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  • 9 months ago
Nikki and Buddy Ep 21 - aPlus Entertainment

A parallel between two sides - the good and the bad. This interesting drama features a supernatural phenomenon of being able to communicate through spirits. The drama becomes a mix of comic and supernatural elements that give it a twist.
The good and the bad in a comical way via two main characters Nikki and Buddy.

Written by Monim Majeed
Directed by Muhammad Ali Kamdar
Cast:
Bushra Khan
Nobia Mansoor

Category

📺
TV
Transcript
00:00अजीब उल्जन है ख्वाहिशों की जो रूप अपना बदल रही है
00:22अजीब उल्जन है ख्वाहिशों की जो रूप अपना बदल रही है
00:42अजीब उल्जन निक्की और बड़ी अजीब उल्जन है ख्वाहिशों की
00:53ग्याया तीन एक दो तीन और ये मेरी गोड प्लार येस चले हैसन अब आइस क्रीम खिलाईए खिलाता हूँ खिलाता हूँ
01:06बहला तुमसे कौन कहता है कि यहां आके हमसे शर्त लगाओ इससे पहले कभी मुझसे जीते हो जो आज जीतना था
01:14चलो उचो और जाकि आइस क्रीम लेकर आओ अनिया लाओ ठीक यह भी लाइग अरे ये कहां चली गए
01:27अराम से अराम से सब पते तल जाएगा
01:30यह ली थी यह जनाब आइस क्रीम
01:47अब यह कहां से आई एसन भाई पहले यह ले आये थे और मैंने इसे चुपा के फ्रिस्ट में रख दी थी
01:55ओहो तो इसका मतलब है कि काफी समझदार हो गया है बच्चा अपनी हार को पहले से ही तस्लीम कर लिया
02:02अब क्या करो बच्पन से तुमसे हारने की यादत जो हो गई है
02:09माहबाजी आप एसन भाई को एसन भाई क्यों नहीं कहती है अरे तुम पागल हो क्या वो मुझसे बड़ा थोड़ी है और तुम्हें पता है हम दोलो एक ही दिन पैदा हुए थे
02:19क्या हुए थे हाँ बिलकुल बिलकुल
02:30हलो है क्या है क्या है अच्छी तुम कैसे देख रहे है अरे वाबाई यहां तो बड़ी पाटी चल रहे है
02:38एसन भाई शर्त आरे हैं महाबाजी से इसलिए हम सब आइस क्रीम खा रहे हैं आया आप भी खाए
02:43ने ने थेंक यू
02:45अच्छा मैं निकलता हूँ देर हो रही है मैं इंतजार करे हूँ
02:48कुछ देर और बैट जाते है एसन भाई तो एक गेम और खेल लेते हैं
02:52ने ने आज का कोटा पूरा हो चुका है तेर किसी देर
02:56ओके मेरे भाई
02:57डिडे और है तो पर क्या कहते हैं अच्छछा एक नवीद भाई
02:58वहाँ जो हो भाई आव आपका है और तो नाम लिए खुरो मेरा थैसरी न वीद भाई
03:04नवीद भाई
03:05मैंने तुमें कितनी दफा इस कहा है, मुझे भाई मत कहा करो
03:08हम दोस्त हैना, तो नाम लिया करो मेरा
03:10भाई ना कहू तो और क्या कहू
03:11नवीद भाई
03:12अच्छा भई, जो मरजी आ है तुम कहो
03:15तुम से तो बहस करना बेकार है
03:16मैं चल रहा हूँ तू ममी से मिल ले ना
03:19नर्भीष भाई
03:28तू आइस क्रेम कहो
03:30नर्भी एक बार तो बताओ
03:36हाँ बोलो
03:38ये मर्द मोहबबत में इतना हत्त उजजाता है
03:41ये क्यो नहीं समझता के औरत की रज़ा मंदी भी इसली ही एहम है जह से खुद की
03:46क्योंकि मर्द खुद को ताकत पर समझता है
03:49औरत का मालिक समझता हो ये भूल जाता है कि औरत के सिन्हें में भी दिल है जो किसी के लिए धड़क सकता है
03:54बड़ी ये मर्द इतना संगर क्यों होता है
03:57क्योंकि मर्द को अपने बहतरीन होने पे घरूर है
04:01वो ये समझता है कि औरत कभी समझधारी का फैसला करी निसकी बहले वो औरत पड़ी लिखी और काबल क्यों ना
04:09यसे मर्द कहां मानता है औरत के इर्म को उसके हुनर को
04:13अब तुम नवीत को ही देख लो महा उससे कित्ती जादा समझधार और पड़ी लिखी है
04:17फिर भी नवीत को ये लगता है कि वो उसके साथ जिन्गी गुजार सकता है
