00:00मुख़िस दोस्तो, आज हम आपको दुनिया की उन 5 हैरत अंगेज सुरंगों की सेर करवाएंगे जो समंदर के पेट में
00:06बनाएगे हैं और जिने देखकर अकल दंग रह जाती है
00:08कि आखिर इनसान ने ये नामुम्किन काम कैसे मुम्किन कर दिखाए
00:12तो चलिए सबसे पहले चलते हैं यॉरप जहां मौजूद है दुनिया की सबसे मशूर सुरंग जिसे चैनल टनल या यूरो
00:20टनल कहा जाता है
00:21ये सुरंग बरतानिया और फ्रांस को आपस में जोड़ती है
00:24एक वक्त था जब बरतानिया जाने के लिए सिर्फ किष्टी या हवाई जहाज का सहारा लिया जा सकता था
00:30क्योंके बीच में इंग्लिश चैनल नामी समंदर हायल था जिसका मौसम इतना खराब रहता था किष्टिया अक्सर डूप जाती थी
00:37लेकिन फिर 1988 में अंजीनियर्ज ने एक ऐसा फैसला किया जिसने दुनिया को हिला कर रख दिया
00:43उन्होंने समंदर के नीचे 50 किलो मीटर लंबी सुरंग खोदने का मनसूबा बनाया
00:48ये कोई मामूली काम नहीं था क्योंके समंदर के नीचे की मट्टी कहीं बहुत सक्त थी तो कहीं बिलकुल कीचर
00:55जैसी नव
00:56सबसे बड़ा चैलिंज ये था कि खुदाई के दौरान अगर समंदर का पानी सुरंग में दाखिल हो जाता तो हजारों
01:02मजदूरों की जान जा सकती थी
01:04इस सुरंग को बनाने के लिए 11 दियो हैकल मशीने इस्तमाल की गए जिने टनल बोरिंग मशीन्स ये टी बी
01:11एम कहा जाता है
01:12इन मशीनों का वजन हजारों हाथियों के बराबर था
01:16एक तरफ से फरांस ने खुदाई शुरू की और दूसरी तरफ से बरतानिया ने
01:20और सबसे हैरान कुन लमा वो था जब समंदर के बीचों बीच दोनों मशीने एक दूसरे से मिली
01:26तो इन में सिर्फ चंद इंच का फर्क था जो अंजीनरिंग का एक माज़जा माना जाता है
01:31इस सुरंग के अंदर दरसल तीन रास्ते हैं दो ट्रेनों के लिए और एक दरम्यान में एमरजेंसी सर्विस के लिए
01:39आज आप पैरिस से बैटकर लंदन तक का सफर समंदर के नीचे से गुजरते हुए सिर्फ चंद घंटों में तैय
01:46कर लेते हैं
01:46और आपको ऐसास भी नहीं होता कि आपके उपर मचलियां तैर रही है
01:50और दोस्तों अगर आपको लगता है कि चैनल टनल सबसे मुश्किल प्राजेक्ट था तो अब हम आपको जापान लेकर चलते
01:57हैं
01:57जहां सीकन टनल माजूद है
01:58ये दुनिया की सबसे गैरी और मुश्किल तरीन सुरंग मानी जाती है
02:02जापान के दो बड़े जजीरे होन्शू और हुकाइदों के दरम्यान समंदर इतना खतरनाक है
02:08कि वहां अक्सर समंदरी तूफान आते रहते हैं
02:111954 में एक खौफनाग तूफान में पांच कश्टियां डूब गए और हजारों लोग मारे गे
02:16जिसके बाद जापानी अकूमत ने किसम खाई कि अब हम समंदर के नीचे से रास्ता बनाएंगे
02:22लेकिन ये फैसला करना आसान था और इस पर अमल करना मौत के मूँ में जाने के मतरादिफ था
02:28क्योंकि यहां समंदर के नीचे चटाने आतिश फिशाँ पहाड़ों जैसी थी
02:32खुदाई के दवरान कई बार ऐसा हुआ कि अचानक चटान तूटी और समंदर का ठंडा पानी शदीद दबाओ के साथ
02:40सुरंग में भरना शुरू हो गया
02:41कई बार मजदूरों को अपनी जान बचा कर भागना पड़ा
