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- 10 months ago
DGASD.S01E18 Hindi
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00:00क्या मैं जान सकता हूं तुम्हारा गुरू कौन है और उन्हें कौन से शक्तिशाली तक्नीक आती है।
00:18मेरे गुरू की मौत हो चुकी है। उनकी बाद छोड़ो। वो तो मर चुके है।
00:22मेरे वर्तमान जो गुरू है वो बहुत ही सक्षम है।
00:25दुन्य में उनके लवा और कोई उची लेरो पर मिंटों में कदम रखने की तक्नीक नहीं कर सकता।
00:29ओ, तो ये बात है। और फिर? फिर तो उन्हें उन्नत कोशल की जरूरत होती होगी।
00:34पर मुझे नहीं लगता कि डाली के युवराज तुम्हें अपना शिश्य बनाएंगे।
00:40क्या कहा? मुझे पर भरोसा नहीं है। मैं तुसे जूड़ बोलूगा। या सभी ने सुना। उन्होंने मुझे अपना शिश्य कहा था। है ना?
00:47है चोथे बाई, बोलादा ना? बोला।
00:49ठीक है, अगर ऐसी बात है तो मेरे ख्याल से तुम्हें गुरु की तक्निक में महारत हासिल करनी होगी। और इसके लिए तुम्हें बदाई हो।
01:00मुझे अभी बदाई मत दो, मैंने अभी तक महारत हासिल नहीं की।
01:03तुमने कहा कि तुमने सभी युद्ध कलाओं की तक्निक हासिल कर ली है। तो पर एक काम करो, तुम मुझे उची लेरों पर कदम रखने की तक्निक बताओ।
01:14इसमें महारत हासिल करना मुश्किल है, पर मैंने कुछ चरंड सिखें। तुम कहो तो मैं दिखा सकता हूं।
01:21अगर ऐसी बात है, तो हम भी देखकर ग्यान बढ़ाना चाहेंगे।
01:26हाँ, दिखाओ ये।
01:28आओ, पकड़ो मुझे।
01:34कैसा लगा, मैंने तीन चरंड दिखा दी है।
01:50मैंने तो अभी देख सर्फ एक चरंड देखा है।
01:52ठीक है, मैं इस बार अपनी आँखें बंद रखोंगा, आओ, पकड़ो मुझे।
01:56मैं भी तो आँखें बंद करके पकड़ सकता हूं।
01:58इााााााा!
02:12यव, इए करकेर!
02:24इट आपलेट है, और आओ непी है।
02:28किसा लगा अब तो तीन चरण देख लिए ना यह तो सर्फ दो यह चरण थे भूल गए तीसर तुम्हारे चाहरे पर जो मारा है चो थे भाई इसने मारा थागा
02:52अब त्रितियस एना अधिक्षे यह कैसा लगा मुरां की उची लहर मिनिट कदम तकनीक आपके गुरु से बहता रहना
03:06हां हां सही का मैं ठक गया हूँ अब मैं नहीं लडूँगा इसने मेरे चेरे बल लात पारी अब मैं नहीं लडूँगा मैं हार गया
03:13क्या बात है बहुत खूब क्या आप मैं जान सकता हूँ आप दोनों नाय क्या क्यों आए हैं
03:24मेरे भिखशुक संप्रदाय के कुछ भाईयों ने अंजाने में आपको नारास कर दिया इसलिए उन्हें कैद में रखा गया है
03:29मैं आपसे दर्खास्त करना चाहता हूँ कि क्या आप क्रिपा करके मेरे भाईयों को छोड़ सकते हैं
03:33तुमने बिल्कुल सही कहा
03:34अभी अभी आप लोगों ने महान कौशल दिखाया
03:38अब अपने नाम पर खरे उतरे
03:39अध्यक्स चाओ आप भी इनके जितने शक्तिशाली है
03:43आपको भी हम सबको अपना कौशल दिखाना चाहिए
03:47ताकि हम शिश्या के लोग दिल से आपकी प्रशन्सा करे
03:51अगर ऐसा होता है तो मैं आप लोगों को कैद से आजाद करने की अनुमत ही दूँगा
04:09कि अध्यक्त पहुजा है कि अध्यक्त शप्रतम थे क्वाइब आपको अध्यक्त
