- 7 months ago
Mr pathak
Category
🎥
Short filmTranscript
00:00और वो वर्ता हुआ सितारा है विदिया
00:06तुम रुको
00:09वर्मा तुने बढ़ी गल्थी किया है मुझे इस रोल से मिखाद के
00:12तुम दुनों को नहीं छोड़ो तुमने गोली सेले के वास नहीं
00:18वो लड़की ने डिरेक्टिव वर्मा को गोली भरती
00:29अब कोई पैसा नहीं देगा तो गुस्टा तो आएगा ना सजी
00:32अब तक हम ने पूछ नहीं किया है अब तक हम ने पूछ दाज नहीं किया है
00:36आप लोग यहां?
00:37अचलि हमें आपसे कुछ अबाल पूछने है
00:40जी मुझे नहीं पता रॉनक कहा है
00:41इन फेक्ट मैंने खुद उसे कई बार फोन काने की कोशिश की पर
00:45देखे, मैंने
00:46लिखाईए
00:47कई बार फोन ट्राइ किया
00:50आपको यह भी मालूम नहीं कि उसका गाड़ी कितर है
00:52जी मुझे नहीं पता
00:56कोई बाद नहीं
01:10मैंचा का यह मैं साइको जोगरी कोई जो शप्राइए
01:13हां
01:13जी बाली
01:14उसके यह ताद प्रणिगा
01:15अरे जय प्लटी अपन खुछ नहीं करेगा
01:17तास्वीट छोखरी तो पूंज जय ताव्दल करेगेटा
01:20झाल थे अवचिए नहीं प्रुक्षण
01:39आपको लगी तो नहीं, हाँ मैं ठीकूँ, तू ठीक है?
01:44जमेट, वो देख।
02:02कुमिला, नहीं वरुन भाई, आपको?
02:06आईला, शक्कनी मामा, परपलेश, क्या करेला है तेल तू?
02:09दें होड्य नहीं, कि नहीं जो पर आपक्रेंटर, जो नहीं है, सब्सक्त दोड़ं यहांगा झाए जड़किन सेथा यृदर, जुबूर्ण केमibly
02:16तू कंटे शना क मैं Ugh,
02:18को एडिंस में में रमसान कोई, हीडिर.
02:22अरिटर संदीप मेरा दोस्ता है दोसे यहां मिलने आया है तुमने यहां से किसी को भागते हुए देखा या फिर
02:26कोई आवाद सुनी नहीं तो
02:28अरे आप लोग पीक तो है ना आम सो सॉरी तानी है यह एक्सिदेंट कैसे हो गया
02:36शिल्पा जी हम दोनों तो बज गए और अच्छा हुआ आप हमसे दूर खड़ी हुए थी हाँ पर कोई आप
02:41लोगों को मारने की कोशिश क्यों करेगा एना कारण आप उन लोग पीछे पढ़े लें और कोई आप उन लोग
02:46के बीछे रोनक
02:50पर रोनक का इस हाथ से से क्या कनेक्शन हो सकता है
03:09यार वो दोबारा फुरंसिक का चार्ज करवाने को गया ता क्या हो अच्छा बलिस्टिक से पता लगा कि
03:16जब इतने पास से गोली चलाए गई तो गोली या शरील के अंदर कैसे रहे हैं एक्जिट उन भी होने
03:23चीज़
03:24तीक मैं प्रतिक्षा करता हूं थांक यू
03:29एक वालवने करे और बाल बचे आपन लोग नहीं तो अपन लोग आज क्रिया करें पूला था बशस्ता वाला था
03:32यू
03:33स्टीढर वाला था ना यू भाल बाओ किया और प्रोणे हमला की ए किसने वाल रौनक ने वह राम को
03:38रह हो रहा है
03:39वह कमिने ने अपने लोग पर हमला किया वो लाइट आज रहे ना शूटिंग वाला वो कि ने आपने लोग
03:42पर बस उन बजिया बस
03:44सोचने वाली बात है अगर रॉनक हत्यारा होता मेर अपनी गाड़ी पार्किंग में छोड़कर क्यों जाता
03:51और जैसे कि तुम दोनों कह रहे हो कि उसने तुम दोनों पर हमला करवाया अगर वो हत्यारा होता तो
03:56हमला करवा के संदे अपनी और आकर्शित नहीं करता
04:04इस बात का पता लगाने के लिए हमें पहले रॉनक का पता लगाना होगा सब ये रॉनक सिंग के मोबाइल
04:10फोन रेकॉर्ड और उसकी आख्री लोकेशन की डीटेल्स
04:40तो खोलना अपने साहल से नहीं जए शामन है अंदर से वाज रही है
04:54यॵह और मैं वो अवाज वारे ले ही?
