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STORY OF PROPHET MUSA (A.S) in Urdu-Hindi- RAMSHA SULTAN #prophetstories #ramadan@ramshasultankhan

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00:00:00अस्सलाम अलेकुम, मेरा नाम रमशा सुल्तान है, प्रॉफिट सीरीज में आज हम मुसा अलेसलाम का वाक्या सुनेंगे, मुसा अलेसलाम अल्ला
00:00:08के एक ऐसे नभी है, जिनका कुरान में सबसे ज्यादा जिकर है, और मुसा अलेसलाम कलीम उल्ला भी थे, मतलब
00:00:15वो अल्ला से ड
00:00:33कुरान में अल्ला ने मुसा अल्यासिलाम का कई बार जिकर किया है
00:00:38मुसा अल्ला के सबसे अजीम रसूल थे
00:00:42उनकी सबसे खास बात ये थी
00:00:44कि वो अल्ला से डायरेक्ट बातचीत कर सकते थे
00:00:47इसी वज़े से उन्हें मुसा कलीम उल्ला कहा जाता है
00:00:51यानि अल्ला से कलाम करने वाला
00:00:53मुसा अलैसेलाम बहुत लंबे चोड़े थे
00:00:55और बे इंतहा ताकतवर थे
00:00:58उनमें दस आदमियों जितनी ताकत थी
00:01:00उनका रंग सामला था
00:01:02और कभी कभी बोलते हुए वो अटक जाते थे
00:01:05यानि स्टटर करते थे
00:01:06लेकिन ये उनकी कमजोरी नहीं थी
00:01:08मुसा अलैसेलाम की जिंदगी को समझने के लिए
00:01:11हमें यूसुफ अलैसेलाम की जिंदगी का आखरी हिस्सा जानना जरूरी है
00:01:16यूसुफ अलैसेलाम के जमाने का फिरॉन एक अच्छा आदमी था
00:01:20फिरॉन मिसर के बादशा को कहा जाता है इसलिए जो भी एजिप्ट का बादशा बनता है फिरॉन कहलाता है
00:01:27यूसफ लिएसलाम के जमाने का फिरॉन उनका बहुत एहतराम करता था
00:01:31वो यूसफ यूसलाम पर इतना इत्बार करता था
00:01:34कि उसने मिसर की सलतनत का ख़जाना
00:01:37यूसलाम की निगरानी में दे दिया था
00:01:39यूसु यूसलाम ने भी अपनी हिकमत और फॉाब की टाबीर से
00:01:43मिसर को कहट से बचाय तरह वारिश और हर्याली के 7 साल
00:01:48यूसुफ अलैससलाम ने गेहूं को एक खास टेकनीक से प्रिजर्व करवाया था
00:01:52जिसकी वज़े से आने वाले अगले कहत के साथ साल जब सूखा पड़ा तब एजिप्ट में कोई भी भूका नहीं
00:01:59मरा
00:02:00इसी वज़े से यूसुफ अलैससलाम को एजिप्ट में एक आला मुकाम हासल था
00:02:05और फिरॉन ने यूसुफ अलैससलाम के माबाप, भाई बहन और कभीले के सारे लोग एजिप्ट बुला लिये थे
00:02:11बनी इसराईल यानी याकूब अलैससलाम की ओलाद माईग्रेट करके एजिप्ट आ गए थे
00:02:17और यूसुफ अलैससलाम के जमाने में उन्होंने शाही जिंदगी गुजारे
00:02:21लेकिन यूसुफ अलैससलाम की मौत के बाद उस फिरॉन की भी मौत हो गई
00:02:26और जब दूसरा फिरॉन बादशा बना तो उसने बनी इसराईल पर जुल्म करना शुरू कर दिया
00:02:32फिर उसकी मौत के बाद एक और फिरॉन आया जो कि अब तक का सबसे बत्तर फिरॉन था
00:02:38दुनिया की हिस्ट्री में फिरॉन जैसा बत्तरीन बादशाह ना कभी आया है और ना कभी आप आएगा।
00:02:46फिरॉन अपने आप में एक बत्तरीन मिसाल था।
00:02:50उसने एलान कर दिया था बनी इसराइल सब के सब गोलाम है।
00:02:55वो उनसे लेबर वोग करवाता था और उन्हें निचले तबके की कौम बना दिया था।
00:03:00मिसर के असली लोग जो कि किप्टी कहलाते थे इलीट क्लास बन गए थे और वो भी बनी इसराइल पर
00:03:06बहुत जुल्म करते थे।
00:03:07जब चाहे तब बनी इसराइल की औरतों के साथ जबरदस्ती करते थे और आदमियों को मार पीड़ देते थे।
00:03:14ये फिरॉन जुल्म की आखरी हद तक पहुँच गया था।
00:03:18यहां तक के गुरूर में आके उसने अपने आपको खुदा डिकलेयर कर दिया था।
00:03:22वो अपने आप को रब मानता था।
00:03:24और मिसर के सारे लोगों पर लाजमी कर दिया था कि वो भी उसे खुदा माने।
00:03:29खुदा तो सिर्फ एक है और वो है अल्ला।
00:03:32और जब भी किसी जालम बादशाँ ने अपनी जल्म और कुफल की हदों को पार किया है
00:03:37अल्ला ने उसे नेस्तो नाबूत कर दिया है
00:03:40और यहीं से शुरू होता है फिरॉन की बर्बादी का किस्सा
00:03:43एक रात फिरॉन ने खुआप देखा
00:03:46कि बैतल मक्तिस से आग निकली
00:03:48और मिसर के सारे लोगों को जला दिया
00:03:51सब तबाह हो गया
00:03:52लेकिन बनी इसराइल के किसी घर को आग नहीं लगी
00:03:56और वो सब आग से महफूज रह गए
00:03:58फिरॉन ये खुआप देखकर हैरान हुआ
00:04:01और उसने इस खुआप की ताबीर के लिए काहीनों को बुलाया
00:04:05खुआप की ताबीर करने वाले इन एकसपर्ट्स ने इसका ये मतलब निकाला
00:04:09बनी इसराइल में एक लड़का पैदा होगा
00:04:12जो मिसर के लिए तबाही बनेगा
00:04:15ये सुनकर फिरॉन डर गया
00:04:17और उसने एक हुकम जारी किया
00:04:19बनी इसराइल में जो भी लड़का पैदा हो
00:04:22उसे कतल कर दिया जाए
00:04:24और लड़कियों को छोड़ दिया जाए
00:04:26यानि बनी इसराइल की पूरी नसल खतम करने का प्लान
00:04:30मिसर में हर दाई यानि डिलिवरी करने वाली ओरत की ड्यूटी लगा दी गई थी
00:04:35कि अगर बनी इसराइल में से कोई औरत प्रेगनेंट हो
00:04:38तो उसकी इत्तिला फिरॉन की फौज को दी जाए
00:04:42और अगर वो दाई ऐसा ना करे तो उसको भी कतल कर दिया जाएगा
00:04:46इस तरहां बनी इसराइल की हर प्रेगनेंट औरत पर निगरानी रखी जाने लगी
00:04:51और जैसे ही किसी के घर लड़का पैदा होता, फिरॉन की फॉज उसी वक्त उस लड़के को कतल कर देती
00:04:58थी
00:04:58हजारों बच्चे बेरहमी से कतल किये जाने लगे
00:05:01लड़कियों को छोड़ दिया जाता था और लड़कों को कतल कर दिया जाता था
00:05:06लेकिन अल्ला की कुदरत देखिये
00:05:08हारून अलैसलाम पहले ही पैदा हो चुके थे
00:05:11और उनकी एक बहन भी थी
00:05:13पर उनकी मा मुसा अलैसलाम के साथ प्रेगनेंट थी
00:05:16उन्होंने इस मुश्किल दौर में अपनी प्रेगनेंसी को छुपाए रखा
00:05:20और दाई यानि डिलिवरी करने वाली ओरतों से भी खुद को छुपाए रखा
00:05:24यहां तक कि प्रेगनेंसी कम्पलीट हो गई और उन्हें लेबर पेंट शुरू हो गया
00:05:28उन्होंने घर पे ही बच्चे को पैदा किया
00:05:31इस बारे में सिवाए करीबी लोगों के कोई नहीं जानता था
00:05:35बच्चे की पैदाईश के बाद वो फिकरमंद रहने लगी
00:05:38प्रेगनेंसी तो उन्होंने छुपा ली थी
00:05:40पर अब बच्चे को कैसे छुपाएं
00:05:42बच्चा रोता है तो आवाज आसपा सुनाई दे ही जाती है
00:05:45फिर भी वो अपनी पूरी कोशिश करती रही
00:05:48फिर अल्ला ने उन पे वही की
00:05:50यानि उनके दिल में अपना पैगाम पहुचा दिया
00:05:53इसका जिकर कुरान में आता है
00:05:55और हमने मुसा की मा को वही की
00:05:57के इसे दूद पिलाती रहे
00:05:59और जब तुझे इस बच्चे के लिए
00:06:01कोई खौफ मालूम हो
00:06:03तो इसे दरिया में बहा देना
00:06:05और कोई डर खौफ या रंज औ गम ना करना
00:06:08हम यकीनन इसे तेरी तरफ लोटाने वाले है
00:06:11और इसे पैगंबरों में से बनाने वाले है
00:06:14फिर जब फिरौन की फौज इंस्पेक्शन के लिए
00:06:16बनी इसराइल की बस्ती आई
00:06:18और सक्ती से नए पैदा हुए लड़कों को तलाश करने लगी
00:06:22तो मुसा अलेहसलाम की मां उन्हें छुपा कर
00:06:25दरिया नील के पास ले गई
00:06:27और एक बास्किट में उन्हें रख कर बहा दिया
00:06:30ऐसा करते वक्त एक मां के दिल की क्या कैफियत होगी
00:06:33मुसा अलेहसलाम की मां का सीना फट रहा था
00:06:36और वो नम्भ हो चुकी थी
00:06:38क्या ज्यादा बत्तर है
00:06:39अपने बच्चे को अपनी आखों के सामने कतल होते देखना
00:06:43या अपने ही हातों से अपने न्यूबॉन बेबी को दरिया में बहा देना
00:06:48बेशक ये उनके लिए बहुत मुश्किल वक्त था
00:06:50अल्ला ने मुसा अलेहसलाम की मां को दिलासा दिया
00:06:53और वादा किया कि वो इस बच्चे को उनके पास वापस पहुचा देगा
00:06:58जिंदगी के ऐसे मुश्किल लमहात में ही अल्ला पर यकीन रखना इमान का असल टेस्ट होता है
00:07:05मुसा अलेहसलाम की मांने अल्ला का हुकम माना
00:07:08और अपने बच्चे को बास्किट में बहाते टाइम दिमाग से काम लिया
00:07:12और अपनी बेटी से बोला कि मेरे बच्चे के पीछे पीछे चलती रहो
00:07:17लहाजा मुसा अलेहसलाम की बहन ने दरिया के किनारे से उन्हें फॉलो करना शुरू कर दिया
00:07:23बास्किट तेरते तेरते फिरॉन के महल तक जा पहुँची
00:07:27वहाँ फिरॉन की बीवी आसिया मौजूद थी
00:07:30सेयदा आसिया एक बहुत नेक औरत थी