04:33परिए अजीब बात है इन्हों ने कोदी अपने लोगों को जहर देकर मार दिया
04:39मुझसे पूछे बिना किसने हवा को जहरीली बना देने वाली दवा का इस्तमाल किया
04:42सेरापती, मैं अहल भी नहीं पा रहा हूँ
04:45जरूर कोई हमारे बीच गद्दार है
04:47कौन है, कौन है वो गद्दार
04:49जल्दी उससे ढूंडो और उसके टुक्डे टुक्डे कर दो
04:51अत्यक्चियाओ, करप्या कर गया हमें वो विश्टनाशक सुगा दीजी
04:58तमारे सेनपती, आपको इनाम देंगे
05:02फिलाल मुझे अपने भाईयों को बचाना है
05:06मुझे तमारे सेनपती के इनाम की कोई जरूरत नहीं है
05:11यो राज मुराम, बेरे सीरी के पास विश्टनाशक बोतल है
05:17क्या आप उसका ठिकन खोलकर मुझे सुगा देंगे
05:20ये तो वाके में विश्टनाशक है
05:29नहीं सुगने दोंगा
05:34तुम
05:36कौन हो तुम
05:49कौन हो तुम
05:51कौन हो तुम
05:55आपस मताना
05:58अद्दक्षियो
06:02अद्दक्षियो आपके
06:04ये सच में हाव है, यकिन नहीं होता
06:07ये विशनाशक है, सूगे इसे
06:10ये विशनाशक है, ये अद्धिक शाब यहाँ आ रहा है
06:12ये लेजिए, दूसरों की भी मदद कीजिए
06:17ठीक है
06:18ठीक है
06:22ये उराजमुरों, हम अंदे और बेखूल थे जो
06:30हमने आपको उप्रमुक मा की अध्या के लिए दोशी ठेरा है
06:33आपने और अध्यक्ष ने हमारी जान बचाए
06:36शीशा के लोगों ने हमें यहाँ बंदी बना लिया था
06:39हमें समझने या रहा था कि यह हालात कैसे ठीक होंगे
06:42जी, बिल्कुल अध्यक्ष
06:44किर्पिया हमें माफ कर दीजे
06:47और आप फिर से हमारे अध्यक्ष बन जाईए
06:49हाँ, हाँ, हाँ, अध्यक्ष, हाँ
06:53बिल्कुल, जी, बिल्कुल
06:55खिर्पागर के वापस आ जाईए अध्यक्ष
06:56महाशेचाव और इवराज मुरोंग
07:01वास्तों में जिगरी दोस्त है
07:07इसके बरे मैं बाद में बात करेंगे
07:09सबसे پहले हमें यहां से निकलना चाहिए
07:14रुकिए, अध्यकिये अध्यक्ष
07:16जाईए, जाईए, जाउ, आइजएhin 1996
07:18आरे रुक जाये, ऐसा मत किजिए
07:21हमारे खादे रुक जाये
07:22शिशिया के नागरिक होकर तुमने भार वालों की मदद कैसे की
07:30एक बार सब ठीक हो जाए मैं उसके पूरी परिवार को खत्म कर दूँगा
07:33उसकी हिम्मत कैसे हुई दिवार पर वो सब लिखने की
07:36वो हम सब का मजाक उड़ा रहा है
07:38दुष्ट कहीं का
07:44उसने हवा को जहरीली बना देने वाली दवा को भी चुरा लिया
07:48जाओ ढूंड़ो उसे उसका नाम बता करो
07:52उसके पूरे परिवार को मार दो
07:53है?
08:01ये तो युवराज मुरॉंग की लिखावट है
08:02युवराज मुरॉंग तुम हो
08:04यूद्राज काई सारे पात्रों और शैली से लिखते हैं, पर मैं ये नहीं बता सकते कि हमारे यूद्राज के लिखावट है या नहीं
08:14तो ये और कौन लिख सकता है?
08:18ये लोग कह रहे हैं कि इनके बीच कोई गत्दार है, शायद है उसका कामों का
08:23कहिए लियान जौं का काम तो नहीं?
08:28ये लियान जौं काउन है?
08:30आँ, ये शीशा का योद्धा है जिससे हमारी मुलाकात एक घर में होई थी
08:33वो आदमी वाकई में अजीब था, उसने हमें छोड़ दिया और राज कुमारी के लिए विशनाशक भी दिया था
08:38हमें चलना जे, कुमारी मांग से बात करेंगे
08:42तुम ठीक तो हो?