04:57सुलिए
04:58आजआ एवाँ चाहँ अएवाँ और तेक टिक टिक टिक टिक हाटा उट
05:08रहुर्ण यहाँ इस लिए किसने किया तुम्ला भोलों अबेर बोलों इस था थाइज पर फाई
05:32वर्दुर्भाग्यवश इससे अथिक जानकारी हम उनसे प्राप नहीं कर पाए किन्तु योरॉनर कुछ चित्र है मेरे पास यहाँ जिनके द्वारा
05:39मैं अदालत में प्रमाणी करन करना चाहूंगा आपकी अनुमती होतों
05:42अनुमती है योरॉनर ये उसकक्ष का चित्र जहां वर्माजी की हत्या हुई थी ये वर्माजी के देह का चित्र ये
05:52बिंदिया जी और ये उसकक्ष की खिड़की योरॉनर इस चित्र को देखकर पता लगता है कि वो फूल दान जो
06:01खिड़की के पास रखा हुआ था वो फर्�
06:06लेकर आगे तक पहला हुआ लहू के चीटे यरॉन और उसके बाद दिवार पर पंजे का निशान जिसका ये अर्थ
06:13होता है यरॉनर कि जिस समय वर्मा जी को गोली लगी वो खिड़की के पास खड़े थे इसलिए उनके लहू
06:19के चीटे दिवार पर उड़े जिसके पश्चात
06:21बुलड़ खड़ाये और फूलदान से टकड़ाये फूलदान फर्श पर गिरा यरॉनर और वर्मा जी भी खुटने के बल फर्श पर
06:27गिरे ततपस शात उन्होंने खड़े होने का प्रयास किया यरॉनर जिसके कारण उनके लहू लुहान पंजे के निशान दीवार पर
06:33आए
06:38फिर खुटने के बल इस थान तक पहुँचे जहां पर अंतधावन की मित्य हुई
06:47वो तो मैं समझ गया फर आप कहना क्या जाते हैं मिस्टर पाठक
06:50यरॉनर मैं ये कहने का प्रयास कर रहा हूँ कि किसी भी त्रिष्टिकोंड से देखा जाए
06:54तो बिंदिया का वर्मा जी पर गोली चलाना संभव नहीं था यरॉनर ये लॉजिक बेसलिस है
06:59ऐसा भी हो सकता है कि बिंदिया ने वर्मा जी को अपनी और घुमाया और सामने से गोली चलाई
07:04यरॉनर ये संभव नहीं है और मैं जो बात कह रहा हूँ इसके पीछे एक बहुत बड़ा कारण है
07:09यरॉनर बिंदिया वर्मा जी के बहुत ही निकट खड़ी थी
07:12और अगर मान लिया जाए कि बिंदिया ने उन पर गोली चलाई थी तो गोली या वर्मा जी के देहे
07:16को चीर कर दूसरी ओर से बाहर निकल जाती
07:22जी से हम कानूनी भाषा में एक्जिट बूंड कहते हैं यरॉनर, किंतो ऐसा नहीं हुआ है यरॉनर, पोस् बोटम रिपोर्ट
07:29के अनुसार गोली वर्मा जी के देहे के अंदर ही मिली, कोई एक्जिट बूंड नहीं था
07:33जिसका दातपरिया ये होता है ये रॉनर की गोली क्लोज रेंज से नहीं, बलकि लॉंग रेंज से दूरी से चलाए
07:40गई
07:40गॉमरे में लॉंग रेंज कैसे पसिबल है, मिस्टर पाटर
07:42जैसा कि इन चित्रों से पता लगता है, पत्या के समय वर्मा जी खिड़की के पास खड़े थे हैं रोट
07:48तो यह पुरी-पुरी संभावना है, किस बिल्डिंग के सामने जो बिल्डिंग है, उस बिल्डिंग के खिड़की से या छट
07:54पर से वर्मा जी पर गोली चलाई गई हो.