04:20उसके साथ सक्रिवाइस कर सकता है
04:22उसकी ये माना को पाने के जुझ उसे इbretनाक अंजाम तब पुहँचा सकती है बड़ी
04:29हम दोनों के होते हुँ ऐसा होना तो लाजम है
04:31माहा का दिल मैं किसी सुरत तूटने नहीं दूंगी बड़ी
04:35तो क्या मैं नवीत को हरने दूंगी
04:36बड़ी तुम जानती हो
04:38माहा एसन से बहुत महबत करती है
04:40लेकिन नवीत भी तो माहा से प्यार करता है
04:43और इसकी महबत में कोई खोट नहीं
04:45जो भी है इस मामले में नवीद घलत है और उसको महा की पसंद को मानना होगा
04:50मेरे होते हुए
04:51मेरे होते हुए ऐसा हो सबते
04:56वैसे अमी मेरी प्रोमोशन भी हो गई है
05:15अब देर किस बात क्या बात क्यों नहीं करती खालो
05:18तुम से जादा जल्दी मुझे है महा को इस घर की बहु बनाने के लिए
05:23बस मैं उसके अमे का इंतजार कर रही थी
05:26और अब तो वो पास भी हो गई है
05:29मैं भाई साब से जाके इसी हफ़ते बात करती हूँ
05:35अमी अगर खालों ने मना कर दिया तो
05:37क्यों गला वो क्यों इंकार करेंगे
05:40तुम में कौन से कोई आप है
05:42माशालला पड़े लिखे हो, समझधार हो
05:46और जहां तक मैंने भाई साब की बातों से अंदाजा लगाया है
05:49मैं जब भी उनकी घर जाती हूँ न
05:51वो कोई ना कोई बात तुमारी दरूर चिड़ते हैं
05:54से मुझे अंदाजा हुआ है कि वो तुम्हें पसंद करते हैं
05:57अच्छा तो फिर कब जा रही है
05:59अब ही चली जाओं बहुत बेस्बरी हो रही है तुम्हें
06:02अभी मैं बेस्बरा नहीं हो रहा है मुझे सिर्फ आपका ख्याल है देखे ना
06:05अच्छा अब ऐसी भी कोई बात नहीं है चली जाओंगी अगले हफते तक पाई के पास
06:10चाय पीलो तुम्हें आप चाय नहीं लाइंपनी ना पी चुकी
06:35और कितनी देर यूहीं बैठे महां से शादी के खाब देखते रहोगी जल्दी करो ऐसा ना हो के तुम सिर्फ खाब देखते रह जो और ताबीर किसी और की हो जाए
06:55मैं ऐसा हर्गिस नहीं होने दूँगा तो फिर उठो जल्दी करो ऐसे हाथ पे हाथ दरे बैठने से कुछ नहीं हो
07:07ऐसा ना हो के एसन उसे अपनी दुलहन बना कर ले जाए और तुम यहीं बैठे अफ्सोस करते हो
07:13आपको जो है ना है अच्छी बात भी है
07:43क्योंकि आप खुशी समना सकते हैं चुटी और ये अमी अमी आप कब मामू से बात करेंगी मेरे रिष्टे की
07:51क्या हो गया तुम्हें अरे जिस दिन तुम्हारी जाब लगेगी उससे अगले दिन ही मैं भाई साब के घर जाकर बैठ जाओंगी तुम्हारे रिष्टे के लिए
07:59और उच्छा है इसमें साली क्यों न गुजर जाएं जब तक नौकरी नहीं मिलेगी आप बात नहीं करेंगी
08:04अमी आप तो इस तरह से मुतमाइन बैठी है जिसे मामू मेरे सिवा किसी और से रिष्टा ही नहीं करेंगे माहा का
08:09अवरे पग्ला गया है क्या मेरा इक लौता भाई है और मेरे सिवा वो जाएगा कहां जिस दिन मैं तुम्हारे रिष्टे की बात लेकर जाओंगी ना अगले दिन high कर देंगा वो
08:20और और अगर महान नहीं कर द겼 तो
08:23किसी बहकी बहकी बाते कर रहा है
08:25मा हम क्यों इंकार करेगी
08:27उसकी मा जैसी हूँ मै
08:29मा बन कर पाला है उसे मैंने
08:31जब इन दोनों की मा मर गई थी न
08:33तो मैं ही थी जो उसका ख्याल रखने वाली थी
08:36बस बेटा
08:37तू जल्दी से न अच्छी सी नौकरी का बंदो बस कर ले
08:40ये मा तेरे साथ वादा करती है
08:42जैसे ही तेरी नौकरी लगेगी न
08:44तेरी नौकरी की मिठाई बाद में आएगी घर में
08:46पहले तेरी बाद पकी होने के लड़ू खिलाऊंगे तुझे
08:49सच अमी
08:52हाँ सच
09:07मैं अपने एहसन के लिए
09:09आपकी माहा का हाथ मांगने आई हूँ
09:12बहुत उमीद से आई हूँ
09:14था के लिए इंकार मात कीजेगा
09:16मैंने हमेशा तुम्हे अपनी चोटी बहन समझा है