08:46अरे, अरे अद्धेक्ष चियाओ
08:48ये उराज मुरॉंग और मुझे कुछ जरूरी काम है, बाद में मिलते हैं
08:52अरे अद्धेक्ष चियाओ
08:56बताओ, अजीब इत्तफागया ना, मेरे शिश्य ने मुझसे ही तक्निक दिखाने को कहा
09:00क्या हो?
09:04हमें चलना जे
09:05अरे नहीं
09:08चलो, जिल्दी चलो
09:26जब दिक
09:31अरे अद्धिक्ष आगए, देखो, अरे हमारे अद्धिक्ष आ गए
09:48एक आदिक्ष आ आप देखो, ये वापस आ गए
09:51क्या सब लोग ठीक हैं?
09:52हाहा, सब ठीक है, सब ठीक है अद्धिक्ष
09:54ये शिशिया के लोगों को क्या हुआ, बताएए
09:57अरे, अब क्या बता है
10:19अदेक्ष चियाओ
10:20मुझे पता चला है कि
10:22शिशिया के सीनापती
10:23ही लियान ताईशू हमसे लड़ने के लिए प्रतम श्रेणी भावन से कुछ कुशल योद्धा ला रहे हैं
10:27और उनके पास एक जहरीला वाश्प भी है
10:29उसमें गंध नहीं होती
10:31जो भी उसे एक बार सूंग लेता है वो फिर हिल भी नहीं पाता है
10:35उनसे मिलते वक्त हमें अपने मूँ और नाग को ठक कर रखना पड़ता है
10:39और उनसे विश्टनाशक छीनना पड़ेगा
10:41ये एक जरूरी संदेश है जो डागजिन शाखा के यीडा भीयो द्वारा भीज़ा जा रहा है
10:45असल में भाई ये का संदेश मिलकुल सही समय पर आया था
10:49बात सिर्फ इतनी है कि मैं इसे जल्दी खुल कर नहीं पड़ पाया
10:53और इसी वज़ा से हम इसके जाल में फज गए
10:56सौभाग इसे हम मेंसे कोई भी घायल या जखमी नहीं हुआ है
11:01हमने आपके साथ बुरा परताओं किया
11:04फिर भी आपने हमारा भला किया
11:07हम वाकई शर्मिंदा है
11:08आपके जाने के तुरंट बादी में बंदी बना लिया गया
11:14अगर आप और यूराज मुरॉंग समय पर नहीं आते
11:16तो पूरा भी चुक संपर्दाएं मर गया होता
11:18अगर आप फिर से अध्यक्ष का पद नहीं समालते
11:20तो फिर हमारे भी चुक संपर्दाएं को कोई वजूद ही बचेगा
11:23यूराज मुरॉंग
11:25मैं उससे नहीं मिला
11:28पर वो तो वह उन पर था पर पर पुविवक के साथ पता नहीं पर अपकोश्यक्ष लेक्षा लिया था वो शक्स तो कुछ समझ नहीं है और अधाखों से उची लहर मिनट कदम तक्नीक कर सकता था अगर वो नहीं था तो तो फिर कौन था कौन हो सकता है वो यहामुरॉंफ
11:58तुम्हें एक महा नायक लग रहे हो फिर बकवास क्यों कर रहे हो मुरॉंग फू और मैं हाथ में हाथ डाल कर आए थे सब बकवास है जे अफर्ण तुम्हें जूट नहीं बोलना चाहिए
12:16सब सब पूछ दो क्यों बताओ ये लोग आये थे ना यहां तुम तुम्हा बैठे थे वो वहाँ बैठा था
12:28मुरॉंग फू ने हमें गलत रास्ता दिखाया और चाओ फैंग इसमें उसका साथ दे रहे थे अब ये मत कहना कि वो दिखावा था
12:36वरिष्ट बाई तुमने भी अभी मुझे देखा था ये कैसे हो सकता है आपने अपने हाथों से मुझे विश्णाशक देकर रिलाज किया फिर वो सम नगली कैसे है
12:54पिलकू सही कहा मैंने खुद देखा
12:58गौंग गौंग किन बिकार की बाते कर रहा है
13:01उसकी बातों का पुरा मत माहिए
13:03आप सच्छे औरी मंदार हैं
13:11अगर आप युवराज मुरोंग के दोस्त है
13:13तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है
13:15क्योंकि सब लोग ठीक हैं
13:21तो अब मैं चलता हूँ