07:56इस अगेन बेजलिस, आप समझी नहीं रहें, वर्मा जी की बॉड़ी में जो गोली पाई गई थी, वो उस पिस्टिल
08:01से चली थी, जो बिंद्या के हाथ में दी.
08:06ये बात तो सही है, मिस्टर पाठक. अगर किसी ने सामने वाली बिल्डिंग की छट से गोली चलाई है, तो
08:12वो गोली बिंद्या जी की पिस्टिल की गोली के साथ मैच कैसे कर सकती है?
08:15जी ये ये रॉनर, उचित प्रशन, मैं आपके प्रशन का उत्तर देने का प्रयास करता हूँ. ये रॉनर, जब मैंने
08:23फुरेंसिक रिपोर्ट का एक बार फिर से परिक्षन किया, तो एक बात मुझे विचित्र लगी, कि जो गोली वर्माजी की
08:30देह के अंदर पाई गई, �
08:42तो आसपास का मास जल जाता है, ये रॉनर, और थोड़ा जला हुआ मास गोली पर भी लगता है, किन्तु
08:48न तो वर्माजी की देह का मास जला था, ना ही उस गोली पर उनका जला हुआ मास लगाता है,
08:53ये रॉनर, ये बात सकते है, कि जो गोली वर्माजी की देह से प्राप्
09:18जिस दिन वो गोली चलाए गई थी, उस दिन वो बंदूक बिंदिया जी के हाथों में थी, वर्मा जी के
09:26हाथों में ही थी, और जिस दिन वो बंदूक बिंदिया जी के हाथों में थी, उस दिन वो गोली नहीं
09:31चलाए गई थी, और जिस दिन वो बंदूक बिंदिया जी के हा�
10:09जरा ठीक से समझाइए
10:10के हाथों में ही थी
10:11संभवत उन्होंने किसी फाइरिंग रेंज पर
10:14मुग बुली चलाई थी
10:16और हत्यारा उस समय भही था
10:21उसने चलाई हुई वो गुली प्राप्त की
10:24उसका आइस बुलिट बनवाया है
10:27आइस बुलिट रथात उस बुलिट को
10:29पहले बरफ में ढाला
10:31उसे री केस करवाया
10:33और फिर उसे एक अलग बंदूग से चलाखर
10:37बर्माजी की हत्या की
10:44और जैसा कि मैंने कहा आई और उनर मुझे गुरा गुरा संदे है
10:47कि जिस खिड़की पर बर्माजी खड़े थे
10:49उसके सामने जो इमारत है
10:50उस इमारत की छट से
10:52या किसी खिड़की से ये गोली चलाई गई है
10:58निसे दवे
10:59यलो नाइट कलब के सामने वाली बिल्डिंग की छट पर जाकर चानबीन कीजिए
11:03वहां के वाच मैंसे पूश्टाच कीजिए
11:06और अदालत की अगली सुनवाई पर
11:08देटेल्ड रिपोर्ट पेश कीजिए
11:10तिल देन देन देन कोट इस अजर्ट
11:39देखिए सिर्फ पांच मिनटा आपके अपके अपस पेशन से बात करने तो सिर्फ दो मिनटे ही अपन लोग
11:42सीदे ना
11:45हम केडी पार्ट के सिसंदे है
11:46मैं वरू और अई श्रमा
11:48हम आपसे ये चानने आए कि आप पर कुली किसने चलाई थी
11:51बोले तो उस रात को येलो क्लब में क्या हुआ था
11:55रात
11:57मर्डर
12:01टेप
12:02टेप
12:04कौँसा टेप
12:05टेप
12:06नमबर
12:08ट्वेल्फ
12:09टेप
12:13विपलप ने उस रात को म्यूजिक बजाते बजाते केस की भी बजाड़ा ले
12:18इससे पले कि वो पुरे केस को भेसरा बनाते हैं
12:20हम अब इससे पकड़ना होगा
12:21चलाए
12:29दुम्लों कौन हो?
