00:00हिंदू की दुर्जशा कब समापत होगी?
00:03वहाँ मैनॉरिटी है जो मैक्जिमम बचाव हो सकता है उसके लिए आके हिंदू को इकठा रहना पड़ेगा
00:11एक संदह हिंदू समाज अगर खड़ा होता है तो बंगाल में परिस्थिती बदलने के लिए कोई समय लगेगा नहीं
00:22सामाजिक दुर्ष्टी से देखने वाला मैं इसका उत्तर ऐसे ही दूँगा हिंदू की दुर्जशा कब समापत होगी?
00:29वहाँ मैनौरिटी है एकदम वहाँ जरा कठीन है कठीन है फिर भी जो मैक्सिमम बचा हो सकता है उसके लिए वहाँ के हिंदू को इकठा रहना पड़ेगा
00:44और दुनिया भर के हिंदू को अपनी मर्यादा में रहेकर उनकी कितनी मदद कर सकते है जो और जितनी कर सकते है उतनी सब करनी पड़ेगी हमको भी करनी पड़ेगी
00:57और हम तो वो कर रहे हैं, बाकि हिंदुों का एक ही देश है भारत देश, भारत की सरकार को इसका सन्यान लेना पड़ेगा, कुछ करना पड़ेगा, कुछ कर भी रहे होंगे, कुछ बाते बताई जाती है, कुछ बताई नहीं जा सब्सक्राइब,
01:14परिणाम कभी होते हैं, कभी नहीं होते हैं, लेकिन करना को पड़ेगा, और इधार हम लोगों को संगटित होके, समाज के नाते, पक्का खड़ा रहना पड़ेगा,
01:30एक संदह हिंदू समाज अगर खड़ा होता है, तो बंगाल में परिस्थिती बदलने के लिए, कोई समय लगेगा नहीं,
01:49अब रही बात आखरी प्रश्ण की राजनेतिक परिवर्तन के आपके क्या विचार है, तो मैं आपको फिर एक बार बताना चाहता हूँ,
01:58इराजनेतिक परिवर्तन के बारे में सोचना मेरा काम नहीं है, हम समाज परिवर्तन का सोच के संका काम कर रहे हैं,
02:10परिवर्तित समाज क्या करना क्या नहीं करना इसका योग्य निर्णे लेगा, इसके बारे में मेरे मन में कोई दोराय नहीं है,
02:17वो समाज यहने मतदाता जो है उनको विचार करना है
02:22तो क्या उपियुक्त है वो आप करेंगे
02:25सामाजिक दुरुष्टी से देखने माला मैं इसका उत्तर ऐसे ही दूँगा
02:29हिंदूों की दुरुदशा कब समापत होगी
02:32वहाँ मैनुरिटी है एकदम
02:36माजरा कठीन है
02:38कठीन है फिर भी जो मैक्जिमम बचा हो सकता है
02:43उसके लिए वहाँ के हिंदू को इकठा रहना पड़ेगा
02:46और दुनिया भर के हिंदूों को
02:50अपनी मर्यादा में रहेकर उनकी कितनी मदद कर सकते है
02:54जो और जितनी कर सकते है उतनी सब करनी पड़ेगी
02:58हमको भी करनी पड़ेगी
02:59और हम तो वो कर रहे है
03:02बाकी हिंदूों का एकी देश है भारत देश
03:07भारत की सरकार को इसका सन्यान लेना पड़ेगा
03:10कुछ करना पड़ेगा
03:11कुछ कर भी रहे होंगे
03:13कुछ बाते बताई जाती है
03:14कुछ बताई नहीं जा से
03:16परिणाम कभी होते हैं
03:22कभी नहीं होते हैं
03:23लेकिन करना को पड़ेगा
03:24और इधार हम लोगों को
03:28संगटित होके
03:30समाज के नाते
03:32पक्का खड़ा रहना पड़ेगा
03:33एक संदह हिंदू समाज
03:37अगर खड़ा होता है तो बंगाल में परिस्थिती बदलने के लिए कोई समय लगेगा नहीं
03:46अब रही बात आखरी प्रश्ण की राजनेतिक परिवर्तन के आपके क्या विचार है
03:57तो मैं आपको फिर एक बार बताना चाहता हूँ इराजनेतिक परिवर्तन के बारे में सोचना मेरा काम नहीं है
04:04हम समाज परिवर्तन का सोच के संका काम कर रहे हैं
04:10परिवर्थित समाज क्या करना नहीं करना इसका योग्य निर्णे लेगा इसके बारे में मेरे मन में कोई दो राय नहीं है
04:21ओ समाज यहने मतदाता जो है उनको विचार करना तो क्या उपी उखता है वह आपका रिए