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04:59But I don't think that my eyes will come to my eyes.
05:03How do you talk about it, sir?
05:06Do you want me to leave my eyes?
05:08If I'm going to leave, then you'll be able to leave my eyes.
05:12Devish, don't you go to my eyes.
05:16And for me, I'll give you a different suit case.
05:20Just give it to me.
05:22If you want to give it to me,
05:24I'll give it to you.
05:26I'll give it to you.
05:29I'll give it to you.
05:31I'll give it to you.
05:33I'll give it to you.
05:35Look, Devish, how do you say it?
05:38How do you say it?
05:40You'll be quiet.
05:42I'll give it to you.
05:44Devish is coming to you next morning.
05:47She's going to leave the same thing.
05:49The story of the song is clean.
05:53I'll give it to you.
05:54I'll give it to you.
05:56I'll give it to you.
05:58इस अंधी बुढिया को तो कानो कान भनत भी नहीं लगेगी।
06:01पुनम अब रात को चुपके से पीछे के दर्वाजे के जरिये लखन को घर पर बुला लेती है।
06:08अब जहां साज घोडे बेच कर खराटे मारते हुए सो रही होती है,
06:13तो वो बहु की बात करने की आवाज सुनकर तुरंत उठकर बैठ जाती है।
06:17ये आवाज किसी आदमी की लगती है, शायद बहु के कमरे से आ रही है।
06:23लेकिन नहीं नहीं, मैं भी कुछ ज्यादा ही दिमाग लगा दीती हूँ।
06:27देख रही होगी कोई भूत या फिलम, अब तो पती नहीं है घर में, इसलिए रात भर ऐसे ही करेगी ना।
06:34लेकिन अगर कल जल्दी नहीं उठी, तो फिर मैं इसके कानों के पास जाकर बरतन बजाऊंगी जोरो जोरो से।
06:40ये सिलसिला रोज चलता है, और मंजरी को रोज लगता है कि पूनम टीवी पर कोई फिल्म देख रही है, एक दिन जब पूनम बाहार होती है, तब ही मंजरी सोकर उठती है, और आखे खोलते ही उसे सब कुछ दिखाई देने लगता है, वो अपने आस-पास सब कुछ देख
07:10पूनम क्या चान, कहां मर गई, देख तो अब मुझे सब कुछ दिखाई दे रहा, अब तो मैं चड़ी का इस्तमाल भी नहीं करूंगी, और अब मैं रोज अपने भगवान जी को भी देख सकती हूँ, पूनम
07:25मंजरी अपनी बहु को आवाज लगाती हुए, पूरा घर तलाशती है, लेकिन पूनम उसे कहीं नहीं दिखती, तबी उसकी नजर तिजोरी पर पड़ती है, जिसका ताला नहीं लगा था, इस पर वो जैसे ही तिजोरी खोलती है, तो हैरानी से उसकी आँखी फटी की फट
07:55मंजरी मंदिर जाती है, अच्छे से दर्शन करती है, और खुशी-खुशी वापस घर की तरफ चल देती है, जहां रास्ती में उसकी नजर मंदिर की पास बहती नदी की किनारे बैठी अपनी बहु पर पड़ती है, जो लखन की साथ वहां बैठी थी, यह यहां क्या कर रह
08:25नहीं पड़ेगा, अब मंजरी चुपचाप आगे बढ़ती है, और वहीं पास में एक बड़े पेड़ के पीछे चुपकर उनकी बाते सुनने लगती है, सुनो लखन, कल मेरा पती आने वाला है, आज रात को तुम आना, और हम दोनों पूरी तीजोरी पर हाथ साफ कर दें
08:55बाप रे बाप, इसका मतलब इस महारानी का इस मुफ्त खोर के साथ चक्कर चल रहा है, अच्छा, तो मेरे बेटे को लूट कर अपनी दुनिया बसाने का प्लान चल रहा है, अब रुख, तुझे दिखाती हूँ दाल और आटे का भाव, अब घर पे अच्छे से डोली सज
09:25नाटक करने लगती है, अरे सासुमा, वाट्स अप, अरे कुछ नहीं बेटा, बस वो देवेश की याद आ रही थी, अरे सासुमा, इतना लोड क्यों ले रही हो, वैसे भी वो कल तक वापस आ ही जाने वाला है, फिर क्यों खामखा परिशान हो रही हो आप, वैसे भी कल से �
09:55भरत मिला, गली मिलकी, जी भरके रो लेना, अच्छा, ऐसा कह रही है क्या तू, चीक है, चल बहु, मेरे घुटिनों में काफी दर्द हो रहा है, थोड़ा बाम लगाकर मालिश्टों कर देना बेटा, और हाँ, दो दिन बाद साथ पंडितों को भोजन खिलाना है, उसके ल
10:25सो कह दिया, अब कोई आना कानी ना करना ठीक है, वनना देविश को फोन करके बता दूंगी हाँ, मंजरी अपनी बहु पूनम से जान बुझ कर सारा काम करवाती है, और ना चाहते हुए भी पूनम को वो सारा काम करना ही पड़ता है, आखरी बार थोड़ी एक्स्ट्रा से�
10:55करके पूनम अपने कमरे में जाती है, और रात को लखन पीछी के दर्वाजी से घर में खुसाता है, कितार सारा माल चलती करो, अपनी पूनम और लखन मिलकर सामान चुराही रहे होते हैं, कि तभी बहाँ पर देवेश और मंजरी आ जाती हैं, और उन्हें वहाँ देखकर �
11:25तू हमें इस तरह चुना लगा कर आसानी से बचकर निकल जाएगी, पूनम जो कुछ भी तुमने हमारे साथ किया है न, मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था, कि तुम ऐसा करोगी, बहुत गलत किया तुमने, और तू लंगुर लखन, तेरी तो ऐसी कित ऐसी, बचाओ,
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