12:30सुन अपुनको बता सिधा सिधा सिधा तेप नुमर बारा किदर निए तो काम कि निए दो चमान बारेगा दो
12:34श्रमन क्या कर रहा है? गुंदों की तरह क्यू पूछता है? ठीक से पूछना
12:37प्या से पूछ
12:38अपुन तेरे से विनमरता से पूछता है
12:40जोड़ दे, मैं पूछता हूँ
12:42पूछ लो
12:43हम एड़ोकेट केड़ी पार्ट के सिसंट है
12:44मैं वरुन ए श्रमन
12:45हम एक मुड़र केस के इंवेस्टिकेशन करें
12:47इसले हमें टेप नबर 12 चाहिए
12:49फ्लीस कोपरेट
12:50मैं चेक करता हूँ
12:52वरुन भाई थोड़ा और स्वेट लिए आप हुम इसले है चाय भाई बर्फी अफी लेके आए
12:55टेप नबर 12 यह ही रखी थी
12:56पदा नहीं कहां गई
12:59आपके सिभाई इस रूम है और कॉन-कॉन आता है
13:00मैं और केंटिन वॉय
13:02हाँ कल भी प्लेश भी यह आया था
13:05विप्लेश
13:06विप्लेश
13:07आई ला तू इदर क्या कर रहे है हाँ
13:09वो भी एडिटिंग रूम है
13:10एडिटर संदीप मेरा दोस्त है
13:11मैं उसे यहां मिलना आया सा
13:14चल
13:14येलो नाइट क्लब की सामने वाली बिल्डिंग का नाम तरह अपार्टमेंट्स है
13:19और पोलीस को शक है कि गोली वहां से ही चलाई गई होगी
13:22मेरा यकीन है कि गोली कमरे के अंदर से ही चलाई गई थी
13:24ये मेटल का स्टाच्यू जो खिड़की के पास पड़ा था
13:26गोली लगने की वज़े से उस पर डेंट लगया
13:29अगर आपकी इजाज़त हो तो मैं आपको कुछ तस्वीरे दिखाना चाहते हूं
13:52क्योंकि गोली रिबांड हुई उसकी वेलॉसिटी गम थे और वर्मा जी के शरीर से वो गोली बाहर नहीं आपाए
13:56ताट मिंस नो एक्सित पूंट
13:58वैलिट पॉइंट पर आपका क्या कहना है मिस्टर पाथक
14:01मेरा ये कहना है यार अनर की दलील को प्रस्तुत करने में मेरा जी महनत की है
14:06इस महनत की में दात देता हूँ किन्थू ये अर्धसत्य है यार अनर
14:11मैं इनकी बात से सेहमत हूँ कि मेरी मुप्किलविंद्या नशे
14:14वो होश में नहीं थी, तो संभव है कि हुल चूक से ट्रिगर दब गई हो और गोली चल गई
14:20हो, जैसा कि खुआ होगा, किम्तों बाकी कि इनकी जो थेरी है, जो वाद है, उससे मैं असहमत हूँ, यारानर,
14:28क्योंकि मैंने अपनी महनत की है, आप कहें तो उसे प्रस्तूत करू
14:33इजाजदे, यारानर, ये वर्मा जी के कक्ष का प्रतिरूप है, उसक्राइश का जहाँ, ये घटना गटी थी, समय ये घटना
14:40गटी, ये वर्मा जी यहाँ गड़े थे, खिड़की के पास, बिदिया यहाँ थी,