00:07:33और एक खुदा पर यकीन रखती थी
00:07:35वो इतनी खुबसूरत थी कि फिरॉन ने उनसे जबरदस्ती निकाह किया था
00:07:40वरना उनके घर वालों को मार डालने की धमकी दी थी
00:07:44आसिया रजियल्लाओ ताला आना ने मजबूरी में फिरॉन से शादी करी थी
00:07:48पर कभी भी उससे महबत नहीं की
00:07:50ना ही उसे खुदा माना और उन दोनों की कोई उलाद भी नहीं थी
00:07:55आसिया रजियल्लाओ अक्सर घमजदा रहती थी और महल से बाहर आकर दरिया नील के किनारे बैठ जाती थी
00:08:03उस दिन जब आसिया रजियल्लाओ अनहा महल के बाहर दरिया के किनारे आकर बैठी थी
00:08:08तब ही उन्हें एक बच्चे के रोने की आवास सुनाई दी
00:08:11उन्होंने अपनी कनीजों से उस बास्किट को पास बुलवाया
00:08:15तो देखा कि उसमें एक नूरानी बच्चा है
00:08:18आसिया रजी अल्लाव टालाना ने देखकर फोरण पहचान लिया
00:08:22कि ये बच्चा बनी इसराइल में से है
00:08:24बे उलाद होने की वज़े से अल्ला ने उनके दिल में मूसा अलैसलाम की महबद डाल दी
00:08:30और उन्होंने उस बच्चे को अपने पास उठा लिया
00:08:33फिर वो उसे फिरौन के पास लेकर गई
00:08:35और उसे ये बच्चा दिखा कर कहने लगी
00:08:38कि ये मेरी और आपकी आँखों की ठंड़क है
00:08:41इसे कतल ना करो
00:08:42बहुत मुम्किन है ये हमें कोई फायदा पहुचाए
00:08:45या हम इसे अपना बेटा ही बना ले
00:08:48फिरौन ने कहा
00:08:49ये जिर्फ तेरी आँखों की ठंड़क है
00:08:51मेरी नहीं
00:08:53लेकिन फिरौन ने वो बच्चा रखने की इजाज़त अपनी बीवी को दे दी
00:08:58उधर मुसा अलैससलाम की मा बहुत फिकरमंद और बेचैन थी
00:09:02करीब था कि वो इस रास को जाहिर कर देती
00:09:05लेकिन अल्ला ने उनके दिल को इतमिनान पहुँचाया
00:09:08और देखिए अल्ला कैसे अपने वादे पूरे करता है
00:09:11बच्चा जब महल में पहुचा तो उसने दूद के लिए रोना शुरू कर दिया
00:09:16उसके पास दूद पिलाने वालियां लाई गई
00:09:19लेकिन बच्चे ने किसी औरत का दूद ना पिया
00:09:23अल्ला ने बाकी सब का दूद उन पर हराम कर दिया था
00:09:26जो औरत भी मुसा अलैसलाम को दूद पिलाने की कोशिश करती नाकाम हो जाती
00:09:32मुसा अलैसलाम की बेहन दूर खड़े ये सब देख रही थी
00:09:35कहने लगी मैं आपको एक ऐसा घराना बता सकती हूं
00:09:39जो इस बच्चे की परवरिश करे और महबत से इसे दूद पिलाए
00:09:43उससे पूछा गया कि तुम इतने यकीन से कैसे कह सकती हो
00:09:47कि वो लोग इसके खेरखवा होंगे
00:09:49उस समझदार बच्ची ने बोला
00:09:51ये इसलिए कि वो लोग गरीब हैं
00:09:54और जब उन्हें मालूम होगा कि ये बच्चा फिरौन के घर से आया है
00:09:58तो उन्हें इनाम मिलने की उमीद रहे
00:10:01उस घर में एक नेक औरत है
00:10:03जो इस बच्चे को खुशी खुशी दूद पिलाना पसंद करेंगी
00:10:07मजबूरन महल के लोग मान गए
00:10:09मुसा लिएसलाम की बहन मुसा लिएसलाम को फिरौन की फौज के साथ घर वापस ले आई
00:10:14मुसा लिएसलाम की माने अपने बच्चे को सीने से लगा लिया और दूद पिलाने लगी
00:10:20मुसा लिएसलाम ने फौरण दूद पीना शुरू कर दिया
00:10:23महल की कनीजों ने ये बात आसिया रजियल्लाव ताला नहां को बताई
00:10:27तो स्यदा आसिया ने उनकी माग को पेगाम भिजवाया कि वो महल आ जाएं
00:10:32ताकि बच्चा उनसे दूद भी पीता रहे और महल में भी रहे
00:10:36लेकिन मुसा अलिएसलाम की माने इंकार कर दिया
00:10:39ये कहकर कि मेरे शोहर और बच्चे हैं
00:10:42मैं इन्हे छोड़कर महल में रहने के लिए नहीं आ सकती
00:10:45अब क्यूंकि मुसा अलिएसलाम ने किसी और का दूद कुबूल नहीं किया था
00:10:50इसलिए महल के लोग रोज खुद मुसा अलिएसलाम को उनकी मा के पास दूद पिलवाने के लिए लाते थे
00:10:56इस तरह मुसा अलिएसलाम की मा का बेहद एहतराम होने लगा
00:11:00फिरॉन के महल से उनके लिए तोफ़े आते थे
00:11:04ये है अल्ला की शान
00:11:05अल्ला ने वादे के मताबक मुसा अलेगस को उनकी माघ के पास वापस पहुँचा दिया
00:11:11और उन्हें कतल होने से भी महफूज रखा
00:11:14सोचने की बात यह है कि जिस Fyron ने हर लड़के को कतल करने का हुकम दे दिया था
00:11:19उसी के महल में अल्ला ने मुसा अलेसलाम को महफूस कर दिया
00:11:23इस तरहां मुसा अलेसलाम शाही महल में पलने लगे
00:11:27यहां तक के 18 साल के खुबरू जवान हो गए
00:11:30अल्ला कुरान में फर्माते हैं
00:11:33और जब मुसा अपनी जवानी को पहुँच गए और पूरे तवाना हो गए
00:11:38तो हमने उन्हें इल्म और हिकमत अता फर्माई
00:11:41नेकी करने वालों का हम इसी तरह बदला दिया करते हैं
00:11:45यानि अल्ला ने मुसा अलेसलाम को इल्म से नवाजा
00:11:48और उन्हें सही और गलत की हिकमत अता करें
00:11:51मुसा अलेसलाम बच्पन से ही बनी इसराइल पर जल्म होते हुए देखते थे
00:11:56लेकिन जवान होने के बाद अपनी आँखों के सामने जल्म होते हुए देखना
00:12:00अब उनकी बरदाश्ट के बाहर होने लगा थे
00:12:04गुझरता रहा और मुसा अलेसलाम मिसर में बनी इसराइल पर जल्म होते देखते रहे
00:12:09एक दिन दुपैर के वक्त मुसा अलेसलाम से गुझर रहे थे
00:12:13गर्मी का वक्त था तो ज्यादा लोग उस वक्त बाहर नहीं थे
00:12:17उन्होंने देखा कि फिरॉन की फौज का एक आदमी बनी इसराइल के एक कमजोर आदमी को बेरहमी से मार रहा
00:12:24है
00:12:24उनसे ये बरदाश नहीं हुआ और उस मिसरी को रोकने के लिए मुसा अलेहसलाम ने उसके मुँपर मुक्का मारा
00:12:31उनका मकसद उसको रोकना था पर क्यूंकि मुसा अलेहसलाम बहुत ताकतवर थे वो मिसरी एक ही मुक्के में गिरकर मर
00:12:39गया
00:12:39मुसा अलेहसलाम को बहुत ताज़ुब हुआ कि ये क्या हो गया उनका कतल करने का तो कोई अरादा नहीं था
00:12:45उन्होंने फौरण कहा ये तो शेतानी काम है यानि शेतान ने उन्हें गुस्से से बेकाबू कर दिया और उनसे ये
00:12:52गुना करवा दिया
00:12:53मुसा अल्हेसलाम ने फौरण अल्ला से तौबा की
00:12:56मुसा अल्हेसलाम से ये गुना बिना किसी इरादे से हुआ था
00:13:05ये खता थी इसलिए अल्ला ने उन्हें माफ कर दिया
00:13:08बेशक अल्ला माफ करने वाला बहुत महरबान है
00:13:11अगले दिन उन्होंने फिर से उस बनी इसराइली आदमी को किसी और के साथ लड़ते हुए देखा
00:13:18तो हो समझ गए कि असल में ये ही जगडालू आदमी है
00:13:21उन्होंने उसी वक्त अल्ला से वादा किया कि अब वो किसी गुनेगार की मदद नहीं करेंगे
00:13:27फिर मुसा अल्हेसलाम उस लड़ाई को रोकने गए और उस आदमी से कहा कि असल में तुम ही लड़ाकू आदमी
00:13:33हो
00:13:33उस आदमी ने जोर से बोला
00:13:35मुसा कल जिस तरह तुम नेक्स जख़्का कतल किया था � me भी बाठ डाला चाते हो
00:13:40उस इनसान ने इस बात का जरा भी लहाद नहीं किया
00:13:44कि मुसा अल्हेसलाम ने कल उसकी जान बचाई थी
00:13:47फसादी लोग कुछ इसी तरह के होते हैं
00:13:50उसकी इस बात से मुसा अलेसलाम समझ गए कि कल वाली खबर शहर भर में फैल चुकी है
00:13:56फिर शहर के कुने से एक मिसरी आदमी दोड़ता हुआ आया और मुसा अलेसलाम से बोला
00:14:02मुसा यहाँ के सरदार तुम्हारे कतल का मशवरा कर रहे है
00:14:05यहाँ से भाग जाओ इस से पहले के वो तुम्हें गिरफतार कर ले
00:14:08यहाँ से जल्दी से निकल जाओ
00:14:10मुसा अलेसलाम डर गए
00:14:12त्योंकि फिरॉन तो पहले ही उनसे महबत नहीं करता था
00:14:15उसने तो सेदा आसिया के कहने पर मुसा अलेसलाम को महल में रखा हुआ था
00:14:20इसके अलावा फिरॉन की कौम के दूसरे सरदार भी ये बात अच्छी तरह जानते थे
00:14:25कि मुसा अलेसलाम बनी इसराइल में से हैं
00:14:28वो मुसा अलेसलाम से चिड़ते थे और दिल में बुग्ज रखते थे
00:14:32अब तो उनके पास मौका आ गया था कि किसी बहाने से मुसा अलेसलाम का कतल कर दे
00:14:37इसलिए मुसा अलेसलाम खोफजदा होकर मिसर के शहर से निकल गए
00:14:41मिसरी उन्हें तलाश कर रहे थे और फिरॉन ने मुसा अलेस्सलाम को ढूंडने के लिए अपने जासूस लगा दिये थे
00:14:48इस डर की सिचुएशन में मुसा अलेस्सलाम अल्ला से दौा मांग रहे थे
00:14:53ऐ मेरे परवर्दिगार मुझे जालिमों के गिरोह से बचा ले
00:14:57अल्ला ने मुसा अलेस्सलाम की ये दौा कुबूल फर्माई
00:15:00मुसा अलेस्सलाम जंगल की तरफ निकल गए
00:15:03उनके पास ना खाना था ना पानी था और ना ही सवारी का कोई जानवर था