09:19एहसन मुझे भी बहुत पसंद है
09:22और ये रिष्टा भी मेरे दिल की मुराद है
09:25लेकिन फिर भी
09:27लेकिन क्या अजीज भाई
09:29अराईला मुझे एक बार माहा से पूछना होगा
09:32ठीक है जरूर आप माहा से पूछे
09:34मुझे जगीन है कि माहा इस टेशे से कभी इंकार नहीं करेगी
09:39इसे अगर इकरार नहीं तो इंकार भी मत समझ ला
09:42जब तक माहा से बात ना कर लूँ
09:45पहाँ फिर मुझे नसरीन से भी को मशवरा करना है
09:48असल में शाजिया के मरने के बार
09:51मा और हानिया को उन्नों नहीं माबन कर पाला है
09:55इसलिए उन दोनों पर उनका हख बहुत ज़्यादा है
09:59जी जी ज़रूर आप नसरीन वाजी से पूछें
10:02और जो भी फैसला होगा आप मुझे बता देजाएगा
10:06मैं शगून के कौर पे मुझा ही लेकि आजाओंगी
10:11अरे आप क्यों नहीं क्यों नहीं
10:13अरे माँ बेटा तुमसे एक जरूरी बात करनी थी
10:19जी बैठी है
10:20बेटा वो
10:23तुम्हारी खाला ने अपने बेटे एसन के लिए तुम्हारा रिश्टा मांगा है
10:28एसन देखा वाला लड़का है
10:32वाला लिखा है शरीफ है
10:34लेकिन फिर भी मैंने तुम्हारी मर्जी के बिना उनको आ नहीं की
10:41इसलिए कि मुझे तुम्हारी खुशी ज़्यादा आजीज है
10:45अब बेटा अगर तुम को तो मैं हैसन के साथ तुम्हारा रिश्टा मनजूर कर ली
10:52देखो बिटा गर आज तुम्हारी माँ जिन्दा होती तो वो ये बात तुम से खुट करती
11:03लेकिन बिटा मैंने भी तुम्हें बाप से ज़्यादा दोस बन कर पाला है
11:08मैं किसी और के जरीए तुम्हारी मर्जी मालूम नहीं करवाना चाहता था
11:14बेटा अगर तुम्हें इस शादी पर कोई इतराज नहीं है तो मैं तर राहिला को हां कर दूँ
11:26अगर तुम कहो तो मैं इंकार करते तुम्हों नहीं
11:32ने ने मेरा मतलब है आप जो बहतर समझें मुझे आपका हर फैसला मन्जूर है
11:39ठीक है बेटा तो फिर मैं अगले जुने उन्हें रसन की अदाईगी के लिए बुदा लेता हूँ
11:45नस्रीन ये नवेत का है
12:05अरे कहां होना है घर से बाहर गया हुआ है मैं तो कह कह कह के ठख गई हूँ
12:12कही से घुमता घुमता आ जाएगा कोई काम नहीं करता है
12:15अरे उसे समझाओ कोई जौब आप तलाश करें कब तक इस तरह बेकार घुमता रहेगा
12:22घर आएगा ना, आप उसे समझाएगा, कि कुछ काम करें, मेरी तो वो सुद्धा ने
12:28चलो आता है तो मैं बात करता हूँ उससे, वैसे इस वक्त तो मैं तुम्हारे पास एक जरूरी काम से आया था
12:34जरूरी काम?
12:38वो, राहिला आई थी
12:40राहिला? खेरियत?
12:46हाँ, वो अपने बेटे एसन के लिए हमारी महा का रिष्टा मंगने आई थी
12:52अब में बतार, अगर महा से मेरी शार्णी देंगी, तो सारी इसने के में शार्णी करो
12:59देखो, मुझे तो इस रिष्टे पर कोई इत्राज नहीं है
13:04तुम बताओ तुम्हारी क्या राह है
13:07साफ मना कर दो से, और ना तुम नवीद को क्या चबाब दो
13:14क्या हो गया अजीज भाई आपको, ये क्या करने जा रहे हैं आप
13:21ते, क्यों, ऐसा क्या हो गया
13:26मैं तो सोच भी नहीं सकती थी के मेरा भाई इतना बड़ा गुना करेगा
13:30गुना? वो कैसे?
13:33बस भाई मैंने कह दिया ये शादे नहीं हो सकती
13:37लेकिन आखिर मुझे कुछ पता तो चले
14:03ये लीजिये अबू, चाए
14:15अबू भाई, मैं तो पूरे के पूरे दस चोड़े बनवाऊंगे माहाबाजी की शादी में
14:22क्या हूँ अबू, सब ठीक तो है?
14:33अबू, बताईए ना, सब ठीक तो है ना?
14:35माहा और एसन की शादी नहीं हो सकती
14:49लेकिन क्यों? अभी तो आपने माहाबाजी से उनकी मर्जी पोची थी?
14:53हाँ, क्योंकि मैं उस वक्त तक ये नहीं जानता था कि
14:58क्या नहीं जानते थे आप?
14:59कि माहा और एसन दूज शरीक बेन भाई हैं
15:02क्या? ये क्या कह रहे हैं अभू आप?
