00:00कि हमारे सबसे आदा जो निगाह है वो टिकी रहती है हमारे फनेस मिनिस्टर पर कि कहां से वह अपने टेक्स को कम करें कि जिससे तूरिस्ट जाना भी जा भी सके इंडिया से बहुत ज्यादा आ भी सके आज हम बात करते हैं कोई भी फाइस्टा होटल उठा के तो वह दस यार
00:30प्लम और नहीं बढ़ेगा यह वीजा आराम से मिल जाता है इंडिया के लिए कोई इसमें हाड और फास्ट रोल नहीं है इंडिया यह कहता है आओ हमारे देश घूमो मेरी बस गवर्मेंट से यही उमीद है कि हमारे इंडिस्टी को एक इंडिस्टी काउंट की जाए हमारे
01:00पर और अक्सर बात तो होती है रेलवेज की या फिर टैक्स कट्स की लेकिन यहां जो एक सेक्टर है टूरिजम एंड ट्रेवल भारत को आपने निरवार बारत बनाने में टूरिजम का भी बहुत बड़ा हात्रा है और विदेशी सहलानी कितने जादा भारत आ सकते हैं इस �
01:30कर रही है उनसे बाचीत करने के लिए हमारे साथ हैं हिमानशु गुपता जी हिमानशु सबसे पहला सवाल मैं आपसे लेना चाहूंगा बहुत स्वागत आपका कि जब हम बात करते हैं आत्म निरवार भारत की और ट्रेवल एंड टूरिजम की तो आप लोग वो बीच के ल
02:00सब बेसिकली जो बजट आता है ना हमारे सबसे आदा जो निगाह है वो टिकी रहती है हमारे फनेस मिनिस्टर पर कि कहां से वह अपने टेक्स को कम करें कि जिससे तूरिस्ट जाना भी जा भी सके इंडिया आप बहुत ज्यादा आभी सके अचा बहुत मत अगर हम बात करें
02:30फाइस्टा होटल उठाके तो वो दस यार से बीच आए लोग को लगता कि इतने में हम फॉरें गूमाते हैं तो उनको टेक्स को जब तक कम नहीं करेंगे तब तर इंडिया का टूल में और नहीं बढ़ेगा तो उनको टेक्स को कम करने के लिए बहुत तमारी निगाह है उ
03:00अगर वो यूए से गए तो यूए से इंडिया बहुत ज्यादा टूरिस्ट आएगा वह जहां जहां जाते हैं वहां वहां अपने भारत का पर्चम करके आते हैं कि नहीं बारत आओ भारत में इतना खूब सूरत देश है वारत कि आपको कहीं कि अगर एक जगह जाना है ना
03:30से ट्राइवल तो बहुत करते हैं कुछ वह अफ्रीकी देश और कई चोटे मोटे देशों में भी जाते रहते हैं आपको लगता है अमेरिका जर्मनी लंदन इनको छोड़के भी छोटे देशों में इस तरह की मंशा जागी है कि वह भारत आए बिलकुल जागी है बिलकुल
04:00जालेकर है काफी लेकर आपने में जुरू कि चलती रही है आपको लगता है कि भारत का जो टूरिजम सेक्टर वह चीन
04:20को टक कर देने के लिए तयार हैं मैं क्योंकि अभी तक हमने पूरे दुनिया को चीन जाते हुए देखा है चीनी परियाठक हो गया या चीनी जो टैलेंट है वो भारता है इसके लिए आपको ख्यालगते है टूरिजम कैसे काम कर सकता है नहीं नहीं आपने बिलुकुल आपका
04:50पांस साल से इस्टॉप वीजा स्टॉप पांस साल से वीजा लगनी रहा है इंडिया के लिए ना चैना आ रहा रहे न जा रहे फोर टूर्य परपरज वहों जाएगा होगा बहुत जल्दी ओपन हो और वहां के लोग बैठे हैं अमारे पास ग्रूली अल्रेड इंडिक अ क
05:20पर भारत में कई बुद्धिश शॉप्स ऐसे हैं वीजा नियमों को लेकर और GST को लेकर आप लोग कैसे देखते हैं इसको वीजा का यह है कि वीजा इंदिया आने के लिए बहुत ईजी वीजा आराम से मिल जाता है इंडिया के लिए कोई इसमें हाड और फास्ट रूल नही
05:50लोग बहुत ज़्यादा उत्स होग है कि हम इंडिया जाए हमारा पिछले लाज्ट टू यह से इंडिया में इंबाउंड बहुत बढ़ गया है मतला बदेशी गैस बहुत जादा होने लगे इंडिया हम मतला यह समझेगा कि अगर हम एरपोर्ट पर खड़े हैं ना दस लो
06:20बाकी कामों में भी अपना योगदान देते हैं आपको क्या लगता है यह पूरा का पूरा सेक्टर जो है हॉस्पिटालिटी सेक्टर जो है सर्वेस इंडस्ट्री जो है क्या उमीद है बाठी है
06:31मेरी बस गवर्मेंट से यही उम्मीद है कि हमारे इंडिस्टी को एक इंडिस्टी काउंट की जाए हमारे इंडिस्टी को भी इंडिस्टी काउंट नहीं करते हैं वह अगर थाइट और फॉर्थ अगर रिवेन्यू जनरेट करने वाली है वह हमारी इंडिस्टी है ट्रेवल �
07:01को नहीं देता है तो गुश्चाल मतला घंड करने के लिए तो उसको इंडस्ट्री में काउंट करेंगो तो ज्यादा इसको इस्तेबिलीस करना होगा आज आहरों कोई कोई भी है चोड़ा मोटा वह भी फोल लेता है को हुआ उनको क्या लगता है लैपटॉप चाहिए मोबाल
07:31आफिस ना कोले ऐसा भी गौर्णमेंट को थोड़ा सा फूकस करना पड़ेगा चली बहुत पते की बात है मेरा आखरी सवाल हिमांचु गुपता जी से यही होने वाला था कि अगर फाइनांस मिनिस्टर उनको लिफ्ट में मिल जाती है माली जी आप सरकारी दफ्तर जाते हैं
08:01कि वीजा पॉल्सी को स्मूथ किया जाए जिससे कि आवा गमन तूरिस्ट का आने और जाने का बहुत अच्छा हो प्लस हमको रिवेट दी जाए अपने टेक्स में अगर रिवेट मिलती है तो हमारा टोरिम इंडिया विदिन इंडिया का बहुत ज्यादा डिवलप होगा आ
08:31आज देख लीचे पॉटल बेसिक होईए फाइस्टा ओटल देख लीजिए तो पंदरह या 20 गाने का धायक्तान और यो कि तरिक stepping कर सकता है अब मैं कटोती की गई थी कई आवश्यक आवश्यक्सथाभा पर इस पर द्यान और एक तरीके से
08:57कि जो सरकार ने रिलीफ दिया था आम जन जीवन को उसको मुझे लगता है अगर और भी जाता सार्थक बनाना है तो कहीं ने कहीं आत्मंदिर भर भारत और जो पधारो महारे देश का जो कॉंसिप्ट है उसको और मजबूत बनाने के लिए न सिर्फ बाहर के से लानी को लिए
09:27पंकेश कुमार मेश्र वन इंडिया समाश्यार के लिए लिए
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