00:00अंदर जाओ सब, नो बजने वाले हैं, दर्वाजे जड़ो, जल्दी नो बजने वाले हैं, सब अंदर जाओ, जल्दी करो, नो
00:15बजने वाले हैं, दर्वाजे और खिड़कियां बंद करो, नो बजने वाले हैं, जल्दी दर्वाजे और खिड़कियां बंद करो, हर साल
00:23यही �
00:23जल्दी बंद करो सब, सुन लो आखिरी बार, नौ बचते ही कोई बाहर नहीं रहेगा, अपने अपने दर्वाजे बंद करो,
00:33देर मत करो
00:40यहां का खाना तो सच में अलगी स्वाद दे रहा है, हाँ, मुझे भी बहुत पसंद है, सच में बहुत
00:47अलगी है
00:48नौ बजने वाले हैं, अपने अपने दर्वाजे और खिर्किया बंद करो, यह इतना क्यों चिल्ला आ रहा है
00:56यह रोज का काम है, अगर नौ बज़े से पहले दर्वाजे और खिर्किया बंद नहीं किये, तो बस ऐसी चिल्लाता
01:00है
01:00इतना हल्ला मचाने की क्या ज़रुवत है?
01:03बस बातों में मत लगे रहो
01:05नौ बजने में समय कम है
01:11कौन है जो नौ बजने आता है?
01:13सरपन जी
01:15ये सब कहानी है न?
01:17कोई इंसान होगा
01:19जो डर फेला रहा है
01:21ये कहानी नहीं है
01:22मायाद, वो एक आत्मा है
01:25कैसे?
01:27जिसे इस गाउने कभी जीने नहीं दिया
01:29वो किसी भी रूप में आ सकती है
01:31तुम्हारे दोस्त की आवाज में
01:32तुम्हारी मा की शकल में
01:34यहां तक की
01:36तुम्हारे अपने जैसे
01:37मतलब हम पहचान नहीं पाएंगे?
01:40नहीं, वो पहले भरोसा जीतती है
01:42फिर दहलीज बार करवाती है
01:45उसकी पूरी कहानी
01:48मैं तुम्हें कल बताऊंगा
01:52कितनी बार कहा है
01:53नो बचते ही कोई बाहर नहीं रहेगा
01:55अभी अंदर जाओ
01:56दर्वाजे जड़ दो
01:57आज की रात मजाग नहीं है
02:06गजेंदर
02:06अरे ओ कमबक्त
02:08मौत की दहलीज पे बैठा और बोतल खाली कर रहा है
02:13नो बजने में सिर्फ पंदरा मिनट बाकी है
02:16जाओ बुड़े
02:19अपनी सड़ी हुज साइकिल ले जा यहां से
02:22क्या उखाड लिया भूतों ने मेरा
02:25मैं आज यहीं बैठूंगा
02:27अपनी पत्नी सुमन की याद में
03:02जुम बराबर जुम शराबी
03:07जुम बराबर जुम
03:12तेरी याद बहुत आती है
03:15सुमन तु मुझे छोड़ के क्यों गई
03:17के क्यों गई
03:18जी
03:21अकेले अकेले ही पीए जा रहे हो
03:23मुझे याद नहीं किया
03:27ये तो मेरी पत्नी की आवाज है
03:32सुमन
03:38आग सिर्फ शरीर जलाती है जी
03:40प्यार नहीं
03:41देखो
03:43मैं तुम्हारे के लिए तुम्हारी पसंदीदा मिठाई लाए
03:46बस एक बार ने असाथ हवेली की तरफ चलाए
03:49वहा हमारा पुराना देर इंपिजार कर लगा
03:52इस देहलीज में खोजा
03:58ये साया है तेरा नया आशियाना
04:02वापस मत आना
04:09चुप है हवेली सांसे थमी कोई तो है जो दिखता नहीं
04:16परछाई चलती दीवारों पर कदमों की आहट रातों में
