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Short filmTranscript
00:00अरे बापरे, बेगम, वो बबबर शेर आ गई, भागो बेगम भागो, वो हमें कच्चा खा जाएगी
00:05अरे कहां जाए, एक ही बरवाजा है, और उसके पास वो बबबर शेर खड़ा है, अब मैं इस भरी जवानी
00:11में मर जाऊंगी और इसकी वज़ा तुम हो, ना तुम्हारे अंदर इतना आलस होता, ना तुम इसके अंदर सोते
00:17सही कहती हो बेगम, मैं अपने आलस के कारण ही इस गुफा में फस गया हूँ, और मेरी वज़ा से
00:22तुम भी फस गई हो, अगर मैं बच गई, तो ये आलस हमेशा के लिए छोड़ देगी
00:26तुम चिंता मत करो, मैं कोई ना कोई तरीका ढूंटी हूँ, जिससे हम बाहर निकल जाएं
00:31अरे, कौन है मेरी गुफा में? अगर नहीं बताया, तो मैं खुद अंदर आ जाऊँगा, बोलो मेरी गुफा में कौन
00:38है?
00:40जंगल में शेक उंट बहुत ही आलसी था, क्योंकि वो दुबाई से आया था, और हरे भरे जंगल में उसे
00:46नींड बहुत आती थी, मगर इससे उसकी बीवी बहुत परिशान रहती थी
00:50हे भगवान, मैं इस जानवर का क्या करूँ? आखिर मैंने इस से शादी क्यों की? भगवान आखिर मेरी लकीर में
00:58क्यों लिखा? अरे उठ जा, शेर सिंग ने जो काम दिया था, वो किया के नहीं, बताओ पतिदेव
01:03अरे क्या हो गई बेगम, तुम तो जानती हो ना, इधर का हवा पानी मुझे कितना पसंद होती? ठंडी ठंडी
01:11हवा और पानी, मेरा मन महो लेती, उधर दुबई में ये सब नहीं होती
01:15अरे भाड में गया दुबई, ये बताओ शेर सिंग ने तुम्हें कल काम दिया था, किया के नहीं, वो मुझे
01:21बार-बार पूछ रहा है
01:22अरे बेगम, हम उसका काम नहीं कर सकती, वो हमको कहती की नागभनी के पौधे से नागमनी लेकर आओ, वो
01:30शेर सिंग का बच्चा पागल है, भला नागभनी के पौधे में नागमनी कैसे होगी?
01:35अरे मेरे आलसी पतिदेव, हमारे जंगल में नागभनी के फूल को नागमनी कहते हैं, उसके रस से घाओ में लगाने
01:42से घाओ जल्दी भर जाता है, इसलिए उसका नाम नागमनी है
01:45ये तो फिर उसकी गलती हुई, मुझे पूरी बात बतानी चाहिए, मुझे क्या मालुम होती, वो नागभनी के फूल को
01:52नागमनी कहती?
01:53उस बात को छोड़ो, जाओ सूखी लकडी लेकर आओ, खाना बनाने के लिए मुझे लकडी चाहिए, जो कि अभी खत्म
01:58हो गई है
01:59ये क्या बात होती बेगम, तुम मेरे से इतना काम नहीं करा सकती, मैं एक महमान होती, और तुम महमान
02:06से इतना काम नहीं करा सकती, ये कानून के खिलाफ होती, मैं दुबई जाकर शिकायत करेगी
02:22४ झाता हूँ जाता हूँ बेगम, तुम नाराज मत होती, वेशक मैं जाती और एक खूपसूरत लखडी लाती
02:28उंट कुछ लकडियां बीनते हुए बड़बडाता रहता है
02:32ना जाने ये भारतिया लेडीज इतना खुंखार कैसे होती
02:35इनको अगर कुछ बोलती तो ये किसी का भी मूँ नोच सकती
02:38अगर गुस्सा आ जाए तो काली दुरगा बन जाती
02:45अरे वा, वा, वा, वा, मुझे इस जंगल की थंडी हवा बहुत पसंद होती
02:49कितना कूल-कूल होती
02:51आसपास मुझे थोड़ा आराम को मिल जाती तो बात बन जाती
02:54तभी उसे एक गुफा नजर आती है
02:57वो महसूस करता है कि थंडी हवा वहीं से आ रही है
03:00वो लकडी का गठा बाहर छोड़के अंदर चला जाता है
03:07और उन्ट बहुत गहरी नींद में चला जाता है
03:17उन्ट को लकडी लाते काफी देर हो गई थी
03:20रात گुजर गई थी और सुभब ही हो गई थी
03:23Hey, bhaagwan!