15:06सभी कह रहा हूँ बिटाप
15:07तुमें काम करो बिटाप
15:10तुम अपनी खाला को फोन करके बता दो कि
15:12अब ये रिश्टा नहीं हो सकता
15:15पुझ में तो इंकार की इंमत नहीं है
15:19और वो तुम सारे काम भी देख लेना
15:32मुझे तो समझ में नहीं आ रहा कि शादी की तयारी कहां से शुरू करूँ
15:36इतने बहुत से काम हैं एक समझ ही नहीं आ रहा क्या करूँ
15:41हमें सब हो जाएगा आप इतनी परिशान क्यों नहीं हो रही है
15:44तुम तो इतने मज़े से कहärगे हो की सब हो जाएगा
15:47शादी हो रही है कोई गुड़े गुड़िया का खेल नहीं है जो सब कुछ हो जाएगा अमिया आप तो इस तरह से बात करें जैसे एक फ़ते बाद हमारा नेखा है अभी तो खालू ने एकरार भी नहीं किया हमी और आपने त्यारिया शुरू कर दी है
15:58मुझे पता है भाई साब के जवाब का जब मैंने तुम्हारी शादी का उनसे जिकर शेरा था ना तो मुझे ऐसे लगा जैसे वो मुंतजर थे मेरे इस बात के
16:09मुझे से कहने लगे कि उन्हें तो कोई अतराज नहीं है बस महां से पूछ लेंगे वो
16:14लो हानिया इगी फोन आगिया हलो बेटा क्या हाल है क्या यह क्या कह रही हो तुम ऐसे कैसे हो सकता है जूट है यह सब कुछ मैं खुदा के अजीज भाई से बात करती हूं ठीक है बदाफिस क्या हुआ मैं अजीज भाई ने इस रिश्टे से इंकार कर दिया है
16:44इंकार करते है् अमी हमी आपी तो बता रहीं थी, वो इतने खुशते हैं और थे इंकार करता है इंकार करने थे एकाण बढ दिए है किसी ने उनके कान भर दिये हैं कि माहा और तुम तूच शरीक
16:57इतना बड़ा जूट? इतना बड़ा जूट किसना बोला हुगा?
17:14क्या करती? जूट के सिवा मेरे पस कोई चा रही नहीं था
17:18तो क्या ऐसान और महा एक दूसरे के दूसरी के दूसरीक बहन भाई नहीं?
17:22क्यो कर रही हूँ? यह बाती इस तरह खुले आम करने वाली थोड़ी है
17:27क्या मतलब है आपका? क्या कहना चारी है आप?
17:30तेरे मामू एसन और महा के रिष्टे की बात करने के लिए आय थे
17:35और आपने उनसे जूट बोल दिया होगा
17:38वाँ अम्मी यह आइडिया आया कहां से आपके जहन में?
17:41उस वक्त एक तब मेरे दिमाग में जो आइडिया आया मैंने कह दिया
17:44वैसे मामू भी कुछ ठीक नहीं कर रहे थे
17:46सारी जिंदेगी मुझे नौकर बना के रखा
17:48नौकरों की तरह काम करा है मुसे
17:50और अब जब बेटी देने की बारी आई तो एसन को चुन लिया
17:53वाँ अम्मी आपने जो किया बिलकुल ठीक है
17:56चुप बस यह बुखवास करें
17:59अरे एक तो तुम्हारी खाते
18:02मैंने अपने जान से अजीज भाई को छूट पॉल दिया
18:06और परला के वास्ते तुम भी कोई काम काच जूण लो
18:10काम काच का क्या मतलब है
18:12मैं कोई अनपड नहीं हूँ पड़ा लिखा इंसान हूँ
18:14ग्रेजुएशन किये मैंने
18:15हाँ माहा ने एम मे किया है
18:18तो क्या फरक पड़ता है
18:20सिफ दो क्लासेश ही तो जादा पड़ी में उसने
18:22आप तो ऐसे कहने हैं जैसे मैं को अंगूठा चाप
18:24बेटा आजकल की लड़कियां
18:27एक जमात की लड़का पीछे ओना
18:29बर्दाश नहीं करती
18:31लेकिन अभी महा ऐसी नहीं है
18:33वो बहुत हिजद करती है मेरी
18:35हिजद बड़ा भाई समझती है इसलिए हिजद देती है
18:38बेवकूफ कहीं का
18:41या अल्ला
18:43यह जो मैंने जूट बोला है ना बस इसका पड़ता रख लेना
18:45पहली बार मैंने जूट बोला है
18:47क्या करूँ मैं
18:49अजीज भाई आपको जरूर गलत फहमी होई होगी
19:05अगर ऐसा होता तो शाजिया मुझे जरूर बताती
19:08लेकिन आखों देखा कैसे गलत हो सकता है राहिला
19:11नसरी ने खुद शाजिया को ऐसन को दूद पिलाते हुए देखा गा
19:16अफ खुद आया अब क्या होगा
19:19अजीज भाई ऐसन तो मर जाएगा
19:21जजबाती मत बनो राहिला
19:23ये मजब का मामला है
19:26और ये बात समझाओ अपने बेटे को
19:28समझाओं तो तब ना जब वो इस बात को मानने के लिए तयार हो
19:34वो बानता ही नहीं है इस बात को
19:36आप किसी मौलवी से मश्वरा करें ना जाके
19:40बात कर चुका हूँ मैं मौलवी से
19:42हम मौलवी साब ये कहते हैं कि
19:44ऐसा सोचना भी गुना है
19:47वो दोनों दूद शरीक बहन भाई बन चुके हैं
19:50इसलिए राहिला
19:52तुम इस रिश्टे को अब खतमी समझो
19:54अमी आखिर आप कब बात करेंगी मामू से? मेरे और महा के रिश्टे के बारे में?
