00:00कैंचुवी देवी को नागराज कर कोटक की माता माना जाता है
00:03इस मंदिर की पास ही कर कोटक की चोटी पर नागराज का प्राचीन मंदिर भी है
00:08द्वापर युग में नागवन शीय राजा रितु प्रण्य में इस पावन मंदर की स्थापना की थी मानिता है कि अनुसार
00:14नागराज के कोटक प्रतिदिन मां का दोगपी में यहां आते थे
00:18कैंचुला देवी मंदर में आज भी देज़ धाराएं मिकल कर सरोवर में समा जाती हैं
00:22इसके जल को मान सरोवर की तुल्यों माना जाता है। ऐसे मानता है कि सरोवर की पवित्लत जल में स्नान
00:29करके चर्म रोगादी की व्यादिया दूर हो जाते हैं।