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  • 9 months ago
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Transcript
00:03This story is a story of a village where the forest and the forest and the forest has been closed.
00:11People were very difficult to come.
00:13The forest and forest were very difficult to come.
00:17The forest and forest were always in the way.
00:26The forest and forest were also in the forest.
00:29kashiti lekar nikalta hai
00:32eek wakt ka kisah hai
00:34bunir nami gao me bittu
00:36nam ka ladka apni family
00:38ke saath rahta tha
00:39bittu eek kanjus seyth ke haan
00:41mulazmat karta tha
00:43woh uske maweshi ke liye
00:44čara aur pani ka khayal rakhta tha
00:47seyth apne maweshiyong se
00:48bohut piyar karta tha
00:50haa bittu maweshiyong ka khayal
00:52wogera sab thik chal raha hai na
00:54ji ji seyth sahab
00:56sab kush thik chal raha hai
00:57mai sem maweshiyong ko chara aur pani
01:00time per day dheta ho
01:01bohut achi baat hai bittu
01:04aaj kal maweshi kuchh thik nahi hai
01:07in maweshiyong ka
01:08zyada khayal rakhnay ki zarurat hai
01:10in per puri nazer rakhou
01:13seyth sahab ap bilkul
01:14befikr ho jayen
01:15mai 2400 ghante in per nazer rakh raha ho
01:18tabhi bittu ka baap
01:20parishan wahan per pahunchta hai
01:22bittu bittu ta teri maa ki
01:24tabiata cha na kharab ho gai hai
01:26teri bibbi usse haspital lhe gai hai
01:29tu bhi chal
01:30yeh aishe kiishe chala jaye
01:32yeh janwaro ki hifazat ke liye
01:35khera hai
01:35tum wapas haspital
01:37ja kar unka khayal rakhou
01:39yeh yaa pere maweshiyong ka
01:41khayal rakh rakh raha hai
01:43seyth sahab meiri maa ki tabiayat kharab hai
01:45aur aap mujhe roko rakh rakhou
01:47mein ja raha ho
01:48maa
01:49pittu aapne baap ke saath
01:50chala jata hai
01:52aur hospital
01:52pehunc jata hai
01:54maa ji
01:54aapko kiya ho gaya
01:56aankhye kholo maa ji
01:57iski tabiat
01:59baut kharab hai
02:00isko lokas ki
02:01drip lagyegi
02:02tabhi ke hoz me
02:03so dr sahab
02:05aap intijar
02:06kyu kar rhae hai
02:07shuru karayin ka ilaj
02:08eze kise
02:09maizka ilaj
02:10shuru kar dhu
02:11wo drip
02:121,5,5 rupi ki
02:13aegi
02:14per dr sahab
02:15amare paas
02:16itnei
02:17paise
02:17naihi hai
02:18aap laga
02:19dhe
02:19hama
02:19aapko
02:20baad
02:20paise
02:21dhe
02:21dhe
02:22hama
02:22itnei
02:23beheki
02:23dhuai
02:24apnei
02:24paise
02:24naihi
02:25rakhte
02:25woh kisih
02:26bade
02:26medical
02:27store
02:27se
02:28hi
02:28milaygi
02:28bittu
02:29maa ji
02:30ka ilaj
02:30karwana
02:59paise
03:01ama ka ilaj kaise kira wangga
03:03may jaldi se sehitke paat jataha hoon
03:06woh her jaga per aelan karte hai
03:08soofani baari shos se mahpous rehenne ke liye
03:12apne eapne eapne faditik da maat karay