13:22मैं भिक्षुक संप्रदाय का सदस्या नहीं हूँ
13:31आप मुझे अध्यक्ष ना कहिए
13:33अध्यक्ष रुप जाए जाए
13:39अच्छा तुम लोग वहां से निकली कैसे
13:52किसी ने चुपके से जहरीली दवा फैला दी
13:54जिससे वो लोग मधोश हो गए और हम बच निकले
13:56एक बात बताओ
13:59कुमार दुआन और मैंने अध्यक्ष को भी देखा चाहो तो पूछ सकती हो
14:03ये तो अच्छा हुआ कि उनका ध्यान हम पर नहीं था
14:05वरना मुसीबत में बढ़ जाते
14:07कुमारी वांग आपको आपको क्या लगता है जिसे हमने बचाया वो कौन हो सकता है
14:14मैं सिर्फ अंदासा लगा सकती हूँ और ये की
14:21मानती हूँ कुमारी वांग समझतार है पर जरूरी नहीं कि उन्हें हर चीज पता हो
14:26मेरे खयाल से हमें शैयोलीन जाकर युवराज मुरोंग को ढूना चाहिए
14:29सही कहां मुझे लगता है आज राथ हमें यहीं पर रुख जाना चाहिए और हम कल सुबह रवाना हो सकते हैं
14:37अगर मैं वाकई में खितान हूँ तो पिछले कई सालों मैंने कई खितानों को मारा है उनकी ने तियोजना को विफल किया है क्या ये बेहिमानी है
14:58अगर ये सच है कि यान मैं दर्रे के पास हांस ने मेरे पिता को मार डाला था
15:04तो फिर मैं आज तक उनके हत्यारों को अपना गुरू कहता रहा हूँ
15:08पिछले तीस सालों से मैं दूसरों को अपना माता पिता कहते आ रहा हूँ
15:14अगर ये सच है तो क्या मैं गलत नहीं कर रहा अगर मैं वाख़ी में दोखे बाज और विश्वास कहाती हूं तो फिर मैं इस दुलिया में रहकर क्या करूँगा
15:25पर अगर ये सारे जुठे आरोग किसी और ने लगाए हैं तो मैं चाओ फैंग एक सम्मानित इनसान हूँ
15:35पर अब मेरी इज़त खाक में मिल गई है जिसे कभी ठीक नहीं किया जा सकता
15:40अगर मैं गुसे में एक पल में बेच्चुक संप्रदाय को छोड़ दू और उनकी बिलकुल भी परवा ना करू तो इससे मेरे दुश्मन सभाल हो जाएगी है
15:50सच्चा ही चाहे चोबी हूँ
15:52मैं इस बात की तह तक जाकर रहूँगा
15:55थो захe चाहे
16:21वरिष्ट तो जडरा ध्यान से
16:23कुमारी वां हम पहुच गए महाशय अमिताब आप यहीं रुख जाईए शावलीन मंदिर एक पवित्र जगा है और तों का अंदर जाना मना है महाशय हमारे यूवराज मुरोंग है कुछ समय पहले वो शावलीन मंदर किसी काम से थे क्या वो अभी भी यहां पर है या पर नह
16:53अब वो यहां पर नहीं है अब अंदर गई तो इससे ध्यान में बाधा पड़ेगी और अंजाने में बहुत बढ़ा पाप हो जाएगा हां और द्यान मेंब पादा क्यूं डालेंगी और यह पाप कैसे है हां ऐसा इसलिए होगा क्योंकि आप मर्दों में ध्यान केंदिक कर
17:23हम औरतों को अंदर नहीं जाने दे सकते हैं
17:25बुद्ध को श्रद्धार्जली देनी है
17:27तो आप कहीं और चाहिए
17:28शावलीन मंदिर का अपमान मत कीजी
17:30तुनिये
17:32अरे छोड़ दो
17:34वो बिक्षुक बेवकूफ है
17:35उससे बेकार बहस मत करो
17:36औरत ही तो जन देती है
17:38वो हमें नीचे कैसे लिखा सकता है
17:39वो बिक्षु नीचे स्थरका लग रहा है
17:42वो मंदिर के अंदर की सारी बाते नहीं जानता
17:44मेरे ख्याल से क्योवराज पहले ही यहां से चले गए हैं
17:48क्यों ना हम वापस स्वालो नेस्ट चले
17:50अच्छा भी तुम कुमारी वांग और कुमार दुआन के साथ चली जाओ ठीके