00:15:08वो बस पैदल जंगल में चलते जा रहे थे
00:15:11उन्हें कुछ मालूम नहीं था कि वो कहा जा रहे हैं
00:15:14असल में मुसा अलेस्सलाम एजिप्ट से फिलिस्तीन की तरफ जा रहे थे
00:15:18रास्ते में उनके जूते भी तूट गए पर वो नंगे पैड चलते रहे
00:15:22जब उन्हें भूक लगती तो वो पेड़ों के पत्ते तोड़ कर खा लेते
00:15:26इस तरह मुसा अलेस्सलाम मदियन पहुँच गए
00:15:29मदियन अल्ला के नभी शोयब अलेस्सलाम की बस्ती थी
00:15:32उस वक्त शोयब अलेस्सलाम काफी बुड़े हो चुके थे
00:15:35मुसा अलिहसलाम चलते चलते मदियन के पानी के पास पहुँच गए
00:15:40बस्ती के बाहर उन लोगों ने पानी की जगा बना रखी थी
00:15:43वहीं के कुएं से वो लोग अपने लिए पानी लेते थे और अपने जानवरों को भी पानी पिलाते थे
00:15:49मُوسा � alsalam ने देखा
00:15:50कि वहाँ लोग आ आ जा रहे हैं
00:15:52किसी के पास ऊट हैं
00:15:54तो किसी के पास बकरी ये
00:15:55कुएं के पास उन लोगों ने हौज बना रखे हैं
00:15:58वो कुएं से पानी निकालकर
00:16:00उन हौज में पानी डाल देते हैं
00:16:02जानवरों के लिए अलग हौज हैं
00:16:04और इंसानों के लिए अलग होज हैं
00:16:06फिर मुसा अलएस्सलाम ने वहाँ दो ओड़तों को देखा
00:16:09जिनके पास बकरियां थी
00:16:10वो अपनी बकरियों को लिए दूर खड़ी थी
00:16:13मुसा अलएस्सलाम को ये देखकर हैरानी हुई
00:16:16कि सब लोग तो अपने जानवरों को पानी पिला रहे हैं
00:16:19और ये दोनों पीछे खड़ी हैं
00:16:20ये क्या मामला है
00:16:21फिर मुसा अलेसलाम उनके पास गए और उनसे पूछा
00:16:24कि आप अपनी बक्रियों को पानी क्यों नहीं पिला रही
00:16:28वो बोली
00:16:42मुसा अलेसलाम आगे बड़े
00:16:44ताकत से उन चर्वाहों को पीछे हटाया
00:16:46और पानी निकालके उन औरतों की बक्रियों को पिलाया
00:16:49और घर ले जाने के लिए भी उन्हें पानी दिया
00:16:52फिर मुसा अलेसलाम एक पेड़ के नीचे जाकर बैट गए
00:16:55और उन्होंने अल्ला से दुआ करी
00:16:57रभी इन्नी लिमा अंजलता इलया मिन खेर इन फकीर
00:17:01एए अल्ला तु जो कोई भलाई मेरी तरफ भेजना चाहे
00:17:05मैं उसका मोहताज हूँ
00:17:07मुसा अलेसलाम नंगे पैर मदियन पहुँचे थे
00:17:10उनके पैर जखमी थे
00:17:11और उन्हें शदीद भूक लग रही थी
00:17:14उस वक्त वो बहुत जरूरत मन थे
00:17:16लेकिन वो किसी से भी मदद नहीं मागना चाहते थे
00:17:19उन दोनों में से किसी एक औरत ने
00:17:21मुसा अलेसलाम की ये दुआ सुन ली
00:17:23वो वापस बस्ती में अपने बाप
00:17:25शोयब अलेसलाम के पास आई
00:17:27और उन्हें मुसा अलेसलाम के बारे में
00:17:29बताया कि कैसे मुसा अलेसलाम
00:17:31ने उनकी मदद करी ये भी बताया
00:17:33कि इस वक्त वो जरूरत मंद है
00:17:35मगर बहुत खुद्दार है
00:17:37शोयब अलेसलाम ने मुसा अलेसलाम
00:17:39को अपने पास बुलवाया उनकी एक बेटी मुसा लिएसलाम के
00:17:43पास शर्मो हया से आई और फरमाया हमारे बाप आपको बुला
00:17:48रहे हैं आपने हमारे जानवरों को पानी पिलाया इसलिए
00:17:51वो उसका उजर देना चाहते हैं मुसा लिएसलाम खुददार
00:17:55तो थे लेकिन उस वक बहुत जरूरत मन थे इसलिए वो
00:17:59मौके की नजाकत को देखकर साथ चल पड़े उन्होंने महसूस किया
00:18:03कि वो लड़की शर्म के मारे छुप रही है तो वो उससे आगे
00:18:07चलने लगे कहीं मुड़ना होता तो वो लड़की उस डारेक्शन में
00:18:11एक कंकड फेक देती मुसा लएससलाम उस तरफ मुड़ जाते
00:18:14इस तरहां वो उनके घर पहुँचे और उनकी मुलाकात शोयव लईससलाम से हुई
00:18:19मुसा लईससलाम ने शोयव लएससलाम को अपने बारे में बताया
00:18:23और जो वाकियात उनके साथ पेश आए थे वो भी बताए
00:18:26शोयब अलैससलाम ने उनसे फरमाया
00:18:28आप मत डरिये आपने जालिम कौम से निजात पाली है
00:18:32उनकी एक बेटी ने कहा
00:18:33अबजन आप इन्हें काम पर रख लीजिए
00:18:36क्योंकि ये बहुत इमानदार और मजबूत है
00:18:40क्योंकि मुसा अलैससलाम बहुत नेक थे
00:18:42शोयब अलैससलाम ने ख़ाहिश दाहिर करी
00:18:44कि वो अपनी एक बेटी का निकाह मुसा अलैससलाम से कर दे
00:18:48लेकिन मुसा अलैससलाम के पास उस वक्त कुछ भी नहीं था
00:18:52लेहाज़ा ये सवाल पैदा हुआ कि हक महर क्या तेह किया जाए
00:18:55शोयब आलेससलाम ने मुसा आलेससलाम से फर्माया
00:18:58मैं अपनी एक बेटी को आपके निकाह में देना चाहता हूँ
00:19:02इस पर कि आप आठ साल तक मेरा काम काज करें
00:19:06हाँ अगर आप दस साल पूरे करें तो ये आपकी तरफ से एहसान होगा
00:19:10मैं हर्गिज ये नहीं चाहता कि आपको किसी मुशक्कत में डालू
00:19:14इंशालला आप मुझे एक भला आदमी पाएंगे
00:19:17मुसा आलेससलाम इस पर राजी हो गए
00:19:19मुसा आलेससलाम ने दस साल तक चरवाहे का काम किया
00:19:23वो बक्रियों को चराते, कुएं से पानी का इंतिजाम करते
00:19:27और घरो कारोबार का सारा काम समभालते
00:19:30इस मुद्द में उन्हें आलाद भी हुई
00:19:33इस बात पर वोर करिये
00:19:35कि जब मुसा आलेससलाम पेड़ के नीचे बैठे थे
00:19:37और अल्ला से दुआ मांगी थी
00:19:39तब उनके पास कुछ भी नहीं था
00:19:41फिर अल्ला ने उन्हें मदियन में सेफटी प्रोवाइड करी
00:19:45उनकी इंकम का जरिया बना दिया
00:19:47और उनको एक लाइफ पार्टनर और उलाद से नवाजा
00:19:50बेशक अल्ला जिसे चाहता है उसे नवाजता है
00:19:53मुसा आलेससलाम की इस दुआ को
00:19:56अल्ला ने कुरान में में मेंचिन किया है
00:19:58और ये दुआ बहुत मशूर है
00:20:00अगर आप अपनी जिंदगी में मुश्किल वक्त से गुजर रहे हैं
00:20:03तो इस दुआ को जरूर पढ़ा करें
00:20:05दस साल बाद मुसा आलेससलाम ने सोचा
00:20:08कि काफी वक्त गुजर चुका है
00:20:10अब मुझे मिसर वापस जाना चाहे
00:20:12फिर मुसा अलेससलाम अपनी बीवी और बेटे को लेकर मुसर की तरफ चले
00:20:17लेकिन उन्हें एजिप्ट वापस जाने का रास्ता नहीं पता था
00:20:21किसी से पूछना चाहते थे पर कोई बताने वाला नहीं था
00:20:24रात के वक्त सर्दी बहुत ज्यादा बढ़ गए
00:20:27फिर मुसा अलेससलाम को दूर बहुत दूर पहाड की चोटी पर आग दिखाई दी
00:20:32और उन्हें आग की शदीद जरूरत थी ताके आग ताप सके
00:20:37रेगिस्तानों में अकसर रात को बहुत ठंड हो जाती है
00:20:41इसलिए मुसा अलेससलाम और उनकी फैमिली को उस वक्त आग की जरूरत थी
00:20:46ताके वो आग को ताप सके
00:20:48मुसा अलेससलाम ने अपने घरवालों से कहा
00:20:51मुझे आग दिखाई दी है
00:20:52बहुत मुम्किन है कि मैं आग का एक अंगारा आपके पास ले आओ
00:20:56यह हमें कोई रास्ता ही दिखाई दे जाए
00:20:59फिर मुसा अलेससलाम उस पहाड पर चड़ गए
00:21:01और उस आग के पास जाते रहे
00:21:04मुसा अलेससलाम को इस बात का अंदाजा भी नहीं था
00:21:07कि अल्ला उनसे पहली बार कलाम करने वाले हैं
00:21:16मुसा अलेससलाम ने देखा कि एक जैतून के पेड़ के अंदर से नूर निकल रहा है
00:21:22जब वो पेड़ के और करीब गए तो वो नूर और ज्यादा नजर आने लगा
00:21:27जब वो पेड़ के और करीब आए तब उस पेड़ से एक आवास सुनाई दी
00:21:32ए मुसा यकीनन मैं ही तुम्हारा परवर्दिकार हूँ
00:21:36अपने जूते उतार दो क्योंकि तुम एक पाक मैदान तुआ में हो
00:21:41और मैंने तुम्हें मुन्तखब कर लिया है
00:21:44अब जो वही की जाए उसे कान लगा कर सुन
00:21:48बेशक मैं ही अल्ला हूँ
00:21:50मेरे सिवा कोई अबादत के लायक में है
00:21:53बस तुम मेरी ही अबादत करो
00:21:56और मेरी याद के लिए नमाज कायम करो
00:21:59कयामत यकीनन आने वाली है
00:22:01जिसको मैं पुशीदा रखना चाहता हूँ
00:22:05ताके हर शक्स को वो बदला दिया जाए
00:22:07जिसकी उसने कुशिश की हूँ
00:22:09बस अब उसके यकीन से तुम्हे कोई ऐसा शक्स रोख न दे
00:22:14जो उस पर इमान ना रखता हो
00:22:16और अपनी ख्वाहिश के पीछे पढ़ा हो
00:22:19वरना तुम हलाप हो जाओगे
00:22:21अल्ला ने मुसा अलैससलाम से डायरेक्ट बात करी
00:22:24इससे पहले किसी नवी से अल्ला ने डायरेक्ट कलाम नहीं किया था
00:22:28फरिश्टों, वही या सपनों के धुरू अल्ला अपना मैसेच नवीों तक पहुचाते थे
00:22:34पर मुसा अलैससलाम से अल्ला ने डायरेक्ट बात करी
00:22:37फिर अल्ला ने मुसा अलैससलाम से पूछा
00:22:40आए मुसा ये तुम्हारे हाथ में क्या है?