20:09चुका जा नवीद
20:10अभी तो हैसन का रिश्टा खत्म हुआ है
20:12तुम्हें अपनी शादी की फिकर पड़ गई है
20:14फैसे
20:16मैं आपको मान गया मामू
20:19क्या सफाई से महा गरिश्टा तुडवाया आप?
20:22और इल्जाम भी ऐसा लगा है जो कोई और साबित ही नहीं कर सकता
20:25सिर्फ और सिर्फ मुमानी साबित कर सकती है इस बात को
20:28हम मुमानी तो इस दुनिया में है नहीं
20:30खैर
20:32जहां इतना इतिजार किया है थोड़ा और इतिजार कर लेता हूं
20:35हम
20:36यह तुमने अच्छा नहीं किया अपने बेटे की महबत में आकर माहा जैसे बिन माबाप की बच्ची के साथ ज्याती किये तुमने
20:54अल्ला तुम्हें कभी माफ नहीं करेगा
20:57खुदा से तो तुम जब चाहे माफी मांग सकती है कि अगर माहा और एहसन की शादी हो जाती तो सुचो नवेत तुमसे कभी बात नहीं करता है
21:09इसलिए जो तुमने किया है वो बिल्कुल ठीक है तुम्हें इसके लिए परिशान होने की कोई जरूरत निया
21:14सोचो जरा नस्रीन ये सच्चाई जब सब के सामने आएगी तो क्या होगा
21:19तुम्हें ये सब सोचकर परिशार होने की कोई ज़रूरत नी है नस्रीन
21:23प्रिके जो जूट तुमने बोला है वही सच है
21:26और सच को कोई भी नहीं जुटा से
21:28हाँ
21:30जो जूट मैंने बोला है
21:32वही सच है
21:34कोई सच है
21:44कि अखे और बडी हजीब लचन है गाहिशू की
21:52कि निके और बडी हजीब लचन है गाहिशू की
22:01मैं जानती हूं कि खुप पशूद बोलएं
22:07तुम इतना हैकेन से गसे कह सकती है सो
22:09क्यूंकि अगर ऐसा ना होता
22:12तो मैं तुमसे कभी मिलने ना है
22:15तो अगर ये जूट है
22:17तो तुम सबको बता क्यों नहीं देती
22:19क्योंकि सच इतना तल्ख है
22:21कि उसकी कड़वाहट से कितने ही रिष्टे
22:23अपनी मौत आप ही मड़ जाएंगे
22:25इसका मतलब है तुम अपने फुपों को बचाने के लिए
22:28हमारी मौत की कुर्बानी दोगे
22:29ऐसे कैसे कर सकती हो तुम
22:31सिर्फ मैं ही नहीं
22:33अगर तुम भी मेरी जगा होते
22:36तो ऐसा ही करते है ऐसन
22:38मैं कभी पीछे नहीं हटना
22:40अपनी मौत की तक्मील के लिए
22:42मैं सारी दुनिया से टकरा जा
22:43मौपत की हुसूर के लिए खुदगर्ज बनना
22:46बजाहर इस दुनिया का सबसे असान काम है ऐसन
22:49लेकिन प्यार करने वालों की इस खुदगर्जी की बज़ा से
22:52उनके प्यारों को ताउम
22:54जग हसाईयों
22:56और उस्वाईयों का सामना करना करता हूँ
22:58मैं कुछ समझ नहीं पा रहा क्या कह रही हूँ तो
23:00तुम जानते हो हैसन
23:02खुदगर्ज ने मुझे और हानिया को अपनी सगी अला से बढ़कर चाहा है
23:06बच्पन में जब नवीद किसी चीज के जिद किया करता था
23:10तुम को से इंकार कर दिया करती है
23:12लेकिन मेरी और हानिया की किसी खौाइश को उन्होंने कभी नहीं चाला
23:16तो अब उनकी तमाम महबतों असिला बस यही है कि तुम नवीद से शादी करो
23:20तुमने सब को जानते बूचते भी उनके जूट को थाबित नहीं किया
23:25मुझे यकीन है तुम नवीद से शादी से पी इंकार नहीं करो
23:30तुम मेरी तरफ से तुम्हे शादी के एड़ाना मुआरगवान सदा खुछ रहाँ
23:33तुम अपरें दिल छोता नहीं करो माँ तुमने कभी किसी के साथ कुछ बुरा नहीं किया
23:44अल्ला भी तुम्हेर साथ कुछ पर अमी करें
23:57बिल अमी में आफिस जा रहा हूँ
