने उसे तेरे रूम में पहुचा दिया है
26:39सच भावी?
26:50आज भी एकदम कल की तरह मेरी साई थकान मिटा दो
26:53फ्रेश कर दो मुझे
26:55काश मैं आज रात तुम्हें त्यार कर पाता
27:06सच?
27:12तुम कैसे बोल सकती हो?
27:14तुम तो एक पुतला हो ना?
27:17मैं पुतला नहीं हूँ, मैं एक लड़की हूँ
27:21और मेरा नाम सिमरन है
27:23कान सिमरन?
27:26पुतला हो तुम?
27:28पुतला नहीं हूँ मैं
27:29कहा ना? मैं एक लड़की हूँ
27:32और मेरा नाम सिमरन है
27:33और मैं तुम्हे बहुत चाहती हूँ
27:35लेकिन मैं तुम्हें नहीं चाहता
27:38क्यों?
27:40अब तक तू बड़ा बोल रहे थे
27:42गाश, आज रात मैं तुम्हें प्यार कर पाता
27:46मेरी सारी ठकान दूर हो जाती
27:48तुम बहुत प्यारी हो
27:49तो आप क्या हुआ?
27:50वो तो मुझे लगा कि तुम खुतला हो, इसलिए बोल रहा था मैं, अब वैसे भी न, मेरे गुरू कहते है कि नारी से दूर रहो, नारी नर्चा द्वार होती है, उससे एक इंच दूर रहो, वो इसलिए, क्यूकि उन्होंने कभी इस द्वार में परवेश ही नहीं किया, एक
28:20ठीक है, मैं तुमसे दूर हट रही हो और जा रही हो तुम्हारे चेले के पास, उन्हें भी मेरी बहुत ज़रूरत है, हाँ
28:27एक मिनिट, ये बात तो नत्थो और मेरे बीच की थी, तुम्हें कैसे पता?
28:33मैंने कहा ना, मुझे तुमसे बहुत प्यार है, मैं तुम्हें बहुत चाहती हूँ, इसलिए और मैं हर समय तुम्हारे आस पास रहती हूँ, छोड़ो, अब तुम रहो पूरी रात अकेले
28:48आज की रात तो गया, और तुम्हारे वगएर एक रात नहीं रह सकता
28:53सच?
28:56प्यारे वगएर प्यारे वगएर एक रात चाइवर भी रात अकेले
29:26जुड़ातार अज़ातार
29:56झाल झाल
30:26झाल झाल
30:56झाल
30:57उसकी इतनी हिम्मद
30:59गुरु जी
31:01उसने मुझे कली बताया था
31:04कि वो लड़की कोई लड़की में मतलब एक पुतला है
31:06और आज मालूम पड़ा
31:08कि वो तो सचमुच की नारी है नारी
31:11नारी
31:13मतलब
31:14नर्क का द्वार
31:15इतनी बार समझाया
31:17नारी मतलब नरका द्वार, सारा अपना ब्रह्मचरिया तोड़ दिया, जा, पगड़के लाउस को, उसकी टांगे तोड़ता हूँ, जी गुरुजी, अब ही ले क्या है, हूँ, जी जहाँ खा रहे है तु, खाड़े में, खाड़े में कहा जा रहा है, गुरुजी तंतनाय ह�
31:47चोड़ दूगा, हम अगर सोच लेने दे, तालाब में, या नदी में
31:57घुरुजी चोड़ दो, खाड़ी और कि उचाई से, अपनी नरक भुगचुके जमान से गुरुजी, मत के तो, उसे सामने वाले कमरे में बंच कीर दो, इसे प्रैक्टिकल सजा दूँगा,
32:15तभी लोग इसे देख के समझ पाएंगे नारी नर्क का अक्वार है और हमारे यां गल्टी करने वाले को कभी महफी नहीं होती
32:24बन कर से
32:27सुन मैं नत्थो अब यह यहां से बार निकलना नहीं चाहिए
32:35अब तो बनेगा मेरे शागिर्दों का सबक अरे नहीं गुरुजी और ले जाओ नदी के बीच ओ बीच ताकि आने वाले वक्त में वो यह ऐसे ही गल्टी ना करे दुबारा
32:53गुरुजी गल्ती होगे गुरुजी अरे गुरुजी खोल दो गुरुजी प्लीज अरे नत्थो अरे यार चुडवादे यार तु तो भाई है दोस्त भाई अरे कहा जा रहा है प्लीज अरे गुरुजी गुरुजी क्या
33:07हाँ भाबी, अलगू पहलवान ने अनिल को अपने रूम में क्याट तके रखा हुआ है
33:13और आप तो जानते ही हैं, उसके सामने किसी की कुछ भी बोलने की कोई अवकाद नहीं है
33:18अब क्या होगा सिम्रन, मैंने तुझे पहले ही बोला था न
33:23दोन्ट वरी भाबी, हम उसे उस कमरे से निकाल लेंगे
33:27इंपॉसिबल है सिम्रन जी, गुरू अलगू पहलवान जी, ताले की चाबी को अपने गले में बांक कर रखते हैं
33:36और जैसे जैसे उनकी सासे चलती है न, वैसे वैसे उन चाबियों की छंचन भी उनके कान में पड़ती है
33:42और उनी को वो लोरी समझ कर सुन कर सोते हैं
33:46भापरे, फिर उस अलगी गड़ ताले को खोलेंगे कैसे?