03:15aur apne eaas pas kishi otsi jaga ka bade do bas karay
03:19hai mergay kaing ye baari shesalaam me na bazal jaye
03:23humare to mal mein weshi sabta bao jayenge
03:27shaki
03:37shaki
03:41shaki
03:44shaki
03:49foreign
04:26।
04:28ठीक है चलो
04:29वो वहाँ से निकलते हैं और नदी पर पहुंच जाते हैं
04:33उस आदमी की बात तो ठीक हो गई पानी तो उपर ही चड़ रहा है
04:38अगर ये पानी नदी से उपर चड़ गया तो सेलाब की सूरत में हमारे पूरे गाउ को ले डूबेगा
04:45हमें टाइम जाया नहीं करना चाहिए बलके फॉरन अपने अपने घरों में जाकर हिफास्ती बंदोबस करना चाहिए
04:52बादल और गहरे और बारिश भी तेज होना शुरू हो जाती है
04:56आये जल्दी करो नदी का पानी बहुत तेजी से उपर चड़ा है
05:01वो तीनों निकल जाते हैं वहां बिट्टू सेट के पास आता है तो वहां उसका मुलाजिम खड़ा होता है
05:08सेट साहब कहां पड़ है जल्दी बताओ इससे पहले के बारिशे टेज हो जाएं
05:14सेट साहब तो सारे जादवरों को सेलाब के खतरे से बचाने के लिए अपने घर पर ले गए है
05:20भाई उनके घर चलते हैं मेरी माँ की तबियत बहुत खड़ाब है
05:25इलाज के लिए एक लाक रुपे चाहिए चलो मेरे साथ उनसे पैशे लेने
05:30बिट्व भाई वो किसी भी मुलाजिब को तेनखा नहीं दे रहा
05:34तो वो आपको एक लाक रुपे कैसे देगा
05:36या फिर लोग तो अपना इतजाब कर लेगे
05:39मगर हम गरीब सेलाब से कैसे बचेगे
05:42फिर हम क्या करें
05:44भाई एक हल है
06:00वो सेट के भाई के पास निकल जाते है
06:04वहां मीठा अपने घर पहुंच जाता है
06:07और नसीबों को बताता है
06:15अपना सारा जिवर जूवर पैसा पूसाई कटा कर लेते हैं
06:19और जब सलाब आप बेगा अपने घर की चट बिचट जब बेंगे
06:22हा नसीबों तु सारा जरूरी समान पैक कर ले
06:26हम पहले ही अपना समान घर की चट पर रख लेते हैं
06:29वहाँ बिट्टू और मुलाजिम सेट के भाई तक जा रहे होते हैं
06:33बिट्टू अब आगे तो वकेले जाओ
06:36वहाँ एक लकडियों का टाल होगा
06:38वहाँ सेट का भाई होगा उसे बात करो
06:42ठीक है भाई मैं जाता हूँ
06:43बिट्टू उसके पास पहुँचता है
06:46बाई साब मुझे सेट साब ने पेजा है
06:49उन्होंने एक लाक रुपे मंगवाए हैं वो दे दे
06:52क्या बगवास करता है
06:54वो तो अभी दोड़ी देर पहले ही मेरे पास से गए है
06:58तो जूट बोल रहा है
06:59बाग जा यहां से बनना मैं तुझे अंदर बंद कर दूँगा
07:03बाई साब ऐसा मत करें
07:05मेरी माँ की तबियत बहुत खराब है
07:08उनके इलाज के लिए एक लाक रुपे की जरूरत है
07:11वो दे दें
07:12तेरी माँ का मैंने ठेका उठाया हुआ है
07:16चल निकल यहां से
07:17बिट्टू उदास वापिस आता है
07:20क्या हुआ पैसे दिये उसने
07:22नहीं भाई उसे पता लग गया है
07:24सेट अभी थोड़ी देर पहले ही
07:26उसके पास से होकड गया है
07:28चोट बोल रहा है यह
07:30सेट अपने घर पर ही है
07:32उसने तुम से सचुगलवाने के लिए
07:35ऐसा कहा था
07:36यह लोग बहुत जालिम है
07:37सारे गाउ के जंगल और दरक काट दिये
07:41इसी वज़ा से तो बोसम इतने तब्देल हो रहे है
07:44भाई मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा
07:47मैं क्या करूँ
07:48भाई इस से पहले के सलाब आ जाए
07:50हब अपना इतरसाब कर रहा होगा
07:53इसकी लकडियों से कश्टी बना लेते है
07:56हलात का कुछ रहे पता
07:58हाँ भाई अब ठीक एड़े हो