24:01अच्छा बेटा अल्ला तुम्हे कामियाब करे अपना खियाल रखता है
24:07ठीकि अल्ला अफिस
24:09कितनी अच्छी जॉब मेले ने नवीत को अब तुम इसकी शादी की त्यानिया करो
24:16अगर कहीं अजीज भाह ने इंकार कर दिया तो
24:22पागल हो गई हो तुम ऐसा सोच भी कैसे सकती हो
24:25नवीत से अच्छा लड़का तो उने कहीं मिली नी सकता
24:28इसे तुम्हारी बेटी की शादी भी हो जाएगी तो इसे घर भी नहीं छोड़ना पड़ेगा
24:33इसे दम तो किस्मत वालों को मिलते हैं
24:37मगर वो महा इस रिष्टे से खुश भी होगी के लई
24:44बात सुनो लड़कियों की पसंद नापसंद सिफ शादी से पहले तक होती है
24:49एक दफ़ा शादी हो जाने दो फिर अच्छा हो या बुरा
24:53इनकी तमाम खुश्यों का मरकर सिफ इनका शहर होगा
24:56हाँ यह तो मैंने सोच ही नहीं बात करती हूँ सब ठीक हो जाएगा
25:04हाँ
25:08एहसन ओफिस नहीं जाना
25:12नहीं सुने दे में दो हफ्तों से तुम ओफिस नहीं गए हो
25:17कब तक यह सोग मनाओगे बस बहुत हो गया
25:21इस इतना घर में पढ़े रहे तो सिंदगी आगे कैसे घुचरे की
25:27जङ़ेगी अपिस जिंदा रहना कोन चाहता है मैं तो ज़न्र रहने नहीं चाहता है
25:35क्या होगी हैसं
25:38कैसी बातें कर रहे हो?
25:39कैसी बातें कर रहे हो?
25:42जिसकी बच्छपन से लेकर जमाने तक एकी क्वाइश हो?
25:45और वो खौइश पूरी नहों, तो वो कैसी बातें करेगा?
25:49यकीन करें, अगर आप नहोती ना, तो मैं अपनी जान ले लेता है.
25:53कैसी खालू ने रिष्टे से इंकार किया तो
25:57एहसन कैसी कुफर वाली बातें कर रहे हो
26:00खुदा के हर काम में मसलियत होती है
26:03इनसान ही है जो उसकी हिकमत को नहीं समझ सकता
26:07और खुदा हमेशा अपने प्यारों का इम्तिहान लेता है
26:10इनसान को चाहिए किस सबर से उसे इम्तिहान से गुज़र चाहिए
26:14चलो ठो मैं तुमारे लिए नाष्टा बना के लाती है
26:21अच्छा पुपो में चलती है
26:36अरे रुखो ना आओ मेरे पास बैठो
26:38हर वक्त हवा के घोड़े पर सवा रहती हो
26:44पुपो को भी टाइम दे दिया करो
26:46पुपो मैं कुछ जरूरी काम कर रही थी इसलिए
26:48अच्छा अच्छा कुछ नहीं होता
26:50माहा कर लेगी सारे काम
26:52माहा आपी कुटब आप रहने ही दे
26:54क्यों?
26:57माहा को क्या हो गया?
27:00सब ठीक है ना?
27:01जब से रिष्टी की बात खतम हुई है
27:03माहा भी बहुत गुमसुम रहने लगी है
27:04ना किसी से बात करती हैं और ना ही कमरे से बाहर निकलती है
27:08खाना पीना भी छोड़ती है
27:12अच्छा?
27:14तो तुमने मुझे पहले क्यों नहीं बताया?
27:16क्या बताती भुपो?
27:16और खाला उदर से एसन भाई के विदा से बहुत परेशान है
27:19अब एसन को क्या हो गया?
27:23उनकी तो माहा बाजे से भी ज़ादा हालत खराब हो गया
27:26खाला बता रही थी, सब कामकाच छोड़के घर बैठ गया है
27:29हई हई, इन दोनों को हो क्या गया है?
27:33अरे, इन पे पहाद तूट गया है क्या?
27:37इस तरह या घर वालों को तंक कर रहे हैं ये?
27:40शादी से पहले रिष्टे तो बनते बिगडते ही रहते हैं
27:43क्या हो गये?
27:46बाद से फिष्टा खतम होने की नहीं है पुपो
27:49तो फिर क्या बात है?
27:52हानिया, बताओ ना
27:54मुझे ऐसा लगता है जैसे माहा बाजी हमसे कुछ छुपा रही है
27:58अच्छा, क्या छुपा रही है?