33:51दुबलिकेट चाबी से?
33:52नहीं, नहीं, मैं डुबलिकेट चाबी, मैं इस सब ने करने वाला
33:58देखिए, मेरा जो काम था, मैंने वो कर दिया
34:01अब आप लोग जानो और अनिल जाने, मैं चला, जैराम जी की
34:06सिम्रन, अब क्या होगा? एक ही दूसा हारा था, वो भी गया
34:11डून्ट वरी, अब मैं ही मेरे अनिल तक दुबलिकेट चाबी पहुचाऊंगी
34:18बादाम ले लो, पिस्ता ले लो, किस्मिश ले लो
34:25बादाम ले लो, पिस्ता ले लो, किस्मिश ले लो, ले लो, सस्ते में ने दूंगी
34:34बादाम ले लो, पिस्ता ले लो
34:37तो ये सब भी खाले था, ये सब भी खाले था
34:39एक तो इतनी तेज भूख लग रही है, उपसे खाने के लिए भी कुछ नहीं है
34:43चलो, देखकर ही पेड़ बढ़ लेता हूँ
34:47सिम्रेल
34:50काइद ना चिल्ला रही है
35:04चल्बाग यहां से
35:07पहलवान जी, अखारे में नहीं चिल्लाओंगी तो कहां चिल्लाओंगी
35:11पहले अपने नजरी नीची रख, हम पे डोरे ना डाल
35:14आखिर बादाम, पिस्ता, किश्मिस, ये सब तो पहलवानों को ही जरत होती है ना
35:21चल्चल, चल्चल, मुझे खरीदना होगा तो किसी मर्द से करीदूगा
35:25तेरे जैसी कमजोर से खरीद कर, तो मुझे कमजोर नहीं बनना
35:29चल्बाग
35:29ले लो ना, सस्ते में दे दूँगे
35:32मरे भाग कहा ना, कि बुलवाओ अपने दो सागिर्दों को
35:36और फिकवाओ तुझे बाहर
35:38हाँ, ठीक है, ठीक है
35:40बादाम ले लो, काजू ले लो, पिस्ता ले लो
35:52बादाम ले लो, काजू ले लो, पिस्ता ले लो
35:58ले लो, सस्ते में दे दूंगी, ले लो, सस्ते में दे दूंगी, बादाम ले लो, काजू ले लो, पिस्ता ले लो, ए नरका द्वार, ले लो, काजू ले लो, तू फिर चली आई, तुझे दिन में समझाया, दू क्या दो भी बचाड़, तर बाग यह से, हां?
36:28झाल झाल
36:58यह देख दो
37:12अच्छा हो गए तुम आगे पर न मैं
37:26अरे बस करो एक अले मिलना यहां से बागो पठापट तुम लोग तो मरवाओगे मेरको बागो ऐसे अकुछ रोग तो मुझे बताना
37:33कापी रात हो गई है सिम्र अभी तक आई भी नहीं कहीं
37:40कहीं
37:41कैसे हो देवर जी ठीक हो न भूग प्यासे बुरा हाल है भाबी
37:48पता है भाबी वह अलगू पहलवान कहता है ना कि नारी नर्का द्वार है
37:55सच में नारी नर्का आखरी द्वार है उस द्वार के मिलते ही न भाबी इंसान को अस्ली स्वर्ग का एहसास होता है
38:04तो अपने गुरू को समझाओ उन्हें भी स्वर्ग का एहसास कराओ अरे पर कैसे उनको पता चलेगा कि मैं यहां पर हूँ तो लाठी लेके मुझे ढूंडने निकल पड़ेंगे
38:15और इस बार न कैरी नहीं करेंगे मुझे सीधा
38:19फे यहां से कहीं दूर भाग चलें क्या
38:24नहीं भाबी उसे कहेंगे अनिल को ढूंड ले वो
38:28अरे क्या बोल रही हो तुम
38:30अरे नत्थु चेले से संदेश भिजवाएंगे कि वो जहां अंडा लगा कर पड़ा होगा
38:45परदस्त आइडिया है सुनो अ हाँ लट्टो हाँ गुरुजी टांग है ये गुरुजी वो तो वहीं चुपकर बैठा हुआ है
39:05सच के रहे तु हाँ गुरुजी देखे आमने लाल लंगोट पहना है उसकी कसम खाका कहते हैं
39:11अनिल को तो पता है आपके बारे में कि आपको नारी से सक्त नफरत है इसलिए तो वो नारी बनकर वो अंटे पे अंटे लगाए एश कर रहा है