00:22:44अल्ला तो जानते थे लेकिन अल्ला ने अपनी कुदरत दिखाने के लिए ये पूछा
00:22:49मुसा अलिहसलाम ने जवाब दिया
00:22:51ये मेरी लाठी है इस पर मैं टेक लगाता हूं
00:23:02मुसा अलिहसलाम चाहते तो सिर्फ एक वर्ड में बता सकते थे कि ये उनकी लाठी है
00:23:07पर मुसा अलिहसलाम ने लाठी नीचे गिराई वो साब बनकर दोड़ने लगा
00:23:24मुसा अलिहसलाम डर गए और पीट फेर कर भागने लगे
00:23:27अल्ला ने उन्हें आवाज दी
00:23:40मुसा अलिहसलाम वापस पल्टे और साब को दुम से पकड़ लिया
00:23:45तो वो फिर से लाठी बन गई
00:23:47अब अल्ला ताला ने फरमाया
00:23:51मुसा अलिहसलाम ने ऐसा ही किया
00:23:53जब उन्होंने अपना हाथ अपने बगल से बाहर निकाला, तो वो सूरज की तरह चमक रहा था, उनके हाथ से
00:24:01एक सफेद नूर निकल रहा था, फिर अल्ला ने उन्हें बताया, जब तुम दूसरी बार अपना हाथ के रिबाम में
00:24:07ले जाओगे, तो ये रोशनी चली जाएगी
00:24:10फिर अल्ला ने फरमाया, बस ये दूनों मौचे तुम्हारे लिए तुम्हारे रब की तरफ से हैं, अब तुम फिरौन की
00:24:17तरफ जाओ, यकीना उसने बड़ी जरकशी मचा रखी है, फिर मुसा अल्ला ने ल्ला से ये दूआ मांगे, पाल रबिश
00:24:25रही सदरी, विस्सिली अ
00:24:35मुसा अल्ला ने लिए खोल दे, और मेरे काम को मुझ पर आसान कर दे, और मेरी जुबान की गिराह
00:24:45खोल दे, हम मेंसे अकसर लोग भी जब खौफ की हालत में होते हैं, तो स्टटर करने लग जाते हैं,
00:24:52मुझे
00:24:53मुसा अल्ला ने ये दूआ इसलिए मांगी, ताकि अल्ला उनकी जुबान की गिराह खोल दे, और लोग उनकी बात को
00:25:01समझ पाएं, क्योंकि फिरौन के सामने तो अच्छे अच्छे लोग डर जाते हैं, फिर मुसा अल्ला से दूआ मांगी, मेरे
00:25:08भाई हारून को भी इस काम म
00:25:23और मजबूती मिल सके, अल्ला ने उनकी दूआ कुबूल करी और फरमाया,
00:25:53और उन्हें नुबूत से नवाजा जा चुका था, मुसा अल्ला से अच्छे लोग अच्छे लोग इसके, और शेहर पहुचने के
00:26:00बाद अपनी मां और अपने भाई बहन से मिले, फिर हारून अल्ला को पूरा वाक्या बयान किया, फिर दोनों भाई
00:26:07फिरौन के महल की तरफ �
00:26:09लेकिन महल के गार्ड्स ने उन्हें अंदर जाने नहीं दिये, सिर्फ कौम के सरदारों को ही फिरौन से मिलने की
00:26:15अजाज़त होती थी, दस साल बाद एजिप्ट के गार्ड्स मुसा अल्यससलाम को पहचान नहीं पाए थे, मुसा अल्यससलाम ने फरमाया,
00:26:23इन्हीं रसूल, म
00:26:24मैं तो कासिद हूँ, पैगाम लेकर आया हूँ, कासिद तो दूसरे बादशाओं के होते थे, उन्हें तो अंदर जाने दिया
00:26:30जा सकता था, इसलिए गार्ड्स ने उन्हें अंदर जाने दिया, लेकिन जैसे ही फिरौन के सामने मुसा अल्यससलाम पेश हुए,
00:26:37फिरौन ने �
00:26:38पहचान लिया, बोला, तू मुसा है, मुसा अल्यससलाम ने जवाब दिया, हाँ, फिरौन ने पूछा, किसलिए आयो, तुम्हें क्या चाहिए,
00:26:47मुसा अल्यससलाम ने फरमाया, रब कारिनात ने मुझे पैगंबर बना कर भेजा है, कि तुम बनी इसराइल को आजाद करके
00:26:54
00:27:05अपने हाँ नहीं पाला था, और तू ने अपनी उमर के बहुत साल हम में गुजारे, फिर तू वो काम
00:27:12कर गया जो कर गया, और तो नाशुकरों में से हैं, फिरौन ने अपने एहसानों के तले मुसा अल्यससलाम को
00:27:19दबाने की कोशिश करे, और वो कतल भी याद दिलाया, जो
00:27:22मुसा अल्यससलाम से गलती से हो गया था, पर इस ब्लैक मेलिंग से मुसा अल्यससलाम अपनी बात से नहीं हटे,
00:27:29और जवाब दिया, मैंने ये काम उस वक्त किया था, जब मैं रास्ता भूले हुए लोगों में से था, फिर
00:27:35तुम से खौफ खाके भाग गया, फिर मुझे मेर
00:27:38मुझे रब ने हुक्म दिया और इल्म दिया, और मुझे अपने पैगंबरों में से कर दिया, मुझे पर क्या तेरा
00:27:44यही एहसान है जिसे तू जता रहा है, कि तू ने बनी इसराइल को गुलाम बना के रखा है, मुसा
00:27:50अल्यससलाम ने पूरे कॉन्फिडेंस से ये बाते कही
00:28:06अगर तुम यकीन रखने वाले हैं, फिरॉन अपने आपको खुदा मानता था और उसकी हुकूमत में किसी और की अबादत
00:28:13करना अलाउड नहीं था, जब मुसा अल्यससलाम ने सरे आम दरबार में डिकलेर कर दिया, कि इस काइनात का रब
00:28:20कोई और है, तब फिरॉन ने हसी उ
00:28:35लोगों, तुम्हारा ये रसूल तो दीवाना है, मुसा अल्यससलाम अपनी बात कॉंटिन्यू करते रहे, वो ही मश्रिक और मगरिब का
00:28:42रब है, अगर तुम अकल रखते हो, मुसा अल्यससलाम ने अब ऐसी चीजों का जिकर शुरू किया, जो फिरॉन के
00:28:49बस में नहीं थी, क
00:29:03जब फिरॉन को लगा कि ये बात अब उसके कंट्रोल से निकलती जा रही है, तब उसने घुस्से में मुसा
00:29:09अल्यससलाम को धंगी दी,
00:29:11जुन ले, अगर तुने मेरे सीवा किसी और को अपना माबूद बनाया, तो मैं तुझे कैदियों में डाल दूँगा,
00:29:18जवाब में मुसा अल्यससलाम ने फरमाया, अगर मैं तुम्हारे सामने कोई खुला मौदज़ा पेश करूं तू,
00:29:24फिरॉन ने कहा, अगर तू सच्छोने से है, तो उसे पेश करू,
00:29:30अब वक्त आ चुका था, कि मुसा अल्यससलाम उसके सामने मौदज़ा जाहिर फरमाते,
00:29:36मुसा अल्यससलाम ने उसी वक्त अपनी लाट्टी जमीन पर डाल दे,
00:29:39जो उसी वक्त एक साम बन गया, और फिरॉन के दरबार में टेजी से घूमने लगा,
00:29:44वहां खड़े लोग डर गए और अफरा तफ्री मच गई,
00:29:47फिर मुसा अल्यससलाम ने अपना हाथ अपने गिरेबान में डाला,
00:29:51और जब बाहर निकाला, तो वो अचानक नूर से चमकने लग गया,
00:29:56मुसा अल्यससलाम ने ये दो मौजज़ात पेश किये,
00:29:59उन्हें देखके फिरॉन और उसके दर्बारी हैरत जदा रह गए,
00:30:03दर्बारियों ने जब देखा कि कोई फिरॉन को ओपनली चालेंज कर रहा है,
00:30:08तो उन्होंने दादो तले उंगलियां दबा ली,
00:30:10कि ये क्या हो गया,
00:30:11लेकिन फिरॉन ने फौरण पैतरा बदला,
00:30:14वो डर गया था कि कहीं दर्बारी इमान न ले आए,
00:30:17इसलिए फौरण बोल उठा,
00:30:19ये तो जदू है, यहां बड़े बड़े जदू गर रहते हैं,
00:30:22अगर तुझे ऐसा लगता है कि हम तेरे इस जदू से दर जाएंगे,
00:30:41तो इसी मौके की तलाश में थे,
00:30:43ताकि सब के सामने दावत दे सके,
00:30:45फिर एक दिन डिसाइड हुआ जहां सब मुकाबले के लिए इखटा होंगे,
00:30:51फिरॉन ने चालिस जदूगर बुलाए,
00:30:53जो सब बड़े बड़े जदूगर थे,
00:30:56और बच्पट से ही जादू सीख रहे थे,
00:30:58शहर भर में इस मुकाबले का ऐलान किया गया,
00:31:02और पूरा शहर इस कॉप्रिटिशन को देखने के लिए जमा हो गया,
00:31:06चालिस के चालिस जदूगर एक तरफ सफ बना कर खड़े हो गए,
00:31:10और दूसरी तरफ मुसा अलैस सलाम खड़े थे,
00:31:14और उनके पीछे हारून अलैस सलाम खड़े थे,
00:31:16मुकाबला शुरू हुआ,
00:31:18और पूछा गया कि पहले बाजी कौन डालेगा,
00:31:21अल्ला ने मुसा अलैस सलाम को वही की,
00:31:24पहले जादूगरों को बाजी चल दे तो,
00:31:26उन जादूगरों के पास लाटियां और लकडियां थी,
00:31:30उन्होंने वो सब जमीन पर डाल दी,
00:31:33देखते ही देखते वो खूप सारे साप बन गई,
00:31:36और तेजी से इधर उधर दोड़ने लगी,
00:31:39असल में वो लकडियां सिर्फ हरकत कर रही थी,
00:31:42लेकिन जादूगरों ने सबकी आँखों पर जादू का परदा डाल दिया था,
00:31:46जिससे सबको लगा कि ये साप बन चुकी है,
00:31:49सारे लोगों के दर्मियान अफरा तफरी मच गई,
00:31:53मुसा अलेस्सलाम ने कुछ खौफ महसूस किया,
00:31:55कि ये कैसा जादू है,
00:31:57उसी वक्त अल्ला ने मुसा अलेस्सलाम को तसली दी और फर्माया,
00:32:01मुसा खौफ ना करो,
00:32:04यकीनन तुम ही गालिब रहोगे,
00:32:06तुम्हारे दाय हाथ में जो है उसे डाल दो,
00:32:10अब मुसा अलेस्सलाम की बारी थी,
00:32:12मुसा अलेस्सलाम ने अपनी लाठी को मैदान में डाला,
00:32:15और अल्ला ने उसे एक बहुत बड़ा और भयानक सांप बना दिया,
00:32:21और वो जादूगरों के सारे सापों को खा कर निगल गया,
00:32:25सारे जादूगर हका बका रह गए,
00:32:28वो समझ गए थे कि ये जादू नहीं,
00:32:43ये कोई आँखों का परदा नहीं था,
00:32:45सब के सब जादूगर सजदे में गिर गए,
00:32:49और कहने लगे,
00:32:50हम मुसा के रब पर इमान ले आए,
00:32:54उन्हें यकीन हो गया था,
00:32:56कि ये जादू नहीं, बलकि अल्ला का मौजजा है,