02:44इस सुरंग को मुकमल होने में एक या दो साल नहीं बलके पूरे 23 साल लग गये
02:50और अफसोश की बात ये है कि इस दवरान 34 मजदूर अपनी जान से हाथ दो बैचे
02:55ये सुरंग समंदर की सता से 240 मीटर नीचे है
02:59यानि अगर आप इसके अंदर हों तो आपके उपर एक बहुत बड़ी इमारत जितना पानी माजूद है
03:05यहां दरजा हरारत और नमी इतनी ज्यादा होती है कि काम करना महाल हो जाता है
03:10लेकिन जापानी अंजीनियर्स की हिम्मत की दाद देनी पड़ेगी
03:13जिनोंने हार नहीं मानी और इस सुरंग में बुलट ट्रेंज गुजरती है जो जापान की तरक्की की अलामत है
03:20नाजीन गरामी अब हमारा सफर यारप और एशिया के संगम यानि तुर्की की तरफ मुड़ता है
03:25जहां इस्तंबोल शहर में एक ऐसा शाकार माजूद है जिसने दो बर्याजमों को आपस में जोड़ दिया है
03:31हम बात करें मरमारे टनल की
03:34ये प्राज़क्ट इसलिए भी खास है कि इसका खाब 150 साल पहले उस्मानी सुल्तान अब्दुलमजीद ने देखा था
03:41लेकिन उस वक्ट टेक्नालोजी ना होने की वज़ा से ये मुम्किन ना हो सका
03:45फिर जदीद दोर में तैयब उर्दगान की हकूमत ने इस खाब को पूरा करने का बेड़ा उठाया
03:50लेकिन यहां मसला ये था कि इस्तंबोल एक जल्जले वाले जोन में आता है
04:09इसमें सुरंग को जमीन पर टुकड़ों में त्यार किया गया और फिर इन बड़े बड़े कंक्रीट के पाइपों को कश्टियों
04:15की मदद से समंदर में ले जाकर पानी में डबो दिया गया और नीचे तैय में जाकर चोड़ा गया
04:20ये काम इतना नाजुक था कि अगर एक इंच की गलती भी होती तो पानी अंदर आ सकता था
04:26एक और दिल्चस्प बात जो इस प्राजेक्ट के दवरान हुई वो ये थी कि खुदाई के दवरान समंदर की तैसे
04:33हजारों साल पुराने जहाज और तारीखी नवादरात मिलना शुरू हो गया जिसकी वज़ा से काम को कई साल रोकना पड़ा
04:40ताके इन तारीखी खजानों
04:45ना सिर्फ तुर्की बलके दुनिया भर के सियाहों के लिए एक अचूबा है जहां आप चन्द मिन्टों में यॉरप से
04:51एशिया और एशिया से यॉरप जा सकते हैं
04:54दोस्तों अब कहानी में थोड़ा सा ट्विस्ट लाते हैं और चलते हैं डैनमार्क और स्वीडन के दर्मयान जहां ओरिसंड ब्रिज
05:01और टरनल मौजूद है
05:02ये दुनिया का वाहिद रास्ता है जो आदा पुल है और आदा सुरंग
05:06जब आप डैनमार्क से स्वीडन की तरफ जाते हैं तो आप अपनी गाड़ी एक खुबसूरत पुल पर चला रहे होते
05:12हैं जो समंदर के उपर है
05:14लेकिन अचानक वो पुल समंदर के बीच में खत्म हो जाता है और आपकी गाड़ी पानी के अंदर गायब हो
05:20जाती है
05:20ये मनजर ड्राउन कैमरे से देखने पर ऐसा लगता है जैसे गाड़ीयां समंदर में गिर रही हो लेकिन दरसल वो
05:26एक सुरंग में दाखिल हो रही होती है
05:28अब सवाल ये पैदा होता है कि अंजीनियर्स ने ऐसा क्यों किया वो पूरा पुल भी बना सकते थे
05:34तो इसकी वज़ा ये थी के करीबी डेनमार्क का एरपोर्ट था
05:37अगर वहां उंचा पुल बनाया जाता तो जहाजों को खत्रा हो सकता था
05:42और अगर सिर्फ सुरंग बनाई जाती तो खर्चा बहुत ज़्यादा हो रहा था
05:45इसलिए इन्होंने ये बीच कर रास्ता निकाला