39:20अच्छा वो नर्क का दौर बना गूम रहा है तो आज उस नर्क के दौर को तोड़ी देता हूँ
39:26परंतु गुरुजी वह बिना अंटा लगाए ना एंट्री नहीं होती है
39:31बेटा हम भी पहलवान है आज अंटे पेंटा लगाएंगे फिर ये तंटना तंटन अंटे का खतम करते ले चल मुझे उस जगा चल
39:41अरे अरे रुकिये क्या है कहा जा रहे हैं अंदर हमारा ये जूस पिए बिना कोई अंदर नहीं जा सकता अच्छा क्या है इसमें ये माइंड चार्ज बोड़ी चार्ज अच्छा बहुत जरूरत है हमें माइंड चार्ज और बोड़ी चार्ज की ये तो एक नहीं दो चार �
40:11डेखिली अदम
40:14हुझ
40:16हुझ
40:20हुझ जहां चुबह
40:30हुझ
40:37कि अप है
40:39लुझ लुझ
40:41यहां बैठा है
40:50औनिल मेरे प्यारे चेले
40:55मेरे दिल रुबा
40:58काफी दिर बाद मुझे समझ में आया
41:03तेरी कोई गलती नहीं थी
41:04हमारी गलती थी
41:07तेरा हाथ इतना नरम कैसे
41:11वर्जिस नहीं करता था
41:16कै सोचने लगे जी
41:20तुमारी आवास को क्या हो गया
41:24मेरा सिर्फ आवास ही नाजुक नहीं है
41:28हाथ भी नाजुक हो गया है
41:31अच्छा
41:33कोई बात नए
41:35मेरे हाथों में आ
41:36वर्जिस करवा के सब कुछ कड़क कर दूगा
41:39इसका मतलब आपने मुझे माफ कर दिया
41:46आप कितने अच्छे हैं
41:50कितने मजबूत हैं
41:53पर आपकी मरदानकी मैंने आस्तर कभी देखी नहीं है
42:04अच्छा तुझे मेरी मरदानकी पर शक है
42:08देखाओ जुझे मेरी मरदानकी
42:11मेरी मरदानकी मेरी मरदानकी पर दिया इसके हैं
42:16रेखाओ की लिए गज़ड़ कंव Come Day
42:20दो मेर Babine
42:25परनकी उसके मेरी मेरी मरदा chili .
42:27कर दो कर दो
42:57कर दो कर दो कर दो
43:27कर दो कर दो
43:57तुम तुम रहो क्यों नहीं हो?
44:24क्यों वा?
44:25वह जो नहीं होना चाहिए था
44:28जो आप नहीं चाहते थी
44:31अरे तुम यह आई कैसे?
44:35राप को तो यहां निल था?
44:36नई यहां नहीं था
44:39यहां मैं थी
44:41क्या?
44:49मुझे क्या पता था?
44:50मुझे तो अनिल ने कहा था
44:52मुझे बचाने के लिए
44:54कुछ दीन तक ऐसे साड़ी में घूंगट में रहना
44:57के पहलवान आएगा
44:59और तुम्हें देखकर चला जाएगा
45:00फिर मैं वहां आजाओंगा
45:02पर तुम तो आते हैं मुझे कुछती लरना शुरू हो गए
45:06अब मेरा क्या होगा
45:09अरे अरे अरे तुम रोमत अब तो हसने और खुश होने की दिन आए
45:16मुझे पता ही नहीं था
45:19जिसे मैं नर्क कादवार केता था
45:23वो तो संसार का सबसे बड़ा सुक्का मार्क है
45:25आज से मैं इस मार्क पर चलूँगा
45:27और अपने सारे चेलों को इसी मार्क पर चलने की सला दूँगा
45:33तुम रो मत मेरी गुलाबो
45:35अब तो खोश होने की दिन आए
45:37अब सच क्या रहा है गुरू जी
45:40और नहीं तो क्या
45:43आज ही पंडिस से मौरत निकलवाते हैं
45:46और एक ही मंडब में गुरू और चेला
45:49दोनों चड़ते हैं गोडी
45:50तो तेरी सिमरन के साथ कर
45:54और मैं परसों से
45:56मुझ पर मर्ती मेरी गुलाबों से
46:07दिल की जलन बुझा दो सजन
46:20दिल की जलन बुझा तो सजन
46:27अब दूरी सही ना जाए
46:30जड़ती उमर लंबी डगर
46:33कोई कैसे अकेले बिताओ है
46:37जुल्मी जवानी जुल्लूम करे

Recommended