00:33:00फिरौन ये देखकर घुस्से से पागल हो गया,
00:33:03वो जादूगरों से बोला,
00:33:05एरी इजाज़त से पहले ही,
00:33:07तुम हुसा के खुदा पर इमान ले आए,
00:33:10कहीं ये तुम्हारा उस्ताद तो नहीं,
00:33:13जिसमें तुम्हें जादू सिखाया है,
00:33:15और ये सारी कॉंपिटिशन तुम्हारा पहले से ही प्लान था,
00:33:20आकि तुम लोग इस शेहर से पानी इसरेयल को बाहर निकाल दो,
00:33:25ये तुम सब की साज़िश है,
00:33:29फिर फिरौन ने उन सारे जादूगरों को धम की दी,
00:33:55फिरौन ने उन जादूगरों को फोरण सजा सुनाई और अरेस्ट करवा दिया,
00:34:00जादूगर ये कहते हुए गए,
00:34:02हम अपने परवर्दिगार पर एमान ला चुके हैं,
00:34:06और हमें उमीद है कि वो हमारे पिछले गुनाह माफ कर देए,
00:34:11और ल्लाही सदा बाकी रहने वाला है,
00:34:14इस वाके के बाद आस्या रजी अल्लाह पूरी तरह अल्लाह पर एमान ले आई,
00:34:19उनके इलावा सिर्फ एक दो लोग ही इमान लाए,
00:34:23बाकी पूरी कौम गुमरा ही रही,
00:34:26फिरॉन ने अपने खास लोगों से मश्वरा किया,
00:34:29कि अब क्या किया जाए,
00:34:30उन्हों ने मश्वरा दिया,
00:34:32पानी इसरेयल पर अजाब बढ़ा दिया जाए,
00:34:35और मुसा को गतल कर दिया जाए,
00:34:38मुसा अल्हिस्सलाम ने फिरॉन से प्रोटेक्शन के लिए अल्लाह से दौा मांगी,
00:34:43मैं अपने रब की पनाह में आता हूँ,
00:34:45हर उस तकब्र करने वाले शख्स से जो रूजी कयामत पर यकीन नहीं रखता,
00:34:51अल्लाह ने मुसा अल्हिस्सलाम को उन तमाम चीज़ों से महफूज रखा,
00:34:56जो वो लोग उनके अगेंस्ट प्लान कर रहे थे,
00:34:59बनी इसराइल पर अजाब और जुर्म का सिल्सला फिर से शुरू हो गया,
00:35:05मुसा अल्हिस्सलाम ने अपनी कौम को सबर करने की सला दी,
00:35:09पर जब फिरॉन ने जुर्म की इंतिहा कर दी,
00:35:12तब अल्लाह ने मिसर वालों पर कहद मुसलत कर दिया,
00:35:16आस्मान से बारिश बरसना बंद हो गई,
00:35:18दरियाए नील खुश्क हो गया,
00:35:20लोग भूके रहने लगे,
00:35:22फिरॉन समझ गया कि ये मुसा अल्हिस्सलाम की वज़ा से है,
00:35:26फिरॉन ने मुसा अल्हिस्सलाम को बुलाया और बुला,
00:35:30मुसा अगर तो अपने रब से कहकर ये कहद बंद करवा दे,
00:35:34तो हम भी बनी इसराइल पर तसद्द करना बंद कर देंगे,
00:35:38मुसा अल्हिस्सलाम मान गए,
00:35:40और अल्हिस्सलाम से बारिश की दुआ की,
00:35:42और अल्ला ने मिसर पर फिर से बारिश बरसाना शुरू कर दी और कहद कतम हो गया
00:35:48लेकिन फिरोन फिर भी बाज नहीं आया
00:35:51उसने बनी इस्राइल पर फिर से जुर्म करना शुरू कर दिया
00:35:55इसके जवाब में अल्ला ने दूसरा अजाब भेजा
00:35:58फलों की पैदावार कम हो गई
00:36:00जिन पेड़ों पर भर भर के फल उकते थे
00:36:03अब उन पर सिर्फ एक दो फल ही उगने लगे
00:36:06खजूरों के पेड़ पर बस एक आद खजूर उकती
00:36:09अंगूरों की बेलों पर भी बस एक आद अंगूर नजर आता
00:36:13एक बार फिर फिरों ने मुसा अलाह से कहा
00:36:17अपने परवर्दिगार से दुआ करके
00:36:19वो हम से इस आजमाईश को � हटा दे
00:36:21तो मैं पानी इस्राईल को जाने दूँगा
00:36:25मुसा अलाह से दूआ करी
00:36:27तो फिर से मिसर में खैर व बरकत का दौर शुरू हो गया
00:36:31पेडों पर फिर से फल लगना शुरू हो गए
00:36:33लेकिन फिरॉन ने बनी इसराइल को फिर भी नहीं छोड़ा
00:36:37उल्टा उन्हें मन्हूस करार दिया
00:36:39मिसर पर सारी मुसेवतें पानी इसराइल की वज़ा से आती है
00:36:44इसके बाद अल्ला ने उन पर तूफान भेजा
00:36:48दर्या नीन में ऐसा तूफान आया कि पानी मिसर में दाखिल हो गया
00:36:52बनी इसराइल के घरों के सिवा सब कुछ भर्ग होने लगा
00:36:56सेलाब सिर्फ मिस्रियों के घरों को बर्बाद करता था
00:36:59और बनी इसराइल के घर आकर रुख जाता था
00:37:02वो अपनी आँखों से अपनी हलाकत को देख रहे थे
00:37:05आखिर मुसा अलेहसलाम से फर्यादे करने लगे
00:37:08आए मुसा इस मुसेबत को भी रुकवा दो
00:37:12अपने राब से दुआ करो कि ये अजाब रुक जाए
00:37:15मुसा अलिहसलाम ने दुआ करी और ये अजाब भी रुक गया
00:37:19लेकिन मिसर वालों ने बनी इसराइल पर जल्म करना बंद नहीं किया
00:37:23इसके बाद टिड्डियों का अजाब शुरू हुआ
00:37:26मिसरियों के खेतों में टिड्डियों की फौज आती थी
00:37:29और उनकी पूरी फसल को चट कर जाती थी
00:37:32लेकिन ये टिड्डियां बनी इसराइल के खेतों को कोई नुकसान नहीं पहुचाती थी
00:37:37फिर से मुसा अलिहसलाम से दुआ करवाई गई
00:37:40और फिर से उन्हें इस अजाब से निजात में
00:37:43बाज ना आने पर उन पर जूओं का अजाब शुरू हुआ
00:37:46जूओं मिस्रियों के सर से निकलती थी
00:37:49उनके पूरे जिस्में जूओं भर जाती थी
00:37:52जैसे ही कोई मिस्री के आसपास आता
00:37:55तो दूसरों पर भी जूओं गिरने लगती थी
00:37:58कोई सोने के इरादे से अपने बेट पर लेटता
00:38:00तो उसके बेट पर जूओं ही जूओं गिर जाती थी
00:38:03ये आजमाईश मिस्रियों पर बहुत बारी पड़ी
00:38:06लेकिन बनी इसराईल इस अजाब से महफूस थे
00:38:10इसके बाद मेंडक का अजाब शुरू हुआ
00:38:12मिस्रियों को मेंडक ही मेंडक नजर आने लगे
00:38:15लेकिन बनी इसराईल के घरों में मेंडक नहीं आते थे
00:38:19जब भी कोई मिस्री अपना बरतन खोलता तो उसमें मेंडक नजर आता
00:38:23कोई अपने बिस्तर पर आता तो उस पर मेंडक होता
00:38:26खाना खाने के लिए बैठता और लुकमा मूँ में रखता तो वो मेंड़क बन जाता
00:38:31फिरॉन के महल में भी मेंड़क ही मेंड़क हो गए थे
00:38:35ये एक बहुत घिनोना अजाब था जिससे मिस्टियों को तभी निजात मिली जब मुसा अलेसकलाम ने अल्ला से दुआ करी
00:38:42फिरॉन जुल्म की इंतहा पर पहुँच चुका था
00:38:45इसके बाद एक बहुत खौफनाक अजाब शुरू हुआ
00:38:49दरिया नील का पानी खून में तबदील हो गया
00:38:53मिस्रियों का सारा पानी खून बन गया
00:38:56एक ही कुएं से अगर मिस्री पानी निकालते तो उनका पानी खून बन जाता
00:39:01लेकिन अगर बनी इसराइल पानी निकालते तो वो पानी ही रहता था
00:39:05मिस्री पानी लेने के लिए बनी इसराइल की मदद लेने लगे
00:39:08लेकिन जैसी ही बनी इसराइल कुएं से पानी निकाल के मिस्रियों को देते उनके हाथ में आते ही पानी खून
00:39:15बन जाता था
00:39:16लेकिन अगर उसी पानी को बनी इसराइल पीते तो वो पानी बन जाता था
00:39:21नौबत यहां तक आ गई कि मिस्रियों ने बनी इसराइल से कहा
00:39:25तुम अपने मूँ से हमारे मूँ में कुली कर दो
00:39:28ताकि हमारी प्यास तो बुच जाए
00:39:30लेकिन ऐसा करने पर भी
00:39:32मिस्रियों के मूँ में जाते ही
00:39:34वो पानी खून बन जाता था
00:39:35इस अजाब के सामने फिरॉन भी
00:39:38बेबस हो गया था
00:39:39मामला जब यहां तक पहुँचा
00:39:40तो वो सब मूसा अलैस सलाम के पास आए
00:39:43और कहने लगे
00:39:44आए मूसा हमारे लिए अपने राब से दुआ कर दीजिए
00:39:47और अगर आप इस अजाब को हम पर से हत्वा देंगे
00:39:50तो हम जरूर आप पर एमान ले आएंगे
00:39:52और हम बनी इसरायल को अजाद कर देंगे
00:39:56फिर जब मूसा अलैस सलाम ने दुआ करी
00:39:59और अल्ला ने वो अजाब हटा दिया
00:40:01तो वो सब अपनी बात से मुकर गए
00:40:04इन लोगों ने ये सारे मौजजात अपनी आखों से देखी
00:40:08लेकिन वो फिर भी इमान ना लाए
00:40:10और अपने गुरूर और तकबर में पड़े रहे
00:40:13और लगातार हग को छुटलाते रहे
00:40:16जब इतने अजाब और मौजजात देखने के बाद
00:40:19भी वो लोग इमान नहीं लाए
00:40:21तो मुसा अलैस सलाम को अल्ला का हुकम हुआ
00:40:24रातों रात मेरे बंदों को ले जाओ
00:40:27चुनाचे रात को सब बनी इसराइल निकले
00:40:30वो अपने दर्वाजों पर एक खास निशान छोड़ कर चलने लगे
00:40:34रात की तारीकी में निकलने का हुकम इसलिए दिया गया
00:40:37ताके फिरॉन उनके बारे में कोई फैसला ना कर सके
00:40:41उन्होंने सुबा होने का इंतजार नहीं किया
00:40:44बनी इसराइल की तादा तकरीबन 6 लाग थी
00:40:47वो सारे लोग अपना सारा सामान, माल और जानवर लेकर फिलिस्तीन की तरफ चल दिये
00:40:53फिरॉन को जब सुबा ये सब कुछ पता लगा तो वो घुसे से पागल हो गया
00:40:58सोच में पढ़ गया कि अब हमारी गुलामी कौन करेगा