17:55मैं जाकर उस दुष्ट को सबक सिखाते हूं पता नहीं खुद को क्या समझता है
17:58अरे रे अब उस छोटे बिक्षु को कुमारी जू के हाथों से कौन बचाएगा
18:04पर तुम अपना ख्याल रखना शावलिन में अपने दुष्मन मत बनाना फिक्र मत कीजे कुमारी वांग मैं अपना ख्याल जरूर रखूंगी आप लोग जाएए चले
18:16अश्च्छ
18:20पर श्च्छ
18:23है
18:26अश्च
18:29है
18:32अश्च
18:33मुझे घर छोड़े कई साल हो गए पर मुझे यहां खेलना भी याद है
18:38पिता जी महनती और कम खर्च करने वाले थे इस पुरानी केतली को तस साल से ज़्यादा हो गए पर उन्होंने इसे फेका नहीं
18:45पिता जी मां मैं आग्या हूँ
18:49मां
18:55मां
18:58पिता जी पिता जी
19:04मेरे माता पिता एक साधारण के सांथे तो एक शक्तिशाली युतकला के आप्यास करने वाले ने इंका खून क्यों किया
19:22मतलब इसकी वज़ा मैं हूँ
19:25अमीदाब
19:28रखता है हमें आने में देर हुई
19:31शाफिंग
19:36तुम तो जानवर से भी बत्तर हो
19:38श्रीमानों श्रीमति शाउने भले तुमें जन्द न दिया हो
19:41पर तुम उनके एहसान को ऐसे कैसे भुला सकते हो
19:44तुमने क्रूर बनकर उन्हें कैसे मार दिया
19:46मैं अभी अभी घर आया
19:47यहां आकर मैंने देखा
19:51मेरे माता-पिता की हत्या कर दी
19:53गुरू जी
19:55आपने मुझ पर यह आरोप क्यों लगाया
19:58चूट
19:59तुमारी हिम्मत कैसे हुई
20:00तुम कुशल नहीं हो
20:02गुरू जनो आप दयाल हो हैं कि आप मेरे माता-पिता को
20:09यहां बचाने आये थे
20:12पर ये बताइए
20:14आप लोगों को कैसे पता चला की कोई
20:16मेरे माता-पिता को नुकसान पहुचाना चाहता है
20:18तुम यह इसलिए पुछ रहे हो क्योंकि तुम उसके बारे में पता लगा कर
20:21उसका नुकसान पहुचाना चाहते हो
20:22बले मुझे कितनी भी तकलिफ क्यों न पहुचाओ
20:24मैं उसके बारे में एक शब्द भी नहीं बताऊंगा
20:26अगर मैं वाकई में नुकसान पहुचाना चाहता तो
20:29अभी तक सबको खत्म कर दिया होता
20:30अगर ऐसा है भी तो भी हमें चुपकर अना असान नहीं है
20:33वो यहाँ नहीं है
20:47यहाँ कोई नहीं है
20:48यहाँ भी
20:49दाविने!
20:50कि जाविने!
20:52आप अप
20:54अप
20:56अप
21:02कि
21:04अप
21:08कि
21:10कि
21:12कि
21:14कि
21:16कि
21:18आमेताब
21:20बोधी मंदिर जाने का रास्ता बता सकते हैं
21:26अमिताब शूजू
21:28जीकिंग का विवाधन करता है
21:30यह रास्ता बोधी मंदर की तरफ ही जाता है
21:34चाचा
21:36आप मुझसे पहले इस मंदिर में आये हैं
21:38आपको तो पता होगा कि बोधी मंदिर कहाँ है
21:42पिर आपने
21:44मुझसे रास्ता क्यों पूछा
21:46तुम्हारी हिमत कैसे होई
21:48मुझसे ऐसे बात करने की
21:50तुम वाकई में बेवकूफ हो
21:52मैं तुम्हारी परिक्षा ले रहा था
21:54अपने सही कहा बोधी मंदिर जाने के लिए
21:56आपको इस सड़क के आखरी छोर तक जाना होगा
21:58मंदिर के पीछे ही है
22:00अब ठीक है
22:02शू शू शू शू सभी लोग जानते हैं कि
22:12तुम इसी मंदिर में पले बढ़े हो
22:14पर चाचा जी किंग ने तुम्हारी परिक्षा लेने के लिए
22:18बहुत ही सरलसा सवाल तुमसे पूछा
22:20इससे पता चलता है तुम में अकल की कमी हो रही है तुम्हें और महनत करनी पड़ेगी