03:24This sheik ka bachah kitnay dheer se lakdi lana gya hai?
03:27Kahi kisi shikari nye hamla to nahin kar dya
03:30ya pher kahi gadhe me to nahin phas gya
03:32mujhe unhne dhunna chahiye
03:33Untni jangal ki yore chali jah rahi thi
03:36Kabhi raastte mei usse gadha prasad nazar aata hai
03:39Aray, kahaan jah rahi hou?
03:41Tumharae chahre mei chinta ki lakirhe nazar a rahi hai
03:43Aysa kya hua hai?
03:44Aray, apnei pati ko dhunne jah rahi hou
03:47Na janei wo kabse gayaab hai
03:48Kal usse lakdi lana bheji thi
03:50Magar eek raat guzar gaya
03:52Abhi tak ghar nahin pahunche
03:54Voh, dubai to nahin chala gya
03:56Mujhe eek dhin keharah tha
03:57Dubai ki bhoot yad a rahi hai
03:59Ek bara jana chahata hai
04:00Aray, shup shup bolo
04:01Dubai jayay meire dushman
04:03Mere rehatte voh akelie dubai nahin jah saktay
04:05May hi unke sath jahungi
04:07Chik hai, may bhi tumhaharai sath dubai chalata houn
04:09Akhir, may bhi dhekna chahata houn ki
04:11Dubai kaisa hai
04:12Kya-kya ghas khanne milega
04:13Kya chara pani hai
04:14Mujhe pata karna hai
04:21Aray, dhekho bhabi ji
04:23Yeh nishan toh shaykh sahab ke lagtay hai
04:25Zarur woh isi rastay se guzaray hounge
04:27Pukka dubai isi taraf hooga
04:29Dunoh jaldi-jaldi
04:30Pairon ke nishan ki taraf jane lage
04:32Chalte-chalte unhe eek guffa dikhay di
04:34Or is guffa ke paas
04:36Lakdi ka gattha tha
04:37Aray, shaykh sahab ne mujhe
04:38Ág tuk nahi bata ya
04:39Dubai jane ka rastay
04:41Is guffa se hokar jata hai
04:42Mäi kai bara isi jaghe se guzara houn
04:44Agar mujhe maloom hoota
04:45Ki dubai yaha se jaya jata hai
04:46Tho mai kai bara dubai chala jata
04:48Aray, kabhi toh dhimag lagao
04:50Dhyhan se dhekho
04:51Yeh lakdi ka gattha yahaan pada hua hai
04:53Matlab, pukka mirei pati anndar hi hounge
04:55Dunoh turent anndar jate hai
04:57Aur anndar sach mei ount mوجود tha
04:59Magar voh ghehri niendh mei tha
05:01Usse dhekkar ountni ka para bada gaya
05:03Hey, bhagwan
05:05Mäi is alci prani ka kya karun
05:07Kahaan ja kar apna maathah patkou
05:09Aakhir kya karun
05:10Aray, mein kehtah hoon
05:11Dusri shadhi karlo
05:12Abhi kuch bigda nahi hai
05:13Isse dubai bhej do
05:14Tu chupkar
05:15Mera dhimag pahle se hi khiska hua hai
05:17Toh or mat khiska
05:18Isse iske halme chhoed dhe te hai
05:20Aur kuch aisa tigdham chalate hai
05:22Ki iska alas humeisha ke liye chhoed jaya
05:24Kafi dher sosechni ke baad
05:26Ountni ko eek upaya aata hai
05:28Aissa karo
05:29Jau shere singh ko bulaa kar lao
05:30Aur isse
05:31Mäi tumhe eek upaya dhe ti ho
05:33Aur jho jho mein kehti ho
05:34Voh shere singh se kehna
05:35Ountni gadhe ke kaan mein upaya
05:37Bataati hai
05:38Aur gadha shere ko sari baat
05:40Samjha deta hai
05:40Phir shere singh
05:42Gussse me guffa ke paas
05:43Ata hai
05:43Aur zore zore zore se
05:44Chilla ne lagta hai
05:45Haray, áaj
05:47Us sherek ke bachche ko
05:48Chhođun ga naihi
05:49Áaj to usne