28:02ये तो मैं नहीं जानती पुपो, लेकिन ऐसा कुछ है जरूर जो माहा बाजी हमसे चुपा रही है
28:07अच्छा पुपो, मैं अब चलती हूँ, अब वो इन पे जार कर रहे होंगे
28:15अच्छा, ठीक है
28:18दिलो की सादा वरक पे लिखना
28:38महाबतों की गुलाब पाते
28:51माहा?
28:54जी कुपो, बिठा मैंने तुम्हारी पसंद के शामी कबाब बनाए है
29:00खाओ की ना तुम?
29:03मेटा कभी कभी मुझे लगता है कि तुम्हारी खोशियों की असल कातल मैं हूँ
29:20लेकिन मैं क्या कर सकती थी?
29:27इतना बड़ा गुना तुम्हारे सर कैसे डाल सकती थी?
29:32इसलिए बताती है
29:34आपने जो किया बिल्कुल चीख दिया फुपो
29:39आपको ऐसा ही करना चाहिए था
29:42आपकी जल अगर मैं होती
29:46तो शायद मैं भी ऐसा ही करती
29:50शाबाज
29:54तुम तु मेरी बहादूर बेटी हो ना?
29:59हमेशा बात को समझती हो
30:02चल आज़े
30:04आज़े
30:06तुम्हारी फुपो ने तुम्हारी तुसंद के शामी बहुत मेहनत से बना
30:18मूरे से तुकाने मने
30:20हम
30:22चल एका
30:24हम
30:30हजीब उलजन
30:34है खाहिशों की
30:40चुरूप अपना
30:44बदल रही है
30:48ये तुमने अच्छा नहीं कहा नसरीम
30:55उसने सगी मा की तना तुम्हे चाहा इसददी
30:58और तुमने उसे के खुशियों के साथ कहला
31:01अल्ला तुम्हे कभी माफ नहीं करेगा नसरीम
31:05तुम्हारा फैस्ता बिल्कुल ठीक था नसरीम
31:12नसरीम तुम्हे इसके लिए शर्मिंदा होने की कोई जरूरत नहीं है
31:15अगर माहा तुमसे प्यार करती है तुम्हारी इज़त करती है तुम भी तुछ कुछ भी किया सिर्फ उसके लिए किया
31:24थोड़ा सा सेलफिश होना कोई बुरी बात में है कोई क्यामत नहीं आ जाएगी
31:28तुम बिल्कुल गलत समझ रही हो नसरीन
31:30तुमने माहा और एहसन की जिन्दगी खराब नहीं की
31:34बलके नवीद की जिन्दगी में भी काटे बोई है
31:37कल को अगर कुछ गलत होता है तो उसकी जम्मेदार सिर्फ तुम होगी
31:40मिस्तक्बिल से खौफ जदा होकर तुम अपना आज क्यों खराब करने पर तुलिवी हो नसरीन
31:45माहा एक लड़की है कुछ दिन रो लेगी उसे सबर आ जाएगा
31:49लेकिन अगर नवीद का दिल तूट गया तो तुम कोई भी खुशी क्यों ना दे दो से
31:53उसका दिल नहीं जुड़ेगा ये वक्त खुद करस बनके सोचने से जादा महबबत और सच्चाई का साथ देने का है
32:03तुम ऐसा बिलकुल भी नहीं कर सकती कुछ गल्तियां ऐसी होती है जिने इंसान नहीं सुदार सकते
32:08और तुमने भी यही गल्ति किये तुम्हें क्या लगता है तुम अगर सबको सच बता दोगी तो लोग क्या कहेंगे थूकेंगे तुम पर
32:15माहर नभी उन्हें तो तुम छोड़ दो तुम्हारा अपना सगा भाई तुमसे रिष्टा खतम कर देगा क्या तुम यह बरदाश्ट कर सकोगी
32:24जूट के रह जितनी भी लंगियो सचाई का सूरज जरूर निकलता है और सोचो हानिया अपने भाई और एसन का सामने कैसे करोगी तुम अभी तुम्हारे पास वक्त है अपनी गल्ती सुदारने का अगर यह मौका भी चला गया तो बताओ तुम क्या करोगी
32:54करो यह है तो सब्सक्राइब अपनी है वैसे मुझे एक ही नहीं आरा एक वाब है आखीब यह से सचच वजा आओ तुमने नाममकिन को मूल कैसे कर दिखाया मैंने तो कुछ पी नहीं है तो तुम्हारी पुब के मूव से इतना बड़ा सच किसनें के लवाया
33:24भाई, मुझे बहुत बड़ी भूल हो गई, मुझे माफ कर दे
33:30मेरी समझ में नहीं आ रहा है कि अब मैं क्या करूँ, तुम्हारी किस बात पर यकीन करूँ
33:38मैं कैसे समझाओ, मैंने जो भी माहा और हैसन के मुटालिक कहा था
33:43वो सब जूट था
33:45मगर बगैर किसी गवा के तुम्हारी बात पर यकीन कैसे कर लो मैं
33:49है पहले भी तो आपने मेरी बात का किसी गवा के बखैर किया था
33:53आप क्यू नहीं
33:54पहले की बात और थी