08:01चलो हम इसी की लकडियां उठा कर कश्टी बनाते हैं
08:04पिर बिट्टू एक एक करके
08:06लकडियों उठा कर आता है
08:08और मुलाजिम वो कश्टी जोडता है
08:10और कुछ ही देर में जमीन पर
08:12एक कश्टी तयार हो जाती है
08:14और बिट्टू वो कश्टी उठा कर
08:16चल पड़ता है
08:17कुछ आगी आने पर उन्हें
08:19एक उची जगा नजर आती है
08:22बेटो अगर कुछ हुआ भी तो
08:24ये जगा बहुत उची है
08:25अब यहाँ पर आकर पदा ले लेके
08:28तब ही बारिश तेज हो जाती है
08:30और नदी का पानी बाहर
08:32निकल आता है
08:33और गाओं में दाखिल हो जाता है
08:36सेलाब मीठे के घर तक पहुँच जाता है
08:39नसीबो शुकर है
08:40हमने अपना सारा कीमती समान पैक कर लिया है
08:43सेलाब अगर जैदा भी होगा
08:45तो हम अपने घर की छट पर चड़ जाएंगे
08:47अपने कीमती समान के साथ
08:49अपने चट पर चड़ कर लोगों की डूबले का नसारा देखेंगे
08:52और बारिश में जूम जूम किनाब बेंगे
08:55तब ही सेलाब जैदा जैदा है
08:58बिटो कष्टी को देचे रखो सेलाब आ गया है
09:01अब अब इसकी जरूरत है
09:03वो कष्टी को नीचे रख कर उसके उपर खड़े हो जाते हैं
09:08और उसे चलाने लग जाते हैं
09:10बाई जल्दी से हस्पटाल चलो
09:12मेरे साड़े घड़ बाले वहीं पड़ है
09:15वो महफूज नहीं हांगे
09:17वो हस्पटाल की तरफ निकल जाते हैं
09:20in the house of meat, a woman in the house,
09:22in the house of meat.
09:23A woman in the house,
09:23and also a woman in the house.
09:25I will be mad at him.
09:31Oh, my mother, I don't have a woman here,
09:33a woman in the house for me.
09:34You could have a woman in a house.
09:39If you have a woman in a house,
09:41you will have to be mad at him.
09:44This woman is not a woman in the house,
09:47where is she going?
09:55। तू इसे अपने साथ ले जा, बड़ा तू चोदरी बन रहा है।
10:22तू इसे अपने साथ ले जाएगा।
10:50तू ने मुझे अंदर नहीं आने दिया।
10:54तब ही पानी का बहाओ आता है और उसका सारा कीमती समान अपने साथ बहा कर ले जाता है।
11:11नहीं माजी ऐसा मत कहो ये वक्त किसी से बजला लेने का नहीं है।
11:17इस कष्टी पर अभी जगह नहीं है।
11:19मैं इस सब को महफूश मकाम पर छोड़ कर आ रहा हूं।
11:23तब तक आप मेरा इंतिजार करो।
11:25बीटू तब तक तो पानी हमारे सरों से भी उपर चला जाएगा।
11:29नहीं तो फिर हम इस कष्टी से उतर कर सलाब में छेलांग लगा देते हैं।
11:34तु आजा हमारी खैर है।
11:36नहीं नहीं अंकल अब मैं इतना भी बुरा नहीं हूं।
11:39बीटू तुम इन सब को छोड़ कर आओ।
11:42तब तक हम तुमारा इंतिजार कर रहे हैं।
11:44बीटू वहां से चल पड़ता है।
11:46कुछ आगे आता है तो देखता है कि सेट के मवेशी पानी के साथ बहकर जा रहे होते हैं।
11:56बीटू ये तो उसी के मवेशी है। देखो कैसे अपने मवेश्यों को अपने घर ले जा रहा था।
12:03ताके सलाब से इने कोई डुकसादा हो।
12:06मगर अल्ला का अजाब चबाता है तो कोई नहीं बच सकता।
12:10हां तुम ठीक है रहे हो।
12:12वो सब उस उची जगा पर पहुंच जाते हैं और वहां पर पना ले लेते हैं।
12:18तो बेगम आप सब यहां पर इंतजार करो मैं मीठा और बाकी लोगों को बचाने जा रहा हूं।
12:24बेटू मगर इस चीज में बहुत खत्रा है सलाब बहुत तेज है।
12:28बेगम जब हम किसी की मदद करते हैं तो अल्ला हमारी मदद करता है।