05:50Had kar di
05:51Kabashe
05:52Mäi ne usse
05:52Naga mani
05:53Lane bheja tha
05:54Mager abtak
05:55Aya hi naihi
05:55Aawaz
05:56Sunkar
05:57Ount ki nien
05:57Kholi
05:58Aray
05:59Kón kambخت bhock raha hai
06:00Mere sara nien
06:01Kharab kar di
06:02Kitna aachha lag raha tha
06:03Tabhi wo kuch
06:05Aawaze sunta hai
06:05Aray
06:06Kya ho gaya
06:07Shere singh
06:08Bhala tum itne
06:08Gussse me
06:09Kiyo nazara raha raha ho
06:09Aur kis se
06:10Sabak sikhane ki
06:11Baat kar raha ho
06:11Aray
06:12Shere khuut ko
06:13Sabak sikhane ki
06:14Baat kar raha ho
06:15O salsi ko
06:16Mene naga mani
06:17Lane ka ka
06:17Kaam diya tha
06:18Mager wo
06:18Ghayab hai
06:19Aur mein sari
06:20Raat
06:20Uska
06:21Inntizare
06:21Kar raha
06:21Tha
06:22Mager wo
06:22Aya hi nahi
06:23Aachha
06:24Agar wo
06:25Aap ko
06:25Mil jaya
06:25Tho
06:25Aap kya
06:26Karen
06:27Agar
06:27Woh
06:27Mere
06:27Hath
06:28Lag gaya
06:28Tho
06:29Uska
06:29Eek
06:29Tanng
06:29Toad
06:30Dungga
06:30Dusra
06:31Tanng
06:31Kha
06:31Jauenga
06:32Or
06:32Tisra
06:33Tanng
06:33Uske
06:34Gale
06:34Me
06:34Phasa
06:34Dungga
06:35Or
06:35Cothra
06:36Tanng
06:36Me
06:36Bacchon
06:37Kho
06:37Khi
06:37Khi
06:38Jaysse
06:39Hi
06:39Ye
06:39Bate
06:39Sulta
06:40Hay
06:40Uski
06:40Sitti
06:41Pitti
06:41Gul
06:41Ho
06:41Jati
06:41H
06:53Shere
06:53Singg
06:54Uska
06:54Tanng
06:54Aap
06:55Bad
06:55Me
06:55Toad
06:55Sib
06:56Pahle
06:56Aap
06:56Is
06:56Gufa
06:56Se
06:57Hٹ
06:57Jai
06:57Yer
06:57Khoji
06:58Aam
06:58Gufa
06:58Nahi
06:58H
06:58Babbar
06:59Shere
06:59Khi
07:00Gufa
07:00H
07:00Agar
07:00Usne
07:01H
07:01Dome
07:03Khi
07:03Aaj
07:03Dek
07:04Dek
07:04A
07:04Oot
07:05Yer
07:05Bate
07:05Sunt
07:06Tata
07:06H
07:06Kya
07:07Yer
07:08Babbar
07:08Shere
07:08Ki
07:09Gufa
07:09H
07:09Aab
07:11M
07:13Kya
07:14Rhe
07:14Rhe
07:18Kya
07:19Rhe
07:19Rhe
07:20Babbar
07:20Shere
07:21Khi
07:21Gufa
07:21Khi
07:21Kisiko
07:22Bhe
07:23Rhe
07:24Rhe
07:24Rhe
07:24Rhe
07:25Rhe
07:25Rhe
07:25Rhe
07:26Rhe
07:26Rhe
07:26Rhe
07:28Rhe
07:32Rhe
07:40Rhe
07:40Rhe
07:41ुदि लाने के लिए बेजा था, मगर क्या तुम यहां सो तो नहीं कहे थे?
08:10ुदि अरे बेगम साहीबा, लेकिन तुम यहां कैसे आई?
08:26अरे बापरे, बेगम, वो बबबर शेर आगई, भागो बेगम भागो, वो हमें कच्चा खा जाएगी
08:32अरे कहां जाए, एक ही बरवाजा है, और उसके पास वो बबबर शेर खड़ा है, अब मैं इस भरी जवानी
08:38में मर जाऊंगी और इसकी वज़ा तुम हो, ना तुम्हारे अंदर इतना आलस होता, ना तुम इसके अंदर सोते
08:44सही कहती हो बेगम, मैं अपने आलस के कारण ही इस गुफा में फस गया हूँ, और मेरी वज़ा से
08:49तुम भी फस गई हो, अगर मैं बच गई, तो ये आलस हमेशा के लिए छोड़ देगी
08:53तुम चिंता मत करो, मैं कोई ना कोई तरीका ढूंती हूँ, जिससे हम बाहर निकल जाए
08:57अरे, कौन है मेरी गुफा में? अगर नहीं बताया, तो मैं खुद अंदर आ जाऊंगा, बोलो मेरी गुफा में कौन
09:05है
09:05सुनो, मैं आपको एक उपाय बताती हूँ, आप बस उसे जोर-जोर से बोलना, ताकि आवाज गुफा के बाहर जाए
09:13हे मेरे पती देव, ये आपको क्या हो रहा है? आपका शरीर लकडी का क्यों बन रहा है?