22:28हुम
22:30हुम
22:32हुम
22:34हुम
22:36हुम
22:38हुम
22:40हुम
22:42हुम
22:44हुम
22:46हुम
22:48हुम
22:50हुम
22:52हुए
22:55हुए
22:57हुए
22:59म हुए
23:00हुए
23:01देर से आने के लिए माफिचा दू
23:03हुए
23:04हुए आप चले गए और आपसे मिल नहीं पाया
23:06हुए
23:07वरना
23:09हुए
23:10आपको बहुत खुशी हुती
23:11हुए
23:13यह देख कर कि मैं
23:16बहुत खुश और स्वस्थ हूँ
23:20पर अब हम हमेशा के लिए लग हो गए हैं
23:25काश कि हम तीनों फिर से एक साथ हो पाते
23:30चाहे वो एक दिन के लिए क्यों ना हो
23:32हमने कितने खुशी के पल साथ पिताए हैं
23:46किताजी मा आप लोगों को किसने मारा मैं हत्यारे को पकड़ कर रहूंगा
24:09मैं आपका बदला लेकर रहूंगा
24:14हत्यारे ने संयोग से उन्हें नहीं मारा
24:29मेरे घर पहुँचने से पहले उन्हें मारा था
24:32मतलब ये बनी बनाई योजना थी
24:33इरादा खून का नहीं था
24:36बलकि मुझ पर आरोप लगाना था
24:38इस दुनिया में अगर कोई है
24:40जो मेरे बारे में सब जानता है तो वो है अधर नियर शौन कूँ
24:45शौन कूँ
24:56क्या आपको कुछ कहना है मुझ से?
24:58मेरे राज्य विशेक के दिन मेरे सरग्य गुरू ने मेरा धरण नाम शौन कू रखा
25:05बुद्ध ने बताया कि दुख की साथ अवस्था होती है
25:08जिसमें जन्म उम्र बढ़ना बिमारी मृत्यू किसी से नफरत न करना
25:15किसी अपने से अलग होना और अपनी मर्जी की चीजें हासिल ना होना शामिल है
25:21मैंने इन सभी दुखों से बचने की कोशिश की
25:24एक इंसान अपनी मदद कर सकता है पर दूसरों की नहीं कर सकता
25:38इन सबकी वजह से मैं इस कारे का हकतार हूँ यहां मौजूद आप सभी को मेरे लिए खुश होना चाहिए
25:45क्योंकि मैं इस चक्र को पूरा कर रहा हूँ
25:48कुछ महीने पहले शुवान बेई की किसी तुष्ट ने हत्या करती थी
25:52और उस अत्यारे को ढूड़ने की हमने हर संभो कोशिश की यहां तक कि हमने हिंसा का मार्ग भी अपनाया था
25:59पर बुरे लोगों और बुराई से चुटकारा पाना दूसरों को बच्चाने का काम है पर ऐसे कई अंगिनत लोग बच्चाते हैं
26:08शुआन को क्या हो इंसान मुरोंग कुल का था वरिष्ट मैं नहीं चाहता कि आप और बाकिक लोग मेरी फिक्र करें यह सब मेरे करम में जुड़ जाएंगे
26:27और जहां तक बात उस शक्स की है तो अगर उसने अपना खंजर नीचे रख दिया तो वो पश्चताब करके बस सकता है पर अगर उसने अपनी जिद नहीं छोड़ी तो फिर उसके दुख की कोई सीमा नहीं रहेगी और अगर बात उसके वेश की करे तो तो उसकी कोई जरू
26:57कि लाउशाओं से जूजा हुआ था मेरे विच्छार अभी भी निम्ना है मैं पश्चताब करने के लिए कुछ समय अकेले में शांती से ध्यान करना चाहता हूँ
27:08शुआन को अपना कहाल रखियेगा
27:38शुआन को अपना करने को अपना है
28:08त्यारे महमान, तुम बहुत दूर से आये हो, अंदर क्यों नहीं आ जाते हैं।
28:22गुरुजी, मैं चाओ फैंग, आपका भिवादन करता हूं।
28:27फैंग, मैं अभी तुम्हारे बारे में ही सोच रहा था। तुमसे मिलना चाहता हूं। अंदर आओ, अंदर आओ।
28:57झुरुदी
29:15युरुदी
29:22झुरुणी