05:48लेकिन इसके लिए इने समंदर के बीच में एक मस्नुई जजीरा बनाना पड़ा
05:52ये जजीरा मट्टी और चटानों से बनाया गया ताके वहां पुल खत्म हो और सुरंग शिरू हो सके
05:58ये अंजिनरिंग का एक ऐसा कमाल है जिसे देखकर इनसान दंग रह जाता है
06:03कि कैसे इनसान ने समंदर के बीच में अपनी मर्जी की जमीन त्यार कर ली
06:08और दोस्तों अब आखिर में हम दोबारा जापान करो करते हैं
06:12क्योंकि टेक्नालोजी में इनका कोई सानी नहीं है
06:15यहां टोकियो में एक सुरंग है जिसे टोकियो बे एकवा लाइन कहा जाता है
06:20ये भी आधा पुल और आधी सुरंग है
06:22लेकिन इसकी खास बात इसका वेंटीलेशन सिस्टम और पारकेंग एरिया है
06:27ये सुरंग टोकियो शेर को दूसरे इलाकों से चोड़ती है और इसने घंटों का सफर मिंटों में तब्दिल कर दिया
06:33है
06:33इस सुरंग के बीच में समंदर के ऊपर एक बहुत बड़ा मस्नुई जजीरा बनाया गया है
06:39ये जगा सिर्फ एक वेंटीलेशन शाफ्ट नहीं है जहां से सुरंग को हवा मिलती है
06:44बलके ये एक पूरा स्याती मकाम है
06:46यहां शापिंग माल्स, रेस्टूरंट्स और देखने के लिए डेक बनाये गये है
06:50लोग खास तोर पर अपनी गाड़ियां समंदर के बीच में रोक कर यहां नजारा करने आते हैं
06:56आप थोड़ी देर के लिए सुचिए कि आप समंदर के बीच में खड़े होकर काफी पी रहे हों
07:01और आपके पैरों के नीचे से गाड़ियां गुसर रहे हो
07:04इस सुरंग को बनाने के लिए जो मशीने इस्तमाल हुई वो दुनिया की सबसे बड़ी मशीने थी
07:09इनके बलेड्स हीरे से बनाये गए थे ताके वो सक्त चटानों को काट सके
07:15जापानी अंजीनियर्स ने इस बात का ख्याल भी रखा
07:18कि अगर कभी सुनामी आ जाए या जल्जला आ जाए तो इस सुरंग को कुशना हो
07:23इसके जोड ऐसे लचकदार बनाये गए हैं जो जमीन की हरकत के साथ हिल सकते हैं
07:28लेकिन तूटते नहीं हैं
07:30जी तुम वाजिस दोस्तों ये थी वो पांच सुरंगें जिन्होंने दुनिया का नक्षा बदल कर रख लिया
07:35और इन तमाम मन्सूबों में एक चीज मुश्तरक है और वो है इनसान का हार ना मानने वाला अजब
07:42समंदर अपनी तमाम तर ताकत और दैशत के बावजूद इनसान के इल्म और हुनर के आगे सर जुगाने पर मजबूर
07:48हो गया है
07:49ये सुरंगें सिर्फ कंक्रीट और लोहे का धेर नहीं हैं
07:52बलके ये सुबूत हैं कि अगर इनसान ने ठान लिया है तो कोई भी रुकावट चाहे वो गहरा समंदर हो
07:58ये सखत पहाड इसका रास्ता नहीं रोक सकते
08:00इन सुरंगों के अंदर सफर करते हुए शायद हमें खौफ महसूस हो
08:04लेकिन हमें उन हजारों गुमनाम मजदूरों और जहीन अंजीनियस को भी याद रखना चाहिए
08:10जिन्होंने अपनी जिन्दगी के कई साल इन अंधेरी गहराईयों में गुसार भी है
08:14ताके हमारा सफर आसान और महफोज हो सके
08:17हमें उमीद है कि आपको समंदर की तैय में किये गए इस सफर का मज़ा आया होगा
08:22और आपकी मालूमात में इजाफा हुआ होगा कि किस तरह जदीद साइंस ने इन नामुम्किनात को मुम्किन कर दिखाया है
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