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mohan bhagwat on bangladesh : বাংলাদেশে শুধুমাত্র হিন্দু হওয়ার অপরাধে দীপু চন্দ্র দাসের বিরুদ্ধে নবী মোহাম্মদকে অসম্মান করেছে এমন মিথ্যা অভিযোগ তুলে তাঁর সঙ্গে যে ঘটনা ঘটেছে তা নিয়ে শিউরে উঠছে সারা বিশ্ব। এই ঘটনায় বাংলাদেশকে চরম হুঁশিয়ারি RSS প্রধান মোহন ভাগবতের। দেখুন কী বলছেন তিনি।
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Transcript
00:00तो बंगाल में बढ़ता हुआ इस वाले इसलामिक कटरवाद, हिंदों के प्रती हुंसा की घटना है, पंगलादेश की परिस्थिती, वहां की घटना और मुश्जदाबाद की घटना, मुस्लिम घुश्पेट, ये सब जो बाते हैं, उन पर वो तो बंगाल को प्रभाइद क
00:30प्रभाव हो रहा है, इसलिए उसके बारे में आप सब लोग जो सोच रहे हो, वही हमारा सोचना है, इससे अलग नहीं है, अब बंगलादेश की सीमा ये जैसी खोली थी, वैसे अभी खोलना की नहीं, एक प्रशा सकिया प्रश्टना है, क्योंकि जो आएंगे उस सीमा से, �
01:00सब के लिए खोलनी है, हिंदों के लिए खोली और कोई दूसरी ही आगे है, इससा तो नहीं होगा, इससा होता है, दुर्बल के लिए और सबल के लिए, तो फरक यहीं पड़ता है न, रजग बनाया, दुर्बल को दिया, टाइफ़र्ड वाला है, और खराब हो गया, सबल �
01:30जिसके लिए कि लाय जाने वाला है वो कैसा है इसको देखे वो करना पड़ता है विचार पुर्वक कुछ विचार करके बोलना पड़ेगा अभी एकदम आपने कुछ अत्तार से उत्तर ऐसा नहीं दे सकती है और यह मुझे भी देना नहीं है सरकार को देना है
01:44अब जो यह आपको लगता है जो हमको भी वैसा ही लगता है उसके बारे में अपने मन में सम्वेदना है वो सम्वेदना सब में है क्या
01:58सब में होती तो ऐसा होता नहीं सब में सम्वेदना होनी चाहिए और जो गलत पर इस्थिति है उसको बदनने के लिए सब ने मिलके काम करना चाहिए
02:10सामाजिक दुरुष्टी से देखने वाला मैं इसका उत्तर ऐसे ही दूँगा हिंदूओं की दुरुदशा कब समापत होगी वहाँ मैनौरिटी है एकदम वहाँ जारा कठीन है कठीन है फिर भी जो मैक्सिमम बचाओ हो सकता है उसके लिए वहाँ के हिंदू को इकठा रहना �
02:40स्यादा में रहेकर उनकी कितनी मदद कर सकते हैं जो और जितनी कर सकते हैं उतनी सब करनी पड़ेगी हमको भी करनी पड़ेगी और हम तो वह कर रहे हैं कि हिंदू का एक ही देश है भारत देश भारत की सरकार को इसका सन्यान लेना पड़ेगा करना पड़ेगा कुछ कर भी
03:10होते हैं कभी नहीं होते हैं लेकिन करना तो पड़ेगा और इधार हम लोगों को संगटित होके समाज के नाते पक्का खड़ा रहना पड़ेगा
03:25एक संध हिंदू समाज अगर खड़ा होता है तो बंगाल में परिस्थिती बदलने के लिए कोई समय लगेगा नहीं
03:40अब रही बात आखरी प्रश्ण की राजनेतिक परिवर्तन के आपके क्या विचार है तो मैं आपको फिर एक बार बताना चाहता हूं कि राजनेतिक
03:51परिवर्तन के बारे में सोचना मेरा काम नहीं है हम समाज परिवर्तन का सोच के संका
03:58काम कर रहे हैं परिवर्तित समाज क्या करना क्या नहीं करना इसका योग्य निर्णे लेगा इसके बारे में मेरे
04:07में कोई दो राय नहीं है ओ समाज यहने मतदाता जो है उनको विचार करना है तो क्या उपी उकता है वो आपकर हिंदू की शक्ति है इसलिए आज कर सकते हैं शक्ति नहीं होती तो यह उल्टा पड़ा क्योंकि आप अगर शक्ति नहीं है और दोस्ती की बात करते हैं लोग सम�
04:37कि इसके मन में कुछ दोस्ती की बात है अब हिंदू ऐसा है हिंदू की शक्ति यागरुत हो रही है और निश्चित रूप से होगी हिंदू अपना काम अपने बल्बूते कर लेगा