29:24तुम तुम तुम तुम तुम चाओ फेंगो वही शिशी जिसे मैंने खुद सिख्षा दी थी
29:35जी मैं ही हूँ काफी समय बाद मिलना हुआ
29:41मुझे याद रखने के लिए शुक्रिया आपको स्वस्त देख कर बहुत खुशी हो रही है
29:50बहुआ है
30:20गुरोजी
30:24गुरोजी
30:50कुरूजी
31:16कुरूजी
31:17तुम्हें क्षमता है पर तुम्हें कुछ कमी भी है यह बुरे कर्म और अच्छे कर्म है अब से तुम्हें हर समय इन दोनों को अपने हाथों में रखना पड़ेगा समझ गये तुम
31:40फिक्र मत कीजे मैं संतुनन बनाए रखूंगा सिर्फ इतना ही नहीं तुम्हें इन्हें अपने दिल में भी रखना पड़ेगा कोई गलत काम मत करना और अच्छे करम करना भला सोचना और भलाई करना बदले में तुम्हें आशिरवाद मिलेगा
31:58मैंने जितने भी साल युद्ध कला में गुजारे हैं उन्हें मैं इमानदार सा चार्स पष्ट रहा हूँ चाहे मैं जिससे भी मिला चूबी किया
32:10उन सालों में मेरे गुरू ने मुझे हर दिन युद्ध कला सिखाए थी
32:13भले ही मुसलाधार पारिश क्यों न रही हूँ उन्हें एक दिन भी सिखाना नहीं छोड़ा
32:18मुझे उनके सारे ऐसानों का कर्स चुकाना है चाहे कुछ भी करना पड़े है
32:23महन जी
32:35आदर्न ये शौन को नहीं रहे
32:39शाओ फैंग
32:51महन जी
32:52तुम यहाँ क्या कर रहे हो
32:53मैं यहाँ गुरू शानकु से मिलने आया था
32:55बदकिस्मती से मैंने उन्हें अंतिम सांस लेते दिखा
33:09तुम ये भी जाओ्ट
33:16मैं ये श्रों को ये वेख़े भी करोmember
33:19अमोरेंगे चिरो
33:21अमोरेंगे चरो
33:23अमोरेंगे चरो
33:31सुम नमोरेंगे ठý।
33:34बंज consultant
33:36बंढवे बंड़े ह।
33:39गुरू जी का अंत इस तरह क्यों गई है शोहन को की यहां पर हत्या करती गई है उनके सीने में गहरी चोट लगी थी उनकी सारी पसलिया ठूट गई और उनकी सारे अंग पर बात हो गए वो अपनी शक्ति की वज़े से हत्या के शरीर पर धारण किये हुए उनका हत्यारा कौ
34:09पर उन्होंने बहुत धर्म में साथ तरह के तुक के बारे में बताया किसी से नफरत करना उन्हीं में इसे ही एक है चुकि वो अपने दुश्मन से बिले थे इसलिए उन्होंने सूचा कि वो खुद इससे बाहर निकलाएंगे उन्होंने उसके बारे में कुछ नहीं बताया
34:39मंदिर में इतना कड़ा पहरा है फिर वो हत्यारा सबकी नजरों से बचकर अंदर कैसे आया
34:49अगर तुम यहाँ पर इतनी आसानी से आ सकते हो तो जाहिर है वो हत्यारा भी अंदर आही गया होगा
35:00मुझे बहुत जरूरी काम था परवत दर्वाजे पर इजासत मांगने का वक्त नहीं था माफ कर दीजे मठादीश
35:08गुरू जी आपकी दवा क्या समय हो किया है महंत जी गुरू जी को क्या हुआ
35:22गुरु जी नहीं रहे क्या गुरु जी नहीं रहे गुरु जी गुरु जी इसी ने इसी ने मारा है गुरु जी को
35:52क्या गाहा तुमें
35:56जिंग्सों डर्नी की जरूर नहीं है खुलकर बताओ जो भी देखा तुमने कहा कि इसने तुम्हारी गुरु को मारा है
36:09हाँ इसे ने गुरु जी के सीने पर अपने पंजे से मारा था मैंने खिडकी से देखा महांद जी आप इसे छोड़िया का मत
36:17तुमने अध्यान से देखा था ना
36:19पचानने में कोई गल्टी तो नहीं हो रही
36:22मैंने अच्छे से देखा
36:23ये ये वह इंसान था
36:25महातर जी इसने गुरुजी को मारा है