00:41:02फिरॉन अपनी फौच के साथ बनी इसराइल को पकड़ने के लिए चल दिया
00:41:07लाखों से पाहियों का लशकर अपने खोडों और गाडियों पर सवार होकर तेजी से बनी इसराइल का पीछा करने लगा
00:41:15बनी इसराइल समंदर के केनारे पहुँचकर रुख गए
00:41:18उन्होंने दूर से एक रेट का तूफान देखा और समझ गए कि फिरॉन की फौच तेजी से उनकी तरफ आ
00:41:26रही है
00:41:26आगे समंदर था और पीछे फिरॉन की फौच बनी इसराइल घबरा गए कि अब क्या होगा
00:41:45बनी मेरा रब मेरे साथ है वो रास्ता देगा
00:41:49मुसीय लए समय को भी सामने कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था लेकिन उन्हें अपने रब पर यकीन था
00:41:55रास्ता नजर ना आये तब लल्ला पर यकीन एमान है
00:41:59यह है इमान विलगभês
00:42:01असबाब का महताज नहीं है असबाब अल्ला के महताज है ये मुसा अलेहसलाम का अल्ला पर यकीन था और अल्ला
00:42:10कभी अपने बंदों को मायूस नहीं करता
00:42:12अल्ला ने मुसा अलेहसलाम को हुकुम दिया कि अपनी लाठी समुदर पर मारो बस उसी वक्त समुदर फट गया और
00:42:24पानी दोनों तरफ पहाड की तरह खड़ा हो �गया और समुदर के बीच में से रास्ता बन गया
00:42:31बनी इस्राइल का मुख खुला का खुला रह गया
00:42:34ये एक ऐसा मौज़ा था जिसका तसवर कोई इनसान कर ही नहीं सकता
00:42:40फिर बनी इस्राइल के सारे लोग मुसा लिएससलाम के पीछे पीछे चल दिये
00:42:46हर इनसान अपने सामान, बच्चे और जानवरों के साथ
00:42:51सलामती से समुंदर के बीचो बीच से हैरत जदा होकर गुजर रहा था
00:42:56किसी को भी अपनी आँखों पर यकीन नहीं आ रहा था
00:43:00एक एक इनसान सलामती से गुजर गया
00:43:04जब फिरॉन वहां पहुँचा उसको अपनी आँखों पर यकीन नहीं हुआ
00:43:09इस मौज़े ने फिरॉन और उसके लशकर को हिला कर रख दिया
00:43:13जाहिर सी बात है कि समुंदर का इस तरह फट जाना किसी मामूली इनसान के बस की बात नहीं
00:43:21ये मौज़ा सिर्फ रब की तरफ से ही हो सकता है
00:43:25फिरॉन ने सोचा कि जब मुसा और उसके लोग सही सलामत गुजर गए हैं
00:43:30तो हम भी यहां से गुजर सकते हैं
00:43:32उसने अपनी फौज को ओडर दिया कि समुंदर के इस रास्ते पर उतरो
00:43:36और वो खुद भी अपने घुड़े के साथ समुंदर में उतर गया
00:43:40इधर मुसा और आखरी आदमी समुंदर से निकल रहा था
00:43:45उधर फिरॉन का आखरी आदमी समुंदर में दाखिल हो रहा था
00:43:49फिर अल्ला ने समुंदर को बंद हो जाने का हुक्म लिए और पानी के दो पहाड एक सहलाब की तरह
00:43:58फिर से गिर गए और रास्ता डूब गया
00:44:01फिरॉन और उसके सारे लोग समंदर में डूब गए
00:44:05जब फिरॉन डूब रहा था और उसने मौत का फरिश्टा देख लिया
00:44:11तो खौवजदा होकर बोला
00:44:13मैं अल्लाह पर इमान लाता हूँ
00:44:15जिस पर बने श्रहेल इमान लाए है
00:44:17उसके सीवा कोई माबूद नहीं
00:44:20लेकिन एक इनसान को सिर्फ तब तक मौलत मिलती है
00:44:24जब तक वो जिन्दा है
00:44:26मौत का फरिश्टा दिखने के बाद तौबा कुबूल नहीं होती
00:44:30जब फिरौन ने कहा कि मैं अब इमान लाता हूँ
00:44:34तब अल्ला ने जवाब फरमाया
00:44:37तू अब इमान लाता है और इससे पहले सरकशी करता रहा
00:44:42और मुफिदों में दाखिल रहा
00:44:44सो आज हम तेरी लाश को नजात देंगे
00:44:48ताके तू उन लोगों के लिए बाइस दे अबरत हो जो तेरे बाद आएंगे
00:44:53यूमन बॉडी समुंदर या जमीन में आसानी से गल जाती है
00:44:59लेकिन अल्ला ने फिरौन की बॉडी को प्रिजर्व करके रखा
00:45:03हजारों साल बाद फिरौन की बॉडी पाई गई
00:45:06और आज तक उसकी बॉडी नाशनल म्यूजियम ओफ एजिप्शन सिविलाइजेशन काईरो एजिप्ट में मौझूद है
00:45:14अल्ला ने खुले आम एलान करा उसे कुरान में भी फरमाया
00:45:19और आज तक फिरौन की बॉडी निशानी के तौर पर मौझूद है
00:45:24एजिप्ट के म्यूजियम में डिस्पले पर रखी है
00:45:27वो फिरौन जो अपने आपको रब कहता था आज तक जलील हो रहा है
00:45:33उसे ना जमीन ने डीकम्पोस किया ना ही समुंदर ने गलाया
00:45:38फिरौन से बड़ा जालिम बादशा आज तक इस दुनिया में नहीं आया
00:45:42जब अल्ला ने उसका ये हाल कर दिया
00:45:45तो सोचिए कि बाकी जालिम बादशाओं का क्या हाल होगा
00:45:49एक और थेंटिक हदीस में आता है
00:45:52कि जिबरियल अल्हिस्तलाम ने मुहम्मद से अर्ज किया
00:45:56ए मुहम्मद से अर्ज काश आप देख सकते
00:46:00जिस वक्त फिरॉन समंदर में डूपते हुए इमान का इजहार कर रहा था
00:46:06उस वक्त मैं उसके मुह में मिट्टी भर रहा था
00:46:09कि कहीं वो ला इलाह इल्ला ना कह दे
00:46:13और अल्ला उस पर रह्म ना फर्मा दे
00:46:15जरा सोचिए कि अल्ला कितना रह्म करने वाला रभ है
00:46:19कि जिब्रील अल्यस्सलाम को ये डर था
00:46:22कि इतने जुर्म करने वाले फिरॉन को भी अल्ला माफ कर दे
00:46:27दूसरी तरफ मुसा अल्यस्सलाम की कौम ने
00:46:30फिरॉन के सारे लशकर को दूपते हुए देखा
00:46:33और समंदर को फिर से बंद होते हुए देखा
00:46:37और सुकून की सांस ले
00:46:38फिर वो फिलिस्तीन की तरफ चले
00:46:41रास्ते में उन्होंने एक बस्ती को देखा
00:46:43जिसके लोग बतों की पूजा में मश्गूल थे
00:46:46फिर वो मुसा अलिए से कहने लगे
00:46:49आए मुसा, हमारे लिए भी ऐसा माबूद मुकर्रर कर दीजिए
00:46:53जैसे इनका ये माबूद है
00:46:56सोचिए इतना बड़ा मौज़ा देखने के फौरण बाद भी उन्होंने ऐसी बात करी
00:47:02मुसा अलिए से लिए तलाश करूँ
00:47:17हालाकि उसने तुमें तमाम जहाँवालों पर फोकियत दी है
00:47:21अल्ला ने मुसा अलिए से तूर के पहाड पर बुलाया
00:47:26और वहाँ तीस रातें गुजारने का हुकम दिया
00:47:29ताके अल्ला उन पर तौरेत नाजिल कर सके
00:47:32मुसा अलिए से अपनी कौम को छोड़ कर तूर के पहाड पर चले गए
00:47:36और हारून अलेससलाम को उनका हाकिम बना दिया
00:47:39मुसा अलेससलाम ने तीस रातों की बजाए चालिस रातें तूर के पहार पर उसी जैतून के पेड़ के पास गुजारी
00:47:47जहां पर अल्ला उनसे डायरेक्ट कलाम करते रहे
00:47:51मुसा अलेस्सलाम ने अल्ला से रिक्वेस्ट की
00:47:53ए अल्ला मुझे आपको देखना है तो मुझे अपना दीदार करवा दीजिए
00:47:58अल्ला ने फरमाया
00:47:59तुम मुझे हरगिस नहीं देख सकते
00:48:02क्योंकि दुनियावी आँख में इतनी ताकत और हिम्मत नहीं है
00:48:06कि वो मुझे देख सके
00:48:07अल्ला ताला का नूर इतना ज्यादा है
00:48:10कि इनसान की आँखें और जात उसको परदाश नहीं कर सकती
00:48:14अल्ला ने फरमाया
00:48:16तुम मुझे हरगिस नहीं देख सकते
00:48:18लेकिन तुम उस पहाड की दरफ देखो
00:48:21अगर वो अपनी जगा पर बरकरार रहा
00:48:24तो तुम भी मुझे देख सकोगे
00:48:26फिर जब अल्ला ने उस पहाड पर अपनी खल की सी छलक दिखाई
00:48:30तो वो पहाड रेजा रेजा हो गया
00:48:33और मुसा अलैसलाम पे होश होकर गिर पड़े
00:48:37फिर जब होश में आए तो अर्ज किया
00:48:39मुसा अल्ला बेशक आपकी जात पाक है
00:48:42मैं आपके हुजूर तौबा करता हूँ
00:48:45और मैं सबसे पहले एमान लाने वाला
00:48:47मुसा अल्ला से अपने इस सवाल पर शर्मिन्दगी जाहिर करके माफी मांगी
00:48:53अल्ला ने फरमाया
00:48:54ए मुसा मैंने तुम्हें पैगंबर बनाया है
00:48:57और अपनी हमकलामी से तुम्हें बाकी लोगों से खास बनाया है
00:49:01तो जो कुछ मैंने तुम्हें अता किया है उसका शुकर अदा करो
00:49:07इसके बाद अल्ला ने मुसा अलिएसलाम को पत्थर की तख्तियों में तोरैत लिखकर अता करी
00:49:13इसमें अल्ला की तरफ से दस हुकुम थे जिनको मानकर बनी इसराइल को जिन्दगी गुजारनी थी
00:49:19इनको दे टेन कमांडमेंट्स भी कहा जाता है
00:49:22दूसरी तरफ मुसा अलिएसलाम की कौम इन चालिस दिनों में गुमरा हो गए
00:49:26उन्होंने सामरी जादुगर की बातों में आकर अपने सारे सोने चांदी को गला कर एक गाए के जैसा मुझसमा बनाया
00:49:35वो अंदर से खोकला था लेकिन जब उसमें से हवा गुजरती तो उसमें से एक आवाज पैदा हो जाती थी
00:49:43तो ऐसा मालूम होता था कि इस मुझसमे से आवाज आ रही है
00:49:46मुसा अलिएसलाम की कौम इस गाए के मुझसमे की पूजा करने लगे
00:49:51हारून अलिएसलाम ने उन्हें बहुत समझाया लेकिन वो लोग ना माने
00:49:56जब मुसा अलिएसलाम पहाड से नीचे उतर कर आए