09:18बेगम, मुझे लगती है, दुबई से आने के बाद मुझे लकडी वाली बीमारी हो गई है, तो मुझसे दूर चली
09:24जाओ, वरना ये बीमारी तुम्हे भी हो जाएगी
09:32बेगम साहिबा, इसके लिए मुझे शेर का मास खाना होगी, वो भी बबबर शेर मास, एक उसी का मास होती,
09:38जो मुझे ठीक कर सकती, मगर जल्दी करो, वरना मैं पूरी तरह से लकडी बन जाएगी
09:44बाहर बबबर शेर पूरी बात सुन रहा था
09:46अरे बापरे, ये कौन सी बीमारी है, मैंने आज तक नहीं सुनी, मगर लगता है कोई खतरनाक बीमारी है, लेकिन
09:54कहीं ये कोई साजिश तो नहीं है, क्या पता कोई जानवर मुझे मूर्क बना रहा हो, थोड़ी देर रुक कर
10:00देखता हूँ
10:01अरे बापरे, शेर तो अब भी हटा नहीं है, हमें उसे और डराना होगा ताकि वो यहां से भाग जाए
10:07और हमें भागने का मौका मिल जाए
10:09उटनी यहां वहां देखती है, उसे एक टहनी दिखाई देती है, वो उसे उठाती है और उस पर उट की
10:15पूँच के बाल चिपका देती है, और जोर-जोर से कहती है
10:17हे भगवान, आपका पूँच लकडी का बन रहा, मैं इसे अभी आपकी शरीर से बाहर कर देती हूँ, वरना पूरा
10:24शरीर लकडी बन जाएगा
10:25और उटनी ने लकडी को गुफा के बाहर फैंग दिया, उसे देखकर बबबर शेर डर गया
10:30अरे, ये जानवर तो सही कह रही है, उसके पती को बीमारी हो गई है, बहुत खतरनाक बीमारी लगती है,
10:37मुझे अंदर नहीं जाना चाहिए
10:39बेगम, पूँच अलग करके मेरी बीमारी दूर नहीं होगी, मुझे शेर का मास चाहिए, तभी मैं ठीक हो सकती हो,
10:46मुझे जल्दी से जल्दी शेर का मास ले कर दो
10:48मैं अभी बाहर जाती हूँ, और एक शेर को पकड़ के लाती हूँ, क्योंकि मेरी भी पूँच अब लकडी की
10:53बन रही है, मुझे भी अब शेर को खाना है
10:56अरे भाग बबबर शेर, वरना ये प्राणी मुझे कच्चा चबा देंगे, और ऐसे भी इन पर हमला भी नहीं कर
11:02सकता, क्योंकि अगर ऐसा किया, तो इनकी बीमारी मुझे लग जाएगी, और मैं भी लकडी का बन जाऊंगा
11:09बबर शेर दुम दबा कर दोड़ा, उसके जाने के बाद उट और उटनी तुरंत वहां से बाहर आ गए और
11:14अपने घर आ गए
11:15क्या खूब तरकीब निकाली बेगम, मज़ा आ गई, मानना पड़ेगा, तुम काफी दिमाग वाली हो
11:20अच्छा, तो क्या अब क्या सबक सीखा, क्या अब और आलस करोगे, या फिर उसी गुफा में छोड़ाओ
11:26अरे नहीं नहीं बेगम, मैं तौबा करता हो, आज के बाद मैं कभी आलस नहीं करेगी, अपना काम समय में
11:33करेगी, और कहीं भी आराम के लिए नहीं बैठेगी
11:36उन्ट ने सबक सीख लिया था, मगर उसी रात उन्ट नी कहीं जाती है
11:41शुक्रिया शेर सिंग, क्या खूब आक्टिंग की, एक पल को मुझे लगा कि सच में कोई बबबर शेर आ गया
11:46है
11:46क्या? अरे नहीं नहीं, मैं कोई बबबर शेर बनके नहीं आया था
11:50तुम्हारे कहे अनुसार, मैं जब गधे के साथ उन्ट को डरा कर जब भेश बदलने आया
11:55और जब भेश बदल कर वापस गया, तो तुम सब गुफा से चले गये थे
11:59इसका मतलब सच में बबबर शेर आया था
12:02हे भगवान, अच्छा हुआ कि हम बच गए, वरना आज तो खेल खत्म हो जाता
12:07अब कभी इस जंगल में नहीं जाओंगा, वरना मैं भी लकडी का बन जाओंगा