36:27आधर नीशान कूँ मेरे गुरु थे
36:29मैं उनका रिणी हूँ
36:31दस साल से हम लोग एक दूसरे से मिले तक नहीं थे
36:35मुझे यहाँ आया देखकर वो बहुत खुश थे
36:37क्योंकि मैं जवान हूँ
36:40मैं अपने बच्पन से अलग दिखता हूँ
36:43क्या ऐसा हो सकता है
36:44कि गुरु जी को
36:45मैं और वो हत्यारा एक जैसे लगे हूँ
36:49शायद हत्यारे ने मेरा भेस धारन किया हूँ
36:51ताकि मुझे पर आरोप लगे
36:52गुरु जी को किसी ने चोट पहुचाई थी
36:55पर वो नहीं जानते थे कि कौन है
36:59मुझे देखते ही
37:01वो उद्सुक हो गए थे
37:03और उनकी मौत हो गई
37:05मंची जब मैं चोटा था तभी यहां से चला गया था
37:08अत्यारे ने मुझे पर आरोप लगाने के लिए मेरा भेस धारन किया
37:10जिया हो वै
37:11अला कि अब तुम पिक्शुक संपरदाय के
37:20सदस्से नहीं हो पर युद्ध कला की दुनिया में
37:23आज भी तुम्हारा नाम है
37:26तुम आज इस मंदिर में है और शुवनकू की ऐसी हालत हुई
37:29क्या मैं जान सकता हूँ कि तुम यहां क्यों आय थे
37:31यसे क्या चीज थी जिसको दुना है
37:34गुरू जी
37:40आपकी मौत से पहले आपको ये लगा कि मैं हत्यारा हूँ
37:43मैं आपको गलत नहीं ठैराना चाहता था
37:46पर हत्यारे ने आपको मेरी वज़े से मारा है
37:50अगर मैं आपकी जान ले लेता हूँ
37:53तो आपका कर्स चुकता हो जाएगा
37:56ये कोई दया की बात नहीं
37:57पर अगर ऐसा करता हूँ तो मैं आपकी
37:59मौत का बदला नहीं ले भूगा
38:01मैं जा रहा हूँ
38:09वो भी शावलिन के खिलाफ
38:12गुरुजी
38:14मुझे माफ कर दीजेगा
38:29इस वो बाग रहा है
38:31मुक्ड़ उसे
38:34जबी
38:35तच्छण पर जा रहा है
38:37जो रहा
38:41इंसे तम्हें सुनो
38:42Зीजेंग और सीमेंग च्छट पर जाओ
38:44वो यहास से भाग ना नहीं चाहिए
38:47नराथ में जो नहीं नहीं रही नहीं
38:49और से कवो फ़ पना च्हान मारे
38:51वो द्वार पर नहीं है उत्तर द्वार पर भी नहीं
38:59पूरब में नहीं है पश्ची में भी नहीं
39:03अजीब बात है एक इंसान अचाना इस तरह कैसे गायब हो सकते हैं
39:10जिरान क्वांशु के शरीर को हमें अंतिम संस्कार के लिए ले जाना होगा तुम सब उसे ढूंड़ो जी आमी ताबा
39:19जियान से देखो उस तरफ हाँ चला
39:34वो मिला की नहीं मिला नहीं नहीं नहीं मिला उस तरफ देखो वहाँ देखो वहाँ होगा चलाओ
39:48कहां चुपा होगा वहाँ चलके देखते हैं
40:02कहां चलके हैं यहाँ नहीं नहीं है वहाँ देखते हैं
40:32सब्लोग तोला जल्दी चलो
40:59कि अब
41:02कि अगल
41:04कि अगे
41:05कि अग्याइब
41:08कि अग्याइब
41:10वरिष्ट बोधी मंदीर तो पूरा खाली है लिपिया कहां पर है हमें यहां की पहरेदारी करने को क्यूं कहां उन्होंने कहा यहां से कुछ चोरी हो जाएगा यह हमारा रहस्य है जादा मत बोलो
41:40क्या बन्होंने और रहस्व है लिया मत बन्होंने है रेयं शिय comprend owe
42:08चुम से जी जी लसंग को है को
42:13इच के नयो सो सट
42:19कि जन शक है ज कर और साव
42:23जन आा कैन हा स्च्सश worries
42:28नखब में मैं चन उना ही
42:33हुआ हुआ है
43:03हुआ हुआ हुआ है
43:33हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हु
44:03झाल