00:49:59तो अपनी कौम को बुद की पूजा करते हुए देखकर गुस्से से घजबनाक हो गए
00:50:05उन्होंने पत्थर की तख्तियां फेक दी और गुस्से से हारून अलिएसलाम के बाल पकड़ लिए
00:50:10और कहने लगे
00:50:15मुसा अलिएसलाम को सिर्फ 10 दिन एक्स्ट्रा लग गए थे
00:50:1830 की बजाए वो 40 रातों के बाद वापस आये थे
00:50:21इतने सही टाइम में उनकी कौम ने ये हरकत करी
00:50:25हारून अलिएसलाम ने अपनी सफाई बयान करी
00:50:33मुसा अलिएसलाम ने अपनी कौम को गुस्से से कहा
00:50:36क्या तुम सिर्फ 10 दिन की ताख़्ीर बरदाश नहीं कर सके
00:50:40क्या तुम अल्ला के गजब का शिकार होना चाते हो
00:50:43अल्ला ने फरमाया
00:50:44क्या ये गुम्रा लोग ये भी नहीं देखते
00:50:47कि जिसको इन्होंने माबूद बना रखा है
00:50:50वो उनकी बातों का जवाब भी नहीं दे सकता
00:50:52और ना उनके किसी बुरे भले का इख्तियार रख सकता है
00:50:56सोचिए अल्ला की इतनी बड़ी बड़ी निशानिया देखने के बाद भी
00:51:01उन्होंने कुफर किया
00:51:02मुसा अलैससलाम ने गुस्से में उस गाए के बच्छडे को जला दिया
00:51:07और उसकी राख सब के सामने समुन्दर में फेक दी
00:51:11और फरमाया तुम सबका रब सिर्फ अल्ला ही है
00:51:14उसके सिवा कोई अबादत के लायक में
00:51:17फिर बनी इसराइल मुसा अलैससलाम के पास आए
00:51:20और अल्ला से माफी मांगी
00:51:22अल्ला ने उन्हें माफ कर दिया
00:51:23फिर मुसा अलैससलाम ने अपनी कौम को तख्तियां दिखाई
00:51:27और अल्ला के दस एहकाम बताए
00:51:29लेकिन उन लोगों ने तौरेत के एहकाम मानने से मना कर दिया
00:51:33और बोले
00:51:34जब तक हम अल्ला को नहीं देख लें
00:51:36तब तक हम एमान नहीं लाएंगे
00:51:38फिर अल्ला ने एक जलजला भेजा
00:51:41तूर का पहाड हिलने लगा
00:51:43तो सब के सब सजदे में गिर गए
00:51:46फिर वो मुसा अलैससलाम के साथ
00:51:48अल्कुद्स की तरफ गए
00:51:49जो के फिलिस्तीन के पास है
00:51:51यहां के लोग बहुत ताकतवर थे
00:51:54मुसा अलैससलाम ने हुकम दिया
00:51:56कि इन लोगों के साथ
00:51:57जंग करने के लिए तैयार हो जाओ
00:51:59ताके इस जगा को फता किया जा सके
00:52:02यह जगा अल्ला ने तुम्हारे लिए
00:52:04मुकरर कर दी है
00:52:05और तुम बड़ी आसानी से
00:52:07इन लोगों पर गालिबा जाओगे
00:52:09लेकिन कोई आदमी जंग के लिए तैयार ना हुआ
00:52:13और सब बोले
00:52:18मुसा अपनी कौम से बहुत डिसपॉइंट हुए
00:52:22और दौा फरमाई
00:52:32पिर अल्ला ने मुसा अलैससलाम की कौम को सजा दी
00:52:36और वो जमीन उन पर चालिस साल तक हराम कर दी गई
00:52:40फिर मुसा अलैससलाम को हुकम हुआ
00:52:42इन्हें यहां से वापस ले जाओ
00:52:45और करीब की किसी बस्ती में दाखिल कर दू
00:52:48बनी इसराइल वहां से चल पड़े
00:52:50लेकिन वो बस्ती ना आई
00:52:52वो सफर करते रहे करते रहे
00:52:54लेकिन फिर भी खुद को वहीं पाते
00:52:57चालिस साल वो लोग इसी तरहा रेगिस्तान में भटकते रहे
00:53:02लेकिन वो इस मैदान से निकल नहीं पाए
00:53:06ये इसलिए क्योंकि अल्ला ने उन्हें सेटल करने के लिए
00:53:10एक जगा मुकरर कर दी थी
00:53:12लेकिन उन्होंने अपनी तरफ से कोई एफर्ट्स नहीं किये
00:53:15अल्ला ऐसा रह्मान है कि अजाब के इन चालिस सालों में भी उन पर रहम करता रहा
00:53:21उनके पास जन्नत का खाना मनो सल्वा उतरता था
00:53:25सल्वा एक किसम के परिंदे होते जिनके जुण के जुण उनके पास आते जाते थे
00:53:31जिनको वो लोग खाते थे और उनको फूटीन मिलता था
00:53:35और मन एक किसम की मीठी चीज थी जो आटे जैसी बारीक थी
00:53:40और रात के वग पत्तों पर ओस जैसी जम जाती थी
00:53:44ये उसे पीने या खाने की चीज में मिक्स करके उसे यूज करते थे
00:53:50जिससे उन्हें कार्बो हाइडरेट्स और एनरजी मिलती थी
00:53:53मुसा अलैससलाम के पत्थर पर लाठी माणने से बारा पानी के चश्मे निकले
00:53:58बारा कबीलों के लिए बारा पानी के चश्मे जारी हुए
00:54:02वो लोग जहां भी जाते इस पत्थर को अपने साथ ले जाते
00:54:06और जिस भी जगाए इस पत्थर को रखते वहां से बारा पानी के चश्मे फोरण जारी हो जाते थे
00:54:12उस रेगिस्तान में बहुत धूप होती थी
00:54:15तो अल्ला ने उनके साई का इंतजाम भी कर दिया था
00:54:18उनके उपर हर वक्त बादल उनके साथ साथ चलते थे
00:54:23ताके उन तक धूप ना पहुँच पाए
00:54:26इतनी सारी नेमतों के बावजूद भी
00:54:28बनी इसराइल खुश ना हुए
00:54:30उन्होंने मुसा अलेश इसलाम से शिकायत करी
00:54:42मुसा अलेश स्वाया ने उन्हें समझाया
00:54:46ये जन्नत का खाना तुम्हे बगएर किसी महनत और मुशक्कत के मिलता है
00:54:51तुम लोग क्यों अपने लिए मुशकिल मांगते हो
00:54:54जन्नत के खाने की बजाए दुन्या का खाना मांगते हो
00:54:57पर मुसा अलैससलाम की कौम बहुत नाशुक्री थी
00:55:01फिर उनसे कहा गया
00:55:02फीक है किसी शहर में चले जाओ और ये खाने उगा कर खाओ
00:55:07एक दिन लोगों ने देखा कि किसी बुजर्ग का कतल हो चुका है
00:55:11कातल का पता नहीं लग पा रहा था
00:55:13सब मुसा अलैससलाम के पास आए
00:55:15और मुसा अलैससलाम से दुआ करवाई
00:55:18तब अल्ला ने वही नाजल की
00:55:20एक गाये जिबा करो
00:55:21वो लोग कहने लगे
00:55:23क्या आप हमसे मजाग कर रहे हैं
00:55:24मुसा अलैससलाम ने उन्हें समझाया
00:55:27इसमें अल्ला की कोई ना कोई हिकमत जरूर होगी
00:55:30आप अल्ला से पूछिए के वो गाये कैसी होनी चाहिए
00:55:34मुसा अलिहसलाम ने फरमाया
00:55:36वो गाये ना तो बूडी हो ना बच्ची हो
00:55:40बलकि नौजवान गाये हो
00:55:42अब जाके उसे जिवा करो
00:55:43फिर उन लोगों ने पूछा
00:55:45उसका रंग क्या होना चाहिए
00:55:47मुसा अलिहसलाम ने बताया
00:55:49वो जर्द रंग की होनी चाहिए
00:55:51उन लोगों ने फिर पूछा
00:55:53अल्ला से उसकी और तफसिलात पूछिए
00:55:55मुसा अलिहसलाम ने फरमाया
00:55:58वो गाये काम करने वाली
00:56:00हल जोतने वाली और खेतों में पानी पिलाने वाली ना हो
00:56:04एकदम तंद्रुस्त और बेदाग हो
00:56:07तब जाकर उन लोगों ने उस गाए को ढूनना शुरू किया
00:56:10इतनी स्पेसिफिक डीटेल्स की गाए मिलना नेक्स्ट टू इंपॉसिबल था
00:56:15हर जगा ढूनने के बाद एक यतीम लड़के के पास ऐसी गाए मिली
00:56:20उस लड़के का बाप बहुत नेक और गरीब था
00:56:23वो अपने बेटे के लिए इस गाए के लावा और कुछ भी नहीं छोड़ कर गया था
00:56:28अल्ला की कुदरत देखिए कि अल्ला किस तरह रिज़क पहुचाता है
00:56:32बनी इसराइल इस गाए के लिए मू मागी कीमत देने को तैयार हो गए
00:56:37उस लड़के ने इस गाए की खाल जितना सोना मांगा
00:56:40और बनी इसराइल को ये कीमत अदा करनी पड़ी क्योंकि ये गाए बहुत रहर थी
00:56:47अल्ला ने बनी इसराइल को सिंपल हुकम दिया था
00:56:50एक गाए जिबा करो
00:56:51अगर वो बस उस वक्त इस हुकम पर अमल कर लेते तो मुश्किल नहीं होती
00:56:56लेकिन उन्होंने बार बार अननेसेसरी डीटेल्स पूछना शुरू कर दी
00:57:01हर सवाल के साथ अल्ला कंडिशन्स ट्रिक करता गया
00:57:04जो काम आसान था वो उनके लिए बहुत मुश्किल बन गया
00:57:08जब बनी इसराइल ने इस गाए को जिबा कर लिया
00:57:11फिर अल्ला ने हुकम दिया
00:57:13मरे हुए इनसान पर इस गाए के गूस का एक टुकड़ा मारो
00:57:17जब उस मरे हुए आदमी पर उस गाए का टुकड़ा मारा गया
00:57:21तो वो जिन्दा होकर खड़ा हो गया
00:57:23उसने खुद बताया कि उसका कातल कौन है
00:57:26और ये बताने के बाद वो फिर से मर गया
00:57:29ये अल्ला की तरफ से एक और मौज़ा था
00:57:32कि अल्ला जिसे चाहे उसे जिन्दा कर सकता है
00:57:35ये अल्ला की तरफ से एक और मौज़ा था
00:57:37अल्ला जिसे चाहे मौद दे और जिसे चाहे जिन्दा करे
00:57:41लेकिन ये मौज़ा देखने के बाद भी बनी इसराइल का दिल नरम नहीं हुआ
00:57:47उनके दिल में कुफर बहुत पुखता हो चुका था
00:57:50एक दिन मुसा अलिह सलाम से एक शक्स ने पूछा
00:57:53इस दुनिया में सबसे इल्म वाला इनसान को है?
00:57:57मुसा अलिह सलाम ने जवाब दिया मैं हूँ
00:58:00अल्ला को ये बात पसंद नहीं आई
00:58:03अल्ला ने मुसा अलिह सलाम से फरमाया
00:58:05मुसा अलिह सलाम ने पूछा
00:58:12वो शक्स कौन है और कहा रहता है?