12:40पर बेटू उनको लेकर चल पड़ता है थोड़ा आगे आता है तो उसकी नजर सेट पर पड़ती है।
13:03वो भी अपनी घर की छट पर खड़ा होता है।
13:06बेटू बेटा मुझे भी अपने साथ ले चलो सलाब मेरे सारे जानवरों को अपने साथ बहा कर ले गया है।
13:15हाँ सेट सहाबा फिकर मत करो आप भी इस कष्टी पर आजाओ।
13:19फिर वो सेट को उसी कष्टी पर चड़ा लेते हैं और उसी महफूज मकाम की तरफ निकल जाते हैं कि
13:26रास्ते में भोला भी एक बरतन में बैठ कर जा रहा होता है।
13:31वह बोले तुमने तो बहुत अच्छी कष्टी बढा ली है।
14:01मैं बचाई मुझे माफ कर दो सेट साहब मेरी मा की इलाज के लिए एक लाख रूपे की जरूरत है।
14:08मैं वह लेने आपके पास आया था मगर आप अपने मवेश्यों को लेकर घड़ गए हुए थे।
14:14हाँ बेटू मैंने सोचा मैं अपने मवेश्यों को बचा लूँगा।
14:18मगर अल्ला को कुछ और ही मंजूर था तुम फिकर मत करो।
14:23मैं तुम्हें एक लाख रूपे दूँगा तुम दवाई लाओ।
14:27सेट साहब सालाब में सब कुछ बै गया है अब वोर्डरिप कहांचे मिलेगी।
14:32बिट्टू वोर्डरिप मेरे हस्पाटाल में ही मौजूद थी।
14:35मैंने इस जर्से के तुम पैसे नहीं दोगे तुम से चुपाई थी।
14:40मुझे माफ कर दो।
14:41अगर तुम ना होते तो हम सब सलाब में ढूप जाते।
14:46दक्तर साब क्या अब भी वो डरिप हस्पाटाल में मौजूद है।
14:50हाँ वो मैंने अपनी टेबल पर रखी है।
14:53मगर अब तक तो पूरा हस्पाटाल पानी में डूप चुका होगा।
14:57तुम कैसे लेकर आओगे।
14:59मैं उस डृप को हासिल करने की कोशिश करता हूँ।
15:03मेरी मान से जादा तो इस दुनिया में कोई चीज एहम नहीं है।
15:07चलो तुम मेरे साथ चलो।
15:08मैं भी तुमारे साथ चलोगा।
15:10फिर वो हस्पाटाल की तरफ निकल पड़ते हैं तो बाकी लोग भी बरतन में आ रहे होते हैं।
15:17अरे ये क्या आप लोगों ने तो बड़ी अच्छी किश्टी बढ़ा ली है।
15:21अरे बेटो ये मश्वरा हमें बोले नहीं दिया है।
15:25वा बोले तुम तो बहुत अकल मंड हो। भाई आज के बाद कोई भी इसे बोला नहीं कहेगा।
15:31आप सब लोग वहाँ पहुचो अब हस्पाटाल से दवा लेकर आ रहे हैं।
15:35फिर वो निकल पड़ते हैं और हस्पाटाल पहुँच जाते हैं।
15:39पेटो ये तो पोरा हस्पाटाल है दोब गया। तुम दवा कैसे लाओ के। भाई तुम यहीं बड़ इंतिजार करो। मैं
15:47कोशिश करके आता हूँ।
15:49बिटू छलांग लगा देता है और हस्पाटाल के अंदर चला जाता है।
15:54जैसे ही वो डॉक्टर के कमरे में आता है, वहाँ टेबल पर वो ड्रिप पड़ी होती है, वो उसे उठा
16:01लेता है और वापिस उपर आ जाता है।
16:04वो वहाँ पहुँच जाते हैं और डॉक्टर उसकी मां को ड्रिप लगा देता है, तो कुछ ही देर में उन्हें
16:10होश आ जाता है, ये देखकर सब खुश हो जाते हैं, आज सब लोग बिटू की इस महनत और बहादुरी
16:18पर बहुत खुश होते हैं, अब बारिश भी रुक ज
16:33अब कभी भी कोई भी मुसीबत में होगा तो मैं उसकी मदद करूंगा, ये तो बहुत अची बात है, ये
16:40सलाब हमारे लिए बहुत बड़ा सबक छोड़ गया है, कि मुसीबत में हम सब को एक होकर काम करना चाहिए,
16:48हाँ और अब से हम सब मिलकर जो नुक्सान हुआ है उसे �
16:52पूरा करेंगे, सफाई करेंगे, दरक्त लगाएंगे, और एक दूसरे का पूरा खयाल रगेंगे, आपका और मेरा भी ये ही फर्ज
17:01है, कि जो लोग सेलाब की वज़ा से मुसीबत में हैं, हम उनकी मदद करें

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