04:22साया बुलाए पास वो आए दिल की धड़कन रुकती जाए
04:29चीख दबे हो ठोके अंदर कौन मुझे अब बचाए
04:48अरे गजेंदर सुबह से दिखा नहीं
04:50कल रात भी यहीं दुकान पर बैठा था फिर पता नहीं कहां गया
04:54सरपन साब मैंने उसे समझाया था कि घर चला जाए रात ठीक नहीं है पर वो हस पड़ा
05:01सरपन जी वो ऐसा क्यों करती है उसकी क्या कहानी है
05:07चास साल पहले वो सिर्फ 18 साल की थी हवेली में काम करती थी गरीब थी लेकिन दिल से साफ
05:16उस रात ठाकूर के घर से चांदी के गहने गायब हो गया इलजाम सीधे उसी पर लगा किसी ने सबूत
05:21नहीं देखा मैंने नहीं लिया
05:24उसे बर्गत के पेड़ के नीचे खड़ा किया गया पूरे गाओं के सामने
05:32लेकिन किसी ने पानी नहीं दिया सबसे दरदनाक पल उसकी माँ दरवाजे के अंदर से देख रही थी डर के
05:38मारे बाहर नहीं आई
05:40रात होते होते उसे हवेली के पीछे वाले कमरे में बंद कर दिया गया
05:45बिना पानी, बिना खाना
05:48सुभा जब दर्वाजा खोला गया, वो जिन्दा नहीं थी
05:51उसके होट सूखे हुए थे, आँखें दर्वाजे की तरफ जमी थी
05:56असली सच्चाई, दो दिन बाद पता चला, कहने ठाकुर के अपने भतीजे ने चोरी किये थे
06:01लेकिन तब तक गाओं ने अनाम को खो दिया था
06:04शरम के मारे उसका नाम ही मिटा दिया गया, कोई उसका अंतिम संसकार ठीक से नहीं किया
06:09बस हवेली के पीछे मिट्टी में दबा दिया
06:13क्यूं आती है वो?
06:14वो बदला नहीं लेती, वो हर पचास साल में सिर्फ एक काम करती है, किसी को दहली स्पार करवाती है
06:20क्यूंकि उस रात
06:21उसने भी दर्वाजा खटखट आया था
06:23किसी ने नहीं खोला, अब वो देखती है कौन भरोसा करता है और दर्वाजा खोलता है
06:29आज रात हम हवेली पे जाएंगे और इस रहस्य को हम खुद उजागर करेंगे
06:36हाँ, सही कह रही हो तुम, पर ये कोई खेल नहीं है माया
06:41अगर कुछ घलत हो गया तो
06:53किसी नहीं हुआ आजए चला जाएंगे
07:07किसी नहीं है
07:15किसी नहीं है
07:26वो मैं गॉड़ लुक आउट वच इट
07:36डरो मत बस चमगादड है
07:44ऐसे नहीं मिलेगा सुराग तुम दोनों उस खमरे में देखो
07:47तो अम्रे है
07:49अल्स मैं इस तरफ देखती हूँ
08:07वोक्त वाद।
08:09प्अर्षार्ण बादे घ्रया है
08:11झाल
08:11प्रशार्ण रड़ा
08:11प्रश्ट रखी
08:13बार प्रह Alrighty
08:18प्रह अबार
08:20आपर प्रहा
08:20आपर रादे
08:20रड़ा
08:21वादेशिक, वादेशिक, वादेश।
08:24no one's there
08:26who
08:29who
08:31who
08:32who
08:39abba
08:41abba
08:45ah
08:47ah
08:51ah
08:54ah
08:55ah
08:56ah
08:58ah
08:59ah
09:06ah
09:10कोई तो है इस हवेली में
09:14मगर सामने क्यों नहीं आ रहा
09:18तुम आ ही गए
09:20क्या वो सच में सामने आएगी
09:22पाट्टू में देखिया