00:58:15अल्ला ने मुसा अलिह सलाम को जगा बताई और फरमाया
00:58:19समंदर में सफर करो और अपनी टोक्री में एक मचली रख लो
00:58:23जहां वो मचली खो जाए, तुमें वो शख्स वही मिलेगा
00:58:27इस वाक्य का जिकर सूर्य कहफ में आता है
00:58:30मूसा अलिवसलाम यूशा अलिवसलाम को अपने साथ लेकर
00:58:34अपनी कश्टी समुन्दर में लेकर इस सफर पर जारी हो गए
00:58:38उन्होंने अपनी बास्किट में एक मचली रख ली
00:58:41रास्ते में मुसा अलिह सलाम को नीद आई तो वो सो गए
00:58:44उसी वक्त वो मचली फड़की और समुन्दर में च्छलांग लगाकर रास्ता बनाती हुई निकल गई
00:58:50यूशा अलिह सलाम ने ये सब होते हुए देखा लेकिन वो मुसा अलिह सलाम को बताना भूल गए
00:58:56अगले दिन यूशा अल introductions ने मूसा अलिस स्लाम को ये बात बताई और वो दोनों वापस उस जगा आए
00:59:03जहां पर उस मच्छी ने अपना रास्ता बना लिया था
00:59:06इस जगा के पास ही मूसा अलuries सलाम की मुलाकात खजर आल्यस सलाम से हुई
00:59:11मुसा अलिए से खिजर ने को सलाम किया और फरमाया
00:59:15आप मुझे गैब का वो इन्ट इकाते जो ला ने आपको अता किया है
00:59:20खिजर आलिए से physical ने फिरमाया
00:59:34इन्शालला आप मुझे सबर करने वाला पाएंगे
00:59:37और मैं किसी बात में आपको नहीं टुकूंगा
00:59:40खिजर अलिए सलाम ने फरमाया
00:59:42अच्छा अगर आप मेरे साथ चलने का इतना ही इसरार कर रहे हैं तो चलिए
00:59:47लेकिन ध्यान रहे कि आप मुझे से किसी बात के बारे में सवाल नहीं करेंगे
00:59:53जब तक मैं खुद उस बात की हिकमत आपको ना बता दू
00:59:57मुसा अलिए सलाम मान गए और उनका खिजर अलिए सलाम के साथ सफर शुरू हुआ
01:00:02यूशा अलिए सलाम को वापस भेज दिया गया
01:00:05रास्ते में वो दोनों कुछ गरीब लोगों की कश्टी में सवार हुए
01:00:10वो लोग महनत करके लोगों को दरिया पार कराने का काम करते थे
01:00:14और इसी काम से उनका घर चलता था
01:00:17लेकिन खिजर अलिए सलाम ने उनकी कश्टी में छेद कर दिया
01:00:21कश्टी डूबने लगी
01:00:22वो लोग पानी कश्टी से बाहर निकाल कर फेटने लगे
01:00:26और जैसे तैसे कश्टी बच पाई
01:00:28मुसा अलिए सलाम को ये बात बिलकुल पसंद नहीं आई
01:00:32और उन्होंने खिजर अलिए सलाम से पूछा
01:00:34इन नेक लोगों के साथ ऐसा क्यूं किया
01:00:38ये कश्टी उनका एक लौता रोजगार थी
01:00:41उसमें छेद क्यूं किया
01:00:42खिजर अलिए सलाम ने फरमाया
01:00:45मैंने पहले ही बता दिया था
01:00:47कि आप मेरे साथ सबर नहीं कर पाएंगे
01:00:50मुसा अलिए सलाम ने माफी मांगी
01:00:52और वो दोनों आगे बढ़े
01:00:53दोनों एक जवान लड़के से मिले
01:00:56खिजर अलिए सलाम ने उस लड़के को मार डाला
01:00:59मुसा अलिए सलाम शौक्ड रह गए
01:01:01उन्होंने खिजर अलैस से बोला
01:01:04ये आपने जल्म किया है
01:01:06खिजर अलैस सलाम फिर बोले
01:01:08मैंने आपसे कहा नहीं था
01:01:10कि आप मेरे साथ हर्गिस सबर नहीं कर सकेंगे
01:01:13मुसा अलैस सलाम ने जवाब दिया
01:01:16अब अगर मैं आपसे कोई सवाल करूं
01:01:18तो आप मुझे अपने साथ मत रखिएगा
01:01:20एक बार फिर सफर शुरू हुआ
01:01:22वो एक गाउं पहुँचे और वहां के लोगों से खाना तलब किया
01:01:26वो गाउं वाले बहुत रूड थे
01:01:29और उन्होंने महमान नवाजी से साफ मना कर दिया
01:01:32वहाँ एक दीवार थी जो गिरने वाली थी
01:01:35खिजर अलिएससलाम ने उस दीवार को ठीक करके दुरूस्त कर दिया
01:01:39मुसा अलिएससलाम ने खिजर अलिएससलाम से फर्माया
01:01:42अगर आप चाहते तो इस काम को करने के कुछ पैसे ले सकते थे
01:01:47खिजर अलिएससलाम ने फरमाया
01:01:49बस अब आपका और मेरा सफर खतम हुआ
01:01:53अब मैं आपको उन बातों की हकीकत बताऊंगा
01:01:56जिन पर आप सबर ना कर सके
01:01:59मैंने उन गरीब लोगों की कश्टी में छेद इसलिये करा
01:02:03क्योंकि आगे एक जालिम बादशा था
01:02:05जो हर सलामत कश्टी को जबरदस्ती छीम लेता था
01:02:10मैंने उस कश्टी में छेद इसलिये कर दिया
01:02:13ताके कश्टी में नुक्स की वज़े से
01:02:15वो उस कश्टी को छोड़ दे और जब्द ना करे
01:02:18कश्टी वाले तो अपनी कश्टी को आसानी से ठीक कर लेते
01:02:22लेकिन अगर वो कश्टी उन से च्छिन जाती
01:02:25तो उनके रोजगार का कोई जर्या नहीं बच्चता
01:02:29और वो लड़का जिसको मैंने कतल किया
01:02:31उसके माबाप बहुत नेक और इमानदार लोग थे
01:02:35ये लड़का जवान होके उन्हें बहुत परेशान करता और सरकश हो जाता
01:02:40इसलिए हमने चाहा कि अल्ला उन्हें इस लड़के की बजाए एक नेक औलाद अता करे
01:02:46जो जवान होकर अपने माबाप से महबत करे और उनका खयाल रखे
01:02:50दीवार की मरमत मैंने इसलिए की कि इस शहर में दो यतीम बच्चे हैं जिनका बाप बहुत नेक था
01:02:58इस दीवार के नीचे उनका ख़जाना दफन था
01:03:08अगर अभी ये दीवार गिर जाती तो ये जालिम गाउं वाले उन बच्चों से ये ख़जाना छीन लेते
01:03:15खिजर ये अल्ला की कुछ आईसे फैसले जो समझ नहीं आते पर उनके पीछे हिकमत छुपी होती है
01:03:33अल्ला ने ये इल्म मुसा अल्यषस लाम को नहीं सिखाया
01:03:36पर خضر को इस इल्म से नवाजा, इस से मूसा अलिहसला को इहसास हो गए कि दुन्या में उनसे भी
01:03:44ज्ञादा इल्म वाला कोई और मौजूद है और अल्ला जिसे चाहता है उसे इल्म से नवाजता है
01:03:50मुसा अपनी कौम के पास वापस गए
01:03:53उनकी कौम 40 साल तक उसी रेगिस्तान में भटकती रही
01:03:58आखिरकार अल्ला ने उन्हें सजा दी थी
01:04:00इस दौरान हारून अले सलाम की वफात हो गई
01:04:04और वो वही उस मैदान में दफन किये गए
01:04:07हारून अले सलाम की वफात के सिर्फ दो साल बाद
01:04:11मुसा अले सलाम भी वफात पा गए
01:04:13उनकी वफात भी इसी मैदान में हुई
01:04:16जब मलिकल मौत मुसा अले सलाम के पास आए
01:04:19तो मुसा अले सलाम ने मलिकल मौत को थपड़ मार दिया
01:04:23मलک الموت ने अल्ला के पास वापस जाकर कहा
01:04:27ए रब तूने हमें ऐसे शक्स के पास भेज दिया जो मरना नहीं चाहता
01:04:32अल्ला ने फरमाया मुसा के पास जाओ और कहो कि एक बैल के उपर हाथ फेरे
01:04:39जितने बाल उनके हाथ के नीचे आएंगे उतने साल उन्हें और जिन्दगी मिल जाएगी
01:04:45मुसा अल्यस्सलाम को जब ये बताया गया तो उन्होंने अल्ला से पूछा
01:04:49ए परवर्दिगार उसके बाद क्या अल्ला ने फरमाया फिर भी मरना है
01:04:55मुसा अलिएसलाम ने अर्ज किया तो फिर अभी सही
01:04:59मुसा अलिएसलाम ने अल्ला से दुआ करी
01:05:02कि उनकी मौत बैतल मुकदस के करीब हो
01:05:05चाहे वो एक पत्थर फैकने जितने डिस्टिंस पर ही क्यों न हो
01:05:09अल्ला ने मुसा अलिएसलाम की दुआ कुबूल करी
01:05:12और मुस storm को बैतल मकदस के बाहर लेकिन बहुत करीब दफनाया गया
01:05:18महाम्ध अल्ह força अगर मैं लग pouco होता तो तुम्हें मुस test की कबर बता देता
01:05:25वो रास्ते के के नाजे सुर्ख टीले के नीचे है
01:05:28आज मुस की कबर पड्लिकली नून नहीं है
01:05:32लेकिन लोगों ने थोड़ा अंदाजा लगा कर उनकी कबर की लोकेशन ढूनने की कोशिश की है
01:05:37पर उसमें भी इख्तिलाफ है
01:05:39अल्ला ने हिकमत के तहट मुसा अलिहसलाम की कबर को हिडन रखा
01:05:43ताके यहूदी और मुसल्मान कबर परस्ती और जगड़े में ना पड़ जाएं
01:05:48मुसा अलिहसलाम की जिंदगी से हमें बहुत सारे लाइफ लेसन्स मिलते हैं
01:05:53सबसे पहला लेसन ये कि जब जुल्म अपनी हद पर होता है
01:05:57अल्ला अपनी मदद बिलकुल करीब ले आता है
01:06:00फिरॉन ने सोचा था कि वो बनी इसराइल के बच्चों को मार कर अपनी बादशाहत बचा लेगा
01:06:06लेकिन अल्ला ने उसी फिरॉन के घर में मुसा अलिहसलाम को पाला
01:06:11अल्ला का प्लान हमेशा जुल्म से ज्यादा स्ट्रॉंग होता है
01:06:15फिर आता है सबसे पाफुल मॉमेंट समुंदर का फटना
01:06:18जब मुसा अलिहसलाम के सामने समुंदर था और पीछे फिरॉन की फौज
01:06:23तब बनी इसराइल ने कहा कि अब हम क्या करें
01:06:26मुसा अलिहसलाम का इमान इतना पुखता था
01:06:30कि उन्होंने कहा मेरा रब मेरे साथ है
01:06:33वो मुझे रास्ता दिखाएगा
01:06:34और वही हुआ समुंदर फट गया
01:06:37और मुसा अलिहसलाम के लिए रास्ता बन गया
01:06:39इससे हमें ये सीक मिलती है
01:06:41कि अगर सारे रास्ते भी बंद हो जाएं
01:06:44अल्ला हमारे लिए वहां से रास्ता निकाल सकता है
01:06:47जहां से हमने सोचा भी ना हो
01:06:49एक लेसन और मिलता है
01:06:50कि अल्ला इंपरफेट लोगों से काम लेता है
01:06:54मुसा अलिहसलाम अपनी زبان की कमजोरी का जिकर खुद करते है
01:06:58फिर भी अल्ला उन्हे दुनिया के सबसे पाफल बादशा के सामने लाकर खड़ा कर देता है
01:07:05मतलब हमारी कमजोरीयां अल्ला के लिए रुकावट नहीं होती
01:07:09अल्ला हमारी नियत देखता है
01:07:11और हमें कामियाब करना
01:07:13अल्ला का फैसला होता है
01:07:14मुसे और खिजर आलिग्सलाम के
01:07:17वागए से हमें ये लेसन मिलता है
01:07:19कि कई बार हमारी जिंदगी में
01:07:21कुछ ऐसी चीजे होती है
01:07:23जो हमें समझ नहीं आती
01:07:25लेकिन उनके पीछे
01:07:26अल्ला की हिक्मत छुपी होती है
01:07:28इसलिए हमारे जिन्दगी में जो भी हो हमें अल्ला पर यकीन रखना चाहिए
01:07:33कि इसमें हमारे लिए अल्ला ने कोई न कोई बहतरी जरूर सोची होगी
01:07:38हम लोग अक्सर खौाहिश करते हैं कि काश हम किसी नभी के जमाने में पैदा हुए होते
01:07:44ताके हमारा इमान भी स्ट्रॉंग होता
01:07:47मुसा अल्यस्सलाम की स्टोरी एक पॉफेक्ट एग्जेम्पल है
01:07:50कि नभी के पास होते हुए भी लोगों के दिलों में कुफर रहता है
01:07:55मुसा अल्यस्सलाम ने बनी इसराईल को कितने सारे मौज़े दिखाए
01:08:00यहां तक के समुंदर के फटने जैसा मौज़ा देखने के बाद भी
01:08:05बनी इसराईल ने ये ख्वाहिश करी कि अल्ला के सिवाए किसी बुद को पूजा जाए
01:08:11इससे ये सबक मिलता है कि शैतान के वस्वसों को कभी लाइटली नहीं लेना चाहिए
01:08:17क्योंकि धीरे धीरे करके वो आपका इमान चीन सकता है
01:08:21और ये सबक भी मिलता है कि अगर अल्ला ने आपको दीन से और इमान से नवाजा है
01:08:28तो ये सबसे बड़ी नेमत है
01:08:30अल्ला अगर किसी को हिदायत दे दे तो समझ लो कि उसे सबसे बड़ा खजाना मिल गया
01:08:36क्योंकि बनी इस्राइल जैसी कौमें इतने बड़े मौज़े देखने के बाद भी हिदायत नहीं पा सकी
01:08:42अगर अल्ला ने आपको दीन की हिदायत दी है इसलिए इस दीन पर स्ट्रॉंगली जम जाईए
01:08:48और अपनी जिन्दिगी में ऐसी इबादतें और ऐसे काम कर लीजिए कि आपकी आखरत सवर जाए
01:08:55और जब आपको यकीन हो कि मेरा रब मेरे साथ है तो समुन्दर भी रास्ता दे देता है और फिरौन
01:09:02जैसे जालिम बादशा भी कुछ नहीं बिगाड़ पाते
01:09:07तो ये थी मुसा अलेहसलाम की बहतरीन लाइफ स्टोरी आप नेक्स्ट कौन से प्रॉफिट की रियल लाइफ स्टोरी जानना चाते
01:09:14हैं प्लीज कॉमेंट करके बताएं
01:09:15अगर आपको प्रॉफिट सीरीज में इंट्रेस्ट है तो प्लीज मेरे चानल को सब्सक्राइब कर लीजिए
01:09:20इस इस मी रमशा सुल्तान साइनिंग ओफ

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