33:56यह आला, कैसे यacey यकीन दो लाओ
34:01ये सब छूटे है अपनी सचाई का गवा कहां से लाऊ हूँ हम मैं
34:07खुपो सच कह रही है अबू
34:10लेकिन तुम ये बात कैसे कह सकती हो मा बेटी
34:15क्योंकि मैं जानती हूँ
34:16कि ये ही सच है
34:18वो कैसे
34:21क्योंकि अस्पताल के कमरे में आखरी सांसे लेते हुए
34:24अमी ने मुझसे कहा था
34:26कि काश वो मेरी और एसन की शादी अपनी आखों से देख पाती
34:29क्योंकि मैं हमेशा से जानती थी
34:33कि ये बात सच नहीं
34:35क्योंकि अगर ऐसा होता
34:36तो अमी मुझसे ऐसी बात कभी नहीं गरती
34:39लेकिन मा बेटा
34:40अगर तुम ये सब कुछ जानती थी
34:42तो पहले क्यों नहीं बताया मुझे
34:44क्योंकि मैं फुपो को जूटा साबित नहीं कर सकती थी
34:46अबू
34:46मैं इनकी सारी जिंदेगी की महबत को
34:52अपनी कमजर्फी की भेंट नहीं चड़ा सकती थी
34:55अमी ने अगर मेरे लिए
34:57अपनी एसन का खौब देखा था
34:58तो फुपो ने उस खौब की ताबी इंट नवीद की सूरत में चाही थी
35:01सिर्फ यही तो था इनका गुना
35:04और अलाद की महबत में ऐसा गुना
35:06हर माँ को माफ होता है
35:08शावाश मिठा
35:11मिठा
35:13अपनी पुपो को माफ कर दें
35:16अइसा नहीं करें पुपो
35:17जी अइसा नहीं करें
35:20आपी
35:22यह अपनी आपी
35:24क्या
35:29इतना बड़ा सच
35:31इतना बड़ा सच तो उन्हें उसे छुबाय रखा
35:35हम सब हमेशे अपना फारदा ही सोचता है
35:38और शाद यही होलती
35:40नवीत की महबद में खुपा से लिए होगे
35:44लेकिन मैं जानती थी
35:45कि देर से ही सरी
35:47इन्हें अपनी गलती का इसास जरू होगे
35:50लेकिन
35:51अगर तुमारी नवीत की शादी होने के बाद
35:55उन्हें अपनी गलती का इसास होता
35:57तो यकिन करो
35:59जान लिएता मैं अपनी
36:01अल्ला ना करे अहसं
36:02अहसा मत कहें
36:04वैसे
36:05तुमारे सेकिन की वजा जान से तो
36:08मैं फुपो की एक ऐसी कमजोरी जानती थी
36:11जिसके बारे में उने खुद भी नहीं हो थी
36:13क्या मतलब है समझाने
36:15उनकी वो कमजोरी
36:16आह हुआ हसं
36:18क्या
36:29आगया तुमें चैन
36:39महा और एसन को मिला कर
36:41तुम्हें खुशी नहीं होती
36:43सच्चा प्यार करने वाले को मिलता देखकर
36:46इतनी महनत से मैंने सारा प्लैन बनाता
36:49और तुमने सारा चौपट कर दिया
36:51और बोल्डरियों तुम्हें खुशी नहीं होती
36:53हाँ, वैसे मेनत तो तुमने खूब की थी नसरीन पर
36:56इन इनसानों के भी इतने जहनी मसले होते हैं कि मुझे समझ नहीं आता कि किन किन मसलों को सुल जाओ
37:02यकीन है तुम नसरीन की नवीज से जादा माहा की मुभबत पहरान हो दियो
37:06हाँ न, तुम ही देख लो ऐसी भी कोई माहा होगी जो अपने बच्चे से जादा किसी दूसरे की बच्चे को तरजी दे रही है
37:12लेकिन नसरीन ने तो हदी कर दी
37:14वैसे असल में तुम उसकी मजबूरी को समझी नहीं बड़ी
37:17नसरीन जितना माहा को चाती थी, माहा कई जादा उसको चाती थी
37:23ये जो इनसान होता है बड़ी, बड़ा चलाक होता है
37:27जिसे ये खुद चाता है, उसको तो छोड़ना गवारा कर लेता है
37:31लेकिन अगर इसे कोई चाहे तो उस पर एक आज भी कोई आने नहीं देता
37:35तो ये तुम क्या रही हो निकी
37:37हाँ, मैं सच क्या रही हूँ
37:42ये इंसान भी ना
38:05है खौाहिशों की
38:08अचीब और जन है खौाहिशों की
38:14जो रूप अपना बदल रही है
38:19जो जखम दे जाते हैं दिलों को
38:24लबों पे इनके वही असी है
38:29अचीब और जन है खौाहिशों की
38:33जो रूप अपना बदल रही है अजीब उल्जन
38:40निक्की और बड़ी अजीब उल्जन है गाहिशों की

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