14:48और मैं सहमत हूँ प्रोसिक्रीटर साहिवा की बाद से की भूलचूक से इनके हाथों से गोली चली
14:54गोली जाकर इस लोधातों की मूरत से टकराई जो यहां रखी हुई थी
14:58खिड़की के पास यहां अब गोली टकराने और लोटने की तिशा यहां यहां यहां
15:07और जिस प्रकार से वर्मा जी खड़े थे और जिस एंगल से जिस फ्रेजेक्टरी से गोली ने वर्मा जी के
15:13देह में प्रिवेश किया यहां
15:14स्वश्ट है कि गोली किड़की के बाहर से चलाएगी थी
15:17बिंद्या के हाथों से जो गोली चली वो इस मूरत से टक्राकर दुआर की ओर गई
15:24अगर गोली दर्वाजे पर लगी तो पुलिस को क्यों नहीं मिली
15:27उचत प्रश्ण
15:28ये रॉनल पुलिस को गोली नहीं मिली
15:30क्योंकि वो गोली एक ऐसे व्यक्ती को लगी थी
15:33जो उसी समय संयोग से दर्वाजा पोल कर वहां खड़ा हुआ था
15:36मिस्टर नौनक, श्रिवास्ता
15:44अगर गोली दर्वाजे पर लगी तो पुलिस को क्यों नहीं मिली
15:46क्योंकि वो गोली एक ऐसे व्यक्ती को लगी थी
15:48जो उसी समय संयोग से दर्वाजा पोल कर वहां खड़ा हुआ था
15:52मिस्टर नौनक, श्रिवास्ता
15:57लेकिन रौनक वहां क्या करना था
15:59ये रौनर इस प्रशने का उत्तर जानने के लिए
16:01हमें थोड़ी सी प्रतिक्षा करनी होगी क्योंकि अब भी रौनक विहुशी की अस्था में
16:06किन्तों ये रौनर दारा अपार्टमेंट्स का वाच्चमेन हमारे पास है
16:10इस समय अदालत में उपस्तित है आपके अनुमत ही हो तो उसका कथन दर्श करवाना जाओं
16:15अनुमती है उस रात करीब नौ बजे मैं पानी का पंप खोल ले गया तभी जोर से अवाज आज ही
16:24कुछ पूछ ना चाहतु है कुछ पूछ ना चाहतु है
16:52कि अनुमती है यह जाओ आपके अपछान रही है इस लिफाफे को और सोच नहीं है कि लिफाफा मेरे बास
17:03किसा आया शमा चाहता हूं आपको एक प्रकार से ठग कर मेरे साहे को ने आपके आपके ओफिस से आपके
17:10दफतर से आपके कारयाले से पराप्त किया श्रपच क्या आ
17:18लौनक अच्छी हॉस्पटील में एडमिट है
17:20क्या?
17:21बढ़ दून वरी, हीस्वाइन
17:39इसके अंदर जो ये चित्र है
17:48और एक इनके साथ एक पत्र भी है
17:57ने ने सार, प्लीज प्लीज वो लेटर मत पढ़ियेगा
17:59मैं नहीं पढ़ूँगा, ये पत्र तो आपका लिखा हुआ है
18:02संभवत आप किसी को भेजने वाली थी, आपने भेजी नहीं
18:05कि अब ये अदालत में वतोर एविडिन्स आया है तो पढ़ना तो पढ़ेगा
Comments