00:00शिवा सुंदरा आप महराज है बिना अनुमती यहां प्रवेश कैसे किया उसे तुम्हारी वास्त बित्ता का पता नहीं चलना चाहिए विरादत्ता शमा कीजिए मैं किसी को संकट में देख सहायता करने आ गया था अच्छा हुआ यह महराज नहीं है परंतु सचिव सत्यदे
00:30तो भूल वश इसके पीछे आ गया सेवक तुम जानते हो बिना आग्या यहां वहां जाना निशेद है मुझसे भूल हो गई ठीक है आप सब यहां से जा सकते हैं
00:45और वसुंदरा तुम तुम ही मैं राद भर घुटनों के बल बैठने का दंड देती हूं
00:51देखो तो इसे केवल घुटनों पर बैठे रहने का दंड मिला है इसे तो कठोर दंड मिलना चाहिए
01:01सोचो यदि महराज को पता चल गया कि इसने उनका अमूल रतन चुरा लिया है तो क्या होगा
01:07मैं महराज को उस अमूल रतन को चोरी करने के सूचना दूंगी देखती हूं क्या होता है
01:19कुछ दिनों से महराज का महल से कहीं आना जाना नहीं हो रहा है
01:28परन तो सुनने में आया है कि वे कुछ दिनों से दासी निवास का ब्रावन कर रहे हैं
01:33पोलो ऐसा कौन है वहाँ
01:36मुझे मुझे कुछ नहीं पता बोलती हो की नहीं
01:40हाँ स्मरण हुआ दासी निवास में एक नई दासी आई है
01:45मेरा मुख तुमने इस लेप में क्या मिलाया था
01:54मैंने इसमें बाबाजी कदम उसका मिलाया था
01:57मुझे नहीं पता था इसका प्रभाव विप्रीथ होगा
02:00इसे यहां से ले जाओ और आज इसे भुजन मत देना
02:04महादासी जी, हमें एक बार इसे सुधारने का अफसर देजी
02:14तुम?
02:15जी, हमें और शद्दियों का ज्यान है
02:17और यदि हमारा उपाय सफर रहा
02:19तो कृप्या कुसुमती को कठोर दंड ना दीजेगा
02:34ये लेप अपना उत्तम प्रभाव दिखा रहा है
02:37सच में तुम्हें औशद्धी का ज्यान है यूवती
02:40आपको कुछ तेर तक प्रतीक्षा करनी होगी
02:43उसके पस्चाथ आपका मुख पूरी तरह से ठीक हो जाएगा
02:47तुम्हारा धन्यवाद वसुन्दरा
02:51तुम ना होती तुना जाने क्या होता
02:55मैंने तुम्हारे साथ जैसा व्यभार किया
02:57उसके लिए तुम मुझे शमा करोगी
02:59हाँ कसुम्बती
03:01हम तुम्हें शमा करते हैं
03:04राजमाता
03:08वसुन्दरा जी को महारानी बनाने का
03:10The idea of the Lord is very powerful.
03:13He is a human mind, and his body is very powerful.
03:27You are the one who wants to be the Lord to do his own.
03:35The Lord has been living in the outside.
03:38She was hindered by the
04:06राजमाता ने स्वयम इने महरानी के पत्त के लिए चुना था
04:09ये सब क्या हो रहा है यहां?
04:15ये दासी निवास है, राजमाता का एक अंग, यहां तुम्हारी दानाशाही नहीं चलेगी
04:20तो एक दासी मुझे आधिपत्ते सिखाएगी
04:24मैं महराज के साथ बच्पन से पली हूँ
04:26और राजमाता मुझे अपनी पुत्री मानती है
04:29इसलिए महल में जो चाहूं कर सकती हूँ
04:33तुम अपनी सीमा लांग रही हो राश्री
04:35मैं राजमाता तुम्ही समझने में बड़ी भूल कर बैठी
04:39तुम स्वैम को राजमाता समझ रही हो
04:41मुझे मेरा चाबुग दो
04:44महराज के समुख ऐसे आना अनूचित है
04:55शमा कीजिए प्रभू दासी निवास में अत्याचार हो रहा है
05:00वसुंधरा की जीवन पे संकत के बादल चाहे हुए है
05:03क्या कहा तुम में वसुंधरा संकत में है
05:07वसुंधरा ये क्या किया तुमने
05:20आप हमारी महादासी हैं
05:23हम आपको कश पहुँचने नहीं दे सकते
05:26उचित है तुम बीच में आने के लिए आतुर हो ना
05:30तो लो ये उसका परिनाम है
05:32रुक जाहो राजश्री
05:34महाराज
05:40राजमाता को प्रणाम
05:42राजमाता?
05:51राजमाता तुम सब की परिक्षा ले रही थी
05:54लेकिन तुम लोगों ने तो उनके अफमान की सीमा ही लांग दी
05:58राजमाता मुझे क्षमा कीजिए मैं आपको पहचान न सकी
06:04महाराज
06:05मुझे क्षमा कीजिए
06:07महाराज
06:13महाराज
06:15यह स्थिति अत्यंत गंभिर प्रतीत होती है
06:17यह राजमाता के सम्मान से जुड़ा है
06:20इहें दंड मिलना अनिवार्य है
06:22राजश्री
06:23राजमाता का अपमान करने का साहस तुमने कैसे किया?
06:27मुझे क्षमा कर दीजे
06:29मुझसे
06:31मुझे इस इंदुमती ने उकसा आया था
06:33इंदुमती ने जूट बोला
06:35महल के नियम तोड़े
06:37ले जाओ इसे
06:39दंडित करो
06:41और राश्री
06:45तुमने हमारी विश्वास को रॉंदा है
06:49तुम्हें एक वर्ष के लिए
06:51काल कोठरी में डालने का आदेश
06:53दिया जाता है
06:55नहीं, राजमाता, नहीं
06:57काल कोठरी में नहीं
06:59शमा कर दीजी
07:03मुझे तुमसे बात करनी है
07:15राजमाता ने उन्हें क्यों बुलाया होगा
07:17राजमाता