04:56जो आएंगे उनको साथ लेगा नहीं आएंगे उनको छोड़ देगा तो इस देश के बारे में कि भाई हम राष्ट्र सौंस्कृती देश के नाते एक ही है पूझा अलग-अलग सब की है आपकी भी अलग है विदेश से आई इस देश का बनने के लिए ये सारी बाते छोड
05:26पराकोटी की कट्टरता छोड़नी पड़ती है दूसरों के प्रती बाकी कुछ नहीं छोड़ना पड़ता और आप है इने पूर्वजों के ओंशेज है इसी भूमी में रहते हैं यही का अन्नपानी खाके बड़े हो गया जन्मी भी यहां हुआ हुआ आपका और सवस्कृत
05:56करना कैसे करना नहीं करना क्या करना निर्णे करेंगे लिकिन मन में हैं और दुसरी बात है कि दुनिया में भी तो कि भारत बड़ा हो रहा है भारत बड़ा होना है इसका मतलब हिंदु बड़ा होगा तो कि भारत हिंदुस्थान सनातन धर्म यह सब समानारत ही है और धर्म क
06:26प्थान अवश्रम भवी है कि योगी अर्विंद ने बता के रखा है और वो हो रहा है इसलिए फिर दुनिया में जो दुष्ट लोग है उनको जरा चिंता हो रही है तो भारत के बारे में हिंदू के बारे में संग जैसे संगटोनों के बारे में उल्टी सीधी बातों का प्र
06:56इस दुष्टी से वहाँ भी बहुत समझदार लोग है उनको सीधी जानकरी मिलती नहीं इन लोगों के द्वारा ही मिलती है इसलिए मन में बाते आती है उनके तो उनको भी सही बाते बताई जाए ऐसा भी प्रयास करना कैसे करना क्या करना इसका विचारां करेंगे
07:16और हमारे आस्पास के देश हैं अभी वो अलग देश हैं अभी पहले भारत ही थ है तो अपनी है और वहाँ सब ठिक रहा तो अपना में ठिक रहेगा उसके लिए क्या करना सरकार प्रशाव सम्झो करनाああ करेंगे
07:40सब देखके वो निर्णे करेंगी जैसा करना है लेकिन समाज से समाज इन संबंदर इसमें आपस में एक भलाई की बात एक दूसरी के प्रती सदिच्छा की बात हम कैसे ला सकते हैं इस दुष्टी से क्या प्रयास हो सकते हैं सामाजिक स्तरवर इसका भी विचार करने का हम लो
08:10उसके लिए तो फिर से संब करेगा संबव नहीं है इतना सारा करने का है पूरे समाज ने किया तो ही होने वाला है इसलिए सारा हम करने वाले विस्ता अरदूरी करने हो गयरिये और इसलिए आपको भी निमंतर्ण है
08:31जैसा मैंने कहा संग संपूर्ण समाजको अपना मानता है संग के
08:39मन में विरोधिभाव किसी के प्रती नहीं है राष्ट्र हित n में संग
08:45पक्क का है राष्ट्र विरोधिभात नहीं चलने देंगे अप शक्ति है जो
08:48परन्तु लोग तो सब अपने है इस अपनत्व के नाते से हम सोचते है कि सब कारियरत हो सब शाखा में आएंगे क्या नहीं जो आ सकते हैं उनको आना चाहिए क्योंकि राष्ट्रहित के लिए योग्य बनना है तो
09:06प्रामानिक्ता निश्वार्त भुद्धी अनुशासन देशभक्ति और सब के साथ चलना सब को साथ लेके चलना इसका ट्रेनिंग देने वाला दूसरा संगठन दुनिया में भी नहीं है जो मैंने पहली बताया आपको दुनिया के लोग भी खूशते हैं लेकिन सब को समय नि
09:36लेकिन शाखा के बाहर सोंशोग इतने सारे काम करते हैं विवित संगठन है गती विधिया है यह पंचपरिवर्तन जैसे काम है अनिक संस्था अच्छी चलती है अच्छा काम करती है सेवा चलती है इसमें आप कहां बैठ सकते हो अपने रुचिक शमता के अनुसार स्थानि
10:06करते हो उत्कृष्ट कीजिए हम आपको साथ देंगे उसमें संपर कर रहें ने वह संपर को करें ठीक है लेकिन काम तो हम अपना अलग करेंगे कोई बात नहीं जैसा मैंने कहा आप जो भी करते हो प्रामानिक्ता से निश्वार्थ बुद्धी से देश की लिए करते हो
10:25और वो समाज के उपयोगी है और आपको कोई स्वार्थ नहीं है तो आपने संग का नाम भी नहीं सुना होगा तो भी हम आपको स्वेंचोक मानते

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